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Tuesday, August 11, 2026
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महानायक ने समाज के सामने पेश की एक अद्भुत मिसाल

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

अक्सर अपनी फिल्मों से या प्रचार से तमाम सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखने वाले बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन ने समाज के सामने एक अद्भुत मिसाल रखी है। उनकी पिछली फिल्म ‘पिंक’ में महिला सशक्तिकरण, पुरुष – महिला समानता के मुद्दे को बखूबी दर्शाया गया था। अब उन्होंने अपने असल जीवन में भी इसको चरितार्थ किया है। अमिताभ ने अपनी संपत्ति को अपने बेटे व बेटी में समान रूप से बांटने की घोषणा सार्वजनिक तौर पर कर दी है।

जी हां! सिर्फ समानता का प्रचार करने से नहीं, स्वयं उसकी मिसाल बनने से समाज उस बदलाव को स्वीकार करेगा और अमिताभ ने यही मिसाल पेश की है। उन्होंने फैसला किया है कि वो अपनी संपत्ति का बेटे अभिषेक और बेटी श्वेता में बराबर बंटवारा करेंगे। उन्‍होंने खुद ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है। उनके हाथ में एक तख्‍ती है जिसपर लिखा है-

‘When I die, the assets I shall leave behind, shall be shared equally between my daughter and my son #genderequality #WeAreEqual.’

T2449-#WeAreEqual .. and#genderequality… the picture says it all !!pic.twitter.com/QSAsmVx0Jt
—AmitabhBachchan (@SrBachchan)March 1, 2017

अमिताभ कई ‘देशहित’ से जुडी योजनाओं के ब्रांड एंबेसेडर हैं। खास बात यह है कि जहां ऐसे विज्ञापनों और कार्यक्रमों के लिए करोड़ों रुपये की फीस ली जाती है, अमिताभ ने कई ऐसे प्रचार बिना किसी फीस के किए हैं। हाल ही में रामजस कॉलेज में हुए विवाद पर टिप्पणी न करने पर उनपर पर ऐसे भी आरोप लगे कि वे अपने स्वार्थ के लिए तमाम सामाजिक मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय नहीं रखते, लेकिन अमिताभ बच्चन ने इस मुद्दे को अपनी निजी राय तक ही सीमित इस लिए कर दिया कि वे किसी भी प्रकार का नया विवाद खड़ा नहीं करना चाहते थे।

बलिया में विपक्षियों पर बरसे अखिलेश

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब छठे और सातवें चरण के चुनाव होने बाकी हैं, जिसके तहत सभी दल चुनाव प्रचार अभियान में जुटे हुए हैं। आज से पूर्वांचल के 7 जिलों में छठे चरण का चुनाव प्रचार थम जाएगा। इसी क्रम में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव चुनाव प्रचार के लिए बलिया पहुंचे और यहां उन्होंने विरोधियों पर जमकर निशाना साधा।

अखिलेश यादव ने बलिया में अमेरिका और यूपी की बात करते हुए कहा कि अमेरिका ने सड़के बनाई उन्हीं सड़कों ने अमेरिका को बना दिया। अखिलेश ने इसी तर्ज पर यूपी के विकास की बात कही। उन्होंने कहा कि सपा ने एक्सप्रेस-वे 23 महीने में बना दिया। इस एक्सप्रेस-वे पर हमने लड़ाकू विमान भी उताकर दिखा दिया। अब अगली सरकार में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे 30 महीने में बनेगा। यह एक्सप्रेस वे सुल्तानपुर, आजमगढ़ व बलिया से होते हुए गुजरेगा।

अखिलेश ने कहा कि इसी के दम पर 300 साल तक लोग सपा को याद करेंगे। अखिलेश यादव ने जनसभा में रसड़ा चीनी मिल पर अपनी बात रखते हुए कहा कि रसड़ा चीनी मिल चलवाने का टेंडर हो चुका है, अगर चुनाव नहीं होते तो अप तक मिल चल चुकी होती। उन्होंने कहा कि रसड़ा चीनी मिल से किसानों को लाभ पहुंचेगा। वहीं उन्होंने कहा कि हमने 9 महीने में आजमगढ़ चीनी मिल प्लांट लगाने का काम किया।

अखिलेश यादव ने कहा कि अब बीजेपी और बसपा की भाषा बदल चुकी है। पीएम अब तक बहस करने के लिए तैयार नहीं हैं। गोंडा में पीएम कहते है कि यूपी में नकल हो रही है,
लेकिन पीएम के मंच पर ही नकल का माफिया बैठा था।
उन्होंने कहा कि बीजेपी ने देश और प्रदेश के लिए कोई काम नहीं किया है।

अखिलेश यादव ने बसपा सुप्रीमो मायावती को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि उनकी भाषा ही बदल चुकी है। बुआ आएंगी और ढेर रासे पन्नों का भाषण पढ़ेंगी।
बुआ भाषण पढ़ती है और लोग उनकी जनसभा में बोर होकर सो जाते हैं। बुआ जी का भरोसा नहीं है कि कब वे बीजेपी से समझौता कर लें।

बुआ मायावती की मूर्तियां चमका रहे भतीजे अखिलेश के मंत्री, क्या है राज़!

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

उत्तर प्रदेश की माया ही निराली है। वहां कब, किसका, कैसे तख्तापलट हो जाये, कुछ कहा नहीं जा सकता। राज्य में सात चरणों में हो रहे चुनाव के नतीजे आने अभी बाकी ही हैं, लेकिन अभी से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के अफसर पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की मूर्तियों को चमकाने में जुट गए हैं। जी हां! मायावती द्वारा बनवाये गए तमाम स्मारकों की अचानक सफाई व दुरुस्तीकरण शुरू कर दिया गया है। अब अफसरों पर यह रंग नरेंद्र मोदी स्वच्छता अभियान का चढ़ा है, या मायावती के सत्तासीन होने का, इस बारे में कह पाना मुश्किल है।

मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री मायावती द्वारा बनवाई गई जिन मूर्तियों और पार्कों पर दिन रात मौजूदा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव फब्तियां कसते थे, लखनऊ में मायावती सरकार द्वारा बनवाये गये जिन स्मारकों की अब तक कोई सुध लेने वाला नहीं था, अचानक उन पार्कों और स्मारकों के अच्छे दिन लौटने लगे हैं। अब हर कोई इस गुत्थी को सुलझाने में जुटा है कि कहीं यह बहन मायावती के पुनः आगमन के संकेत तो नहीं! क्या कारण है कि अचानक 5 वर्ष बाद करोड़ों रुपये खर्च कर फिर से पार्कों को चमकाया जा रहा है!

आपको बता दें कि मायावती द्वारा बनवाये गए कई स्मारकों में करीब दो सौ गेट लगाये गये थे। इनमें से कई टूटे गए थे। उनकी भी मरम्मत होनी शुरू हो गयी है। करीब 50 फीसदी गेटों की मरम्मत कर उन्हें दुरुस्त किया जा चुका है। बाकी का काम चल रहा है। टूटी हुई दीवारों का भी दुरुस्तीकरण ज़ोरों पर है। पानी के लिए एक करोड़ की प्लंबरिंग का सामान आ चुका है। गेट और प्लंबरिंग का काम स्मारक समिति की ओर से किया जा रहा है।

अब मायावती की पार्टी सरकार बनाती है या नहीं, यह तो 11 मार्च को ही पता चलेगा, लेकिन उत्तरप्रदेश के अफसर कोई रिस्क लेना नहीं चाहते। मान लीजिए, यदि मायावती की सरकार बनती भी है, तो भी गेंद उनके ही पाले में आयेगी,और यदि नहीं बनती है, तो अभी तो गेंद हाथ में है ही।

इतना झूठा प्रधानमंत्री आज तक नहीं देखा -अखिलेश यादव

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आज पूर्वांचल के दो जिलों में 7 चुनावी जनसभाओं में संबोधित करने पहुंचे। यहां उनका कार्यकर्ताओं ने जोरदार गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। अखिलेश ने यहां की जनसभा में बसपा और भाजपा पर करारा प्रहार किया।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सुबह देवरिया जिले के रामपुर कारखाना, पथरदेवा, भाटपार रानी, सलेमपुर, बरहज में चुनावी जनसभा को संबोधित किया। जबकि मऊ जिले में घोसी मधुबन और मोहम्दाबाद गोहना में भी विपक्षी निशाने पर रहे। सीएम ने अपने जुबानी तरकस से पीएम मोदी पर खूब हमला किया।

यहां उन्होंने समाजवादी पार्टी की उपलब्धियां गिनाईं, वहीं भाजपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने आप के इलाके में काम किया हो तो बताओ। पीएम कहते हैं कि यूपी में बच्चे नक़ल करके पास होते हैं। सीएम ने कहा कि नक़ल तो थोड़ी बहुत हर कोई करता है।

सीएम ने नाम लिए बगैर कहा प्रधानमंत्री तो कपड़े पहनने की नकल करते हैं। अखिलेश ने सवाल पूछते हुए कहा कि पीएम बताएं भाजपा ने कौन सा काम किया है। हमने जो काम किया है उसकी गवाह हमारी योजनाएं हैं।

अखिलेश ने कहा कि नोटबंदी के बाद लोग लाइन में खड़े थे। लाइन में लगे लगे एक बच्चे का जन्म हो गया। बैंक कर्मियों ने उसका नाम खजांची रख दिया। हमने उसके परिवार वालों को ढुंढवाया और दो लाख रुपये की मदद की। नोटबंदी के बाद बैंकों में कितना पैसा जमा हुआ भाजपा वालों यह तो बताओ।

सीएम ने कहा कि भाजपा सिर्फ झूठ बोलती है। हमने आज तक इतना झूठ बोलने वाला प्रधानमंत्री आज तक नहीं देखा। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि पीएम कल बोलकर गए कि यूपी में रेल की पटरियां आईएसएआई काट रहा है। पता नहीं कौन पीएम को यह सूचना दे देता है।

अपनी चुनावी जनसभाओं में सीएम ने अपील करते हुए कहा कि सपा की सरकार बनाओ हम यूपी को विकास के रास्ते पर ले जाने का काम करेंगे। उन्होंने कहा काम करने वालों की सरकार बनाओ वादे करने वालों की नहीं। भाजपा सिर्फ जुमलेबाजी करती है और जनता को गुमराह कर चुनाव जीतना चाहती है इसलिए इनके बहकावे में न आना, यूपी का चुनाव देश का भविष्य तय करेगा।

जेल प्रशासन ने कहा, “नहीं दी जा रहीं शशिकला को आलीशान सुविधाएं”

New Delhi: File Photo- AIADMK General Secretary V K Sasikala. Court directed Sasikala and the two relatives to surrender immediately to the trial court in Bengaluru and serve the remaining part of four-year jail term. PTI Photo (PTI2_14_2017_000201B)

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

AIADMK जनरल सेक्रेटरी शशिकला नटराजन को जेल में आलीशान सुविधाएं दी जाने की बात को जेल प्रशासन द्वारा अफवाह करार दिया गया है। बेहिसाब प्रॉपर्टी के केस में 4 साल की सजा काट रहीं शशिकला को जेल में अलग बाथरूम, वॉटर हीटर, एयर कंडीश्नर, कोट और गद्दे जैसी फेसेलिटी नहीं मिल रही हैं।

जानिए पूरा मामला-

शशिकला को 15 फरवरी को सरेंडर के बाद से बेंगलुरु की जेल में रखा गया है। पहले उन्होंने ए क्लास सेल मांगी थी। हालांकि, जेल एडमिनिस्ट्रेशन ने इससे इनकार कर दिया था। इसके बाद चेन्नई के एक वकील ने आरटीआई के जरिए बेंगलुरु के पारपन्ना अग्रहारा जेल से शशिकला को जेल में मिल रहीं फेसेलिटीज के बारे में पूछा था। इस पर डीआईजी जेल ने जवाब दिया। इसमें कहा गया कि टीवी के अलावा शशिकला को कोई और फेसेलिटीज नहीं दी गई हैं।

20 फरवरी को ये आरटीआई डाली गई थी। इसके जवाब में डीआईजी ने माना कि शशिकला को भतीजे और AIADMK डिप्टी जनरल सेक्रेटरी टीटीवी दिनाकरन से मिलने की इजाजत दी गई थी। ये मुलाकात 35 से 40 मिनट हुई। दिनाकरन 20 फरवरी को पहली बार शशिकला से मिले थे। इसके दो दिन पहले शशिकला के करीबी पलानीसामी ने विधानसभा में वोट ऑफ कॉन्फिडेंस यानी विश्वासमत जीता था।

इसी आरटीआई में यह भी पूछा गया था कि क्या कर्नाटक सरकार से शशिकला और उनके रिलेटिव इलावरासी को चेन्नई की सेंट्रल जेल में शिफ्ट करने के बारे में कोई अपील की गई है?इसका जवाब भी ‘नहीं’ में दिया गया। जेल अथॉरिटी द्वारा दिए गए इस जवाब से मामला साफ़ हो गया की आलीशान सुविधाओं वाली बात अफवाह मात्र थी। आपको बता दें कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ये कहा गया था कि जेल में शशिकला को गद्दे, एसी और अलग बाथरूम जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।

बिना NOC दुल्हन नहीं ले जा सकता बद्रीनाथ -सेंसर बोर्ड

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

आलिया भट्ट और वरुण धवन की आगामी फिल्म ‘बद्रीनाथ की दुल्हनिया’ को सेंसर बोर्ड ने बिना किसी कट के यूए सर्टिफिकेट भले दे दिया हो, लेकिन एक अन्य शर्त लागू कर दी है। शर्त यह है कि ‘बद्रीनाथ की दुल्हनिया’ को ससुराल पहुँचने से पहले ‘शादी. कॉम’ से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेना होगा। जी हां! सिनेमाघरों में रिलीज़ से पहले सेंसर ने निर्माता के सामने यही अजीबोगरीब शर्त रखी है।

इस शर्ती का कारण यह है कि बद्रीनाथ की दुल्हनिया में शादी.कॉम का नाम लगातार प्रमोशन के दौरान सामने आता रहा है और अभी हाल ही में एक अन्य विवाद के तहत फिल्म ‘रंनिंग शादी डॉट कॉम ‘ का नाम बदल कर ‘रनिंग शादी’ करना पड़ा। इसीलिए सेंसर बोर्ड किसी विवाद में नहीं फंसना चाहता। यही कारण है कि निर्माता करण जौहर को साफ़ कहा है कि फिल्म को टाइटल बनाये रखने के लिए उन्हें मैट्रिमोनियल साइट ‘शादी.कॉम’ से ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ लेना होगा।

आपको बता दें कि फिलन 10 मार्च को रिलीज़ होने जा रही है। शशांक खेतान के डायरेक्शन में बनी बद्रीनाथ की दुल्हनिया , वरुण धवन और आलिया भट्ट की फिल्म ‘हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया’ का सीक्वल है।

अपनी लेखनी से सबको गुदगुदाने वाले लेखक तारक मेहता नहीं रहे

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

सब टीवी पर प्रसारित होने वाला शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ जिस मशहूर लेखक की लेखनी से प्रेरित है, उन तारक मेहता का आज निधन हो गया। जी हां! अपने लेख से करोड़ों दिलों को गुदगुदाने व सोचने पर मजबूर कर देने वाले गुजरात के मशहूर लेखक और कॉलम्निस्ट तारक मेहता ने आज सब को अलविदा कह दिया।

अपने लेखन से दुनिया को प्रेरित करने वाले तारक मेहता ने अपनी मौत से भी दुनिया को एक अद्भुत प्रेरणा दी है। तारक की आखिरी इच्छा के अनुसार उनके परिवार ने उनके दाह संस्कार की बजाय ‘अंगदान’ का उत्तम फैसला किया है।

पद्मश्री सम्मान से नवाज़े जा चुके तारक मेहता 88 वर्ष के थे। उनके परिवार ने देह-दान का निर्णय लिया है, क्योंकि यही उनकी आख़िरी इच्छा थी। वो हमेशा यह बात दोहराते थे कि जब उनका देहांत हो तो वे देह-दान कर सकें। उनकी एक बेटी अमेरिका में हैं। उन तक ख़बर पहुंच चुकी है। परिवार के सदस्य उनके आ जाने के बाद ही आगे की कार्यवाही करेंगे।

आपको बता दें कि ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ का निर्माण उनके ही लोकप्रिय कॉलम ‘दुनिया ने ऊंधा चश्मा’ की तर्ज़ पर हुआ था। शो के निर्माता असित मोदी ने तारक मेहता के निधन पर दुःख प्रकट किया है। असित ने बताया कि वे बचपन से ही तारक के कॉलम के फैन थे और उनके ज़हन में एक दिन यूं ही ये बात आयी कि इस पर शो बनना चाहिए। वजह यह थी कि तारक के उस कॉलम में हमेशा समाज के छोटे-छोटे मुद्दे की बात होती थी और लोग उन बातों से प्रभावित थे।

असित ने आगे बताया कि जब उन्होंने तारक से शो के लिए इजाज़त मांगी, तो वे इसलिए तैयार हो गए, क्योंकि वे इस बात से वाकिफ थे कि असित अच्छे कॉमडी शो बनाते हैं। पहले तो वे शो में हुए फेर-बदल से नाराज़ होते थे। लेकिन धीरे-धीरे जैसे जैसे शो आगे बढ़ा। वो आश्वस्त हुए। वक़्त के साथ-साथ उन्हें भी यह संतुष्टि मिली कि शो में उनके कॉलम के साथ पूरी तरह से न्याय किया गया है।

‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ ने कई कीर्तिमान अपने नाम किये हैं। शो को लगातार कई सालों तक टीवी के अवार्ड समारोह में ‘बेस्ट कॉमेडी शो’ का ख़िताब मिलता रहा है। वर्ष 2012 में इस शो ने हजार एपिसोड पूरे किये थे। यह तारक मेहता के लेखन का ही कमाल था कि गुजरात की पृष्ठभूमि पर बने इस शो से पूरा भारत जुड़ गया।

गर्भ में बच्चा अपुष्ट और दिव्यांग हो तो भी नहीं करा सकते अबॉर्शन -सुप्रीम कोर्ट

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

यदि गर्भ में ही बच्चे के अपुष्ट व दिव्यांग होने, या किसी बड़ी बीमारी से ग्रसित होने की बात पता चलने पर आप गर्भपात करना चाहें, तो कानूनन आपके लिए यह संभव नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे ही एक मामले में मंगलवार को एक महिला को 26 हफ्ते की प्रेग्नेंसी में अबॉर्शन कराने की इजाजत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा,”हमारे हाथों में एक जिंदगी है। हम उसे खत्म करने की इजाजत कैसे दे सकते हैं!”

दरअसल महिला के गर्भ में पल रहे शिशु को ‘डाउन सिंड्रोम’ है, जिसकी वजह से आम तौर पर बच्चों में मेंटली और फिजिकली कुछ दिक्कतें होती हैं। ये बच्चे दिमाग से कमज़ोर होते हैं। इन बच्चों की त्वचा बहुत रूखी होती है। आंखें ऊपर उठी हुई होती हैं या उनमें तिरछापन होता है। पलकें छोटी, चौड़ी और कान छोटे होते हैं। नाक छोटी और चपटी होती है। मुंह ज्यादातर खुला रहता है। उंगलियां भी मोटी होती हैं। हाथ के अंगूठे और तर्जनी के बीच बहुत अंतर होता है। भविष्य में इस बच्चे को व माता-पिता को तमाम तकलीफों से जूझना न पड़े, इसी आधार पर महिला ने अबॉर्शन की इजाजत मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने उसकी पिटीशन खारिज कर दी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रेग्नेंसी की हालत में 37 साल की इस मां को फिजिकली कोई खतरा नहीं है। जस्टिस एसए बोबडे और एलएन राव की बेंच ने कहा, “हालांकि सब जानते हैं कि डाउन सिंड्रोम वाले बच्चे बेशक कम इंटेलिजेंट होते हैं,लेकिन बढ़िया होते हैं। मुमकिन है कि बच्चे में फिजिकली या मेंटली प्रॉब्लम्स हों,लेकिन डॉक्टरों की सलाह अबॉर्शन कराने की इजाजत नहीं देती।” बोर्ड ने कहा, “इस रिपोर्ट के साथ,हम गर्भपात की अनुमति नहीं दे सकते। एक जिंदगी हमारे हाथों में हैं।” आपको बता दें कि देश में 20 हफ्ते के बाद अबॉर्शन कराना गैरकानूनी है। ऐसा करने पर 7 साल की सजा हो सकती है।

गौरतलब है कि इससे पहले ऐसे ही एक केस में सुप्रीम कोर्ट ने अबॉर्शन की इजाजत दी थी। कोर्ट ने पिछले ही महीने ऐसे एक केस में एक महिला को 24 हफ्ते की प्रेग्नेंसी में अबॉर्शन की इजाजत दी थी। वह फैसला भी जस्टिस एसए बोबडे और एलएन राव की बेंच ने दिया था। महिला की मेडिकल रिपोर्ट से पता चला था कि होने वाले बच्चे का सिर पूरी तरह डेवलप नहीं हो पाया है और उसका बचना मुश्किल है। बेंच ने ऑर्डर दिए थे कि अबॉर्शन की प्रोसेस के लिए केईएम हॉस्पिटल के डॉक्टर्स की टीम इसका पूरा रिकॉर्ड रखे।

रैली में भाड़े की भीड़ इकट्ठी कर रहे हैं पीएम मोदी -मायावती

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

बसपा सुप्रीमो मायावती ने मऊ में अपनी चुनावी रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के अलावा सपा और कांग्रेस पर भी जमकर हमला बोला।

मायावती ने विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यहां हमें सुनने के लिए आप लोग चिपके-चिपके बैठे हैं। भीड़ काफी संख्या में आई हुई है, लेकिन प्रधानमंत्री अपनी रैली में कहते हैं दूर-दूर तक बहुत भीड़ नजर आ रही है। उस भीड़ में केवल 20 या 25 हजार लोग आते हैं जो भाड़े पर बुलाये जाते हैं। पीएम की रैली में कुर्सियां भी दूर-दूर तक होती हैं, पीएम भीड़ के सामने सारी बातें झूठ बोलते हैं।

मायावती ने कहा कि भाजपा और सपा-कांग्रेस को वोट कतई न देकर अपनी हितैशी पार्टी बहुजन समाज पार्टी को दें। बसपा सुप्रीमो नेे समाजवादी पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सपा और कांग्रेस पहले से ही अंदर से मिले हुए थे। अब इन पार्टियों की हकीकत जनता के सामने भी आ गई है।

उन्होंने कहा कि सपा ने दलितों और आदिवासियों का लगातार उत्पीड़न किया है। उन्होंने लोगों को आगाह करते हुए कहा कि अगर भाजपा ने अपनी सरकार यूपी में बना ली तो वह अपने आरएसएस के एजेंडे पर चलकर जातिवाद की राजनीति करेगी। भाजपा के आने के बाद ना जाने कितने दलित रोहित बेमुला कांड होंगे यह किसी को नहीं पता है। इसलिए इन पार्टियों के बहकावे में बिल्कुल न आएं।

‘सरकार 3’ का पोस्टर जारी

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

राजनीति से प्रेरित ‘सरकार’ सीरीज की तीसरी फिल्म ‘सरकार 3’ का पोस्टर रिलीज़ हो गया है। इस पोस्टर में
महानायक अमिताभ बच्‍चन के साथ-साथ मनोज वाजपेयी, यामी गौतम, जैकी श्रॉफ और अमित साध नजर आ रहे हैं।
इसके अलावा प्राप्त जानकारी के अनुसार फिल्‍म की रिलीज डेट आगे बढ़ गई है। अब यह 7 अप्रैल को सिनेमाघरों में  आएगी। इसकी जानकारी खुद निर्देशक राम गोपाल वर्मा ने दी है। निर्देशक ने यह भी खुलासा किया है कि फिल्‍म में मनोज वाजपेयी का किरदार अरविंद केजरीवाल से प्रेरित होगा।

फिल्‍म में अमिताभ अपने पुराने किरदार सुभाष नागर की भूमिका में नजर आयेंगे, वहीं जैकी श्रॉफ खलनायक की भूमिका में दिखेंगे। आपको बता दें कि जैकी इससे पहले राम गोपाल वर्मा संग फिल्‍म ‘रंगीला’ में काम कर चुके हैं, जो बॉक्‍स ऑफिस पर सुपरहिट रही थी।

फिल्‍म में बिग बी, जैकी, यामी, अमित साध के अलावा रोनित रॉय, रोहिणी हंट्टगडी और भरत दाभोलकर भी मुख्‍य भूमिका में हैं। फिल्‍म की एक और खास बात यह है कि फिल्‍म में रोहिणी भी नकारात्‍मक भूमिका में नजर आयेंगी। उनके किरदार का नाम रुक्‍कु बाई देवी होगा।