सोमवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी का निधन हो गया है। यह कांग्रेसी नेता पिछले नौ साल से बीमार होने के चलते कोमा में थे। प्रियरंजन दासमुंशी को साल 2008 में दिल के दौरे के साथ लकवे का अटैक भी आया था।
प्रियरंजन दासमुंशी को लकवा मारने के बाद वे ना सिर्फ बोलने कि क्षमता ख़त्म हो गई बल्कि उनके मस्तिष्क में रक्त का स्त्राव भी कम हो गया था, जिसके चलते उनके दिमाग पर भारी असर पड़ा था। अब उनका शरीर पूरी तरह मशीन पर निर्भर हो गए थे। उन्हें गले से होते हुए पेट तक एक ट्रेचोस्टॉमी ट्यूब लगाई गई थी जिसके जरिए वह सांस ले रहे थे।
बता दें कि प्रियरंजन दासमुंशी अपने राजनैतिक जीवन में कई अहम पद संभाल चुके थे । उनका जन्म 13 नवंबर, 1945 को हुआ था, और वह पहली बार वर्ष 1971 में दक्षिणी कोलकाता लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे। उन्हें वर्ष 1985 में पहली बार राजीव गांधी मंत्रिमंडल में मंत्रिपद सौंपा गया था।
संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बनी फिल्म पद्मावती की रिलीज़ पर छाए संकट के बादल टल नहीं रहें। सोमवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रानी पद्मावती को राष्ट्रमाता की उपाधि देते हुए संवाददाताओं से कहा कि अगर फिल्म में गलत दिखाया गया तो राज्य में यह फिल्म प्रदर्शित नहीं होगी। वहीं शिवराज ने ऐतिहासिक तथ्यों से खिलवाड़ को रानी पद्मावती का अपमान बताया।
‘पद्मावती’ फिल्म की रिलीज़ पर सबसे अधिक गरमाए राजपूत समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज शिंह चौहान से उनके आवास पर मिलकर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की। इस मामले में मुख्यमंत्री ने आश्वासन देते हुए कहा कि भले ही सेंसर बोर्ड इस फिल्म रिलीज़ को हरी झंडी दिखा दे, लेकिन अगर तथ्य से खिलवाड़ हुआ है, तो इसे राज्य में प्रदर्शित नहीं किया जाएगा।
विदित हो कि दीपिका पादुकोण, शाहिद कपूर और रणवीर सिंह स्टारर फिल्म पद्मावती को कई विवादों का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, राजपूती संगठन करणी सेना ने भी भंसाली पर कई आरोप लगाते हुए उन पर इतिहास से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है। हालांकि भंसाली ने साफ़ कहा है कि उन्होंने तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश नहीं किया है। भंसाली का कहना है कि वे राजपूतों की भावनाओं का सम्मान करते हैं। फिल्म चित्तौड़गढ़ की रानी पद्मिनी यानि पद्मावती के जीवन पर आधारित है। फिल्म पहले 1 दिसंबर को रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब फिल्म की रिलीज डेट आगे बढ़ा दी गई है
19 नवंबर को विश्व टॉइलट डे मनाया गया, इस दिन जहां लोग देश को खुले में शौचमुक्त बनाने के लिए प्रण ले रहे थे, वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र के जल संरक्षण मंत्री राम शिंदे ने ऐसी हरकत की है, जिसका वीडियो वाइरल हो गया।
वीडियो में शिंदे सड़क के किनारे खुले में पेशाब कर रहे हैं। देखते ही देखते ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, लेकिन बाद में बाद मंत्री अपने बचाव में उतरे और पूरे मामले में सफाई भी दी। शिंदे कहा कि वे सरकार के जलयुक्त शिविर स्कीम के लिए पिछले एक महीने से दौरा कर रहे थे और इसके चलते उनकी तबियत खराब हो गई थी। शिंदे को जल्दी बाथरूम जाना था, लेकिन तबियत खराब होने की वजह से उन्होंने टॉइलट की तलाश नहीं की और खुले में पेशाब कर दिया, जिसका विडियो वायरल हुआ है।
शिंदे के ऐसा करने से नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत अभियान पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। वीडियो पर तंज कसते हुए एनसीपी ने कहा कि मंत्री को जब हाईवे पर कोई शौचालय नहीं मिला, तो आम जनता क्या करेगी और इससे यही पता चलता है कि मोदी का स्वच्छ भारत अभियान कितना सफल हो पाया है।
सोमवार को कांग्रेस की केन्द्रीय कार्यसमिति की बैठक हुई, जिसमें राहुल गाँधी को अध्यक्ष बनाए जाने के प्रस्ताव को पास कर दिया गया। यह प्रस्ताव नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गाँधी के आवास पर हुई बैठक में पेश किया गया था।
लम्बे समय से यह कयास लगाया जा रहा था कि राहुल गाँधी को पार्टी का नया अध्यक्ष बनाया जा सकता है, जिस पर राहुल बार बार इनकार करते रहे। कुछ माह पूर्व पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने इशारा कर दिया था कि नवम्बर महीने में पार्टी को राहुल गाँधी के रूप में एक नया अध्यक्ष मिल सकता है। पार्टी के एक सूत्र के मुताबिक़ चुनावी प्रक्रिया 1 दिसंबर से शुरू होगी, नामांकन 4 दिसंबर को और मतदान 16 दिसंबर को हो जाएगा, जबकि मतों की गणना 19 दिसंबर को हो जाएगी।
गुजरात चुनाव के बाद कांग्रेस को राहुल के रूप में एक नया अध्यक्ष मिल सकता है। पार्टी के युवाओं में इस ख़बर को लेकर काफी उत्साह है, वहीं कुछ नेता इस निर्णय को दबे मन से स्वीकृति दे रहे हैं। अब देखना यह होगा कि पार्टी के नेतृत्व परिवर्तन के बाद इसे कितनी मजबूती मिलती है। गौरतलब है कि गुजरात चुनाव का परिणाम भी 19 दिसंबर को आएगा और कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन भी इसी तारीख होगा।
केंद्रीय शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सैयद वसीम रिजवी ने राम मंदिर पर चल रहे विवाद पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि, विभिन्न पार्टियों के साथ चर्चा के बाद हमने एक प्रस्ताव तैयार किया है। रिजवी ने अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण और मस्जिद का निर्माण लखनऊ में करवाए जा सकने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा समाधान है, जो देश में शांति और भाईचारे को सुनिश्चित करेगा।
रिज़वी ने कहा कि लखनऊ के हुसैनाबाद में मस्जिद का निर्माण करवाने का प्रस्ताव है। मस्जिद को बाबर और मीर बाकी के नाम पर नहीं बनाया जाएगा, मस्जिद का नाम मस्जिद को हमेशा याद रखा जाएगा। कुछ दिन पहले अखिल भारतीय अखाड़ा की ओर से शिया वक्फ बोर्ड के साथ राम मंदिर मुद्दे को लेकर सुलह हो जाने का दावा किया गया था। इसी बैठक के बाद शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने ये बयान दिया था कि अयोध्या या फैजाबाद में किसी नई मस्जिद का निर्माण नहीं होगा।
रिजवी ने सुन्नी वक्फ बोर्ड की आपत्ति पर भी बयान दिया था, कि चूंकि सुन्नी वक्फ बोर्ड अपने पंजीकरण का दावा कई जगह से हार चुका है, यह शिया वक्फ की मस्जिद थी, लिहाजा इसमें सिर्फ शिया वक्फ बोर्ड का हक है। अयोध्या विवाद में मध्यस्थता के लिए आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली से लखनऊ में मुलाकात की थी, इस मौके पर श्री श्री रविशंकर ने कहा, ‘बातचीत के जरिए हम हर समस्या हल कर सकते हैं, अदालत का सम्मान है लेकिन अदालत दिलों को नहीं जोड़ सकती। श्री श्री ने कहा कि समय दीजिए, बहुत जल्दबाजी मत करिए, हम सबसे बात करेंगे।’
इस मुलाकात से पहले श्री श्री रविशंकर ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद योगी ने कहा था, ‘‘मैंने अयोध्या के अपने पहले दौरे के समय ही इस बात को कह दिया था कि अगर दोनों पक्ष इस मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचते हैं और सरकार के पास आते हैं, तो सरकार अवश्य उस पर विचार कर सकती है, अन्यथा सरकार अपने स्तर पर कोई पहल फिलहाल तो नहीं करने की स्थिति में है।”
जहाँ पूरा देश मानुषी छिल्लर को मिस वर्ल्ड 2017 बनने पर बधाई दे रहा है, वहीं विवादित बयान देने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने मनुषी पर बयान दिया है, पहले ही अभी पद्मावती विवाद के संबंध में राजा महराजाओं पर की गई उनकी टिप्पणी का विवाद शांत भी नहीं हुआ था कि उन्होंने मानुषी का मजाक उड़ा दिया।
थरूर ने 18 सितंबर को मिस वर्ल्ड 2017 बनी मानुषी छिल्लर के नाम का मजाक उड़ाते हुए मानुषी के सरनेम ‘छिल्लर’ का मजाक उड़ाते हुए अपनी टिप्पणी को नोटबंदी से जोड़ा है। एक ट्वीट में उन्होंने कहा है कि अब तो हमारा चिल्लर भी मिस वर्ल्ड बन गया है। उन्होंने मानुषी के नाम के सहारे मोदी सरकार द्वारा लागू की गईए नोटबंदी को फेल करार दिया है, थरूर के इस ट्वीट पर जबर्दस्त प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
थरूर ने अपने विवादास्पद ट्वीट में लिखा, “हमारी मुद्रा को डिमोनिटाइज करके क्या गलती कर दी, बीजेपी को इस बात को समझना होगा कि कैश दुनिया पर हावी है, देखो हमारा चिल्लर भी मिस वर्ल्ड बन गया है” थरूर के इस ट्वीट पर सोशल मीडिया में कई रिप्लाई मिल रहा है। हालांकि कुछ देर बाद ही थरूर को अपनी गलती का अहसास हो गया और उन्होंने फिर ट्वीट कर मानुषी की तारीफ भी की। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी मानुषी को खिताब जीतने पर ट्वीट कर बधाई दी है।
शशि थरूर के महाराजाओं के कायरता वाले बयान पर विवाद बढ़ गया था, जहां शशि थरूर के बयान पर पहले केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने तंज कसते हुए उन्हें घेरा था, वहीं अब कांग्रेस के बड़े नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस पर नाराजगी जताई थी, क्योंकि ज्योतिरादित्य खुद सिंधिया राजघराने से हैं, ऐसे में उनको थरूर की बात सही नहीं और उन्होंने थरूर को इतिहास पढ़ने की नसीहत दे डाली थी।
कई संगठनों के विरोध का सामना कर रही फिल्म पद्मावती के मेकर्स ने इस फिल्म की रिलीज को रोक दिया है। वायकॉम 18 मोशन पिक्चर्स की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि 1 दिसंबर 2017 को रिलीज होने जा रही फिल्म पद्मावती को रोक दिया गया है।
वायकॉम 18 मोशन पिक्चर्स की ओर से कहा गया है कि, ‘पद्मावती’ को बनाने के पीछे जिस स्टूडियो ने काम किया है वह स्वेच्छा से 1 दिसंबर 2017 को होने वाली फिल्म रिलीज को स्थगित करता है। जारी बयान में कहा गया कि, ‘पद्मावती’ जिसमें राजपूत वीरता, गरिमा और परंपरा को फिल्माया गया है, यह फिल्म एक ऐसी कहानी है जो सभी भारतीयों को गर्व से भर देगी और दुनिया भर में हमारे देश की कहानी को बयां करने के कौशल का प्रदर्शन करती है।
आगे कहा गया कि, हम एक जिम्मेदार, कानून-पालन करने वाले कॉर्पोरेट नागरिक हैं और अपने देश के कानून और संस्थानों जिनमें सेंसर बोर्ड भी शामिल है, के लिए हमारे दिल में उच्चतम सम्मान है और हमें विश्वास है कि हम जल्दी ही फिल्म को रिलीज करने के लिए रिलीज की तारीख की घोषणा करेंगे।
प्राइवेट स्क्रीनिंग से नाराज़ प्रसून जोशी-
प्रसून जोशी ने प्राइवेट स्क्रीनिंग को लेकर इंडिया टुडे से कहा था, ‘सेंसर बोर्ड ने अभी तक फिल्म देखी भी नहीं है और ना ही फिल्म को प्रमाणित किया गया है, ऐसे में मेकर्स द्वारा प्राइवेट स्क्रीनिंग करना और नेशनल चैनलों पर फिल्म की समीक्षा करना बेहद निराशाजनक है।
प्रसून जोशी ने आगे कहा, यह एक अवसरवादी उदाहरण पेश करने जैसा है। अब फिल्म को स्थगित किए जाने के बाद ये सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या सेंसर बोर्ड के एतराज के बाद ही मेकर्स ने फिल्म को स्थगित करने का फैसला किया है?
पद्मावती को लेकर चल रहे विवाद बढ़ता ही जा रहा है, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रासद मौर्य ने कहा है कि जब तक फिल्म से विवादित अंश नहीं हटाए जाएंगे, तब तक फिल्म उत्तर प्रदेश में रिलीज नहीं होगी।
इसके पहले शनिवार को राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा ने सूचना और प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी को चिट्ठी लिख कहा है कि फिल्म में जब तक जरूरी बदलाव ना हो, तब तक इसे रिलीज न किया जाए। उन्होंने कहा है कि फेमस इतिहासकारों, फिल्म पर्सनैलिटीज के सदस्यों की एक समिती को फिल्म की कहानी पर विस्तार से चर्चा करना चाहिए। राजे ने सेंसर बोर्ड को सर्टिफिकेट देने से पहले सभी परिणामों के बारे में सोच लेने के लिए कहा है, इंदौर में केंद्रीय मंत्री थंवर सिंह गहलोत ने सेंसर बोर्ड को फिल्म से आपत्तिजनक सीन्स हटाने के लिए कहा है।
सेंसर बोर्ड सूत्रों ने बताया कि मेकर्स ने करणी सेना को रिलीज से पहले फिल्म दिखाने के लिए सेंसर बोर्ड से अनुमति मांगी है, इसके लिए सेंसर बोर्ड को पद्मावती के निर्माताओं की ओर से स्पेशल स्क्रीनिंग के किए चिट्ठी लिखी गई है।
पश्चिम बंगाल में एक सरकारी स्कूल के मिड-डे मील में छिपकली मरी पाई गई। ज़हरीले खाने की वजह से स्कूल के 87 बच्चे बीमार पड़ गए और उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाना पड़ा। यह मामला पश्चिम बंगाल के बंकुआ जिले का है, जहाँ एक सरकारी स्कूल में खाना बनाते वक़्त ऐसी लापरवाही हुई।
अस्पताल में सही इलाज मिलने के कारण अब सारे बच्चों की हालत सामान्य है। मंडरमणि स्कूल में हर रोज की तरह बच्चों को मिड- डे मील दिया गया, लेकिन अफरा-तफरी का माहौल तब मच गया जब एक बच्चे के थाली में मरी हुई छिपकली पाई गई।
मोनिरुल इस्लाम ब्लॉक के मेडिकल ऑफिसर ने कहा कि स्कूल प्रबंधन ने देरी न करते हुए सभी बच्चों को सही समय पर स्थानीय अस्पताल पहुँचा दिया। जिसके कारण कोई भी बच्चा ज्यादा गंभीर स्थिति में नहीं पाया गया, इस वजह से सभी बच्चे खतरे से बाहर पाए गए हैं। इसके बाद इन बच्चों को कुछ प्राथमिक इलाज करके अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
भारतीय सेना ने इस वर्ष 190 आतंकियों को मौत के घाट उतारा है। समाचार एजेंसी एएनआई के हवाले से लेफ्टिनेंट जनरल जे इस संधू ने बताया कि, इस वर्ष मारे गए 190 आतंकियों में से 80 स्थानीय और 110 विदेशी आतंकी थे। इन 110 विदेशी आतंकियों में से 66 आतंकी सीमा रेखा में घुसपैठ करते वक़्त मारे गए।
जे एस संधू ने आगे बताया की 125 से 130 आतंकियों को कश्मीर के अंदर ही ढेर किया गया, जिससे अब स्थिति में बहुत हद तक परिवर्तन देखने को मिला है। उन्होंने कहा, हमने इस वर्ष सितम्बर महीने के दौरान हाजिन में सर्च ऑपरेशन किया और इसके साथ-साथ हम अन्य इलाकों में कई स्पेशल ऑपरेशन्स भी करते रहते हैं।
कश्मीर में सेना ने आतंकवादियों के खिलाफ आक्रामक रूख अपनाया हुआ है। लेकिन वहां के स्थानीय आतंकियों में ज्यादातर आतंकी कश्मीरी युवा हैं। भारतीय सेना इन भटके हुए युवाओं को न मारते हुए आत्मसमर्पण करने का मौका दे रही है, ताकि ये युवा देश के मुख्य धारा में आ सके और अपना भविष्य सुधार सकें।
समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने भगवान राम और कृष्ण पर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा, भगवान राम सिर्फ भारत के उत्तर के राज्यों में पूजे जाते हैं ,वही भगवान कृष्ण भारत के दक्षिण राज्य तक पूजे जाते हैं। मुलायम सिंह यादव के इस बयान ने यूपी की राजनीति में एक बार फिर गर्मी ला दी है।
मुलायम सिंह ने यह बयान गाजियाबाद के एक सम्मेलन में दिया। उन्होंने कहा, अगर भारत में भगवान राम के अनुयायी बहुत ज्यादा हैं, तो भगवान कृष्ण के अनुयायी कोई कम नहीं हैं। मुलायम के इस बयान ने हिंदुओं की भावनाओं को आहत किया है। मुलायम सिंह यादव इससे पहले भी महिलाओं के संदर्भ में विवादित बयान दे चुके हैं, तब भी उनको बहुत आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।
मुलायम सिंह के बेटे और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने गृह जिले सैफई में कृष्ण मूर्ति की स्थापना कर मंदिर का निर्माण कराना चाहते हैं। इसी संदर्भ में मुलायम सिंह यादव ने इस तरह का विवादित बयान दिया।
आपको बता दें, कुछ दिनों से आयोध्या में राम मंदिर निर्माण की कोशिशें तेज हो गई हैं। धर्म गुरु आर्ट ऑफ़ लिविंग संस्था के संस्थापक श्री श्री रविशंकर दोनों पक्षों को आपस में मिलकर मंदिर निर्माण करवाना चाहते हैं और इस विवाद को समाप्त करना चाहते हैं।