जिले की मेजा तहसील के टेला घाट के पास एक नाव पलट गई थी, इस दुर्घटना में 4 लोगों के डूबने की आशंका है। नाव में एक दर्जन से ज्यादा लोग सवार थे, वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने दुर्घटना में कुछ लोगों के लापता होने पर उनके लिए तत्काल बचाव कार्य करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए थे।
मेजा थाना क्षेत्र के मदरा मुकुन्दपुर घाट पर गंगा नदी में नाव डूबने से दर्दनाक हादसा हुआ है, हादसे में नाव में सवार 4 लोग लापता बताये जा रहे हैं। जबकि नाव में एक दर्जन से ज्यादा लोग सवार थे, इसके साथ ही नाव में 5 मोटर साइकिलें और 3 साइकिलें भी मौजूद थी, हादसा नाव में पानी भर जाने और क्षमता से अधिक लोगों के नाव में सवार होने के चलते नाव पलटने से होना बताया जा रहा है।
लोगों के मुताबिक नाव गंगा नदी के दूसरे किनारे हंडिया थाना क्षेत्र के टेला घाट से मेजा थाना क्षेत्र में पड़ने वाले मदरा मुकुन्दपुर घाट की ओर आ रही थी, नाव में आस-पास के गांव के लोग ही सवार थे, हंडिया से लेकर वाराणसी में नौकरी करने वाले कई लोग अपने घरों को लौट रहे थे।
लोगों के मुताबिक नाव ने गंगा नदी को आधे से ज्यादा पार भी कर लिया था जिसके बाद ये हादसा हुआ है। घाट के किनारे मौजूद मदरा मुकुन्दपुर गांव के 3 नौजवान युवकों ने नदी में कूदकर कई लोगों की जान बचायी, जबकि कई लोग खुद ही तैरकर नदी से बाहर आ गए।
लेकिन हादसे में 4 लोग अभी भी लापता बताये जा रहे हैं, वहीं घटना के बाद काफी देर तक मौके पर गोताखोर और रेस्क्यू दल नहीं पहुंचा। जिससे नाराज ग्रामीणों ने गंगा घाट पर ही पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन भी किया। हादसे के बाद से ही ग्रामीणों की मदद से ही रेस्क्यू आपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन रात में अंधेरा होने और नाइट विजन उपकरण न होने की वजह से ग्रामीणों को भी काफी दिक्कतें हो रही हैं।
ऋतिक रोशन-कंगना रनौत विवाद पर आज फिल्मकार और अभिनेता फरहान अख्तर ने एक खत लिखते हुए ऋतिक रोशन का सपोर्ट किया। उन्होंने कहा कि लोगों और मीडिया को किसी नतीजे पर नहीं पहुंचना चाहिए।
फरहान का खत-
आज मैंने एक ओपन लेटर पढ़ा, जो एक व्यक्ति ने एक महिला के लिए लिखा है। यह विवाद चल तो काफी दिनों से रहा है, लेकिन इस शख्स ( ऋतिक ) ने पहली बार अपनी बात सामने रखी है। मुझे नहीं पता कौन सही है या कौन गलत, लेकिन मुझे लगता है कि इन घटनाओं पर बात करना जरूरी है।
बहुतों की तरह मुझे भी लगता है कि हमारे समाज में ज्यादातर महिलाओं को दबाया जाता है। 4 साल पहले मैंने Men Against Rape & Discrimination की स्थापना की थी। इसके जरिए मैं लिंग संबंधी हिंसा के खिलाफ लड़ना चाहता था। कुछ घटनाओं में महिलाओं को गलत ठहराया जाता है, लेकिन कुछ और सभी में अंतर है। कुछ केस ऐसे भी होते हैं, जहां पुरुषों का पीछा किया जाता है, उनका शोषण होता है और उन पर गलत आरोप लगाए जाते हैं। यह सच्चाई हमारे देश के सर्वोत्तम न्यायालय ने भी मानी है।
वो महिला ( कंगना ) कहती हैं कि उनका 7 साल का अफेयर था और उस दौरान दोनों ने बहुत से ई-मेल्स शेयर किया। हालांकि उस शख्स ने मना किया है कि उसने कोई ई-मेल नहीं किया। उसने शिकायत भी दर्ज करवा दी है। सारे डॉक्यूमेंट्स, अपने फोन, लैपटॉप सब सबमिट कर दिया है।
लेकिन ऐसा महिला ने नहीं किया है। किसी न किसी कारण से वो ऐसा करने से मना कर रही है। अपना फोन और लेपटॉप देना सिर्फ कानूनी तौर पर ही सही नहीं होगा, बल्कि यह साबित भी करेगा कि वो सच कह रही है। उसके ऑफिशियल ई-मेल अकाउंट में महिला के ऑफिशियल ई-मेल अकाउंट से भेजे गए हजार से ज्यादा ई-मेल्स हैं। वो कहती है कि उसने यह ई-मेल नहीं भेजा, बल्कि उस शख्स ने उसका अकाउंट हैक कर के खुद को मेल किया।
अगर किसी महिला को ऐसे मेल्स मिलते और वो इसे उत्पीड़न कहती। तब आपका क्या रिएक्शन होता? क्या आप उस शख्स पर विश्वास करते अगर वो कहता कि वो रिलेशनशिप में थे और महिला ने उसका अकाउंट हैक कर खुद को मेल्स भेजे हैं। महिला ने एक तस्वीर शेयर की, जिसमें दोनों थे, उसने कहा कि यह उस समय का है जब दोनों का अफेयर था। असली तस्वीर में उनके दोस्त भी थे, जिसमें उनकी पत्नी (अब एक्स-वाइफ सुजै़न) भी थीं।
क्यों दूसरों को जानबूझ कर क्रॉप कर दिया गया। महिला के पास कोई मैसेज और तस्वीर नहीं है, जो यह साबित कर सके कि दोनों 7 साल के रिलेशनशिप में थे। उनके पेरिस में हुए तथाकथित सगाई की भी कोई तस्वीर नहीं है।
दरअसल सच्चाई यह है कि हम सच्चाई जानते ही नहीं। मैंने आज यह सब इसलिए कहा है क्योंकि कुछ लोग अभी से ही नतीजे पर पहुंच गए हैं, लेकिन सभी से यह अनुरोध है कि जब तक पूरी सच्चाई सामने न आये, तब तक किसीको भी गलत न समझा जाये।
आमिर हमेशा कुछ नया करते हैं। फ़िल्म सीक्रेट सुपरस्टार में उन्होंने जो किरदार निभाया है, वो भी एक नया प्रयोग है। आमिर कहते हैं, “फिल्म कभी किसी कलाकार की वजह से ही हिट या फ्लॉप नहीं होती। फिल्म के असली हीरो होते हैं, उसके लेखक और निर्देशक।” फिल्म ‘सीक्रेट सुपरस्टार’ को लेकर उन्होंने अमित द्विवेदी से लम्बी बातचीत की। प्रस्तुत हैं आमिर खान से हुई बातचीत के प्रमुख अंश-
सीक्रेट सुपरस्टार में जो किरदार है, वो क्या फिल्म रंगीला से मिलता जुलता है?
आमिर- बिल्कुल नहीं, ऐसी फिल्म आज तक मैंने नहीं की। रंगीला में जो किरदार था, वो भावुक था, लड़की से प्यार करता था। लेकिन ये बिलकुल भी ऐसा नहीं है। ये मेरे नेचर से बिलकुल मिलता जुलता नहीं है। मैं निजी ज़िंदगी में बेहद सरल और संवेदनशील हूँ, इस फिल्म में जो किरदार है, वो बिगडैल है, अभद्र है। लेकिन फिल्म एकदम हटके है। मुझे अद्वैत ने जब इस रोल के बारे में कहा था, तब मैं बड़ा कन्फ्यूज़ था कि मैं इस किरदार के साथ न्याय कर पाऊंगा भी या नहीं। क्योंकि ये मुझसे किसी भी एंगल से सिमिलर नहीं है। लेकिन जब हमने स्क्रीन टेस्ट किया, तब मुझे लगा कि चलो, कर लूँगा।
आपने ट्वीट करके कहा था कि ये कैरेक्टर मेरे लिए बड़ा मुश्किल था, कैसे ढाला खुद को ?
आमिर- जी, ये मेरे लिए वाकई में बहुत अलग था, क्योंकि मैं ऐसा हूँ ही नहीं, एकदम अपोज़िट हूँ। मैं वैसा कभी नहीं सोचता, जैसा ये शक्ति कुमार सोचता है। किरदार में खुद को डालना भी बहुत अहम् है, इसके लिए मैं हमेशा स्क्रिप्ट का ही सहारा लेता हूँ। स्क्रिप्ट पढने के बाद समझने की कोशिश करता हूँ किरदार को। ऐसे ही इस बार भी किया। लेकिन कैरेक्टर थोडा सा ज़रूर मुश्किल था मेरे लिए।
जब आप फिल्म प्रोड्यूस करते हैं, तब आपका कितना हस्तक्षेप रहता है?
आमिर- मैं क्रिएटिव मामलों में काफी इन्वाल्व होता हूँ। खासकर, म्यूजिक, कास्टिंग वगैरह में। मेरा मानना है कि कहानी को सही कलाकार का मिलना बहुत ज़रूरी है, नहीं तो फिल्म कमज़ोर पड़ जाती है। इसलिए मैं हमेशा सजेस्ट करता हूँ कि आप इस कलाकार को इस किरदार के लिए ले सकते हैं। ज़ायरा के लिए मैंने सजेस्ट किया। हालाँकि उस समय हमने ज़ायारा को दंगल के लिए सेलेक्ट किया था।
Zaira wasim and aamir khan in secret superstar
सीक्रेट सुपरस्टार में जो कैरेक्टर है,उसके लिए आपको संगीत सीखना पड़ा ?
आमिर- दरअसल, जितनी जानकारी की आवश्यक्ता है, उतनी है मुझे। मेरा संगीत से काफी जुड़ाव रहा है। मैंने कई म्यूजिक डायरेक्टर्स के साथ म्यूजिक सेशंस किया है, जैसे अनु मालिक, जावेद साहब, जतिन-ललित। इसलिए मुझे अलग से म्यूजिक सीखने की ज़रुरत नहीं पड़ी।
जब आप कोई फिल्म करते हैं, तो पूरा ध्यान आप पर केन्द्रित हो जाता है, तो फिल्म में कोई फर्क तो नहीं पड़ता?
आमिर- बिल्कुल नहीं, मेरा मानना है कि फिल्म में कलाकार अहम् होता है, लेकिन फिल्म से बड़ा नहीं हो सकता। मेरा ये मानना है कि कोई भी कलाकार फिल्म से बड़ा नहीं हो सकता। मैं हमेशा इस बात का ख़याल रखता हूँ कि मैं फिल्म से बड़ा नहीं हूँ, मैं सुपरस्टार हूँ तो फिल्म की वजह से। ध्यान कहानी पर होना चाहिए, किरदार पर होना चाहिए, न कि मुझ पर।
फिल्म दिवाली पर रिलीज़ होगी, गोलमाल भी रिलीज़ हो रही है। आपको लगता है थियेटर्स की संख्या ज्यादा होनी चाहिए?
आमिर- बिल्कुल ज्यादा होनी चाहिए। और इसमें ऐसा भी होना चाहिए कि हर कैटेगरी के लोगों को मल्टीप्लेक्स और थियेटर्स में फिल्में देखने की सहूलियत हो। सिर्फ उसके लिए नहीं, जो दो सौ-पांच सौ रुपये खर्च कर सके। उसके लिए भी थियेटर्स में जगह होनी चाहिए, जिसके पास मात्र 20 रुपये की क्षमता है। आप देखिये चीन में लगभग 45 हज़ार थियेटर्स हैं, जबकि हमारे देश में मात्र साढ़े पांच हज़ार। जनसंख्या दोनों देशों की लगभग समान है। चीन की जनसँख्या थोड़ी ही ज्यादा है हमसे, लेकिन आंकड़ों में देखिये कितना फर्क है, उनके यहाँ हमसे लगभग दस गुना ज्यादा थियेटर्स हैं। हमें इस बिंदु पर ज़रूर काम करना चाहिए।
Amitabh bachchan and Aamir Khan
आप और अमिताभ बच्चन पहली बार फिल्म ‘ठग्स ऑफ़ हिन्दुस्तान’ में साथ काम कर रहे हैं, कैसा अनुभव रहा उनके साथ काम करने का?
आमिर- बहुत कमाल का अनुभव रहा बच्चन साहब के साथ काम करके। मैंने बहुत कुछ सीखा। लोग कहते हैं कि बच्चन साहब सेट पर बात कम करते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। हम लोग एक दूसरे से बहुत बातें करते हैं। बच्चन साहब अक्सर मुझे बीती बातें बताते हैं। उनके अनुभव से मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला है। अमित जी बेहद सुलझे हुए इंसान हैं। आप उनके सामने बैठकर भी बहुत कुछ सीख सकते हैं।
आप एक संजीदा कलाकार हैं, युवा बहुत सीखते हैं आपसे। कहीं ये किरदार युवाओं को बिगाड़ेगा तो नहीं?
आमिर- बिल्कुल नहीं, क्योंकि फिल्म यह बात बहुत स्पष्ट रूप से दर्शाई गई है कि किरदार बिगडैल है। और लोग प्रभावित अच्छी चीज़ों से होते हैं। ऐसा बिल्कुल नहीं होगा कि युवा इससे भ्रमित हों। क्योंकि देश के ज़्यादातर युवाओं को बुरे व्यवहार वाले लोग नहीं पसंद हैं। इंसान उसी का अनुसरण करता है, जिससे वह प्रभावित होता है न कि जिससे चिढ़ता है।
आपने तमाम प्रकार के बैक्टीरिया के विषय में सुना होगा, लेकिन क्या कभी किसी ऐसे आंत के बैक्टीरिया के विषय में सुना है, जो आपके लिए सेहतमंद हो? अगर आपको इसके अस्तित्त्व के विषय में जानकारी नहीं है, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आंत के ऐसे ही एक बैक्टीरिया की खोज की जा चुकी है। खास बात यह है कि भारतीय मूल के अमेरिकी वैग्यानिक डॉ. आशुतोष मंगलम की अगुवाई में शोधकर्ताओं की एक टीम ने आंत के इस बैक्टीरिया ‘प्रीवोटेला’ की खोज की है, जिसका इस्तेमाल मल्टीपल स्क्लेरोसिस और इससे मिलती-जुलती अन्य बीमारियों के इलाज के लिए किया जा सकता है।
अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ आयोवा के पैथोलॉजी विभाग में सहायक प्रोफेसर मंगलम मूल रूप से उार प्रदेश के रहने वाले हैं। मंगलम ने अमेरिका के आयोवा प्रांत से एक भारतीय न्यूज़ एजेंसी को फोन पर बताया कि उनका शोध आंत के बैक्टीरिया पर आधारित है। वह अपने शोध के जरिए बताना चाहते हैं कि आंतों के बैक्टीरिया इंसान को सेहतमंद रखने में कैसे मदद करते हैं। इस शोध कार्य में शामिल एक दर्जन से ज्यादा वैज्ञानिकों की अगुवाई मंगलम ने की।
पिछले करीब 15 साल से मल्टीपल स्क्लेरोसिस पर शोध कर रहे मंगलम ने इस बारे में विस्तार से बताते हुए कहा, “हमारी आंत में खरबों अच्छे बैक्टीरिया रहते हैं । वह हमें सेहतमंद बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं । अच्छे बैक्टीरिया हमारे भोजन को पचाने के अलावा हमारे शरीर की विभिन्न क्रियाओं में मदद करते हैं।”
उन्होंने बताया,”नए शोध के मुताबिक, हमारी आंत के अच्छे बैक्टीरिया हमारी प्रतिरक्षा कोशिकाओं के विकास में मदद करते हैं। मल्टीपल स्क्लेरोसिस के मरीजों की आंतों में अच्छे बैक्टीरिया की कमी हो जाती है, जिसकी वजह से कुछ लोगों में यह बीमारी होती है। इसलिए हमने मल्टीपल स्क्लेरोसिस के मरीजों की आंतों में बैक्टीरिया की जांच की और उनकी तुलना सेहतमंद लोगों की आंत के बैक्टीरिया से की।”
मंगलम ने खोज में पाया कि मल्टीपल स्क्लेरोसिस के मरीजों की आंत के बैक्टीरिया सेहतमंद लोगों से भिन्न थे। उनकी टीम ने उन विशेष बैक्टीरिया की पहचान की जिनकी कमी मल्टीपल स्क्लेरोसिस के मरीजों में थी। इस खोज में उनकी टीम ने पाया कि मल्टीपल स्क्लेरोसिस के मरीजों में प्रीवोटेला नाम के बैक्टीरिया की कमी थी। हालांकि, मंगलम ने चेतावनी दी कि अभी इस बैक्टीरिया पर और शाेध करने की जरूरत है ताकि इसके प्रभाव की जांच ठीक से की जा सके। इस टीम काे यह खाेज करने में करीब चार साल का वक्त और लगा।
मंगलम के साथ ही उनके सहयोगी डॉ. शैलेश शाही ने इसमें अहम भूमिका निभाई। इस शोध में अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ आयोवा और रोचेस्टर स्थित मेयो क्लीनिक के वैज्ञानिकों की भी अहम भागीदारी रही। मूल रूप से बिहार के रहने वाले शाही ने भारत के लिए इस शोध की अहमियत के बारे में पूछने पर एजेंसी को बताया कि पिछले कुछ दशकों में भारत में मल्टीपल स्क्लेरोसिस रोग की चपेट में आने वाले लोगों की तादाद काफी बढ़ी है। इस रोग का निदान थोड़ा कठिन होने के कारण डॉक्टरों का मानना है कि भारत में इसके मरीजों की सही से पहचान नहीं हो पाती। उन्होंने कहा कि लोगों में मल्टीपल स्क्लेरोसिस के बारे में और जागरूकता फैलाने की जरूरत है। सही पहचान न होने पर मरीजों को गलत दवा देने की आशंका रहती है।
क्या है मल्टीपल स्क्लेरोसिस
-मल्टीपल स्क्लेरोसिस केंद्रीय तंत्रिका तंत्र की बीमारी है जो दिमाग और रीढ़ को प्रभावित करती है।
-यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली इम्यून सिस्टम के कमजोर होने और माइलिन कोशिकाओं का बनना बंद होने के कारण होती है ।
-आनुवांशिक और पर्यावरणीय कारकों से भी यह बीमारी हो सकती है। इसमें शरीर के विभिन्न अंग प्रभावित होते हैं।
-वैसे तो यह लकवा से अलग तरह की बीमारी है, लेकिन करीब 20 से 50 साल की उम्र के बीच के लोगों को अपना शिकार बनाने वाली इस बीमारी की चपेट में लंबे समय तक रहने से मरीज को विकलांगता का शिकार होना पड़ता है।
शोधकर्ताओं की टीम ने प्रीवोटेला के विभिन्न उपभेदाें स्ट्रेन्स काे सेहतमंद लाेगाें की आंत से निकाला और उनका परीक्षण चूहाें पर किया। उन्हाेंने पाया कि बहुत सारे बैक्टीरिया में से एक प्रीवाेटेला हिस्टीकाेला में मल्टीपल स्क्लेराेसिस वाले चूहाें में बीमारी काे सुधारने की क्षमता थी। प्रीवाेटेला हिस्टीकाेला ने बीमारी के लक्षण में सुधार लाने के साथ-साथ दिमाग और रीढ़ में सूजन काे भी कम किया। उनकी टीम ने यह भी दिखाया की प्रीवाेटेला हिस्टीकाेला ने शरीर की प्रतिरक्षा काेशिकाआें काे बढ़ाया। यह खाेज इसी साल अगस्त महीने में सेल रिपाेर्ट पत्रिका में प्रकाशित भी हुई।
अमेरिका के लाेक स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ाें के मुताबिक, दुनिया भर में करीब 30 लाख लाेग इस बीमारी की चपेट में हैं। साल 2015 में इस बीमारी से करीब 20,000 लाेगाें की मौत हुई थी।
इलाहाबाद में शाम को मदरा घाट पर नाव डूब जाने से तीन लोगों की मौत हो गई है। अभी भी नाव में सवार 14 लोग लापता हैं। इलाहाबाद के मेजा ब्लॉक के मदरा घाट पर शनिवार देर शाम एक ही नाव में क्षमता से अधिक 17 लोग सवार थे।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, नाव में दोपहिया वाहन भी लादे गए थे। नदी पार करते समय नाव संतुलन खो बैठी और नाव पर सवार लोग इधर-उधर होने लगे। घबराहट की वजह से कुछ लोग नाव से कूदने लगे, जिस वजह से नाविक भी संतुलन खो बैठा। शनिवार की सुबह बहराइच की सरयू नदी में नाव पलटने से 6 लोगों की मौत हुई थी और अब शाम को इलाहाबाद में शाम को मदरा घाट पर नाव डूब जाने से तीन लोगों की मौत हो गई है।
मेजा ब्लाक प्रतिनिधि के मुताबिक, मदरा घाट के आस पास के गाँवों के ग्रामीण देर शाम बाजार से वापस आ रहे थे, उसी वक्त घटना हुई। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 10 मृत लोगों को निकाला गया है, जबकि सात लोग लापता है। उन्होंने आगे बताया कि अभी तक तीन लोगों की लाश मिली है,नाव पर कुल 17 लोग सवार थे। अन्य की तलाश की जा रही है। ओवर लोडिंग की वजह से नाव हादसा हुआ है। पानी से अभी तक 2 बाइक और 1 साईकल निकाली गयी है।
UP Board's high school and intermediate exam will be held in February
एनपी न्यूज़ डेस्क|Navpravah.com
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा 2018 फरवरी से शुरू होने के पूरे आसार हैं, परीक्षा शुरू होने की तारीख के लिए जल्द ही माध्यमिक शिक्षा निदेशक से अनुमोदन लिया जाएगा।
साथ ही इस बार नए साल का सार्वजनिक अवकाश का कैलेंडर भी पहले जारी होगा, क्योंकि उसके बाद ही परीक्षा कार्यक्रम अधिकृत जारी हो पाएगा। बोर्ड प्रशासन जल्द ही इस संबंध में शासन से अनुरोध करेगा।
उप मुख्यमंत्री व माध्यमिक शिक्षा मंत्री दिनेश शर्मा ने पिछले दिनों निर्देश दिया है कि हाईस्कूल व इंटरमीडिएट का परीक्षा कार्यक्रम अक्टूबर में ही जारी किया जाए, ताकि परीक्षार्थियों को तैयारी करने का भरपूर मौका मिल सके।
बोर्ड प्रशासन के पत्र के बाद शासन का कार्मिक विभाग नए साल के अवकाश का कैलेंडर तैयार करता आया है, क्योंकि बिना अधिकृत अवकाश जारी हुए परीक्षा कार्यक्रम बनाया जाना संभव नहीं है।
बोर्ड सूत्रों की मानें तो जल्द ही शासन को नए साल का सार्वजनिक अवकाश का कैलेंडर मुहैया कराने का अनुरोध पत्र भेजा जाएगा। वह मिलते ही औपचारिक परीक्षा कार्यक्रम घोषित होगा। ऐसे में इस बार अवकाश तालिका भी अन्य वर्षों की अपेक्षा पहले ही जारी हो सकेगी।
बीते वर्ष बोर्ड परीक्षा विधानसभा चुनाव के कारण विलंब से शुरू हुई थी। इस बार फिर से फरवरी से परीक्षाएं शुरू कराने की तैयारी है, ताकि मार्च में परीक्षाएं पूरी हो जाएं और एक अप्रैल से नया सत्र शुरू हो सके।
उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था बुरी तरह से लचर हो चुकी है और अपराधियों के मन से कानून का डर पूरी तरह से निकल गया है। इसका नजारा मुजफ्फरनगर में देखने को मिला, जहां 4 वहशी दरिंदो ने पति के सामने ही महिला के साथ गैंगरेप किया।
घटना मुजफ्फरनगर के भोपा कस्बे के नजदीक की है। दरअसल एक दंपत्ति अपने 3 माह के बच्चे को डॉक्टर को दिखाकर मोटरसाइकिल से घर लौट रहा था। इसी दौरान सुबह 11 बजे 4 अज्ञात बदमाशों ने दंपत्ति को रास्ते में रोक लिया और बच्चे की गर्दन पर चाकू रखकर जंगल में ले गए। इसके बाद आरोपियों ने महिला के पति को रस्सियों से बांधा और बच्चे की गर्दन पर चाकू रखकर बारी बारी से महिला से बलात्कार किया।
इसके बाद आरोपी इस मामले की किसी को न बताने की धमकी देकर वहां से फरार हो गए। सूत्रों अनुसार महिला ने कहा कि बंदूक की नोक पर चार लोगों ने मेरे साथ रेप किया। आरोपियों के भाग जाने के बाद पीड़ित परिवार मदद के लिए चिल्लाया, जिसे सुनकर पास के गांव के कुछ किसान वहां पहुंच गए और इस घटना की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने पीड़ित परिवार को अस्पताल पहुंचाया।
वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है। महिला को फिलहाल मेडिकल के लिए भेजा गया है। अभी तक आरोपियों की पहचान नहीं हो पायी है। वहीं दिन दहाड़े इस तरह की घटना से स्थानीय लोगों में गुस्सा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं, जहां सबसे पहले वह गुजरात के प्रसिद्ध मंदिर द्वारकाधीश के दर्शन करने पहुंचे और उसके बाद उन्होंने द्वारका में एक जनसभा को संबोधित करते हुए GST के नियमों से होने वाले बदलाव पर भी बात की। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्वारका में कई बड़े ऐलान भी किये।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे पहले गुजरात के प्रसिद्ध मंदिर द्वाराधीश के दर्शन करने पहुंचे थे,
जहां उन्होंने परंपरिक तरीके से द्वारकाधीश मंदिर में पूजा-अर्चना की। यही नहीं मोदी ने वहां खड़े सभी लोगों का आभिवादन भी किया। इस दौरान पीएम मोदी के साथ गुजारत के सीएम विजय रुपाणी और पूर्व सीएम आनंदी बेन भी थी।
मोदी ने जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि GST के नियमों में बदलाव के कारण देश में दिवाली वक्त से पहले ही आ गई है, समुद्री सुरक्षा की ट्रेनिंग देने वाली संस्था मरीन पुलिस सेंटर द्वारका में बनेगा, ब्रिज बनने से पर्यटन बढ़ेगा, इससे हर गरीब की कमाई होगी और आर्थिक गतिविधि को ताकत मिलेगी।
उन्होंने आगे कहा विकास पूरे देश का सपना है, मैं बस उस सपने में रंग भरने का काम कर रहा हूं, पहले पानी की टंकी के उद्धाटन के लिए सीएम आते थे अब दृश्य बदल चुका है, आज 6 हजार करोड़ की सड़क परियोजना का उद्धाटन होगा। एक कोने में विकास होने से विकास नहीं होता, विकास को कनोक्टिविटी चाहिए होती है।
प्रधानमंत्री मोदी आज ओखा और बेट द्वारका को जोड़ने वाले ब्रिज का शिलान्यास भी किया, इसके साथ ही वह गुजरात में 5,825 करोड़ रुपये की लागत वाली चार राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी और कल गांव वडनगर में 600 करोड़ की लागत से बने अस्पताल और मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण भी करेंगें।
संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ जल्द ही रिलीज होने जा रही है. इसी के साथ फिल्म की रिलीज के लिए मेकर्स चिंता का चिंता विषय बनी हुई है।वैसे बात तो सही है कि भंसाली की ये पद्मावती रिलीज होने से पहले काफी खतरों में घिरी हुई है। ऐसे में इसके शांतिपूर्वक रिलीज होने की जिम्मेदारी अब अपनी सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी ने ली है।
हाल ही में आयोजित हुए वर्ल्ड इकनोमिक फोरम में बॉलीवुड और राजनीति से जुड़ी कई हस्तियों नें अपनी हाजरी दर्ज की। इस इवेंट पर एक चर्चा के दौरान करण जौहर देश की सुचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी से बातचीत कर रहे थे।
इसी दौरान करण ने स्मृति से कहा, “फिल्म ‘पद्मावती’ जल्द ही रिलीज होने को है। लेकिन इस फिल्म को लेकर राजस्थान में प्रॉब्लम्स क्रिएट की जा रही है। वहां पोस्टर्स जलाए जा रहे हैं और मैं जानता हूं कि ऐसी परिस्थिति में वहां डर का माहौल है। ऐसे में क्या आप को लगता है कि कोई रास्ता है जिससे फिल्ममेकर सुरक्षित महसूस कर सके?”
स्मृति का कहना है कि ऐसे में आप को क्या लगता है कि कोई रास्ता है जिससे फिल्ममेकर सुरक्षित महसूस कर सकें। इसपर उन्होंने जवाब दिया कि ये उनके लिए दुर्भाग्य की बात है कि उन्हें संजय लीला भंसाली जैसे क्रिएटर के साथ काम करने का मौका नहीं मिला, लेकिन वह इस बात पर यकीन दिलाती हूँ।कि फिल्म रिलीज के समय कानून व्यवस्था पूरी तरह से नियंत्रण में होगी।
इसके साथ ही राज्य सरकार इस बात का ख्याल रखेगी कि ऐसे कोई भी शरारती तत्व मौजूद न हों जो किसी भी प्रकार के इंटरेक्शन और डिस्प्ले में बाधा डालें। उन्होंने ये भी कहा कि उनके पास मीडिया बहुत ही चौकस है। इस वजह से इस बात से संतुष्ट रहें कि लोकतंत्र के सभी स्तंभ सही तरह से काम कर रहे हैं।
कुछ ही दिनों पहले ‘पद्मावती’ से एक्टर्स के लुक पोस्टर जारी किए गए जिसे देख फैंस इस फिल्म का अब बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। भंसाली प्रोडक्शन्स और वायकॉम 18 मोशन पिक्चर्स द्वारा निर्मित ये फिल्म 1 दिसंबर को रिलीज हो रही है।
एक्टर अर्जुन कपूर अपने बेहतरीन अदाकारी के लिए जाने जाते हैं। लेकिन आजकल अर्जुन एक बार फिर सुर्खियों में है। आप को बता दें, हाल ही में उस वक्त गुस्से से भर गए जब एक यूजर ने उन पर आपत्तिजनक कमेंट कर दिया। अर्जुन को ट्विटर पर एक ट्विटरैटी ने रेपिस्ट लिखा और साथ ही उन्हें बॉलीवुड से बाहर निकालने की बात लिखी। अर्जुन ने इस कमेंट का जवाब भी दिया, लेकिन अपने अंदाज में।
दरअसल, इशिका राय नाम की एक यूजर ने अर्जुन कपूर को टैग करते हुए ट्वीटर पर लिखा- गंदे दिखते हो और तुमसे किसी अपराधी, किसी रेपिस्ट जैसी तरंगे निकलती हैं। इसे जितना जल्दी हो सके बॉलीवुड से निकाल दिया जाना चाहिए और नए टैलेंट का स्वागत किया जाना चाहिए। इस ट्वीट के बाद अर्जुन सोच में पड़ गए और उन्हें समझ नहीं आया कि किस तरह रिएक्ट करें। लेकिन क्योंकि कमेंट एक लड़की के ट्विटर हैंडल से था तो अर्जुन ने धैर्यपूर्वक इस कमेंट का जवाब दिया।
अर्जुन के मुताबिक यूं सोशल मीडिया पर खुलेआम किसी को रेपिस्ट कहना दुख की बात है और खासकर तब, जब एक लड़की ये बात लिख रही हो। अर्जुन के ट्वीट के बाद उस ट्रोलर ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया, लेकिन अर्जुन के फैन्स इस मामले को यहीं रफा दफा नहीं करना चाहते थे और उन्होंने उस ट्विटर यूजर को ट्रोल करना शुरू कर दिया।
फिल्मों की बात करें तो अर्जुन, परिणीति के साथ दो फिल्मों ‘संदीप और पिंकी फरार’ और ‘नमस्ते कनाडा’ में नजर आएंगे। परिणीति के साथ काम करने पर अर्जुन ने मजाकिया लहजे में कहा कि अगले साल मैं सिर्फ परिणीति के साथ काम कर रहा हूं इसलिए मेरे और उनकी अफेयर की खबरों के लिए मैं तैयार हूं।