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Thursday, August 13, 2026
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‘आप’ नेता कपिल मिश्रा ने केजरीवाल पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

Lucknow

दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार से हटाए गए मंत्री कपिल मिश्रा ने एलजी अनिल बैजल से रविवार की सुबह मुलाकात की। इसके बाद मिश्रा ने कहा कि उन्होंने टैंकर घोटाले से जुड़ी जानकारी उन्हें दी है।

कपिल मिश्रा ने एक ट्वीट कर कहा है कि मैंने उन्हें गलत पैसा लेते देखा। चुप रहना असंभव था। वैसे मिश्र ने अभी यह साफ नहीं किया है कि उन्होंने किसे गलत तरीके से कैश लेते देखा। उन्होंने इसके साथ ही यह भी लिखा कि अब प्राण भी जाए तो जाए।

उन्होंने कहा था कि, ”जो बातें अरविंद केजरीवाल जी को बताई थीं, कल सुबह सारे देश को बताऊंगा।” कपिल मिश्रा के इस तेवर से AAP के कई नेताओं पर गाज गिर सकती है। ऐसे में पार्टी के कई बड़े चेहरों को कटघरे में खड़े करके वह केजरीवाल पर दबाव बना सकते हैं।

कपिल मिश्रा का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री केजरीवाल को टैंकर घोटाले के कुछ नाम सौंपे थे लेकिन इस पर कार्रवाई नहीं की गई। कयास लगाए जा रहे हैं कि जिन नामों की वह बात कर रहे हैं, वह पार्टी में अहम हैं और इससे पार्टी की छवि को बड़ा धक्का लग सकता है। पंजाब विधानसभा चुनाव और MCD चुनाव में हार के बाद पार्टी के अंदर खलबली मची है। कई प्रमुख नेताओं ने हार के बाद अपने प्रभार छोड़ने के लिए इस्तीफे की पेशकश भी की है।

महिलाओं को संपत्ति में हक़ दिलाने वाली महिला चीफ जस्टिस लीला सेठ का निधन

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

Allahabad

भारत में उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश बनने वाली पहली महिला लीला सेठ का निधन शुक्रवार रात 10 बजे हो गया। जाने-माने लेखक विक्रम सेठ की मां लीला सेठ ने 86 वर्ष की आयु में नोएडा में अंतिम सांसें लीं।

महिलाओं के साथ भेद-भाव के मामले, संयुक्त परिवार मे लड़की को पिता की संपति में बराबर की हिस्सेदारी बनाने और पुलिस हिरासत मे हुई राजन पिलाई की मौत की जांच जैसे मामलो मे उनकी महतवपूर्ण भूमिका रही है।

लखनऊ में वर्ष 1930 में जन्मीं लीला सेठ भारत की पहली महिला थीं, जिन्होंने 1958 में लंदन बार की परीक्षा पास की थी। बीबीसी को दिए एक साक्षात्कार में लीला सेठ ने बताया था कि वो बचपन में नन बनना चाहती थीं लेकिन पिता राज बिहारी सेठ की मौत के बाद उनका जीवन अचानक बदल गया था।

लीला सेठ ने बताया था कि उनके पिता उन्हें आत्मनिर्भर बनाना चाहते थे और कहते थे कि वो उनकी शादी में दहेज बिल्कुल नहीं देंगे। लीला सेठ का कहना था कि क़ानून की पढ़ाई करना उनकी किस्मत में लिखा था और पढ़ाई के लिए बहुत कम समय मिलने के बावजूद उन्होंने लंदन बार की परीक्षा में टॉप किया, जुलाई 1978 में लीला सेठ को न्यायाधीश की शपथ दिलाई गई और अगले ही वर्ष दिल्ली हाईकोर्ट में नियुक्त किया गया। इसके साथ ही वे भारत में किसी हाईकोर्ट में पहली महिला न्यायाधीश बनीं।

कालांतर में पदोन्नति मिलने पर लीला सेठ को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायायल का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया। ये साल 1992 की बात है और तब ऐसा पहली बार हुआ था जब किसी महिला को किसी उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश बनने का अवसर मिला। वे साल 2012 में बनाई गई जस्टिस वर्मा समिति की भी सदस्य थीं, जिसे दिल्ली के निर्भया बलात्कार कांड के बाद कानून में बदलाव संबंधी सुझाव देने के लिए गठित किया गया था।

निर्भया गैंगरेप मामला : दोषी पवन गुप्ता की बहन ने न्यायालय से लगाई गुहार, कहा, “फाँसी मत दो मेरे भाई को”

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

 

निर्भया गैंगरेप और हत्याकांड में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया। फैसले में देश की बेटी को इंसाफ मिला और सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों की फांसी की सजा बरकरार रखा। फैसले के बाद से एक तरफ पूरा देश जहां खुश है वहीं यूपी के बस्ती में सन्नाटा छाया हुआ है। बस्ती वही जगह है जहां निर्भया गैंगरेप दोषी पवन गुप्ता का गांव है।
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सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद दोषी पवन गुप्ता की बहन का बयान आया है। पवन गुप्ता की बहन ने कहा कि एक गलती तो हर कोई माफ करता है। पवन को एक और मौका मिलना चाहिए। वहीं दादी मुराती देवी ने अपील करते हुए कहा कि फांसी की सजा को माफ कर दिया जाए। उनके पोते को कुछ साल जेल में रख कर छोड़ दिया जाए नहीं तो उसकी मां और बाप मर जाएंगे।
वहीं, गांव वालों का कहना है कि पवन जब गांव में रहता था, वो बहुत अच्छा लड़का था। लेकिन दिल्ली जाने के बाद गलत संगत की वजह से बिगड़ गया। ग्रामीणों का कहना है कि पवन की फांसी की सजा माफ करके उम्रकैद की सजा देनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में 16 दिसंबर, 2012 की रात चलती बस में घटी सामूहिक दुष्कर्म की घटना के सभी चार दोषियों की फांसी की सजा शुक्रवार को बरकरार रखी और इसे जघन्यतम श्रेणी का मामला करार दिया।
न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति आर. भानुमति की तीन सदस्यीय पीठ ने कहा, ‘जिस तरह के मामले में फांसी आवश्यक होती है, ये मामला बिल्कुल वैसा ही है।

दिल्ली : तुगलकाबाद में गैस रिसाव से 150 से ज्यादा बच्चे बीमार, चीन से आया था केमिकल

New Delhi: School students being treated at a hospital in New Delhi on Saturday. Nearly 200 girls were hospitalised after they complained of irritation in eyes due to gas leakage from a container depot near their school in southeast Delhi's Tughlakabad area. PTI Photo (PTI5_6_2017_000025B)

कोमल झा | Navpravah.com

Mumbai

नई दिल्ली: दिल्ली के तुगलकाबाद स्थित एक स्कूल  के समीप शनिवार सुबह एक कंटेनर से हुए  गैस रिसाव गैस की चपेट में 150 से ज्यादा छात्राएं आ गईं. इनमें से ज्यादातर छात्राओं को बेहोशी की हालत में अस्पतालों में भर्ती कराया गया. घटनास्थल पर एनडीआरआफ, दमकल, पुलिस और बचावकर्मी पहुंच गए हैं. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक तुगलकाबाद डीपो के एक कंटेनर से सुबह तीन बजे से गैस लीक हो रही थी जो धीरे-धीरे रानी झांसी कन्या सर्वोदय विदायलय तक फैल गई. इस गैस की चपेट में आने से 150 से ज्यादा बच्चियां बीमार हो गईं.delhi-school-gas-leak-hospital-afp_650x400_71494059186

वहीं, इस घटना के बाद एनडीआरएफ, पुलिस, दमकल के लोग मौके पर पहुंच गए. दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं जबकि उप-राज्यपाल ने इस हादसे पर रिपोर्ट मांगी है. बताया जा रहा है कि डीपो में केमिकल चीन से आया था.

इससे पहले दक्षिण पूर्व दिल्ली के डीसीपी रोमिल बनिया ने कहा कि करीब 200 बच्चों को इलाज के लिए चार अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा गंभीर हालत में नहीं है और स्थिति अब सामान्य है.

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मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक तुगलकाबाद में रानी झांसी स्कूल के पास कंटेनर से गैस का रिसाव हुआ. स्कूल की एक शिक्षिका ने बताया कि सुबह जब बच्चे स्कूल पहुंचे तो उन्होंने आंखों में जलन और दम घुटने की शिकायत की.  गैस की चपेट में आए बच्चों को तीन अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया. शिक्षिका ने बताया कि कई बच्चे बेहोश हो गए थे. वहीं, स्कूल के गार्ड का कहना है कि सुबह पांच बजे से ही गैस का रिसाव हो रहा थ

जयपुर एयरपोर्ट: एयरोब्रिज से टकराया इंडिगो विमान, बाल-बाल बचे यात्री

अमित द्विवेदी । Navpravah.com
Mumbai
जयपुर एयरपोर्ट पर एक बड़ा हादसा होते होते बचा। जानकारी के मुताबिक़ इंडिगो का एक विमान एयरोब्रिज से टकरा गया। इससे इसका एक विंग डैमेज हो गया है। हालाँकि सभी यात्री सुरक्षित उतार लिए गए हैं।
एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि इंडिगो की फ्लाइट नंबर 6ई-942 सुबह करीब 10 बजे दिल्ली से जयपुर आई। इसी दौरान पायलट उसे एयरोब्रिज पर लेकर आए, लेकिन विमान की गति से वह यहां सेट नहीं हो पाया और उसका विंग एयरोब्रिज से टकरा गया।
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यात्रियों ने बताया कि ऐरोब्रिज से टकराने से एकदम झटका लगा, लेकिन शुक्र है कि किसी को चोट नहीं आई। हालाँकि इंडिगो की फ्लाइट का विंग डैमेज हो गया।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक़, यात्रियों को विमान से सुरक्षित नीचे उतार लिया गया है, और विमान को खड़ा कर दिया गया है। अब जयपुर से करीब 11:20 बजे दिल्ली जाने वाले यात्रियों को इंतजार करना होगा। फ़िलहाल उन्हें बोर्डिंग नहीं दी गई है। विमान के विंग के सही होने के बाद ही उड़ान को मंजूरी दी जाएगी।

विदेश में खुद को प्रियंका समझे जाने पर बोलीं दीपिका- ‘ये बहुत नस्लवाद है’

कोमल झा | Navpravah.com
बॉलीवुड की खूबसूरत अभिनेत्री दीपिका पादुकोण आज किसी भी परिचय की मोहताज नहीं हैं। बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में इन्होंने अपनी दमदार एक्टिंग के दम पर शोहरत हासिल की हैं। दीपिका पादुकोण और प्रियंका चोपड़ा दोनो हॉलीवुड में खूब नाम कमा रही हैं। बावजूद इसके विदेशी मीडिया अक्सर दोनों में कंफ्यूज हो जाती हैं। हाल ही में दीपिका पादुकोण को विदेशी मीडिया ने गलती से दीपिका की जगह प्रियंका कह कर पुकारा था। उसके बाद वह वीडियो भारत में काफी वायरल हुआ। इस बात पर गुस्सा जताते हुए दीपिका ने कहा है। कि ये टिप्पणी अपमानजनक है।
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दीपिका ने एक इवेंट के दौरान कहा, ‘ये नस्लवाद है। क्योंकि दो लोगों का रंग एक ही हैं। यह सिर्फ मेरे लिए कही गई बात नहीं थी. यह हम में से किसी के साथ भी हो सकता हैं। और यह मुद्दा सिर्फ इग्नोरेंस का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह रेसिज्म भी है यह मजाक वाली बात नहीं थी। यह जरूरी नहीं कि अगर दो लोग एक ही रंग के होंगे, तो वह एक ही व्यक्ति भी हों। यह भारत की मीडिया का भी फर्ज बनता हैं। कि इस बात को बढ़ावा देने की बजाय और इस बात को मीडिया में लगातार खबर बनाने की बजाय उन लोगों को एजुकेट किया जाए।
इस मामले पर प्रियंका ने भी कुछ दिन पहले कहा था। कि दीपिका का प्रियंका समझा जाना गलत हैं। ‘मैं सबसे ज्यादा पॉपुलर ब्राउन फेस हूं जिसे लोग जानते हैं। लेकिन हर ब्राउन लड़की को एक समझ लेना गलत हैं। दीपिका भारत में काफी बड़ी स्टार हैं। उनके साथ ये बर्ताव गलत हैं।
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दीपिका हाल ही में हुए मेट गाला अटेंड कर के मुंबई लौटीं हैं। इसके बाद वह फ्रेंच रिवेरा में होने वाले कान्स फिल्म फेस्टिवल में शिरकत करेंगी। ये पहली बार है जब दीपिका मेकअप ब्रांड लॉरियाल की ब्रांड अंबेस्डर के रूप में कान्स का हिस्सा बनेंगी। इसके अलावा दीपिका संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ की शूटिंग कर रही हैं। दीपिका के कुछ दिन बीमार रहने के कारण फिल्म की शूटिंग रुक गई थी लेकिन अब दीपिका एकदम ठीक हैं और दिन-रात इसकी शूटिंग में व्यस्त हैं।

तो मुलायम सिंह ने पीएम मोदी के कान में ये बातें कहीं

शिखा पाण्डेय । Navpravah.com
कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा, इसी प्रश्न जितना जटिल एक और प्रश्न सामने आया था कि योगी आदित्यनाथ की ताजपोशी के समय आखिर सपा मार्गदर्शक मुलायम सिंह यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कान में क्या कहा! अंततः इस प्रश्न का उत्तर मिल ही गया। उत्तर खुद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दिया है। अखिलेश का कहना है कि मुलायम ने मोदी को अखिलेश से बचकर रहने की सलाह दी है।
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एक निजी न्यूज चैनल के कार्यक्रम में यादव ने कहा,” पिताजी ने उस दिन प्रधानमंत्री के कान में कहा था कि यह मेरा बेटा है, इससे बच कर रहना।” इस जवाब पर रिपोर्टर द्वारा प्रश्नचिन्ह लगाये जाने पर अखिलेश ने हंसते हुए कहा, “मैंने पहले ही कहा था कि आप यकीन नहीं करेंगे।” उल्लेखनीय है कि 19 मार्च को योगी आदित्यनाथ सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मंच पर मुलायम-मोदी के बीच कान में हुई बात को लेकर लोगों में खासा कौतूहल था।
कुछ दिन पहले संसद में जीएसटी पर बहस के दौरान कुछ सदस्यों ने मुलायम से पूछा था कि वे बताए कि प्रधानमंत्री से क्या कहा था, लेकिन मुलायम इसपर चुप ही रहे हैं। आज अखिलेश ने भी जिस तरह से इस सवाल को टाला, उससे साफ पता चलता है कि ये राज अभी राज ही रहने वाला है। इस बातचीत के दौरान अखिलेश ने अपने उन आरोपों को दोहराया कि भाजपा ने लोगों को बहकाकर वोट लिया। उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियां भी गिनाई और विपक्ष की भूमिका निभाने की बात भी कही। अखिलेश ने यह संकेत भी दिया कि राष्ट्रपति चुनाव में उनके दल का वोट सेकुलर प्रत्याशी को जाएगा।

श्रीहरिकोटा: इसरो ने किया GSAT 9 का सफल प्रक्षेपण

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

इसरो ने आज श्रीहरिकोटा से 2230 किलो के साउथ एशिया सैटेलाइट को लॉन्च कर दिया है। इस सैटेलाइट को जीएसएलवी-एफ09 रॉकेट से भेजा गया। इससे साउथ एशिया के देशों की कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी कोे फायदा मिलने वाला है, इस प्रोजेक्ट पर लगभग 450 करोड़ रुपए का खर्च हुआ है।

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इस मिशन में अफगानिस्तान, भूटान, नेपाल, बांग्लादेश, मालदीव और श्रीलंका शामिल है, ये देश इसरो को 12 साल में 96 करोड़ रुपए देंगे। साउथ एशियाई इलाके में प्राकृतिक आपदाएं आने की ज्यादा संभावना बताई गयी हैं इसलिए ऐसे वक्त में ये सैटेलाइट इन देशों के बीच कम्युनिकेशन में मददगार साबित होगा। साथ ही, सैटेलाइट से इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, टीवी ब्रॉडकास्टिंग, डिजास्टर मैनेजमेंट, टेली मेडिसन और टेली एजुकेशन को बढ़ावा मिलेगा। इसमें शामिल देश 36-54 मेगाहर्ट्ज कैपिसिटी का ट्रांसपोंडर भेज सकते हैं, इसके इस्तेमाल से आंतरिक मसलों को हल भी किया जा सकता है।

इस सैटेलाइट का नाम पहले सार्क सैटेलाइट रखा गया था पर पाकिस्तान के बाहर होने के बाद इसका नाम साउथ ईस्ट सैटेलाइट कर दिया गया। भारत के इस फैसले से पड़ोसी देशों को काफी हद तक आर्थिक मदद मिलेगी और साथ ही कम्युनिकेशन में भी आसानी होगी।

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इसरो लॉन्चिंग के लिए पहली बार इलेक्ट्रिक प्रपुल्शन सिस्टम का इस्तेमाल कर रहा है। इससे 25% तक फ्यूल बचेगा। सैटेलाइट महज 80 किलो केमिकल फ्यूल से एक दशक तक पृथ्वी की ऑर्बिट में चक्कर लगाएगा, सामान्य तौर पर 2000-2500 किलो का सैटेलाइट भेजने में 200 से 300 किलो केमिकल फ्यूल लगता है

जल्दबाजी़ मे बिना टिकट कर रहे हैं सफर? नहीं भरना पड़ेगा जुर्माना

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सौम्या केसरवानी । Navpravah.com
लख़नऊ। अगर आप जल्दी में हैं और आपकी ट्रेन बस कुछ ही पलों में प्लेटफॉर्म से चलने वाली है और आप हड़बड़ी में टिकट लेने में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं, तो कोई बात नहीं, आप आराम से ट्रेन में जाइये और अपना सफर तय कीजिए। यानी टीटीई को देखकर आपको न तो डरना है और न ही छुपना है, बल्कि एक जागरूक नागरिक की तरह टी.टी.ई. को बताना होगा कि किस कारण से आप बिना टिकट यात्रा कर रहे हैं। उसके बाद टीटीई आपको टिकट काटकर देगा।
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रेलवे सूत्रों के मुताबिक, अब अगर आप जल्दी में हैं, तो ट्रेन में सफर के दौरान भी टिकट ले सकते हैं, इससे यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। रेलवे के इस तोहफे से बिना टिकट यात्रा करने वाले अब बहाने नहीं बना सकते हैं। ट्रेन छूटने के डर से बिना टिकट लिए ट्रेन में चढ़ने वालों के लिए यह बेहद अच्छी खबर है।
रेलवे ने अप्रैल से ऐसे लोगों को ट्रेनों में ही टिकट देने की व्यवस्था शुरू कर दिया है। इसके लिए आपको ट्रेन से उतरने की जरूरत नहीं है और न ही इंटरनेट का इस्तेमाल करना है। यात्री ट्रेन में टीटीई से संपर्क कर टिकट ले सकेंगे, टीटीई संबंधित यात्री से तय किराये के साथ ही 10 रुपये अतिरिक्त शुल्क लेकर हैंड हेल्ड मशीन से टिकट निकालकर देगा।
आरक्षित टिकट देने की यह सुविधा केवल सुपरफास्ट ट्रेनों में शुरू हुआ है, जो कि बाद में व्यापक पैमाने पर हो सकता है। यह हैंड हेल्ड मशीन रेलवे के पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम के सर्वर से कनेक्ट होगी। जैसे ही यात्री टिकट मांगेगा, मशीन में नाम और जगह डालते ही टिकट निकल आयेगी। मशीन की मदद से ट्रेन में खाली बर्थों की जानकारी भी आसानी से मिलेगी। वेटिंग क्लीयर होने पर भी ट्रेन में खाली बर्थ की जानकारी हैंड हेल्ड मशीन में उपलब्ध होगी। यदि किसी यात्री की वेटिंग क्लीयर नहीं हुई है, तो वह टीटीई के पास जाकर अपनी टिकट दिखाकर खाली सीट की जानकारी लेकर उसे कन्फर्म करा सकता है।
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देश की बेटी निर्भया को मिला इंसाफ कोर्ट ने नहीं दिखाया रहम, फांसी की सजा रखी बरकरार

कोमल झा Navpravah.com
Mumbai
निर्भया गैंगरेप काण्ड  में चारों गुनहगारों को सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा बरकरार रखी है. न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ मामले में अपना फैसला सुनाया. सुप्रीम कोर्ट ने चारों दोषियों- मुकेश, पवन, विनय शर्मा और अक्षय कुमार सिंह को फांसी की सजा बरकरार रखी है. बता दें कि 16 दिसंबर, 2012 की रात दिल्ली में 6 आरोपियों ने चलती बस में निर्भया के साथ गैंगरेप किया था। उसे बस से फेंक दिया था। बाद में इलाज के दौरान पीड़िता की मौत हो गई थी। इस कांड ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था और निर्भया कांड नाम से चर्चित रहा था.
Nirbhaya
सजा पर फैसला सुनाने के दौरान सुप्रीम कोर्ट में तालियां बजी. सुप्रीम कोर्ट के जज ने कहा कि ऐसे जघन्य अपराध के लिए माफी नहीं दी जा सकती है. जजों ने कहा कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए फैसला बरकरार रखते हैं. कोर्ट ने कहा कि इस मामले की परिस्थितियों और इस अपराध ने ‘लोगों को हतप्रभ करने की सुनामी पैदा कर दी
चार दोषियों अक्षय कुमार सिंह, पवन, विनय शर्मा और मुकेश ने दिल्ली हाईकोर्ट के फांसी के ऑर्डर को सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया. इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने चारों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट ने भी सजा को बरकरार रखा था। निर्भया की मां ने कहा था, मुझे न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। दोषियों को सुप्रीम कोर्ट भी फांसी की सजा सुनाएगा और मेरी बेटी को न्याय देगा। निर्भया के पिता ने कहा था, दोषियों को फांसी की सजा ही मिलनी चाहिए। कोर्ट तो क्या, उन्हें भगवान भी माफ नहीं करेगा।
क्या हुआ था 16 दिसंबर, 2012 की रात?
दिल्ली में पैरा मेडिकल की स्टूडेंट 23 साल की निर्भया 16 दिसंबर की रात अपने दोस्त के साथ मूवी देखकर लौट रही थी। वह एक बस में अपने दोस्त के साथ बैठी। बस में मौजूद कुछ लोगों ने उसे धोखे से बैठा लिया था। 6 बदमाशों ने निर्भया से बर्बरता के साथ चलती बस में गैंगरेप किया था। बाद में उसे और उसके दोस्त को रास्ते में फेंक दिया था। 13 दिन बाद इलाज के दौरान सिंगापुर में निर्भया की मौत हो गई थी। देशभर में गैंगरेप केस का जमकर विरोध हुआ था। एक दोषी राम सिंह ने तिहाड़ में फांसी लगा ली थी। चार को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। घटना के वक्त जुवेनाइल रहे एक आरोपी को सुधार गृह भेजा गया था। 3 साल सजा काटने के बाद वह पिछले साल दिसंबर में रिहा हो गया।
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