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Monday, August 3, 2026
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फ़ेसबुक पर विदेशी लड़की बनकर लगाते थे चूना, 5 नाइजीरियन समेत 7 गिरफ़्तार

  • फ़ेसबुक की मुहब्बत पड़ी महँगी।
  • लपेटे गए ५ नाइजीरियन समेत ७ नटवरलाल। 
  • गोरी विदेशी लड़कियों की प्रोफ़ाइल पिक्चर लगाते थे नौजवान लड़कों को चूना।
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
 
फ़ेसबुक पर अगर किसी गोरी मेम की मुहब्बत में गोते लगा रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। फ़ेसबुक पर गोरी विदेशी लड़कियों की फ़ोटो लगाकर नौजवान लड़कों को चूना लगाने वालों का एक रैकेट पुलिस के हत्थे चढ़ा है। फरीदाबाद पुलिस ने एक ऐसे विदेशी गिरोह का पर्दाफाश किया, जिसके सदस्य फेसबुक पर विदेशी लड़की बनकर पहले लड़कों को फंसाते थे। फिर कीमती गिफ्ट भेजने की बात कह पैसे ठगते थे।
पुलिस ने इस गिरोह के शिकार हुए एक शख्स की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत पांच नाइजीरियन और दो भारतीय युवकों को गिरफ़्त में ले लिया है।
इस मामले में एसीपी धारणा यादव ने बताया कि ये लोग फेसबुक पर लोगों को बेवकूफ बनाया करते थे और उनसे पैसे ठग लिया करते थे। ऐसा ही एक मामला फरीदाबाद में तब सामने आया, जब एक व्यक्ति को फेसबुक पर विदेशी महिला का फ्रेंड रिक्वेस्ट आया।
जानकारी के मुताबिक़, व्यक्ति ने रिक्वेस्ट स्वीकार कर लिया। धीरे-धीरे दोनों में बातचीत होने लगी, फिर विदेशी लड़की ने कहा कि वह उससे प्यार करने लगी है और उसे एक गिफ्ट भेज रही है। शख्स खुश हो गया और उसके झाँसे में आ गया।
इसके बाद शख्स के पास कथित तौर पर एयरपोर्ट अधिकारियों का फोन आया, जिसने कहा कि उसका एक पार्सल आया है लेकिन और उसे गिफ्ट लेने के लिए अकाउंट में कुछ पैसे जमा कराने होंगे। शख्स ने पैसे जमा करा दिए। उसके बाद विदेशी लड़की ने उससे बातचीत करनी बंद कर दी।
कुछ दिन बाद जब शख्स ने ठगा हुआ महसूस किया, तो पुलिस थाने में शिकायत दर्ज़ किया। पुलिस ने उसकी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत पांच नाइजीरियन और दो भारतीयों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार नाइजीरियन युवक लड़की बनकर फेसबुक पर फ्रेंड बनते थे और गिरफ्तार दोनों भारतीय एयरपोर्ट अधिकारी बनकर अकाउंट में पैसे डलवाते थे। बाद में सभी उन रुपयों को बांट लिया करते थे।

Good news: कोरोना वैक्सीन के शुरुआती ट्रायल में कोई रीऐक्शन नहीं, दो घंटे में डिस्चार्ज हुआ शख़्स

  • शनिवार को क़रीब १२ लोगों का होगा वैक्सिनेशन। 
  • अब तक 3500 लोग करा चुके हैं रजिस्ट्रेशन। 
  • सुरक्षा की दृष्टि से ट्रायल का पहला चरण बेहद महत्वपूर्ण। 
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क
कोरोना वैक्सिनेशन को लेकर एक अच्छी ख़बर सामने आई है। कोरोना वैक्सीन का एम्स में ट्रायल शुरू हो चुका है। तीस साल के एक व्यक्ति को कोरोना का वैक्सीन लगाया गया। इस शख़्स को वैक्सीन से किसी तरह की कोई समस्या नहीं हुई, जिसके बाद उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
एम्स में ट्रायल के प्रिंसिपल इनवेस्टिगेटर डॉक्टर संजय राय ने कहा कि ट्रायल शुरू हो गया है अब धीरे-धीरे ट्रायल में वॉलंटियर्स की संख्या बढ़ाई जाएगी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक़, कुल १२ वॉलंटियर्स को मेडिकल फ़िट्नेस मिल चुका है, इनमें से दो को शुक्रवार को बुलाया गया था, लेकिन किसी वजह से मात्र एक का ही वैक्सिनेशन किया जा सका है।
संजय राय ने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से पहला चरण बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए हम आवश्यक सभी एहतियात बरत रहे हैं ताकि किसी तरह की परेशानी सामने न आए। पहले वालंटियर को हमने इसी वजह से दो घंटे अपनी देख रेख में रखा, जब उन्हें किसी तरह की समस्या नहीं हुई और फ़िट लगे तब उन्हें डिस्चार्ज किया गया।
चिकित्सक संजय राय ने बताया कि वॉलंटियर्स को हमने एक डायरी दी है, जिसमें उन्हें वो सारी बातें लिखेंगे जो उनके साथ घटेंगी। अगर उन्हें किसी तरह की दिक्कत होती है तो वो उन्हें डायरी में नोट करना है। उन्होंने बताया कि हमारी टीम के लोग उन सभी के सम्पर्क में लगातार बने रहेंगे, जिन्हें वैक्सीन दिया गया होगा।
वैक्सीनेशन के बाद इसकी सेफ्टी की रिपोर्ट एथिक्स कमिटी को भेजी जाएगी। कमिटी के रिव्यू के बाद इस ट्रायल को आगे बढ़ाया जाएगा। इस वैक्सीन के फेज वन के ट्रायल में कुल 100 वॉलंटियर्स को शामिल किया जाना है और दो डोज का यह वैक्सीनेशन है। ऐसे में पहले फेज को पूरा होने में लगभग 15 से 20 दिन लग सकते हैं। यहां बता दें कि एम्स में चल रहे इस ट्रायल में शामिल होने के लिए अब तक 3500 लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।

इस बार कैसे मनाया जाएगा स्वतंत्रता दिवस? गृह मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइन

  • सोश् डिस्टन्सिंग के मद्देनज़र भीड़ इकट्ठा न करने का निर्देश दिया गया है। 
  • डिजिटल मीडीयम का प्रयोग करने की सलाह दी गई है। 
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
स्वतंत्रता दिवस मनाने को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को एडवाइजरी जारी किया। जानकारी के मुताबिक़, ये एडवाइज़री राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों, सरकारी ऑफिसों और राज्यपालों को भेजी गई है। गृह मंत्रालय की एडवाइजरी में 15 अगस्त के मौके पर सामूहिक कार्यक्रम आयोजित नहीं करने की सलाह दी गई।
एडवाइजरी में स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है। दरअसल गृह मंत्रालय की तरफ से ये गाइडलाइंस देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों मद्देनजर जारी की गई है।
गृह मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइंस में कहा गया कि कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए मास्क लगाना, सैनिटाइजेशन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी होगा। स्वतंत्रता दिवस पर भीड़ इकट्ठा ना हो, इसका ख्याल रखना आवश्यक होगा। इसके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा पहले से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना भी जरूरी होगा।

कोरोना वाइरस की चपेट से बाहर हैं दुनिया के ये देश

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
दुनिया के कुल 188 देश अब तक कोरोना वाइरस की चपेट में आ चुके हैं। कई देशों ने तो कोरोना वायरस को खत्म करने का दावा किया था, लेकिन कुछ ही हफ्तों के बाद कोरोना वायरस ने एक बार फिर से वापसी कर ली। आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि क्या दुनिया का कोई ऐसा देश है, जहाँ कोरोना वाइरस नहीं पहुंचा है?
तो आइए जानते हैं उन देशों के बारे में, जहाँ कोरोना अभी तक पहुँच ही नहीं पाया है।
किरिबाती- प्रशांत महासागर में स्थित ये एक द्वीप देश है। यहां कि आबादी सिर्फ 122000 है।
मार्शल आईलैंड- ये देश, प्रशांत महासागर के मध्य में है। यहां सिर्फ 62 हजार लोग रहते हैं।
माइक्रोनेशिया- ये देश पश्चिमी प्रशांत महासागर में 2700 किलोमीटर में फैला है। यहां करीब 600 द्वीप हैं। यहां करीब 1 लाख लोग रहते हैं।
नॉरू– ये देश ऑस्ट्रेलिया के उत्तर पूर्व में है। यहां की आबादी 12 हजार है।
उत्तर कोरिया- यहां से कोई खबरें नहीं आती है। यहां कोरोना है या नहीं इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। किम के तानाशाही शासन के चलते उत्तर कोरिया दुनिया के बाकी हिस्सों से कटा हुआ है।
पलाउ- ये प्रशांत महासागर में छोटा सा देश है। यहां की आबादी सिर्फ 17 हज़ार है।
समोवा- ये हवाई द्वीप और न्यूजीलैंड के बीच में स्थित है।

सोलोमन आइलैंड- ओशिआनिया क्षेत्र में स्थित सोलोमन आईलैंड 6 बड़े द्वीपों और 900 छोटे द्वीपों को मिलाकर बना है। यहां की आबादी 652,858 है।
टोंगा- दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित एक द्वीपमंडल है, जिसमें 169 द्वीप हैं।
तुर्कमेनिस्तान- मध्य एशिया का देश तुर्कमेनिस्तान 1991 में सोवियत संघ से अलग होकर स्वतंत्र देश बना था। यहां की आबादी 59 लाख के करीब है।
तुवालू- ये हवाई द्वीप और ऑस्ट्रेलिया के रास्ते में स्थित देश है। यहां की आबादी 11,508 है।
वानूआतू– वानूआतू प्रशांत क्षेत्र का एक देश है। यहां की आबादी 292,680 है।

राम मन्दिर भूमि पूजन मामला: स्वरूपानंद सरस्वती के बयान पर भड़के संत, रोड़ा अटकाने का आरोप

• शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने भूमि पूजन मुहूर्त को कहा अशुभ।
• स्वरूपानंद सरस्वती के बयान पर संतों में रोष। 
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
राम मन्दिर निर्माण के भूमिपूजन को लेकर विवाद तेज़ हो गया है। ज्योतिष पीठाधीश्वर द्वारका शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती द्वारा निर्माण के लिए निकाली गई तिथि को अशुभ बताए जाने पर संतों में रोष उत्पन्न हो गया है। संतों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य सरस्वती को शास्त्रार्थ की चुनौती दी है।
शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती की टिप्पणी ने संतों की मंडली में खलबली पैदा कर दिया है। संतों ने चुनौती दी है कि शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती यह सिद्ध करें कि भाद्र पक्ष की भादो अशुभ होती है। भादो में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था और यह संपूर्ण मास शुभ होता है। जिस माह में देवता अवतार लेते हैं, उस माह को शुभ माना जाता है।
संतों ने स्पष्ट किया कि प्रमुख रूप से दो अवतार होते हैं राम अवतार और कृष्णा अवतार। राम अवतार चैत्र में हुआ था, इसलिए चैत्र का संपूर्ण मास शुभ होता है। भादो में भगवान कृष्ण ने जन्म लिया था, इसलिए भादो का भी संपूर्ण माह शुभ है। किसी भी तरीके के मंदिरों की भूमि पूजन होने के बाद सभी ग्रह नक्षत्र अनुकूल हो जाते हैं।

तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास ने कहा कि भादो में भगवान कृष्ण का जन्म उत्सव मनाया जाता है और भादो का संपूर्ण माह पवित्र है। भगवान श्री राम का नाम लेने मात्र से ही सारे अमंगल नष्ट हो जाते हैं। सरस्वती को चुनौती देते हुए संत परमहंस दास ने कहा कि इस मामले पर आकर मुझसे शास्त्रार्थ करें। उन्होंने कहा कि भगवान राम के मंदिर निर्माण के कार्य में रोड़ा अटका रहे हैं।

What’sapp दूर करेगा आप की सारी फ़ाइनेंशियल प्रॉब्लम्स, जानिए कैसे!

व्हाट्सऐप इस्तेमाल करने वालों की चाँदी। 
• ग्राहकों को मिलेगी पेन्शन, लोन भी देगी कम्पनी। 
• सेवा विस्तार की प्रक्रिया हुई तेज़।
मुम्बई ब्यूरो | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
व्हाट्सऐप इस्तेमाल करने वालों की क़िस्मत चमकने वाली है। इंस्टंट मैसेजिंग सर्विस देने वाला व्हाट्सऐप भारत में अपनी सेवाओं के विस्तार की तैयारियों में लग गया है। पीटीआई की एक ख़बर के मुताबिक़, व्हाट्सऐप बीमा, माइक्रो फ़ाइनैन्स (छोटे ऋण) और पेन्शन जैसी सेवाओं की शुरुआत की तैयारी में है। जानकारी के मुताबिक़, इस काम को लेकर पाइलट प्रोजेक्ट भी शुरू किया जा सकता है।
फाइनेंशियल प्रोडक्ट तक लोगों की पहुंच आसान बनाने के लिए भारत में बैंकों व वित्तीय संस्थानों जैसे भागीदारों के साथ काम करेगी। कंपनी के नैशनल हेड (इण्डिया)  अभिजीत बोस ने बुधवार को यह बात कही। बोस ने ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट’ में कहा कि कंपनी फाइनेंशियल प्रोडक्ट वितरण से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए संभावित समाधानों का परीक्षण करने के लिए विभिन्न नई पहलों का भी समर्थन करेगी।
फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी बैंकिंग भागीदारों के साथ उनकी डिजिटल उपस्थिति को बेहतर बनाने तथा देश के विभिन्न खंडों व भौगोलिक क्षेत्रों में वित्तीय पहुंच की गति तेज करने के लिए एक साल से अधिक समय से काम कर रही है।
व्हाट्स ऐप के नैशनल हेड बोस ने कहा, आने वाले वर्षों में बैंकिंग सेवाओं को सरल बनाने और उनके विस्तार के लिए हम अधिकाधिक बैंकों के साथ मिलकर काम करेंगे। हम आरबीआई द्वारा रेखांकित बुनियादी वित्तीय सेवाओं जैसे अन्य उत्पादों के लिए अपने प्रयोगों का विस्तार करना चाहते हैं। इसकी शुरुआत माइक्रो पेंशन और इंश्योरेंस से करना चाहते हैं।

वैक्सीन को लेकर WHO का ये बयान टेन्शन बढ़ाने वाला है

Health desk | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क

तमाम देशों के वैक्सीन बनाने के प्रयास पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। डबल्यूएचओ ने स्पष्ट किया कि विभिन्न प्रयासों के बावजूद साल 2021 के पहले वैक्सीन का तैयार हो पाना मुश्किल है। WHO के मुताबिक, अगले साल तक वैक्सीन मिलने की उम्मीद है, लेकिन इसके मैन्यूफैक्चरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन में और भी वक़्त लग सकता है।

रूस, चीन, अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों में कोरोना वैक्सीन का विभिन्न चरणों में ट्रायल चल रहा है। लोग ये उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्दी से वैक्सीन आ जाए तो सबकी गाड़ी पटरी पर आए, लेकिन डबल्यूएचओ के बयान ने एक बार फिर लोगों की उम्मीदों पर ब्रेक लगा दिया।

WHO के कार्यकारी निदेशक माइक रेयान ने स्पष्ट किया कि कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने के मामले में शोधकर्ताओं को कामयाबी मिल रही है, लेकिन साल 2021 के शुरुआती दिनों से पहले उसकी उम्मीद नहीं की जा सकती है। उन्होंने ये भी कहा कि ये ज़रूरी है कि वैक्सीन की सुरक्षा मानकों में कोई कमी नहीं की जाए, भले ही वैक्सीन बनने की गति थोड़ी धीमी हो जाए। आम लोगों को ये वैक्सीन देने से पहले, हमें उन्हें सुनिश्चित करना है कि वैक्सीन को सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए हमने हर संभव एहतियात बरता है।

उन्होंने कहा कि कई संभावित वैक्सीन अपने ट्रायल के तीसरे फ़ेज़ में हैं और कोई भी वैक्सीन सुरक्षा मानकों या प्रभावी होने में अभी तक फ़ेल नहीं हुई है।

चेतन भगत का बड़ा ख़ुलासा, विधु विनोद चोपड़ा ने किया सुसाइड के लिए मजबूर

• चेतन भगत का बड़ा आरोप।
• विधु विनोद चोपड़ा ने भरी महफ़िल में किया ज़लील।
• विधु की पत्नी अनुपमा और चेतन में ट्विटर युद्ध।
एंटरटेनेमेंट डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
लेखक चेतन भगत के एक ट्वीट ने पूरी फ़िल्म इंडस्ट्री को एक बार फिर झकझोर दिया है। भाई-भतीजावाद के मामले ने एक बार तूल तब पकड़ लिया जब लेखक चेतन भगत ने फ़िल्म मेकर विधु विनोद चोपड़ा पर आरोप लगा दिया। दरअसल चेतन ने सुशांत की आगामी फ़िल्म को लेकर समीक्षकों को नसीहत देते हुए एक ट्वीट किया था, जो समीक्षक अनुपमा को रास नहीं आया और यहीं से शुरू हो गई एक नई बहस।
चेतन ने ट्वीट किया कि अगले कुछ दिनों में सुशांत की फ़िल्म रीलीज़ होने वाली है। समीक्षकों से आग्रह है कि वे समीक्षा करने में जल्दबाज़ी न करें। कई दफ़ा समीक्षकों के सस्ते ट्रिक्स कलाकारों को बहुत आहत करते हैं। उन्होंने लिखा कई लोगों की ज़िंदगी बर्बाद हो चुकी है।
चेतन भगत के इस ट्वीट का जवाब अनुपमा ने तीखे लहजे में दिया। जिस पर भड़कते हुए चेतन ने दोबारा लिखा कि मैम, आप तब कहाँ थीं, जब आप के पति ने भरी महफ़िल में मुझे ज़लील कर दिया था। सारे अवार्ड अपने नाम कर लिए और मुझे क्रेडिट भी नहीं दिया!
चेतन की समीक्षकों की नसीहत तो समीक्षक बिरादरी को पसंद नहीं आई, लेकिन चेतन के आरोप ने इंडस्ट्री को एक बार फिर निशाने पर ला खड़ा किया है। विधु चोपड़ा पर लगे इस आरोप के बाद यह बात होने लगी है कि इंडस्ट्री में जो बड़ा हो जाता है, वो नए कलाकारों को हतोत्साहित ही करता है।

‘रसभरी’ ने पहले सुशान्त का किया अपमान, फिर माँग ली माफ़ी

• सुशान्त के नाम पर रोटी सेंक रहे फ़िल्मी लोग।
• पहले किया अपमानित, फिर माँग लिया माफ़ी।
• कंगना, स्वरा और तापसी का गैंगवार।
एंटरटेनमेंट डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
सुशांत सिंह के सुसाइड के बाद से अब तक इंसाइडर्स और आउटसाइडर्स का मामला जस का तस बना हुआ है। ट्विटर पर अभिनेत्रियाँ एक दूसरे का बाल नोचने में लगी हुई हैं। अपने एक साक्षात्कार में कंगना रनौत ने स्वरा भास्कर और तापसी पन्नू को बी ग्रेड अभिनेत्री और चापलूस कह दिया, उसके बाद से ही ट्विटर युद्द जारी है। इस विवाद में कई बार सुशांत का भी नाम आया, जिसको लेकर स्वरा ने राजपूत के परिवार से माफ़ी माँगी है।
स्वरा भास्कर ने सुशांत सिंह राजपूत के परिवार से सोशल मीडिया पर माफी मांगी है। स्वरा ने एक ट्वीट में लिखा, “मैंने आत्ममंथन किया और मुझे एहसास हुआ कि सुशांत सिंह राजपूत के परिवार ने जितनी बार उनका नाम हम लोगों की बहस में सुना है, उस लिहाज से हमें उन लोगों से माफी मांगनी चाहिए। ये हमारे बारे में नहीं है। सुशांत की फिल्म जल्द ही रिलीज होने वाली है, हमें उनकी यादों को सेलिब्रेट करना चाहिए और विनम्र होना चाहिए।
दरअसल कंगना की सोशल मीडिया टीम के साथ तापसी और स्वरा की तीखी बहस हुई, जिसमें कई बार सुशांत का ज़िक्र हुआ। इस ट्विटर युद्ध की सोशल मीडिया पर काफ़ी आलोचना हुई। लोगों ने कहा कि किसी की मौत के बाद भी उस पर बयानबाज़ी किया जाना अशोभनीय है। लेकिन ये सितारे किसी के नहीं हैं।
सुशांत की आखिरी फिल्म दिल बेचारा 24 जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म डिज्नी हॉटस्टार पर रिलीज होने जा रही है। इस फिल्म में संजना संघी सुशांत के साथ लीड रोल में है। फिल्म का निर्देशन मुकेश छाबड़ा ने किया है। फैंस के बीच इस फिल्म को लेकर काफी उत्साह है और वे अपने फेवरेट स्टार को आखिरी बार स्क्रीन पर देखने का इंतजार कर रहे हैं।

Madhya Pradesh: मज़दूरों की चमकी क़िस्मत, कोरोना काल में हुए मालामाल

• कोरोना के चलते बेरोज़गारी झेल रहे थे मज़दूर। 
• ख़ुद को असहाय मानने वाले मज़दूर हुए लखपति।
ब्यूरो | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
कोरोना काल में एक ओर जहाँ सबकी हालत ख़राब है, वहीं पन्ना के कुछ मज़दूरों की क़िस्मत का ताला ही खुल गया। कोरोना काल में जो मज़दूर ख़ुद को असहाय महसूस कर रहे थे, वे लाखों के मालिक बन गए। दरअसल, उथली हीरा खदान में खोदाई कर रहे नौ मज़दूरों को उज्जवल जैम क्वालिटी का 10 कैरेट 69 सेंट का हीरा मिला है।
एक कहावत है ऊपर वाला जब देता है तो छप्पर फाड़ कर देता है। ऐसा ही कुछ मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में नौ मजदूरों के साथ हुआ। लॉकडाउन के कारण रोजगार न होने के चलते जो मजदूर ख़ुद को असहाय महसूस कर रहे थे। वहीं, अब अचानक इन नौ मजदूरों की किस्मत चमकी है।
दरअसल, लॉकडाउन में मजूदर बेहाल थे। अनलॉक होते ही किस्मत अजमाने के लिए उन्होंने उथली हीरा खदानों का सहारा लिया। पन्ना जिले के ग्राम रानीपुर की एक निजी जमीन पर आनंदी कुशवाहा ने हीरा कार्यालय से हीरा खनन के लिए पट्टा लिया था। इसमें आनंदी सहित नौ लोगों ने पार्टनर होकर खोदाई की। एक सप्ताह पूर्व इन्हें 70 सेंट की रेज (छोटा हीरा) मिली। जिससे उन्होंने खोदाई का काम तेज कर दिया। मंगलवार को इन्हें उज्जवल जैम क्वालिटी का 10 कैरेट 69 सेंट का हीरा मिला। इसकी अनुमानित कीमत पचास लाख रुपये से अधिक है। उन्होंने इसे हीरा कार्यालय में जमा करा दिया है।
इस सम्बंध में पट्टाधारी आनंदी ने बताया कि हम लोग चार-पांच वर्षो से खदान लेते रहे हैं, लेकिन कभी हीरा नहीं मिला। इस बार लॉकडाउन के चलते काम नहीं था तो सोचा कि फिर किस्मत आजमाई जाए। हीरा कार्यालय से रानीपुर के निजी क्षेत्र में 625 वर्ग फीट का पट्टा दो सौ रुपये में लिया। जैसे ही लॉकडाउन हटा, हमने खोदाई शुरू की।