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Saturday, August 8, 2026
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आतंकियों के बहाने पश्तूनों को मिटाने पर तुला पाकिस्तान, हज़ारों पश्तून अफगानिस्तान की शरण में

अमित द्विवेदी,

पाकिस्तान की आतंकियों के खिआफ कार्रवाई करने का खोखला दावा एक बार सबके सामने आ गया है। आतंकियों को भगाने और नष्ट करने के बहाने पाकिस्तानी आर्मी ने, अफगानिस्तान से सटे सीमा पर रहने वाले हज़ारों पश्तूनों पर हवाई हमला करके खोस्त भागने पर मजबूर कर दिया।

पश्तूनों ने अफगानिस्तान सरकार से खोस्त में शरण मांगी है। आतंकियों के खिलाफ उत्तरी वजीरिस्तान में पाक सेना के अभियान जर्ब-ए-अज्ब में हजारों पश्तून बेघर हो चुके हैं। पश्तूनों ने अपना दर्द बयां करते हर स्पष्ट किया कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। पाकिस्तानी आर्मी उन्हें ख़त्म करना चाहती है।

अफगानिस्तान पहुंचे एक शरणार्थी ने बताया कि पाकिस्तान पिछले 40 साल से उन्हें निशाना बना रहा है। आतंकवादियों को निशाना बनाने के बहाने उन्हें मिटाया जा रहा है। शरणार्थी ने कहा कि सबको पता है कि आतंकी इस्लामाबाद और कराची में सुरक्षित हैं, लेकिन हमपर ज़बरदस्ती हमले किए जा रहे हैं।

एक और पीड़ित ने बताया कि पाकिस्तान किसी ना किसी बहाने हमें बर्बाद करना चाहता है। मैंने सीमा पार करने में किन मुश्किलों का सामना किया, उसे बयां नहीं कर सकता। तालिबान को मिटाने के नाम पर इनकी राह में जो भी  आ रहा है उसे से मिटाते चले आ रहे हैं।

प्रणब मुखर्जी को दोबारा बनाया जाना चाहिए राष्ट्रपति -शिवसेना

शिखा पाण्डेय,

भाजपा की सहयोगी टीम शिवसेना चाहती है कि राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी को दूसरा राष्ट्रपति कार्यकाल दिया जाये। शिवसेना के नेता संजय राउत अगले सप्‍ताह प्रणब मुखर्जी से मिलेंगे। राउत ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को बेस्‍ट राष्‍ट्रपति करार दिया और कहा कि उनकी योग्‍यता पर कोई सवाल नहीं उठा सकता।

राउत ने कहा, “प्रणब मुखर्जी राष्‍ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय मुद्दों से भी भली भांति परिचित हैं। पांच साल में उन्होंने दिखाया है कि वे विवादों से दूर रहने वाले राष्‍ट्रपति हैं और इस पद के लिए पूर्णतः योग्य हैं।” एक प्रश्न के उत्तर में राउत ने कहा कि दूसरी पार्टियों से इस विचार पर समर्थन के विषय में पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे को फैसला करना है। उन्‍होंने कहा, ”जिस तरह से उनकी पार्टी ने सेना की सर्जिकल स्‍ट्राइक की प्रशंसा की है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी है, उसी तरह से हम राष्‍ट्रपति के अच्‍छे काम की तारीफ कर रहे हैं। उद्धव ठाकरे राष्ट्रपति का बहुत सम्मान करते हैं और बदले में उन्हें भी उनका भरपूर प्यार मिला है।”

दूसरी ओर कांग्रेस का कहना है कि पार्टी हाई कमान इस पर फैसला लेगा। कांग्रेस प्रवक्‍ता शोभा ओझा ने कहा, ” हमें नहीं पता कि शिवसेना ने क्‍या कहा। इस पर पार्टी आलाकमान फैसला लेगा।” आपको बता दें कि पूर्व कांग्रेस नेता प्रणब मुखर्जी का राष्‍ट्रपति के रूप में कार्यकाल अगले साल समाप्‍त होने जा रहा है।

गौरतलब है कि प्रणव मुखर्जी 2012 में राष्‍ट्रपति पद के चुनाव के वक्‍त मातोश्री गए थे। उस समय बाल ठाकरे के रहते हुए शिवसेना ने भाजपा का साथ तोड़कर मुखर्जी का समर्थन किया था। आपको याद दिला दें कि पहले राष्‍ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के अतिरिक्त आज तक कोई भी राष्‍ट्रपति दूसरा कार्यकाल नहीं ले पाया है।

विश्वविजेता ऑस्ट्रेलिया का साम्राज्य खत्म ! क्या शीर्ष टीम अब रह गई हैं सिर्फ ‘घर की शेर’!

अनुज हनुमत,

एक समय था जब क्रिकेट की दुनिया में आस्ट्रेलियाई टीम का अपना अलग खौफ हुआ करता था । मजबूत नेतृत्व , आक्रामक गेंदबाजी अटैक ,अनुभवी बल्लेबाज , चीते जैसे तेजी वाले क्षेत्ररक्षक ,कूल कोच वाली आस्ट्रेलियाई टीम ने क्रिकेट इतिहास में कई दशकों से लगातार एकक्षत्र राज्य स्थापित कर रखा था। लेकिन अक्सर ऐसा देखा जाता है कि एक अच्छे भविष्य के निर्माण के लिए वर्तमान किसी को भी एक ही स्थान पर ठहरने का मौक़ा नहीं देता । सबकुछ बदलता रहता है। जो क्षेत्र में कमजोर होगा, उसका समय ही उसे बर्बादी का  जबरदस्त आइना दिखाता है। ऐसा ही कुछ हाल आस्ट्रेलियाई टीम का हो चला है।

पिछले कई सालों से टीम में वो मजबूती नहीं रही, जिसके लिए वो जानी जाती थी। इस साल तीसरी बार क्लीन स्वीप झेलने के बाद आस्ट्रेलियाई साम्राज्य धवस्त होता दिख रहा है । ऐसा भी नहीं है कि यह केवल ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ ही हो रहा है बल्कि सभी शीर्ष टीमें अब ‘घर का शेर’ बन चुकी हैं।

आपको बता दें कि ऑस्ट्रेलिया टेस्ट मैच खेलने वाली अकेली ऐसी टीम थी जिसका वनडे सीरीज में कभी सफाया नहीं हुआ था, पर युवा कप्तान स्टीव स्मिथ की अगुवाई वाली कंगारु टीम का यह गुरूर साऊथ अफ्रीका ने बुधवार रात को सीरीज के पांचवें मैच में हराकर चकनाचूर कर दिया ।

अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति और भी स्पष्ट होती है । आस्ट्रेलियाई टीम ने विदेशी जमीन पर खेले गए पिछले 28 वनडे मैचों में से सिर्फ 14 मैच जीते और 13 हारे हैं । इनमें से दो हार तो कमजोर टीम आयरलैंड के खिलाफ हुई है। अगर आकड़ों के लिहाज से देखा जाये तो उसकी जीत का प्रतिशत सिर्फ 50 है।

अगर टेस्ट मैचों की बात करें तो यहाँ भी ऑस्ट्रेलिया का ऐसा ही बुरा हाल है। मौजूदा समय में टेस्ट रैंकिंग में तीसरे पायदान पर ठहरी आस्ट्रेलियाई टीम ने श्रीलंका के साथ हुई तीन मैचों की टेस्ट सीरीज बुरी तरह गँवा दी थी। अभी हाल ही में भारतीय टीम ने भी आस्ट्रेलिया को उसी के घर में तीन टी ट्वेंटी मैचों की श्रृंखला में 3-0 से क्लीन स्वीप किया था। यह पहला मौक़ा था, जब भारत ने आस्ट्रेलियाई टीम को उसी की धरती पर पूरी तरह रौंदा हो।

आकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि भारतीय टीम भी घर ही में शेर है । विदेशी धरती पर उसका रिकार्ड कुछ अच्छा नहीं है । पिछले डेढ़ साल में भारतीय टीम ने विदेशी धरती पर कुल 26 मैच खेले हैं, जिनमें से केवल 15 जीते और 10 हारें हैं । इन आंकड़ों के मुताबिक तो भारत का रिकार्ड अच्छा कहा जायेगा लेकिन सच्चाई यह है कि इसमें से सात मैच भारत ने जिम्बाबे के खिलाफ और एक एक मैच आयरलैंड और यूएई के खिलाफ खेलें हैं। इन नौ मैचों को अगर हटा दिया जाये तो भारतीय टीम ने भी करीब एक तिहाई मैच ही जीते हैं ।

बाक़ी शीर्ष टीमों पर नज़र डालें, तो  उनका भी ऐसे ही बुरा हाल है। श्रीलंका, न्यूजीलैंड, वेस्टइंडीज और  पाकिस्तान का भी रिकार्ड विदेशी धरती पर कुछ खास अच्छा नहीं है।

कुल मिलाकर अगर देखा जाये तो इन सभी शीर्ष टीमों का विदेशी धरती पर हालिया प्रदर्शन बहुत ही ख़राब रहा है, जिससे इतना तो स्पष्ट है कि सभी टीमें अपने घर में शेर हैं । लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब तक क्रिकेट इतिहास की सबसे मजबूत टीम रही आस्ट्रेलिया का मौजूदा बुरा हाल समझ से परे है । कहीं ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट का हाल वेस्टइंडीज के सरीखे तो नहीं हो जायेगा! अगर समय रहते इन शीर्ष टीमों ने अपने प्रदर्शन में ठोस बदलाव नहीं किये तो आने वाले समय में इन टीमों की इससे भी बुरी दशा देखने को मिल सकती है।

‘मुन्ना माइकल’ में हुआ नवाज़ का मेकओवर यंगस्टर्स को कर देगा दीवाना,पहचान नहीं पाएंगे आप!

एंटरटेनमेंट डेस्क,
एक बेहद आम देसी छवि वाले अभिनेता नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी का एक फिल्म के लिए किया गया मेकओवर देखकर आप सभी यक़ीनन दांतों तले उंगली दबा लेंगे। अपनी आगामी फिल्म ‘मुन्ना माइकल’ के लिए नवाज़ ने ऐसा कमाल का डैशिंग लुक अपनाया है कि आप एक नजर में पहचान नहीं पाएंगे कि वो नवाज़ हैं।

निर्देशक सब्बीर खान ने इस फिल्म के लिए नवाज को एक फ्रेश लुक दिया है। डिफ़रेंट हेयरस्टाइल, कानों में बालियां, स्टनिंग लेदर जैकेट और आंखों पर कूल सनग्लासेस! अपने इस नए अवतार को लेकर नवाजुद्दीन काफी खुश हैं। बता दें कि केवल लुक ही नहीं इस फिल्म में नवाज डांस करते भी नजर आने वाले हैं। साथ ही इस बार उन्हें स्क्रीन पर रोमांस करने का मौका भी मिलने वाला है।

सब्बीर ने बताया, ” जब हमने स्क्रिप्ट पर काम शुरू किया , तो नवाज बिल्कुल किरदार में उतर चुके थे। नवाज़ का कैरेक्टर लिखते समय ही मेरे दिमाग में था कि मैं उन्हें किस तरह के लुक में देखना चाहता हूं, उनकी चाल कैसे होनी चाहिए,उनकी बात करने का अंदाज कैसा होना चाहिए।”

फिल्म में दर्शकों को नवाज़ का एक नया ही पहलू देखने को मिलेगा। फिल्म के विषय में नवाज का कहना है कि सब्बीर भले ही कमर्शियल फिल्में बनाते हैं, लेकिन डिटेल्स पर ज्यादा ध्यान देते हैं। वह फिल्म को रियलिस्टिक लुक देने पर ज्यादा ध्यान देते हैं।

उल्लेखनीय जय कि विकी राजानी के प्रोडक्शन तले बन रही इस फिल्म में एक बच्चे की कहानी दिखाई गई है, जो सुपर स्टार ‘माइकल जैक्सन’ बनने के सपने देखता है। फिल्म में टाइगर श्रॉफ़ लीड रोल निभा रहे हैं, जो एक डांसर हैं। नवाज़ इस फ़िल्म में टाइगर के कांप्टीटर के रोल में नज़र आएंगे। इस फिल्म में एक्ट्रेस निधी अग्रवाल डेब्यू करने वाली हैं।

नहीं रिलीज़ हो पायेगी ‘ऐ दिल है मुश्किल’

एंटरटेनमेंट डेस्क
निर्देशक जौहर व उनकी फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ की डगमग नैया डूबती नज़र आ रहे है। सिनेमा ओनर्स और एक्सिहिबिटर्स असोसिएशन ऑफ इंडिया ने आज घोषणा की है कि वे पाकिस्तानी अभिनेताओं वाली फिल्मों को अपने थिएटर्स में नहीं लगाएंगे। यह प्रतिबंध गुजरात, गोआ, कर्नाटक और महाराष्ट्र के सभी सिंगल स्क्रीन थिएटर्स में लागू किया जाएगा।समिति के अध्यक्ष नितिन दातार ने कहा कि वह फवाद खान स्टारर फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ को अपने थिएटर्स में जगह नहीं देंगे। दातार ने बताया,” हमने पाकिस्तानी अभिनेताओं, टेक्निशियन्स और बाकियों को बैन करने का फैसला किया है, क्योंकि पाकिस्तान ने हमारा कंटेंटे बैन कर दिया है। बता दें कि भारतीय मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स असोसिएशन ने पहले ही पाकिस्तानी अभिनेताओं और टेक्नीशियन्स को भारतीय प्रोजेक्ट्स से बैन करने का फैसला किया था।

गौरतलब है कि रणबीर कपूर, ऐश्वर्या राय, अनुष्का शर्मा व फ़वाद खान स्टारर यह फिल्म 28 अक्टूबर को थिएटर्स में रिलीज हो रही है। करण जौहर निर्देशित इस फिल्म के अलावा शाहरुख खान और माहिरा खान निर्देशित फिल्म रईस भी इसी फेहरिस्त में आ रही है। दातार के मुताबिक उसे भी थिएटर्स में रिलीज नहीं होने दिया जाएगा।

उरी हमले के बाद दातार ने पहले ही यह बात कही थी कि वह जनता की भावनाओं को ध्यान में रखकर कोई भी फैसला लेंगे और देश भर से आ रही प्रतिक्रियाओं के बाद अंततः उन्होंने पाकिस्तानी कलाकारों को पूर्णतः बैन करने का फैसला लिया है।

विरोध के बावजूद खूब खरीदा जा रहा चीनी माल, ग्लोबल टाइम्स का दावा!

इंद्रकुमार विश्वकर्मा

आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर बैन का चीन द्वारा यूएन में विरोध करने के बाद भारत में चीनी सामानों के बहिष्कार का अभियान जारी है, लेकिन इसके बावजूद त्योहारी मौसम में भारत में चीनी माल की रिकॉर्ड बिक्री हुई है। यह जानकारी बीजिंग के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के लेख में दी गई है।

लेख में दावा किया गया है कि भारत में दीवाली सबसे बड़ा खरीदारी मौसम है और हिंदुओं का सबसे प्रमुख त्योहार भी है, लेकिन पिछले कुछ दिनोें से भारतीय सोशल मीडिया पर चीनी सामान के बहिष्कार के लिए अभियान चलाया जा रहा है और कुछ राजनेता भी तथ्यों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं।

लेख में कहा गया है कि हालांकि भारत में चीनी सामानों के लिए बिना परवाह के बहिष्कार अभियान चलाने और भारतीय मीडिया द्वारा चीनी सामानों का ‘बुरा दिन’ आने की खबरें दिखाने के बावजूद भारत सरकार ने कभी भी चीनी उत्पादों की आलोचना नहीं की है और वह पूरे देश में काफी लोकप्रिय हैं।

लेख के मुताबिक़ चीनी वस्तुओं के बहिष्कार का यह अभियान असफल रहा है। देश के तीन प्रमुख ई-वाणिज्य खुदरा बिक्री मंचों पर चीनी उत्पादों की अक्तूबर के पहले हफ्ते में रिकॉर्ड बिक्री हुई है। चीन की हैंडसेट कंपनी श्योमी ने अमेजन इंडिया, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील और टाटा क्लिक जैसे मंचों पर मात्र तीन दिन में पांच लाख फोनों की बिक्री की है, जो कि विरोध अभियान की असफलता को सिद्ध करती है।

लेख में यह भी बताया गया है कि जब भी भारत देश में क्षेत्रीय मुद्दों पर तनाव बढ़ता है, तो अक्सर चीनी उत्पाद उसका शिकार बनते हैं और यह धारणा पिछले कुछ सालों से देखने को मिल रही है। भारत-चीन संबंधों में द्विपक्षीय व्यापार मजबूत स्तंभों में से एक है। दोनों देशों के बीच 2015 में 70 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था और चीन ने भारत में करीब 87 करोड़ डॉलर का निवेश किया। यह 2014 के मुकाबले छह गुना ज्यादा था।

उत्तर प्रदेश की बदहाली के लिए सपा, बसपा और कांग्रेस ज़िम्मेदार-मुख़्तार अब्बास नक़वी

सौम्या केसरवानी

हाल ही में एक निजी चैनल द्वारा उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के तहत ओपिनियन पोल का एक कार्यक्रम चलाया गया था, जिसके मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी सरकार बनाने की दौड़ ने सबसे आगे चल रही है। ओपिनियन पोल के परिणामों के बाद से भाजपा नेताओं की ख़ुशी का ठिकाना नहीं है।

भाजपा नेता मुख़्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सर्वे के परिणामों से भाजपा में ख़ुशी की लहर है। उन्होंने  विश्वास जताया कि, यूपी में भाजपा का आना तय है।नकवी ने कहा,” यूपी में भाजपा भारी बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। सपा, कांग्रेस और बसपा का पूरी तरह से पर्दाफाश हो चुका है।”  नक़वी ने उत्तर प्रदेश की बदहाली के लिए इन तीनों पार्टियों को जिम्मेदार बताया।

भाजपा नेता ने कहा कि, जनता मजबूती के साथ बदलाव चाहती है। इस चुनाव में भाजपा पूर्ण बहुमत से जीतेगी और अन्य दलों का सूपड़ा साफ़ हो जायेगा।

नकवी ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश के लोग बहुत राष्ट्रवादी लोग हैं। इसके साथ ही उन्होंने यूपी के लोगों को राजनीतिक तौर पर परिपक्व बताया। उन्होंने कहा कि यूपी की जनता सब पर नजर रखती है और तीनों पार्टियाँ यूपी की जनता का विश्वास तोड़ चुकी हैं।
इसलिए आने वाले चुनाव में जनता इन्हें सबक सिखाएगी।

‘ऐ दिल…’ को मुश्किल से बचाने के लिए ऐश्वर्या और रणबीर ने कराया हॉट फोटोशूट,

शिखा पाण्डेय,

तमाम मुश्किलों का सामना कर रही करण जौहर द्वारा निर्देशित फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ दीपावली पर रिलीज होने जा रही है। फिल्म का भविष्य खतरे में नज़र आ रहा है। इसी खतरे से उबरने के लिए ऐश्वर्या राय बच्चन और रणबीर कपूर ने फिल्म के प्रमोशन हेतु एक हॉट फोटो शूट कराया है।

यह फोटो गुरुवार को रणबीर कपूर के फैंस क्लब ने ट्वीटर पर शेयर की। इस पिक में ऐश्वर्या और रणबीर साथ में एक सोफे पर नजर आ रहे हैं। रणबीर सोफे पर बैठे हुए हैं और ऐश्वर्या  रणबीर की गोदी में सिर रखकर लेटी हुई हैं। इस पिक्चर में एश्वर्या सफ़ेद रंग की शर्ट में बेहद आकर्षक लग रही हैं।

फिल्म में पाकिस्तानी अभिनेता फवाद खान के होने से फिल्म दिक्कतों में तो है ही, इसके अतिरिक्त भी फिल्म ने कई दिक्कतों का सामना किया है। खबरों के मुताबिक फिल्म में ऐश्वर्या और रणबीर पर फिल्माए गए कुछ इंटिमेट सीन्स को लेकर बच्चन परिवार में खासी नाराज़गी है। जब मीडिया ने अमिताभ बच्चन से इस विषय में राय मांगनी चाही तो उन्होंने ये कहकर बात टाल दी कि उन्होंने फिल्म देखी नहीं है।

इसके अलावा फिल्म से तीन इंटिमेट सीन्स काट दिए गए हैं। फिल्म से रणबीर और ऐश्वर्या के ये रोमांटिक सीन्स हटाने के बाद फिल्म को यू/ए रेटिंग मिल पाई। हालांकि करण जौहर इस बात से बिल्कुल नाखुश हैं। उन्होंने बोर्ड को समझाने का भरसक प्रयास किया कि ये सीन्स फिल्म की कहानी के लिए कितने जरूरी हैं, लेकिन बोर्ड ने करण की बात पर गौर नहीं किया। आपको बता दें कि इन तीनों में से एक सीन ट्रेलर में भी दिखाया गया है।

‘तीन तलाक़’ मामले पर तिलमिलाया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, ओवैसी ने भी बोला मोदी पर धावा

अमित द्विवेदी,

तीन तलाक वाले मामले में असदुद्दीन ओवैसी तिलमिला गए हैं। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के साथ ही ओवैसी ने भी मोदी सरकार पर हमला किया। ओवैसी ने कहा कि सरकार धार्मिक मामले पर अपने विचार थोपना बंद करे।

यूनिफार्म सिविल कोड को लेकर पर्सनल लॉ बोर्ड सरकार पर खफा हो गई है। आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने ऐलान किया है कि सरकार के रुख का पुरजोर विरोध किया जाएगा। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी हजरत मौलाना मो. वली रहमान ने कहा कि हम लोग लॉ कमीशन के इस सवालनामे का बायकॉट करेंगे।

इस मामले पर ओवैसी ने कहा कि देश में तमाम जाति-धर्म के लोग रहते हैं, सबकी अपनी संस्कृति है। ऐसे में सबको एक ही कानून में बांधना संभव ही नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को किसी धर्म के मामले में हस्तक्षेप करने की बजाय अपनी मूलभूत ज़िम्मेदारियों पर ध्यान देना चाहिए।

बता दें कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक़ को समाप्त करने की राय दी है। सरकार के इस सलाह को लेकर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड काफी नाराज़ है। बोर्ड ने कहा कि सरकार सीमा की सुरक्षा कर नहीं पा रही, अपनी नाकामी छुपाने के धार्मिक मामले में हस्तक्षेप कर रही है। ऐसा करके सरकार देश में ही जंग कराने की साज़िश की जा रही है, जो हम होने नहीं देंगे।

जेएनयू में एनएसयूआई छात्रों द्वारा रावण की जगह प्रधानमंत्री मोदी का पुतला फूंके जाने की होगी जांच

सौम्या केसरवानी

जवाहर नेहरू विश्वविद्यालय कैंपस में दशहरे के मौके पर एनएसयूआई (नेशनल स्‍टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) द्वारा रावण की जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाए जाने के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के कुछ सदस्यों ने 11 अक्टूबर, दशहरे के दिन मोदी सरकार के कामकाज के प्रति अपनी नाराजगी दिखाते हुए जेएनयू परिसर स्थित साबरमती ढाबे के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया।

इसके बाद इन छात्रों ने योग गुरू रामदेव, साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, नाथूराम गोडसे और आसाराम बापू सहित जेएनयू के कुलपति जगदेश कुमार का भी पुतला जलाया था। इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जेएनयू के कुलपति जगदेश कुमार ने ट्वीट किया, “जेएनयू में पुतले जलाए जाने की घटना हमारे संज्ञान में आई है। हम इस मालले में सभी जरूरी सूचनाओं के आधार पर जांच कर रहे हैं।”

इस संबंध में एनएसयूआई की तरफ से छात्र नेता सन्नी धीमान ने कहा, “हमने कैंपस परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया और इसके अतिरिक्त कुछ नहीं हुआ। जेएनयू में किसी मुद्दे पर विरोध जताने के लिए पुतले जलाना एक सामान्य प्रक्रिया है और इसके लिए किसी की इजाज़त की जरूरत नहीं होती।”

गौरतलब है कि जेएनयू प्रशासन ने कुछ दिनों पहले ही विश्वविद्यालय परिसर में गुजरात सरकार और गौरक्षकों का पुतला जलाए जाने के मामले में चार छात्रों को प्रॉक्टोरियल नोटिस दिया था।

एनसयूआई के सदस्‍य मसूद ने स्वीकार किया कि जेएनयू की एनएसयूआई यूनिट ने ऐसा किया है। उन्होंने कहा,” हमारा प्रदर्शन वर्तमान सरकार से हमारा असंतोष प्रदर्शित करता है। इसके पीछे विचार यह है कि सरकार से बुराई को बाहर किया जाए और एक ऐसा सिस्‍टम लाया जाए जो प्रो-स्‍टूडेंट और प्रो-पीपल हो।”