ब्यूरो
गुजरात के जामनगर में रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिफाइनरी के परिसर में गुरुवार को आग लग गई। इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई है और छह अन्य झुलस गए हैं।
कंपनी की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है, “जामनगर की रिफाइनरी में हमारे डीटीए (डोमिस्टिक टैरिफ एरिया) में योजनाबद्ध रखरखाव के कारण जिन इकाइयों को बंद किया गया था, उनमें से एक में दुर्भाग्यवश आकस्मिक आग लग गई। कुछ कर्मी जख्मी हुए हैं। उन्हें जरूरी उपचार मुहैया कराया जा रहा है। रिफाइनरी के सभी काम सुचारू रूप से जारी हैं।” कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
मेघपार थाने के एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “जामनगर स्थित रिलायंस की मोती खावदी रिफाइनरी में आज (गुरुवार, 24 नवंबर) सुबह गैस लीक होने से आग लग गई।” उन्होंने कहा, “आग की चपेट में आकर आठ लोग झुलस गए जिन्हें सरकारी गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल (जी जी अस्पताल) में भर्ती कराया गया।” जी जी अस्पताल की अधीक्षक नंदिनी देसाई ने इनमें से दो लोगों की मौत की पुष्टि की है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिफाइनरीमें लगी आग, 2 की मौत, 6 घायल
मैं फेसबुक पर सर्वे करूंगा, तो लोग मेरे पक्ष में ही बोलेंगे- अखिलेश
सौम्या केसरवानी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने के लिए पार्लियामेंट पहुंचे। यहां पीएम से मुलाकात में यूपी के सीएम ने नोटबैन और कानपुर रेल हादसे के विषय में चर्चा की। पीएम से मुलाकात के बाद सदन के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने नोटबंदी पर सरकार को घेरा। इसके साथ ही अखिलेश ने एक बार फिर किसानों को छूट देने की बात कही।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पीएम नरेन्द्र मोदी के सर्वे पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि यदि मैं फेसबुक पर सर्वे करूं तो मेरे समर्थक मेरे पक्ष में बोलेंगे।
कहीं ना कहीं हर आदमी को चिंता हो रही है। देश में अनिश्चित्ता का माहौल पैदा हो गया है। केन्द्र सरकार को कम से कम किसानों को थोड़ी छूट देनी चाहिए। सीएम ने कहा कि कालाधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ हम लोग भी हैं, लेकिन लोगों को आ रही समस्याओं का ध्यान रखना चाहिए।
अखिलेश यादव ने कहा कि ये लोग समाजवादियों को कंप्यूटर और अंग्रेजी के खिलाफ मानते थे, लेकिन समाजवादी सरकार ने गांव-गांव में लैपटॉप पहुंचाए और अब हम लोगों को स्मार्टफोन दे रहे हैं।
नोटबंदी: पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने सरकार को घेरा, कहा, “रोज़ बदले जा रहे नियम से जनता त्रस्त”
आनंद रूप द्विवेदी,
पिछले कुछ दिनों से संसद में विपक्ष का निराशाजनक रवैया चलता आ रहा है। इस सब के बीच राज्यसभा में भाषण देते हुए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नोटबंदी के मुद्दे पर कुछ बातें सामने रखीं हैं। भाषण के दौरान प्रधानमंत्री मोदी भी सभा में उपस्थित रहे।
मनमोहन सिंह ने कहा कि नोटबंदी के सरकार के फैसले पर हमें आपत्ति नहीं है, बल्कि इसके लागू किये जाने पर जिन अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है, उस पर सवाल उठाये जा रहे हैं। इस फैसले के अव्यवस्थित तरीके से लागू किये जाने के कारण देश भर में 60 से 65 लोग अपनी जान गँवा चुके हैं। आम आदमी को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
आर्थिक सूझबूझ वाले मनमोहन सिंह ने कहा नोटबंदी के बाद देश में व्यापार जगत पर गहरा असर पड़ा है। कारोबार ठप पड़ गए हैं, जो देश के विकास दर पर असर डाल सकता है और इसमें गिरावट आ सकती है। आगे मनमोहन सिंह ने कृषि क्षेत्र में पड़ने वाले प्रभावों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस नोटबंदी के कारण कृषि क्षेत्र, छोटे उद्योगों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों को काफी नुकसान होगा।
अन्य बातों पर निशाना साधते हुए पूर्व पीएम ने सरकार द्वारा हर रोज नए नियम बनाए जाने को गलत ठहराया, साथ ही पीएमओ वित्त मंत्रालय और आरबीआई पर नाकामी का आरोप लगाया। उनके अनुसार, जनता का करेंसी सिस्टम से भरोसा उठ रहा है। लोग अपना जमा किया हुआ पैसा नहीं निकाल पा रहे हैं। ऐसा किसी और देश में नहीं होता। रिजर्व बैंक की आलोचना हो रही है और गरीब आदमी बेहद मुश्किल भरा जीवन जीने को मजबूर है।
मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी से जनता की समस्याओं का निराकरण करने की दरख्वास्त की।
सीमा पर बढ़ी तक़रार के बावजूद, दोनों देशों के कलाकार चाहते हैं मेल-जोल
शिखा पाण्डेय,
पाकिस्तान द्वारा लगातार किए जा रहे सीज़ फायर के उल्लंघन और भारत के जवानों की आये दिन शहादत के चलते भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में दिन बदिन भले खटास आती जा रही है, लेकिन फिर भी दोनों देशों के कलाकार सभी बंदिशों और विवादों से परे हटकर अपनी कला का सृजन करने को राज़ी हैं।
पाकिस्तानी निर्देशिका सबीहा सुमेर भारतीय अभिनेत्री व स्क्रीन राइटर कल्कि कोचलीन के साथ एक डॉक्यूमेंटरी बनाएंगी जिसमें यह समझने की कोशिश की जाएगी कि भारत और पाकिस्तान में लोग धार्मिक चरमपंथ का सहारा क्यों लेते हैं।
किरण खेर अभिनीत फिल्म ‘खामोश पानी’ से चर्चित हुई निर्देशिका सबीहा सुमेर और कई भारतीय फिल्मों में अपनी खास पहचान बना चुकी कल्कि जल्द ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू करेंगी। ‘आजमाइश..ट्रायल्स ऑफ लाइफ’ नाम की इस डॉक्यूमेंटरी में दो महिलाओं – कल्की और सबीहा – का सफर दिखाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए इस समय क्राउडफंडिंग वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.विशबेरी.इन के जरिये पैसे जुटाए जा रहे हैं।
सबीहा ने कहा, ‘‘कल्कि और मैं भारत और पाकिस्तान में एक असाधारण सफर पर निकलेंगे, जिसमें यह समझने की कोशिश की जाएगी कि दोनों देशों के लोग समस्याओं के जवाबों के लिए धार्मिक चरमपंथ का सहारा क्यों ले रहे हैं।” उन्होंने कहा कि डॉक्यूमेंटरी दोनों देशों में हर इंसान की जिंदगी को प्रभावित करने वाले विषय से जुड़ी हुई है। सबीहा का फिल्म के लिए 60 दिनों के अंदर पैसे जुटाने का लक्ष्य है और ऐसा ना होने पर पैसे लोगों को लौटा दिए जायेंगे।
मैं कलाकार हूँ, बिग बॉस के घर में बंद हो गालियां नहीं बकना मुझे -संध्या मृदुल
शिखा पाण्डेय,
प्रतियोगिता के इस दौर में जहां तमाम फिल्म व टीवी कलाकार काम के पीछे भागते हैं, वहीं कुछ ऐसे कलाकार भी हैं, जिनके पीछे काम भागता है। पर वे उसी रोल का चुनाव करते हैं, जो उनकी छवि को और बेहतर बनाये। ऐसी ही एक कलाकार हैं संध्या मृदुल।
संध्या ने इस विषय में बातचीत करते हुए बताया कि वे अपने लिए काम चुनने में कितनी सिलेक्टिव हैं। संध्या ने यह भी बताया कि उन्हें कई बार विवादित व बहुचर्चित टीवी शो ‘बिग बॉस’ का हिस्सा बनने का ऑफर मिलता है, पर वे उसे स्वीकार नहीं करतीं और न ही कभी भविष्य में स्वीकारेंगी।
राष्ट्रीय राजधानी में अपने लेटेस्ट टीवी शो POW( prisoners of war) के प्रोमोशन के दौरान इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान संध्या ने कहा, “इसकी कोई गुंजाईश ही नहीं कि मैं कभी बिग बॉस में प्रतिभागी बनूँ, और यह बात मैं बार बार दोहराना चाहती हूँ कि ऐसा भविष्य में कभी नहीं होगा।”
संध्या ने इसका कारण भी बताया। उन्होंने कहा,” ऐसा इसलिए नहीं कि मैं इसे कम आंकती हूँ, बल्कि ऐसा इसलिए क्योंकि मैं एक कलाकार हूँ। मैं इस क्षेत्र में इसलिए नहीं आयी हूँ कि किसी एक घर में लॉक कर दी जाऊं और अन्य लोगों को गालियां दूं।” उन्होंने कहा कि बिग बॉस जैसे कार्यक्रमों की मैं परवाह ही नहीं करती। मैं एक अभिनेत्री हूँ, अभिनय करने आई हूँ। संध्या ने बताया कि उन्हें इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने का प्रस्ताव कई बार दिया गया, लेकिन उन्होंने इसे सविनय अस्वीकार कर दिया। संध्या ने कहा,” जब मैं अपने रोल चुनने में भी इतनी चूज़ी हूँ, तो बिग बॉस में जाने का तो सवाल ही नहीं उठता।
आपको बता दें कि ‘बिग बॉस सीजन 10’ में तमाम प्रतियोगियों द्वारा तमाम तरह की रिझानेवाली या दिलचस्पी पैदा करने वाली हरकतों और एक्ट्स के बावजूद बिग बॉस का यह सीजन सबसे मंदा माना जा रहा है। सल्लू भाई की होस्टिंग या सनी लियॉनी सहित तमाम सेलिब्रिटीज का गेस्ट अपीयरेंस भी कोई कमाल नहीं दिखा पा रहा।
चीन ने डेटा रिले, माप एवं नियंत्रण सेवाएं प्राप्त करने के लिए चौथे डेटा उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया
ब्यूरो,
चीन ने सफलतापूर्वक अपना चौथा डेटा उपग्रह प्रक्षेपित किया है जो इसके मानवयुक्त अंतरिक्ष यान के लिए डेटा रिले, माप एवं नियंत्रण सेवाएं उपलब्ध कराएगा। इस उपग्रह प्रक्षेपण के पीछे चीन का उद्देश्य वैश्विक नेटवर्क संचालन हासिल करना था। चीन की आधिकारिक मीडिया एजेंसी शिन्हुआ ने इस विषय में जानकारी दी।
शिन्हुआ ने उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र के अधिकारियों के हवाले से बताया कि तियानलियान आई – 04 नाम के उपग्रह को बीती रात 11 बजकर 24 मिनट पर दक्षिण-पश्चिमी सिचुआन प्रांत स्थित शिचांग उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से प्रक्षेपित किया गया। ‘चाइना एरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी कॉर्पोरेशन’ के तहत ‘चाइना एकाडमी आॅफ स्पेस टेक्नोलॉजी’ द्वारा विकसित यह उपग्रह वैश्विक नेटवर्क संचालन हासिल करने के लिए अपने तीन पूर्ववर्तियों के साथ जुड़ेगा ।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक नेटवर्क द्वारा चीन के मानवयुक्त अंतरिक्ष यान के लिए डेटा रिले माप और नियंत्रण सेवाएं उपलब्ध कराए जाने की उम्मीद है । गौरतलब है कि चीन ने पहला डेटा रिले उपग्रह ‘तियानलियान आई 01’ अप्रैल 2008 में प्रक्षेपित किया था । दूसरा उपग्रह जुलाई 2011 में प्रक्षेपित किया गया था और तीसरा उपग्रह जुलाई 2012 में प्रक्षेपित किया गया था। सूत्रों के मुताबिक अगले साल 10 या अधिक उपग्रह और प्रक्षेपित किए जाएंगे ।
अजब IAS टॉपर्स की गज़ब प्रेम कहानी! टीना डाबी और अतहर जल्द करेंगे शादी
इसे महज संयोग कहें या भाग्य का खेल कि एक लड़की देश की सबसे बड़ी परीक्षा में टॉप स्थान पर आती है और एक लड़का जो उसी परीक्षा में दूसरे स्थान पर आता है, उन दोनों को एक दूसरे से प्यार हो जाता है। जी हां! ये कोई किस्सा नहीं, बल्कि हकीकत है। यूपीएससी एग्जाम(2015) में टॉप करने वाली टीना डाबी और इसी एग्जाम में सेकेंड पोजिशन पर रहे अतहर आमिर उल शफी खान जल्द ही शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं, हालांकि शादी की तारीख अभी तय नहीं की गर्इ है। फ़िलहाल टीना और अतहर इस वक्त मसूरी के लाल बहादुर शास्त्री नेशनल अकेडमी फॉर एडमिनिस्ट्रेशन में एकसाथ ट्रेनिंग पूरी कर रहे हैं।
टीना डाबी ने एक अंग्रेजी अखबार को बताया कि उनकी अतहर से पहली मुलाकात नॉर्थ ब्लॉक स्थित डिपार्टमेंट ऑफ पर्सोनल ऐंड ट्रेनिंग (डीओपीटी) के ऑफिस में हुर्इ थी। वह बताती हैं कि इस फैसले में हम दोनों के माता-पिता भी साथ हैं। टीना और अतहर ने इस फैसले को कभी छिपाया भी नहीं। दोनों ही सोशल मीडिया पर साथ-साथ घूमने और छुट्टियां बिताने की तस्वीरें पोस्ट करते रहते हैं।
सूत्रों की मानें तो टीना डाबी का परिवार भी दोनों के रिश्ते से खुश हैं और दोनों परिवार एक दूसरे से मिल भी चुके हैं । सूत्रों से तो यहाँ तक पता चला है कि अतहर और टीना दोनों एक दूसरे को डीओपीटी के वक्त से ही पसंद करने लगे थे। यह पहली नज़र का प्यार था, जब दोनों डीओपीटी के एक सम्मान समारोह में पहली बार मिले, और शाम तक अतहर टीना से प्यार का इज़हार भी करने पहुँच गए। टीना भी कमाल का सेंस ऑफ ह्यूमर रखने वाले स्मार्ट, इंटेलीजेंट अतहर को न कैसे कह सकती थीं!
सोशल मीडिया पर एक्टिव टीना ने अपने प्यार का इज़हार सोशल मीडिया पर किया तो कई सकारात्मक और नकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिलीं। दोनों के धर्म अलग अलग होने की वजह से कई लोगों ने इसे लव जिहाद तक की संज्ञा दे दी, लेकिन टीना की मां के मुताबिक, “दोनों काबिल और मेहनती हैं, दोनों एक दूसरे को चाहते हैं। इसलिए हम भी चाहते हैं कि दोनों साथ रहें।” टीना डाबी की बहन रिया डाबी ने भी कहा,” मैं बहुत खुश हूं। बहन की शादी को लेकर एक्साइटेड हूं।” जब से टीना और अतहर की शादी की खबर आई है तब से सोशल साइट्स में बधाई संदेशों का तांता लगा है ।
नेताजी ने किसानों के लिए बहुत कुछ किया है -शिवपाल सिंह यादव
सौम्या केसरवानी,
उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी ने सूबे के गाजीपुर से अपने प्रचार अभियान की शुरुआत कर दी है। अभियान की शुरुआत सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने की। इस दौरान सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने कार्यक्रम संबोधन किया।
चुनाव प्रचार के दौरान अपने संबोधन में शिवपाल यादव ने कहा कि नेताजी ने किसानों के लिए बहुत कुछ किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नोटबंदी के फैसले को लेकर सपा प्रदेश अध्यक्ष ने पीएम पर हमला किया। यादव ने कहा कि केंद्र सरकार सिर्फ नारों की सरकार है। जिसमें उन्होंने कहा कि मोदी साहब ने कितने अच्छे नारे दिए थे, लेकिन आज देश का गरीब हैरान है।
सपा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने आगे कहा कि देश का किसान, गरीब और गृहणियां नोटबंदी को लेकर परेशान हैं। उन्होंने आगे कहा कि किसानों को बीज, खाद के लिए समस्या हो रही है। किसानों को फसल की कीमत नहीं मिलेगी तो वो क्या करेंगे।
…तो बांग्लादेश में नहीं बचेंगे एक भी हिन्दू!
अनुज हनुमत,
कुछ ऐसे चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं, जिसने पूरे विश्व की नींद उड़ा रखी है। एक जाने माने अर्थशास्त्री की मानें तो अगर ‘पलायन’ की मौजूदा दर जारी रहती है, तो बांग्लादेश में अब से 30 साल बाद कोई हिंदू नहीं बचेगा। जानकारी के मुताबिक, हर दिन देश से अल्पसंख्यक समुदाय के औसतन 632 लोग मुस्लिम बहुल देश को छोड़कर जा रहे हैं।
‘ढाका ट्रिब्यून’ के अनुसार, ढाका विश्वविद्यालय (डीयू) के प्रोफेसर डॉ. अब्दुल बरकत ने कहा, ‘पिछले 49 वर्षों से पलायन की दर उस दिशा की ओर इशारा करती है।’ आपको बता दें कि बरकत ने अपनी पुस्तक ‘पॉलिटिकल इकॉनमी ऑफ रिफॉर्मिंग एग्रीकल्चर-लैंड वाटर बॉडीज इन बांग्लादेश’ में कहा कि अब से तीन दशक बाद देश में कोई हिंदू नहीं बचेगा। अखबार ने बताया कि यह पुस्तक 19 नवंबर को प्रकाशित की गई।
इस पुस्तक में उन्होंने लिखा है कि वर्ष 1964 से 2013 के बीच तकरीबन 1.13 करोड़ हिंदुओं ने धार्मिक उत्पीड़न और भेदभाव की वजह से बांग्लादेश छोड़ा। इसका मतलब स्पष्ट है कि हर दिन औसतन 632 हिंदुओं ने और सालाना दो लाख 30 हजार 612 हिंदुओं ने देश छोड़ा।
आपको बता दें कि अपने 30 साल के लंबे शोध के बाद बरकत ने पाया कि पलायन मुख्य रूप से 1971 में स्वतंत्रता के बाद सैन्य सरकारों के कार्यकाल के दौरान हुआ। हालाँकि पुस्तक में भी बताया गया है कि मुक्ति संग्राम से पहले, पलायन की रोजाना की दर 705 थी, जबकि 1971-1981 के दौरान यह 512 थी और 1981-91 के दौरान 438 थी।
1991-2001 के दौरान यह संख्या बढ़कर 767 व्यक्ति प्रतिदिन हो गई जबकि 2001-2012 के दौरान तकरीबन 774 लोगों ने देश छोड़ा। डीयू के प्रोफेसर अजय रॉय ने कहा कि सरकार ने पाकिस्तान के शासनकाल के दौरान हिंदुओं की संपत्ति को शत्रु संपत्ति बताकर उस पर कब्जा कर लिया और वही संपत्ति सरकार ने निहित संपत्ति के तौर पर स्वतंत्रता के बाद ले लिया।
अगर इस पुस्तक की मानें तो इन दो कदमों की वजह से 60 फीसदी हिंदू भूमिहीन बन गए। सेवानिवृत्त न्यायाधीश काजी इबादुल हक ने कहा कि अल्पसंख्यक और गरीब को उनके भूमि अधिकारों से वंचित किया गया।
डीयू के प्रोफेसर फरीदुद्दीन अहमद ने कहा कि सरकार को सुनिश्चित करना है कि स्वदेशी लोग प्रभावित नहीं हों या उन्हें नुकसान नहीं पहुंचे। कुल मिलाकर अभी इस किताब को लेकर कई बवाल भी देखने को मिल सकते हैं, लेकिन किताब ने एक नई बहस छेड़ दी है।
तो ये है प्रियंका की स्ट्रेंथ! जानकार चौंक जाएंगे आप
प्रियंका ने बताया कि वे शुरू से ही अपने लुक्स को लेकर बहुत चिंतित और सतर्क रहा करती थीं। उन्होंने बताया कि उन्हें इस बात की बेहद खुशी है कि उनके ऑयब्रोज़ बोल्ड और खूबसूरत हैं और इतने सुंदर और समान हैं, जैसे के जुड़वा बहनें हों।
इनस्टाइल ऑनलाइन से अपने नाक नक्श के बारे में बातचीत के दौरान प्रियंका ने कहा,” मैं अपने नाक नक्श को लेकर बहुत ज़्यादा सतर्क रहती थी। मेरी भौंहें कुछ ज्यादा ही मोटी और बोल्ड थीं, लेकिन मैंने उन्हीं को अपनी खूबसूरती की स्ट्रेंथ बना लिया। प्रियंका ने कहा, ” लोग ऐसा मानते हैं कि आपकी भौंहें चचेरी बहनों की तरह होती चाहिये, न की जुड़वा बहनों की तरह, पर मेरी भौंहें बिलकुल जुड़वा बहनें हैं, और वही मेरी खूबसूरती की ताकत हैं।” प्रियंका का मानना है कि हर किसी को अपने लुक्स की कमियों पर शर्मिंदा होना चाहिए और उसे बेहतर से बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए।

















