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Sunday, August 9, 2026
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ट्रम्प ने मारी लंबी जम्प, बने 45वें राष्ट्रपति, हिलेरी व मोदी ने दी बधाई

ब्यूरो
महीनों से चर्चा का विषय बना हुआ अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव अंततः समाप्त हुआ और कांटे की टक्कर में अंततः डोनाल्ड ट्रम्प ने हिलेरी क्लिंटन को मात दे दी और राष्ट्र के 45वें राष्ट्रपति बन गए। ट्रंप ने चुनाव जीतने के बाद अपने संबोधन में कहा कि मैं हमारी सरजमीं के प्रत्येक नागरिक से वादा करता हूं कि मैं सभी अमेरिकियों का राष्ट्रपति बनूंगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी ट्रंप को जीत की बधाई दी है और कहा कि अब मिलकर दोनों देश के रिश्‍ते नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएंगे।

ट्रंप ने निर्वाचन मंडल के 288 मत हासिल करके शानदार जीत हासिल की जबकि हिलेरी को 215 मत मिले। आपको बता दें कि राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतने के लिए उम्मीदवार को निर्वाचन मंडल के 538 मतों में से 270 मत हासिल करने की आवश्यकता होती है।

ट्रंप ने अपनी चुनाव प्रचार मुहिम के मुख्यालय में अपने समर्थकों से कहा, ‘‘यह हम सब के लिए एकजुट जनता के रूप में साथ आने का समय है। मैं हमारी सरजमीं के हर नागरिक से वादा करता हूं कि मैं सभी अमेरिकियों का राष्ट्रपति बनूंगा।” ट्रंप ने कहा, ‘‘हमारा प्रचार मुहिम नहीं, बल्कि एक आंदोलन था। यह सभी जातियों, पृष्ठभूमियों एवं आस्थाओं का आंदोलन था। हम साथ मिलकर देश के पुनर्निर्माण का अत्यंत आवश्यक कार्य आरंभ करेंगे।”

उन्होंने अपने समर्थकों को धन्यवाद देते हुए कहा, ‘‘हम अंदरूनी शहरों में हालात दुरुस्त करेंगे। हम हमारी बुनियादी सुविधाओं का निर्माण करेंगे। इसके पुनर्निर्माण में हम लाखों लोगों को काम मुहैया कराएंगे।” ट्रंप ने कहा, “हमारे पास बेहतरीन आर्थिक योजना है। अर्थव्यवस्था का आकार दोगुना होगा और हम दुनिया की सबसे मजबूत अर्थव्‍यवस्‍था बनेंगे। साथ ही हम दुनिया के उन सभी देशों के साथ मजबूत रिश्ते बनाएंगे, जो हमारा दोस्त बनना चाहता है।”
ट्रंप ने बताया कि हिलेरी ने उन्हें फोन करके जीत की बधाई दी।  उन्होंने कहा, ‘‘मैं उन्हें उनकी शानदार मुहिम पर बधाई देता हूं। देश पर उनका बहुत एहसान है।”

सीएनएन के अनुमान के अनुसार ट्रंप ने 29 राज्यों और हिलेरी ने 18 राज्यों में जीत हासिल की। चैनल के अनुसार ट्रंप ने पेनसिल्वेनिया, फ्लोरिडा, अलास्का, यूटा, आयोवा, एरिजोना, विस्कॉन्सिन, जॉर्जिया, ओहायो, उत्तर कैरोलिना, उत्तर डकोटा, दक्षिण डकोटा, नेब्रास्का, कंसास, ओकलाहोमा, टेक्सास, व्योमिंग, इंडियाना, केंटुकी, टेनेसी, मिसीसिपी, अरकंसास, लुइसियाना, पश्चिम वर्जीनिया, अलबामा, दक्षिण कैरोलिना, मोंटाना, इडाहो और मिसौरी में जीत हासिल की।

500-1000 के नोट बंद होने से टेंशन में आम जनमानस, सरकार ने कहा, “परेशान न हों लोग”

शिखा पाण्डेय,

भारत सरकार द्वारा मंगलवार को लिए गए या 500 व 1000 रुपये के करेंसी नोट्स बंद करने के ऐतिहासिक फैसले के बाद आम जनता में थोड़ी सी खलबली मची है, लेकिन सरकार ने कहा है आम जन को परेशान होने की ज़रूरत नहीं। बैंक्स लोगों को 500 रुपये व 1000 रुपये के चलन से बाहर हो चुके नोट बदलने में मदद के लिए अतिरिक्त काउंटर खोलेंगे तथा अतिरिक्त काम करेंगे। सरकार ने 500 रुपये व 1000 रुपये मूल्य के मौजूदा करेंसी नोटों को आज रात से अवैध घोषित कर दिया है।

घोषणा के मुताबिक, बैंक बुधवार को बंद रहेंगे। लोगों को दस नवंबर से अपने मौजूदा अवैध 500 रुपये व 1000 रपये के नोट बैंक और डाकघरों के जरिए बदलने की अनुमति होगी। ग्राहक 30 दिसंबर तक 500 व 1000 रुपये के कितनी भी राशि के नोट अपने बैंक खातों में जमा करवा सकते हैं। इसके अलावा 24 नवंबर तक वे किसी भी बैंक अथवा डाकघर से 4000 रुपये प्रतिदिन तक अदला बदली कर सकेंगे इसके लिए उन्हें अपना पहचान पत्र दिखाना होगा।

आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने असुविधा टालने के लिए बैंक्स द्वारा अतिरिक्त काउंटर्स खोले जाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बैंक काउंटरों पर अफरा तफरी व भीड़ की संभावना को देखते हुए सरकार व रिजर्व बैंक ने मुंबई व दिल्ली में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं ताकि किसी तरह के संकट को टाला जा सके।

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा कि केंद्रीय बैंक ने 500 रुपये व 2000 रुपये के उच्च सुरक्षा मानकों वाले नये नोटों का विनिर्माण तेजी से शुरू कर दिया है। ये नोट पुराने नोट का स्थान लेंगे। 500 व 2000 रुपये के नये नोट 10 नवंबर से चलन में आ जाएंगे।

​काले धन पर मोदी का सर्जिकल स्ट्राइक, नहीं चलेंगे 500 और 1000 के नोट

शिखा पाण्डेय,

‘काला धन’ और ‘भ्रष्टाचारमुक़्त भारत’ बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बहुत बड़ा ऐतिहासिक फैसला लिया है, जिसके मुताबिक बुधवार, 8 नवंबर मध्‍यरात्रि से 500 और 1000 रुपये के नोट बंद हो जाएंगे। प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि जिन लोगों के पास 500 और 1000 रुपये के नोट हैं, वे 10 नवंबर से 30 दिसंबर तक बैंक या पोस्‍ट ऑफिस में जमा कराए जा सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने बताया कि 9 नवंबर को आम लें दें के लिए बैंक्स तथा 9 व 10 नवंबर को सभी एटीएम्स बंद रखे जाएंगे, हालांकि प्लास्टिक मनी अर्थात डेबिट,क्रेडिट कार्ड्स का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त इन 72 घंटों में, अर्थात 11 नवंबर तक किसी भी अस्पताल में 500 व 1000 के नोट्स इस्तेमाल किए जा सकेंगे ताकि किसी के इलाज में कोई बाधा न आ सके।

मेडिकल स्टोर पर डॉक्टर की पर्ची के साथ 72 घंटों के भीतर इन नोट्स का इस्तेमाल मान्य होगा। इसी तरह 72 घंटों तक रेलवे के टिकट बुकिंग काउंटर, सरकारी बसों के टिकट बुकिंग काउंटर और हवाई अड्डों पर भी केवल टिकट खरीदने के लिए पुराने नोट मान्य होंगे। इसके अफिरिक्त अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर विदेश से आ रहे या जा रहे लोगों के पास यदि पुराने नोट हैं, तो ऐसे नोटों की 5000 रुपये तक की राशि को नये और मान्य नोटों से बदलने की सुविधा दी जाएगी।

प्रधानमंत्री ने बताया कि अब 500 रुपये और 2000 रुपये के नए नोट जारी किए जाएंगे। इसके बाद आप बैंक्स से प्रतिदिन 10000 रुपये निकाल सकेंगे, लेकिन शुरुवात में यह सीमा मात्र 2000 रुपये रखी गयी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को विश्‍व में चमक‍ते सितारे के रूप में देखा जा रहा है। यह सरकार सबका साथ सबका विकास में यकीन रखती है। यह सरकार गरीबों को समर्पित है। उन्होंने कहा, ” पिछले दशकों से हम यहअनुभव कर रहे हैं कि देश में भ्रष्‍टाचार और कालाधन ने अपनी जड़ें जमा ली हैं। एक तरफ तो हम विश्‍व में आगे बढ़ने वाले देशों में शामिल है लेकिन दूसरी ओर भ्रष्‍टाचार के मामले में हम 76वें नंबर पर पहुंच गए हैं। यह दर्शाता है कि भ्रष्‍टाचार किस तरह फैला हुआ है। कुछ वर्ग गरीबों को नजरअंदाज कर रहे हैं। इससे वे फलते-फूलते रहेे हैं। वहीं देश के करोड़ों लोगों ने ईमानदारी को जीकर दिखाया है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि देश से गरीबी हटाने में भ्रष्‍टाचार और कालाधन सबसे बड़ी बाधा है, जिसके निर्मूलन के लिए यह अत्यंत महत्त्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

सरकार द्वारा उठाये गए इस अहम् कदम से ‘काला धन’ और ‘फेक करंसी’ से देश को मुक्ति मिलने के आसार हैं। आपको बता दें कि पड़ोसी देश नेपाल व बांग्लादेश से बहुत बड़े पैमाने पर 500 व 1000 रुपये के जाली नोट सप्लाई किए जाते हैं।

‘सैमसंग गैलेक्सी नोट 7’ के बाद अब ‘सैमसंग गैलेक्सी J 5’ भी हुआ ब्लास्ट!

शिखा पाण्डेय,

सैमसंग कंपनी के स्मार्टफोन ‘गैलेक्सी नोट 7’ के बाद अब सैमसंग गैलेक्सी जे 5 में आग लगने की खबर आई है। फ्रांस की एक सैमसंग उपभोक्ता के अनुसार उसके गैलेक्सी जे 5 स्मार्टफोन ने अचानक आग पकड़ ली और इसमें खुद ही विस्फोट हो गया। महिला ने बताया कि उन्होंने फोन जून में एक वेबसाइट के जरिए खरीदा था और अब वह वह सैमसंग पर दावा ठोकने वाली हैं।

दक्षिण-पश्चिमी फ्रांस की एक महिला लाम्या बोर्डेन द्वारा न्यूज एंजेंसी AP को ड़ि गई जानकारी के मुताबिक रविवार को उन्होंने पाया कि उनका फोन सैमसंग गैलेक्सी जे 5 अचानक गर्म हो गया। उन्होंने अपने चार साल के बेटे से फोन मांगा और जैसे ही फोन हाथ में लिया तो देखा कि उसमें से धुंआ उठ रहा था। यह देख महिला ने फोन को तुरंत फेंक दिया।

लाम्या ने बताया, “फोन से निकलते धुएं को देख मैं इतनी घबरा गई कि मुझे इसे फेंकना पड़ा।” जानकारी के मुताबिक, इसके बाद फोन में आग लग गई और यह काला पड़ गया था। महिला के पति ने फोन की आग को बुझा दिया।

यदि आईडीसी के लिए मोबाइल एनालिस्ट के तौर पर काम करने वाले विलियम स्टोफेगा की मानें,तो फ्रांस में हुई यह घटना अपनी तरह की इकलौती घटना हो सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर देकर कहा है कि बाजार में यह फोन कई महीनों से है और इस तरह की कोई घटना पहली बार सामने आई है। उन्होंने बताया कि मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट या फिर छोटी सी कोई गड़बड़ भी शॉर्ट सर्किट की वजह हो सकती है, जिस वजह से फोन गर्म हो गया हो और आग पकड़ ली हो।

बता दें कि सैमसंग के गैलेक्सी नोट 7 स्मार्टफोन में भी ओवरहीट और आग लगने की कई घटनाएं सामने आई थीं, जिसके बाद कंपनी को दुनियाभर से गैलेक्सी नोट 7 वापस मंगाने पड़े थे।

बिपाशा बसु ने अपनी प्रेग्‍नेंसी की खबरों पर तोड़ी चुप्‍पी, बताया सच

इंद्रकुमार विश्वकर्मा,

बॉलीवुड एक्ट्रेस बिपाशा बसु के प्रेग्नेंट होने की खबरें चर्चा में हैं। एक अंग्रेजी वेबसाइट की मानें तो बिपाशा के पति करण सिंह ग्रोवर हाल ही में उन्हें गाइनोकॉलजिस्ट (स्त्री रोग विशेषज्ञ) के पास लेकर गए थे। वहीं पिछले महीने बिपाशा को कई बार क्लिनिक के चक्कर लगाते देखा गया था। इसी से अंदाजा लगाते हुआ कहा जा रहा था कि बिपाशा और करण के घर जल्द ही एक नन्हा मेहमान आ सकता है।

बिपाशा बसु ने अपनी प्रेग्नेंसी की खबरों का खंडन किया है। बिपाशा का कहना है कि उनकी प्रेग्नेंसी की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। करण सिंह ग्रोवर और बिपाशा की शादी को अभी लगभग छह महीने हुए हैं।

दरअसल, एक अंग्रेजी वेबसाइट की मानें तो बिपाशा के पति करण सिंह ग्रोवर हाल ही में उन्हें स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास लेकर गए थे। वहीं पिछले महीने बिपाशा को कई बार क्लिनिक के चक्कर लगाते देखा गया। शायद इसी वजह से यह उम्मीद की जा रही थी कि बिपाशा जल्द खुशखबरी सुनाने वाली हैं। लेकिन बिपाशा ने अब अपनी प्रेग्नेंसी की खबरों पर विराम लगा दिया है।

 ‘अलोन’ फिल्म की शूटिंग के दौरान बिपाशा-करण में नजदीकियां बढ़ी थी। बिपाशा और करण करीब एक साल के अफेयर के बाद इस साल अप्रैल में शादी के बंधन में बंधे थे। 30 अप्रैल 2016 को हुई दोनों की शादी में कई बड़े सितारों ने शिरकत की थी और हाल ही में दोनों ‘भाभी जी घर पर हैं’ में साथ नजर आए थे।

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव: आज होगा हिलेरी और ट्रम्प के भाग्य का फैसला

अनुज हनुमत,

आज अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे। इस चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प और हिलेरी क्लिंटन के बीच कड़ा मुकाबला है। भारतीय समय के अनुसार, वोट सुबह 10.30 बजे न्यू हेम्शायर के डिक्शविल नॉच में डाला जाएगा और अगले दिन यानी 9 नवंबर को सुबह 6 बजे तक वोट डाले जाएंगे।

बुधवार सुबह 9.30 बजे या 10 बजे तक तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। ये चुनाव अमेरिका के लिए काफी महत्वपूर्ण है। अमेरिका में दो मुख्य पार्टी है, रिपब्लिकन पार्टी और डेमोक्रेटिक पार्टी। 20 जनवरी 2017 से अमेरिका का अगला राष्ट्रपति व्हाइट हाउस में कार्यभार संभालेगा।

आपको बता दें कि रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हैं और डेमोक्रटिक पार्टी की तरफ से हिलेरी क्लिंटन राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हैं। अंतिम क्षणों में ट्रंप और क्लिंटन ने पूरी ताकत झोक दी। गौरतलब हो कि अमेरिकी संविधान के मुताबिक कोई भी राष्ट्रपति आठ साल से ज्यादा के लिए पद पर नहीं रह सकता।

बराक ओबामा लगातार दो बार जीत कर आठ साल के लिए राष्ट्रपति रह चुके हैं। डेमोक्रटिक पार्टी से बराक ओबामा और बिल क्लिंटन अमेरिका के राष्ट्रपति रह चुके हैं।

कैसे होता है अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव-

अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचन देश के मतदाताओं द्वारा अप्रत्यक्ष तरीके से होता है। यानी मतदाता एक निर्वाचक मंडल का चुनाव करते हैं। यह निर्वाचक मंडल राष्ट्रपति का चुनाव करता है।

अमेरिकी कांग्रेस के दो सदन हैं। प्रतिनिधि सदन में 435 जबकि सीनेट में 100 सदस्य हैं। कोलंबिया को मिलाकर कुल सदस्यों की संख्या 538 हो जाती है। यही 538 सदस्य राष्ट्रपति का चुनाव करते हैं। जिसे 270 या इससे ज्यादा वोट मिलेंगे, वो राष्ट्रपति बन जाएगा। बहुमत हासिल करने के लिए 538 में 270 वोट हासिल करना जरूरी है। 270 इलेक्टोरल कॉलेज वोट पाने वाला उम्मीदवार राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण करता है।

स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए तंबाकू के इस्तेमाल पर रोक लगाना आवश्यक -जेपी नड्डा

JP Nadda, BJP national general secretary speaking during meet the press at press club on Thursday. *** Local Caption *** JP Nadda, BJP national general secretary speaking during meet the press at press club on Thursday. Express photo by Jaipal Singh 9-6-2011

शिखा पाण्डेय,

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के तंबाकू नियंत्रण ढांचा संधि पर कांफ्रेंस आफ पार्टिज (सीओपी 7) के सातवें सत्र का शुभारंभ किया। उन्होंने तंबाकू नियंत्रण की चुनौती को अत्यंत विकट बताया। उन्होंने कहा,”देश संक्रामक और गैर संचारी रोगों के दोहरे बोझ का सामना कर रहा है। इसलिए स्वास्थ्य संबंधी लक्ष्यों को हासिल करने के लिए बहु क्षेत्रीय कार्रवाई और समन्वित पहल अपनाने की जरूरत है।”

श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना ने सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में विशेष संबोधन दिया। नड्डा ने अपने संबोधन में कहा कि देश में तंबाकू का इस्तेमाल करने वाले करीब 27.5 करोड़ लोग हैं। तंबाकू के प्रत्यक्ष या परोक्ष इस्तेमाल करने के कारण हर साल करीब 10 लाख लोगों को जान गंवानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि तंबाकू से संबंधित रोगों के उपचार के कारण भारत पर पड़ने वाला आर्थिक खर्च या स्वास्थ्य संबंधी खर्च 22 अरब डालर है और तंबाकू के इस्तेमाल को 30 फीसद कम करने के लक्ष्य को हासिल करना हमारी पसंद नहीं बल्कि हमारी जरूरत बन गई है।

नड्डा ने कहा कि तंबाकू के इस्तेमाल का चलन अभी भी अस्वीकार्य रूप से काफी अधिक है। इसके कारण होने वाली मौतें भी काफी अधिक हैं। तंबाकू के इस्तेमाल के कारण स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल परिणाम से लोगों और सरकारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ अधिक है। उन्होंने कहा कि तंबाकू के इस्तेमाल की आदत के परिणामस्वरूप होने वाली मौतों से बचा जा सकता है। इसे रोकने की दिशा में भारत को अभी लंबी दूरी तय करनी है। नए उत्पादों के उभरने से भी कई चुनौतियां सामने आई हैं।

नड्डा ने कहा, “तंबाकू नियंत्रण के संबंध में भारत के समक्ष मौजूदा चुनौती अत्यंत विकट है। हालांकि इन वृहद जटिलताओं के बावजूद विश्व स्वास्थ्य संगठन के तंबाकू नियंत्रण ढांचा संधि के संदर्भ में पर्याप्त निवेश से धीरे-धीरे स्थिति बेहतर हो रही है।”

उन्होंने कहा कि यह तंबाकू नियंत्रण गतिविधियों के लिहाज से मील का पत्थर माने जाने वाला वर्ष है क्योंकि देश ने अप्रैल से तंबाकू पैकेट के 85 फीसद हिस्से पर स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा, “हम इसे अकेले नहीं कर सकते हैं। राष्ट्रीय इच्छा शक्ति और संसाधनों के साथ हमें तंबाकू के कारण स्वास्थ्य पर बढ़ते बोझ और सामाजिक व आर्थिक बोझ से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय गठजोड़ की जरूरत है।”

गौरतलब है कि भारत पहली बार इस सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के तंबाकू नियंत्रण ढांचा संधि पर कांफ्रेंस आफ पार्टिज (सीओपी 7) के सातवें सत्र में दुनिया के विभिन्न देशों के 1500 प्रतिनिधी हिस्सा ले रहे हैं।

स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए तंबाकू के इस्तेमाल पर रोक लगाना आवश्यक -जेपी नड्डा

JP Nadda, BJP national general secretary speaking during meet the press at press club on Thursday. *** Local Caption *** JP Nadda, BJP national general secretary speaking during meet the press at press club on Thursday. Express photo by Jaipal Singh 9-6-2011

शिखा पाण्डेय,

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के तंबाकू नियंत्रण ढांचा संधि पर कांफ्रेंस आफ पार्टिज (सीओपी 7) के सातवें सत्र का शुभारंभ किया। उन्होंने तंबाकू नियंत्रण की चुनौती को अत्यंत विकट बताया। उन्होंने कहा,”देश संक्रामक और गैर संचारी रोगों के दोहरे बोझ का सामना कर रहा है। इसलिए स्वास्थ्य संबंधी लक्ष्यों को हासिल करने के लिए बहु क्षेत्रीय कार्रवाई और समन्वित पहल अपनाने की जरूरत है।”

श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना ने सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में विशेष संबोधन दिया। नड्डा ने अपने संबोधन में कहा कि देश में तंबाकू का इस्तेमाल करने वाले करीब 27.5 करोड़ लोग हैं। तंबाकू के प्रत्यक्ष या परोक्ष इस्तेमाल करने के कारण हर साल करीब 10 लाख लोगों को जान गंवानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि तंबाकू से संबंधित रोगों के उपचार के कारण भारत पर पड़ने वाला आर्थिक खर्च या स्वास्थ्य संबंधी खर्च 22 अरब डालर है और तंबाकू के इस्तेमाल को 30 फीसद कम करने के लक्ष्य को हासिल करना हमारी पसंद नहीं बल्कि हमारी जरूरत बन गई है।

नड्डा ने कहा कि तंबाकू के इस्तेमाल का चलन अभी भी अस्वीकार्य रूप से काफी अधिक है। इसके कारण होने वाली मौतें भी काफी अधिक हैं। तंबाकू के इस्तेमाल के कारण स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल परिणाम से लोगों और सरकारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ अधिक है। उन्होंने कहा कि तंबाकू के इस्तेमाल की आदत के परिणामस्वरूप होने वाली मौतों से बचा जा सकता है। इसे रोकने की दिशा में भारत को अभी लंबी दूरी तय करनी है। नए उत्पादों के उभरने से भी कई चुनौतियां सामने आई हैं।

नड्डा ने कहा, “तंबाकू नियंत्रण के संबंध में भारत के समक्ष मौजूदा चुनौती अत्यंत विकट है। हालांकि इन वृहद जटिलताओं के बावजूद विश्व स्वास्थ्य संगठन के तंबाकू नियंत्रण ढांचा संधि के संदर्भ में पर्याप्त निवेश से धीरे-धीरे स्थिति बेहतर हो रही है।”

उन्होंने कहा कि यह तंबाकू नियंत्रण गतिविधियों के लिहाज से मील का पत्थर माने जाने वाला वर्ष है क्योंकि देश ने अप्रैल से तंबाकू पैकेट के 85 फीसद हिस्से पर स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा, “हम इसे अकेले नहीं कर सकते हैं। राष्ट्रीय इच्छा शक्ति और संसाधनों के साथ हमें तंबाकू के कारण स्वास्थ्य पर बढ़ते बोझ और सामाजिक व आर्थिक बोझ से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय गठजोड़ की जरूरत है।”

गौरतलब है कि भारत पहली बार इस सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के तंबाकू नियंत्रण ढांचा संधि पर कांफ्रेंस आफ पार्टिज (सीओपी 7) के सातवें सत्र में दुनिया के विभिन्न देशों के 1500 प्रतिनिधी हिस्सा ले रहे हैं।

चाचा और भतीजे कमीशन के पैसे के लिए लड़ रहे हैं -अमित शाह

अनुज हनुमत,

झाँसी। यूपी विधानसभा चुनाव के ठीक पहले सूबे के तमाम सियासी दलों द्वारा जनता के बीच प्रचार प्रसार करने के उद्देश्य से खूब जोर आजमाइश की जा रही है। सूबे के मौजूदा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा ने ‘रथ यात्रा’ की शुरुआत की, जिसके जवाब में भारतीय जनता पार्टी ने सहारनपुर से परिवर्तन यात्रा की शुरुआत की।

परिवर्तन यात्रा के दूसरे चरण का शुभारम्भ करने झांसी पहुंचे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने सपा, बसपा और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बुंदेलखंड की जनता को मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि समय कम पड़ जाएगा बताते-बताते जितनी योजनाओं का शुभारम्भ केंद्र की मोदी सरकार ने किया। उन्होंने मोदी सरकार की योजनाओं का नाम लेते हुए कहा कि बुंदेलखंड के किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ नहीं मिला, क्योंकि चाचा (शिवपाल) और भतीजे (अखिलेश यादव) कमीशन के पैसे के लिए लड़ रहे हैं।

अमित शाह ने कहा, “समाजवादी पार्टी में वारिस की लड़ाई जारी है। नेताजी का वारिस कौन हो उसकी जंग चल रही है। ऐसे में कौन जनता के बारे में सोचे। भाईयों और बहनों कसम खाईए इस सपा की सरकार को उखाड़ फेकेंगे।”

अमित शाह ने बसपा पर हमला बोलते हुए कहा, “बहनजी कहती हैं एक मौका दो, क्या यूपी की जनता ने मौका नहीं दिया? उन्होंने (मायावती) क्या किया, पत्थरों के मूर्ति लगवाई। सपा-बसपा की मिलीभगत अब नहीं चलेगी।”

शाह ने कहा, “एक बार बीजेपी की सरकार बनाएं, फिर देखिये केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की बीजेपी सरकार कैसे उत्तर प्रदेश को उत्तरम प्रदेश बनाती है।”

तबियत बिगड़ने की वजह से कार्यकारिणी की बैठक में शामिल नहीं हुईं सोनिया, अध्यक्षता करते हुए राहुल मोदी सरकार पर भड़के

अमित द्विवेदी,

सोमवार को कांग्रेस की कार्यकारिणी समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी बीमार होने के कारण बैठक में हिस्सा नहीं ले पाईं। अब इस बैठक की अध्यक्षता उपाध्यक्ष राहुल गांधी कर रहे हैं। बैठक में वर्तमान में राजनीतिक उठापटक को लेकर चर्चा हो रही है।

शीतकालीन सत्र शुरू होने के ठीक पहले सीडब्ल्यूसी की बैठक में उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। राहुल ने कहा कि सरकार ने पूरी तरह से खौफ का माहौल पैदा कर रखा है। कोई भी सरकार की गलत नीतियों और मनमानी को दुनिया के सामने रखना चाहे, तो उसे दबा दिया जा रहा है। राहुल ने कहा कि देश इस समय बहुत बुरे दौर से गुज़र रहा है।

कांग्रेस कार्यकारिणी समिति में राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र इस समय अंधकार के दौर से गुज़र रहा है। राहुल ने कहा कि मोदी सरकार अपनी बातों में उलझ गई है। मीडिया और विरोध को दबाने की भरसक कोशिश की जा रही है। वन रैंक वन पेंशन की बात पर उन्होंने कहा कि सरकार सैनिकों को बरगला रही है। राहुल ने इस मुद्दे को शीत सत्र में उठाने की बात कही।

कार्यकारिणी समिति की इस बैठक में मनमोहन सिंह, ए.के. एंटनी, अहमद पटेल, दिग्विजय सिंह, मलिका अर्जुन खड़गे, अंबिका सोनी, बीके हरिप्रसाद और गुलाम नबी आजाद समेत लगभग 21 सदस्य हिस्सा ले रहे हैं।