जापान का डेलीगेशन यूपी के दौरे पर है, जापान की 21 बड़ी कम्पनियों के प्रमुख उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं, ये डेलीगेशन कल भारत समाचार के मुख्यालय पहुंचा था। जापान का डेलीगेशन पिछले 18 महीनों से उत्तर प्रदेश की सरकार के संपर्क में है।
इस दौरान डेलीगेशन ने भारत समाचार के एडिटर इन चीफ ब्रजेश मिश्रा से मुलाकात की, जबकि सीईओ श्रेय शुक्ला भी इस दौरान मौजूद रहे, डेलीगेशन के साथ PHD चैम्बर के मुकेश सिंह, आरके सरन भी शामिल हुए।
एडीटर-इन-चीफ ब्रजेश मिश्रा ने डेलीगेशन से बातचीत करते हुए कहा कि यूपी में निवेश का माहौल बहुत उपयुक्त है, यूपी लैंड ऑफ अपॉर्चयूनिटी है, यूपी में उद्योग-धंधों में निवेश का सही वक्त है।
21 से ज्यादा बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि इस डेलिगेशन में सम्मिलित रहे, उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश व्यापार की असीम संभावनाओं वाली धरती है, उन्होंने कहा कि यूपी बढ़ेगा तभी देश बढ़ेगा।
पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान की सूफी दरगाह में गुरुवार (5 अक्टूबर) को एक फिदायीन हमलावर ने खुद को उड़ा लिया जिसमें कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और 24 अन्य जख्मी हो गए. बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता अनवारुल हक काकर ने कहा कि यह एक आत्मघाती हमला था। प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता ने कहा, “दरगाह में हमले के समय उर्स चल रहा था.”
सूत्रों के मुताबिक, कि बलूचिस्तान के झाल मगसी जिले में स्थित दरगाह फतेहपुर में हमलावर ने घुसने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने जब फिदायीन को मुख्य द्वार पर रोका तो उसने खुद को उड़ा लिया. काकर ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की और कहा कि दरगाह में फिदायीन को घुसने से रोकने की कोशिश में एक पुलिस कांस्टेबल भी मारा गया है.
बलूचिस्तान के गृह मंत्री मीर सरफराज बुग्ती ने मीडिया से कहा कि अबतक यह एक फिदायीन हमला लगता है. उन्होंने कहा, ‘तहकीकात अब भी चल रही है और घायलों को झाल मगसी के जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया है.’ बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता अनवर-उल-हक काकर ने फिदायीन हमले की पुष्टि की. शुरुआती जांच में सामने आया है कि विस्फोट उस वक्त हुआ जब दरगाह परिसर में सूफी कार्यक्रम चल रहा था.
विस्फोट के बाद सुरक्षा बलों ने घटनास्थल पर पहुंच कर इलाके को घेर लिया. स्थानीय प्रशासन ने सिब्बी और डेरा मुराद जमाली के अस्पतालों में आपातकाल की घोषणा की है. दरगाह शहर से चार किलोमीटर दूर स्थित है. इससे पहले नवम्बर 2016 में, बलूचिस्तान के लास्बेला जिले में हब के पास शाह नूरानी दरगाह में एक आत्मघाती विस्फोट में महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 52 लोग मारे गए थे और 100 से अधिक घायल हुए थे.
समाजवादी पार्टी के आगरा में हो रहे राष्ट्रीय सम्मेलन पर कैबिनेट मंत्री और राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने निशाना साधा है, उन्होंने सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव और वरिष्ठ नेता शिवपाल के राष्ट्रीय सम्मेलन में न पहुंचने पर इसे परिवार में अशांति बताया है।
उन्होंने कहा कि जो अपने परिवार में शान्ति स्थापित नहीं कर सकते, वे बीजेपी से लड़ने का सपना देख रहे हैं, अखिलेश यादव को परिवार में चल रहे परिवार वॉर से निपटने के लिए बिगुल फूंकने की जरूरत है।
सिद्धार्थ नाथ सिंह ने सपा के राष्ट्रीय सम्मेलन में चुनावी बिगुल फूंकने के दावों की हवा निकालते हुए कहा कि जो योद्धा लड़ाई के मैदान में उतरता है, वह एक टांग पर नहीं जाता है। उन्होंने कहा कि एक टांग पर लड़ाई लड़ने जाने वाले की हमेशा हार होती है।
उन्होंने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश को पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव द्वारा आशीर्वाद दिए जाने को लेकर कहा है कि अखिलेश को एक पिता का आशीर्वाद मिला है लेकिन बेटे ने पिता की इज्जत नहीं की है।
Letter to Ravi Kumar of Nikhil Dadhichi who came to controversy by tweeting on Gauri Lankesh death
आनंद रूप द्विवेदी | Navpravah.com
गौरी लंकेश हत्याकांड मामले में विवादित ट्वीट कर सुर्खियों में छा जाने वाले निखिल दधीच ने ndtv के शीर्ष पत्रकार रवीश कुमार को एक खुला पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने रवीश कुमार पर कई आरोप लगाए हैं। बात दें कि पीएम मोदी स्वयं ट्विटर पर निखिल दधीच को फॉलो करते हैं । निखिल द्वारा गौरी लंकेश पर किये गए विवादित ट्वीट के बाद से रवीश कुमार भी निखिल समेत पीएम मोदी पर तंज कसते पाए गए थे।
पढ़ें निखिल दधीच का रवीश कुमार के नाम पत्र:
माननीय रविश जी,
नमस्कार आपका प्रधानमंत्री जी के नाम लिखा पत्र पढ़ा। आपके पहले के कई पत्र भी मैंने पढ़े है लेकिन यकीन मानिए अब आपके पत्र प्रभावित नहीं करते क्योंकि जब अन्तरात्मा पर एजेंडा हावी हो जाये तो अन्तरात्मा की आवाज़ दब जाती है। आपके साथ भी ऐसा ही कुछ हो रहा है। आप डरे हुए नहीं बल्कि परेशान ज्यादा नजर आ रहे है , किसी दूसरे से नहीं बल्कि अपने आप से अपनी स्वयं की अन्तरात्मा से। इंसान कितना भी कुछ भी कर ले उसकी अन्तरात्मा किसी एजेंडे को स्वीकार नहीं करती। वो स्वयं में स्वतंत्र रहना पसंद करती है। मेरे प्रकरण में आपको अपनी हार नजर आती है जबकि इसमें हार या जीत जैसा कुछ नहीं था। आपकी और मेरी विचारधारा बेशक अलग है लेकिन मेरे मन में किसी विपरीत विचारधारा वाले के लिए कोई द्वेष न था न है।
मैं जब छोटा था आपकी तब की पत्रकारिता और अब की पत्रकारिता में विरोधाभास नजर आ रहा है। आप परेशान इसलिए है कि लोग अब आपको टीवी पर देखना पसंद क्यों नहीं करते । जवाब आपकी अन्तरात्मा देती होगी लेकिन आप उसको सुनना नहीं चाहते। एक पत्रकार जब तटस्थ पत्रकारिता छोड़ कर एजेंडा लेकर चलने लगता है तो वो पत्रकार नहीं रह जाता। पत्रकार को हमेशा निष्पक्ष रहना चाहिए।
आपको मेरे एक अदद ट्वीट से आपत्ति हुई या यूं कहूँ की उसके बाद से आपको मुझ जैसे साधारण इंसान में एक बड़ा शत्रु नजर आने लगा और आपने मेरे खिलाफ एक मुहिम चला दी की जब तक मोदी जी मुझे अनफॉलो नहीं करते आप चैन से नहीं बैठेंगे। इंसान जब किसी पर आरोप लगाता है तो उसे हमेशा निष्पक्ष रहना होता है। मुझे सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा पर आपकी आपत्ति जायज लगी पर सवाल ये है कि ये आपत्ति एक तरफा क्यों है? आपको प्रधानमंत्री जी द्वारा मुझे एवम अन्य लोगों को फॉलो किये पर आपत्ति है किंतु आप स्वयं मुहम्मद अनस जैसो को फॉलो करते है उनके साथ चाय पीते है और उनके किसी पोस्ट को फेसबुक द्वारा हटाने पर उसके समर्थन में खड़े होते है!! आप RW समर्थकों की भाषा पर आपत्ति जताते है लेकिन LW या अन्य पार्टियों के समर्थकों की निम्नतम स्तर की भाषा पर चुप्पी साध लेते है!! आपको मेरे एक अदद ट्वीट से तकलीफ होती है लेकिन वही शब्द जब अखिलेश प्रताप सिंह जी मेरे व मेरे परिवार के लिए प्रयोग करते है तो आप आंखे मूंद लेते है।
दिग्विजय सिंह जी , मनीष तिवारी जैसे लोग प्रधानमंत्री के लिए अपशब्द कहते है तो आपको कोई आपत्ति नहीं होती उल्टे आप उन्हें भी फॉलो करते है !आश्चर्य!!! तहसीन पूनावाला जैसे लोग स्मृति ईरानी जी के लिए अभद्र भाषा बार बार प्रयोग करते है पर आप चुप रहते है। आप तो महिला सम्मान के हिमायती है फिर क्या कारण है कि स्मृति जी के लिए अभद्र भाषा पर आप कुछ नहीं बोल पाते। केजरीवाल प्रधानमंत्री जी को अपशब्द कहते है तो आपके अंदर का पत्रकार चादर तान कर सो जाता है। मेरे खिलाफ जैसी मुहिम आपने चलाई है वैसी केजरीवाल के समय आपके द्वारा कहीं देखने को नहीं मिली। आपने कभी भी ये मांग नहीं उठाई की केजरीवाल को प्रधानमंत्री जी अनफॉलो करना चाहिए!!!
ऐसा क्यों रविश जी? आप मुझ पर गालीबाज होने का आरोप लगाते है लेकिन खुद गालीबाज के समर्थन में फेसबुक पर लिखते है। खैर मुझे आपके विरोध से कोई आपत्ति नहीं है। मैं आपके विचारों से हो सकता है असहमत होऊ पर आपके विचार रखने की आपकी आजादी का सम्मान अवश्य करूँगा, यही कारण है मैंने आपकी किसी बात पर आपत्ति नहीं कि । मेरा मानना है लोकतंत्र में सबको अभिव्यक्ति की आजादी है, बोलने की स्वतंत्रता है और कोई दूसरा इसे कभी नहीं छीन सकता। आपको अक्सर शिकायत रहती है कि आज का युवा इतना उग्र स्वभाव का क्यों है ?, पत्रकारों के प्रति वो नफरत की निगाह से क्यों देखता है? रविश जी आज का युवा उग्र नहीं है वो शिक्षित और समझदार हो चला है वो खबरों पर आंख मूंद कर भरोसा नहीं करता बल्कि उनका अपने स्तर पर विश्लेषण करता है।
वो दादरी में अखलाख के मारे जाने की खबर 24 घण्टे देखता है तो उसे भी दुःख होता है मगर सिक्के के दूसरी तरफ जब वो मुडबिडरी में प्रशांत पुजारी के मरने की खबर किसी भी जगह नहीं पाता तो उसे बड़ा आश्चर्य होता है। उसे और भी बुरा तब लगता है जब वो अलवर में पहलू खान तक पहुंच जाने वाले मीडिया और पत्रकारों को स्टूडियो से कुछ किलोमीटर दूर दिल्ली के डॉक्टर नारंग के यहां नहीं पाता। ऐसे में उसके मन मे आक्रोश होना लाजमी है और इसके जिम्मेदार वो लोग है जो दोमुंही पत्रकारिता करते है।
मीडिया को देश के लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा जाता है लेकिन बड़ी शर्म के साथ कहना पड़ता है कि इसी चौथे स्तम्भ में कुछ लोग पत्रकारों के भेष में इसे दीमक की तरह खाये जा रहे है जिससे ये स्तम्भ हाल के समय मे बेहद कमजोर हो गया है। खैर छोड़िए, रविश जी आप अक्सर महिलाओं के मुद्दों पर बोलते नजर आते है सही बोलूं बहुत अच्छा लगता है महिलाओं के मुद्दों पर आपका बोलना लेकिन फिर जब किसी बृजेश पांडे का मामला आता है तो पता नहीं क्यों आपके चैनल पे वो समाचार दूरबीन लेकर ढूंढने पर भी नजर नहीं आता, दिल को तस्सली देकर मेरे जैसे कई लोग इंतजार करते है कि रवीश जी अपने प्राइम टाइम में इसे जरूर दिखाएंगे पर हमें निराशा ही हाथ लगती है। ऐसा क्यों? आप मेरा फ़ोटो किसी नेता के साथ होने पर उसे ब्रेकिंग न्यूज़ बना देते हो पर बृजेश पांडे का बिहार कोंग्रेस का प्रदेश उपाध्यक्ष और एक बड़े जर्नलिस्ट का भाई होने पर भी उसकी न्यूज़ नहीं दिखाते। ऐसे में सोचना पड़ता है कि ऐसा क्यों हुआ। आप मेरे ट्वीट के जिम्मेदार देश के प्रधानमंत्री जी को बता कर उन्हें बदनाम करने के लिए एक अभियान चलाये हुए है।
रविश जी मेरे किसी ट्वीट का देश के प्रधानमंत्री जी से क्या लेना देना। अगर आप ये मानते है कि अपने किसी फॉलोवर के किसी ट्वीट के लिए देश के प्रधानमंत्री जी जिम्मेदार है तो ये बात निश्चित रूप से हर एक शक्श पर लागू होती है। इस हिसाब मनीष तिवारी, दिग्विजय सिंह, अखिलेश प्रताप सिंह , तहसीन पूनावाला की भाषा के लिए सोनिया गांधी और राहुल गांधी जिम्मेदार है, आपने सोनिया जी से इन लोगो पर कार्यवाही की कोई बात नहीं कि ना ही सोनिया जी या राहुल गांधी को निशाना बनाया। इन्हें छोड़िए आप स्वयं दिग्विजय सिंह, संजय निरुपम, मनीष तिवारी को फॉलो करते है, इनकी भाषा के जिम्मेदार क्या आप है?
अगर प्रधानमंत्री जी अपने किसी फॉलोवर के ट्वीट के लिए जिम्मेदार है तो आप स्वयं देश के करोड़ो रूपये लेकर फरार हो जाने वाले विजय माल्या और ललित मोदी को फॉलो करते है , आपके तर्क के हिसाब इन दोनों के कार्यों के लिए क्या आप जिम्मेदार है? अगर नहीं तो मेरे किसी ट्वीट के लिए मोदी जी जिम्मेदार कैसे? देश के प्रधानमंत्री को किस साजिश के तहत बदनाम किया जा रहा है और किसके इशारे पर? आपके शब्दों में आप एक निष्पक्ष पत्रकार है इस नाते मैं चाहूंगा की कल जब आप प्राइम टाइम में आये तो देश को बताये की मेरे किसी ट्वीट के लिये मोदी जी जिम्मेदार है तो जिनको आप फॉलो करते है उनकी गाली वाली भाषा के लिए आप जिम्मेदार कैसे नहीं , कोंग्रेस नेताओं की भाषा के लिए सोनिया जी एवं राहुल गांधी जिम्मेदार क्यों नहीं है? आप देश को बताये की महिला सुरक्षा पर जागरूक रहने वाला उनके अधिकारों के लिए लड़ने वाला पत्रकार बृजेश पांडे पर चुप क्यों हो जाता है? प्राइम टाइम में रविश जी देश को ये बताये जब मेरे ट्वीट या कार्य के जिम्मेदार प्रधानमंत्री मोदी है तो विजय माल्या और ललित मोदी के कारनामों के जिम्मेदार वो स्वयं रविश क्यों नहीं है ?
रविश बताये की किसी साधारण इंसान की भाषा पर प्रधानमंत्री जी से अन्फॉलो की मांग करने वाले रविश जी ने उपरोक्त गालीबाज और घोटालेबाज लोगों को अभी तक क्यों फॉलो कर रखा है। रविश जी आपको मेरे ट्वीट से तकलीफ है तो सवाल मुझसे किये जाने चाहिए मैं तैयार हूँ जवाब देने के लिए। बेवजह देश के प्रधानमंत्री जी को निशाना बना कर बदनाम करने के पीछे क्या एजेंडा है? मेरी आपसे प्रार्थना है भगवान के लिए देश के प्रधानमंत्री जी को बेवजह बदनाम मत करिये। आपको मुझसे तकलीफ है तो लिखिये मेरे बारे में खूब लिखिए रोज लिखिए गलत सही जो मन में आये लिखिए मैं कोई आपत्ति नहीं करूंगा न सवाल करूँगा क्योंकि ये आपकी अभिव्यक्ति की आजादी है और मैं इसका हनन नहीं करूंगा।रविश जी मेरा आपसे सवाल है कि क्या मोदी जी का मुझ जैसे अदने इंसान को फॉलो या अनफॉलो करना इस देश की जनता के लिए बहुत बड़ा महत्व रखता है या इस देश की राष्ट्रीय समस्या में से एक है ? क्या मोदी जी के किसी को अनफॉलो करने से इस देश की GDP में वृद्धि हो जाएगी या कमी हो जाएगी? क्या इससे किसी गरीब की थाली में रोटी आ जायेगी? शायद नहीं फिर भी इतने बड़े पत्रकार होने पर भी आपका मेरे जैसे साधारण इंसान के लिए इतना समय बर्बाद करना समझ से परे है।
आप कई बार बातें बड़ी अच्छी करते है देश की समस्याओं पर नए भारत के निर्माण पर दिल को छू जाती है लेकिन सिर्फ बातों से क्या होता है कुछ धरातल पर भी होना चाहिए। इंसान को शुरुआत स्वयं से करनी चाहिए फिर दूसरों से अपेक्षा करनी चाहिए। आप स्वयं अनेक गालीबाजों को फॉलो करते है और प्रधानमंत्री जी पर सवाल उठाते है !! अजीब नहीं लगता आपको ये नाटक? आपने मेरे प्रधानमंत्री जी द्वारा फॉलो को राष्ट्रीय मुद्दा बना रखा है । रविश जी मुझे प्रधानमंत्री जी अन्फॉलो कर भी दे तो इससे किसी गरीब का कोई भला नहीं होगा। असल में आप लोग जिस तरह से देश के निर्दोष प्रधानमंत्री जी को जिस तरह से बदनाम कर रहे है मैं स्वयं प्रधानमंत्री जी आग्रह करना चाहूंगा कि वो मुझे अन्फॉलो कर दे, कम से कम आप लोग देश के निर्दोष प्रधानमंत्री को निशाना बनाना तो बंद करोगे। मुझे इससे बड़ी पीड़ा होती है की मेरे प्रधानमंत्री को बिना वजह बदनाम किया जा रहा है। समझ नहीं आता कैसी मानसिकता के लोग है या किसके इशारे पर काम कर रहे है जो मेरे ट्वीट के लिए बेवजह मोदी जी को जिम्मेदार मानते है।
मैं अपने प्रधानमंत्री जी आपके माध्यम से करबद्ध होकर माफी मांगना चाहूँगा की उन्हें बेवजह निशाना बनाया गया है। महोदय मेरा फॉलो अन्फॉलो इस देश की राष्ट्रीय समस्याएं नहीं है इस देश की राष्ट्रीय समस्याएं वो है जो कई बार आप भी दिखाते है, महिला सुरक्षा, गरीबी, अशिक्षा आदि। आप अक्सर गरीब और महिलाओं के विषय में बात करते है। आज मैं आपसे अनुरोध करता हूँ कि आइये साथ मिलकर पहल करते है नवभारत निर्माण की। प्रधानमंत्री जी स्वच्छ भारत अभियान चला रहे है, स्टूडियो या घर में बैठ कर उसका मख़ौल उड़ाने की बजाय हम भी इसका हिस्सा बनें। जगह समय तारीख आप तय कर लीजिए। हम सब मिल कर स्वच्छता के लिए धरातल पर काम करते है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान से जुड़ते है कमियां निकालने वाले हजार मिलेंगे पर किसी के अच्छे काम मे सहयोगी बन कर उसे अंजाम तक पहुंचाने वाले कम। आइये हम इसे अंजाम तक पहुंचाने वाले बने। एक बालिका की शिक्षा की जिम्मेदारी आप लीजिये एक बहन की जिम्मेदारी मैं लेता हूँ, यकीन मानिए मेरे कई अन्य साथी भी इसके लिए तैयार है और आपके साथी भी निश्चित ही होंगे। आइये साथ मिलकर काम करें। सभी पूर्वाग्रहों को भूल कर, बिना किसी एजेंडे के आइये साथ मिलकर काम करें। आपके जवाब का इंतजार रहेगा
चीन ने डोकलाम में उस जगह के पास बड़ी संख्या में अपने सैनिकों को तैनात कर रखा है जहां 73 दिन तक भारत और चीन की सेनाओं के बीच गतिरोध रहा था| इससे संकेत मिलता है कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच सीमा पर तनाव अभी तक कम नहीं हुआ है| सूत्रों ने कहा कि डोकलाम में चीन अपने सैनिकों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ा रहा है जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है| इस इलाके में चीनी सेना एक बार फिर सड़क निर्माण का काम शुरू कर दिया है, वो भी पिछले टकराववाली जगह से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर|
गौरतलब है कि डोकलाम इलाके को भूटान और चीन दोनों ही अपना अपना इलाका बताते हैं और भारत भूटान का समर्थन करता है| जून के मध्य में भारतीय सैनिकों ने सिक्किम में सीमा पार कर चीनी सड़क निर्माण का काम रोक दिया था| यह सड़क भारत के लिए भू-सामरिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण भारतीय जमीन के उस टुकड़े के पास बन रही थी जिसे चिकन नेक के नाम से जाना जाता है| यह इलाका भारत को इसके उत्तर-पूर्वी राज्यों से जोड़ता है| इस पर भारत का चिंतित होना लाजमी है|
डोकलाम पठार में चुंबी घाटी में चीनी बलों की मौजूदगी की वजह से तनाव पसरे होने का संकेत वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी एस धनोआ ने भी गुरुवार को दिया है| उन्होंने संवाददाताओं से कहा, दोनों पक्ष सीधे तौर पर आमने-सामने नहीं हैं| हालांकि चुंबी घाटी में अब भी उनके जवान तैनात हैं और मैं आशा करता हूं कि वे वापस चले जायेंगे, क्योंकि इलाके में उनका अभ्यास पूरा हो गया है| डोकलाम को लेकर चीन और भूटान के बीच क्षेत्रीय विवाद रहा है तथा भारत इस मुद्दे पर भूटान का समर्थन कर रहा है|
भारत और चीन की सेनाओं के बीच डोकलाम में 16 जून से 73 दिन तक गतिरोध की स्थिति बनी रही थी| इससे पहले भारत की सेना ने चीन की सेना द्वारा विवादित क्षेत्र में एक सडक के निर्माण पर रोक लगा दी थी| गतिरोध के दौरान भूटान और भारत एक दूसरे से संपर्क में रहे जो गत 28 अगस्त को समाप्त हुआ| इस तरह की भी खबरें हैं कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने यातुंग में अग्रिम चौकी पर सैनिकों की संख्या और बढ़ा दी है| सूत्रों के मुताबिक डोकलाम पठार में चीन के सैनिकों को तैनात किया गया है, लेकिन सर्दियों में वे इलाका छोड़ कर चले जाते हैं|
चीन ने अपने नागरिकों के लिए जारी किया यात्रा परामर्श
इस बीच चीन ने भारत की यात्रा कर रहे अपने नागरिकों के लिए यात्रा परामर्श जारी किया है| डोकलाम गतिरोध के बाद चीन ने पहली बार ऐसी चेतावनी जारी की है| भारत में चीनी दूतावास ने वहां मौजूद अपने नागरिकों के लिए परामर्श जारी किया है|चेतावनी मंगलवार को दूतावास की वेबसाइट पर पोस्ट की गयी है|
सरकारी ग्लोबल टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि परामर्श में कहा गया, कुछ चीनी नागरिक अंडमान निकोबार द्वीपसमूहों में गये, जो कि भारत से अनुमति के बिना विदेशियों के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र हैं| कुछ यात्रियों को लौट जाने के लिए कहा गया| कुछ को गिरफ्तार तक किया गया अथवा उनसे पूछताछ की गयी| इसमें कहा गया, (आगंतुकों) को भारतीय सीमा और सैन्य ठिकानों तथा वाहनों की फोटो नहीं खींचनी चाहिए| भारत के पड़ोसी मुल्क नेपाल की यात्रा के वक्त सीमा पर स्थित बाजारों में जाने से बचें और गलती से भी अन्य देशों के क्षेत्र में नहीं घुसें| चीन इससे पहले भी अपने नागरिकों के लिए तीन परामर्श जारी कर चुका है| ग्लोबल टाइम्स ने भारतीय मीडिया की खबरों का हवाला देते हुए कहा है कि प्रत्येक वर्ष भारत में जितने पर्यटक आते हैं उनमें से तीन प्रतिशत चीन से होते हैं|
फिलीपिंस और इंडोनेशिया में आमतौर पर 20 फीट तक के अजगर का निकलते रहते हैं, वहां के लोगों को लिए इनका सामना करना आम बात है.
इंडोनेशिया में एक विशालकाय अजगर ने रॉबर्ट नबाबन नाम के व्यक्ति पर हमला कर दिया. लेकिन नबाबन डरने वालों में से नहीं थे. उन्होंने डटकर सामना किया और इससे पहले कि अजगर उन्हें अपना निवाला बनाता, उन्होंने गांव वालों की मदद से अजगर को ही अपना भोजन बना लिया.
सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने वाले रॉबर्ट नबाबन शनिवार को सुमात्रा द्वीप के बाटांग गंसाल जिले में गश्त कर रहे थे, तभी एक 26 फीट लंबे अजगर ने उन पर हमला कर दिया. इस हमले में वो घायल हो गए. स्थानीय पुलिस अधिकारी सुतर्जा के अनुसार अजगर करीब 26 फीट लंबा था, जो कि अविश्वसनीय रूप से बड़ा था.
सुतर्जा ने बताया कि कभी-कभी सांप खाने के शौकीन 37 साल के नबाबन ने पहले अजगर को पकड़कर उसे बोरी में डालने की कोशिश की. लेकिन अजगर ने उनके बाएं हाथ को जकड़ लिया. उनका हाथ टूटते-टूटते बचा. पुलिस अधिकारी ने बताया कि अन्य सुरक्षाकर्मियों और गांव वालों की मदद से नबाबन को अजगर के चंगुल से बचाया जा सका. इसके बाद नबाबन को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया.
उन्होंने कहा कि इसके बाद गांव वालों ने अजगर को मारकर लटका दिया ताकि गांव के अन्य लोग उसे देख सकें. कुछ देर बाद उन्होंने अजगर के शव को तलकर उसका मीट खाया.
फिलीपिंस और इंडोनेशिया में आमतौर पर 20 फीट तक के अजगर का निकलते रहते हैं, वहां के लोगों को लिए इनका सामना करना आम बात है.
मार्च 2017 में इंडोनेशिया में 25 साल का एक व्यक्ति गायब हो गया था जो बाद में एक विशालकाय अजगर के पेट में मिला. दरअसल, ये किसान सुलावेसी के पूर्वी द्वीप पर अपने खेत में फसल कटाई करते समय गायब हो गया था.
शरद पूर्णिमा के अवसर पर सपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी पत्नी डिंपल और बच्चों के साथ कल रात ताजमहल का दीदार किया और चमकी देखी। वे रात 11 से 11.30 बजे के बीच ताजमहल में रहे। उन्होंने इसके लिए पहले से ही टिकट बुक कराए थे।
इससे पहले शरद पू्र्णिमा की मध्यरात्रि में जैसे ही मुख्य गुंबद पर चांद की रोशनी पड़ी। वैसे ही ताज दूध के मानिंद नहा उठा। संगमरमरी पत्थर चमकने लगे। ताज के अंदर गए सैलानी भी इस दृश्य को देख कह उठा वाह ताज। जो लोग ताज के अंदर नहीं जा पाए। उन्होंने मेहताब बाग से ये दृ्श्य देखा बोले-ये चमकी-वो चमकी।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने मुंबई के एलफिंस्टन रेलवे फुट ओवर ब्रिज पर हुए हादसे के विरोध में गुरुवार को सड़क पर उतरी। मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने मोदी सरकार और रेलवे पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘मोदी सरकार ने लोगों का भरोसा तोड़ा है।
पीएम मोदी पर जमकर बरसे ठाकरे-
राज ठाकरे ने पीएम पर तंज कसते हुए कहा कि लोगों ने उन्हें यह सोचकर बहुमत दिया था कि अच्छे दिन लाएंगे। लेकिन वो सब जुमले निकले। कांग्रेस सरकार में जो हालात थे, वही हालात भाजपा सरकार में भी है। कोई बदलाव नहीं हुआ है। मनसे प्रमुख यही तक नहीं रुके उन्होंने कहा कि आज तक अपने जीवन में इतना झूठ बोलने वाला प्रधानमंत्री नहीं देखा। जो पहले कुछ और बोलता है और बाद में कुछ और
पीएम की नियत समझता हूं-
ठाकरे ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि जब पीएम मोदी ने बुलेट ट्रेन का ऐलान किया था। उसी समय मैं उनकी नीयत समझ गया था। ठाकरे ने कहा कि क्या मुंबई के लोग बुलेट ट्रेन से अहमदाबाद जाकर ढोकला खाएंगे? अहमदाबाद से अच्छा ढोकला तो मुंबई में मिलता है। उन्होंने आगे कहा, मोदी ने नोटबंदी, मेक इन इंडिया जैसे प्रयोग करके देश की अर्थव्यवस्था को गड्ढे में छकेल दिया। पीएम की वजह से तीन साल बर्बाद हो गए।राज ठाकरे ने रैली के जरिए एक बार फिर बिहार उत्तरप्रदेश पर भी तंज कसते हुए रेलवे प्रशासन को चेतावनी दी। उन्होंने कहा, ‘अगले 15 दिन के भीतर मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे अपने सभी स्टेशनों के पास से अवैध फेरीवालों को नहीं हटाया तो हम अपनी स्टाइल से सभी को साफ कर देंगे।
शांतिपूर्ण अब नहीं होगा प्रदर्शन-
ठाकरे के ने कहा कि यह प्रदर्शन तो शांतिपूर्ण था लेकिन आगे ऐसा नहीं होगा। रेलवे पर तंज कसते हुए ठाकरे ने कहा कि एलफिंस्टन हादसे पर ठाकरे ने कहा कि रेलवे बारिश का बहाना बनाकर अपनी लापरवाही छिपा रहा है।
रेलवे हादसे में 22 की हुई थी मौत-
गौरतलब है कि 29 सितंबर को एलफिंस्टन रोड रेलवे स्टेशन पर फुटओवर ब्रिज पर मची भगदड़ में 22 लोगों की मौत हो गई थी और 40 से ज्यादा लोग जख्मी हो गए थे। वहीं हादसे के बाद रेलवे की बदइंतजामी और लचर ढांचे को लेकर सवाल उठे थे। हादसे के बाद राज ठाकरे ने कहा कि अगर रेलवे ने यहां बुनियादी ढांचे में सुधार नहीं किया तो वह मुंबई में बुलेट ट्रेन का काम शुरू नहीं होने देंगे।
जिस हनीप्रीत की तलाश ने हरियाणा सरकार व पुलिस की हालत पतली कर के रख दी, उसकी गिरफ्तारी में कथित सहायता करने वाली पंजाब पुलिस को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने कठघरे में खड़ा कर दिया है। खट्टर ने हनीप्रीत की गिरफ्तारी पर पंजाब पुलिस की भूमिका को संदिग्ध बताया है। अब इधर भाजपा, उधर कांग्रेस, दोनों राज्यों के बीच सियासी घमासान शुरू हो चुका है।
खट्टर ने पंजाब पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि 38 दिनों तक हनीप्रीत के गायब रहने में पंजाब पुलिस का हाथ है। पंजाब पुलिस को हनीप्रीत के छुपने के ठिकाने की खबर थी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया। मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा, “हनीप्रीत से पुलिस पूछताछ कर रही है। पूछताछ में ही साफ हो जाएगा कि उसके गायब होने में पंजाब पुलिस की क्या भूमिका रही है।
उल्लेखनीय है कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की कथित बेटी हनीप्रीत इस समय 6 दिनों की पुलिस हिरासत में है। हरियाणा पुलिस लगातार उससे पूछताछ कर रही है। आज हरियाणा पुलिस पूछताछ के लिए हनीप्रीत को पंजाब के संगरूर ले गई थी। हालांकि वहाँ पहुँच कर हनीप्रीत ने कहा कि उसे याद नहीं कि वो कभी इस जगह पर आयी थी। आपको बता दें कि हनीप्रीत को मंगलवार को पंजाब में जिरकपुर-पटियाला मार्ग से गिरफ्तार किया गया था।
महंगाई की मार से कोई राहत नहीं मिलने वाली है, बल्कि अगले छह महीनों में इसके बढ़ने के संकेत दिख रहे हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बुधवार को ब्याज दरों में बदलाव न करने का ऐलान किया है। आरबीआई ने आर्थिक विकास दर के अनुमान को 7.3 प्रतिशत से घटाकर 6.7 प्रतिशत किया है औरआने वाले छह महीनों में महंगाई दर 4.2 से 4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के बढ़ते दाम और खरीफ फसल उत्पादन को लेकर अनिश्चितता की वजह से केंद्रीय बैंक ने यह कदम उठाया है। दीपावली के दौरान कम कीमत पर कर्ज मिलने की लोगों की उम्मीदों को धक्का देते हुए रेपो रेट 6 फीसदी पर बरकरार रखा गया है। रेपो रेट वो दर है जिस पर आरबीआई अन्य बैंकों को कर्ज देता है।
इस साल जून महीने में महंगाई दर 1.5 फीसदी, जुलाई में 2.36 फीसदी थी। वहीं, सब्जियां और फल महंगे होने की वजह से अगस्त महीने में खुदरा महंगाई दर 3.36 प्रतिशत के पांच महीने के उच्चस्तर पर पहुंच गई थी। पिछले साल अक्टूबर और इस साल अगस्त में ब्याज दरों में कटौती की गई थी।
रिजर्व बैंक ने कहा कि खरीफ उत्पादन के पहले अग्रिम अनुमान में कुछ अनिश्चितता दिखाई दे रही है। इसके अलावा माल एवं सेवा कर के क्रियान्वयन के बाद मूल्यों में कुछ संशोधन हो रहा है, उर्जित पटेल की अगुवाई वाली छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति बढ़ती महंगाई पर पैनी नजर बनाए हुए है।
दूसरी तरफ, पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से दबाव में आई केंद्र सरकार ने मंगलवार को ही आम जनता को राहत देने की कोशिश की है, सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर बुनियादी एक्साइज ड्यूटी घटाने का फैसला किया है। अब पेट्रोल 2.50 रुपए लीटर सस्ता हो गया और डीजल की कीमतों में 2.25 रुपए प्रति लीटर की कमी आई है।