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Sunday, August 9, 2026
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क्या अपनी ही राजनीति के शिकार हो गए सीएम अखिलेश!

अनुज हनुमत,

वैेसे आम जनता के दुःख दर्द बाँटने के मामले में यूपी के सीएम अखिलेश यादव को काफी संवदेनशील माना जाता है, लेकिन पुखरायां के रेल हादसे के बाद अखिलेश यादव का जो चेहरा जनता ने देखा उसके बाद तो सभी सन्न रह गए। ज्यादातर लोगों ने कहा कि आखिर इतने असंवेदनशील कैसे हो गए मुख्यमंत्री अखिलेश!

आपको बता दें कि, अभी कुछ दिन पहले कानपुर के पुखरायां में भयानक रेल हादसा हुआ, जिसमें सैकड़ों लोग कालकवलित हो गये। इस रेल हादसे के बाद से लगातार राहत एवं बचाव कार्य जारी हैे। रेलवे के जारी आंकड़ों के मुताबिक, अभी तक 150 लोगों की जान जा चुकी है, वहीं सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। हादसे के बाद जहां रेल मंत्री से लेकर मध्‍य प्रदेश के सीएम शिवराज चौहान तक घटनास्‍थल का दौरा कर चुके हैं वहीं, अब तक सीएम अखिलेश घायलों से मिलने नहीं पहुंचे हैं। इसको लेकर पीड़ितों का कहना है कि जब 700 किमी से शिवराज पहुंच सकते हैं, तो अखिलेश क्‍यों नहीं!

कानपुर हादसे के एक पीड़ित का कहना था, अगर 700 किमी से मध्‍यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह आ सकते हैं, तो सीएम अखिलेश 80 किमी से क्‍यों नहीं पहुंच सकते। एक और पीड़ित प्रियंका का कहना था कि सीएम को हमसे मिलने आना चाहिए था, इससे शायद यहां काम और तेजी से होता।

गौरतलब हो कि, हादसे के बाद अखिलेश ने लखनऊ से ही मीडिया में रेल दुर्घटना को लेकर बयान दिया। सीएम ने दो बार मीडिया से बातचीत करके कहा कि हमने सभी अधिकारियों को जरूरी सुविधाएं और राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दे दिए हैं। उन्‍होंने यह भी कहा कि इस वक्त हमें राजनीति नहीं करनी चाहिए। लेंकिन इन सब बातों से इतर अगर राजनीतिक पंडितों की मानें, तो कहीं न कहीं अखिलेश अपनी ही राजनीति का शिकार हो गए।  क्योंकि राजनीति में आम आदमी की पीड़ा को दरकिनार नहीं किया जाता।

अखिलेश करना तो कुछ और चाहते हैं, लेकिन हो कुछ और रहा है। ये मानवता की दृष्टि से भी गलत हुआ है। अखिलेश ने अभी अपने राजनीतिक करियर की शुरूआत की है, लेकिन उन्हें अपनी प्राथतिकताओं को चुनना होगा। इस मामले में वे कहीं पीछे हो गए हैं, जिसका खामियाजा उन्हें आने वाले समय में भुगतना पड़ सकता है।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अब आने वाले समय में अपनी सफाई में कुछ भी कहें, लेकिन रेल दुर्घटना के बाद उनका मौके वारदात और अस्पताल न पहुँचने के कारण उनकी छवि को गहरा धक्का लगा है। ऐसे कठिन समय जनता को अपने मुखिया की आवश्यकता होती है, लेकिन अगर मुखिया ही असंवेदनशील होकर मुंह फेर के तो फिर इससे दुखद क्या होगा!

जल्द साथ नज़र आएंगे सलमान और कैटरीना कैफ!

शिखा पाण्डेय,

सलमान खान और कैटरीना कैफ की जोड़ी पर फ़िदा लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। मिली जानकारी के मुताबिक, ये दोनों सितारे फिल्म ‘एक था टाइगर’ के सीक्वल ‘टाइगर जिंदा है’ में एक बार फिर से साथ नजर आने वाले हैं। साथ ही फैन्स के लिए एक और बड़ा सरप्राइज यह है कि ‘टाइगर जिंदा है’ में कैटरीना एक विलेन के किरदार में नज़र आएंगी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म के निर्देशक अली जफर ने कहा, “अपनी सहजवृत्ति के अनुसार मैं लगातार लिख रहा हूं। मैंने इस फिल्म को प्रेशर के चलते करने का फैसला लिया। सलमान खान और कैटरीना कैफ को सफलतापूर्वक डायरेक्ट करना कोई आसान काम नहीं है, लेकिन मैं आज के राजनीतिक माहौल को देखते हुए एक ज्यादा तर्कसंगत कहानी लिखने की कोशिश कर रहा हूं।” उन्होंने बताया कि किरदारों को पिछली कहानी जैसा ही रखा गया है, लेकिन फिल्म की कहानी एक दम नई होगी।

जफर ने बताया कि फिल्म को एक ही वक्त में दिखाया गया है। आगे-पीछे (फ्लैशबैक) जैसी कोई कहानी नहीं है। इसे सही मायने में एक सीक्वल कहा जा सकता है। यह बिल्कुल वहीं से शुरू होती है, जहां से एक था टाइगर को खत्म किया गया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जहां एक था टाइगर में कैटरीना को एक क्यूट लड़की के किरदार में ज्यादातर देखा गया गया, वहीं फिल्म के सीक्वल में वह पहली बार जबरदस्त एक्शन करती नजर आएंगी। इससे पहले कैटरीना को किसी भी फिल्म में इतना एक्शन करते नहीं देखा गया है। कुश्ती और हवा में उड़ कर मारने जैसे सीन्स के लिए उन्हें ट्रेन किया जा रहा है।

गौरतलब है कि 2012 में आई एक था टाइगर को कबीर खान ने डायरेक्ट किया था। इस फिल्म में कबीर और सलमान पहली बार साथ आए थे। ‘एक था टाइगर’ में सलमान खान (रॉ एजेंट) और कैटरीना कैफ (आईएसआई एजेंट) की भूमिका में नजर आए थे, जिन्हें एक दूसरे से प्यार हो जाता है। वहीं फिल्म के सीक्वल ‘टाइगर जिंदा है’ में कैटरीना एक निगेटिव रोल प्ले करती नजर आएंगी। इस फिल्म टाइगर और जोया मिल कर एक दुश्मन के खिलाफ लड़ेंगे।

आज लखनऊ में ABVP की हुंकार रैली, लाखों छात्र होंगे शामिल

अनुज हनुमत,

लखनऊ। विश्व के सबसे बड़े छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के लाखों छात्र आज लखनऊ में अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरेंगे। शिक्षा के मुद्दे को लेकर लखनऊ के काल्विन तालुकेदार कॉलेज के मैदान में छात्र हुंकार रैली होने जा रही है। इस रैली में तकरीबन एक लाख युवाओं के जुटने की बात की जा रही है।

आपको बता दें कि अभाविप द्वारा उत्तर प्रदेश में बदहाल होती शिक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार प्रदेश सरकार को घेरा जाता रहा है, लेकिन संगठन ने अब बड़ा आंदोलन करने का मूड बनाया है, जिसकी हुंकार आज दिखेगी।

गौरतलब हो, एबीवीपी ने कहा है कि यूपी के महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में शिक्षा के स्तर में निरंतर गिरावट आ रही है। संगठन इसके खिलाफ 23 नवंबर को हुंकार रैली कर सरकार को अपनी ताकत का अहसास कराएगा।

एबीवीपी के उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के क्षेत्रीय संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह ने लखनऊ प्रेस क्लब में विगत दिनों आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया था कि, “प्रदेश में शिक्षा की व्यवस्था बदहाल है और छात्रों में निराशा का भाव है। अभी तक शिक्षा के गिरते स्तर पर किसी दल ने काम नहीं किया, इसलिए राजनीतिक दलों को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।” उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय और महाविद्यालय में छात्र संघ चुनाव कराये जाने चाहिए।

स्नातक में 50 प्रतिशत व परास्नातक में 20 प्रतिशत सीटों की वृद्धि हो तथा सांध्यकालीन कक्षाएं शुरू की जानी चाहिए। शिक्षा सस्ती, सरल एवं गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए। शिक्षा को रोजगारपरक बनाया जाना चाहिए। संगठन मांगों को लेकर धर्मपाल ने कहा, “शिक्षण संस्थाओं में 180 दिन पढ़ाई कराई जाए। शैक्षिक सत्र नियमित हों, रिक्त पदों पर शिक्षकों की तत्काल तैनाती हो, इंटरमीडिएट स्तर तक छात्र-छात्राओं की शिक्षा नि:शुल्क हो, एससी, एसटी और ओबीसी की छात्रवृत्ति बढ़ाई जाये ।”

दरअसल, यह रैली आगामी विधानसभा चुनाव के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि इसके माध्यम से कहीं न कहीं प्रदेश सरकार के खिलाफ युवाओं का रोष प्रदशिर्त किया जाएगा। अब देखना होगा कि आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् की हुंकार रैली को सूबे की मौजूदा अखिलेश सरकार को कितना दबाव में लाती है।

भारतीय रेल प्रणाली में आवश्यक सुधार की ज़रुरत, हम सशर्त सहायता के लिए तैयार -चीन

शिखा पाण्डेय,

पड़ोसी देश चीन ने भारत को अपनी कमज़ोर रेल प्रणाली में तत्काल सुधार करने की सलाह दी है और कहा है कि चीन इसके लिए आवश्यक सहायता मुहैया करा सकता है। चीनी सरकार संचालित एक वेबसाइट में कहा गया है कि चीन की मदद से दक्षिण एशियाई देश को अपने रेलवे में सुधार में मदद की संभावना है, लेकिन द्विपक्षीय सहयोग के लिए रेल नेटवर्क में चीनी निवेश के प्रति एक खुला रवैया रखना पूर्व शर्त है।

चीन की आधिकारिक मीडिया एजेंसी शिन्हुआ ने एक लेख में कहा कि रविवार को कानपुर में इंदौर-पटना एक्सप्रेस के पटरी से उतरने की घटना से भारत के रेल नेटवर्क के घटिया रखरखाव के बारे में चिंताएं एक बार फिर पैदा हो गई हैं। भारत को तत्काल सुधार करने की जरूरत है और चीन आवश्यक सहायता उपलब्ध करा सकता है।

सरकार संचालित ग्लोबल टाइम्स की वेबसाइट पर एक लेख में कहा गया कि इंदौर-पटना एक्सप्रेस के पटरी से उतरने के बाद भारत और चीन अवसंरचना में सहयोग को तेज करना चाहेंगे और चीन भारत के रेलवे में सुधार के लिए सीधी सहायता उपलब्ध करा सकता है। लेख में कहा गया कि चीन द्वारा भारत के लिए रेल प्रौद्योगिकी में भी सहयोग करने की संभावना है। चीन की प्रौद्योगिकी कुछ विकसित देशों से भी ज्यादा आधुनिक है और लागत कम है। विश्व बैंक की 2014 की रिपोर्ट में कहा गया कि चीनी रेलवे के टिकट की कीमत अन्य देशों के मुकाबले एक चौथाई है।

इस लेख में कहा गया है कि हालांकि चीनी नेतृत्व वाले एशिया अवसंरचना निवेश बैंक में भारत दूसरी सबसे बड़ी भागीदारी और मतदान का अधिकार रखता है, जो इसे एशिया में अवसंचरना में सुधार के लिए बैंक के प्रयासों से लाभ उठाने की अनुमति दे सकता है। यदि भारत और अधिक चीनी उद्यमियों को सरकार संचालित रेल नेटवर्क में निवेश की अनुमति देता है तो चीनी बैंक भारत को रियायती दरों पर ऋण उपलब्ध करा सकते हैं।

आपको बता दें कि चीन के साथ भारत पहले ही रेलवे के विकास के लिए कई सहयोगात्मक समझौते कर चुका है। भारत के इंजीनियर चीन में प्रशिक्षण ले रहे हैं और चीन अपने द्वारा विकसित एक विश्वविद्यालय के समान ही एक रेल विश्वविद्यालय स्थापित करने में भारत के साथ सहयोग कर रहा है। तेज गति की ट्रेन के अलावा, भारत और चीन बंगलुरु होते हुए चेन्नई से मैसूर तक गति बढ़ाने के लिए आवश्यक तकनीकी इनपुट की पहचान करने के लिए सहयोग करने पर सहमत हुए हैं। चीन चेन्नई से नई दिल्ली तक हाई स्पीड रेल लाइन बनाने के लिए भी संभाव्यता अध्ययन कर रहा है।

बैठक में आडवाणी के पहुँचते ही सम्मान में उठ खड़े हुए मोदी, संबोधन के दौरान कई बार हुए भावुक

अमित द्विवेदी,

केंद्र सरकार द्वारा 8 नवंबर को 500, 1000 रुपए के नोट बंद करने के ऐलान पर मंथन के लिए भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड की मंगलवार को दिल्‍ली में बैठक हुई। बैठक में पार्टी के सभी वरिष्‍ठ नेता व केंद्रीय मंत्री माैजूद रहे। संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद पीएम मोदी ने बीजेपी सांसदों को संबोधित भी किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि नोटबंदी कालेधन और भ्रष्‍टाचार के खिलाफ लड़ाई का अंत नहीं है, बल्कि यह शुरुआत है।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह एक साथ बैठे थे। प्रधानमंत्री के बगल वाली कुर्सी खाली थी और उसके बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू और वित्‍तमंत्री अरुण जेटली बैठे थे। कुछ देर बाद भाजपा के लौहपुरुष कहे जाने वाले वरिष्‍ठ नेता लालकृष्‍ण आडवाणी बैठक में हिस्‍सा लेने पहुंचे। वह अरुण जेटली के आगे खाली पड़ी कुर्सी की तरफ बढ़ रहे थे कि मोदी अपनी कुर्सी से खड़े हो गए और आडवाणी को उनके पास की कुर्सी पर बैठने के लिए बुलाया।

जेटली और नायडू ने भी आडवाणी से मोदी के बगल वाली कुर्सी पर बैठने को कहा। इसके बाद आडवाणी आगे बढ़े और बैठक के दौरान पीएम मोदी के बगल वाली कुर्सी पर बैठ गए। हालांकि आडवाणी के सम्‍मान में पीएम मोदी तो कुर्सी छोड़कर खड़े हो गए, मगर जेटली और वेंकैया अपनी-अपनी कुर्स‍ियों पर जमे रहे। दोनों नेताओं ने बैठे-बैठे ही आडवाणी को माेदी के बगल में खाली पड़ी कुर्सी पर बैठने का इशारा किया।

सांसदों से बातचीत करते-करते पीएम मोदी कई बार भावुक हुए। उन्‍होंने नोटबंदी को सर्जिकल स्‍ट्राइक ना कहे जाने की अपील करते हुए कहा कि 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बैन करने का फैसला गरीबों की मदद के लिए किया गया है। पीएम ने भाजपा सांसदों से कहा कि वे इस बारे में जनता को जागरूक करें और इस कदम के फायदे बताएं।

नोटबंदी का फैसला मात्र जल्दबाज़ी, देश से माफ़ी मांगे पीएम -मायावती

bsp

सौम्या केसरवानी,

बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने मंगलवार को संसद के शीतकालीन सत्र से पहले मीडिया से बातचीत की, जिसमें बसपा सुप्रीमो ने केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले पर पीएम मोदी पर हमला किया।

राज्यसभा सदन की कार्रवाई स्थगित होने के बाद सदन से बाहर आने पर मायावती ने मीडिया से बातचीत में कहा कि देश की 90 फ़ीसदी जनता लाइनों में खड़ी है। देश की जनता को नोटबंदी के फैसले से बहुत समस्या हो रही है।

नोटबंदी को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोलने वाली मायावती ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि, केंद्र सरकार ने नोटबंदी का फैसला जल्दबाजी में लिया है और इस जल्दबाजी के फैसले के लिए प्रधानमंत्री को देश की जनता से माफ़ी मांगनी चाहिए।

मंगलवार को शीतकालीन सत्र का छठवां दिन था। सत्र के छठे दिन भी राज्यसभा की कार्यवाही कई बार बाधित हुई।

“नारियों पर केंद्रित कहानी मुझे आकर्षित करती है, ऐसी फिल्में ज़रूर करुँगी” -विद्या बालन

शिखा पाण्डेय,

अभिनेत्री विद्या बालन का कहना है कि नारियों पर केंद्रित फिल्में उन्हें ज़्यादा आकर्षित करती हैं। उनका कहना है कि नारी होना उनके लिए बहुत सम्मान की बात है और वह ऐसी कोई फिल्म गंवाना नहीं चाहतीं जिस कहानी में नारी का किरदार अत्यंत महत्त्वपूर्ण हो। विद्या ने कहा कि वह कभी परिणाम की चिंता नहीं करतीं, सिर्फ कैरेक्टर पर ध्यान देती हैं।

विद्या ने कहा,” मैं एक नारी हूँ, और नारियों के इर्द गिर्द घूमाती कहानी मुझे आकर्षित करती है। अगर मुझे कोई ऐसा किरदार निभाने का मौका मिलता है, जो कहानी में बहुत ज़्यादा महत्त्वपूर्ण है और पूरी कहानी उस किरदार के इर्द गिर्द घूमती है, तो मैं वह किरदार ज़रूर निभाऊंगी।” विद्या ने कहा कि उन्हें जिस प्रकार का काम मिल रहा है, उससे वह बहुत खुश हैं।

विद्या ने कहा कि वे कभी सफलता के विषय में चिंता नहीं करतीं क्योंकि सफलता या असफलता पर उनका वश नहीं है। आपको बता दें कि फिल्म ‘डर्टी पिक्चर’ और ‘कहानी’ से अपनी बेहद खास पहचान बना चुकी विद्या अब ‘कहानी 2’ में दुर्गा रानी सिंह के किरदार में नज़र आएंगी।

फिल्म कहानी 2 के विषय में बात करते हुए विद्या ने बताया कि यह फिल्म ‘कहानी’ से बिलकुल अलग है।उन्होंने बताया कि आम तौर पर आप किसी से मिलते हैं तो उसके विषय में कुछ महसूस कर लेते हैं, लेकिन कभी कभी किसी व्यक्ति को आप नहीं समझ पाते। फिल्म में मेरा किरदार ऐसा ही है।

जब विद्या से पूछा गया कि कहानी का सबसे कठिन हिस्सा उन्हें कौनसा लगा,तब उन्होंने बताया कि जब एक सीन में एक 6 साल की बच्ची (नैशा खन्ना) एक ईमारत की छत से छलांग लगाती है। विद्या ने कहा, “मैं जानती थी कि यह मात्र शूटिंग है,लेकिन उस सीन ने मुझे बहुत भावुक कर दिया। गौरतलब है कि सुजॉय घोष द्वारा निर्देशित यह फिल्म 2 दिसंबर को रिलीज़ होगी।

‘भ्रष्ट सरकार’ के हाथों उत्तराखंड को मिल रहा कष्ट असहनीय-अमित शाह

शिखा पाण्डेय

आज भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अल्मोड़ा में ‘परिवर्तन यात्रा रैली’ को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि एक ‘भ्रष्ट सरकार’ के हाथों उत्तराखंड के कष्ट देखकर भाजपा को बहुत दर्द होता है। शाह ने कांग्रेस सरकार को घेरते हुए कहा कि उत्तराखंड में भी अब अच्छे दिन आने वाले हैं। रैली में पूर्व सांसद सतपाल महाराज, बची सिंह रावत, बिशन सिंह चुफाल समेत प्रदेशभर के दिग्गज भाजपा नेताओं समेत पांच हजार से अधिक कार्यकर्ता पहुंचे।

परिवर्तन रैली को संबोधित करने अमित शाह मंगलवार दोपहर एसएसजे परिसर स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंचे। शाह ने रावत सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि उत्‍तराखंड यूपी से भी पीछे है। उन्‍होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि रावत सरकार को उखाड़ फेंको। उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री से सवाल किया कि हरीश, आखिर आप इतने पैसों का क्‍या करोगे। 

अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली राजग सरकार के समय हुए उत्तराखंड राज्य के निर्माण का ज़िक्र करते हुए उन्‍होंने कहा कि इस राज्‍य की दुर्दशा देखकर बीमार अटल जी भी दुखी हो जाते हैं। शाह ने कहा कि भाजपा के लिये यह राज्य अपने उस बच्चे की तरह है जो अपनी सौतेली मां के हाथों कष्ट उठा रहा है। 

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड भारी संसाधनों से युक्त राज्य है, जहां दुर्लभ प्राकृतिक सौंदर्य तथा बदरीनाथ और केदारनाथ जैसे आस्था के बड़े केंद्र हैं। भाजपा अध्यक्ष ने कहा, “इस सबके बावजूद यह देखकर बहुत कष्ट होता है कि एक भ्रष्ट सरकार के कार्यकाल में राज्य विकास के सबसे नीचे के पायदान तक फिसल गया है।”

नोट बंदी के विषय में बोलते हुए शाह ने मंगलवार को यह स्वीकार किया कि 500 और 1000 रुपये के नोटों को अमान्य घोषित किए जाने की वजह से आम लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि नोटंबदी से कुछ दिनों तक परेशानी रहेगी लेकिन इससे देश में आर्थिक हालत में सुधार लाने में मदद मिलेगी।

​अम्बानी ब्रदर्स फिर आमने-सामने,अब आर कॉम के प्लान्स देंगे रिलायंस jio को मात!

शिखा पाण्डेय


मुकेश अंबानी द्वारा रिलायंस Jio के लॉन्चिंग के बाद से जब सभी टेलिकॉम कंपनियाँ उन्हें कड़ी टक्कर देने की दौड़ में लगी हैं, तो भाई अनिल अंबानी कैसे पीछे रह सकते थे। तमाम टेलीकॉम कंपनियों की तरह रिलायंस कम्युनिकेशन (आर कॉम) ने भी अपने ग्राहकों को फ्री वॉयस कॉलिंग और डेटा देने की घोषणा की है। 

आर कॉम के को-सीईओ गुरदीप सिंह ने एक आधिकारिक स्टेटमेंट जारी कर कहा कि रिलायंस का नया अनलिमिडेट प्लान भारत में मोबाइल रिचार्ज की दुनिया में नए आयाम बनाएग। रिलायंस के इस प्लान को 2G, 3G और 4G में से किसी में भी उपयोग किया जा सकेगा। सिंह के मुताबिक भारत में हमारे लाखों 2G हैंडसेट कस्टमर्स है। जिनके लिए यह पैक फायदेमंद साबित होगा।

रिलायंस कम्युनिकेशन ने 149 रुपए में अनलिमिटेड कॉलिंग और 300 एमबी डेटा देने का ऐलान किया है। यह ऑफर 2G इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर लाया गया है। इस प्लान के तहत कस्टमर्स किसी भी नेटवर्क पर पूरे देश में फ्री कॉलिंग कर सकते हैं। इसी के साथ कंपनी ने इस पैक में डेटा भी दिया है। ऑफर के तहत आपको 300 एमबी डेटा भी मिलेगा। यह पैक 2जी, 3जी और 4जी सभी फोन्स पर काम करेगा, जबकि जियो के लिए आपके पास 4 जी फोन होना जरुरी है।

अब सोनाक्षी जर्नलिस्ट बन खबरें कवर करेंगी!

शिखा पाण्डेय

‘फोर्स 2’में एक्शन करती नजर आईं सोनाक्षी को अब आप जल्द ही खबरें कवर करते और पेचीदा केसों को सुलझाते देख पाएंगे। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘फोर्स-2’ मे एक रॉ एजेंट का किरदार निभानेवाली सोनाक्षी अपनी अगली फिल्म ‘नूर’ में एक जर्नलिस्ट के किरदार में नजर आएंगी। सोनाक्षी की इस फिल्म का फर्स्ट पोस्टर जारी हो गया है। फिल्म की रिलीज डेट भी सामने आ गई है। 

ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श और सोनाक्षी सिन्हा ने खुद फिल्म का फर्स्ट पोस्टर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। फिल्म की रिलीज डेट 21 अप्रैल 2017 को रखी गई है। पोस्टर में सोनाक्षी एक सीरियस गर्ल के रूप में नजर आ रही हैं। दरअसल पोस्टर में नीचे उन्हें दो अलग-अलग लुक्स में दिखाया गया है, जो शायद इस बात का संकेत है कि वह फिल्म में अलग-अलग रूप लेके मामलों की तह तक जाती नजर आएंगी।

फिल्म की कहानी अभी बहुत ज्यादा साफ नहीं है। सोनाक्षी इस फिल्म में एक ऐसी फीमेल जर्नलिस्ट के लुक में हैं, जिसका काम पाकिस्तान में हो रहे धमाकों के बाद दुर्घटना स्थल पर पहुंचना और उन स्टोरीज को कवर करना है। इस बीच उन्हें वहां पर कई ऐसे नजारे भी देखने पड़ते हैं, जो किसी का भी दिल दहलाने को काफी हैं। इस सब के बीच वह अपने लिए एक ब्वॉयफ्रेंड की भी तलाश में हैं जो कि उनका अच्छा साथी बन सके।

आपको बता दें कि फिल्म की रिलीज डेट पहले 7 अप्रैल होने की बातें कही जा रही थीं, लेकिन फिर इसे कुछ कारणों से आगे बढ़ा दिया गया। सोनाक्षी ने इस पोस्टर के साथ लिखा है, “वह एक सुबह की किरण है जो तूफान के साथ मिल गई है। वह हर लड़की में है। वह नूर है।” आपको बता दें कि सोनाक्षी सिन्हा की फिल्म ‘फोर्स 2’ 4 दिनों में 21 करोड़ का बिजनेस कर चुकी हैं और काफी अच्छी कमाई कर रही है।