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Monday, August 17, 2026
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अमित शाह ने किया 5 पुस्तकों का विमोचन

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सौम्या केसरवानी।Navpravah.com

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल राम नाईक और केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी मंगलवार को उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में मौजूद थे। जहाँ भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। साथ ही उन्होंने कार्यक्रम में स्वीकृति पत्र भी वितरित किये गए।

अमित शाह अमेठी के बाद सीतापुर जिले के लिए रवाना हो गए, जहाँ उन्होंने 51 जिला कार्यालयों का शिलान्यास किया। इसके साथ ही अमित शाह, योगी और राज्यपाल राम नाईक ने कार्यक्रम को संबोधित भी किया। सीतापुर के बाद अमित शाह लखनऊ स्थित साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर पहुंचे थे, जहाँ उन्होंने आरएसएस के पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में शिरकत की।

कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि आरएसएस के पांचों सरसंघचालक राष्ट्र शरीर के पंच प्राण हैं, दुनिया मे कोई दूसरा ऐसा संगठन नही जो आरएसएस जैसा हो। आरएसएस ने हम सबको एक दृष्टि दी है, 5 पूजनीय संघ चालकों के ऊपर लिखी किताब का विमोचन से संघ के बारे में जानकारी मिलेगी।

उन्होंने आगे कहा कि संघ के भाव को समझना होगा। किताब के लोकार्पण से ये संभव होगा, संघ के सरसंघ चालक राष्ट्र के प्राण हैं, संघ एकलौता संगठन है जो राष्ट्रवाद की भावना आगे बढ़ा रहा है।

कार्यक्रम मे राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि खरीदकर पुस्तक पढ़ने की बात खास होती है, पीएम मोदी ने पुष्पगुच्छ की जगह फूल देने का आह्वान किया, उसे याद रखना चाहिए। संघ का 87 वर्षों का इतिहास इन किताबों के रूप में ताज़े तौर पर मिलेगा।

वहीं मौजूद अमित शाह ने कहा कि मेरे लिए बड़ा दिन है, जब सरसंघ चालकों के जीवन पर लिखी किताब का विमोचन कर रहा हूँ। 1925 से 2017 तक आरएसएस की यात्रा अनेक उतार चढ़ाव भरी रही, प्रतिबंधों और कठिनाइयों का सामना कर आरएसएस यहां तक पहुंचा है। 1925 से लेकर 2017 तक संघ ने जितनी कठिनाई झेली उतना कोई संगठन ने नही झेली है।

 

रेलवे बोर्ड का ये फैसला, बदल कर रख देगा ‘भारतीय रेल’ की सूरत!

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शिखा पाण्डेय|Navpravah.com

भारतीय रेल विभाग में एक ऐसा बड़ा बदलाव किया जा रहा है, जिससे भारतीय रेल की पूरी रूप रेखा ही बदल जायेगी। अब रेलवे के पॉलिसी लेवल के सभी फैसले ‘रेल डेवलपमेंट अथॉरिटी’ (आरडीए) लेगी, जिसका गठन रेलवे में प्रोफेशनलिज्‍म को प्रमोट करने के लिए ही किया गया है।
हालांकि आरडीए के फैसलों पर अंतिम मुहर रेल मंत्रालय ही लगाएगा। इन सभी फैसलों में यात्री किराया, माल भाड़ा, इन्‍वेस्‍टमेंट, इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर जैसे मुख्‍य मुद्दे शामिल हैं। आरडीए का कामकाज अगले वर्ष से शुरू हो जाए, इसके लिए रेल मंत्रालय ने चेयरमैन और मेंबर्स की तलाश शुरू कर दी है।

रेलवे बोर्ड ने मंगलवार से आरडीए के चेयरमैन और मेंबर्स की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है। बोर्ड ने इन पदों के लिए आवेदन मांगे हैं। आवेदन की आखिरी तारीख 10 नवंबर रखी गई है। रेलवे के एक अधिकारी के मुताबिक, रेल मंत्रालय की कोशिश है कि नवंबर अंत तक चयन की प्रक्रिया पूरी कर दी जाए, ताकि जनवरी से आरडीए अपना काम शुरू कर दे।

रेल मंत्रालय आरडीए का चेयरमैन ऐसा व्‍यक्ति को बनाना चाहता है, जिसे कम से कम 25 रेल इंडस्‍ट्री या फाइनेंस या एकाउंटेंसी या लॉ या रेग्‍युलेटरी अफेयर्स का अनुभव हो। मेंबर्स की नियुक्ति में भी प्रोफेशनल्‍स को वरीयता दी जाएगी। इसमें तीन मेंबर होंगे। मेंबर (टैरिफ), मेंबर (पीपीपी) और मेंबर (‍इफिशिएंसी, स्‍टैंडर्ड और बेंचमार्किंग) को पांच साल के लिए नियु‍क्‍त किया जाएगा।

आरडीए को रेलवे के संचालन का जिम्‍मा सौंपना ‘प्रोफेशनल्‍स’ को सौंपने की पहल माना जा रहा है, लेकिन यह इतना आसान नहीं होगा। रेलवे बोर्ड के सदस्‍य रह चुके आरसी आचार्य ने एक अख़बार से बातचीत के दौरान बताया कि दरअसल रेलवे की वर्तमान दशा के लिए सरकारें काफी हद तक जिम्‍मेदार हैं। ऐसे में, आरडीए द्वारा किराए में वृद्धि जैसे कठोर फैसले को लागू करते वक्‍त रेल मंत्रालय का रूख क्‍या रहता है, इससे तय होगा कि रेल डेवलपमेंट अथॉरिटी अपने मकसद पर खरी उतरती है या नहीं।

क्या होंगी आरडीए की जिम्मेदारियाँ

-रेल डेवलपमेंट अथॉरिटी को ट्रेनों के किराये का समय-समय पर निर्धारण करना होगा।

-अलग-अलग कमोडिटीज पर कितना माल भाड़ा लगाया जाएगा, इसका भी फैसला आरडीए करेगा।

-रेलवे अलग अलग रेलवे लाइनें प्राइवेट सेक्‍टर्स को देने पर भी विचार कर रहा है। ऐसे में, इन रेल लाइनों पर प्राइवेट सेक्‍टर की ट्रेन को चलाने के लिए कितना किराया वसूला जाएगा, यह भी आरडीए तय करेगा।

-रेल टिकटों में कई तरह की छूट दी जाती है, जिसका फैसला रेल मंत्रालय द्वारा लिया जाता है, लेकिन अब इसका फैसला भी आरडीए करेगा।

-रेलवे की बड़ी दिक्‍कत यह है कि उसके रेवेन्‍यू मॉडल को देखते हुए इन्‍वेस्‍टर्स इन्‍वेस्‍टमेंट के लिए आगे नहीं आते। यही वजह है कि आरडीए में एक मेंबर, पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) भी नियु‍क्‍त किया जाएगा। जो इस तरह के प्रस्‍ताव तैयार करेगा, जिससे रेलवे में प्राइवेट सेक्‍टर का इन्‍वेस्‍टमेंट बढ़ सके।

-यदि इन्‍वेस्‍टमेंट को लेकर कोई भी विवाद खड़ा होता है तो उसका निपटारा भी आरडीए द्वारा किया जाएगा।

-भारतीय रेलवे को विश्‍व स्‍तरीय बनाने के लिए ‘ग्‍लोबल बेस्‍ट प्रैक्टिसेज’ और ‘बेंच मार्किंग’ को निर्धारित करने के काम भी आरडीए संभालेगा।

एक पूर्व रेल अधिकारी ने कहा कि आरडीए रेल किराये का निर्धारण करते वक्‍त रेलवे के खातों की बारीकी से पड़ताल करेगी। ऑपरेटिंग कॉस्‍ट के मुकाबले कितनी आमदनी हो रही है, उस आधार पर रेल किराया तय होगा और अगर सरकार आरडीए के प्रस्‍ताव पर अमल करती है, तो रेलवे जल्‍द ही घाटे से उबर जाएगा।

पाकिस्तान की अमेरिका को धमकी, ‘हक़्क़ानी नेटवर्क के खिलाफ सबूत दो, या हम पर तानाशाही न चलाओ’

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एनपी न्यूज़ डेस्क|Navpravah.com

चोरी कर के सीनाजोरी दिखाने वाले चोरों को तो आपने देखा ही होगा, पर क्या ऐसे किसी देश के विषय में सुना है? नहीं सुना या देखा हो, तो ज़्यादा दूर जाने की ज़रूरत नहीं, बस अपने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान पर नज़र डाल लीजिये। दुनिया भले पाकिस्तान को आतंकवाद का आका मानती हो, पाकिस्तान सीना ठोक कर अपनी हर हरकत का सबूत मांगने से नहीं चूकता। अब की बार तो पाकिस्तान ने सारी हदें पार करते हुए सीधे दुनिया के सबसे सशक्त देश अमेरिका से सबूत पेश करने की मांग कर दी है। जी हां!
पाकिस्तान ने अपने देश में फल-फूल रहे आतंकी संगठन हक्कानी नेटवर्क पर कार्रवाई करने के लिए अमेरिका के सामने सबूत पेश करने की शर्त रखी है। यानि अपने ही देश में, अपनी ही नाक के नीचे कौनसा आतंकवादी संगठन किस हद तक सक्रीय है, यह पाकिस्तान को खबर नहीं है!

पाकिस्तान ने कहा कि अगर अमेरिका हक्कानी नेटवर्क की मौजूदगी का सबूत देता है, तो वह संयुक्त ऑपरेशन के जरिये इसे खत्म करने के लिए तैयार है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा, “यदि अमेरिका देश में खतरनाक आतंकवादी संगठनों की मौजूदगी के बारे में सबूत उपलब्ध कराता है, तो वह हक्कानी नेटवर्क जैसे संगठनों को अमेरिका के साथ साझा सैनिक अभियान के जरिये खत्म करने को तैयार है।”

आसिफ, जिन्होंने हाल ही में वॉशिंगटन का दौरा किया और ट्रम्प प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मिले, उन्होंने बताया कि हमने ट्रम्प प्रशासन के अधिकारियों से पेशकश की है कि वह पाकिस्तान आएं और हक्कानी नेटवर्क से जुड़े सबूत उपलब्ध करायें। उन्होनें कहा, “अगर हक्कानी नेटवर्क से जुड़ी गतिविधियों का पता चलता है, तो पाकिस्तानी सेना अमेरिका के साथ मिलकर उन्हें पूरी तरह से खत्म करने को तैयार है।”

विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने इस महीने की शुरुआत में अफगानिस्तान की यात्रा के दौरान राष्ट्रपति अशरफ गनी से मुलाकात कर उन्हें भी इसी तरह की पेशकश की थी।

उन्होंने अमेरिका के कड़े रुख पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका को चुनौती दी, “अगर ट्रंप प्रशासन ने हम पर और दबाव डाला, तो हमारे मित्र देश खासतौर पर चीन, रूस, ईरान और तुर्की हमारे पक्ष में खड़े होंगे। अमेरिकी रक्षा और विदेश मंत्री हम पर तानाशाही करते हैं, तो हम उनकी तानाशाही मानने से इनकार कर देंगे। अब हम वह करेंगे, जो हमारे देश के हित में होगा।”

आपको बता दें कि इससे पहले ट्रंप ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा था कि पाकिस्तान आतंकियों के लिए जन्नत बन गया है। साथ ही पाकिस्तान पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने कहा था कि पाक आतंकवाद के खिलाफ अपनी जंग को अमली जामा पहना कर दिखाए।
अमेरिका को उम्मीद थी कि शायद पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज़ आ जायेगा, लेकिन सबूत की मांग कर और अमेरिका की कार्रवाही को तानाशाही बता कर पाकिस्तान ने साबित कर दिया है कि वह अपनी टेढ़ी चाल से बाज़ नहीं आयेगा।

महाराष्ट्र के ग्राम पंचायत चुनाव और गुजरात के निकाय चुनावों में बीजेपी ने मारी बाजी

गुजरात में लहरा भगवा, फिर से बनेगी 'मोदी सरकार'

एनपी न्यूज़ डेस्क|Navpravah.com

महाराष्ट्र में हुए ग्राम पंचायत चुनावों बीजेपी ने दमदार जीत हासिल की है, राज्य में पहले चरण के मतदान रिजल्ट आए हैं। इसमें बीजेपी ने करीब 50 फीसदी सीटों पर जीत हासिल की है, 7 अक्टूबर को हुए 3,884 ग्राम पंचायत चुनावों में से 2,974 पंचायत के नतीजे आज घोषित हुए हैं।

महाराष्ट्र पंचायत चुनाव में मिली इस बड़ी जीत पर पीएम नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र की जनता का इस जीत के लिए आभार व्यक्त किया है। पीएम ने इस जीत के लिए बीजेपी की महाराष्ट्र की इकाई, सीएम देवेंद्र फडणवीस और रावसाहेब दानवे का भी जिक्र किया है।

पीएम ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बधाई दी और इसके लिए महाराष्ट्र की जनता का शुक्रिया अदा किया है। ग्राम पंचायत चुनावों में दूसरी पार्टियां बीजेपी से काफी पीछे हैं। इसमें कांग्रेस को 301 सीटें मिली हैं। वहीं 222 सीटों पर ही शिवसेना को संतोष करना पड़ा है।

गुजरात में विधानसभा चुनाव के लिए रण तैयार हो चुका है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी गुजरात से ही मोदी सरकार पर वार कर रहे हैं, लेकिन इसी बीच बीजेपी के लिए खुशखबरी आई है। गुजरात में हुए स्थानीय निकाय उपचुनावों में भी बीजेपी को 8 मे से 6 सीट प्राप्त हुई है।

 

मेरठ में भी पटाखों की बिक्री पर लगा दी गयी रोक

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एनपी न्यूज़ डेस्क|Navpravah.com

भारत की सर्वोच्च अदालत ने सोमवार 9 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर में दिवाली त्यौहार के चलते पटाखों की बिक्री पर बैन लगा दिया था, यह बैन सुप्रीमो कोर्ट ने आगामी 1 नवम्बर तक के लिए लगाया है।

इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भी पटाखों की बिक्री पर भी रोक लगा दी गयी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में दिवाली के पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी गयी है।

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में भी पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी गयी है। यह रोक आगामी 1 नवम्बर तक ही प्रभाव में रहेगी। मंगलवार को एडीएम सिटी मुकेश चंद्र और सिटी मजिस्ट्रेट एमपी सिंह ने साफ किया कि, मेरठ जिले में भी एक नवंबर तक पटाखों की बिक्री पर रोक रहेगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि, इसके लिए ना तो कोई लाइसेंस दिए जाएंगे और ना ही पटाखे बेचने के लिए अनुमति दी जाएगी, ये सब प्रदूषण के चलते किया जा रहा है। इसलिए इस दिवाली मेरठ में पड़ाके नही मिलेगें।

 

उत्तर प्रदेश के शामली में जहरीली गैस लीक होने से एक स्कूल के 300 बच्चे बीमार

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इंद्रकुमार विश्वकर्मा|Navpravah.com

उत्तर प्रदेश के शामली में जहरीली गैस लीक होने से उसकी चपेट में आए एक स्कूल के करीब 300 बच्चे बीमार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने अपने स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर के आयुक्त को इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार शामली में बुढ़ाना रोड पर स्थित निजी स्कूल सरस्वती शिशु मंदिर में अचानक कई बच्चों की हालत बिगड़ने लगी। लोगों ने बताया कि स्कूल के पास ही शामली शुगर मिल का बायो गैस प्लांट है। इस शुगर मिल के लोगों ने सड़क के किनारे कथित रूप से रसायन फेंका था, उसी के उत्सर्जित गैस के प्रभाव से बच्चे बीमार हुए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए जांच के आदेश-

प्रमुख सूचना सचिव अवनीश अवस्थी ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले की जांच के आदेश सहारनपुर के कमिश्नर को दिए हैं। शामली के जिलाधिकारी और स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह प्रभावित बच्चों के इलाज में हर संभव मदद करें।

*सभी बच्चे खतरे से बाहर*

अतिरिक्त महानिदेशक मेरठ जोन प्रशांत कुमार ने बताया कि यह लापरवाही का मामला नज़र आता है। इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी बच्चे सुरक्षित हैं और उनका स्थानीय अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

ज़हरीली गैस की तेज़ गंध से बच्चे हुए बीमार-

स्थानीय लोगों की मानें तो इस रसायन से उठने वाला गंध इतना तेज था कि स्कूल में मौजूद बच्चों पर इसका बहुत बुरा प्रभाव हुआ। गंध के कारण बच्चों के गले, छाती में जलन और घबराहट होने लगी थी। इस मामले में प्रशासन आगे की कार्रवाई में जुटा है।

 

दिल्ली में छाया डेंगू का आतंक, साढ़े 4 हज़ार से अधिक लोग शिकार

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एनपी न्यूज़ डेस्क|Navpravah.com

दिल्ली में मच्छर जनित बीमारियों का प्रकोप नियंत्रण की सीमा से बाहर होता हुआ दिख रहा है। पिछले एक महीने के भीतर स्लो स्पीड में डेंगू राजधानी के स्वास्थ्य पर हावी हो गया है। इस वर्ष की शुरुआत से अभी तक का आलम यह है कि डेंगू ने राजधानी में साढ़े चार हजार से अधिक मरीजों को अपना शिकार बना लिया है।

सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक अभी तक डेंगू से दो मरीजों की मौत हुई है। सोमवार को एमसीडी के रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में पिछले एक सप्ताह के दौरान डेंगू के 680 मामले सामने आए हैं, इसमें दिल्ली के 345 मरीज शामिल हैं।

जबकि एक जनवरी से 7 अक्तूबर तक की स्थिति को देखे तो दिल्ली में अबतक डेंगू की वजह से 4545 बीमार मरीजों को पंजीकृत किया जा चुका है। अगर बाहरी राज्यों के मरीजों को छोड़ दें तो दिल्ली के 2152 मरीजों को डेंगू ने अपना शिकार बनाया है।

सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए जूझ रहे मरीजों को दिल्ली सरकार ने बड़ी राहत दी है। सोमवार को सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि अब प्रत्येक दिन ओपीडी छह घंटे तक संचालित होगी और पंजीकरण का समय भी पहले के मुकाबले बढ़ा दिया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने इसे लंबी वेटिंग को कम करने की दिशा में पहल करार दिया है। सभी अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों और निदेशकों को ओपीडी के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर दोपहर एक बजे तक खोले रखने के निर्देश भी दिए हैं।

 

इलाहाबाद : बसपा नेता राजेश यादव हत्याकांड में डा. मुकुल सिंह का होगा नार्को टेस्ट

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एनपी न्यूज़ नेटवर्क|Navpravah.com

बसपा नेता राजेश यादव हत्याकांड में नामजद आरोपी डॉ. मुकुल सिंह पर अब पुलिस का शक गहराता जा रहा है। पुलिस को मदद ना करने की वजह से उन पर शक और गहरा गया है।

इसी वजह से पुलिस अब उनका नार्को और लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की योजना बना रही है। पुलिस ने उनकी लाइसेंसी पिस्टल को भी कब्जे में लिया है। अब इस पिस्टल को फारेंसिंक लैब में भेजा जाएगा।

बसपा नेता राजेश यादव और डा. मुकुल दोनों दो अक्टूबर को साथ में ताराचंद छात्रावास गए थे, गोली लगने के बाद जख्मी हालत में बसपा नेता को डा. मुकुल के साथ हॉस्पिटल गए थे। वारदात के बाद पुलिस के पूछताछ होने से पहले ही वह भाग निकले। अब कई ऐसे प्वाइंट है, जिनको लेकर सवाल उठ रहे हैं। बसपा नेता राजेश यादव को किसने गोली मारी, इसका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है।

डॉ. मुकुल से असलियत का पता लगाने के लिए पुलिस उनका नार्को और लाई डिटेक्टर टेस्ट कराएगी। उससे पहले इसकी परमिशन पुलिस कोर्ट से लेगी। सीसीटीवी फुटेज की मदद से आठ संदिग्धों में जग्गा और आशु को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया, “दोनों युवकों से पूछताछ के बाद पता चला कि बसपा नेता राजेश और डॉ. मुकुल छात्रावास में जाकर गाली दे रहे थे। उस वक्त जग्गा, आशु और सचिन समेत आठ लडक़े पोस्टर चस्पा कर रहे थे। गाली की बात सुनकर सभी वहां पहुंच गए, इस दौरान उनके बीच नोकझोंक हुई। राजेश ने पहले गोली चलाई तो इधर से छात्रों ने फायरिंग व पथराव शुरू कर दिया। जग्गा ने एक छात्र नेता पर गोली चलाने का आरोप लगाया है।

 

सुप्रीम कोर्ट के पटाखा की बिक्री के बैन पर चेतन भगत ने किया ट्वीट

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सौम्या केसरवानी।Navpravah.com

दिवाली के मौके पर पटाखों के कारण होने वाले प्रदूषण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 1 नवंबर तक के लिए दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने का फैसला किया है।  इस फैसले से सुप्रीम कोर्ट देखना चाहता है कि पटाखों के कारण प्रदूषण पर कितना असर पड़ता है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर लेखक चेतन भगत ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कई ट्वीट किया कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बिल्कुल खुश नहीं हैं, वे कोर्ट के फैसले से असहमत हैं।

चेतन भगत ने एक ट्वीट में लिखा, “बिना पटाखों के बच्चों के लिए दिवाली का क्या मतलब है?” लेखक ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का बैन परंपराओं पर चोट है, उन्होंने कहा कि  दिल्ली-एनसीआर का वातावरण शुद्ध रखने के लिए एक हफ्ते के लिए बिजली और कारों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

चेतन भगत ने प्रदूषण नियंत्रण करने के लिए कई सुझाव दिए, उन्होंने कहा कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट की हालत सुधारकर भी प्रदूषण पर लगाम लग सकता है। उन्होंने लिखा, नए विचारों के साथ आइए, बैन के साथ नहीं।

उन्होंने आगे कहा कि केवल हिंदुओं के त्योहार पर बैन क्यों लगाने की हिम्मत क्यों दिखाई जाती है? क्या जल्द ही बकरियों की बलि और मुहर्रम के खूनखराबे पर भी रोक लगेगी? उन्होंने कहा कि हमारी परंपरा की मांग है कि दिवाली का जश्न पटाखों के साथ मनाया जाए। इसलिए इस पर रोक लगाना उचित नही है।

 

शोध छात्र को मारी गोली, डाक्टरों ने लखनऊ किया रेफर

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सौम्या केसरवानी।Navpravah.com

इलाहाबाद युनिवर्सिटी के शोध छात्र को कैंट थाना क्षेत्र के म्यौराबाद इलाके में देर रात उसके घर के बाहर गोली मार दी गयी है, छात्र को घर के बाहर जख्मी हालत में पड़ा देख आसपास के लोग उसे एसआरएन हॉस्पिटल ले गये।

शोधछात्र को गोली मारने की ये वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गयी है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ले लिया है और फुटेज के सहारे आरोपी की पहचान कर उसकी तलाश करने मे जुट गयी है। घायल छात्र को जब एसआरएन हॉस्पिटल ले जाया गया तो डाक्टरों ने बताया कि गोली सर मे लगी है, और स्थिति गम्भीर है।

डाक्टरों ने उसकी खराब हालत को देखते हुये इलाज के लिये केजीएमसी लखनऊ लिये भेज दिया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी, लेकिन अभी तक पुलिस को इस वारदात के पीछे की वजह पता नही चल सकी है।

शोध छात्र उपेन्द्र गाजीपुर जिले का रहने वाला था और कैंट के म्यौराबाद इलाके में किराये का कमरे में रहकर पढ़ाई करता था। शोध छात्र देर रात में अपनी बाइक घर के अंदर करने के लिये निकला था, जिसके बाद किसी ने उसके सर में गोली मार दी।

आशंका जताई जा रही है कि कही छात्र को गोली मारने के पीछे छात्रसंघ चुनाव से जुड़ी से कोई रंजिश तो नही है पुलिस इस बिंदु से भी पूरे मामले की जांच कर रही है। इस घटना के बाद युनिवर्सिटी और आसपास के इलाके में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।