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Friday, August 21, 2026
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दिल्ली की सर्दी ने ली 44 की जान, केजरीवाल ने फोड़ा LG पर ठीकरा 

दिल्ली एलजी पर भड़के केजरीवाल

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com 

दिल्ली में भीषण सर्दी के चलते अब तक 44 लोगों ने अपनी जान गँवा दी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लोगों की मौत का ठीकरा दिल्ली के उपराज्यपाल पर भी फोड़ा है। मीडिया में बड़ी तेज़ी से यह रिपोर्ट आने के बाद सीएम आँखें खुली हैं और उन्होंने डीयूएसआईबी के सीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
 
केजरीवाल ने 8 जनवरी को ट्वीट करते हुए लिखा है कि मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ठंड की वजह से 44 बेघर लोगों की मौत हो गई है। मैं डीयूएसआईबी के सीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी करता हूं। पिछले साल काफी कम मौतें हुई थीं, लगभग न के बराबर। इस साल उपराज्यपाल अनिल बैजल ने निकम्मे अधिकारियों को नियुक्त किया। उन्होंने (उपराज्यपाल ने) अधिकारियों को नियुक्त करने से पहले हमसे सलाह लेने से इनकार कर दिया था। हम इस तरह से सरकार कैसे चला सकते हैं?’ 
 
6 जनवरी राजधानी का सबसे सर्द दिन रहा था। वहीं 7 जनवरी को न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गयी और यह बढ़ कर 6.4 डिग्री सेल्सियस हो गयी। 6 जनवरी को न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया, ‘सफदरजंग वेधशाला का न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस अधिक 6.4 डिग्री सेल्सियस जबकि अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के करीब बने रहने का अनुमान है।’  
 
आगे उन्होंने कहा कि ‘लोधी रोड, पालम, आयानगर और रिज के मौसम केन्द्रों में न्यूनतम तापमान क्रमश: 5.2, 5.8, 6.7 और 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।’ उन्होंने बताया कि सफदरजंग और पालम वेधशालाओं में तड़के दृश्यता का स्तर क्रमश: 400 मीटर और 50 मीटर दर्ज किया गया। सुबह साढ़े आठ बजे आर्द्रता का स्तर 100 प्रतिशत दर्ज किया गया।
 

समलैंगिकता अपराध: धारा 377 की समीक्षा करने को तैयार सर्वोच्च न्यायालय

धारा 377 पर सुप्रीम कोर्ट करेगा पुनर्विचार

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

दो परिपक्व व्यक्ति अगर अपने सहमति से समलैंगिकता के तौरपर यौन संबंध करने चाहते हैं, तो इसे अपराध की श्रेणी से हटाने की मांग करने वाली याचिका को बड़ी पीठ के पास भेजने को सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीस दीपक मिश्रा और उनकी तीन सदस्य बेंच ने कहा है कि वह धारा 377 की संवैधानिक वैधता जांचने और उस पर पूर्ण विचार करने को तैयार है। वहीं सर्वोच्च न्यायालय ने समलैंगिकता को 2013 में अपराध करार दिया था। 
 
बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को नोटिस भेजकर एलजीबीटी समुदाय के पांच सदस्यों की याचिका पर जवाब तलब किया है। याचिका में पांच लोगों ने आरोप लगाया है कि वह अपनी पसंद की यौन सम्बन्ध बनाने के लिए पुलिस से डरते हैं। वहीं सर्वोच्च न्यायालय के इस कदम के एलजीबीटी के एक्टिविस्ट अक्काई ने एनआईए से कहा कि हम इस कदम का स्वागत करते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि हम लोग 21वीं सदी में रह रहे हैं और सभी राजनितिक दलों के नेताओं को व्यग्तिगत यौन अधिकारों का समर्थन कर अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए। वहीं कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए कहा है कि वह सर्वोच्च न्यायालय इस फैसले का स्वागत करती है, क्योंकि हर व्यक्ति को अपने तरीके से अपने ज़िन्दगी जीने का अधिकार है।    

हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े पीएचडी स्कॉलर मनान वानी, एएमयू ने किया निलंबित

हिजबुल में शामिल हुआ अलीगढ यूनिवर्सिटी का छात्र

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com 

फुटबॉल खिलाड़ी माजिद अरशिद खान की राह पर अब अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का पीएचडी छात्र भी चल पड़ा है। जियॉलजी में पीएचडी कर रहे कश्मीरी छात्र मनान वानी के हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल होने की बात सामने आई है। मनान वानी की हथियार सहित फोटो सोशल मीडिया पर देख कर लोग अचंभे में हैं, जबकि उसकी तस्वीर को पुलिस आतंकी संगठन में शामिल होने का सबूत नहीं मान रही है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मनान को निलंबित कर दिया है।

वहीं इस मामले की गहराई को देखते हुए खुफिया एजेंसियां और यूपी पुलिस अपनी जांच में जुट गई है।अलीगढ़ के एसएसपी राजेश कुमार पांडेय के नेतृत्व में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के मो. हबीब हॉल में उस कमरे की तलाशी ली गई, जहां रिसर्च स्कॉलर मनान वानी रहता था।

एसएसपी ने बताया कि मनान वानी छह दिन पहले तक हॉस्टल में ही था। उसके कमरे से कुछ लिट्रेचर बरामद हुआ है, जिसे कब्जे में ले लिया गया है। वहीं एएमयू के प्रॉक्टर प्रोफेसर मोहसिन खान ने बताया कि मनान वानी की इस हरकत के बाद उसे यूनिवर्सिटी से निलंबित कर दिया गया है।

इस मामले में जम्मू कश्मीर पुलिस ने बताया कि मनान वानी के आतंकी संगठन में शामिल होने की खबर पुष्ट नहीं हो सकी है। हथियार के साथ उसकी तस्वीर भले ही सामने आई है, लेकिन तस्वीर फोटोशॉप भी की जा सकती है। सुरक्षा एजेंसियां इसकी जांच में जुटी हैं, जबकि सेना प्रमुख बिपिन रावत ने हालात पर अपनी नज़र होने कि बात कही है।

26 साल का मनान वानी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के लोलाब का रहने वाला है। वह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जियोलॉजी में पीएचडी कर रहा था। वह तीन दिन पहले अपने घर आने वाला था, लेकिन उसने घर पर कोई खबर नहीं दी। वह पिछले पांच साल से एएमयू में रह रहा था, वहां से उसने एमफिल की डिग्री भी ली है। बता दें कि  हाल ही में कश्मीर के कॉलेज छात्र और फुटबॉल खिलाड़ी माजिद अरशिद खान ने खूंखार आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा संगठन ज्वाइन कर लिया था। हालांकि, अपनी मां की अपील के बाद माजिद ने आतंकी संगठन को छोड़ दिया और घर वापस आ गया था। ऐसी घटनाएं घाटी में लगातार हो रही हैं।

लालू की जमानत के लिए उनके वकील पहुंचे रांची उच्चन्यायालय

उच्चन्यायालय में की गई लालू की जमानत की अपील

राजेश सोनी | Navpravah.com 

शनिवार को राजद प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने साढ़े तीन साल की कारावास की सजा सुनाई थी। अब आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के वकीलों ने उनके जमानत के लिए रांची हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की है। लालू को रांची के विरसा मुंडा जेल में रखा गया है और उन्हें आम कैदियों की तरह जेल में काम भी करना पड़ेगा। लालू को जेल प्रशासन द्वारा माली का काम दिया गया है और इस काम के लिए लालू यादव को प्रतिदिन 93 रुपए का मेहनताना भी मिलेगा। 
 
सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू को 3.5 साल की सजा सुनाई है, जिसके बाद लालू के वकीलों ने बिहार उच्च न्यायालय का दरवाजा खट-खटाने का ऐलान किया है। बता दें कि अगर लालू को 3 साल या उससे कम सजा मिलती, तो उन्हें सीबीआई अदालत से ही जमानत मिल जाती और उच्च न्यायालय जाने की जरुरत नहीं पड़ती। अदालत इससे पहले भी 2013 में लालू को चारा घोटाला मामले में 5 साल की कारावास और 25 लाख जुर्माने की सजा सुना चुकी है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि लालू यादव की दोनों सजायें एक साथ चलेंगी। 

गौरतलब है कि लालू प्रसाद यादव जब बिहार के मुख्यमंत्री समेत वित्त मंत्री थे, तब राज्य में 950 करोड़ का बहुत बड़ा चारा घोटाला हुआ था। वहीं लालू को शनिवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने देवघर कोषागार मामले में 89 लाख 27 रुपए का गबन के लिए सजा सुनाई थी।    
   

हिजबुल मुजाहिदीन ने कश्मीर में पंचायत चुनाव लड़ने वालों को दी सरेआम धमकी  

हिजबुल मुजाहिदीन की चेतावनी

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

जम्मू-कश्मीर में प्रभाव रखने वाला आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन ने कश्मीर पंचायत चुनाव लड़ने वालों को सरेआम धमकी देते हुए कहा है कि जो भी व्यक्ति घाटी में पंचायत चुनाव लड़ेगा, उसके आँखों में तेजाब डाल दिया जाएगा। यह धमकी हिजबुल मुजाहिदीन ने सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर दी है। आतंकियों द्वारा हर बार घाटी में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने की पुरजोर कोशिश की जाती है। इससे पहले भी घाटी में कई बार चुनाव में हिस्सा लेने वाले प्रत्याशियों पर जानलेवा हमला हो चुका है। 
 
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वीडियो में हमले की धमकी देने वाला हिजबुल का कमांडर आतंकी रियाज नायकु है। आतंकी रियाज ने आगे कहा कि आप लोगो ने देखा होगा कि वर्ष 2016 में कितने युवाओं को आँखों की रौशनी गंवानी पड़ी थी। इस बार भी जो भी व्यक्ति पंचायत चुनाव में हिस्सा लेगा, उसको घर से निकालकर उसकी आँखों में तेजाब डाल दिया जाएगा, ताकि वो व्यक्ति ज़िन्दगी भर अपने घरवालों पर बोझ बन जाए। इस बार के निकाय चुनाव को 15 फरवरी को कराने की घोषणा चुनाव आयोग द्वारा की गई है। इन चुनाव को सफल तरीके से कराने के लिए सुरक्षा बल और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पूरे घाटी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी है। गौरतलब है कि यह पंचायत चुनावों को 2016 में होना था, लेकिन आतंकी बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद घाटी में हिंसा भड़क गई थी और इस वजह से चुनाव नहीं हो पाए थे।
 
इस वीडियो को लेकर दक्षिण कश्मीर के आईजी एसपी मीणा ने आतंकी धमकी वाले पर कुछ भी प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि अभी तक उन्होंने ऐसा कोई वीडियो नहीं देखा है। ऐसे में इस वीडियो पर कुछ भी टिप्पणी करना सही नहीं है। गौरतलब है कि घाटी में वर्ष 2011 में पंचायत चुनाव हुए थे, जिसमे 80 प्रतिशत मतदान हुआ है। वहीं 16 अक्टूबर 2017 को पीडीपी के नेता और पूर्व सरपंच मोहम्मद रमजान शेख की आतंकी द्वारा हत्या कर दी थी।   
 

25 जनवरी को होगी पद्मावत रिलीज़, विरोध अब भी जारी  

25 जनवरी को रिलीज होगी फिल्म पद्मावत

पारुल पाण्डेय | Navpravah.com 
 
कई विवादों को पार करने के बाद अब संजय लीला भंसाली के डायरेक्शन में बनी मोस्ट अवेटेड ‘पद्मावत’ फिल्म 25 जनवरी को रिलीज़ होने जा रही है। दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह और शाहिद कपूर स्टारर फिल्म पद्मावत पहले 1 दिसंबर को रिलीज़ होनेवाली थी, लेकिन करणी सेना समेत कई राजनीतिक दलों द्वारा विरोध प्रदर्शन के बाद इस फिल्म की रिलीज डेट आगे बढ़ा दी गई थी।
 
ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने फिल्म की नई रिलीज डेट का ऐलान अपने ट्विटर हेंडल से जारी किया है। उन्होंने अपने ट्विटर पर लिखा है कि ‘पद्मावत’ 25 जनवरी को रिलीज होगी। वहीं सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) की मंजूरी के बाद भी संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत का विवाद खत्म होते नज़र नहीं आ रहा है। फिल्म के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन अभी जारी हैं। इस साल 25 जनवरी को रिलीज के लिए तैयार फिल्म के खिलाफ भारी विरोध की धमकी अभी भी दी जा रही हैं। मामले में राजस्थान के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा है कि पद्मावत को राजस्थान में रिलीज नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सूबे में भारतीय जनता पार्टी की सरकार लोगों की भावनाओं को आहत नहीं करना चाहती। लोग फिल्म के रिलीज होने के खिलाफ हैं। 

हाल ही में ‘पद्मावती’ को सेंसर बोर्ड से ग्रीन सिग्नल मिला है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने संजय लीला भंसाली की विवादास्पद फिल्म ‘पद्मावती’ में किसी कट की सिफारिश नहीं की है और फिल्म को पांच संशोधनों के साथ यू/ए प्रमाणपत्र देने का फैसला किया है और फिल्म-निर्माता से कहा है कि फिल्म का नाम बदलकर ‘पद्मावत’ कर दिया जाए। इसके साथ फिल्म के ‘घूमर’ गाने में से पद्मावती का अभिनय कर रही दीपिका पादुकोण को गाने से हटाया जाए।  

जम्मू-कश्मीर: बडगाम में एक आतंकी ढेर, पुलिस से हुई थी मुठभेड़ 

बडगाम में एक आतंकी ढेर

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में अचानक पुलिस और आतंकियों में अचानक मुठभेड़ हो गई। इस दौरान पुलिस ने अपनी जवाबी कारवाई में एक आतंकी को मार गिराया है। बडगाम जिले के जुहामा में आतंकी और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ अभी भी जारी है।

बता दें कि इससे पहले उत्तरी कश्मीर के सोपोर कस्बे में 6 जनवरी, 2017 को हुए आइईडी के विस्फोट में  चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए। एक अधिकारी के मुताबिक आतंकियों ने बारामुला जिले के सोपोर में छोटा बाजार और बड़ा बाजार के बीच स्थित गली में एक दुकान के निकट आइईडी लगाया था। धमाके में शहीद हुए पुलिसकर्मी अलगाववादियों की प्रायोजित हड़ताल को देखते हुए इलाके में गश्त कर रहे थे। यह इस साल घाटी में हुआ ऐसा पहला बड़ा आतंकी हमला है जिसमें सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं। 

इससे पहले 31 दिसंबर को दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के एक शिविर पर भारी हथियारों से लैस आतंकियों के किए गए आत्मघाती हमले में अर्द्धसैनिक बल के पांच कर्मी शहीद हो गए थे।

केपटाउन टेस्ट: भारत को मिला 208 रनों के लक्ष्य, दक्षिण अफ्रीका की पारी 130 पर सिमटी

जसप्रीत बुमराह विकेट लेने के बाद

सुनील यादव | Navpravah.com

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच केपटाउन के न्यूलैंड स्टेडियम पर खेले जा रहे पहले क्रिकेट टेस्ट मैच में दक्षिण अफ्रीका की दूसरी पारी महज 130 रनों पर ढ़ेर हो गई है। पहली पारी में मिले 77 रनों की लीड की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने भारतीय टीम को 208 रनों के लक्ष्य दिया है।
 
कल के 62 रन के स्कोर को आगे बढ़ाते हुए आज दक्षिण अफ्रीका को जल्द ही हासिम अमला के रूप में पारी का तीसरा झटका लगा। उन्होंने महज 4 रन बनाए। इसके बाद एबी डिविलियर्स के अलावा कोई भी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक न सका। एक तरफ से विकेटों के गिरने का सिलसिला चलता रहा और दूसरे छोर से डिविलियर्स रन बनाते रहे। हालांकि उन्हें 35 के स्कोर पर जसप्रीत बुमराह ने आउट किया। इस पारी में डिविलियर्स हाई स्कोरर रहें।
 
जीत के लिए मिले 208 रनों के लक्ष्य का पीछा करने जब भारत उतरेगा तो कप्तान के जहन में यह होगा कि किसी तरह विकेट बचाकर रखा जाए। अगर भारतीय सलामी जोड़ी बेहतर खेलती है, तो भारत के इस मैच को जीतने के आसार और बढ़ेंगे।

स्वदेशी हथियारों से लड़ने का वक़्त आ गया है -जनरल बिपिन रावत

जनरल बिपिन रावत ने दिया बयान

राजेश सोनी | Navpravah.com

दिल्ली में आयोजित एक सेमिनार में भारत के थल सेना अध्यक्ष बिपिन रावत ने कहा कि अब इस बात को हमें निश्चय करने का समय आ गया है कि हम अपनी अगली लड़ाई हमारे देश में तैयार स्वदेशी हथियारों से लड़ें। रावत ने आगे कहा कि हम धीरे-धीरे विदेशी हथियारों की आयात को कम करने की दिशा की ओर अग्रसर हैं। वहीं केंद्र सरकार ने हथियारों को देश में ही तैयार करने के काम को अपनी महत्त्वपूर्ण योजना मेक इन इंडिया से भी जोड़ा है। इसके लिए केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद कई कदम भी उठाए गए हैं।  
 
भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर जब रावत से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन के बीच चल रहे तूटिंग विवाद को सुलझा लिया गया है। दो दिन पहले ही दोनों देशों के बीच फ्लैग मीटिंग हुई थी। वहीं उन्होंने डोकलाम विवाद पर बताया कि डोकलाम विवाद भी सुलझने की ओर है और चीन लगातार डोकलाम क्षेत्र में अपने सैनिकों की तादाद कम कर रहा है। गौरतलब है कि पिछले 1.5 बरस से डोकलाम विवाद को लेकर भारत और चीन के रिश्तों में खटास आ गई थी। 
 
जनरल रावत से आगे जम्मू-कश्मीर को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि हम कश्मीर के भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा में लाने की कोशिश कर रहे हैं और उन्हें आतंकवाद का रास्ता अपनाने से रोक रहे हैं। रावत ने आगे कहा कि आतंकवादी इससे पहले भी हथियारों के साथ सोशल मीडिया पर फोटो डालते रहे हैं और यह उनका प्रोपोगेंडा का हिस्सा है। इसमें कोई डरने की बात नहीं है। भारतीय सेना कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ अपना सख्त रवैया आगे भी अपनाए रहेगी। हम अपना काउंटर एमर्जेन्सी ऑपरेशन जारी रखेंगे।     

मुंबई के बाद दिल्ली में भी जिग्नेश मेवाणी को झटका, रैली को नहीं मिली इजाजत 

जिग्नेश मेवाणी को नहीं मिली रैली की अनुमति

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

भीमा-कोरेगाव युद्ध की 200 वीं बरसी पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप झेल रहे, जिग्नेश मेवाणी को मुंबई पुलिस के बाद दिल्ली पुलिस ने भी झटका दिया है। गुजरात से निर्दलय विधायक जिग्नेश मेवाणी और जेएनयू छात्र नेता उमर खालिद को मुंबई में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने की इजाजत नहीं दी गई थी। दिल्ली पुलिस ने भी जिग्नेश मेवाणी को दिल्ली में रैली करने की इजाजत नहीं दी है।  
 
दिल्ली पुलिस ने जिग्नेश मेवाणी की रैली को इजाजत न देने के पीछे कानून व्यवस्था बिगड़न का कारण बताया है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि जिस संसद मार्ग पर मेवाणी रैली करना चाहते हैं, वहां धारा 144 लागु है और गणतंत्र दिवस की तैयारियों के मद्देनजर उनकी इस रैली को रद्द कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने साफ़ कर दिया है कि इजाजत न मिलने के बाद भी मेवाणी अगर रैली करते हैं, तो उनपर कानून उल्लंघन के तहत सख्त कार्यवाई की जाएगी। 
 
दलित नेता जिग्नेश मेवानी को दिल्ली के संसद मार्ग पर 9 जनवरी को युवा हुंकार रैली करनी थी, पर इस रैली के लिए उनको दिल्ली पुलिस द्वारा इजाजत नहीं दी गई। इस जनसभा को संसद मार्ग पर 9 जनवरी को दोपहर 12 बजे होना था, लेकिन दिल्ली पुलिस द्वारा इजाजत न मिलने के कारण यह रैली संभव नहीं हो पाई। 
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में जातीय हिंसा भड़कने के अगले ही दिन दलित नेता जिग्नेश मेवाणी और जेएनयू छात्र नेता उम्र खालिद मुंबई के विलेपार्ले स्थित भाईदास हॉल में एक छात्र सम्मेलन कार्यक्रम में हिस्सा लेने गए थे, लेकिन मुंबई पुलिस ने कानून व्यवस्था का हवाला देकर इस कार्यक्रम पर रोक लगा दी थी। इस कार्यक्रम को रोके जाने पर पुलिस और छात्रों के बीच झड़प भी हुई थी और पुलिस ने कुछ छात्रों को गिरफ्तार भी किया था।