जनता दल यूनाइटेड की राष्ट्रीय परिषद की दो दिवसीय बैठक आज राजगीर में शुरू हुई। इस बैठक में नीतीश कुमार को निर्विरोध रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। दो दिवसीय बैठक में आगामी यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति का खुलासा किए जाने की संभावना है।
बैठक रविवार को दोपहर तीन बजे राजगीर के कन्वेंशन हॉल में शुरू हो गयी। इसमें विधिवत रूप से निर्वाचित 171 समेत कुल 200 पदाधिकारी शामिल हुए। राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी अनिल हेगड़े ने नितीश कुमार के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने का ऐलान किया। बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव पारित किया गया।
बैठक के दूसरे दिन झारखंड विकास मोरचा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री जदयू के इस खुले अधिवेशन में विशिष्ट अतिथि के रूप में हिस्सा लेंगे।
दो दिनों तक चलने वाली जदयू परिषद की बैठक में प्रदेश में शराबबंदी की सफलता और सरकार के सात निश्चयों के क्रियान्वयन पर भी चर्चा की जायेगी। इस अधिवेशन में अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जदयू का क्या स्टैंड रहेगा, 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर क्या रणनीति होगी, इस पर निर्णय लिया जायेगा।
इस अधिवेशन में देश की राजनीतिक, आर्थिक व सामाजिक दृष्टिकोण पर चर्चा होगी। देश के वर्तमान हालात पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार किस ढंग से चल रही है और आज देश किस हालत में खड़ा है, महंगाई, रोजगार समेत अन्य मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की जायेगी।
अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रम्प चुनावी लाभ लेने के चक्कर में भारतीयों को लुभाने की पूरी कोशिश में जुटे हैं। अमेरिका में भारतीयों को संबोधित करते हुए ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि यदि वे सत्ता में आए अमेरिका में भी मोदीराज लाएंगे। ट्रम्प ने संबोधन के अंत में ‘वी लव इंडिया, आई लव यू’ कहकर वहां मौजूद भारतीयों का दिल जीत लिया।
चुनावी अभियान के तहत डोनाल्ड ट्रम्प ने भारतीयों को पहली बार संबोधित किया। ट्रम्प को इस बात की खबर है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव में भारतीय लोग गेम चेंजर हो सकते हैं। इसलिए ट्रम्प कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। पीएम मोदी की नीतियों से प्रभावित ट्रंप ने कहा कि यदि वह चुनाव जीते तो यहां पर भी वैसी ही नीतियों को लागू करवाएंगे, जैसी मोदी ने भारत में करवाई हैं।
डोनाल्ड ट्रम्प ने ये बातें न्यू जर्सी में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहीं। वे भारतीय-अमेरिकियों द्वारा आयोजित चैरिटी इवेंट में बोल रहे थे। डोनाल्ड ट्रम्प प्रधानमंत्री मोदी से काफी प्रभावित हैं। ट्रंप ने कहा कि आने वाले दिनों में होने वाले चुनाव में अगर अमेरिका की जनता ने उन्हें चुनकर राष्ट्रपति बनाया तो भारत, अमेरिका का सबसे अच्छा दोस्त होगा।
आतंकवाद को लेकर भारत के कड़े रुख की भी ट्रम्प ने सराहना की। ट्रम्प ने कहा, ‘इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत अमेरिका के साथ रहा है, जो काबिले तारीफ है। यही नहीं ट्रंप ने खुद को हिंदुओं का बड़ा प्रशंसक भी बताया। ट्रंप ने कहा, ‘मैं प्रधानमंत्री मोदी के साथ काम करने के लिए तैयार हूं।’ ‘अगर मैं राष्ट्रपति बना तो भारतीय और हिंदू समुदाय व्हाइट हाउस के सच्चे दोस्त होंगे।’
वाराणसी के राजघाट में एक कार्यक्रम के दौरान भगदड़ मचने से 24 लोगों की मौत हो गई है व कई अन्य घायल हो गए हैं। राज्य के पुलिस महानिरीक्षक (लॉ एंड ऑर्डर) हरीराम शर्मा ने बताया कि एक आदमी के गिरने के बाद भगदड़ मची, हालांकि भगदड़ के पीछे की असल वजह अभी तक साफ नहीं हो सकी है। जांच अभी जारी है।
दरअसल वाराणसी के राजघाट पुल के पास बाबा जयगुरुदेव के आयोजित कार्यक्रम में दोपहर को अचानक भगदड़ मच गई। सूत्रों के मुताबिक घायल होने वालों में महिलाओं की संख्या ज्यादा है। घटना के बाद सड़कें जाम हो गई हैं, जिसके चलते घायलों को अस्पताल पहुंचाने में प्रशासन को कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगदड़ में मारे गए लोगों के लिए गहरा दुख जताया है व शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। प्रधानमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी वाराणसी में मृतकों और घायलों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने घटना में मारे गए लोगों और घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। घटना में मरने वालों के परिवार को 2 लाख रुपए मुआवजा और गंभीर रूप से घायल लोगों को 50 हजार रुपए मुअावजा देने का ऐलान किया है। केंद्र सरकार की ओर से भी मुआवजे की घोषणा की गई है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपए मुआवजा और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की है।
पेट्रोल और डीजल के दामों में फिर एक बार बढ़ोतरी हुई है। पेट्रोल की कीमत 1.34 पैसे प्रति लीटर व डीजल की कीमत 2.37 पैसे प्रति लीटर बढ़ाई गई है। कई बार से हो रही लगातार गिरावट के बाद पिछली बार 4 अक्टूबर को डीलर कमीशन बढ़ने की वजह से पेट्रोल के दाम 14 पैसे प्रति लीटर बढ़ाए गए थे जबकि डीजल 10 पैसे प्रति लीटर महंगा किया गया था।
गौरतलब है कि इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिदुस्तान पेट्रोलियम, ये तीनों सरकारी कंपनियां कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय मूल्यों के आधार पर ईंधन कीमतों की हर पखवाड़े समीक्षा करती हैं। तीनों कंपनियां हर महीने की पहली तारीख से 16 तारीख के बीच औसत तेल कीमत और विदेशी दर के आधार पर कीमत तय करती हैं।
कंपनियां इस समीक्षा के दौरान डॉलर और रुपए की विनिमय दर को भी ध्यान में रखती हैं। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय क्रूड के दामों के आधार पर घरेलू तेल कीमतों में बदलाव किया जाता है।
भारत के पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइल मैन के नाम से विख्यात डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम हमारे बीच नहीं हैं। वे अक्सर कहा करते थे, “सपने वे नहीं जो हम सोते समय देखते हैं, सपने तो वो हैं, जो हमें सोने नहीं देते।” जी हाँ, उन्होंने इस कथन को अपने कठिन व अनुशाषित जीवन शैली के माध्यम से बखूबी समझाया। कलाम साहब जैसा व्यक्तित्व निःसंदेह अब इस धरा पर वापस नहीं लौटने वाला, लेकिन उनका कार्य उन्हें हमेशा जीवित रखेगा। देश की संप्रभुता और अखण्डता को आगे भविष्य के लिये अटल बनाने वाले कलाम का आज जन्मदिन है, जिसे पूरा देश हर्षोल्लास के साथ मना रहा है।
डॉ कलाम का पूरा नाम अबुल पाकिर जैनुलाबदीन अब्दुल कलाम था। उन्हें सभी डॉक्टर ए॰ पी॰ जे॰ अब्दुल कलाम कहते थे। उनके व्यक्तित्व की सबसे खास बात ये है कि उन्हें मिसाइल मैन और ‘जनता के राष्ट्रपति’ के नाम से भी जाना जाता है। कलाम भारतीय गणतंत्र के ग्यारहवें निर्वाचित राष्ट्रपति थे और वे भारत के पूर्व राष्ट्रपति, जानेमाने वैज्ञानिक और अभियंता के रूप में विख्यात थे।
इन्होंने मुख्य रूप से एक वैज्ञानिक और विज्ञान के व्यवस्थापक के रूप में चार दशकों तक रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को बखूबी संभाला। साथ ही भारत के नागरिक अंतरिक्ष कार्यक्रम और सैन्य मिसाइल के विकास सम्बंधी प्रयासों में भी शामिल रहे। इन्हें बैलेस्टिक मिसाइल और प्रक्षेपण यान प्रौद्योगिकी के विकास के कार्यों के लिए भारत में मिसाइल मैन के रूप में जाना जाता है ।
डॉ. कलाम ने 1974 में भारत द्वारा पहले मूल परमाणु परीक्षण के बाद से दूसरी बार 1998 में भारत के पोखरान-द्वितीय परमाणु परीक्षण में एक निर्णायक, संगठनात्मक, तकनीकी और राजनैतिक भूमिका निभाई ।
सन् 2002 ई. में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी व विपक्षी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस दोनों के समर्थन के साथ कलाम भारत के राष्ट्रपति चुने गए। पांच वर्ष की अवधि की सेवा के बाद, वह शिक्षा, लेखन और सार्वजनिक सेवा के अपने नागरिक जीवन में लौट आए। इन्होंने भारत रत्न, भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त किये। सबसे खास बात यह है कि कलाम सर पहले ऐसे राष्ट्रपति थे जो अविवाहित थे।
जब एक वैज्ञानिक बना राष्ट्रपति-
वो तो राजनीति का शुभ संयोग व सौभाग्य ही था कि डॉ. कलाम का नाम राष्ट्रपति पद के लिए उभरा। भाजपा, कभी वाजपेयी तो कभी विपक्ष के धड़ों में ना-नुकुर, जब कलाम का नाम बतौर कंसेंसस कैंडीडेट आया तो भी वामपंथी माने नहीं और कैप्टन लक्ष्मी सहगल जैसे धुरंधर नाम को आगे कर दिया, लेकिन नियति को तो कुछ और ही मंजूर था। सारा विपक्ष कलाम सर के साथ हो गया और कलाम एक बड़े अंतर से जीत गए। जीतने के बाद जब कलाम सर से प्रमोद महाजन ने उन्हें पूछा कि आप कौन से शुभ मुहूर्त में शपथ लेना चाहेंगे, तब डॉ कलाम ने कहा कि जब तक सौरमण्डल में पृथ्वी अपने कक्ष में विद्यमान है और सूरज के इर्द-गिर्द अपने पथ पर गतिमान है, हर घड़ी शुभ है। इससे पहले महाजन को वह आकाशगंगा की पवित्रता का माहात्म्य बतलाते, महाजन निकल पड़े, उनके लिए हर वक्त व्यस्त था।
अमर ‘कलाम’ –
कलाम साहब का दुनिया से चले जाना देश के लिये एक बहुत बड़ी क्षति है। खैर उनकी मौत ने जहां हमें दुखी किया, वहीं उनका जीवन हमारे लिये किसी मार्गदर्शन से कम नहीं रहा। डा. कलाम को विमानों से खास लगाव था, उनके वैज्ञानिक बनने के पीछे की प्रेरणा भी एक विमान ही थी। बचपन से ही पायलट बनने की शौक रखने वाले कलाम सर महज कुछ अंकों के कारण परीक्षा क्वालीफाई नही कर पाये, लेकिन कहते हैं कि जिस चीज को आप शिद्दत से चाहते हैं वो आपको जरूर नसीब होती है और ये हुआ जून, 2006 को जब तत्कालीन राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने 30 मिनट के लिए लड़ाकू वायुयान सुखोई-30 एमकेआई को उड़ाया था, तो उन्हें देखने वालों की निगाहें बर्बश आसमान में ठिठक गई थीं। शायद दुनिया ने पहली बार भारत के राष्ट्रपति और मिसाइल मैन के हाथों में विमान की स्टीयरिंग देखी थी। उस समय उनके साथ सहयोगी पायलट विंग कमांडर अजय राठौर थे।
इसलिए याद आयेंगे डॉ. कलाम-
कलाम 84 साल के सबसे युवा भारतीय थे। मृत्यु से कुछ क्षण पहले तक उनमें वैसा ही जोश और उत्साह था, जैसा आप युवाओं में देखते है। उनकी मृत्यु स्वाभाविक तौर पर ऐसे समय हुई, जब वे अपने सबसे प्रिय विषय में युवाओं को संबोधित कर रह थे।
तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता की बीमारी व उनकी गैरमौजूदगी उनके मंत्रियों को बहुत खल रही है। जयललिता के अस्पताल में भर्ती होने के कारण उनकी अनुपस्थिति का उनके वफादार मंत्रियों ने अनोखा तोड़ ढूंढ निकाला है। राज्य सचिवालय में होने वाली सभी बैठकें जयललिता की तस्वीर के सामने हो रही हैं। अर्थात उनकी उपस्थिति महसूस करने हेतु डेस्क पर उनकी फोटो रखे जाने का खास ट्रेंड अपनाया गया है।
जयललिता के वफादार मंत्रियों की ओर से यह सारी कवायद इसलिए की जा रही है ताकि ‘अम्मा’ की ‘आंखों के सामने’ शासन की पूरी कार्यवाही चले और लोगों तक यह सन्देश जाए कि राज्य की मुख्यमंत्री जयललिता के आदेश पर सबकुछ हो रहा है।
दरअसल राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा रिव्यू मीटिंग की तस्वीरें जारी की गई हैं, जिसमें इस बात का खास ध्यान रखा गया है कि तस्वीर के साथ यह कैप्शन जरूर जाए कि सब कुछ “मुख्यमंत्री के आदेश” पर हो रहा है। हालांकि विभाग की ओर से ये नहीं बताया गया है कि बीमार जयललिता ने किस तरह से यह आदेश दिया है।
उल्लेखनीय है कि जयललिता को बुखार और डिहायड्रेशन की शिकायत के बाद 22 सितंबर को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अपोलो अस्पताल की ओर से जारी कई हेल्थ बुलेटिन में बताया गया कि सीएम के फेफड़ों में इन्फेक्शन का इलाज चल रहा है और वह सतत निगरानी में हैं।अस्पताल ने बताया कि चिकित्सकों का एक पैनल मुख्यमंत्री पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। जयललिता के इलाज के लिए लंदन से भी डॉक्टर को बुलाया गया था। हाल ही में एम्स अस्पताल के डॉक्टरों की एक टीम भी अपोलो अस्पताल गई थी। अपोलो प्रशासन की ओर से कहा गया था कि जयललिता के स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है।
जयललिता की अनुपस्थिति में राजनीतिक दृष्टिकोण से बेहद अहम माने जाने वाले इस राज्य में उनकी सेहत को लेकर अटकलबाजी जारी है। मामला इतना संवेदनशील है कि प्रेस रिलीज तक बेहद सोच समझ कर जारी की जा रही है। जयललिता के अस्पताल में रहने के दौरान कई ऐसी प्रेस रिलीज जारी हुईं, जिनमें बताया गया कि कावेरी जल विवाद को लेकर सीएम ने अस्पताल में ही बैठकें कीं। हालांकि, मंत्रियों ने जो समीक्षा बैठकें की हैं, उनके बारे में कोई बयान जारी नहीं किया गया है।
बीते मंगलवार को जयललिता के सभी विभाग राज्य के वित्त मंत्री ओ. पनीरसेल्वम को सौंप दिए गए। इसके बाद से पनीरसेल्वम समीक्षा बैठकें भी कर रहे हैं। राजनीतिक जानकारों को इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कोई हैरानी नहीं है। उनके मुताबिक, यह समझना मुश्किल नहीं है कि राज्य सरकार की ये बैठकें आखिर क्यों ‘सीएम के आदेश’ पर हो रही हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि जो कुछ भी हो रहा है, वह शायद पार्टी सुप्रीमो की सहमति से ही हो रहा हो।
उरी हमले के बाद से हो रहे तमाम विरोधों के बीच सरकार ने पाकिस्तानी कलाकारों के लिए एक राहत भरी घोषणा की है। भले ही ज्यादातर पाकिस्तानी कलाकार भारत-पाक रिश्तों में तनाव के चलते भारत छोड़ चुके हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि वह फिलहाल पाकिस्तानी कलाकारों का वीजा रद्द करने पर कोई विचार नहीं कर रही है।
गृह मंत्रालय के एक उच्च अधिकारी ने बताया,” सरकार इस संबंध में ऐसा कोई विचार नहीं कर रही कि पाकिस्तानी कलाकारों के वीजा पर किसी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए या उनका मौजूदा वीजा वापस लिया जाए। हम किसी पाकिस्तानी कलाकार के खिलाफ नहीं हैं।”
सूत्रों की मानें तो हर मामले की मेरिट देखकर इस विषय पर फैसला लिया जायेगा। हालांकि ऐसे लोगों को वीजा देने पर जरूर सख्ती बरती जाएगी, जिनका रुख भारत विरोधी हो, या फिर वे खास एजेंडे के तहत भारत आना चाहते हों। नए वीजा जारी करने के पहले सरकार कड़ाई से जांच पड़ताल करेगी।
आपको बता दें कि सिनेमा ओनर्स और एक्सिहिबिटर्स असोसिएशन ऑफ इंडिया ने कल ही इस बात की घोषणा की है कि वे पाकिस्तानी अभिनेताओं वाली फिल्मों को अपने थिएटर्स में नहीं लगाएंगे। इसके अलावा देह भर के तमाम क्षेत्रों से पाकिस्तानी कलाकारों का विरोध हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि उरी आतंकी हमले के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने पाकिस्तानी कलाकारों को 48 घंटे के भीतर स्वदेश लौटने की धमकी दी थी। मनसे का कहना था कि पाक कलाकार तुरंत देश छोड़कर चले जाएं, नहीं तो उनकी फिल्मों की शूटिंग नहीं होने दी जाएगी। मनसे ऐसी फिल्मों का भी विरोध कर रहा है, जिनमें पाक कलाकारों ने काम किया है। इनमें ‘ऐ दिल है मुश्किल’ और ‘रईस’ जैसी बड़ी फिल्में शामिल हैं। ‘ऐ दिल है मुश्किल’ में फवाद खान और ‘रईस’ में माहिरा खान ने काम किया है। बॉलीवुड जगत से पाकिस्तानी कलाकारों को भारत में काम देने पर मिली जुली प्रतिक्रिया आयी है।
अपने बिंदास अंदाज़ और बेबाक बयानबाज़ी के लिए मशहूर ‘खूबसूरत’ स्टार सोनम कपूर ने अपनी निजी जिंदगी का एक ऐसा राज़ खुलेआम शेयर किया है, जिसे सुनकर आप चौंक जाएंगे। सोनम ने एक रेडियो टॉक शो के दौरान अपनी सेक्स लाइफ को लेकर एक बहुत बोल्ड खुलासा किया है। उन्होंने बताया है कि उन्होंने कभी अपने किसी को-स्टार के साथ सेक्स नहीं किया है।
दरअसल नेहा धूपिया के चैट शो ‘ नो फ़िल्टर नेहा ‘ में इस बार सोनम कपूर गेस्ट थीं। शो में उनसे उनकी निजी जिंदगी के बारे में कई सवाल पूछे गए। जब सोनम से करंट रिलेशनशिप स्टेटस पर सवाल किया गया, सोनम ने बड़ी सफाई से जवाब दिया कि वे इस समय सिंगल हैं और किसी भी को-स्टार को डेट नहीं कर रही हैं। सोनम ने कहा,” सभी को-स्टार बहुत अच्छे हैं लेकिन उनसे डेट करने का मतलब हर समय फिल्मों की बात करनी होंगी, जो मैं नहीं कर सकती।” सोनम ने कहा कि वो अपने किसी भी को-स्टार की तरफ कभी अट्रैक्ट नहीं हुईं। उन्होंने कभी किसी को-स्टार के साथ सेक्स नहीं किया है।
अपनी सेक्स लाइफ पर बात करते हुए सोनम ने अपने भाई हर्षवर्धन को लेकर भी एक कमेंट कर दिया। उन्होंने कहा कि वे अक्सर हर्ष को लड़कियों के बारे में सलाह देते हुए कहती हैं, “वह स्वीट, लेकिन अजीब है। बुरी नहीं है, लेकिन तुम्हें इससे बेहतर मिल सकती है।” इस दौरान सोनम और उनकी बहन रिया ने हर्ष को सलाह देते हुए कहा, “हमें उम्मीद है कि तुम प्रोटेक्शन यूज कर रहे होगे।”
गौरतलब है कि कुछ साल पहले टॉक शो ‘कॉफी विद करण’ के दौरान भी सोनम ने रणबीर कपूर पर ऐसा बयान दे दिया था, जिस पर काफी विवाद हुआ था। यहां तक कि सोनम के उस बयान पर ऋषि कपूर भी काफी भड़क गए थे और हंगामा खड़ा कर दिया था।
अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम ने पाकिस्तानी क्रिकेटर शाहिद अफरीदी को धमकी दी है। सूत्रों के मुताबिक दाऊद इब्राहिम ने 12 अक्टूबर को आफरीदी को फोन किया और पाकिस्तानी पूर्व क्रिकेटर जावेद मियांदाद के मामले में उन्हें मुंह बंद रखने अथवा गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है।
जानें क्या है पूरा मामला
दरअसल शाहिद अफरीदी अपने लिए एक फेयरवेल मैच चाहते थे। इस पर मियांदाद ने अफरीदी पर पैसे के लिए खेलने का आरोप लगाया था। मियांदाद ने कहा था कि वह साबित कर सकते हैं कि शाहिद अफरीदी ने मैच बेचे हैं। इस पर अफरीदी ने पटलवार किया था। मियांदाद ने पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी पर मैच फिक्सिंग का आरोप लगाया, तो जवाब में अफरीदी ने मियांदाद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही थी।
जब अफरीदी से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूछा गया था कि वे जावेद मियांदाद के फेयरवेल मैच न होने देने के विचार पर क्या कहेंगे, तब अफरीदी ने कहा,” इमरान खान और जावेद मियांदाद के बीच यही फर्क है। मियांदाद सिर्फ पैसों की ही बात कर सकते हैं। ” बाद में एक टीवी चैनल से बातचीत में मियांदाद ने कहा कि था वह सिर्फ विदाई के लिए किसी को अंतर्राष्ट्रीय मैच देने के खिलाफ थे। उन्होंने कहा कि सही मौके पर क्रिकेट छोड़ना किसी भी क्रिकेटर के लिए सम्मानजनक होता है।
अब इस पूरे विवाद में दाऊद इब्राहिम का नाम जुड़ने से नया ट्विस्ट आ गया है। दाऊद ने अपने समाधी जावेद मियांदाद की ओर से अफरीदी को धमकी दी है। दाऊद ने धमकी दी है कि अफरीदी ज़्यादा बोलें नहीं, चुप ही रहें, वरना गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। बता दें कि दाऊद इब्राहिम की बेटी माहरुख की शादी पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर जावेद मियांदाद के बेटे जुनैद मियांदाद से हुई है।
गोवा में हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए सभी सदस्य देशों के प्रमुख नेता प्रतिनिधि पणजी पहुंच चुके हैं। आज से दो दिनों तक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन चलेगा और ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक और क्षेत्रीय सहयोग पर चर्चा होगी। ब्रिक्स सम्मलेन के मद्देनजर पूरे गोवा में चाकचौबंद सुरक्षा व्यवस्था की गई है।रूस राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन व प्रधानमंत्री मोदी के बीच वार्ता प्रारम्भ हो चुकी है।
आठवां ब्रिक्स सम्मेलन इस बार कई खास माना जा रहा है। भारत चाहता है कि ब्रिक्स की बैठक में सभी पांचों सदस्य ब्राजील, रूस, भारत, चीन और साउथ अफ्रीका, भारत पर पाकिस्तान की ओर से हो रहे हमलों का विरोध करें। प्रधानमंत्री मोदी की यह भी कोशिश है कि इस बैठक के जरिए मंदी से जूझ रहे सदस्य देशों का हौसला बढ़ाया जाए।
पुतिन का यह भारत दौरा बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि इस दौरान भारत और रूस के बीच कई अहम रक्षा समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। भारत रूस के साथ एस-400 एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम की डील साइन करने जा रहा है। यह डील 33000 करोड़ रुपये की है जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन साइन करेंगे। इस मिसाइल को खरीदने वाला भारत दुनिया का दूसरा देश होगा।
इस सम्मेलन में भारत की चीन से होने वाली बातचीत पर भी सभी की नजरें हैं। चीन पहले ही कह चुका है कि भारत की एनएसजी सदस्यता और मसूद अजहर के मुद्दे पर उसका स्टैंड पहले की तरह रहेगा। गौरतलब है कि चीन भारत की एनएसजी मेंबरशिप को लेकर लगातार विरोध कर रहा है। इसके अतिरिक्त चीन ने यूएन में जैश-ए-मोहम्मद चीफ मसूद अजहर को आतंकी घोषित करने का विरोध किया था। चीन का कहना है कि वो भारत के राजनीतिक फायदे के लिए ऐसी किसी भी कोशिश का सपोर्ट नहीं कर सकता।
इस शिखर सम्मेलन और बिम्सटेक सम्मेलन के अतिरिक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 द्विपक्षीय मुलाकातें करेंगे। मोदी शनिवार को वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए पुतिन से मिलेंगे। इसी दिन चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी द्विपक्षीय वार्ता होने की संभावना है। प्रधानमंत्री सोमवार का ब्राजील के राष्ट्रपति मिचेल टेमर से द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे। मोदी दक्षिण अफ्रीका, भूटान, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका के नेताओं से भी मिलेंगे। 16 अक्तूबर को भारत पहुंच रहीं म्यांमार की विदेशमंत्री आंग सान सू की भी मोदी से मुलाकात होगी।
आपको बता दें कि शिखर सम्मेलन के स्थल पर कड़े सुरक्षा इंतज़ामात किए गए हैं, ताकि परिंदा भी पर न मार सके। गोवा के बीचों को क़िले में तब्दील कर दिया गया है। सम्मेलन स्थल के रास्तों और हरेक महत्वपूर्ण एनएच पर पुलिसबलों की भारी तैनाती की गई है। समंदर किनारे एंटी एयरक्राफ्ट की भी तैनाती की गई है।