भारतीय राजनीति के जाने पहचाने स्तम्भ समाजवादी व्यक्तित्व के धनी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और मध्य प्रदेश के पूर्व राज्यपाल रामनरेश यादव का मंगलवार को लखनऊ के पीजीआई अस्पताल में निधन हो गया । वे लगातार अस्वस्थ रहने के कारण कई दिनों से अस्पताल में भर्ती थे । 89 साल के यादव को सांस लेने में तकलीफ थी। रामनरेश यादव का कुछ दिन पहले ऑपरेशन भी किया गया था, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हो रहा था।
आपको बता दें कि रामनरेश यादव 1977 में जनता दल की सरकार में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे और लगभग दो साल तक यूपी के सीएम पद पर रहे थे। 2011 से सितंबर 2016 तक वे मध्य प्रदेश के राज्यपाल रहे । पिछले साल मध्य प्रदेश के चर्चित व्यापम घोटाले में उनका नाम आया था और एसटीएफ ने रामनरेश यादव के खिलाफ इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी।
रामनरेश यादव का जन्म उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में हुआ था और उनके पिता टीचर थे। यादव ने आजमगढ़ कोर्ट में वकील के तौर प्रैक्टिस भी की थी। तमाम राष्ट्रीय दलों ने उनके निधन पर दुःख व्यक्त किया है ।
पिछले महीने से ही मोसुल शहर पर निर्णायक हमला कर रही अमेरिका समर्थित इराकी सेना की मशक़्क़त के बावजूद आतंकवादी संगठन आईएसआईएस प्रमुख अबु बक्र अल-बगदादी का ख़ात्मा नहीं हो पाया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अपनी जान बचाने के लिए बगदादी एक सुरंग में रह रहा है और वो अपने साथ हमेशा एक आत्मघाती जैकेट रखता है। बगदादी इराक के मोसुल में छिपा हुआ है। मोसुल को आईएसआईएस का गढ़ माना जाता है।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स और मेलऑनलाइन की रिपोर्टों के अनुसार बगदादी इस समय इतना डरा हुआ है कि उसने अपने करीब एक दर्जन करीबियों को दुश्मनों के लिए जासूस करने के आरोप में जान से मार दिया है। रिपोर्ट के अनुसार पिछले महीने उसने अपने एक करीबी कमांडर समेत 50 लोगों को डुबो कर मार दिया क्योंकि उनके मोबाइल सिम कार्ड से पता चला था कि वो संयुक्त सैन्य बल से संपर्क में थे। इस संयुक्त सैन्य बल में इराकी, कुर्दिश और अमेरिकी सैनिक शामिल हैं।
रॉयटर्स द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार बगदादी अब कहीं आता-जाता नहीं है और अपने हुलिए पर भी ध्यान नहीं देता। संदेश के अनुसार बगदादी एक सुरंग में सोता है, जो कई जगहों पर निकलती है। वो अपना आत्मघाती जैकेट हमेशा अपने साथ रखता ताकि अगर वो पकड़ा जाए तो खुद को विस्फोट से उड़ा सके।
मोसुल में रहने वालों ने खुफिया एजेंसियों को बताया कि आईएसआईएस के आतंकियों ने जगह-जगह पर नाके बना रखे हैं जहां लोगों की तलाशी ली जाती है। जिस किसी के पास कोई सिम कार्ड या अन्य इलेक्ट्रानिक यंत्र पाया जाता है,आईएसआईएस के आंतकी तुरंत उसे मौत के घाट उतार देते हैं। इराकी अधिकारियों के अनुसार आईएसआईएस ने 42 स्थानीय कबायलियों को भी मार डाला क्योंकि उनके पास से सिम कार्ड बरामद हुए थे। हालांकि आईएसआईएस के कई गिरफ्तार आतंकी इराकी खुफिया एजेंसियों को गुप्त सूचनाएं देते रहते हैं। वहीं आईएसआईएस के कब्जे वाले इलाके में फंसे कई आम नागरिक भी संयुक्त सैन्य बलों की मदद कर रहे हैं।
गौरतलब है कि साल 2014 में बगदादी ने इराक और सीरिया के बड़े इलाके पर कब्जा करने के बाद खुद को मुसलमानों का खलीफा घोषित किया था। एक समय आईएसआईएस का इराक के एक तिहाई हिस्से पर कब्जा हो गया था, लेकिन इराकी सेना ने धीरे-धीरे बड़ा इलाका वापस पा लिया। अमेरिका समर्थित संयुक्त सैन्य बल ने आईएसआईएस के कब्जे वाले आखिरी बड़े शहर मोसुल को आजाद कराने के लिए 17 अक्टूबर को निर्णायक हमला शुरू किया था जो अभी जारी है।
कल पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती समारोह के उपलक्ष्य में अपने परिवार सहित इलाहाबाद आईं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बीच कोई तुलना नहीं है। उन्होंने इस बात को भी खारिज कर दिया कि मोदी का मुकाबला करने वाला कांग्रेस के पास कोई नेता नहीं है।
सोनिया ने यह भी स्पष्ट किया कि वह मोदी और इंदिरा के बीच तुलना से परेशान नहीं है। उनकी पार्टी मोदी सरकार का मुकाबला कर रही है। उन्होंने एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि राजनीति अथवा इतिहास के हर दौर में अपनी समस्याएं होती हैं। नेता होते हैं और विपक्ष होता है। मेरा मानना है कि कांग्रेस पार्टी मौजूदा शासन का मुकाबला कर रही है।
मोदी की तुलना इंदिरा से किए जाने के सवाल पर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इससे मुझे परेशानी नहीं होती, क्योंकि मैं इसमें यकीन नहीं करती। मेरा अपना स्पष्ट विचार है। कोई तुलना नहीं है। बिल्कुल नहीं। यह पूछे जाने पर कि उनकी पार्टी के पास मोदी की तरह सख्त और प्रतिस्पर्धी नेता नहीं है, तो सोनिया गांधी ने कहा मैं इससे सहमत नहीं हूं।
पूरे विश्व में इकलौता ऐसा देश जापान है, जहाँ आए दिन भूकम्प के झटके महसूस होते रहते हैं और कई दफे तो बहुत जन धन हानि भी हो जाती है। कल जापान एक बार फिर भूकंप के झटकों से हिल गया।
आपको बता दें कि इस बार जापान के फुकुशिमा में जबरदस्त भूकंप आया है। मौसम वैज्ञानिकों द्वारा भूकंप की तीव्रता 7.3 बताई जा रही है। भूकंप के बाद सुनामी की 1 मीटर ऊंची लहरें भी जापान के तट से टकराईं। भूकंप का केन्द्र फुकुशिमा के तट के पास समुद्र में करीब 10 किलोमीटर नीचे बताया गया है।भूकंप के झटकों के बाद सुनामी की आशंका के चलते फुकुशीमा शहर को खाली करने की चेतावनी जारी कर दी गई थी।
दरअसल , इसके अलावा न्यूजीलैंड के उत्तरी द्वीप में भी 6.3 तीव्रता का भूकंप आने की खबरे हैं। जानकारी के मुताबिक, भूकंप स्थानीय समयानुसार मंगलवार सुबह 6:38 पर आया। अभी किसी तरह के नुकसान या लोगों के घायल होने की खबर नहीं है। टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी फुकुशीमा स्थित अपने न्यूक्लियर प्लांट्स की जांच कर रही है। टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर ने बताया कि फुकुशीमा न्युक्लियर प्लांट के पास जापान के तट से एक मीटर ऊंची सूनामी की लहरें टकराईं।
गौरतलब हो , कि मार्च 2011 के भूकंप और सुनामी में फुकुशीमा स्थित तेपको दाइचि न्यूक्लियर प्लांट तबाह हो गया था। इस महीने में ये तीसरे भूकंप के झटके हैं, इससे पहले न्यूजीलैंड और उसके बाद दिल्ली में भी भूकंप आ चुका है। हरियाणा में केंद्र वाले इस भूकंप से जान माल का नुकसान तो नहीं हुआ, लेकिन लोगों में डर का महौल जरूर बन गया था। जापान की भूकंप की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल जापान ऐसे झटकों के लिए लगभग तैयार रहता है, लेकिन ऐसी प्राकृतिक आपदाएं एक बार में हजारों लाखों जाने समेट ले जाती है।
केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले के बाद से देश भर के तमाम बैंकों में जमा व बदले गए नोटों के बाबत रिजर्व बैंक ने एक आंकड़ा जारी किया है, जिसमें जमा राशि और एक्सचेंज किए गए नोटों का ब्यौरा है।
रिजर्व बैंक के मुताबिक नोटबंदी के बाद से लोगों ने बैंकों में 5.12 लाख करोड़ रुपये जमा कराये, जबकि 10 नवंबर से 33,000 करोड़ रुपये के नोट बदले गये हैं।
रिजर्व बैंक ने कहा कि 10 नवंबर के बाद से बैंकों और एटीएम के जरिये 1.03 लाख करोड़ रुपये की नकदी वितरित की गई है। साथ ही रिजर्व बैंक ने पुराने बड़े नोटों को चलन से हटाने के मद्देनजर बैंकों के पुराने फंसे कर्ज वर्गीकरण के नियमों में फेरबदल किया है।
गौर हो कि 8 नवंबर की आधी रात से भारत में 500 और 1000 के नोटों को अमान्य घोषित कर दिया है। इन नोटों को बैंक और डाकघरों में 30 दिसंबर 2016 तक बदला यानी एक्सचेंज किया जा सकता है। साथ ही सरकार ने भारतीय मुद्रा बाजार में पहली बार 2000 रुपये के नोट लाये हैं। 500 रुपए का नया नोट भी बाजार में आ चुका है।
अभिनेत्री एवं फिल्मकार रेणुका शहाणे का ऐसा मानना है कि भारत में कलाकारों से पहले तो उनकी राय पूछी जाती है, फिर राय रखने पर उसका अलग ही अर्थ बताकर अक्सर उन्हें परेशान किया जाता है। रेणुका ने कहा कि भारतीय कलाकार भी अपना कर भरते हैं। उनके पास भी हॉलीवुड सेलिब्रिटिज की तरह ही बोलने का हक है।
अभिनेत्री रेणुका ने कहा, ‘‘हम करदाता हैं। हमारे पास सभी तरह के निर्णयों में हिस्सा लेने का अधिकार है। यह लोकतंत्र है और यह हमारा अधिकार भी है। दुनिया भर के कलाकार चीजों के बारे में गंभीर रुख अख्तियार करते हैं, चाहे वह जलवायु परिवर्तन हो या राजनीतिक नस्लवाद।” उन्होंने प्रश्न उठाया, ‘‘अगर हॉलीवुड या थाइलैंड या दक्षिण कोरियाई ऐसा कर सकते हैं तो हम क्यों नहीं कर सकते? यहां के अभिनेताओं को चीजों के बारे में कहने के लिए महत्वपूर्ण क्यों नहीं समझा जाता है?”
रेणुका ने कहा, ‘‘आम तौर पर लोग सोचते हैं कि अभिनेता काफी पैसा कमा रहे हैं और देश के लिए बहुत थोड़ा कर रहे हैं। यह सोच दुर्भाग्यपूर्ण है। आम लोगों में एक तरह की ईर्ष्या है। इसलिए जब उन्हें किसी अभिनेता के कुछ कहने पर उसे परेशान करने का मौका मिलता है तो वे ऐसा करते हैं।”
अभिनेत्री ने एनएफडीसी फिल्म बाजार के 10वें संस्करण में अपनी कहानी ‘त्रिभंगा’ प्रस्तुत करने के दौरान इस विषय पर बात की। उन्होंने कहा कि और महिला कहानीकारों की जरुरत है क्योंकि भारतीय फिल्में, ‘अक्सर पितृसत्ता शहरी महिलाओं को कैसे प्रभावित करती है’, इस हिस्से को छू नहीं पाती हैं।
समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने उन्नाव के बांगरमऊ में राज्य सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया। सोमवार को देश के सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे लोकार्पण कार्यक्रम के अवसर पर उन्होंने तय सीमा से कम समय में काम पूरा होने पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को बधाई दी। उद्घाटन में फाइटर जेट विमान भी शामिल हुए। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हाई-वे के निर्माण की लागत 15000 करोड़ बताई जा रही है।
इस अवसर पर मुलायम ने कहा, “उत्तर प्रदेश के अधिकारियों में बहुत क्षमता है। इन लोगों ने मेरे द्वारा दी गई समय सीमा में एक्सप्रेस वे बनाया। चार वर्ष में बनने के बजाए एक्सप्रेस वे दो वर्ष में बना है।” उन्होंने कहा कि मैंने पहले ही कहा था कि मैं किसी भी काम का शिलान्यास नहीं उद्घाटन करता हूं। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर मैं अखिलेश जी को बधाई देता हूं। मुलायम सिंह यादव ने कहा कि अब कोई भी रास्ता तय करने में समय कम लगेगा।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा,” इस एक्सप्रेस वे के कारण प्रदेश में रफ्तार के साथ अर्थव्यवस्था बढ़ेगी। अखिलेश ने कहा कि यह सड़क दिल्ली-लखनऊ जोड़ने का काम करेगी। इसकी मदद से मंडियो से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। प्रदेश को एक कोने से दूसरे कोने तक यह सड़क जोड़ेगी। इतनी लंबी सड़क किसी अन्य प्रदेश के पास नहीं। इसको बनाने का काम घोषणा पत्र में था। ” उन्होंने कहा समाजवादियों का काम देश के लिए उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब निर्माण का काम रुकेगा नहीं। उन्होंने कहा कि अब हम लखनऊ-बलिया एक्सप्रेस वे को भी बनाएंगे। उन्होंने कहा कि हमको अगर किसानों का सहयोग मिला तो और सड़क बनेंगी। उन्होंने कहा कि सड़कें बनने से विकास तेज होता है, लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे से जनता को सुविधा होगी। उन्होंने उद्घाटन के लिए नेताजी को धन्यवाद दिया।
सीएम अखिलेश यादव ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी के लोगों के पास काम तो है नहीं, इसलिए इन लोगों से सावधान रहने की जरुरत है। अखिलेश ने कहा कि विपक्षियों ने उत्तर प्रदेश में कोई काम नहीं किया। विपक्षी चुनाव के समय नए-नए मुद्दे लाएंगे। विकास के मामले में किसी से हमारा कोई मुकाबला नहीं। हमने विकास के संतुलन बनाए रखा। मेट्रो के पहले चरण का काम पूरा हो गया है। एक दिसंबर को लखनऊ-मेट्रो का उद्घाटन करेंगे।
क्या है एक्सप्रेस वे की खासियत-
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के माध्यम से लखनऊ से आगरा की दूरी लगभग साढ़े तीन घंटे में और आगे दिल्ली तक की दूरी मात्र पांच से छह घंटे में तय की जा सकेगी। एक्सप्रेस-वे से यात्रा करने से समय में बचत के साथ-साथ वाहनों के इंधन की खपत में भी कमी आएगी।
एक्सप्रेस-वे परियोजना की खास बात ये है कि 10 जिलों के 232 गांवों में लगभग 3500 हेक्टेयर भूमि 30 हजार 456 किसानों से आपसी सहमति से बिना किसी विवाद के क्रय की गई है। इस जमीन के लिए किए गए भुगतान को छोड़कर परियोजना की लागत 11526.73 करोड़ रुपए है।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि ने एक्सप्रेस-वे के मुख्य कैरिजवे का निर्माण 23 माह के रिकॉर्ड समय में किया गया है। इसका काम जनवरी 2015 में शुरू हुआ था। एक्सप्रेस-वे आगरा से शुरू होकर फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, कन्नौज, हरदोई, कानपुर नगर और उन्नाव होते हुए लखनऊ तक पहुंचेगा।
प्रवक्ता ने बताया कि भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों के आपातकाल में ऑपरेशन के लिए एक्सप्रेस-वे पर देश के पहले एयर स्ट्रिप का भी निर्माण किया गया है। एक्सप्रेस-वे के किनारे जनपद मैनपुरी और कन्नौज में अति विशिष्ट मंडियों की स्थापना की जा रही है। सोमवार को उद्घाटन समारोह में वायुसेना के 4 सुखोई और 4 मिराज विमान शामिल हुए और टच ग्राउंड का करतब भी दिखाया।
स्मार्ट सिटी, लॉजिस्टिक पार्क और फिल्म सिटी की भी स्थापना एक्सप्रेस-वे किनारे प्रस्तावित है। एक्सप्रेस-वे के बन जाने से तमाम उद्योगों जैसे-कृषि, हैंडीक्राफ्ट, पर्यटन और दुग्ध उद्योग का विकास होगा, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा। एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर ग्रीन बेल्ट को विकसित करने के लिए लगभग 3 लाख पौधे रोपित किए जा रहे हैं।
चाइना ओपन का ख़िताब आपने नाम कर देश का नाम रोशन करने वाली बैडमिंटन स्टार पी वी सिंधू का लक्ष्य, मंगलवार से शुरू हो रहे हांगकांग ओपन में जीत दर्ज करने का है, जिससे उन्हें अगले महीने होने वाले दुबई विश्व सुपर सीरीज फाइनल्स के लिए क्वालीफाई करने का मौका मिल सकता है।
सिंधू ने रविवार (20 नवंबर) को चाइना ओपन का खिताब जीता। आपको बता दें कि सुपर सीरीज प्रीमियर प्रतियोगिता के विजेता को 11000 रैंकिंग अंक मिले हैं। इसे ध्यान में रखते हुए अगर यहां वह अच्छा प्रदर्शन करती है तो उनके दुबई के लिए क्वालीफाई करने की संभावना है जहां शीर्ष आठ खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। सिंधू अपने अभियान की शुरुआत इंडोनेशिया की लिंदावेनी फानेत्री के खिलाफ करेंगी।
सिंधू (27490 अंक) अगर अच्छा प्रदर्शन करती हैं, तो वह साइना नेहवाल (35420) को बाहर करके इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई कर सकती हैं। साइना अभी आठवें स्थान पर हैं। घुटने की चोट के बाद वापसी करने वाली साइना को पहले दौर में थाईलैंड की पार्नटिप बुरानाप्रासेरत्सुक से भिड़ना है, जिसने उन्हें पिछले हफ्ते चीन ओपन के पहले दौर में हराया था।
यदि पुरुष एकल की बात करें तो उसमें स्विस ओपन चैम्पियन एचएस प्रणय को पहले दौर में चीन के कियाओ बिन से भिड़ना है, जबकि अजय जयराम अपने अभियान की शुरुआत चीन के चेन लोंग के खिलाफ करेंगे, जिन्होंने पिछले हफ्ते चीन में उन्हें हराया था। पुरुष युगल में मनु अत्री और बी सुमित रेड्डी की जोड़ी को सोलग्यू चोई और को सुंग ह्युन की जोड़ी से भिड़ना है।
केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले के बाद से देश भर के तमाम बैंकों में जमा व बदले गए नोटों के बाबत रिजर्व बैंक ने एक आंकड़ा जारी किया है, जिसमें जमा राशि और एक्सचेंज किए गए नोटों का ब्यौरा है।
रिजर्व बैंक के मुताबिक नोटबंदी के बाद से लोगों ने बैंकों में 5.12 लाख करोड़ रुपये जमा कराये, जबकि 10 नवंबर से 33,000 करोड़ रुपये के नोट बदले गये हैं।
रिजर्व बैंक ने कहा कि 10 नवंबर के बाद से बैंकों और एटीएम के जरिये 1.03 लाख करोड़ रुपये की नकदी वितरित की गई है। साथ ही रिजर्व बैंक ने पुराने बड़े नोटों को चलन से हटाने के मद्देनजर बैंकों के पुराने फंसे कर्ज वर्गीकरण के नियमों में फेरबदल किया है।
गौर हो कि 8 नवंबर की आधी रात से भारत में 500 और 1000 के नोटों को अमान्य घोषित कर दिया है। इन नोटों को बैंक और डाकघरों में 30 दिसंबर 2016 तक बदला यानी एक्सचेंज किया जा सकता है। साथ ही सरकार ने भारतीय मुद्रा बाजार में पहली बार 2000 रुपये के नोट लाये हैं। 500 रुपए का नया नोट भी बाजार में आ चुका है।
देश में चल रही तमाम छोटी बड़ी उठापटक के बीच कर्नाटक के बहुचर्चित खनन कारोबारी जनार्दन रेड्डी अपनी बेटी की भव्य शादी को लेकर सुर्खियों में तो आ गए, लेकिन अब यही सुर्खियां उनके जी का जंजाल भी बन गई हैं। अपनी बेटी की शादी पर 500 करोड़ रुपये खर्च करने वाले भारतीय जनता पार्टी के पूर्व नेता जनार्दन रेड्डी के दफ्तर व अन्य ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापेमारी की है।
आयकर विभाग ने जनार्दन रेड्डी की बेटी की शादी के काम में लगे सेवा प्रदाताओं के खिलाफ भी बेंगलुरु और हैदराबाद में जांच शुरू की है। आयकर विभाग ने सोमवार को जनार्दन रेड्डी के बेल्लारी के ठिकानों की भी तलाशी ली। आयकर अधिकारियों ने कागजात की तलाशी ली। इसी महीने 16 नवंबर को नोटबंदी के बीच जनार्दन रेड्डी की बेटी की भव्य शादी हुई थी, जिससे वे सुर्ख़ियों में आ गए।
इसके बाद, विपक्ष भाजपा पर हमलावर हो गया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती दी थी कि वह रेड्डी बंधु पर कार्रवाई करें। विवाह संपन्न होने के एक दिन पहले एक आरटीआइ कार्यकर्ता ने आयकर विभाग के महानिदेशक (जांच) के कार्यालय में इसकी शिकायत की थी और इस खर्चीले विवाह समारोह के संबंध में सवाल उठाये थे। आरटीआइ कार्यकर्ता टी नरसिम्हा रेड्डी ने शिकायत की कि जहां देश में एक ओर लोग लंबी कतारों में लगे हैं, वहां जनार्दन रेड्डी इतनी आलिशान शादी कैसे कर रहे हैं, इसकी जांच होनी चाहिए।