मुंबई। पुलिस ने २४ वर्षीय डॉक्टर श्रद्धा पाञ्चाल की बलात्कार कर हत्या करने वाले आरोपी देवाशीष धार (२७) को गिरफ्तार कर लिया गया है। धार डॉक्टर के पड़ोस में ही रहता था और एक दुकान में काम करता था। वह वारदात के बाद से ही फरार था। डॉक्टर के घर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में आरोपी धार की तस्वीर कैद हुई थी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ही उसकी पहचान हुई।
विलेपार्ले पुलिस की पूछताछ में धार ने जुर्म काबुल करते हुए बताया कि उसके पड़ोस में रहने वाली डॉक्टर दूसरे लड़कों के साथ घूमती थी तो उसे ईष्या होती थी। ५ दिसम्बर की रात १२.३० बजे डॉक्टर अपने दोस्तों के साथ जन्मदिन की पार्टी मनाकर विलेपार्ले ( पश्चिम ) के लीलाबाई चाल स्थित घर पर आयी थी। उसने उसे दोस्तों के साथ घर पर आते और दोस्तों को उसके घर से जाते देखा था। वह जानता था कि फिजियोथेरापिस्ट डॉक्टर अपने परिजनों से अलग कमरे में अकेली रहती थी। उसने देखा कि दोस्तों के जाने के बाद डॉक्टर ने अपने कमरे का दरवाजा बंद नहीं किया है , जब वह उसके कमरे तक गया और दरवाजे को धीरे से खोला तो कमरे में डॉक्टर सो रही थी ,उसने उसका ही जीन्स उठाकर उसकी गला घोटकर हत्या कर दी और बाद में उसके साथ बलात्कार किया। वह सबूत मिटाने के लिए कागज और कपडे से उसकी लाश को जलाकर फरार हो गया। परिजनों ने उसका कमरा खोलकर देखा तो उनके होश ही उड़ गए। डॉक्टर नग्न अवस्था में पड़ी हुई थी उन्होंने आग बुझाई और विलेपार्ले पुलिस को इसकी सूचना दी। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में डॉक्टर की गला घोटकर हत्या और बलात्कार करने की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने आस पड़ोस और रिश्तेदारों तक करीब १०० से अधिक लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने डॉक्टर के घर के आस पास लगे सीसीटीवी कैमरे को खंगाला तो एक सीसीटीवी फुटेज में देवाशीष धार संदिग्ध स्थिति में दिखाई दिया।
डाक्टर श्रद्धा पांचाल की हत्या के ठीक ५ दिन बाद १० दिसम्बर को महाराष्ट्र दौरे पर आये उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री और राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष राम आसरे विश्वकर्मा मुंबई पहुचने के बाद विमान तल से सीधा विले पारले (पूर्व) श्रद्धानंद रोड पर स्थित मृतक डॉक्टर श्रद्धा पांचाल के परिजनों से मिलने उनके आवास पर गये। मृतक के माता-पिता से घटना की जानकारी ली तथा थानाध्यक्ष विलेपार्ले के अधिकारियों से बात कर हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी करने के निर्देश दिये। विश्वकर्मा ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस को पत्र लिखकर डॉक्टर श्रद्धा पांचाल के हत्यारों की गिरफ्तारी कराने व मृतक के परिवार को दस लाख रुपए आर्थिक सहायता देने की मांग भी की थी। उनके साथ अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के राष्ट्रीय सचिव गंगाराम विश्वकर्मा , मुम्बई प्रदेश अध्यक्ष बाबू लाल विश्वकर्मा , शिवसेना के सभासद मनोहर पांचाल , वशिष्ठ नारायण विश्वकर्मा , दिनेश विश्वकर्मा, हेमंत मिस्त्री, कृष्ण कुमार कानेकर , सुनील आचार्य ,योगेश योगेश विश्वकर्मा , रामलाल विश्वकर्मा आदि सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय का सबसे पुराना एवं प्रतिष्ठित अमरनाथ झा छात्रावास अपनी पूर्व परम्परा को जारी रखते हुए त्रिदिवसीय सांस्कृतिक वार्षिक उत्सव ‘उदीषा-2017’ का भव्य आयोजन 04 फरवरी 2017 से 06 फरवरी 2017 तक कर रहा है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सांस्कृतिक वार्षिक उत्सव उदीषा 2017 की शुरुआत कल दिनांक 04 फरवरी दिन शनिवार को ‘Social Gathering’ से होगी। सांस्कृतिक संध्या का संचालन श्यामल नारायण करेंगे। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण अंग्रेजी नाटक ‘I will walk all over you’re, मुंशी प्रेमचंद्र कृत कहानी ‘मंत्र’ का नाटकीय मंचन एवं कव्वाली होंगे। उदीषा 2017 से सीधे जुड़ने के लिए फेसबुक पेज www.fb.com/udeesha2017 के लिंक पर विजिट कर सकते हैं।
सलाहकार समिति के सदस्य निखिल उपाध्याय ने बताया कि अमरनाथ झा छात्रावास अपनी पूर्व परम्परा पर खरा उतरते हुए उदीषा 2017 का आयोजन कर रहा है और साथ साथ ही साथ सभी प्रतिभागियों, दर्शकों एवं पूर्व अंतःवासियों का हार्दिक स्वागत करता है।
पूर्व सामाजिक सचिव व कार्यक्रम के कंट्रोल प्रमुख उत्तम त्रिपाठी ने पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि उत्कृष्टता को समर्पित यह कार्यक्रम सभी प्रतिभागियों व सुधीजनों के सहयोग से अपने उत्कृष्टता को प्राप्त करे। इस बात का प्रयास आयोजन समिति के द्वारा किया जा रहा है। सभी प्रतिभागियों से ये विशेष अनुरोध है कि वो विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन के समयानुसार उपस्थित हों।
सामाजिक सचिव शिवम पांडेय ने बताया कि उदीषा 2017 की सभी तैयारियां अंतिम चरण पर हैं और हम सभी का हार्दिक स्वागत करते हैं। इस बार लगभग 10 टीमें कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगी।
सलाहकार समिति के सदस्य रुद्राक्ष उपाध्याय ने बताया कि कार्यक्रम के अंतिम अर्थात तीसरे दिन 06 फरवरी 2017 के कार्यक्रमों में लाइट इंडियन क्लासिकल वोकल, कार्टूनिंग, अंताक्षरी, इंग्लिश क्रिएटिव राइटिंग, छीटाकशी, वाद-विवाद प्रतियोगिता, पाती वाचन, शार्ट प्ले, समूह नृत्य और अंत में पुरस्कार वितरण समारोह होगा।
आप अगर इलेक्ट्रॉनिक स्कूटर की सवारी करना चाहते हैं और आपका बजट आपका साथ नहीं दे रहा, तो आपके लिए एक बहुत अच्छी खबर है। ‘हीरो इलेक्ट्रिक’ आपके लिए लाया है सबसे सस्ता ‘इलेक्ट्रॉनिक स्कूटर’। जी हां! ‘हीरो इलेक्ट्रिक’ ने अपना नया और सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर ‘FLASH’ लॉन्च कर दिया है। यह लॉन्चिंग दिल्ली में की गई।
क्या है खासियत-
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-‘FLASH’ में 250 वाट की मोटर लगी है। साथ ही 48-Volt, VRLA बैटरी दी गई है जिसे फुल चार्ज होने में 6 से 8 घंटे का समय लगता है।
-यह स्कूटर एक बार चार्ज होने पर 65 किलोमीटर तक का सफ़र तय करता है और इसकी टॉप स्पीड 25 kmph है।
-इस स्कूटर का कुल वजन महज़ 87 किलोग्राम है। ऐसे में इसे राइड करना बेहद आसन होगा।
यदि देश भर में, खासकर राजधानी दिल्ली में दिन दूना रात चौगुना बढ़ने वाले प्रदूषण के विषय में सोचें, तो इलेक्ट्रॉनिक स्कूटर एक अद्भुत विकल्प है, लेकिन इस भागदौड़ भरी ज़िन्दगी में जहां लोग 60 kmph की रफ़्तार पर दौड़ते हैं, वहाँ हीरो की FLASH का मात्र 25 kmph की रफ़्तार पर दौड़ना लोगों के लिए नापसंदगी का कारण बन सकता है। ऐसे में इन कंपनियों को टॉप स्पीड और खासकर ज्यादा दूरी तय करने वाले प्रोडक्ट्स पर अभी और काम करना होगा।
आज विपक्ष के विरोध के बीच मोदी सरकार ने देश की सवा सौ करोड़ जनता के सामने आम बजट पेश किया। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संसद में 2017-18 का पेश किया। बजट में सबसे मुख्य बात यह रही कि इनकम टैक्स घटाकर मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी गई है। अब 2.5 लाख से 5 लाख तक आय वालों का टैक्स 10 फीसदी से घटकर 5 फीसदी हो गया है। वहीं 3 लाख रुपये तक की आय वालों को कोई टैक्स नहीं देना होगा। एक और अहम फैसले में 3 लाख रुपये से ऊपर के कैश ट्रांजेक्शन पर रोक लगाई गई है, अब 3 लाख से ऊपर के ट्रांजेक्शन डिजिटल ही हो सकेंगे।
पिछले वर्ष का बजट किसानों का बजट कहा गया था, लेकिन इस बार के बजट में सभी को ध्यान में रखा गया। कुछ ही दिन में पांच राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, जिसे देखते हुए ये बजट अहम माना जा रहा है। लेकिन ये तो आने वाला समय ही बताएगा कि इससे मोदी सरकार को कितना फायदा मिलेगा। आज पेश हुए आम बजट पर हमने आम लोगों से भी बात की। आइए जानते हैं आमजनमानस का क्या कहना है इस बजट के बारे में-
प्रतियोगी छात्र अनूप कुमार के मुताबिक, “राजनीतिक चंदे के रुप में नगद में केवल दो ही हजार ले सकते हैं। यह कदम मील का पत्थर होगा, क्योंकि २००० से ऊपर का चंदा सरकार की नजर में रहेगा। अभी तक ६०℅ से ऊपर चंदे का स्रोत राजनीतिक पार्टिया नहीं बताती हैं। कहते हैं सबसे बड़ा काला धन चुनाव में लगता है। अगर यह वादा सरकार २००० नगद चंदे वाला सही से लागू हुआ, तो हमें अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे।”
पेशे से शिक्षक ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह का कहना है, “2017 का बजट एक ठंढा बजट है। यद्यपि इसमें कुछ अच्छे प्रावधान भी हैं। इसे वर्तमान को कष्ट देकर सुनहरे भविष्य का सपना दिखाने वाला बजट भी कह सकते हैं। यह बजट उत्साह नहीं जगाता। महिला, किसान, युवा और अल्पसंख्यकों के लिये कुछ भी खास नहीं है। साहित्य, संस्कृति व कला जगत के लिये निराशाजनक इस बजट में कुछ अच्छी घोषणाओं का झुनझुना भी है।”
मनीष मिश्र का मानना है कि बजट सभी के लिए फायदेमंद होने के साथ साथ मध्यमवर्गीय लोगों के लिए अति सराहनीय है।
बजट को लेकर छात्रा नलिनी मिश्रा कहती हैं, “मध्यम वर्ग के लिए राहत टैक्स १०% से ५%। २००० ₹ से ज्यादा चंदा लेने पर पार्टियों की जबाव देही होगी। लेन देन का हिसाब होगा, जिससे पारदर्शिता होगी। युवाओं के लिए रोजगार के अच्छे अवसर बनेगें, किसानों के लिए भी राहत का बजट हैं । नोटबंदी का सकारात्मक असर देखने को मिला हैं। मध्यमवर्गीय परिवार को राहत मिली है। रेल बजट अॉनलाइन टिकट बुकिंग पर सर्विस टैक्स नहीं होना हम युवाओं के लिए बहुत अच्छा रहा।”
एसके सिंह कहते हैं, “बजट में किसानों की आय को डबल करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। इससे निराश हूँ।”
जलसेना के पूर्व अधिकारी चंद्रशेखर कहते हैं, “एक अच्छा बजट है। इसमें दिशा निर्देश है और यदि इसका कार्यन्यवन सही ढंग से हुआ तो भविष्य के लिए अच्छा साबित होगा। जो अन्य आँकड़े दिए हैं बहुत विश्वसनीय नहीं हैं। बहुत से अर्थशास्त्री इससे सहमत नहीं हैं। पर यह हर सरकार करती रही है। उन्हें तो अपने प्लान को सही साबित करना है। इन आँकड़ों को इन्फ़्लेशन को नज़र में रख कर देखें तभी वस्तुस्थिति का ज्ञान होगा। वेतन भोगी समूह उच्च आय में सबसे अधिक हैं। उनकी कुल संख्या ७६ लाख है जिनमें ५६ लाख वेतन भोगी हैं। बस मात्र २० लाख व्यापारी और अन्य हैं। इन्हें कोई लाभ नहीं दिया गया है। सातवें वेतन आयोग के मध्येनज़र उम्मीद थी की आयकर में कुछ राहत तो मिलेगी और टैक्स भी rationalise होगा। सरकार भी इसका संकेत करती रही है। यह सब ईमानदार लोग हैं क्या आप को विश्वास है की मात्र २० लाख व्यापारी और अन्य हैं जिनकी आय उच्च वर्ग की कही जा सकती है। हमारे गाँव के चौराहे पर तो कई हैं जो साल में ५० लाख से ऊपर कमाते हैं सब ख़र्चा ब्रंच निकालने के बाद। सरकार से कहीं न कही चूक हुई है। एक साधारण दिल्ली का बाबू अपनी पेन्शन पर १।५ से २ लाख तक अब टैक्स देता है। बाक़ी सब ठीक है।”
छात्र अब्दुल्लाह सादिक कहते हैं, “बजट सिर्फ चुनाव को ध्यान में रखकर बनाया गया है।”
विपक्ष के शोरशराबे के बीच आज दोपहर वित्तमंत्री अरुण जेटली ने सदन में वर्ष 2017-18 का आम बजट पेश किया। सबसे खास बात यह रही कि इस बार आम बजट के साथ रेल बजट भी पेश किया गया। सदन में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आम बजट पेश करने से पहले शुरुआत शायरी से करते हुये कहा कि ‘जो बात है नई उससे क्यों डरते हैं आप, इस मोड़ पर घबराकर न थम जाइये आप। जो बात नई उसे अपनाइये आप डरते हैं नई राह पे क्यूं चलने से, हम आगे-आगे चलते हैं, साथ आइए आप।’
शायरी से वित्तमंत्री का इशारा नोटबंदी की तरफ था। अरूण जेटली ने कहा, ‘नोटबंदी से देश को वित्तीय मजबूती मिली है।’ 2017-18 के बजट में केंद्र सरकार ने करदाताओं को बड़ी राहत दी है। इनकम टैक्स ढांचे में बदलाव करते हुए मोदी सरकार ने बजट में अब तीन लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री कर दी है। इनकम टैक्स स्लैब को 2.5 लाख से बढ़ाकर तीन लाख किया गया है। तीन से पांच लाख तक की आय पर पांच फीसदी टैक्स देना होगा।
इस आम बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2.5 लाख रुपये और 5 लाख रुपये के बीच की आय वाले व्यक्तिगत करदाताओं के लिए टैक्स स्लैब की मौजूदा दर को 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप 5 लाख रुपये से कम आय वाले सभी करदाताओं की कर देनदारी घटकर शून्य (छूट सहित) हो जाएगी या उनकी मौजूदा देनदारी का 50 प्रतिशत रह जाएगी।
केन्द्रीय वित्त मंत्री जेटली ने आज संसद में आम बजट 2017-18 पेश करते हुए कहा कि कराधान का वर्तमान बोझ मुख्यत: ईमानदार करदाताओं और वेतनभोगी कर्मचारियों पर है, जो अपनी आय को सही रूप में दर्शाते हैं। अत: नोटबंदी के पश्चात इस वर्ग के लोगों की यह आशा जायज है कि उनके कराधान के बोझ को कम किया जाए। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि यदि निम्न आय स्लैब के लिए टैक्स की दर को सामान्य रखा जाता है, तो बड़ी संख्या में लोग कर दायरे में आएंगे। उन्होंने भारत के सभी नागरिकों से यह अपील की कि यदि उनकी आय 2.5 लाख रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक के सबसे निचले स्लैब के अंतर्गत आती है तो वे 5 प्रतिशत कर की छोटी सी अदायगी करते हुए राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनें।
केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार कर के दायरे में ऐसे लोगों को भी लाने का प्रयास कर रही है, जो करों की चोरी कर रहे हैं। अत: कर दायरे को बढ़ाने के लिए व्यावसायिक आय से इतर 5 लाख रुपये तक की कर योग्य आय वाले करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न के रूप में भरे जाने हेतु सिर्फ एक पृष्ठ का फॉर्म पेश करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त इस श्रेणी के किसी भी व्यक्ति, जो प्रथम बार आयकर रिटर्न भरता है, को प्रथम वर्ष में तब तक किसी भी जांच का सामना नहीं करना पड़़ेगा, जब तक कि उसके उच्च मूल्य वाले लेन-देन के बारे में विभाग के पास विशिष्ट सूचना उपलब्ध न हो।
अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि लाभ की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए लाभार्थियों के इस समूह को उपलब्ध छूट के मौजूदा लाभ को घटाकर 2500 रुपये किया जा रहा है, जो 3.5 लाख रुपये तक की सालाना आय वाले करदाताओं के लिए ही उपलब्ध है। इन दोनों उपायों का संयुक्त प्रभाव यह होगा कि प्रति वर्ष 3 लाख रुपये तक की आय वाले व्यक्तियों के लिए कर देनदारी शून्य होगी और 3 लाख रुपये से लेकर 3.5 लाख रुपये तक की आय वाले व्यक्तियों के लिए कर देनदारी मात्र 2500 रुपये होगी। चूंकि 5 लाख रुपये तक की आय वाले करदाताओं की कर देनदारी घटाकर आधी की जा रही है, अत: बाद के स्लैबों में आने वाले करदाताओं की सभी अन्य श्रेणियों को भी प्रति व्यक्ति 12,500 रुपये का एक समान लाभ मिलेगा। इस उपाय के फलस्वरूप सरकार द्वारा परित्यक्त की जा रही कुल कर राशि 15,500 करोड़ रुपये बनती है। इस राहत के कारण होने वाली राजस्व हानि के कुछ भाग की प्रतिपूर्ति के लिए उन करदाताओं पर देय कर का 10 प्रतिशत अधिभार (सरचार्ज) के रूप में लगाने का प्रस्ताव किया गया है, जिनकी वार्षिक कर योग्य आय 50 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक है। इससे सरकार को 2,700 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होने की संभावना है। वित्त मंत्री ने कहा कि रियायतों से संबंधित प्रत्यक्ष कर प्रस्तावों, इत्यादि के परिणामस्वरूप 22,700 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान होगा। हालांकि, अतिरिक्त संसाधन जुटाने वाले प्रस्ताव से 2700 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति को ध्यान में रखने पर प्रत्यक्ष कर में शुद्ध राजस्व नुकसान घटकर 20,000 करोड़ रुपये के स्तर पर आ जाएगा।
खास बात यह है कि देश के इतिहास में पहली बार बजट तय समय से करीब एक महीने पहले पेश हो रहा है। इस बार रेल बजट और आम बजट एक साथ पेश हो रहे हैं, जबकि 1924 से ही रेल बजट अलग पेश होने की परंपरा रही है। इस बजट से लोगों को बहुत सी उम्मीदें हैं। आम लोगों को आयकर अधिनियम की धारा 80सीसी के तहत कर छूट की सीमा बढ़ाए जाने की उम्मीद है तो उद्योग जगत को कॉर्पोरेट कर, उत्पाद एवं सीमा शुल्क में सुधार की उम्मीद है। इसमें कुछ ऐसे प्रस्तावों को भी पेश किए जाने की उम्मीद है, जिससे नोटबंदी के कारण प्रभावित हुई देश की अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकने में मदद मिलेगी।
2017-18 के बजट की खास बातें:
एक करोड़ रुपये से अधिक की आय पर 15 प्रतिशत का अधिभार बना रहेगा ।
50,00,000 से एक करोड़ रुपये तक की सालाना आय पर 10 प्रतिशत की दर से अधिभार लगाया जाएगा, इससे सरकार को 2,700 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे
-2,50,000 रुपये 5,00,000 रुपये तक की सालाना आय पर कर की दर 10 से घटाकर पांच प्रतिशत की गई।
-1 करोड़ से ज्यादा की आय पर 15 फीसदी सरचार्ज लगेगा
-3 लाख तक की आमदनी पर कोई टैक्स नहीं
-इनकम टैक्स स्लैब को 2.5 लाख से बढ़ाकर तीन लाख किया गया
-तीन से पांच लाख की आय पर पांच फीसदी टैक्स
-इनकम टैक्स ढांचे में बड़ा बदलाव किया गया
-धार्मिक डोनेशन पर टैक्स छूट घटाई गई
-राजनीतिक दल 2000 तक ही नकद चंदा ले सकेंगे
-राजनीतिक पार्टियां चेक या डिजिटल डोनेशन ले सकेंगी
-ट्रांजैक्शन लिमिट तय करने के लिए आईटी एक्ट में बदलाव होगा
-3 लाख से ज्यादा कैश ट्रांजैक्शन की इजाजत नहीं होगी
-2 करोड़ तक बिक्री वाले दुकानों की आय 8 फीसदी की जगह 6 फीसदी मानी जाएगी
-50 करोड़ तक टर्नओवर वाली कंपनियों को टैक्स में पांच फीसदी छूट
-छोटी कंपनियों को टैक्स में 25 फीसदी की छूट
-स्टार्ट अप के लिए कंपनियों को सात साल तक टैक्स में छूट
-सस्ते घर की स्कीम में बदलाव किया गया
-सस्ते घर, रीयल एस्टेट को बढ़ावा देने के लिए योजना में परिवर्तन
-नोटबंदी की वजह से लोगों को अपनी आय ज्यादा बतानी पड़ी
-नोटबंदी के दौरान 1.09 करोड़ खाते में 2.80 लाख करोड़ रुपए जमा हुए
-टैक्स चोरी का भार ईमानदार टैक्स पेयर्स पर पड़ता है
-2.7 लाख कंपनियों ने नुकसान दिखाया
-1.72 लाख लोग ही 50 लाख से ज्यादा आय दिखाते हैं
-सिर्फ 24 लाख लोग 10 लाख से ज्यादा आय दिखाते हैं
-अब डाकघरों में भी बनेंगे पासपोर्ट, हेड पोस्ट ऑफिस अब पासपोर्ट ऑफिस की तरह काम करेंगे
-हर साल 2500 करोड़ रुपए डिजिटल पेमेंट का लक्ष्य
-जिनके पास डेबिट, क्रेडिट कार्ड नहीं वो आधार बेस्ड पेमेंट करेंगे
-अब तक 125 लाख लोगों के मोबाइल में भीम ऐप्प
-डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए भीम ऐप्प शुरू किया गया
-नेशनल हाईवे के लिए 64,900 करोड़ रुपए
-एलआईसी में वरिष्ठ नागरिकों को 8 फीसदी ब्याज दर तय
-मेट्रो रेल के लिए नई नीति की घोषणा होगी
-शेयर बाजार में आईआरसीटीसी बतौर कंपनी लिस्टेड होगी
-आईआरसीटीसी के जरिए ट्रेन टिकट की बुकिंग पर सर्विस चार्ज नहीं लगेगा
-इंटरनेट से रेलवे टिकट बुकिंग सस्ती
-2019 तक सभी ट्रेन में बायो टॉयलेट लगाने का लक्ष्य है
-पर्यटन, तीर्थ के लिए नई ट्रेन शुरू होगी
-स्वच्छ रेल के लिए क्लीम माई कोच योजना शुरू की जाएगी
-राष्ट्रीय रेल सुरक्षा के लिए एक लाख करोड़ रुपए का आवंटन
-रेल यात्रियों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा कोष बनाया जाएगा
-रेलवे के लिए 1 लाख, 31 हजार करोड़ रुपए का आवंटन किया गया गहै
-वरिष्ठ नागरिकों के लिए आधार कार्ड बेस्ट स्मार्ट योजना शुरू होगी
-2017 तक कालाजार, 2020 तक खसरा को खत्म करने की योजना
-2025 तक टीबी की बीमारी को खत्म करेंगे
-श्रम कानूनों को सरल बनाया जाएगा
-राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी बनाए जाएगी
-झारखंड और गुजरात में दो नए एम्स बनाए जाएंगे
-5 स्पेशल टूरिज्म जोन बनाए जाएंगे
-2018 तक सभी गांवों में बिजली पहुंचाई जाएगी
-गर्भवती महिलाओं को 6 हजार रुपए दिए जाएंगे
-350 ऑनलाइन कोर्स की शुरूआत की जाएगी
-2019 में बेघरों को एक करोड़ घर देने का लक्ष्य
-दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के लिए 4814 करोड़ खर्च करेंगे
-2022 तक स्किल इंडिया के तहत पांच लाख लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी
-5 साल में तालाबों को ठीक किया जाएगा
-प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में 27 हजार करोड़ खर्च करेंगे
-मनरेगा के लिए अब 48 हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव
-मनरेगा के लिए हमने ज्यादा पैसे दिए और ज्यादा खर्च भी हुए
-प्रत्येक ग्रामीण परिवार को कम से कम 100 दिन के रोजगार की गारंटी
-गरीबी मुक्त ग्राम पंचायत बनाने की सरकार की कोशिश होगी
-सरकार ने भारत में कारोबार करने को और आसान बना दिया है
बजट में दस बातों पर खास जोर रहेगा। आधारभूत ढांचे, रोजगार, आवास, किसानों, ग्रामीण इलाकों, नौजवनों पर जोर, किसानों की पैदावार बढ़ाने के लिए और कदम उठाए जाएंगे। किसान कर्ज पर ब्याज में कटौती की गई। किसानों के लोन के लिए दस लाख करोड़ रुपये पैसेंजर सुरक्षा के लिए रेल संरक्षा कोष बनाया जाएगा, एक लाख करोड़ का प्रावधान। रेल का बजट 1,31, 000 करोड़ का होगा। 70 राज्य निर्माण और विकास के लिए चुने गए हैं। 500 स्टेशन विकलांगों की सुविधा के मुताबिक बनाए जाएंगे। नदियां, सड़कें और रेल देश की जीवन रेखा है। पर्यटन और तीर्थ के लिए विशेष ट्रेनें होंगी। आज भरतीय रेलवे को दूसर परिवहन साधनों से चुनौती है। आईआरसीटीसी से टिकट बुकिंग पर सर्विस टैक्स खत्म।
फिलहाल सरकार ने आम बजट पेश तो कर दिया लेकिन आने वाले समय में इससे कितना फायदा मध्यम वर्गीय और गरीब जनता को होगा। विपक्ष से लेकर अर्थव्यस्था के जानकार विशेषज्ञो की राय भी आनी शुरू हो गई है।
केरल के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री ई.अहमद का देर रात निधन हो गया। मंगलवार को संसद के बजट सेशन के दौरान वे बेहोश हो गए थे। यह घटना संसद के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के अभिभाषण के दौरान हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार अहमद का निधन हार्ट अटैक से हुआ। परिवार ने अस्पताल प्रशासन पर ये आरोप लगाया कि ने उन्हें अहमद से मिलने नहीं दिया गया।
मंगलवार को संसद में राष्ट्रपति का भाषण सुनते सुनते अचानक अहमद कुर्सी से गिर पड़े थे। अहमद को दिल का दौरा पड़ा था। उन्हें तुरंत दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके बाद उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था। मंगलवार रात कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी अहमद का हाल जानने राममनोहर लोहिया अस्पताल पहुंची थीं। इस दौरान उनके साथ उपाध्यक्ष राहुल गांधी,अहमद पटेल और गुलाम नबी आजाद भी थे, हालांकि अस्पताल प्रशासन ने किसी भी नेता को अहमद से मिलने नहीं दिया था।
हार्ट अटैक के बाद से ही अहमद का परिवार अस्पताल में मौजूद था। अहमद से मिलने न दिए जाने से परिवार अस्पताल प्रशासन से बेहद नाराज है। अहमद के बेटे ने कहा कि ‘वे मेरे पिता हैं, इसके बावजूद मुझे क्यों उनसे मिलने नहीं दिया गया। ये मेरा अधिकार है।’
गौरतलब है कि 78 साल के अहमद इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के सांसद रहे। वे केरल की मलाप्पुरम लोकसभा सीट को रिप्रेजेंट करते थे। अहमद यूपीए-1 और यूपीए-2 की सरकार के दौरान लगातार 10 साल विदेश राज्य मंत्री रहे।
एयरटेल और पेटीएम के बाद भारत को एक और पेमेंट बैंक की सौगात मिली है, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी)। प्राप्त जानकारी के मुताबिक यह बैंक अन्य पेमेंट बैकों की तुलना में ज़्यादा सुविधाजनक होगा। सोमवार को आईपीपीबी के दो पायलट ब्रांच रांची और रायपुर में खुल गए। फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली और कम्युनिकेशन मिनिस्टर मनोज सिन्हा ने दिल्ली से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इनका उद्घाटन किया।
आईपीपीबी को गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के ओनरशिप वाली पब्लिक लिमिटेड कंपनी के तौर पर लाया गया है। देश के सभी डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर्स में इसकी इसकी ब्रांच होंगी। सितंबर 2017 तक कुल 650 ब्रांचेज खोलने का प्लान है। देश के सभी 1.55 लाख पोस्ट ऑफिसेज, जिनमें 1.39 लाख रूरल एरिया हैं, को डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर्स के आईपीपीबी ब्रांच के साथ अटैच किया जाएगा।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के ऑर्डर के मुताबिक, आईपीपीबी के जरिए बेसिक फाइनेंशियल फेसेलिटीज दी जाएंगी। यह प्रोजेक्ट देशभर में फैले पोस्ट ऑफिस नेटवर्क के जरिए बैंकिंग फेसेलिटीज को दूर-दराज के लोगों तक पहुंचाने के मकसद से शुरू किया गया है। इसके तहत सोशल सिक्युरिटी समेत सभी तरह के पेमेंट्स आसान हो जाएंगे, जो बैंकिंग के जरिए कठिनाई से हो पाते थे। इनके अलावा इंश्योरेंस, म्यूचुअल फंड्स, पेंशन प्रोडक्ट्स के साथ-साथ दूसरे बैंकों के क्रेडिट प्रोडक्ट्स भी यहां से बेचे जाएंगे।
बैंक द्वारा अकाउंट होल्डर को एक डेबिट कार्ड दिया जायेगा, जिसके ज़रिये एटीएम से पैसे निकाले जा सकेंगे और खरीदारी की जा सकेगी।
बैंक के सीईओ एपी सिंह ने बताया कि आईपीपीबी में 25000 रुपए के डिपॉजिट पर 4.5% इंटरेस्ट दिया जाएगा जबकि एयरटेल के अलावा दूसरे सभी बैंकों के सेविंग अकाउंट्स पर 4% के रेट से इंटरेस्ट दिया जा रहा है। इसके अलावा आईपीपीबी 25000 से 50000 तक के डिपॉजिट पर 5% और 50000 से 100000 के डिपॉजिट पर 5.5% के रेट से इंटरेस्ट देगा।
पेमेंट बैंक टेक्निक बेस्ड बैंकिंग सिस्टम है, जिसमें सेविंग अकाउंट में ज्यादा से ज्यादा एक लाख रुपए जमा कराए जा सकेंगे। ये बैंक कर्ज नहीं देगा। इसमें पोस्टमैन हैंडहेल्ड मशीन के जरिए घर-घर जाकर पैसों का लेनदेन करेंगे। जल्द ही पोस्ट ऑफिस के 1000 एटीएम भी खोले जाएंगे। शुरुआत में 1 लाख अकाउंट्स खोलने का टारगेट रखा गया है।
भारतीय जनता पार्टी के गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यनाथ ने सोमवार 30 जनवरी को एक निजी चैनल को इंटरव्यू दिया। साक्षात्कार में योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव समेत कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
इंटरव्यू में योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर, मुख्यमंत्री उम्मीदवार समेत कई मुद्दों पर बेबाक टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर बीजेपी सत्ता में आई तो साल भर में राम मंदिर बनेगा। राम का नाम आस्था का प्रतीक है, सभी चाहते हैं मंदिर बने। सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर का मुद्दा होने पर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोर्ट से बाहर भी कई मुद्दे निपटते हैं, ये चुनाव बाद पता चलेगा।
योगी आदित्यनाथ ने आगे सपा-कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि देश, प्रदेश में अराजकता के पीछे कांग्रेस और सपा का हाथ है। आगे योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बीजेपी के 2014 के मेनोफेस्टो में किए वादे पूरे होंगे। योगी आदित्यनाथ ने आगे मुख्यमंत्री का चेहरा बनने की बात पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी का संसदीय बोर्ड जो तय करेगा वो हर किसी को मंजूर होगा।
भारतीय जनता पार्टी द्वारा बार बार बिहार में जंगल राज होने का आरोप सुन-सुन कर थक चुके राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को भाजपा को लताड़ने का एक सुनहरा मौका मिल गया है। उन्होंने व उनके तेजस्वी पुत्र तेजस्वी यादव ने उलट भाजपा शासित प्रदेशों में ही जंगल राज होने का आरोप लगाया है।
मामला निर्देशक संजय लीला भंसाली पर राजस्थान में ‘पद्मावती’ की शूटिंग के दौरान हुए हमले का है। राजद सुप्रीमो ने भंसाली पर हुए हमले की निंदा करते हुए भाजपा पर आरोप लगाया है कि यही अगर बिहार होता तो ये भाजपाई मीडियावाले जातिवाद और जंगलराज का रायता फैलाकर बिहार को बदनाम कर रहे होते। अब हमला बीजेपी शासित प्रदेश में हुआ है, तो ये सब चुप हैं।
लालू के बेटे और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी संजय लीला भंसाली पर हुए हमले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और बीजेपी पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि हिंदुस्तानियों को आपस में लड़ाना भाजपा के डीएनए में है।
तेजस्वी ने तमाम बॉलीवुड हस्तियों को न्यौता दिया कि आप बिहार आइए और इसके सुनहरे इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और इसके विकास की कहानी को फिल्माइए।
उन्होंने कहा, “मैं संजय लीला भंसाली जी को बिहार में आमंत्रित करता हूं कि पद्मावती की शूटिंग का जो हिस्सा बिहार में फिल्माया जाना है, आकर शूट करें। सरकार पूरी सुरक्षा देगी।” तेजस्वी ने कहा कि बेवजह लोग बिहार को बदनाम करते रहते हैं, जबकि बीजेपी शासित प्रदेशों में ही जंगलराज व्याप्त है।
चुनावों के मौसम में एग्जिट पोल्स की बहार लाने वाले प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया के लिए एक बुरी खबर है। पाँच राज्यों में होने जा रहे आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग ने 4 फरवरी से 8 मार्च के बीच एग्जिट पोल्स पर बैन लगा दिया है। रविवार को आयोग ने कहा कि भारत के उन सभी राज्यों में 4 फरवरी से 8 मार्च के बीच एग्जिट पोल पर प्रतिबंध रहेगा, जहां चुनाव होने जा रहे हैं। इसमें अमृतसर लोकसभा उपचुनाव भी शामिल है।
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के सेक्शन 126 A के प्रावधानों का हवाला देते हुए चुनाव आयोग के प्रवक्ता ने कहा, “4 फरवरी 2017 की सुबह 7 बजे से लेकर 8 मार्च शाम 5.30 बजे तक कोई भी एग्जिट पोल नहीं किया जा सकता और न ही कोई प्रिंट या इलेक्ट्रानिक मीडिया और अन्य किसी भी संचार साधन पर एग्जिट पोल को दिखाया जा सकता है।” इसके अतिरिक्त प्रवक्ता ने यह भी कहा कि चुनाव वाले क्षेत्रों में चुनाव से 48 घंटे पहले कोई भी इलेक्ट्रानिक मीडिया किसी भी एग्जिट पोल के नतीजे या सर्वेक्षण को भी नहीं दिखा सकेगा।
गौरतलब है कि आप संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग पर बेबुनियाद आरोप लगा दिया था कि आयोग प्रधानमंत्री कार्यालय के आदेशानुसार काम कर रहा है। निर्वाचन आयोग ने रविवार को केजरीवाल द्वारा आयोग को निशाना बनाने को लेकर कड़ी फटकार लगाई। आयोग ने गोवा के अधिकारियों को केजरीवाल के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का भी निर्देश दिया। आयोग ने केजरीवाल की उन टिप्पणियों को ‘निराधार’ और ‘अत्यधिक अपमानजनक’ करार दिया।