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Monday, August 17, 2026
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आधिकारिक वेबसाइट पर होगी न्यायाधीशों की नियुक्ति की जानकारी

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सौम्या केसरवानी।|Navpravah.com

सुप्रीम कोर्ट की कोलेजियम ने अपने फैसले शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर अपलोड करने का निश्चय किया है। कोलेजियम की कार्यवाही में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से न्यायाधीशों की पदोन्नति, स्थानांतरण और उनकी पुष्टि सहित उनके फैसलों को अपलोड किया जाएगा।

कोलेजियम की बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा गया है, कि कोलेजियम प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और इसके बाद भी गोपनीयता बनाए रखने के इरादे से कोलेजियम द्वारा हाई कोर्ट के लिए प्रारंभिक पदोन्नति, उन्हें स्थाई करने की पुष्टि, हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पद पर पदोन्नति, मुख्य न्यायाधीश और न्यायाधीशों के तबादले और सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नति से संबंधित मामलों में सरकार के पास सिफारिश भेजे जाने के बारे में अब से लिए गए निर्णय को इनके कारण बताते हुए इन्हें सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।

न्यायालय की वेबसाइट पर अपलोड किए गए पहले प्रस्ताव में तीन न्यायिक अधिकारियों और आयकर अपीली न्यायाधिकरण के एक न्यायिक सदस्य की मद्रास उच्च न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के बारे में सूचना उपलब्ध कराई गई है।

उच्चतम न्यायालय की कोलेजियम के अध्यक्ष प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा हैं और न्यायमूर्ति जे. चेलामेश्वरम, न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति मदन बी. लोकूर और न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ हैं।

 

 

रूस: ट्रेन-बस की भीषण टक्कर, 19 लोगों की मौत

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एनपी न्यूज़ डेस्क|Navpravah.com

मॉस्को: रूस में यात्री बस और रेलगाड़ी की टक्कर में शुक्रवार को 19 लोगों की मौत हो गई। सूत्रों के मुताबिक, यह बस खराब होने के कारण रेलवे क्रासिंग के बीचों बीच खड़ी थी।  यह घटना पेटुशिंस्की जिले में पोक्रोवका स्टेशन के पास रेलवे क्रॉसिंग पर हुई।

शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि बस में सवार 55 यात्री उजबेकिस्तान के नागरिक के थे। वहीं कजाखस्तान के विदेश मंत्री ने कहा कि बस के दोनों ड्राइवर कजाखस्तानी थे। इनमें से एक की मौत आज हुए हादसे में हो गई।

क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवा के प्रमुख अलेक्जेंडर किर्यखिन ने बताया, ‘‘हालिया सूचना के मुताबिक इस दुर्घटना में 19 लोग मारे गये हैं।’’ रूसी जांच समिति ने दुर्घटना में मारे गये लोगों के आंकड़ों की पुष्टि की है और कहा है कि उसने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।

क्षेत्रीय गृहमंत्री ने दुर्घटनाग्रस्त बस की तस्वीर जारी करते हुए बताया, ‘घटना स्थानीय समयानुसार सुबह 3:29 बजे हुई जब सेंट पीटर्सबर्ग से निजनि नोवग्राद जाती हुई ट्रेन यहां के रेलवे क्रॉसिंग के पास बस से टकरा गई। ट्रेन में सवार यात्रियों में से अब तक किसी के मारे जाने की खबर नहीं मिली है। वैसे रूस में अक्सर ऐसी बस दुर्घटनायें होती हैं।’ मालूम हो कि गत अगस्त महीने में मजदूरों को ले जाती हुई बस एक खंभे से टकराकर समुद्र में जा गिरी थी। इस हादसे में 17 लोगों की जान चली गई थी।

 

चोटी कटवा समझ कर लोगो ने ईंट से हमला कर बजुर्ग की हत्या!

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एनपी न्यूज़ डेस्क|Navpravah.com

जम्मू-कश्मीर में चोटी कटने की घटना इन दिनों सुर्खियों में है| अनंतनाग जिले में शुक्रवार को भीड़ ने एक 70 वर्षीय बुजुर्ग को भूलवश चोटी काटने वाला समझकर उसकी हत्या कर दी| वहीं प्रशासन ने अलगाववादियों द्वारा आहूत प्रदर्शनों के मद्देनजर एहतियात के तौर पर श्रीनगर के कई हिस्सों में शुक्रवार को प्रतिबंध लगाया है| साथ ही प्रदर्शन करने जा रहे अलगाववादी नेता यासीन मलिक और मीरवाइज उमर फारूक को हिरासत में लिया गया है|

पुलिस ने कहा कि अनंतनाग जिले के दंतेर गांव निवासी अब्दुल सलाम वाणी शुक्रवार तड़के अपने घर से शौच के लिए निकले थे कि तभी भीड़ ने उन्हें गलती से चोटी काटने वाला समझकर ईंट से उनके ऊपर हमला कर दिया| एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “उनकी मौके पर ही मौत हो गई”| वही  पुलिस ने आगे कहा खानयार, नौहट्टा, रैनवाड़ी, एम|आर|गंज,, सफा कदल, मैसूमा और क्रालखंड के अधिकार क्षेत्रों में शुक्रवार को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत प्रतिबंध रहेगा| और ये प्रतिबंध शहर में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगाए गए हैं| घाटी में बीते एक महीने में चोटी कटने की दर्जनभर से ज्यादा घटनाएं हुई हैं लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई| अपराधियों को पकड़ने में पुलिस की मदद के बजाए स्थानीय लोग निर्दोष लोगों की पिटाई कर रहे हैं|

आपको बता दें कि कश्मीर घाटी में चोटी काटने की रहस्यमयी घटनाओं के प्रति लोगों में बढ़ते गुस्से के मद्देनजर पुलिस ने रविवार को घोषणा की कि इन घटनाओं में शामिल अपराधियों को पकड़ने में सहायता करने वाले को बीस लाख रुपये इनाम दिया जाएगा|

 

अब तक नहीं सुलझी महात्मा गाँधी की हत्या की गुत्थी

Mahatma Gandhi's assassination not yet settled

एनपी न्यूज़ डेस्क|Navpravah.com

उच्चतम न्यायालय ने महात्मा गांधी की हत्या की जांच फिर से कराने के लिये दायर याचिका पर आज अनेक तीखे सवाल पूछे और वरिष्ठ अधिवक्ता अमरेंद्र शरण को न्यायमित्र नियुक्त किया।

करीब 15 मिनट तक चली सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने पहले कहा कि जिस मामले पर वर्षों पहले फैसला हो चुका है, उस पर कानून में कुछ भी नहीं किया जा सकता। हालांकि बाद में न्यायालय ने अमरेन्द्र शरण से कहा कि उसकी टिप्पणियां इस मामले में आकलन करने के लिए उन पर बाध्यकारी नहीं है, इस याचिका की सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी।

मुंबई के शोधकर्ता और अभिनव भारत के न्यासी डॉ. पंकज फडणीस ने इस याचिका में विभिन्न पहलुओं पर जांच फिर से कराने का अनुरोध किया है। याचिकाकर्ता के अनुसार महात्मा गाँधी के मौत पर पर्दा डाला जा रहा है।

मामले की सुनवाई शुरु होते ही याचिकाकर्ता ने कहा कि याचिका दायर करने के बाद उन्हें इस मामले से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। इस पर पीठ ने कहा, इस समय हम क्या कर सकते हैं। पीठ ने याचिकाकर्ता से पूछा, हमें इसकी जांच अब फिर से शुरु क्यों करनी चाहिए? जितना समय आपको चाहिए हम उतना समय देंगे लेकिन आप हमें बताए कि जिसकी पुष्टि हो चुकी है उसकी जांच हम फिर से शुरु क्यों करें। उन्होंने कहा कि महात्मा गाँधी हत्या मामले में दोषियों की अपील वर्ष 1949 में ही पूर्वी पंजाब उच्च न्यायालय ने खारिज कर दी थी।

फडणीस ने कहा, उच्चतम न्यायालय ने इस मामले पर कभी सुनवाई नहीं की, उन्होंने जब यह कहा कि महात्मा गांधी पर गोलियां चलाने में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल हो सकता है तो पीठ ने कहा, हम कानून के अनुसार चलेंगे, राजनीतिक विचारधारा के अनुसार हम नहीं चलेंगे।

 

वाणिज्य एवं उद्योग संघ की रिपोर्ट में अखिलेश सरकार में हुए निवेशों का हुआ बड़ा खुलासा

अखिलेश यादव ने दिया बयान

एनपी न्यूज़ डेस्क|Navpravah.com

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी द्वारा कई बड़े-बड़े विकास कार्य किये जाने का दावा किया गया था। मगर सपा के अन्य विपक्षी दलों ने इसे नकार दिया था। लेकिन भारत के वाणिज्य एवं उद्योग संघ की रिपोर्ट में 2012-17 को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है।

यूपी चुनाव के समय समाजवादी पार्टी ने कई बड़े-बड़े विकास कार्य करने के दावे किये थे, इसे अन्य विपक्षी दलों ने महज एक छलावा और सपा का ढोंग बताया था। मगर सपा के दावों को लेकर एक रिपोर्ट में अब बड़ा खुलासा हो गया है।

रिपोर्ट के अनुसार 2012-17 के बीच यूपी ने अन्य सभी राज्यों से ज्यादा निवेश वृद्धि दर्ज की है, इसमें से अधिकाँश निवेश साल 2014-16 के बीच हुआ था। रिपोर्ट में सामने आया कि यूपी ने 40% की निवेश वृद्धि दर्ज की थी जो देश की 26.6 औसत निवेश वृद्धि दर से भी अधिक है।

रिपोर्ट के अनुसार भारत में ये सातवाँ सबसे बड़ा निवेश हुआ था, हालाँकि 8.78 लगभग 8.78 लाख करोड़ रुपये की 1050 परियोजनाएं अभी फँसी हुई हैं। ये सभी पर्यावरण की मंजूरी, जमीन की उपलब्धता या प्रक्रियात्मक विलंब के अभाव में फंस गयीं हैं। 6 लाख करोड़ रुपये की 606 परियोजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं, लेकिन रफ्तार काफी धीमी है। रिपोर्ट में कहा गया कि 177 लाख करोड़ रुपये के कुल निवेशों में उत्तर प्रदेश लगभग 5% हिस्सेदारी का हिस्सा है।

 

ब्राजील में सुरक्षागार्ड ने एक शिक्षक और चार बच्चों को जिंदा जलाया

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एनपी न्यूज़ डेस्क|Navpravah.com

ब्राजील के दक्षिणपूर्वी राज्य मिनास गेराइस के एक नर्सरी स्कूल के सुरक्षा गार्ड ने चार बच्चों और उनके शिक्षक पर एल्कोहल छिड़क कर आग लगा दी| ब्राजील को दहला देने वाली इस घटना में शिक्षक समेत चारों बच्चों की मौत हो गई| धधकती आग में दर्जनों लोग घायल हो गए, उसके बाद गार्ड ने खुद को भी आग के हवाले कर दिया

यह त्रासदी कल बेलो होरिजोंटो शहर से 600 किलोमीटर दूर स्थित जानोबा के एक घर में हुई जहां से नर्सरी स्कूल का संचालन किया जाता था| इस दुखद घटना के बाद जानोबा के मेयर ने सात दिनों का शोक घोषित किया है|

मिनास गेराइस राज्य के अभियोजक ने एक बयान में कहा, आज सुबह, चार बच्चों और एक शिक्षक की जलने से मौत हो गई, जब नर्सरी स्कूल के एक गार्ड ने पीड़ितों पर और अपने शरीर पर एल्कोहल छिड़क कर आग लगा दी| हमले के वक्त स्कूल में करीब 80 बच्चे मौजूद थे| घबराए हुए अभिभावक घटनास्थल पर पहुंचे जो जलकर खाक हो चुका था|

क्षेत्रीय अस्पताल के मुताबिक, यहां 40 और लोग लाए गए हैं, जिनमें से 25 जली हुई अवस्था में हैं और 15 सदमे में हैं|  अस्पताल में बाकी के मरीजों में 14 बच्चे हैं, जिनकी उम्र चार से पांच साल है और बाकी स्कूल का स्टाफ है। इनमें से सभी 20 फीसदी से अधिक जल गए हैं|

पुलिस इस हमले के पीछे संदिग्ध के मकसद को जानने के लिए उसके घर पहुंची| लेकिन पुलिस अधीक्षक रेनाटो न्यून्स ने होजे एम डिया समाचार पत्र की वेबसाइट को बताया कि उस गार्ड को वर्ष 2014 से “मानसिक समस्याएं” थीं| हमलावर स्कूल में 2008 से रात के समय चौकीदारी करता रहा है और कथित तौर पर अवसाद से जूझ रहा था|

 

यूपी: पुरानी रंजिश के चलते छात्रा से गैंगरेप के बाद में मारी गोली

एनपी न्यूज़ डेस्क|Navpravah.com

यूपी में लगातार बढती रेप की घटना को देख अब जनता का सरकार और प्रशासन से भरोसा उठता दिखाई दे रहा है| अब हर किसी के जुबान पर बस एक ही सवाल है कि जब सरकार महिलाओं की सुरक्षा के वादें कर रही थी तो वो वादें क्या बस गद्दी को पाने तक ही थे| हाल ही में यूपी की राजधानी लखनऊ में बंदूक की नोक पर एक छात्रा के साथ पहले सामूहिक बलात्कार किया गया और फिर उसे गोली मार दी गई| घायल छात्रा को अस्पताल ले जाया गया| होश में आने पर पीड़िता ने पुलिस को आपबीती सुनाई| पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है|

मामला लखनऊ के मलिहाबाद थाना क्षेत्र का है| बीते बुधवार रात करीब 8 बजे 19 वर्षीय छात्रा शौच के लिए जा रही थी| उसी दौरान गांव में ही रहने वाला संदीप अपने 5 दोस्तों के साथ आया और वे सब पीड़िता को जबरन उठाकर एक सुनसान जगह पर ले गए|

छात्रा ने बताया कि इसके बाद आरोपियों ने उसके कनपटी पर तमंचा लगा कर बारी-बारी से उसके साथ रेप किया| पीडिता ने आगे बताया कि जब वो सभी जाने लगे तो उनमे से एक लड़के ने अपने साथियों को आवाज़ दी और कहा कि अगर इसे जिन्दा छोड़ देंगे तो ये हमें फसा देगी इसीलिए इसे गोली मारो और किस्सा ख़तम करो| जिसके बाद उन सभी ने पीड़ित छात्रा को गोली मार दी और उसे मरा समझ कर वहां से फरार हो गायें|

गोलियों की आवाज़ सुकर वहां आस-पास के लोग पहुंचे और नज़ारा देख हैरान रह गयें| जिसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को घटना की सुचना दी| घटना की सुचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्रा को अस्पताल पहुचाया और छात्रा के घर घरवालों को सूचित किया|

पीड़िता को जब होश आया तो उसने परिजनों को आप बीती सुनाई| जिसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई| सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और पीड़िता के बयान दर्ज कर लिए| पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए घटनास्थल पर पहुंची|

आप को बता दें, कि आरोपियों में से एक संदीप की छात्रा के घरवालों से पुरानी रंजिश भी थी| आरोपी संदीप को लगता था कि 1 साल पहले जब उसकी बहन गांव के लड़के के साथ भाग गयी थी तो उसमे छात्रा के भाई का भी हाथ था| शायद यही वो वजह है जिसके चलते संदीप ने ऐसा कदम उठा लिया|

पुलिस को जांच में पता चला कि इस मामले का मुख्य आरोपी संदीप है| पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 2 आरोपियों को दबोच लिया| हालांकि, बाकी आरोपी भागने में कामयाब हो गए|

 

राष्ट्र गान और राष्ट्र ध्वज का सम्मान करना सवैधानिक कर्तव्य है – इलाहाबाद हाईकोर्ट

Respecting the National Anthem and the National Flag is the Constitutional duty - Allahabad High Court

एनपी न्यूज़ डेस्क|Navpravah.com

इलाहाबाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डी बी भोसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की खण्ड पीठ ने आज एक अहम फैसला सुनाया है, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राष्ट्रगान गाने से छूट के सम्बन्ध में दायर याचिका ख़ारिज कर दी है।

योगी सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी गई है, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि ये राष्ट्र से जुड़ा मामला है। हाईकोर्ट ने कहा राष्ट्र गान और राष्ट्र ध्वज का सम्मान करना सवैधानिक कर्तव्य है, जाति, धर्म और भाषा के आधार पर इसमें भेद नहीं किया जा सकता है।

हाईकोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज केवल कपड़े का टुकड़ा नहीं है, हमारे स्वतंत्रता आंदोलन के गौरवशाली इतिहास का द्योतक है, मऊ के अला उल मुस्तफा की याचिका को हाई कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया है।

याचिकाकर्ता ने बताया कि हाई कोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट भी है, सरकार इस तरह 15 अगस्त और 26 जनवरी पर मदरसों को राष्ट्र गान गाने का फरमान के खिलाफ मैंने याचिका डाली थी, ऐसा नहीं है की हम इसके खिलाफ हैं, परन्तु सरकार को ऐसा फैसला लेने से पहले हम सब की राय भी लेना चहिये था।

उन्होंने कहा कि इसके पहले की हुकूमत ने कोई दबाव नहीं बनाया था, उन्होंने कहा कि ‘जन-गण-मन पढ़ने का दबाव बनाया गया, अपने वतन की तारीफ करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। ये एक नयी चीज है और इसके लिए हमने ऐतराज जताया था।

उन्होंने कहा कि वो कोई देश के खिलाफ जाकर काम नहीं कर रहे हैं, हम देश के कानून से ही इसपर मदद ले रहे हैं, उनको कोई राष्ट्रगान के लिए आपत्ति नहीं है लेकिन इसके लिए दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए, इसी दबाव के खिलाफ वो कोर्ट गए थे।

 

पिता ने लगाई आग, पांच बच्चों समेत महिला की मौत

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एनपी न्यूज़ डेस्क|Navpravah.com

टोक्यो: जापान में एक घटना में पिता ने अपने घर में आग लगा दी जिसमें पांच बच्चों और एक महिला की मौत हो गई| जिजी प्रेस की खबर के मुताबिक पुलिस ने तोक्यो से करीब 100 किलोमीटर उत्तर में हिताची शहर के एक अपार्टमेंट में शुक्रवार तडक़े आग पर काबू पाने के बाद वहां से पांच शव बरामद किए|

सूत्रों  के मुताबिक, एक बच्चा गंभीर हालत में पाया गया और उसने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया| बच्चों की उम्र तीन से 11 वर्ष के बीच थी| जिजी प्रेस ने पुलिस सूत्रों का हवाला देते हुए बताया कि लगभग 30 वर्षीय एक व्यक्ति ने अधिकारियों को बताया कि उसने आग लगाई थी| यह आग हिताची में तीन मंजिला इमारत में तड़के लगभग 4|30 बजे लगी और इस पर लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद काबू पाया जा सका| वह इन पांच बच्चों का पिता बताया जा रहा है| जिसने बाद में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर लिया| उसने जानबूझकर आग लगाई|

आरोपी ने पुलिस को बताया, ‘‘मैंने अपने घर में आग लगाई| इस आग में वह भी घायल हो गया| मेरी पत्नी और पांच बच्चे घर में थे|’’ मृतकों में एक महिला और तीन से छह साल के चार बच्चे और 11 साल की बच्ची है| इनके शव इमारत की पहली मंजिल में फर्श पर मिले|

 

जापान: ओवरटाइम काम करने से महिला पत्रकार की मौत

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कोमल झा|Navpravah.com

टोक्यो: लगातार काम करने और छुट्टी नहीं मिलने के कारण एक महिला रिपोर्टर की मौत हो गई| ये चौंकाने वाला मामला जापान का है| जापान में एक महीने के दौरान 159 घंटे का ओवरटाइम करने की वजह से रिपोर्टर को हॉर्ट अटैक हुआ जिससे उसकी मौत हो गयी| जिसके बाद जापान के सार्वजनिक प्रसारक ने अपने कामकाज के तरीकों को सुधारने की कसम खाई है|

जहां युवा महिला पत्रकार मिवा सादो एक निजी चैनल में पॉलिटिकल रिपोर्टर थी| एक महीने में उसे सिर्फ दो दिन की ही छुट्टी दी गई थी| बताया जा रहा है

कि पत्रकार की मौत 2013 में हुई थी| लेकिन उनकी संस्था ने इसी हफ्ते उनके केस को सार्वजनिक किया है| सूत्रों के मुताबिक जापान नेशनल हेल्थ सर्विस की ओर से मामले में की गई जांच में मिवा सादो की मौत की वजह ओवर टाइम सामने आई है| रिपोर्ट में कहा गया कि 31 वर्षीय मिवा की मौत कारोशी यानी अधिक काम करने के चलते हुई है| एनएचके ने सादो के माता-पिता द्वारा ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिये कार्रवाई का दबाव डाले जाने के बाद घटना के चार साल बाद यह मामला सार्वजनिक किया|  काम के घंटों के लिए बदनाम जापान में इस मामले के बाद लंबे समय तक काम करने की समस्या फिर से चर्चा में आ गई|

सादो ने जून 2013 में तोक्यो विधानसभा चुनावों और अगले महीने राष्ट्रीय संसद के लिए उच्चस्तरीय मतदान की रिपोर्टिंग की थी| ऊपरी सदन के चुनाव के तीन दिन बाद उसकी मौत हो गयी| उसकी मां ने बताया, ‘आखिरी क्षणों में वह मुझे फोन करना चाहती थी और यह सोचकर मेरा दिल टूट गया|’

एक सर्वे के मुताबिक जापान में 20 प्रतिशत वर्कफोर्स पर कारोशी के चलते मौत का खतरा है| यहां ज्यादातर लोग 80 घंटे से अधिक तक का ओवरटाइम करते हैं|