कोमल झा|Navpravah.com
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एनपी न्यूज़ डेस्क|Navpravah.com
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उत्तर प्रदेश में सड़कों पर बेसहारा घूमने वाले गायों के जल्द अच्छे दिन आएंगे, दरअसल यूपी सरकार ने उद्योगपतियों द्वारा सामाजिक कार्यों में ख़र्च किए जाने वाले सीएसआर फंड में गौ सेवा को भी शामिल कर लिया है।
इसके लिए सभी डीएम, कमिश्नर और जिम्मेदार विभागों को आदेशित किया गया है कि वे उद्योगपतियों को गौ सेवा के लिए सीएसआर फंड देने के लिए प्रेरित करें। जिसके बाद कहा जा रहा है कि सड़कों पर बेसहारा घूमने वाले गायों के अच्छे दिन आने वाले हैं।
बेसहारा गायों को बिजनेसमैन, उद्योगपति चारा खिलाते नज़र आएंगे, समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए उद्योगपतियों को सामाजिक कार्यों में रकम ख़र्च करनी होती है जिसे सीएसआर कहते हैं। विधायकों, सांसदों को भी विकास के लिए मिलने वाले फंड को गोसेवा में लगाने को कहा गया है।
योगी सरकार नगर विकास, पंचायतीराज विभाग और सभी डीएम, कमिश्नर को गोसेवा के लिए उद्योगपतियों को प्रेरित करने का आदेश दिया है, गोमूत्र, गोबर आदि से बनने वाले उत्पादों पर आधारित उद्योग लगाने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।
एनपी न्यूज़ डेस्क|Navpravah.com
20 साल की सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा गुरमीत सिंह के खिलाफ ईडी ने रेगुलर इंक्वायरी शुरू कर दी है। हरियाणा पुलिस को कई हार्ड डिस्क मिली है, जिसमें बलात्कारी बाबा की 700 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी और हवाला कारोबार की डिटेल्स है।
डेरों में रेड के दौरान कई जगह फटे या जले हुए डॉक्यूमेंट्स मिले थे, इसी दौरान एक हार्डडिस्क मिली, इस हार्डडिस्क को भी डैमेज करने की कोशिश हुई थी। पुलिस ने इस हार्डडिस्क से डाटा निकालने में कामयाबी हासिल की है, इस डिस्क के अंदर हवाला से लेकर बाबा की प्रॉपर्टी और कारोबार की डिटेल्स मौजूद हैं, इसमें यह डाटा भी मौजूद है कि किससे कितनी रकम ली गई, कहां कितने रुपए इन्वेस्ट किए गए, साथ ही हथियारों की जानकारी भी है।
पूरे हरियाणा में अलग-अलग डिपार्टमेंट्स से डॉक्यूमेंट्स जुटाए गए हैं। ये डॉक्यूमेंट्स प्रॉपर्टी से लेकर हवाला से जुड़े बताए जा रहे हैं। पंचकूला में दंगा कराने के मास्टरमाइंड समेत चार को बाबा ने बनाया था नपुंसक पंचकूला में दंगों के बाद पुलिस रिमांड के दौरान चार ऐसे डेरा समर्थकों का पता चला है, जिन्हें नपुंसक बनाया गया था।
साल 2000 से 2005 के बीच डेरे में 400 समर्थकों को नपुंसक बनाने का मामला सामने आया था, आरोप लगे थे कि बाबा करीबियों को ही नपुंसक बनाता था। इन केसों की जांच सीबीआई कर रही है, शुक्रवार तक सभी डॉक्यूमट्सें पूरे होने पर इन लोगों की लिस्ट, मेडिकल रिपोर्ट और कबूलनामे सीबीआई को दिए जाएंगे।
शिखा पाण्डेय|Navpravah.com
हरियाणा पुलिस के साथ 38 दिनों तक लुक्का-छिप्पी का खेल खेलती हनीप्रीत के रोज़ कुछ नए राज़ खुल रहे हैं। हनीप्रीत भले अपने आप के और अपने ‘मुंहबोले पापा’ गुरमीत राम रहीम के निर्दोष होने का निरंतर दावा कर रही हो, लेकिन उन दोनों से जुड़े लोग एक-एक कर अपना मुंह खोल रहे हैं और उनकी काली करतूतों के किस्से उजागर कर रहे हैं। इसी के तहत हनीप्रीत के साथ पकड़ी गई सुखदीप कौर नाम की महिला ने खुलासा किया है कि हनीप्रीत जब पुलिस से बच रही थी, तो इस दौरान उसने 17 सिम कार्ड्स इस्तेमाल किए थे।
सुखदीप कौर ने पुलिस को बताया कि 25 अगस्त को हिंसा के बाद हनीप्रीत सिरसा में डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय से तमाम सबूत मिटाने के लिए वहाँ गई थी और वो ऐसा करने में काफी हद तक कामयाब भी रही। सुखदीप ने बताया कि जैसे ही हनीप्रीत को भनक लगती थी, कि पुलिस को उसके द्वारा इस्तेमाल किए गए नंबर की जानकारी मिल गई है, तो वो उस सिम कार्ड को तोड़ देती थी। सूत्रों के मुताबिक, सुखदीप ने ये भी बताया कि इन्हीं सिम कार्ड्स में से एक सिम कार्ड का इस्तेमाल करके हनीप्रीत ‘गुरलीन इंसा’ के नाम से अपना फर्जी फेसबुक आईडी भी चला रही थी।
सुखदीप कौर के मुताबिक इन 38 दिनों में जब हनीप्रीत पुलिस से बच रही थी, उस दौरान भी डेरा सच्चा सौदा के सिरसा मुख्यालय और बाकी नाम चर्चा घरों में उसी का आदेश चलता था। प्राप्त जानकारी के अनुसार हनीप्रीत को पूरा अंदेशा हो गया था कि जिस तरह का माहौल डेरा सच्चा सौदा के खिलाफ बन रहा है, उसके बाद डेरे पर रेड ज़रूर की जाएगी। इसी वजह से उसने पुलिस के सर्च ऑपरेशन से पहले ही वहां पहुंचकर तमाम सबूत हटवाए और फिर अंडरग्राउंड हो गई।
सुखदीप कौर ने पुलिस को बताया कि हनीप्रीत इन 17 सिम कार्ड्स के जरिए लगातार आदित्य इंसा, पवन इंसा और डेरे के तमाम फरार चल रहे लोगों के साथ संपर्क में थी। सुखदीप ने बताया कि हनीप्रीत जब कार में बैठकर किसी भी शख्स से बात करती थी, तो इस दौरान वो उसे कार से उतार देती थी और कार को लॉक कर के अकेले में ही बात करती थी, ताकि जो भी बातचीत वह कर रही है, वो किसी को भी पता ना लग सके। इसका तात्पर्य यह है कि खुद सुखदीप कौर, जिसने उसे पुलिस की गिरफ़्त से इतने दिनों तक बचाकर रखा, हनीप्रीत को उस पर भी भरोसा नहीं था।
एनपी न्यूज़ डेस्क|Navpravah.com
काफील बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के हॉस्पिटल में अनीस्थिसिया के लिए इंडस्ट्रियल गैस इस्तेमाल करने का जो मामला सामने आया है। परेरहाट इंडस्ट्रियल उद्योग के मालिक और इलाहाबाद के उत्तरी क्षेत्र के बीजेपी विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी के पिता अशोक वाजपेयी ने कहा की उनकी कंपनी के पास सारे लाइंसेस है और ये पूरा मामला बीएचयू की इनटरनल पक्ष जुटाव का है।
जांच दल ने पाया कि अस्पताल में दवाई के लिए मंजूर न दी गई इंडस्ट्रियल गैस का इस्तेमाल किया जा रहा था, इसी साल 6 से 8 जून के दौरान बीएचयू परिसर में स्थित सुंदर लाल अस्पताल में सर्जरी के लिए भर्ती हुए 14 मरीजों की मौत हो गई थी। इसके बाद इलाहाबाद होई कोर्ट ने पूरे मामले की जांच का आदेश दिया था।
उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की 18 जुलाई को जारी जांच रिपोर्ट के अनुसार अस्पताल में दवा के मकसद से न इस्तेमाल की जाने वाली निट्रस ऑक्साइड गैस का इस्तेमाल किया जा रहा था।
यह गैस मंजूर की गई दवाओं में नहीं है, हालांकि अधिकारियों ने कहा कि अभी इस बात की जांच जारी है कि क्या इसी के चलते अस्पताल में मौतें हुईं हैं या नही। रिपोर्ट के मुताबिक अस्पताल के लिए गैस सप्लाइ करने वाली इलाहाबाद स्थित फर्म परेरहाट इंडस्ट्रियल एंटरप्राइजेज के पास किसी मेडिकल गैस की आपूर्ति का ही लाइसेंस नहीं है।
फर्म के निदेशक अशोक कुमार वाजपेयी के पास इस फर्म में 1.21 करोड़ रुपये के शेयर हैं। यह फर्म इस परिवार की ओर से संचालित परेरहाट ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज का हिस्सा है। यह ग्रुप स्टील्स, केमिकल्स, पेपर मिल्स और सोलर पावर जैसे सेक्टर्स में काम करता है।
इलाहाबाद के नैनी इलाके की इंडस्ट्रियल कॉलोनीमें स्थित इस फर्म को यूपी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन से कोई भी मेडिकल गैस तैयार करने का आदेश नहीं मिला है। एक आरटीआई के जवाब में इलाहाबाद के असिस्टेंट ड्रग इंस्पेक्टर केजी गुप्ता ने कहा, इस कंपनी के पास कोई भी गैस उत्पादन करने का लाइसेंस नहि है और गैस का उत्पादन करने का लाइसेंस भी इसी साल सितंबर में आया है।
सौम्या केसरवानी।Navpravah.com
सपा के दसवें राष्ट्रीय अधिवेशन के संपन्न होने के बाद आज अखिलेश यादव एक निजी कार्यक्रम में लखनऊ पहुंचे, जहां उन्होंने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को बधाई दी है। सपा मुखिया बनने के बाद अखिलेश यादव ने लोगों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि आगरा के होम्योपैथिक के डॉक्टर पारिख ने देश का गौरव बढ़ाया है, नेताजी ने उन्हें यश भारती सम्मान दिया था और आज प्रदेश की हालत खराब है, आने वाला समय और दिशा युवा ही तय करेंगे।
वही योगी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा प्रदेश में सड़कों की हालत खराब है, सरकार को हेरिटेज हब सड़कों की हालत में सुधार चिकित्सा व्यवस्था मेट्रो की सुविधाओं को भी बढ़ाना चाहिए और कानून व्यवस्था को भी सुधारना चाहिए।
वहीँ बागपत और नोएडा में हुए एनकाउंटर के मसले पर भी अखिलेश ने सरकार पर जमकर हमला बोला, उन्होंने कहा कि नोएडा के एनकाउंटर में यूपी सरकार को CBI जांच करानी चाहिए, क्योंकि भाजपा शुरू से सीबीआई जांच के पक्ष में रही है। तो ऐसे में एनकाउंटर मामले पर सीबीआई जांच क्यों नहीं कराना चाहती।
गोरखपुर में बच्चों की मौत पर पूछे गये सवाल पर अखिलेश ने सीएम योगी पर पूजा में व्यस्त रहने का आरोप लगाया कि योगी हमेशा पूजा में ही व्यस्त रहते हैं, 4 दिन व्रत रहने के बाद योगी ने भगवान से भी बच्चों की मौत ना होने की दुआ मांगी है।
शिखा पांडेय|Navpravah.com
जीएसटी लागू हुए लगभग तीन महीने बीत चुके हैं। जब से जीएसटी लागू हुआ, तमाम कारोबारियों की भाग दौड़ और मशक्कत कुछ बढ़ सी गई थी, लेकिन आज हुई जीएसटी काउंसिल की मीटिंग ने छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत दी है। काउंसिल द्वारा लिए गए बड़े फैसलों में कम्पोजिट स्कीम की लिमिट 75 लाख रुपए से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपए तक कर दी गई है। इसके अतिरिक्त रिटर्न फाइलिंग में भी कारोबारियों और ट्रेडर्स को तीन महीने की छूट दे दी गई है। जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक 9 और 10 नवंबर को होगी। वहीं ई-वॉलेट की व्यवस्था 1 अप्रैल 2018 से शुरू करने की योजना है।
नई दिल्ली में विज्ञान भवन में हुई जीएसटी काउंसिल की 22वीं बैठक के बाद भारत के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि काउंसिल ने कई जरूरी वस्तुओं पर वस्तु एवं सेवा कर घटाने का निर्णय लिया है। इसके चलते दिवाली पर नमकीन, कपड़े और स्टेशनरी सस्ती मिलेगी। साथ ही कार खरीदना और घर का निर्माण भी सस्ता कर दिया गया है।
जीएसटी काउंसिल द्वारा कम्पोजिट स्कीम की लिमिट को 75 लाख रुपए से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपए कर दिए जाने से अब पहले से ज्यादा छोटे कारोबारी इस स्कीम का फायदा उठा पाएँगे। अब 20 लाख रुपए से अधिक और एक करोड़ रुपए तक के सालाना टर्नओवर वाले कारोबारी जीएसटी की कम्पोजिट स्कीम का फायदा उठा सकते हैं।
क्या हैं कम्पोजिट स्कीम के फायदे-
कम्पोजिट स्कीम के तहत टैक्स रेट कम होता है। अर्थात इस स्कीम के तहत आने वाले कारोबारियों को सिर्फ 2% टैक्स चुकाना होता है। कम्पोजिट स्कीम का फायदा रिटलेर, होलसेलर, मैन्युफैक्चरर, ट्रेडर्स, रेस्टोरेंट कारोबारी इत्यादि उठा सकते हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि एक्सपोर्टर्स को 10 अक्टूबर से जुलाई का और 18 अक्टूबर से अगस्त का रिफंड मिलना शुरू होगा। रिफंड के लिए कारोबारियों को ईवॉलेट की सुविधा दी जाएगी। यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2018 से लागू होगी। वित्त मंत्री ने बताया कि कंपोजीशन स्कीम के तहत ट्रेडिंग करने वाले 1 फीसदी टैक्स, मैन्युफैक्चरिंग वाले 2 फीसदी टैक्स, रेस्टोरेंट वाले 5 फीसदी टैक्स देंगे।
उल्लेखनीय है कि अब तक कारोबारियों को हर महीने रिटर्न फाइल करना पड़ता था, अब उन्हें तीन महीने में एक बार रिटर्न फाइल करना होगा। इसके साथ ही सरकार रिवर्स चार्ज में भी उन्हें राहत देने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, सरकारी रिवर्स चार्ज से कुछ महीने के लिए छूट मिल सकती है। ऐसा माना जा रहा है कि अगली जीएसटी काउंसिल की मीटिंग के बाद सरकार इस पर फैसला सुना सकती है।
जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिए गए अन्य अहम् फैसले
-पैकेज्ड फूड पर अब 5 प्रतिशत टैक्स लगेंगे। पहले यह 18 प्रतिशत था।
-ग्रेनाइट या मार्बल छोड़कर अन्य स्टोन पर जीएसटी 28 से 18 फीसदी कर दिया गया है। इससे मकान बनाना सस्ता होगा।
-जरी के सामान पर टैक्स 12 % से घटाकर 5 % किया जाएगा।
– आम पापड़ पर अब 5 % टैक्स लगेगा, पहले यह 12 % था।
-ज्यादा लेबर वाले सरकारी काम पर अब 5 % टैक्स लगेगा, पहले यह 18 % था।
– प्लास्टिक कचरा पर अब 5 प्रतिशत टैक्स लगेगा, पहले यह 18 % था।
-ई-वेस्ट पर अब 18 % टैक्स लगेगा, जो पहले 28 % था।
-स्टेशनरी सामानों पर अब 18 % टैक्स लगेगा, पहले यह भी 28 % था।
-मैंगो स्लाइस पर अब 5 % टैक्स लगेगा, पहले यह 12 % था।
-बिना ब्रांड वाले नमकीन पर अब 5 प्रतिशत टैक्स लगेगा, पहले यह भी 12 % था।
-डीजल इंजन के पार्ट पर टैक्स दर 28% से 18% हो गई है।
शिखा पांडेय|Navpravah.com
आगामी गुजरात विधानसभा चुनावों में प्रत्येक दल अपने अपने तरीके से अपनी साख जमाने में जुटा हुआ है। एक महीने में, जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा, फिर नर्मदा डैम के उद्घाटन के लिए मोदी का दौरा, फिर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का दौरा और अब दोबारा प्रधानमंत्री का दौरा इस बात का साफ़ सबूत है। जी हाँ! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से गुजरात की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। वहां वे कई बड़ी योजनाओं का उद्घाटन करेंगे और कई बड़ी योजनाओं की आधारशिला रखेंगे। मोदी 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार अपने जन्मस्थान वडनगर भी जाएंगे।
मोदी ने अपने दौरे की शुरुवात गुजरात के द्वारकाधीश मंदिर में दर्शन के साथ की है। प्रधानमंत्री द्वारका में 5825 करोड़ रुपये की लागत वाली चार राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, शिपिंग और जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी और इसी विभाग के राज्य मंत्री मनसुख एल. मंडाविया भी इस अवसर पर प्रधानमंत्री के साथ हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज आईआईटी गांधीनगर में डिजिटल साक्षरता अभिनंदन समारोह को भी संबोधित करेंगे। ‘प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान’ (पीएमजीडीआईएसएचए) सरकार की डिजिटल इंडिया पहल का एक अभिन्न अंग है।
प्रधानमंत्री के पैतृक गाँव वडनगर में उनके स्वागत के लिए खास तैयारियां की गई हैं। वडनगर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। मोदी द्वारका, सुरेंद्र नगर और गांधीनगर में तीन रैलियों को संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री एनएच-51 पर बेत द्वारका और ओखा के बीच केबल धारित सिग्नेचर ब्रिज के निर्माण की आधारशिला रखेंगे। इस पुल की परियोजना लागत 962 करोड़ रुपये है।इस दौरान जिन अन्य परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी, उनमें 1600 करोड़ रुपये की लागत से एनएच-51 के 116.24 किलोमीटर लम्बे पोरबंदर-द्वारका खंड के चार लेन का बनाना शामिल है। इसके अतिरिक्त 370 करोड़ रुपये की लागत से एनएच-51 के 93.56 किलोमीटर लम्बे गडू-पोरबंदर खंड के 2/4 लेन और 2893 करोड़ रुपये की लागत से एनएच-47 एवं एनएच-27 के 201.31 किलोमीटर लम्बे अहमदाबाद-राजकोट खंड के छह लेन की आधारशिला भी पीएम द्वारा रखी जायेगी।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक महीने में यह तीसरा गुजरात दौरा है। 14 सितंबर को पीएम मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ अहमदाबाद में बुलेट ट्रेन की आधारशीला रखी थी। इसके बाद वह 17 सिंतबर को अपने जन्मदिन पर गुजरात गये थे। इस मौके पर उन्होंने सरदार सरोवर बांध का उद्घाटन किया था और रैली को संबोधित किया था और अब तीसरी बार वे कई बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात गुजरात को देंगे।