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Friday, August 14, 2026
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“धर्मनिरपेक्षता से इतने नाखुश हैं, तो किसी और देश क्यों नहीं चले जाते?”-जावेद अख़्तर

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

समय समय पर तमाम सामाजिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखने वाले मशूहर गीतकार और पूर्व राज्यसभा सांसद जावेद अख्तर ने धर्मनिपेक्षता का विरोध करने वाले लोगों को बहुत तल्ख़ जवाब दिया है। उन्होंने धार्मिक भेद भाव फैलाने वाले लोगों से ट्वीट कर सवाल पूछा है कि यदि इतने सालों से आप धर्मनिरपेक्षता और धर्मनिरपेक्ष संविधान से नाखुश थे, तो किसी और देश में क्यों नहीं चले गए?

वैसे ये तो स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उन्होंने किसी राजनेता पर टिप्पणी की है या मुस्लिम समुदाय के कुछ विषमता फैलाने वाले तत्त्वों पर निशाना साधा है। जब उनके ट्वीट पर कमेंट कर एक यूजर्स ने उनसे पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी पर इशारे को लेकर सवाल किया, तो जवाब देते हुए उन्होंने लिखा, “हामिद अंसारी सच्चे देशभक्त हैं। वो हमारे समाज में हो रहीं कुछ अवांछनीय घटनाओं को लेकर चिंतित हैं।”

जावेद अख्तर के इस ट्वीट पर कई यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। इंतेखाब आलम नामक एक फॉलोवर ने लिखा है, “भारतीय डिप्लोमेट रहते हुए हामिद अंसारी ने यूएन में पाकिस्तान के खिलाफ केस जीता था।” इसपर वरुण शर्मा ने जवाब देते हुए लिखा है, “लेकिन हामिद अंसारी दिल और आत्मा से पाकिस्तानी हैं। बस उनका शरीर भारतीय है। यही वजह है कि वो हमेशा भारत के खिलाफ बोलते हैं।” आमिर मतीन ने लिखा है, “सर, मुझे लगता है आप किसी को यहां जवाब दे रहे हैं,लेकिन हम संदर्भ नहीं देख पा रहे हैं। आपकी एक पाकिस्तानी फैन।”

रूपा लिखती हैं, “जावेद अख्तर हामिद अंसारी को जवाब दे रहे हैं।” आंचल लिखती हैं, “किसको सुना रहे हैं? व्हाट्सएप की बातचीत तो शेयर नहीं कर दिए यहां?” आजरा अंसारी लिखती हैं, “मुझे लगता है मुस्लिमों की दुर्दशा से आप पूरी तरह वाकिफ नहीं हैं। ये हमारा देश और घर है।” मारिया सरताज लिखती हैं, “किसने बोला आपको कि पाकिस्तान जाओ? नाम बताओ या कोक स्टूडियो में गाने लिखोगे?”

उल्लेखनीय है कि उप राष्ट्रपति रहते हामिद अंसारी ने अपने आखिरी साक्षात्कार में कहा था कि देश के मुस्लिमों में बेचैनी का अहसास और असुरक्षा की भावना है। गौरतलब है कि हामिद अंसारी की टिप्पणी ऐसी समय में आई थी जब असहनशीलता और कथित गौरक्षकों की गुंडागर्दी की घटनाएं सामने आई हैं। और कुछ भगवा नेताओं की ओर से अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ बयान दिए गए हैं। अंसारी के इस बयान पर संघ से लेकर भाजपा और कांग्रेस के कुछ नेताओं ने विरोध जताया था।

एंबी वैली की नीलामी का आदेश, सहारा समूह को झटका

सौम्या केसरवानी। Navpravah.com
मुंबई उच्च न्यायालय ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के तीन दिन बाद सहारा समूह की लोनावला में एंबी वैली परियोजना की नीलामी का आदेश दिया है। एंबी वैली परियोजना के आधिकारिक परिसमापक ने इस नीलामी का आरक्षित मूल्य 37,392 करोड़ रुपये रखा है।
मुंबई उच्च न्यायालय ने सुब्रत रॉय के स्वामित्व वाले सहारा समूह को बड़ा झटका दिया, उच्च न्यायालय ने सोमवार को महाराष्ट्र में एंबी वैली परियोजना की नीलामी का नोटिस जारी किया है।
इससे तीन दिन पहले ही सर्वोच्च न्यायालय ने सहारा समूह की नीलामी पर रोक लगाने की याचिका को खारिज कर दिया था, मुंबई उच्च न्यायालय के ओएल विनोद शर्मा ने नीलामी के नोटिस जारी किए। ओएल के मुताबिक, संपत्तियों को देखते हुए नीलामी प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी, जो दो दिनों तक चलेगी, यह परियोजना 6,761.64 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई है।

जेडीयू में घमासान, 21 प्रमुख नेताओं की छुट्टी

21 leaders of jdu fired

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

महागठबंधन छोड़ भाजपा से हाथ मिलाने वाली जदयू में घमासान बढ़ता ही जा रहा है, पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद यादव की नाराजगी के बाद सूचना है कि रमई राम और अर्जुन राय जैसे महत्वपूर्ण प्रतिनिधियों सहित 21 नेता को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है।

सूत्रों के अनुसार इन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण बाहर का रास्ता दिखाया गया है। माना जा रहा है कि ये सब पार्टी के बागी नेता शरद यादव के समर्थक हैं। इनको पार्टी से निकाले जाने की सूचना देते हुए जदयू के वरिष्ठ नेता वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि ये सब पार्टी के फैसले के खिलाफ एनडीए गठबंधन तोड़ने की साजिश रच रहे थे।

शरद यादव को पार्टी के कुछ सांसदों और विधायकों का समर्थन हासिल बताया जा रहा है। अगर यादव पार्टी पर अपना दावा जताते हैं जेडीयू में एक और टूट हो सकती है। सामाजिक विचारधारा वाले ‘जनता दल’ में विलय और विघटन का पुराना इतिहास रहा है। जेडीयू के 2 राज्यसभा सांसद अली अनवर अंसारी और वीरेंद्र कुमार भी नीतीश के बीजेपी के साथ जाने के फैसले से नाराज हैं।

कश्मीर घाटी में सभी शैक्षणिक संस्थान बंद

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

कश्मीर घाटी में 13 अगस्त को दो प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद आज सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रहे। प्रशासन ने जानकारी दी कि, सोमवार के लिए नियत सभी परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं।

शोपियां, कुलगाम और चदूरा इलाकों में इंटरनेट सेवाएं स्थगित कर दी गई, इसके अलावा घाटी और जम्मू के बनिहाल शहर के बीच रेल सेवाएं रद्द कर दी गई, काकापोरा और शोपियां शहरों में सुरक्षा बलों के साथ संघर्ष के दौरान पैलेट्स से घायल हुए ओवैस अहमद डार और मोहम्मद सईद बट की मौत हो गई थी।

शोपियां के अवनीरा गांव में हिजबुल मुजाहिद्दीन के ऑपरेशनल कमांडर यासीन याटू समेत तीन आतंकी मारे गए, इसके बाद दक्षिण कश्मीर के कई इलाकों में पत्थरबाज प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें शुरू हो गई थी, मुठभेड़ में दो जवान भी शहीद हो गए।

प्रशासन ने श्रीनगर पुराने शहर और ऊपरी इलाकों में भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की है।
साथ ही रैनावारी, खानयार, नौहाटा, एम.आर. गंज और सफा कदल के पांच थाना क्षेत्रों में प्रतिबंधों की घोषणा भी की गई है।

GST की मार के बीच भी सेलर्स फेस्टिव सीजन में देंगे ‘एक पर एक फ्री’ ऑफर!

OMG! offers are still in the market

शिखा पाण्डेय । Navpravah.com

अगर आप सोच रहे हैं कि जीएसटी की वजह से आप फेस्टिव सिज़न्स में मिलने वाले कुछ ऑफर्स से वंचित रह जाएँगे, तो बिलकुल निश्चिन्त हो जाइए। आपको आपका सबसे पसंदीदा ‘वन प्लस वन’ ऑफर यानि ‘एक सामान पर दूसरा बिलकुल मुफ्त’ ऑफर व ऐसे तमाम ऑफर्स जरूर मिलेंगे, लेकिन ‘बिलकुल मुफ्त’ नहीं, थोड़ी सी और कीमत चुकाने के बाद। जी हाँ! जीएसटी लागू होने के बाद से ऐसी आशंका थी कि कंपनियां जीएसटी के बाद टैक्स स्ट्रक्चर के बदलाव को देखते हुए ‘वन प्लस वन’ व इस प्रकार के कई ऑफर्स से हाथ खींच सकती हैं, लेकिन कंपनियों ने अब इसका तोड़ निकाल लिया है।

कंपनियां अब नए फार्मूले के साथ स्कीमें लाने की तैयारी कर रही हैं। इससे कन्ज्यूमर को पहले की तरह एक पर एक फ्री प्रोडक्ट मिलेगा, लेकिन उसके लिए उसे पहले से थोड़ी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। अर्थात नए स्कीम में कंपनियां जीएसटी का बोझ अलग तरीके से कस्टमर्स पर डालेंगी।

वीडियोकॉन के सीओओ सीएम सिंह ने एक अख़बार से बातचीत के दौरान बताया कि जीएसटी आने के बाद एक पर एक फ्री जैसे ऑफर देना मुश्किल लग रहा था, लेकिन कंपनी ने अब इसके लिए फॉर्मूला बना लिया है। फेस्टिव सीजन में कस्टमर्स को पहले की तरह एक पर एक फ्री जैसे ऑफर मिलेंगे, लेकिन कीमतों में थोड़ा बदलाव हो सकता है। जीएसटी के नए टैक्स स्ट्रक्चर में फ्री प्रोडक्ट पर भी टैक्स देना होगा।

पुराने टैक्स स्ट्रक्चर में कंपनी या रिटेलर फ्री प्रोडक्ट का बिल नहीं बनाती थीं, लेकिन अब रिटेलर को बिल के साथ जीएसटी भी दिखाना होगा। अर्थात अब एक के साथ दूसरा प्रोडक्ट फ्री देने पर कंपनी को फ्री प्रोडक्ट के प्राइस के साथ टैक्स का नुकसान भी उठाना होगा। इसी वजह से कंपनियां पुरानी स्कीम को लाने के मूड में नहीं थीं, लेकिन अब कंपनी प्रोडक्‍ट की कीमतें बढ़ाकर इसका थोड़ा बोझ कस्टमर पर डालेंगी और थोड़ा स्वयं वहन करेंगी।

विजय सेल्स के एमडी नीलेश गुप्ता के अनुसार वाशिंग मशीन के साथ आयरन फ्री, एक बड़े टीवी के साथ छोटा टीवी फ्री जैसे ऑफर पहले मिलते थे। ये अब भी मिलेंगे लेकिन अब दूसरे प्रोडक्ट की कीमत पर डिस्काउंट जैसे ऑफर रखे जाएंगे, ताकि कंज्यूमर और रिटेलर दोनों को ही नुकसान न हो। एलजी ब्रांड के एक अधिकारी ने बताया कि प्राइस में डिस्काउंट जैसे ऑफर कस्टमर को फेस्टिव टाइम में मिलेंगे।

एक्टर नवाज़ुद्दीन ने पोस्ट की बेटे की कृष्ण के रूप में तस्वीर, ट्रॉल्स ने किया ये..

आनंद रूप द्विवेदी | Navpravah.com

मशहूर फिल्म एक्टर नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी फिर से एक बार चर्चा में हैं. इस बार उन्होंने अपने फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल में किशन कन्हैया जी की तस्वीर साझा कर माहौल को नया रुख दिया है.

नवाज़ का फेसबुक पोस्ट

दरअसल नवाज़ के बेटे को स्कूल में कृष्ण के रूप में सजाया गया जिसके बाद नवाज़ इतने खुश हुए की उन्होंने अपने बेटे की तस्वीर और एक बेहद सुंदर सा कोटेशन शेयर कर दिया.

कृष्ण के रूप में नवाज़ का बेटा

तस्वीर साझा करते हुए नवाज ने लिखा कि, “I am glad to the school of my kid . Who gave him an opportunity to play the character of “Natkhat Nandlala”. अपने बेटे की प्यारी सी तस्वीर में उन्होंने स्कूल वालों को धन्यवाद देते हुए कहा है कि मुझे इस बात की बेहद प्रसन्नता है कि स्कूल वालों ने मेरे बच्चे को “नटखट नंदलाला’ का किरदार निभाने का मौका दिया .

नवाज़ की पोस्ट पर धार्मिक ज्ञान बांटने आये कुछ ट्रॉल्स

सोशल मीडिया में साम्प्रदायिक सौहार्द्र की बात हो वो भी एक सेलेब्रिटी के द्वारा और ट्रॉल्स अपनी बदतमीजी का प्रदर्शन न करें ऐसा भले कैसे हो सकता है. जाहिर सी बात है कुछ लोगों ने नवाजुद्दीन सिद्दीकी की इस बात पर ख़ुशी जाहिर की तो कुछ लोगों ने आपत्ति जताते हुए अपना धार्मिक अवसाद भी प्रकट किया. लेकिन नवाज ऐसे लोगों की बिलकुल फ़िक्र न करते हुए समाज को बेहद सुंदर और सटीक सन्देश दे गये.

आने वाली 25 अगस्त को नवाजुद्दीन स्टारर और विवादों में रही फ़िल्म “बाबूमोशाय बंदूकबाज” भी सिनेमाघरों में देखने को मिलेगी.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया बाढ़ग्रस्त इलाकों का निरीक्षण

सौम्या केसरवानी। Navpravah.com
उत्तर प्रदेश के कई जिले मौजूदा समय में प्राकृतिक आपदा बाढ़ का सामना कर रहे हैं, प्रदेश के कई जिलों में बीते कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते नदियाँ अपने उफान पर हैं। राज्य की कई नदियाँ खतरे के निशान के ऊपर से बह रही हैं और कई खतरे के निशान पर बह रही हैं।
इसी क्रम में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बाढ़ग्रस्त इलाकों के निरीक्षण के लिए गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच और बाराबंकी के दौरे पर निकले हैं। योगी आदित्यनाथ गोंडा जिले के बाढ़ग्रस्त इलाकों में पहुंचे, जहाँ उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य को युद्ध स्तर तक ले जाने के निर्देश दिए।
साथ ही मुख्यमंत्री योगी ने मामले में लापरवाह अधिकारियों को दण्डित करने की भी बात कही, कई अधिकारियों पर पैसे लेकर राहत सामग्री बांटने के आरोप लगे थे।
अपने गोंडा जिले के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करीब 45 मिनट जिले में थे,जहाँ उन्होंने जानकारी दी कि, 2-3 लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें मिली हैं, साथ ही उन्होंने कहा कि, इन लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई  होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस घोषणा के बाद DSO पूरण सिंह पर भी गाज गिर सकती है, अब से करीब 15 दिन पहले कैसरगंज सांसद ब्रिजभूषण शरण सिंह ने DSO पूरण सिंह की शिकायत की थी। गोंडा दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की बात कही है।

गोरखपुर त्रासदी: हीरो या शैतान हैं, डा. कफील खान?

सौम्या केसरवानी। Navpravah.com
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मे बाब राघव दास मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के चलते लगभग 48 घंटे में 30 मासूम की जान जा चुकी है | इस घटना के पीछे की वजह बताई जा रही है कि अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी का समय पर भुगतान नहीं किया गया था जिसके चलते उन्होंने हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की सप्लाई बंद कर दी थी जिसके चलते ये बड़ा हादसा हुआ है।
ऐसे में इसी अनहोनी को होने से टालने के लिए डॉ कफील रात भर केवल अपने बलबूते पर ज्यादा से ज्यादा मरीजों को बचाने में लगे रहे, एक खबर के अनुसार गुरुवार की रात करीब दो बजे डॉ कफील को सूचना मिली कि कुछ देर में ऑक्सीजन खत्म हो जाएगी। ये बात सुनने की देरी ही थी कि डॉक्टर काफील को अंदाज़ा हो गया कि मामला काफी संगीन रुख ले सकता है, बिना वक़्त जाया किये डॉक्टर ने आनन फानन में ऑक्सीजन के तीन सिलेंडर अपनी गाड़ी में लेकर शुक्रवार की रात तीन बजे सीधे बीआरडी अस्पताल पहुंच गए।
बताया जा रहा है कि इन तीन सिलिंडरों से बालरोग विभाग में सिर्फ 15 मिनट ऑक्सीजन की ही आपूर्ति की जा सकी, इन तीन सिलेंडरों से रातभर किसी तरह से काम चल पाया गया, लेकिन सुबह सात बजे एक बार फिर ऑक्सीजन खत्म होते ही अस्पताल में स्थिति गंभीर हो गई।
लेकिन सोशल मीडिया पर जिस डॉक्टर को बतौर हीरो देखा जा रहा है, असर मे वो शैतान है, कुछ समय पहले डॉक्टर कफील खान अपने ही अस्पताल में काम करने वाली एक मुस्लिम नर्स के साथ बलात्कार के केस में 1 साल के लिए जेल जा चुके हैं|
इतना ही नहीं डॉक्टर कफील खान जिसे एक नायक और उद्धारकर्ता के रूप में चित्रित किया जा रहा है, वो 2009 में राष्ट्रीय बोर्ड की परीक्षा में एक दुसरे छात्र के नाम से परीक्षा देने के चलते गिरफ्तार किया गया था, मणिपल विश्वविद्यालय द्वारा उनके खिलाफ उस आपराधिक मामले के लिए उन्हे निलंबित कर दिया गया था और उच्च न्यायालय ने इस फैसले को बरकरार रखा था।
डॉ. काफिल को पद से हटा दिया गया है, उन पर दायित्वों में लापरवाही बरतने के आरोप लगे हैं। बच्चों की जान बचाने के लिए मीडिया और सोशल मीडिया में डॉ. कफील हीरो बने हुए हैं, मगर बाद में उनका यह पहलू भी उजागर हुआ, पता चला कि वे इससे पहले विवादों में घिरे रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो उन्होंने बंद कमरे में पूरे स्टाफ की क्लास लगाई। डॉ, पूर्णिमा और बाल रोग विभाग के एचओडी से पूछा कि एक दिन में कितने सिलेंडर की जरूरत होती है तो उन्होंने बताया कि 21, इस पर योगी ने डॉ. काफिल से पूछा कि जब 21 सिलेंडर की जरूरत होती है तो फिर तीन सिलेंडर की व्यवस्था करके मीडिया में हीरो बनने चले गए। तुम बाहर कैंपस में फोटो खिंचाने में बिजी रहे, अंदर बाकी साथी चिकित्सक इलाज कर रहे थे। सब फोटो खिंचाने लगेंगे तो इलाज कौन करेगा। सूत्र ने बताते हैं कि योगी ने फटकारते हुए कहा कि अगर आप लोग जिम्मेदारी से काम किए होते तो ऐसी नौबत ही नहीं आती, क्या पहले से नहीं पता था कि आक्सीजन कम होने वाला है। एक तो खुद संकट पैदा किया और ऊपर से सिलेंडर की फोटो खिंचाकर हीरो बनने की कोशिश की। इसके बाद योगी के निर्देश पर मेडिकल कॉलेज के डॉ. काफिल को वार्ड प्रभारी पद से हटा दिया गया।

आने वाला समय ‘हिंद’ और ‘हिंदी’ का होगा – डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
      सेंट पीटर्स विद्यालय में “अपने प्रिय कवि से मिलिए” कार्यक्रम का आयोजन किया गया था । आमंत्रित अतिथियों का स्वागत और परिचय पर्यवेक्षक सुनील माने ने दिया । कार्यक्रम के पहले सत्र में डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय का सद्यः प्रकाशित यात्रा वृत्तांत “देखा जब स्वप्न सवेरे” का विमोचन संपन्न हुआ । कार्यक्रम के अध्यक्ष प्राचार्य डॉ. विल्फ्रेड नरोन्हा थे ।
डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय
मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात आलोचक और मुंबई विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग के प्रोफेसर डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय उपस्थित थे । डॉ. उपाध्याय ने हिंदी के वैश्विक सन्दर्भों को स्पष्ट करते हुए बताया कि आने वाला समय ‘हिंद’ और ‘हिंदी’ का होगा । अतः मुझे हिंदी को लेकर कोई खतरा महसूस नहीं होता । पुस्तक विमोचन के अवसर पर चर्चित जनवादी कवि हृदयेश मयंक ने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए अपनी एक गज़ल सुनाई-‘इज्ज़त न सही आप से नफरत तो मिली है। जैसे भी मिली है, हमको ये शोहरत मिली है ।’
अध्यक्षीय भाषण में डॉ. विल्फ्रेड ने लोकप्रियता के पीछे कड़ी मेहनत की तरफ इशारा करते हुए पुस्तक के लेखक को बधाई दी । इस अवसर पर प्राचार्य रामनयन दूबे, प्राचार्य ऑगस्टीन, दैनिक सकाळ के वरिष्ठ पत्रकार सुनील कांबले, नवभारत टाइम्स के विजय पाण्डेय, प्रतिभा मिश्रा, श्रीकांत पोफले, सागर पाटिल और रोहन शेट्टी ने पुस्तक पर अपने-अपने विचार रखे । कार्यक्रम का दूसरा चरण “अपने प्रिय कवि से मिलिए” कार्यक्रम पर केंद्रित था । इस अवसर पर कई विद्यालय से आए छात्रों ने स्वरचित कविताएं सुनाई । इसके लिए उन्हें सहभागिता प्रमाणपत्र दिया गया । उन्होंने कवि हृदयेश से एक रोचक संवाद भी स्थापित किया । एक प्रश्न का उत्तर देते हुए मयंक जी ने बताया कि अपना अनुभव जब शब्दों में ढलता है तो कविता बन जाती है ।
                  कार्यक्रम के अंतिम सत्र में हिंदी कार्यशाला रखी गई थी । श्री राम नयन दूबे और श्रीमती प्रतिभा मिश्रा के मार्गदर्शन में हिंदी के अध्यापकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया । कार्यक्रम का संचालन चन्द्रवदन आढाव और राम शेलके ने किया । प्रिया पायस ने आभार प्रदर्शन की औपचारिकी निभाई ।

डायल 100 : सवा दो घंटे ठप रहा यूपी-100, यूपी पुलिस की खुली पोल

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

यूपी पुलिस की इमरजेंसी सेवा यूपी-100 रविवार को सवा दो घंटे से ज्यादा ठप रही, मुसीबत में फंसे लोग 100 नंबर मिलाते रहे, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। आनन-फानन में यूपी 100 की ओर से वैकल्पिक नंबर 1073 बताया गया, लेकिन उस पर भी बार-बार मिलाने पर कोई रेस्पॉन्स नहीं मिला।

रविवार शाम करीब पांच बजे अचानक यूपी-100 की सेवाएं ठप हो गईं, मदद के लिए लोगों ने जब 100 नंबर मिलाया तो उन्हें तकनीकी समस्या बताई गई और 1073 पर डायल करने का मेसेज दिया गया। जब लोगों ने 1073 मिलाया तो वह भी लगातार व्यस्त बताता रहा।

बताया जा रहा कि संडे होने की वजह से कोई अधिकारी मौजूद नहीं था, इतनी देर से सेवाएं बाधित होने के बाद भी न ही यूपी 100 के प्रभारी एडीजी अनिल अग्रवाल पहुंचे और न ही उनका कोई और पहुंचा।

मुख्यालय में मौजूद पुलिसकर्मियों ने बताया कि इस दौरान यहां सिर्फ इंस्पेक्टर स्तर के लोग मौजूद हैं।
हालांकि अनिल अग्रवाल का दावा है कि ऐसा नहीं है, एसपी स्तर का एक अधिकारी चौबीस घंटे वहां मौजूद रहता है और अगर ऐसा हुआ है तो जिस अफसर की वहां ड्यूटी थी उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।

यूपी-100 की शुरुआत के समय प्रभारी एडीजी अनिल अग्रवाल और सलाहकार वेंकट चंगावल्ली ने दावा किया था कि किसी भी आपात स्थिति में यूपी 100 की सेवाएं नहीं रुकेंगी। सेवाएं बाधित न हों इसलिए अलग-अलग मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों की सेवाएं ली गई हैं, लेकिन सेवा शुरू होने के बाद आए पहले झटके में ही यूपी 100 की तैयारियों की पोल खुल गई।

रविवार के दिन यूपी-100 में सबसे ज्यादा मदद के लिए कॉल आती हैं, वैसे हर दिन औसतन यूपी 100 में 13 हजार से 15 हजार कॉल आती हैं रविवार को इनकी संख्या 20 से 24 हजार हो जाती है।

यूपी 100 की शुरुआत के दौरान गाजियाबाद और इलाहाबाद या वाराणसी में से एक जगह दो मिरर कंट्रोल रूम बनाने का दावा किया गया था, लेकिन सेवा शुरू हुए आठ माह से ज्यादा बीत चुके हैं पर अभी तक ये कंट्रोल रूम शुरू नहीं किए जा सके हैं।