तीन चरण में सरकार ने धीरे-धीरे सब सामान्य करने की योजना तैयार की है। ताकि संक्रमण की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। आइए जानते हैं चरणबद्ध तरीक़े से सरकार स्थिति को कैसे बहाल करेगी।
फ़ेज़ 1-
8 जून के बाद क्या-क्या खुलेगा?
धार्मिक स्थल, पूजा-पाठ की जगहें। होटल, रेस्टोरेंट और हॉस्पिटैलिटी से जुड़ी सर्विसेस, शॉपिंग मॉल्स।
स्वास्थ्य मंत्रालय इसके लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी करेगा, ताकि इन जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग बरकरार रहे ताकि यहां कोरोना न फैल सके।
फेज़ 2-
स्कूल, कॉलेज, एजुकेशन, ट्रेनिंग और कोचिंग इंस्टिट्यूट राज्य सरकारों से सलाह लेने के बाद ही खुल सकेंगे।
राज्य सरकारें बच्चों के माता-पिता और संस्थानों से जुड़े लोगों के साथ बातचीत कर इस पर फैसला कर सकती हैं। फीडबैक मिलने के बाद इन संस्थानों को खोलने पर जुलाई में फैसला लिया जा सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय इसके लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी करेगा।
गृह मंत्रालय ने एक गाइडलाइन जारी कर ये साफ़ कर दिया कि लाकडाउन आगामी 30 जून तक जारी रहेगा। साथ ही राहत देते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन इलाक़ों में संक्रमण का मामला है, उन्हीं पर पाबंदियाँ होंगी। बाक़ी इलाक़ों में अब धीरे-धीरे पाबंदियाँ समाप्त की जाएँगी।
सरकार ने अपनी गाइडलाइन में स्पष्ट किया है कि इसे लाकडाउन नहीं, अनलाक कहा जाना चाहिए। कंटेनमेंट जोन के बाहर पूरी तरह से छूट रहेगी। ये गाइडलाइन्स 1 जून से 30 जून तक के लिए जारी रहेंगी।
रात के कर्फ़्यू में बदलाव-
रात के कर्फ़्यू का समय बदल दिया गया है। रात का कर्फ्यू जारी रहेगी। जो जरूरी चीजें हैं, उनके लिए कोई कर्फ्यू नहीं होगा। रात को 9 बजे से सुबह 5 बजे तक अब नाइट कर्फ्यू रहेगा। अभी तक ये शाम 7 से सुबह 7 बजे तक था। स्कूल-कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान खोले जाने पर फैसला सरकार बाद में लेगी।
8 जून से खुलेंगे धार्मिक स्थल-
8 जून से धार्मिक स्थलों को खोले जाने का भी प्रावधान है। मॉल खोलने को लेकर राज्य सरकारों ने केंद्र से अनुमति की बात की थी, केंद्र ने चरणबद्ध तरीक़े से इसे खोलने की बात कही है। 8 जून से रेस्टोरेंट और होटल खुलेंगे।
स्कूल-कॉलेज दूसरे फेज में जुलाई से खोले जा सकते हैं। सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहननना जरूरी होगा। धार्मिक स्थल और सैलून खोले जाने की बात कही गई है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तों का पालन भी करना होगा।
एक से दूसरे राज्य में जाने का प्रतिबंध पूरी तरह से हटा लिया गया है। राज्य में भी एक जिले से दूसरे जिले में जा सकेंगे, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। कहीं आने जाने से पहले किसी की कोई इजाजत लेने की जरूरत नहीं होगी।
मेट्रो शुरू करने को लेकर राज्यों से केंद्र ने ऐक्शन प्लान माँगा था, लेकिन किसी भी राज्य की योजना से केंद्र सहमत नहीं था। केंद्र ने राज्यों को स्पष्ट किया था कि यह आश्वस्त करना आवश्यक है कि मेट्रो शुरू करने के बाद मामलों में तेज़ी से इज़ाफ़ा न हो।
दिल्ली से मॉस्को जा रहे एक विमान को रास्ते से वापस बुला लिया गया। दरअसल, विमान के उड़ने के कुछ समय बाद ग्राउण्ड स्टाफ़ को पता चला कि विमान का एक पायलट कोरोना से संक्रमित है। एहतियातन हवाई जहाज़ को तत्काल वापस आने का आदेश जारी कर दिया गया।
कोरोनावायरस के कहर से देश में हाहाकार मचा हुआ है, भारत में कोरोना के अब तक 173,763 मरीज हो चुके हैं। दरअसल, दिल्ली से मॉस्को जाने वाली फ्लाइट आधे रास्ते से वापस आ गई जब ग्राउंड स्टाफ को पता चला कि विमान में सवार पायलटों में से एक कोरोना संक्रमित है।
एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि, ‘वंदे भारत मिशन के तहत एयर इंडिया का ए-320 विमान फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए मॉस्को जा रहा था। विमान उज्बेकिस्तान के हवाई क्षेत्र में पहुंचा था कि अधिकारियों को पता चला विमान में सवार एक पायलट कोरोनावायरस संक्रमित है।
अधिकारियों ने कहा कि, विमान में कोई यात्री सवार नहीं था, जानकारी होते ही विमान को तुरंत वापस आने के लिए कहा गया, विमान में सवार चालक दल के सदस्यों को क्वारंटाइन किया गया है।
इससे पहले, घरेलू उड़ान सेवा में भी दो फ्लाइटों में कोरोना संक्रमित पाए जाने का मामला सामने आया था। केंद्र ने 25 मई से देश में घरेलू हवाई सेवाओं की अनुमति दी थी। अनुमति के बाद दो फ्लाइटों में कोरोना के मरीज़ मिले हैं दिल्ली-लुधियाना की फ्लाइट में मौजूद एलाइंस एयर का एक कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाया गया था।
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ पूरा होने पर बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आज डिजिटल प्रेस कांफ्रेंस किया। प्रेस कांफ्रेंस मे उन्होंने सरकार की उपलब्धियां गिनवाईं।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि, दूसरे कार्यकाल के प्रथम वर्ष पूर्ण होने पर उनको अपनी ओर से और करोड़ों कार्यर्ताओं की ओर से हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। पीएम मोदी पूरी ताकत के साथ लाकडाउन में काम कर रहे हैं, उन्होंने पिछले 6 सालों में देश की सेवा प्रधानमंत्री के रूप में की है। उसी ताकत के साथ अभी भी देश की सेवा में जुटे हैं।
उन्होंने कहा कि, आज हम जब एक साल पूरा कर रहे हैं तो पूरा विश्व कोरोना के साये में है। पीएम मोदी स्वदेशी-स्वावलंबन के मंत्र को लेकर आगे बढ़ें हैं। अन्य देशों के मुकाबले भारत ने पीएम मोदी की अगुवाई में कोरोना के खिलाफ लड़ाई इस तरह लड़ी, जिसमें भारत की स्थिति संभली हुई है।
जेपी नड्डा ने बताया कि, कोरोना के खिलाफ लड़ाई में 100 से ज्यादा देशों को मदद करते हुए उन्हें दवाइयां भी पहुंचाई है। इस लड़ाई में पीएम के एक-एक आह्वान को देश ने सुना और उसका समर्थन किया, इसके लिए मैं देश की जनता का धन्यवाद देता हूं।
इससे पहले पीएम मोदी ने अपनी सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक साल पूरा होने पर देश की जनता के नाम चिट्ठी लिखते हुए कहा कि, हम अपना वर्तमान भी खुद तय करेंगे और अपना भविष्य भी, हम आगे बढ़ेंगे, हम प्रगति पथ पर दौड़ेंगे, हम विजयी होंगे, कोरोना संकट के समय सभी देशवासियों का साथ देने के लिए शुक्रिया।
मेरे प्रिय स्नेहीजन,
आज से एक साल पहले भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ा। देश में दशकों बाद पूर्ण बहुमत की किसी सरकार को लगातार दूसरी बार जनता ने ज़िम्मेदारी सौंपी थी। इस अध्याय को रचने में आपकी बहुत बड़ी भूमिका रही है। ऐसे में आज का यह दिन मेरे लिए, अवसर है आपको नमन करने का, भारत और भारतीय लोकतंत्र के प्रति आपकी इस निष्ठा को प्रणाम करने का।
यदि सामान्य स्थिति होती तो मुझे आपके बीच आकर आपके दर्शन का सौभाग्य मिलता। लेकिन, वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से जो परिस्थितियां बनी हैं, उन परिस्थितियों में, मैं इस पत्र के द्वारा आपके चरणों में प्रणाम करने और आपका आशीर्वाद लेने आया हू्ं। बीते वर्ष में आपके स्नेह, शुभाषीश और आपके सक्रिय सहयोग ने मुझे निरंतर एक नई ऊर्जा, प्रेरणा दी है।
इस दौरान आपने लोकतंत्र की जिस सामूहिक शक्ति के दर्शन कराए वह आज विश्व के लिए एक मिसाल बन चुकी है। वर्ष 2014 में आपने, देश की जनता ने, देश में एक बड़े परिवर्तन के लिए वोट किया था, देश की नीति और रीति बदलने के लिए वोट किया था। उन पांच वर्षों में देश ने व्यवस्थाओं को जड़ता और भ्रष्टाचार के दलदल से बाहर निकलते हुए देखा है।
उन पांच वर्षों में देश ने अंत्योदय की भावना के साथ गरीबों का जीवन आसान बनाने के लिए गवर्नेंस को परिवर्तित होते देखा है। उस कार्यकाल में जहां विश्व में भारत की आन-बान-शान बढ़ी, वहीं हमने गरीबों के बैंक खाते खोलकर, उन्हें मुफ्त गैस कनेक्शन देकर, मुफ्त बिजली कनेक्शन देकर, शौचालय बनवाकर, घर बनवाकर, गरीब की गरिमा भी बढ़ाई।
उस कार्यकाल में जहां सर्जिकल स्ट्राइक हुई, एयर स्ट्राइक हुई, वहीं हमने वन रैंक वन पेंशन, वन नेशन वन टैक्स- GST, किसानों की MSP की बरसों पुरानी मांगों को भी पूरा करने का काम किया। वह कार्यकाल देश की अनेकों आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए समर्पित रहा। वर्ष 2019 में आपका आशीर्वाद, देश की जनता का आशीर्वाद, देश के बड़े सपनों के लिए था, आशाओं-आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए था।
और इस एक साल में लिए गए फैसले इन्हीं बड़े सपनों की उड़ान है। आज जन-जन से जुड़ी जन मन की जनशक्ति, राष्ट्रशक्ति की चेतना को प्रज्वलित कर रही है। गत एक वर्ष में देश ने सतत नए स्वप्न देखे, नए संकल्प लिए, और इन संकल्पों को सिद्ध करने के लिए कदम भी बढ़ाए। भारत की इस ऐतिहासिक यात्रा में देश के हर समाज, हर वर्ग और हर व्यक्ति ने बखूबी अपना दायित्व निभाया है।
‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ इस मंत्र को लेकर आज देश सामाजिक हो या आर्थिक, वैश्विक हो या आंतरिक, हर दिशा में आगे बढ़ रहा है। बीते एक वर्ष में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय ज्यादा चर्चा में रहे और इस वजह से इन उपलब्धियों का स्मृति में रहना भी बहुत स्वाभाविक है।
राष्ट्रीय एकता- अखंडता के लिए आर्टिकल 370 की बात हो, सदियों पुराने संघर्ष के सुखद परिणाम- राम मंदिर निर्माण की बात हो, आधुनिक समाज व्यवस्था में रुकावट बना ट्रिपल तलाक हो, या फिर भारत की करुणा का प्रतीक नागरिकता संशोधन कानून हो, ये सारी उपलब्धियां आप सभी को स्मरण हैं।
इन ऐतिहासिक निर्णयों के बीच अनेक फैसले, अनेक बदलाव ऐसे भी हैं जिन्होंने भारत की विकास यात्रा को नई गति दी है, नए लक्ष्य दिए हैं, लोगों की अपेक्षाओं को पूरा किया है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद के गठन ने जहां सेनाओं में समन्वय को बढ़ाया है, वहीं मिशन गगनयान के लिए भी भारत ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
इस दौरान गरीबों, किसानों, महिलाओं-युवाओं को सशक्त करना हमारी प्राथमिकता रही है। अब पीएम किसान सम्मान निधि के दायरे में देश का प्रत्येक किसान आ चुका है। बीते एक वर्ष में इस योजना के तहत 9 करोड़ 50 लाख से ज्यादा किसानों के खातों में 72 हजार करोड़ रुपए से अधिक राशि जमा कराई गई है।
देश के 15 करोड़ से अधिक ग्रामीण घरों में पीने का शुद्ध पानी पाइप से मिले, इसके लिए जल जीवन मिशन शुरू किया गया है। हमारे 50 करोड़ से अधिक के पशुधन के बेहतर स्वास्थ्य के लिए मुफ्त टीकाकरण का बहुत बड़ा अभियान भी चलाया जा रहा है।
देश के इतिहास में यह भी पहली बार हुआ है जब, किसान, खेत मजदूर, छोटे दुकानदार और असंगठित क्षेत्र के श्रमिक साथियों, सभी के लिए 60 वर्ष की आयु के बाद 3 हज़ार रुपए की नियमित मासिक पेंशन की सुविधा सुनिश्चित हुई है।
मछुआरों की सहूलियत बढ़ाने के लिए, उनको मिलने वाली सुविधाएं बढ़ाने और ब्लू इकॉनॉमी को मजबूत करने के लिए विशेष योजनाओं के साथ-साथ अलग से विभाग भी बनाया गया है। इसी तरह व्यापारियों की समस्याओं के समय पर समाधान के लिए व्यापारी कल्याण बोर्ड के निर्माण का निर्णय लिया गया है।
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी लगभग 7 करोड़ बहनों को भी अब ज्यादा वित्तीय सहायता दी जा रही है। हाल में ही स्वयं सहायता समूहों के लिए बिना गारंटी के ऋण को 10 लाख से बढ़ाकर दोगुना यानी 20 लाख कर दिया गया है। आदिवासी बच्चों की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए, देश में 450 से ज्यादा नए एकलव्य मॉडल रेसिडेंशियल स्कूलों के निर्माण का अभियान भी शुरू किया गया है।
सामान्य जन के हित से जुड़े बेहतर कानून बनें, इसके लिए भी तेज गति से कार्य हुआ है। संसद ने अपने कामकाज से दशकों पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इसी का परिणाम है कि चाहे कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट हो, चिटफंड कानून में संशोधन हो, दिव्यांगों, महिलाओं और बच्चों को अधिक सुरक्षा देने वाले कानून हों, ये सब तेज़ी से बन पाए हैं।
सरकार की नीतियों और निर्णयों की वजह से शहरों और गांवों के बीच की खाई कम हो रही है। पहली बार ऐसा हुआ है जब गांव में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालों की संख्या, शहर में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों से 10% ज्यादा हो गई है। देशहित में किए गए ऐतिहासिक कार्यों और निर्णयों की सूची बहुत लंबी है। इस पत्र में सभी को विस्तार से बता पाना संभव नहीं।
लेकिन, मैं इतना अवश्य कहूंगा कि एक साल के कार्यकाल के प्रत्येक दिन चौबीसों घंटे पूरी सजगता से काम हुआ है, संवेदनशीलता से काम हुआ है, निर्णय लिए गए हैं। देशवासियों की आशाओं-आकांक्षाओं की पूर्ति करते हुए हम तेज गति से आगे बढ़ ही रहे थे, कि कोरोना ने भारत को भी घेर लिया।
आज सभी देशवासियों ने ये सिद्ध करके दिखाया है कि विश्व के सामर्थ्यवान और संपन्न देशों की तुलना में भी भारतवासियों का सामूहिक सामर्थ्य और क्षमता अभूतपूर्व है। ताली-थाली बजाने और दीया जलाने से लेकर भारत की सेनाओं द्वारा कोरोना वॉरियर्स का सम्मान हो, जनता कर्फ्यू या लॉकडाउन के दौरान नियमों का निष्ठा से पालन हो, हर अवसर पर आपने ये दिखाया है कि एक भारत ही श्रेष्ठ भारत की गारंटी है।
निश्चित तौर पर, इतने बड़े संकट में कोई ये दावा नहीं कर सकता कि किसी को कोई तकलीफ और असुविधा न हुई हो। हमारे श्रमिक साथी, प्रवासी मजदूर भाई-बहन, छोटे-छोटे उद्योगों में काम करने वाले कारीगर, पटरी पर सामान बेचने वाले, रेहड़ी-ठेला लगाने वाले, हमारे दुकानदार भाई-बहन, लघु उद्यमी, ऐसे साथियों ने असीमित कष्ट सहा है।
इनकी परेशानियां दूर करने के लिए सभी मिलकर प्रयास कर रहे हैं। लेकिन हमें ये भी ध्यान रखना है कि जीवन में हो रही असुविधा, जीवन पर आफत में न बदल जाए। इसके लिए प्रत्येक भारतीय के लिए प्रत्येक दिशा-निर्देश का पालन करना बहुत आवश्यक है। जैसे अभी तक हमने धैर्य और जीवटता को बनाए रखा है, वैसे ही उसे आगे भी बनाए रखना है।
ये लड़ाई लंबी है लेकिन हम विजय पथ पर चल पड़े हैं और विजयी होना हम सबका सामूहिक संकल्प है। अभी पश्चिम बंगाल और ओडिशा में आए अम्फान चक्रवात के दौरान जिस हौसले के साथ वहां के लोगों ने स्थितियों का मुकाबला किया, चक्रवात से होने वाले नुकसान को कम किया, वह भी हम सभी के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।
इन परिस्थितियों में, आज यह चर्चा भी बहुत व्यापक है कि भारत समेत तमाम देशों की अर्थव्यवस्थाएं कैसे उबरेंगी? लेकिन दूसरी ओर ये विश्वास भी है कि जैसे भारत ने अपनी एकजुटता से कोरोना के खिलाफ लड़ाई में पूरी दुनिया को अचंभित किया है, वैसे ही आर्थिक क्षेत्र में भी हम नई मिसाल कायम करेंगे। 130 करोड़ भारतीय, अपने सामर्थ्य से आर्थिक क्षेत्र में भी विश्व को चकित ही नहीं बल्कि प्रेरित भी कर सकते हैं।
आज समय की मांग है कि हमें अपने पैरों पर खड़ा होना ही होगा। अपने बलबूते पर चलना ही होगा और इसके लिए एक ही मार्ग है – आत्मनिर्भर भारत। अभी हाल में आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए दिया गया 20 लाख करोड़ रुपए का पैकेज, इसी दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है।
यह अभियान, हर एक देशवासी के लिए, हमारे किसान, हमारे श्रमिक, हमारे लघु उद्यमी, हमारे स्टार्ट अप्स से जुड़े नौजवान, सभी के लिए, नए अवसरों का दौर लेकर आएगा। भारतीयों के पसीने से, परिश्रम से और उनकी प्रतिभा से बने लोकल उत्पादों के दम पर भारत आयात पर अपनी निर्भरता कम करेगा और आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ेगा।
बीते छह वर्षों की इस यात्रा में आपने निरंतर मुझ पर आशीर्वाद बनाए रखा है, अपना प्रेम बढ़ाया है। आपके आशीर्वाद की शक्ति से ही, देश पिछले एक साल में ऐतिहासिक निर्णयों और विकास की अभूतपूर्व गति के साथ आगे बढ़ा है। लेकिन फिर भी मुझे पता है कि अब भी बहुत कुछ करना बाकी है।
देश के सामने चुनौतियां अनेक हैं, समस्याएं अनेक हैं। मैं दिन-रात प्रयास कर रहा हूं। मुझ में कमी हो सकती है लेकिन देश में कोई कमी नहीं है। और इसलिए, मेरा विश्वास स्वयं से ज्यादा आप पर है, आपकी शक्ति, आपके सामर्थ्य पर है।
मेरे संकल्प की ऊर्जा आप ही हैं, आपका समर्थन, आपका आशीर्वाद, आपका स्नेह ही है। वैश्विक महामारी के कारण, यह संकट की घड़ी तो है ही, लेकिन हम देशवासियों के लिए यह संकल्प की घड़ी भी है।
हमें यह हमेशा याद रखना है कि 130 करोड़ भारतीयों का वर्तमान और भविष्य कोई आपदा या कोई विपत्ति तय नहीं कर सकती।
हम अपना वर्तमान भी खुद तय करेंगे और अपना भविष्य भी। हम आगे बढ़ेंगे, हम प्रगति पथ पर दौड़ेंगे, हम विजयी होंगे। देश की निरंतर सफलता की इसी कामना के साथ मैं आपको पुन: नमन करता हूं। आपको और आपके परिवार को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।
स्वस्थ रहिए, सुरक्षित रहिए !!!
जागृत रहिए, जागरूक रखिए !!! आपका प्रधानसेवक,
नरेंद्र मोदी
झारखंड में कोरोना वायरस के मरीजों के बढ़ने का सिलसिला थम नहीं रहा। शुक्रवार (29 मई) को राज्य में एक साथ रिकॉर्ड 46 पॉजिटिव केस मिलने के साथ ही संक्रमित लोगों की संख्या 500 के पार हो गयी। अब राज्य में 523 कोरोना वायरस के संक्रमण से पीड़ित मरीज हैं। इनमें 300 से ज्यादा प्रवासी श्रमिक हैं।
29 मई की रात 9:50 बजे जमशेदपुर से 10 नये कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले। इससे पहले हजारीबाग से 10, रामगढ़ में 9, कोडरमा से 7, जमशेदपुर से 5, धनबाद से 3 और बोकारो से 2 कोरोना पॉजिटिव मरीज की पुष्टि हुई थी। रामगढ़ के संक्रमितों में पतरातू से 4, रामगढ़ प्रखंड से 4 और चितरपुर से 1 मरीज शामिल हैं। पतरातू और चितरपुर के मरीजों की ट्रैवल हिस्ट्री मुंबई की है। वहीं, रामगढ़ प्रखंड के 4 मरीज बेंगलुरु, गुजरात, मुंबई और तमिलनाडु से लौटे थे।
सभी को सरकारी कोरेंटिन में रखा गया था। जमशेदपुर से मिले सभी मरीजों की ट्रैवल हिस्ट्री महाराष्ट्र, दिल्ली, गुड़गांव और चेन्नई की है। लौटने के बाद से ये लोग भी कोरेंटिन सेंटर में थे। धनबाद से मिले तीन संक्रमितों में एक बाघमारा का रहनेवाला है, जबकि दूसरा एग्यारकुंड क्षेत्र का, तीसरा व्यक्ति धनबाद भूंईफोड़ मंदिर के पास श्यामडीह का रहनेवाला है। तीनों प्रवासी हैं और कोरेंटिन में रह रहे हैं। जमशेदपुर से शुक्रवार को दो मरीजों को डिस्चार्ज भी किया गया है।
झारखंड में लॉकडाउन आगे बढ़ सकता है-
इस तरह कोरोना का कहर बढ़ते देख कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि लॉकडाउन बढ़ाने का निर्णय लिया जायेगा। जरूरत पड़ी तो लॉकडाउन को और आगे बढ़ायेंगे। हमारी प्राथमिकता राज्य के लोगों का स्वास्थ और रोजगार है। उन्होंने कहा कि जबतक हमारा हर आदमी अपने राज्य वापस नहीं आ जाता, हम आराम से नहीं बैठ सकते। लोगों को भूख और बीमारी से बचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
राज्य में कोरोना से अब तक 5 की मौत-
झारखंड में कोरोना वायरस से अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है और 523 लोग इसके संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। हालांकि, अच्छी बात यह है कि 200 से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं। दो दिन पहले गिरिडीह के एक व्यक्ति की रिम्स में मौत हो गयी थी, शुक्रवार को उसके कोरोना से संक्रमित होने की पुष्टि हुई।
इंसान, अपनी हसरतों के पीछे भागते हुए, अकसर ये भूल जाता है कि ज़िंदगी की सबसे बड़ी मिल्कियत है फ़ुर्सत, सबसे बड़ा सुकून है, अपनों के बीच रहना और सबसे ख़ास बात है, आम होना। ये आम इंसान, भारतीय जनता के बीच बहुत प्रसिद्ध हो चुका था, लेकिन जाना जाता था, अपने अंग्रेज़ी नाम, “The Common Man” से। इसे पैदा किया था सुप्रसिद्ध कार्टूनिस्ट आर० के० लक्ष्मण की कल्पनाओं ने और इसका घर था विख्यात अंग्रेज़ी अख़बार, “The Times of India” के पन्ने पर छपा कॉमिक स्ट्रिप, “You Said It”।
टाइम्स ऑफ़ इण्डिया अखबार का कार्टून कोना ‘You Said It’ की पुरानी क्लिप
कॉमिक स्ट्रिप की शुरुआत, अख़बारों में , बड फ़िशर ने, अमरीका में की थी। इनके कॉमिक किरदार, “Mutt and Jeff” थे जो San Francisco Chronicle के खेल समाचार के पृष्ठ पर निकलते थे। ये 1907 की बात है। भारत में भी “The Common Man”, बहुत प्रचलित हुआ था और जब ये खूब प्रसिद्ध हो चुका था और अब तक स्थिर चित्र की जगह, एक चलते फिरते किरदार के रूप में लोग इस आम आदमी के ज़िंदगी की कहानियां जानना चाहते थे।
“दर्शकों की ये इच्छा पूरी हुई और आर० के० लक्ष्मण के कॉमन मैन को एक नाम मिला, श्रीनिवास वागले, जिसकी दुनिया दिखाई, पुराने ज़माने की मशहूर अभिनेत्री, दुर्गा खोटे ने, अपने प्रोडक्शन हाऊस, “दुर्गा खोटे प्रोडक्शन्स” के तले। हम आज भी इसे “वागले की दुनिया” के नाम से याद करते हैं। दूरदर्शन ने 1988 में इसे धारावाहिक के रूप में प्रस्तुत किया।”
इस धारावाहिक का निर्देशन, मशहूर निर्देशक कुन्दन शाह ने किया था और संपादन जावेद सैय्यद का था। कला निर्देशन का काम, नीतीश रॉय कर रहे थे और एपिसोड के लिए लेखन का ज़िम्मा, अजय कार्तिक को दिया गया था।
निर्देशक ‘कुन्दन शाह” (PC-The Hindu)
अंजन श्रीवास्तव (श्रीनिवास वागले) बने थे और उनकी पत्नी का किरदार भारती अचरेकर (राधिका वागले) ने निभाया था। ये इन दोनों कलाकारों के जीवन को बदल देने वाला धारावाहिक साबित हुआ। इनके अलावा, इन्द्रजीत, योगेश वर्मा, मुश्ताक़ ख़ान, वीरेन्द्र सक्सेना, अच्युत पोटदार और हरीश पटेल जैसे कलाकार भी इस धारावाहिक का अहम हिस्सा थे। इसके एक एपिसोड में, जिसका नाम, “पुलिस स्टेशन” था, शाहरुख़ ख़ान भी अतिथि कलाकार के रूप में नज़र आए।
धारावाहिक के दो अलग दृश्यों में “शाहरुख़ खान’ , ‘अंजन श्रीवास्तव’ और ‘भारती आचरेकर’
इस धारावाहिक का शीर्षक संगीत बेहतरीन संगीतकार वनराज भाटिया ने दिया। इतनी खूबियों से भरे धारावाहिक के हर एपिसोड में वागले अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी की तमाम छोटी मुश्किलें हल करते नज़र आते थे, जो कि एक कॉमन मैन की ज़िंदगी में भी होती थीं। ऐसे 104 एपिसोड का लुत्फ़, दर्शकों ने उठाया। आगे चलकर, शाहरुख़ ख़ान और अंजन श्रीवास्तव, “राजू बन गया जेन्टलमैन” और “कभी हां, कभी ना” जैसी फ़िल्मों में एक साथ दिखे।
देखें शाहरुख़ खान वाला एपिसोड-
2012 में दोबारा, “डिटेक्टिव वागले” नाम से ये धारावाहिक, दूरदर्शन ने शुरु किया। वागले तो अंजन श्रीवास्तव ही रहे लेकिन उनकी पत्नी का किरदार, सुलभा आर्या ने निभाया।
दूसरी बार के प्रसारण के समय, दुनिया पूरी बदल चुकी थी और कॉरपोरेट दफ़्तरों में “और ज़्यादा” के लिए परेशान इस पीढ़ी ने पूरे परिवार के साथ, वागले की सतरंगी दुनिया को नहीं देखा, क्योंकि इस वक़्त तक, ये वहम, पूरी पीढ़ी के मन में बैठ चुका था कि वे स्पेशल हैं, कॉमन नहीं।
हमारी पीढ़ी ये कभी नहीं समझ पाएगी कि महान अंग्रेज़ कवि, पोप ने क्यों कहा था कि:
“Blest, who can unconcernedly find
Hours, days, and years slide soft away,
In health of body, peace of mind,
Quiet by day”
(लेखक जाने-माने साहित्यकार, फ़िल्म समालोचक, स्तंभकार, व शिक्षाविद हैं.)
देश में कोराना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अब तक कुल संक्रमितों की संख्या 1 लाख 73 हजार 453 हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक़, शुक्रवार को एक दिन में सबसे ज्यादा 8101 मरीज मिले तो वहीं रिकॉर्ड 11 हजार 729 लोग ठीक भी हुए। हालाँकि, 269 की मौत भी हुई।
स्वास्थ्य मंत्रालय से मिली रिपोर्ट के मुताबिक़, महाराष्ट्र में 116 मरीजों की जान गई। अब तक यह एक दिन में सबसे बड़ी संख्या है। महाराष्ट्र में संक्रमितों का आंकड़ा 62 हजार के पार हो गया। उधर, दिल्ली में भी रिकॉर्ड 1106 संक्रमित बढ़ने से तनाव भी बढ़ा है।
आज महाराष्ट्र में 2682, दिल्ली में 1105, तमिलनाडु में 874, गुजरात में 372, राजस्थान में 298, प. बंगाल में 277, उत्तरप्रदेश में 275, कर्नाटक में 248, हरियाणा में 217, उत्तराखंड में 216, बिहार में 174, जम्मू-कश्मीर में 128 और असम में 144 मरीज मिले। ये आंकड़े Covid19.Org के आधार पर हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में अब तक 1 लाख 65 हजार 799 लोग संक्रमित हुए हैं। इनमें से 89 हजार 987 का इलाज चल रहा है। 71 हजार 105 ठीक हो चुके हैं और 4706 की मौत हो चुकी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्विटर के खिलाफ नए कड़े नियम लाने या उसे बंद करने की धमकी दी है, ट्रंप ने ट्वीट कर कहा कि, कंपनी रूढ़िवादी आवाजें दबाने की कोशिश कर रही है, जो कि सही नहीं है।
एक अन्य ट्वीट में ट्रंप ने कहा कि, बड़ी कार्रवाई की जाएगी, ट्रंप ने आगे कहा कि, टेक कंपनी पागल होती जा रही है, अब अमेरिकी राष्ट्रपति की इस धमकी पर ट्विटर के सीईओ ने जवाब दिया है पलटकर जवाब दिया है।
ट्विटर के सीईओ जैक डोर्सी ने अमेरिका में होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव में दखल देने के आरोपों को खारिज करते हुए ट्वीट किया है कि, फैक्ट चेक के लिए एक कंपनी के तौर पर आखिर कोई न कोई जिम्मेदार होगा तो वह मैं हूं।
उन्होंने आगे कहा कि, कृपया फैक्ट चेक का काम हमारे कर्मचारियों पर ही छोड़ दिया जाए, हम दुनिया भर के चुनावों के बारे में गलत और विवादित जानकारी के बारे में बताना जारी रखेंगें।
उल्लेखनीय है कि ट्विटर ने अमेरिकी राष्ट्रपति के दो ट्वीट पर फैक्ट चेक की चेतावनी दी थी जिसके बाद ट्रंप ने यह धमकी दी है, हालांकि गौर करने वाली बात यह है कि अमेरिका में राष्ट्रपति खुद कंपनियों को विनियमित या बंद नहीं कर सकते हैं।
कोरोना ने पूरी दुनिया दुनिया की हालत खराब कर रखी है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। पिछले 2 महीने से देश लॉक डाउन में है। ऐसे में मध्यप्रदेश के भोपाल में सांसद प्रज्ञा ठाकुर के लापता होने के पोस्टर लगाए जा रहे हैं। कोरोना अपना काम कर रहा है, राजनेता अपना।
कथित पोस्टर्स में प्रज्ञा ठाकुर की फोटो के साथ लिखा गया है, “गुमशुदा की तलाश, कोरोना महामारी में भोपाल की जनता परेशान। सांसद प्रज्ञा ठाकुर कहाँ लापता..”।
हालांकि पोस्टर में “कहाँ” की जगह “कहा” छपा हुआ है क्योंकि ऐसी हरकतें करने और करवाने वाले नेता अक्सर कम पढ़े लिखे, अनपढ़, या भाषा अज्ञानी होते हैं।
अब देखना यह है कि प्रज्ञा ठाकुर के विरुद्ध इस पोस्टर वॉर में भाजपा की तरफ से कौन सा वार किया जाएगा।