- फ़ेसबुक की मुहब्बत पड़ी महँगी।
- लपेटे गए ५ नाइजीरियन समेत ७ नटवरलाल।
- गोरी विदेशी लड़कियों की प्रोफ़ाइल पिक्चर लगाते थे नौजवान लड़कों को चूना।
फ़ेसबुक पर विदेशी लड़की बनकर लगाते थे चूना, 5 नाइजीरियन समेत 7 गिरफ़्तार
Good news: कोरोना वैक्सीन के शुरुआती ट्रायल में कोई रीऐक्शन नहीं, दो घंटे में डिस्चार्ज हुआ शख़्स
- शनिवार को क़रीब १२ लोगों का होगा वैक्सिनेशन।
- अब तक 3500 लोग करा चुके हैं रजिस्ट्रेशन।
- सुरक्षा की दृष्टि से ट्रायल का पहला चरण बेहद महत्वपूर्ण।
इस बार कैसे मनाया जाएगा स्वतंत्रता दिवस? गृह मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइन
- सोश् डिस्टन्सिंग के मद्देनज़र भीड़ इकट्ठा न करने का निर्देश दिया गया है।
- डिजिटल मीडीयम का प्रयोग करने की सलाह दी गई है।
कोरोना वाइरस की चपेट से बाहर हैं दुनिया के ये देश
राम मन्दिर भूमि पूजन मामला: स्वरूपानंद सरस्वती के बयान पर भड़के संत, रोड़ा अटकाने का आरोप
तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास ने कहा कि भादो में भगवान कृष्ण का जन्म उत्सव मनाया जाता है और भादो का संपूर्ण माह पवित्र है। भगवान श्री राम का नाम लेने मात्र से ही सारे अमंगल नष्ट हो जाते हैं। सरस्वती को चुनौती देते हुए संत परमहंस दास ने कहा कि इस मामले पर आकर मुझसे शास्त्रार्थ करें। उन्होंने कहा कि भगवान राम के मंदिर निर्माण के कार्य में रोड़ा अटका रहे हैं।
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वैक्सीन को लेकर WHO का ये बयान टेन्शन बढ़ाने वाला है
Health desk | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क
तमाम देशों के वैक्सीन बनाने के प्रयास पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। डबल्यूएचओ ने स्पष्ट किया कि विभिन्न प्रयासों के बावजूद साल 2021 के पहले वैक्सीन का तैयार हो पाना मुश्किल है। WHO के मुताबिक, अगले साल तक वैक्सीन मिलने की उम्मीद है, लेकिन इसके मैन्यूफैक्चरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन में और भी वक़्त लग सकता है।
रूस, चीन, अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों में कोरोना वैक्सीन का विभिन्न चरणों में ट्रायल चल रहा है। लोग ये उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्दी से वैक्सीन आ जाए तो सबकी गाड़ी पटरी पर आए, लेकिन डबल्यूएचओ के बयान ने एक बार फिर लोगों की उम्मीदों पर ब्रेक लगा दिया।
WHO के कार्यकारी निदेशक माइक रेयान ने स्पष्ट किया कि कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने के मामले में शोधकर्ताओं को कामयाबी मिल रही है, लेकिन साल 2021 के शुरुआती दिनों से पहले उसकी उम्मीद नहीं की जा सकती है। उन्होंने ये भी कहा कि ये ज़रूरी है कि वैक्सीन की सुरक्षा मानकों में कोई कमी नहीं की जाए, भले ही वैक्सीन बनने की गति थोड़ी धीमी हो जाए। आम लोगों को ये वैक्सीन देने से पहले, हमें उन्हें सुनिश्चित करना है कि वैक्सीन को सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए हमने हर संभव एहतियात बरता है।
उन्होंने कहा कि कई संभावित वैक्सीन अपने ट्रायल के तीसरे फ़ेज़ में हैं और कोई भी वैक्सीन सुरक्षा मानकों या प्रभावी होने में अभी तक फ़ेल नहीं हुई है।

















