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Tuesday, August 11, 2026
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बुआ और भतीजे के चक्कर में बदहाल उत्तर प्रदेश -अमित शाह

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की शुरूआत हो चुकी है। प्रदेश भर में सभी राजनीतिक दल बचे चरणों के चुनाव के लिए अपनी ताकत झोक रहे हैं। शनिवार को पीलीभीत में जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सपा पर करारा हमला करते हुए कहा कि चाचा-भतीजे की लड़ाई में यूपी का विकास नहीं हुआ, लूट की रकम बटवारे के लिए आपसी विवाद चलता रहा और जनता बदहाल होती रही।

अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि भतीजा (अखिलेश) आता है तो प्रदेश में गुंडई करता है। वहीं बुआ (मायावती) आती है, तो प्रदेश में भ्रष्टाचार का बोलबाला होता है। सपा-बसपा के राज ने यूपी को विकास के रास्ते पर पीछे ला दिया है। फिलहाल प्रदेश में हत्याएं, बलात्कार, लूट-डकैती, अपहरण अन्य अपराधिक मामलों का बोलबाला है।

अमित शाह ने कांग्रेस व राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी कई बार बड़े तैश में आ जाते हैं, वो पूछते है मोदी जी क्या किया आपने, वह बार-बार पीएम मोदी से ढाई साल का हिसाब मांगते हैं, लेकिन इससे पहले वह अपने साठ साल का हिसाब दें।

उत्तर प्रदेश: विधान परिषद चुनाव में भाजपा का लहराया परचम

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव में जीत के साथ अपना दबदबा साबित करना शुरू कर दिया है। उत्तरप्रदेश विधान परिषद की पांच में से तीन सीटों पर भाजपा को जीत मिली है। बाकी की दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते हैं। इन पांच सीटों के लिए 3 जनवरी को हुए मतदान हुआ था।

केंद्र सरकार द्वारा नोट बंदी के फैसले के बाद उत्तरप्रदेश का यह पहला चुनावी परिणाम रहा, जिसमें भाजपा ने अपना परचम लहराया। राज्य विधान परिषद में 100 सीटें हैं। इनमें 8 सीटें स्नातक विधान पार्षद और 8 सीटें शि‍क्षक विधान पार्षद के लिए निर्धारित हैं। इसमें से ग्रेजुएट एमएलसी की तीन और टीचर एमएलसी की 2 सीटें इस वर्ष खाली हुईं, जिनके लिए मतदान कराया गया था। भाजपा ने  ग्रेजुएट एमएलसी की तीनों सीटें पर कानपुर, गोरखपुर और बरेली पर कब्जा किया, जबकि टीचर एमएलसी की दोनों सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गयी हैं।

कानपुर ग्रेजुएट सीट से भाजपा के अरुण पाठक ने मानवेन्द्र स्वरूप को हराया। बरेली में भाजपा के डॉ. जयपाल सिंह बिष्ट ने सपा कैंडिडेट रेनू मिश्रा को हराया तथा गोरखपुर में भाजपा के देवेन्द्र प्रताप सिंह ने निर्दलीय उम्मीदवार संजयन त्रिपाठी को हराया। इसके अतिरिक्त श‍िक्षक एमएलसी के ल‍िए हुए चुनाव में झांसी में नि‍र्दलीय उम्मीदवार सुरेश कुमार त्रिपाठी ने सपा के अशोक कुमार को और कानपुर में न‍िर्दलीय न‍िर्दलीय राजबहादुर चंदेल ने हेमराज गौर को हराया।

बाहुबली नेता अतीक़ अहमद गिरफ़्तार

अनुज हनुमत | Navpravah.com

इलाहाबाद | समाजवादी पार्टी के बाहुबली नेता अतीक अहमद गिरफ्तार हो गए हैं। उन्हें यूनिवर्सिटी में मारपीट के मामले में गिरफ्तार किया गया है। बाहुबली अतीक अहमद ने खुद कोर्ट में सरेंडर करने के लिये अर्जी दाखिल की थी।

अतीक अहमद की अराजकता के बाद भी पुलिस के लचर रवैए के खिलाफ इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख दिखाया था। उच्च न्यायालय ने निचली अदालत को आत्मसमर्पण अर्जी पर जमानत न देने का भी आदेश दिया था। इसके बाद पुलिस की दबिश के बाद आज अतीक अहमद ने नैनी थाना में समर्पण कर दिया।

आपको बता दें कि बीते दिनों अतीक अहमद नैनी स्थित यूनिवर्सिटी में छात्रों के निलंबन के पैरवी करने पहुचें थे। जहां उनके समर्थकों ने शिक्षकों से मार पीट की थी। मामले का एक वीडियो भी सामने आया था। उसमें अतीक अपने समर्थकों के साथ यूनिवर्सिटी कैम्पस में आते हुए दिख रहे थे। उन्हीं समर्थकों ने टीचर्स के साथ मारपीट की थी।

“एकता का रंग” हमारी संस्कृति का प्राण!

अनुज हनुमत | Navpravah.com

इलाहाबाद | वैसे तो माघ मेला हिंदुओं की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का अदभुत सामंजस्य है, पर इस मेले में गंगा जमुना तहजीब की तस्वीर स्पष्ट रूप से उन परिवारों के कार्य से भी दिखती है, जो कई दशक से लगातार इस माघ मेले में छोटे छोटे व्यापार करते आ रहे हैं। खास बात यह है कि ये सभी विशेष तौर पर खुले रंगों को घूम-घूम कर बेचते हैं जिनका प्रयोग हिंदुओं द्वारा विभिन्न प्रकार के कार्यों को करने में किया जाता है।

कहने को तो देश का माहौल सही नहीं है, लेकिन प्रयाग की पावन धरती पर हिन्दू-मुस्लिम एकता को देखकर यह किसी मजाक से कम नहीं लगता कि हम अलग हैं। रंगों के व्यापार में सबसे ज्यादा महिलाएं और बच्चे ही दिखते हैं और बुजुर्ग ज्यादातर बर्तनों का व्यापार करते दिखते हैं।

सीतापुर से आये 32 वर्षीय इस्लाम उर्फ़ बबलू बताते हैं कि पिछले 20 सालों से लगातार मेले में आ रहे हैं और यहाँ आकर यही लगता है कि हम अपने ही घर में हैं । इस्लाम कहते हैं कि मानों तो कई देवता हैं न मानों तो कोई नहीं, पर सभी धर्मों का एक ही अल्लाह-ईश्वर एक है जो हर मानव को प्रेम से रहने का संदेश देता है। हम सभी ऊपर से एक ही शरीर में जन्म लेते हैं पर यहाँ हमें आपस में बाँट कर तरह तरह के नाम दे दिए जाते हैं। इस्लाम की बहन नसरीन बताती हैं कि हम मेले में कई दिन पहले ही आ जाते हैं और मेला खत्म होने के बाद ही जाते हैं। यहीं खाते पीते हैं।

68 वर्षीय बिल्ला बताते हैं कि मैं पिछले 5 दशक से मेले में आ रहा हूँ और मैंने कभी यह महसूस नहीं किया कि यह पावन संगम केवल एक ही धर्म का पावन स्थान है, बल्कि मुझे हमेशा यही लगा कि यह संगम पूरी मानवता का मिलन क्षेत्र है, जहाँ किसी भी धर्म का व्यक्ति आस्था की डुबकी लगा सकता है।

बिल्ला बताते हैं कि हम कई तरह के व्यापार करते हैं जैसे बर्तन बेचना, रंग बेचना, लकड़ी आदि। धर्म के विषय पर पूछने पर बिल्ला कहते हैं कि आपस में धर्म का भेद नहीं होना चाहिए, जैसे अमरनाथ और वैष्णोदेवी यात्रा के दौरान मुस्लिम भाई यात्रियों के साथ पिट्ठू बनकर जाते हैं और सभी खुशी खुशी एक दूसरे के साथ समय बिताते हैं तो फिर काहे की दुश्मनी। हमें भी यहाँ कभी ऐसा नहीं लगा कि हम अलग हैं।

हरदोई से माघ मेले में आये 10 वर्षीय इक़बाल और 11 वर्षीय समसदुद्दीन भी मेले में टहल टहल कर रंग बेचते हैं और जीवन यापन करते हैं। दोनों बताते हैं कि हमने बरसों पहले ही पढाई छोड़ दी थी और यही काम करते हैं और साथ में खूब खेलते हैं। इक़बाल के पिता एहसान कुरैशी से जब यह पूछा गया कि बच्चों को पढाई क्यों नही करवा रहे हैं। एहसान बताते हैं कि बच्चों को कैसे पढ़ाऊँ जब घर में खाने को नहीं है । यहाँ दो पैसे कमाएंगे तो गुजारा होगा। एहसान कहते हैं कि मुझे और मेरे बच्चों को कभी यह महसूस नहीं होता हम घर से दूर हैं। हिन्दू भाई साथ ही रहते हैं फिर पेट की आग से बढ़कर कुछ नहीं होता चाहे वह धर्म हो या फिर जाति।

नासिक से आये 45 वर्षीय अनिल प्रधान जो इन मुस्लिम भाइयों के साथ अपनी जड़ी बूटी की दुकान लगाते हैं उनका कहना है कि मानवता से बड़ा दुनिया दूसरा कोई धर्म नहीं होता है। हम सभी भाई भाई हैं। अनिल कहते हैं कि आस्था के चाहे कितने ही अलग अलग रंग हों पर हमारा रंग एक है और वो है ‘एकता का रंग’। जो हमारी संस्कृति का प्राण है ।

बहरहाल संगम नगरी इलाहाबाद में आस्था के अनगिनत ऐसे सांस्कृतिक रंग देखने को मिल जायेंगे लेकिन आस्था के ये दोनों रंग (हिन्दू-मुश्लिम संग संग) अद्वितीय हैं । शायद यही रंग हमारी सांस्कृतिक एकता को मजबूती प्रदान करता है जिस कारण हमारी भारतीय संस्कृति आज भी विश्व की सबसे प्राचीन और समृद्ध संस्कृतियों में से एक है ।

नोटबंदी से प्रभावित लोगों की मदद करेगी ममता सरकार!

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट शुक्रवार को पेश किया गया। इस बजट में ममता बनर्जी सरकार ने एक बड़ा ऐलान किया है। राज्य सरकार ने नोटबंदी से प्रभावित हुए लोगों के लिए राहत देने का ऐलान किया है। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने घोषणा की है कि जो लोग नोटबंदी से प्रभावित हुए हैं, सरकार उनकी आर्थिक रूप से मदद करेगी।

रिपोर्ट के अनुसार नोटबंदी को आर्थिक और राजनीतिक आपातकाल करार देते हुए मित्रा ने कहा कि जो लोग केंद्र सरकार के नोटबंदी से प्रभावित हुए हैं, उन्हें सरकार दूसरा बिजनस करने और अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए 50 हजार रुपए की मदद देगी। नए प्रस्ताव के मुताबिक सरकार ऐसे 50 हजार कामगारों की पहचान करेगी, जो कि राज्य और इसके बाहर छोटे उपक्रमों के साथ जुड़े हुए थे और नोट बंदी के कारण उन्हें अपनी नौकरी गंवानी पड़ी।

राज्य सरकार ने किसानों के लिए 100 करोड़ रुपए के विशेष फंड की भी घोषणा की है। अपने बजट भाषण में मित्रा ने कहा, “किसान लोन के लिए सहकारी बैंकों पर निर्भर हैं। नोटबंदी की वजह से सहकारी प्रणाली को नुकसान पहुंचा है। नोटबंदी की वजह से ही किसान समय पर खाद और बीज नहीं खरीद पाए।”

मित्रा ने कहा कि नोटबंदी की वजह से देश की आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इस फैसले की वजह से देश के विकास में कमी हुई है। उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार के खुद के आंकड़ों के मुताबिक नोटबंदी की वजह से भारत का ग्रोथ रेट गिरकर 7.1 फीसदी रह गया है। लोगों की नौकरियां छिन गई हैं। इसकी वजह से राज्य की विकास दर भी गिरकर 9.27 फीसदी रह गई है।”

इविवि: छात्र ने किया आत्मदाह का प्रयास, हालत नाजुक!

अनुज हनुमत | Navpravah.com

इविवि में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों में से एक छात्र ने कल प्रदर्शन के दूसरे दिन आत्मदाह का प्रयास किया। कुलपति कार्यालय पर अपनी माँगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्र मांगे पूरी न किये जाने से नाराज थे। जिससे बाद स्नातक के छात्र मोहम्मद जाबिर रजा ‘इलाहाबादी’ ने खुद को आग के हवाले कर दिया। मौके पर मौजूद छात्रों और पुलिस ने छात्र को अस्पताल में भर्ती कराया।

जानकारी के मुताबिक एसआरएन के डॉक्टरों ने छात्र की स्थिति गंभीर होने के कारण इलाज के लिए दिल्ली रिफर कर दिया है। डॉक्टरों के अनुसार छात्र का ऊपरी हिस्सा काफी झुलस चुका है। आत्मदाह का प्रयास करने वाले छात्र जाबिर का कहना है कि उसने यह कदम छात्रहित में उठाया है।

आपको बता दें कि अपनी चार प्रमुख मांगो के साथ पिछले कई दिन से लगातार छात्र संघ के नेता सहित तमाम छात्र संगठन विवि प्रशासन के खिलाफ लामबंद थे और नाराज छात्र नेता विवि के ही स्टाफ बीएन सिंह को हटाने की मांग कर रहे हैं और साथ में उनकी मांग है कि विवि की प्रवेश परीक्षाओं में ऑफलाइन के माध्यम को हटाया न जाये।

इन चार प्रमुख मांगो में पहली मांग वर्तमान प्रवेश समिति को तत्काल भंग करके नई समिति का गठन हो, दूसरी मांग अस्थाई रजिस्ट्रार व वित्त अधिकारी को तत्काल पदमुक्त करके इन पदों पर स्थाई नियुक्ति की जाये और तीसरी मांग-प्रवेश परीक्षा सत्र 2017-18 के लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों विकल्प दिए जायें और चौथी मांग- स्नातक के छात्रों को भी पुस्तकालय से किताबें निर्गत की जाये।

कल की घटना के बाद छात्र संघ अध्यक्ष रोहित मिश्रा ने कहा कि यह बहुत दुःखद है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की आवाज दबाने के लिए लाठी चार्ज जैसी नीति अपना रहा है। उन्होंने कहा कि मो. जाबिर जैसे छात्र को आत्मदाह की कोशिश करनी पड़ी और आज वो जिंदगी और मौत से जूझ रहा है जिसके लिए विवि प्रशासन, सुरक्षाकर्मी और लाठीचार्ज का आदेश देने वाले अफसर जिम्मेदार हैं। आपको बता दें कि घटना के बाद कल छात्र संघ अध्यक्ष रोहित मिश्रा ने विवि प्रशासन, सुरक्षाकर्मियों और लाठीचार्ज का आदेश देने वाले अज्ञात अफसर के खिलाफ थाने में तहरीर दी है।

सूत्रों के मुताबिक कल की घटना के फौरन बाद केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री महेन्द्रनाथ पांडेय ने विश्वविद्यालय से उक्त घटना की रिपोर्ट मांगी है। सूत्रों की मानें तो मंत्रालय अपने स्तर पर इस घटना की जल्द से जल्द जांच के आदेश भी दे सकता है। उधर घटना पर सूत्रों की मानें तो विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी घटना की रिपोर्ट तैयार कर रहा है और वीडियो फुटेज के साथ पूरी रिपोर्ट गृह मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजने की तैयारी की जा रही है। सूत्रों की मानें तो दोषी लोगों के खिलाफ प्रोक्टोरियल बोर्ड कार्यवाही भी कर सकता है । जानकारी के मुताबिक विवि प्रशासन, केंद्र से विवि परिसर में सुरक्षा बढ़ाने की भी मांग करेगा।

बहरहाल इस घटना के बाद विवि प्रशासन और छात्र नेताओं के बीच तनातनी फिर बढ़ गई है और आने वाले दिनों में इस आंदोलन के उग्र रूप लेने की भी संभावना है!

मुन्नाभाई सिरीज़ की तीसरी फिल्म जल्द होगी शुरू

शिखा पाण्डेय |Navpravah.com

‘मुन्ना भाई’ सीरीज की 2 फिल्मों से अत्यंत रोमांचित और प्रभावित हुए दर्शक लंबे समय से इस सीरीज की तीसरी फिल्म का इंतज़ार कर रहे थे। उन सभी इंतज़ार करने वालों के लिए खुशखबरी है। बहुत जल्द ही डायरेक्टर राजकुमार हिरानी ‘मुन्नाभाई’ सीरीज की तीसरी फिल्म लेकर आ रहे हैं। हिरानी ने बताया कि इस फिल्म में भी संजय दत्त और अरशद वारसी मुख्य भूमिका में होंगे।

राजकुमार हिरानी ने काफी पहले ही इस फिल्म की घोषणा कर दी थी, लेकिन फिल्म कब बनेगी इस बात पर संशय था। एक अखबार से बातचीत करते हुए राजकुमार ने कहा कि उनके पास मुन्नाभाई सीरीज की तीसरी फिल्म के लिए पांच अधूरी स्क्रिप्ट हैं। आपको बता दें कि हिरानी फिलहाल रणबीर कपूर के साथ संजय दत्त की बायोपिक बनाने में लगे हैं। इस फिल्म की शूटिंग जून तक खत्म हो जाएगी और अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह क्रिसमस पर रिलीज होगी। संजय दत्त की बायोपिक के रिलीज होने के बाद हिरानी ‘मुन्नाभाई 3’ बनाने में लग जाएंगे।

हिरानी ने बताया कि संजय दत्त के जीवन पर बन रही फिल्म का काम पूरा होने के बाद उनके लेखक-साथी अभिजात जोशी ‘मुन्ना भाई 3’ की स्क्रिप्ट पर काम शुरू करने वाले हैं। हिरानी ने कहा, “फिल्म बनाने के लिए मैं उन स्क्रिप्ट में से किसी एक को चुन सकता हूं, लेकिन मैं ऐसी स्क्रिप्ट नहीं चुनूंगा, जो पिछली दोनों फिल्मों से बेहतर न हो।”

हिरानी के अनुसार तीसरे पार्ट में मुन्नाभाई और सर्किट के किरदार ऐसे होंगे, जो उनकी मौजूदा उम्र को जस्टिफाई करें।। हिरानी ने ये भी बताया कि यह फिल्म इस सीरीज़ की आख़िरी फ़िल्म होगी। हालांकि अगर कोई और फ़िल्ममेकर इस फ्रेंचाइजी को आगे ले जाना चाहे तो उन्हें कोई एतराज़ नहीं है, लेकिन इसके लिए दमदार स्क्रिप्ट होनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि मुन्नाभाई 3 का टाइटल ‘मुन्नाभाई चले अमेरिका’ नहीं होगा। दरअसल पहले फिल्म को यही टाइटल दिया जाने वाला था, जिसका टीज़र भी शूट किया गया था, लेकिन सेकंड हाफ़ की स्क्रिप्ट हिरानी को जमी नहीं। इसलिए उसे छोड़ दिया गया।

उल्लेखनीय है कि मुन्नाभाई सीरीज की पहली फिल्म ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ 2003 के दिसंबर में रिलीज हुई थी। इसके तीन साल बाद 2006 में ‘लगे रहो मुन्ना भाई’ आई थी। दोनों ही फिल्में दर्शकों के दिलों पर छा गई थीं और दर्शकों ने दोनों फिल्मों के यूनिक कांसेप्ट की जमकर सराहना की थी।

लालकिले में मिले हैण्ड ग्रेनेड्स, सुरक्षा एजेंसियों के उड़े होश

ब्यूरो | Navpravah.com

भारत की ऐतिहासिक धरोहर, लालकिला, जिसकी प्राचीर से प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करते हैं, जिसकी छत्रछाया में भारतवर्ष हर स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस मनाता है, उसके भीतर भारी संख्या में राइफल्स के कारतूस और कुछ हैंड ग्रेनेड मिले हैं! जानकारी मिलने के बाद से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।

सूत्रों के मुताबिक, लालकिले में पुरातत्व विभाग की सफाई के दौरान रविवार को कारतूसों का ढेर और हैंड ग्रेनेड मिले थे। ये कारतूस और विस्फोटक ऐसे कोने में मिले, जहां आमतौर पर कोई आता-जाता नहीं है। अनुमान लगाया जा रहा है कि उन्हें वहां छुपाकर रखा गया था। कारतूस इतने ज्यादा हैं कि पुलिस के तो होशोहवास गुम हो गए हैं। डीसीपी (नॉर्थ) जतिन नरवाल ने इन विस्फोटकों के मिलने की पुष्टि की है। एनएसजी का बम डिस्पोजल स्क्वॉड मौके पर है। एनएसजी और आर्मी के अधिकारी भी जांच में शामिल हैं।

गौरतलब है कि 15 अगस्त को लालकिले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन हुआ था और कुछ ही दिन पहले, यानी 26 जनवरी से पहले पुलिस ने पूरी दिल्ली में चप्पे-चप्पे की तलाशी और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता होने का दावा भी किया था। आज से लगभग 17 वर्ष पूर्व (22 दिसंबर 2000) को लालकिले पर ही आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के आतंकियों ने हमला करके एके-47 से अंधाधुंध गोलियां चलाई थीं, जिसमें तीन जवानों की मौत हो गई थी। ऐसे में लालकिले के अंदर भारी मात्रा में कारतूस और विस्फोटक मिलना सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल उठा रहा है।

उधर जांच में जुटी दिल्ली पुलिस का कहना है कि ये कारतूस और विस्फोटक एक्सपायर्ड हैं। शुरुआती जांच में यह भी मान कर चला जा रहा है कि लालकिले के अंदर किसी समय सैनिक रहा करते थे। ऐसे में हो सकता है कि कारतूस और विस्फोटक उसी समय छूटे हों।

नहीं रहे नेताजी के विश्वासपात्र कर्नल निज़ामुद्दीन

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बेहद करीबी और विश्वासपात्र रहे उनके ड्राइवर कर्नल निजामुद्दीन का आज निधन हो गया। 117 वर्षीय निजामुद्दीन लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में आज भोर में चार बजे के करीब उन्होंने अपने पैतृक गांव मुबारकपुर में आखिरी सांस ली।

कर्नल निजामुद्दीन नेताजी द्वारा बनाए गए इंडियन नेशनल आर्मी के सदस्य थे। निजामुद्दीन नेताजी के साथ बर्मा में साल 1943 से साल 1945 तक साथ रहे थे। उन्होंने साल 1942 में आजमगढ़ से सिंगापुर भागकर ब्रिटिश सेना ज्वाइन कर ली थी, लेकिन बाद में नेताजी के आह्वान पर आजाद हिंद फौज में शामिल हो गए थे। निजामुद्दीन नेताजी के ड्राइवर के साथ-साथ उनके बॉडीगार्ड भी थे। 1944 में नेताजी की रक्षा करते हुए उन्हें एक गोली भी लगी थी। निजामुद्दीन बताया करते थे कि 20 अगस्त 1947 को बर्मा में छितांग नदी के पास नेताजी को उन्होंने आखिरी बार नाव पर छोड़ा था। उसके बाद उनकी मुलाकात नहीं हुई।

निजामुद्दीन उर्फ सैफुद्दीन की पत्‍नी अजबुनिशा भी 107 साल की हैं। उनके परिवार में पत्नी अजबुनिशा के अलावा 3 बेटे व 2 बेटियां हैं। गांव में वो अपनी पत्नी और छोटे बेटे शेख अकरम के साथ रहते थे। उनका एक बेटा सऊदी अरब में और दूसरा मुंबई में रहता है।

साल 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान नरेंद्र मोदी ने बनारस में कर्नल निजामुद्दीन का पैर छूकर आशीर्वाद लिया था। निजामुद्दीन के छोटे बेटे ने अपने पिता को स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा दिलाने की बहुत कोशिश की मगर उसे सफलता हाथ नहीं लगी।

फैंसी बर्तन जैसी हैं प्रियंका गांधी -महेन्द्रनाथ पांडे

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

सिर्फ चुनाव प्रचार के दौर में दर्शन देने वाली कांग्रेस की स्टार प्रचारक व वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा पर एक बार फिर भाजपा नेता द्वारा टिप्पणी की गई है। भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री महेंद्रनाथ पांडे ने प्रियंका गांधी को ‘फैंसी बर्तन’ की उपाधि दी है।

यूपी के हमीरपुर में चुनाव प्रचार करते हुए केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री पांडे ने कहा, “यूपी के गांवों के घरों में हम लोग स्टील के कुछ विशेष बर्तन रखते हैं। जब कोई खास मेहमान हमारे घर पर आते हैं, तो हम उन्हें साफ करते हैं और खाने की टेबल पर सजाते हैं। जब वे चले जाते हैं तो हम उन बर्तनों को वापस रख देते हैं।”

प्रियंका का मजाक उड़ाते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा,”जब भी चुनाव आते हैं, कांग्रेस प्रियंका गांधी को बाहर निकाल लेती है और बाद में उन्हें वापस अंदर कर देती है। इसका चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा।”

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले बीजेपी के नेता विनय कटियार ने भी प्रियंका गांधी को लेकर एक आपत्तिजनक बयान दिया था। जिसके बाद बीजेपी नेता को खूब खरी-खोटी सुननी पड़ी थी। कटियार ने कहा था, “प्रियंका गांधी से ज्यादा खूबसूरत महिला प्रचारक हमारे पास हैं।”

इसके अतिरिक्त यूपी भाजपा के नेता विद्यासागर सोनकर ने भी प्रियंका गांधी को ‘पुरानी फाइल’ बताते हुए उन पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था,” जब भी चुनाव नजदीक आता है, कांग्रेस प्रियंका गांधी को धो-पोछकर जनता के आगे कर देती है। कांग्रेस प्रियंका को चुनावों में इस्तेमाल करती है और फिर बाद में काम हो जाने के बाद दफ्तरों में दाखिल कर देती है।”