आमतौर पर मुख्यधारा से बाहर रहने वाले किन्नर समाज में भी नोट बैन को लेकर खासी बेचैनी देखने को मिल रही है। पहले ही दिन किन्नरों का कालाधन सामने आया है। एक दिन में ही बैंकों में किन्नरों ने करोड़ो रुपए जमा किये हैं।
कहते हैं कि ‘काला धन’ रखने वालों के बाद सबसे ज्यादा पैसा किन्नरों के पास ही होता है। चूँकि किन्नर अपने पैसे को लोगों के घरों में होने वाले शुभ कार्यों में न्यौछावर के रूप में पाते हैं, इसलिए इसे काला धन नहीं कहा जा सकता| हर एक किन्नर टोली के पास लाखों रुपये और गहने होते हैं, लेकिन किन्नर यह सब अपने घरों में खुद ही संभालकर रखते हैं।
देश के कोने-कोने में हर एक छोटे बड़े बैंक में किन्नरों की बढ़ती तादाद को देख कर सरकार को भी काफी फायदा होने की उम्मीद है।
दरअसल, किन्नर कई सालों तक का पैसा और गहने बचा कर रखते हैं। ये लोग छोटे नोटों को 500 और 1000 में बदलवा लेते हैं, ताकि रखने में आसानी हो, लेकिन अब वही सारे नोट बदलने पड़ रहे हैं, जिससे उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जहां पूरे देश में ही नहीं, वैश्विक स्तर पर भी मोदी सरकार द्वारा लिए गए 500 व 1000 के नोट बंद करने के फैसले की प्रशंसा हो रही है, वहीं सहयोगी पार्टी शिवसेना उसमें भी अपनी नाराज़गी ज़ाहिर करने में लगी है। शिवसेना का मानना है कि हमें ‘इंतजार करो और देखो’ का रूख अख्तियार करना चाहिए कि कालाधन के खिलाफ मोदी के ‘दूसरे’ सर्जिकल स्ट्राइक से नोटों के अवैध कारोबार पर कितनी लगाम लग सकेगी, क्योंकि पाकिस्तान के खिलाफ हुई पहली सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से सीमा पर से हमलों की अति हो गई है।
पार्टी ने कहा कि भ्रष्टाचार एक सोच है, जब तक यह सोच नहीं बदलेगी, काले धन की बीमारी पर पूरी तरह से लगाम नहीं लगाई जा सकेगी। शिवसेना ने इन नोटों को अमान्य करने के फैसले को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आलोचना करते हुए कहा कि सीमापार सेना के लक्षित हमले के बाद भी संघर्ष विराम उल्लंघन के मामले बढ़े हैं इसलिए अब ये तो समय बताएगा कि काले धन पर दूसरा लक्षित हमला कितना सफल रहता है।
शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादकीय में कहा गया है कि, ‘‘ मोदी ने पिछले महीने पाकिस्तान के आतंकी शिविरों के खिलाफ अचानक लक्षित हमला किया था और अब उन्होंने कालाधन के खिलाफ लक्षित हमला किया है। दूसरे लक्षित हमले से लोगों में अफरातफरी फैल गई है, क्योंकि यह हमला भी अचानक था।’’
मुखपत्र में कहा गया है कि अतीत में भी अवैध कारोबार के प्रवाह को रोकने के प्रयास हुए लेकिन इसमें जो सवाल उठे, उनका आज तक कोई जवाब नहीं मिला। शिवसेना ने कहा कि सवाल विदेशों में जमा कालाधन को देश में वापस लाने और भारतीयों के खाते में 15 लाख रुपये जमा करने से था। विदेशों में जमा कालाधन वापस लाने के बारे में सरकार अभी तक कितनी सफल रही है? इसमें कहा गया है कि मोदी ने अपने तरीके से इसका जवाब दिया है और 500 रुपये एवं 1000 रुपये के नोटों को अमान्य कर दिया।
वैश्विक स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता दिन दूनी रात चौगुनी बढ़ती नज़र आ रही है, जिससे विश्व का सबसे शक्तिशाली राष्ट्र अमेरिका भी अछूता नहीं है। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प की जीत के बाद यूनाइटेड स्टेट्स इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूएसआईबीसी) ने नए राष्ट्रपति ट्रंप से अपील की है कि वह अपने प्रशासन के पहले साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर आमंत्रित करें।
ट्रंप को अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में मिली जीत पर बधाई देते हुए यूएसआईबीसी ने ट्रंप को पत्र लिखकर उनसे मोदी को आमंत्रित करने का अनुरोध किया है।
अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति के रूप में चुने जाने के एक ही दिन बाद यूएसआईबीसी के अध्यक्ष मुकेश आघी ने ट्रंप को लिखे पत्र में कहा, ‘‘अपने कार्यकाल के पहले साल में प्रधानमंत्री मोदी को आधिकारिक यात्रा पर आमंत्रित कीजिए। इससे द्विपक्षीय संबंध के महत्व के बारे में स्पष्ट संकेत जाएगा।’’
यूएसआईबीसी ने नव निर्वाचित राष्ट्रपति से अपील की कि वह उन नीतियों एवं प्रक्रियाओं की समग्र समीक्षा करें, जिन्होंने भारतीय रक्षा एवं एयरोस्पेस बाजार में अमेरिका की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को कमजोर किया है। यूएसआईबीसी ने कहा, ‘‘अमेरिकी निर्यात नियंत्रण और लाइसेंस प्रक्रिया ने अमेरिकियों को प्रतिस्पर्धा के लिहाज से रूस जैसे प्रतिस्पधियों की तुलना में कमजोर स्थिति में ला दिया है।’’
पत्र में कहा गया है, ‘‘व्यवसायिक एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के पहलू से यह बेहतर है कि भारत जैसा देश आधुनिक रक्षा उपकरण अमेरिका से खरीदे, न कि उसके विदेशी प्रतिद्वंद्वियों से। यूएसआईबीसी ने नव निर्वाचित राष्ट्रपति से यह भी अपील की है कि वे सामाजिक सुरक्षा के समग्रीकरण से जुड़े एक विधायी समझौते के जरिए भारतीय कर्मचारियों पर लगाए जाने वाले पुराने एवं अनुचित कर को हटाने के लिए काम करें।
पत्र में कहा गया कि कई रक्षा प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में कभी अमेरिका का जो एकाधिकार हुआ करता था, वह अब नहीं रह गया। उसकी नीतियों को इस सच्चाई के अनुकूल खुद को ढालना चाहिए। पत्र में यूएसआईबीसी की उन मांगों का जिक्र किया गया, जिसपर प्रशासन को शुरूआती महीनों में गौर करना चाहिए, ताकि अमेरिका और भारत के बीच व्यापार को प्रगाढ़ किया जा सके और विस्तार दिया जा सके।
इस सूची में शामिल प्रमुख मांगों में दोनों देशों की सरकारों के बीच ज्यादा और जल्दी संवाद की परंपरा को जारी रखना, भारत के साथ द्विपक्षीय निवेश से जुड़ी संधि पर बातचीत और एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग मंच में भारत के प्रवेश का समर्थन करना है।
नवनिर्वाचित राष्ट्रपति को लिखे पत्र में आघी ने कहा, ‘‘हम आपको आपके प्रशासन के उच्चतम स्तरों पर भारत के साथ लगातार जुड़ाव के जरिए इस संबंध को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित करते हैंं।’’
कांग्रेस के मंत्री एक के बाद एक अपने नए-नए कारनामों से कांग्रेस की डूबती नैया में छेद करते पकड़े जा रहे हैं। अब एक और मंत्री जी को भरी सभा में मंच पर बैठे पोर्न वीडियो देखते हुए कैमरे में कैद किया गया है। जी हां! कर्नाटक के शिक्षा मंत्री तनवीर सेठ पर मोबाइल पर पोर्न वीडियो देखने का आरोप लगा है।
जानें क्या है मामला
रायचूर में टीपू सुल्तान की जयंती पर आयोजित एक समारोह में कर्नाटक के शिक्षा मंत्री तनवीर सेठ मंच पर ही अपने मोबाइल में पोर्न वीडियो देखते हुए कैमरे में कैद हुए हैं। हालांकि, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने उनका बचाव करते हुए कहा है कि वो मोबाइल पर आए मैसेज को स्क्रॉल कर रहे थे, कोई वीडियो नहीं देख रहे थे।
आपको बता दें कि क्षेत्रीय टीवी चैनल न्यूज-9 के संवाददाता ने प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा मंत्री तनवीर सेठ को मंच पर ऐसा करते हुए देखने और कैमरे में कैद करने का दावा किया है। गौरतलब है कि मंत्री तनवीर सेठ ही टीपू वक्फ एस्टेट के चेयरमैन हैं और इस कार्यक्रम का जिम्मा भी इन्हीं के ऊपर था।
वैसे यह पहला मौका नहीं है जब किसी नेता को मोबाइल पर पोर्न वीडियो देखते हुए कैमरे में कैद किया गया हो। इससे पहले साल 2015 में ओडिशा विधान सभा के अध्यक्ष ने कांग्रेस के एक विधायक को सदन में पोर्न वीडियो देखने के मामले में सदन से सात दिनों के लिए सस्पेंड कर दिया था। अब देखना होगा कि इस मामले में कितनी सच्चाई है और इसका परिणाम क्या होगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार 8 नवम्बर को 500 और 1000 के नोटों के सर्कुलेशन को बंद करने की बात कही थी, जिसकी जगह पर गुरुवार 10 नवम्बर से नोटों को बदलने की प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया गया है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया था, जिसमें उनके साथ रेवेन्यू सेक्रेटरी हसमुख अधिया भी मौजूद रहे थे। हसमुख ने जानकारी दी थी कि कोई भी व्यक्ति खाते में 2.5 लाख रुपये तक बिना किसी समस्या के जमा कर सकता है। उससे अधिक जमा करने पर आयकर विभाग को इसकी जानकारी दी जाएगी। यदि आय प्रॉपर्टी से अधिक पाई जाती है तो, उस रकम पर 200% जुर्माना लगेगा। इसके अलावा टैक्स अफसर यह भी सुनिश्चित करेंगे कि 2 लाख से अधिक की ज्वैलरी खरीद पर पैन नंबर दिया जा रहा है या नहीं।
वित्त मंत्री ने जानकारी दी कि ऐसा किसानों और गृहणियों की सुविधा के लिए किया गया है। घरेलू महिलाएं और किसान अपनी छोटी-छोटी बचत घरों में रखते हैं, जिसके तहत यह फैसला लिया गया है। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जायेगा कि सुविधा के लिए बैंक अधिक से अधिक काउंटर बनायें।
जिससे अफरा-तफरी के माहौल को रोका जा सके।
भारत सहित विश्व भर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 व 1000 रुपये के नोट्स बंद करने का कड़ा फैसला लिए जाने की सराहना हो रही है। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान, जो हमेशा दुश्मनी पर उतरा रहता है, वो भी प्रशंसा से पीछे न रह पाया। जी हां! पांच सौ और हजार के नोट बंद करने के मोदी सरकार के फैसले की तारीफ सीमापार पाकिस्तान में भी हो रही है।
पाकिस्तान के एक चैनल पर इस विषय में चर्चा के दौरान मौजूद विशेषज्ञों ने मोदी की जमकर तारीफ की। आपको सुनकर शायद हैरानी हो कि इस वीडियों में एक पाकिस्तान गेस्ट भारत सरकार की तारीफ करते हुए कह रहे हैं कि अकेले इंडिया तरक्की ना करे, बल्कि पाकिस्तान भी करे, वरना पड़ोसी गरीब होगा तो अमीर के लिए खतरा बन सकता है। चैनल पर हुई चर्चा में सभी ने सुझाया कि मोदी को भी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जैसा बड़ा दिल रखना चाहिए।
पाकिस्तान चैनल के एंकर द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में एक स्पीकर ने कहा, ” पीएम मोदी पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी जी जैसा बड़ा दिल दिखाएं। अगर ये पूर्ण क्षेत्र तरक्की नहीं करेगा, तो हम भी दिक्कत में रहेंगे, अफगान भी दिक्कत में रहेगा और इंडिया में भी दिक्कत में रहेगा।” उन्होंने कहा,” एक मुल्क तरक्की कर जाएगा, हमसाए आपके गरीब होंगे। इतिहास ये कहता है दुनिया के जितने गरीब लोग थे, वो गरीब लोग और गरीब होते जाते हैं। वो सभ्याताओं और अमीरों के लिए खतरा बनते जाते हैं।”
उन्होंने कहा कि हमेशा से रेगिस्तान और पहाड़ से जो हमलावर आए हैं, उन्होंने सभ्याताओं पर हमले किए हैं। इसलिए बेहतर यही होगा कि भारत अकेले तरक्की ना करे। मुद्दे तय करे और उन पर बात करे, ताकि ये पूरा का पूरा क्षेत्र तरक्की कर सके।”
केंद्र की मोदी सरकार द्वारा भ्रष्टाचार और कालेधन पर रोक लगाने के उद्देश्य से 500 और 1000 की नोटों को बंद करने के ऐलान के बाद से पूरे देश में खुशी का माहौल है। सभी ने पीएम मोदी के इस फैसले का स्वागत किया। बहरहाल, शुरुआत में लोगों को कुछ दिक्कतें तो हुई लेकिन सभी ने एक सुर से कहा कि हम देश के साथ हैं।
भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार लड़ाई लड़ रहे योग गुरु बाबा रामदेव ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस फैसले को ऐतिहासिक कदम बताया है। इधर यूपी विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और ऐसे में अब कयास लगाये जा रहे हैं कि जिस प्रकार बाबा रामदेव ने लोकसभा चुनावों में भाजपा का साथ दिया था, क्या अब वो यूपी चुनाव में भी भाजपा का साथ देंगे।
गौरतलब हो कि आठ तारीख की रात को खबर आई कि पीएम मोदी राष्ट्र के नाम संदेश देने वाले हैं। हर कोई इसे पाकिस्तान से जोड़ कर देख रहा था, लेकिन रात 8 बजे मोदी पाकिस्तान नहीं देश की अर्थव्यवस्था की बात की और बड़ा एलान किया कि आज से 500 रुपये और 1 हजार का नोट बंद कर दिया जाएगा। आपको बता दें कि कालेधन पर लगाम लगाने के अपने वादे को पूरा करने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐतिहासिक एलान किया। 500 और 1000 रुपए के मौजूद नोट अब किसी भी लेन देन में इस्तेमाल नहीं हों सकेंगे।
इस ऐलान के फौरन बाद प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हुआ और पीएम नरेन्द्र मोदी के 500 और 1000 के नोट बंद करने के फैसले पर बड़ी प्रतिक्रिया देते हुए योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा है कि मोदी जी ने कालेधन की पहले वाली गंदी नाली साफ कर दी है, अब देश में नए तकनीक के नोट आएगें, गांधीजी मोदीजी के इस काम से बहुत खुश होंगे। कांग्रेस के फैसले पर सवाल उठाने पर रामदेव ने कहा कि यह देश कांग्रेस का भी है, आजादी के समय कांग्रेस ने बड़ी भूमिका भी निभाई है ।देश हित में कांग्रेस ने हमेशा काम किया है। मोदीजी ने बड़े नोट बंद करके देश के हित में काम किया है। मैं सचिन पायलट और राहुल गांधी से अपील करता हूं कि वो इस काम में मोदीजी का समर्थन करें।
बीजेपी से पिछले ढाई साल से नाराज़ थे योग गुरु-
आपको बता दें कि लोकसभा चुनावों के दौरान भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मोदी सरकार का साथ देंने वाले बाबा रामदेव पिछले ढाई साल के सरकार के कार्यकाल से काफी नाखुश दिख रहे थे, क्योंकि सरकार ने कालेधन और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए कली ठोस कार्य नही किये थे। लेकिन जैसे ही मोदी सरकार ने 500 और 1000 के नोटों को बंद करने का फैसला किया, उसके बाद फौरन बाबा रामदेव की प्रतिक्रिया आई, जिसमें उन्होंने मोदी सरकार के इस फैसले को ऐतिहासिक बताया। जानकारों की मानें तो अब बाबा रामदेव यूपी चुनावों में भाजपा का समर्थन कर सकते हैं। आपको बता दें कि बाबा रामदेव का संगठन भारत स्वाभिमान ट्रस्ट पूरे यूपी में बड़े पैमाने पर कार्य कर रहा है, जिसके गाँव गाँव में कार्यकर्ता हैं। ऐसे में अगर बाबा रामदेव आने वाले दिनों में खुलकर भाजपा का समर्थन करें तो कोई बड़ी बात नहीं होगी। बहरहाल अगर बाबा रामदेव यूपी विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा के समर्थन में आते हैं, तो विरोधियों की नींद उड़ना तय है।
योग गुरू बाबा रामदेव ने 1000 व 500 के नोट बंद किए जाने के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे निर्णय लेने के लिए मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत होती है। उन्होंने कहा,” नरेन्द्र मोदी प्रथम प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने इतना साहसी कदम उठाया है। इसके दूरगामी परिणाम निकलेंगे।” बाबा ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस निर्णय से नक्सलवाद और अपराधों पर अंकुश लगेगा।
बाबा रामदेव ने ग्लोबल राजस्थान एग्रोटेक मीट (ग्राम) को सम्बोधित करते हुए मज़ाकिया लहज़े में कहा, “हम तो बाबा जी हैं, बैंक में खाता खोला ही नहीं है। हजार और पांच सौ के नोट अपने पास तो थे ही नहीं। इन नोट को बंद करके बहुत अच्छा काम किया है, यहां तो जेब ही नहीं है।” बाबा ने कहा कि भविष्य में पांच सौ रूपये और दो हजार रूपये के नोट कम से कम आयें ऐसी भी अपील हम प्रधानमंत्री से करेंगे।
ग्लोबल एग्रोटेक कार्यक्रम में शिरकत करने बुधवार को जयपुर पहुंचे योग गुरू बाबा रामदेव ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए बताया कि नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान मैं गुजरात गया था। उस वक्त मैंने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए पांच सौ और एक हजार रूपये का नोट बंद करने का सुझाव दिया था। उस वक्त उनके पास उतने अधिकार नहीं थे, जब अधिकार मिला तो मोदी ने यह साहस भरा कदम उठाया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एफडीआई के लिये पूरी दुनिया में घूमे, उन्हें नहीं पता कितना पैसा आया, लेकिन रिजर्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार 28 अक्टूबर 2016 तक भारत ने 17.77 लाख करोड़ रुपए छपे और उसमें से 86 प्रतिशत पांच सौ और हजार रूपए के नोट थे। देश की अर्थव्यवस्था में 15 लाख करोड़ रूपए के पांच सौ और हजार रूपये के नोट प्रचलन में हैं। एफडीआई आई हो या ना आई हो,लेकिन यह नोट जरूर आ जायेंगे।
राजस्थान की प्रशंसा करते हुए बाबा ने कहा कि खाद्यान्नों के मामले में वह राजस्थान को समृद्व और उज्जवल भविष्य के रूप में देखते हैं। उन्होंने कहा, “प्रदेश के किसानों को आटा, गेंहूं, चावल, दाल, मसाला में उन्नत किस्म की पैदावार का लाभ मिलना चाहिए। किसान जब समृद्व होगा, तब भारत में समग्र समृद्वि, स्थाई समृद्वि समृद्वि होगी।” उन्होंने किसानों को जोधपुर की मूंग की दाल और एलोवेरा की अधिक फसल लेने का सुझाव दिया।
बाबा ने बताया कि पंतजलि राजस्थान में बहुत बड़ा मेगा फूडपार्क लगायेगा, जिसमें सरकार को मदद करनी पड़ेगी क्योंकि विदेशी कम्पनियां तो उनकी मदद नहीं करेंगी। पंतजलि उत्पादों के विषय में उन्होंने बताया कि पंतजलि शीघ्र ही बड़े स्तर पर मसाला बाजार में प्रवेश करेगा। इसके अलावा उन्नत किस्म का बाजरे का आटा लाने का प्रयास चल रहा है, जिसमें कड़वाहट नहीं होगी।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज घोषणा की है कि 500 व 1000 रुपये के नोट पूर्णतः बंद किए जाने के कारण जनता को होने वाली बैंकिंग की असुविधा को काम करने हेतु इस शनिवार व रविवार सभी बैंक्स खुले रखे जाएंगे।
आज देश भर के सभी बैंकों को आम जनता के लिए बंद रखा गया था और आज और कल, अर्थात 9 व 10 नवंबर को सभी एटीएम भी बंद रहेंगे ऐसी घोषणा कल रात ही प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कर दी गई थी। कल रात प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की थी कि 8 नवंबर की मध्यरात्रि से सभी 500 रुपये व 1000 रुपये के नोट अमान्य होंगे।
सभी बैंकों ने भी इस अचानक हुए बदलाव से कल से बैंकों में उमड़ने वाली जनता की भीड़ को काबू करने के लिए कमर कस ली है। इस बीच आम जनता में 500 व 1000 के नोट बदलने के लिए मची अफरातफरी और भागदौड़ को देखते हुए, किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को संभालने के लिए पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ के बैंकों में पुलिस की तैनाती भी की गई है।
इसके अतिरिक्त आम जन की परेशानियां काम करने के लिए बैंकों में अतिरिक्त काउंटर्स भी खोले जाएंगे। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ” हम पैसों के लेन देन के लिए अपने हर ब्रांच में 2 अतिरिक्त काउंटर सेट करेंगे।” ग्राहकों की असुविधा काम करने के लिए तमाम बैंको में अतिरिक्त कर्मचारी भी तैनात किए जाएंगे।
एटीएम मशीनों में शुरुवाती दिनों में नोटों की कमी हो जाने का अंदाज़ा लगाते हुए मशीनों को रिफिल करने की फ्रीक्वेंसी भी बढ़ाये जाने का निर्णय बैंकों द्वारा लिया गया है ताकि लोग अपनी सुविधानुसार नकद राशि निकाल सकें।
यहां भारत सरकार द्वारा काले धन पर कसी गई लगाम और वहां अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प की शानदार जीत ने सोने चांदी के दाम को सर्रर्र से बढ़ दिया है। वैश्विक स्तर पर हुए इन बड़े बदलावों के चलते सोना 900 रुपए की छलांग के साथ तीन साल के उच्च स्तर 31,750 रुपए प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। चांदी भी 1,150 रच्च्पये की लंबी छलांग के साथ 45,000 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर को पार गई।
दिल्ली के सर्राफा कारोबारी राकेश आनंद ने कहा, “सर्राफा की मांग को प्रोत्साहन मिला है। जिन लोगों के पास अधिक नकदी है वे इसका सोने जैसे सुरक्षित विकल्प में निवेश कर रहे हैं।” आपको बता दें कि यह सोने का 19 नवंबर, 2013 के बाद सर्वोच्च बंद स्तर है। उस दिन सोना 31,820 रुपए प्रति दस ग्राम के स्तर पर बंद हुआ था।
दरअसल भारत घरेलू मांग को पूरा करने के लिए भारी मात्रा में सोने का आयात करता है। अमेरिका में चुनाव में हिलेरी क्लिंटन पर ट्रंप की जीत के बाद वैश्विक बाजार में सोना करीब 5 प्रतिशत की छलांग लगा गया। यह पांच सप्ताह में इसकी सबसे तेज बढ़त है। कारोबार के दौरान रुपए के 23 पैसे की गिरावट के साथ 66.85 रुपए प्रति डालर के स्तर पर आने से डालर में कोट की जाने वाली यह बहुमूल्य धातु महंगी हो गई।
गौरतलब है कि सरकार द्वारा कालेधन पर अंकुश के लिए 500 और 1,000 रुपए के नोट को बंद करने की घोषणा के बाद निवेशक शेयर बाजारों से पैसा निकालकर सर्राफा में लगा रहे हैं। सिंगापुर में सोना 4.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,337.38 डालर प्रति औंस पर पहुंच गया। जून के बाद यह सोने में दिन में कारोबार की सबसे ऊंची बढ़त है।
वायदा बाजार में भी चांदी आज 818 रुपए की तेजी के साथ 44,000 रुपए प्रति किलो के स्तर को फिर से हासिल करता हुआ 44,721 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई। एमसीएक्स में चांदी का मार्च 2017 डिलीवरी अनुबंध 818 रुपए या 1.86 प्रतिशत की तेजी के साथ 44,050 रुपए प्रति किलोग्राम हो गया जिसमें 47 लॉट का कारोबार हुआ। इसी तरह चांदी के दिसंबर डिलीवरी अनुबंध की कीमत 741 रुपए या 1.71 प्रतिशत की तेजी के साथ 44,050 रुपए प्रति किलोग्राम हो गयी जिसमें 1,244 लॉट का कारोबार हुआ।