भूकंप के झटकों से कांपा मुंबई-नाशिक, 7 घंटे में 3 बार हिली धरती
– नाशिक में रात में दो बार हिली धरती
– कई महीनों से पालघर में आ रहे भूकंप के झटके
– भारतीय उपमहाद्वीप में कई जगहों पर खतरा
बिहार विधानसभा चुनाव : 15 सितंबर तक हो सकता है तारीखों का ऐलान
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
शुक्रवार को चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि बिहार में 29 नवंबर के पहले ही सरकार बनाने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. लेकिन चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का अभी तक ऐलान नहीं किया है. माना जा रहा है कि 15 सितंबर तक बिहार विधानसभा चुनाव की तरीखों का ऐलान कर दिय जाएगा.
– 65 सीटों पर उपचुनाव भी होने हैं
बिहार विधानसभा के चुनाव के साथ-साथ 65 सीटों पर उपचुनाव भी होंगे। दरअसल, देश की एक लोकसभा और 64 विधानसभा सीटें रिक्त हैं। इन पर उपचुनाव को लेकर आज चुनाव आयोग की अहम बैठक हुई। निर्वाचन आयोग की शुक्रवार को हुई बैठक में ये तय किया गया कि विधानसभा चुनाव के साथ-साथ ही खाली सीटों पर उपचुनाव भी करा दिए जाएं। आयोग के मुताबिक, बिहार में नई विधान का गठन 29 नवंबर से पहले हो जाना है, लिहाजा उसी के मुताबिक विधानसभा चुनाव पूरे होने हैं। ऐसे में रिक्त हुई सीटों पर उपचुनाव भी बिहार विधानसभा के साथ ही होंगे। आयोग के सूत्रों के मुताबिक, 15 सितंबर के आसपास बिहार विधानसभा चुनाव के कार्यक्रमों का ऐलान हो सकता है।
– तीन चरणों में हो सकता है मतदान
बिहार में मतदान तीन चरणों में हो सकते हैं, क्योंकि कुछ इलाके बाढ़ प्रभावित हैं। 15 नवंबर से पहले विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर लेने की योजना है। उम्मीद है कि दशहरा और दिवाली के बीच के 20 दिनों के दौरान मतदान और मतगणना हो जाए, ताकि दिवाली से पहले सारा काम निपट जाए और चुनावी प्रक्रिया में लगे कर्मचारी और अधिकारी दिवाली मना सकें।
अब नहीं भरना होगा प्रॉपर्टी टैक्स, 6 महीने की माफी
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
महामारी कोरोना के काल में आर्थिक संकटों से घिरे पिंपरी चिंचवड़करों को पिंपरी चिंचवड़ मनपा ने बड़ी राहत दी है। मनपा की हालिया संपन्न हुई सर्वसाधारण सभा में पिछले 6 महिने का प्रॉपर्टी टैक्स माफ करने का फैसला किया गया है।इस बारे में जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संस्था- संगठनों द्वारा लगातार मांग की जा रही थी, जिसके चलते सर्वसाधारण सभा में एक उपसुझाव के जरिए 6 माह तक का प्रॉपर्टी टैक्स माफ करने का फैसला किया गया। यह प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए राज्य सरकार के पास भेजा गया है।
– लॉकडाउन के कारण कमजोर हुई आर्थिक स्थिति
शहर में भोसरी, पिंपरी, चिंचवड एमआयडीसी है। हिंजवडी और तलवड़े में आईटी पार्क है। इसके अलावा शहर से सटे तलेगांव, चाकण एमआईडीसी में कई छोटे बड़े कल कारखाने है। यहां रोजगार- स्वरोजगार के पर्याप्त अवसर रहने से पिंपरी चिंचवड़ में शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है। आज की तारीख में शहर की आबादी 25 लाख तक पहुंच गई है। पिंपरी चिंचवड़ मनपा के कर संकलन विभाग के पास कुल पांच लाख 30 हजार मिलकीयतें दर्ज हैं। महामारी कोरोना काल में पिंपरी चिंचवड़ की उद्योगनगरी बंद रही, बाजार बंद रहे। लोगों के हाथ से रोजगार-स्वरोजगार छीन गया।
– जनप्रतिनिधियों द्वारा की जा रही थी मांग
लोगों को आर्थिक संकट में घिरा देखकर जनप्रतिनिधियों और शहर की सामाजिक संस्था व संगठनों द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स माफ करने की मांग की जा रही थी। क्योंकि इन हालातों में प्रॉपर्टी टैक्स चुकाना संभव नहीं है। अंततः मनपा की सर्वसाधारण सभा में एक उपसुझाव के जरिये छह माह तक सभी मिलकीयतों का प्रॉपर्टी टैक्स माफ करने का फैसला किया गया है। हालांकि अभी इस पर अंतिम निर्णय बाकी है क्योंकि यह प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए राज्य सरकार के पास भेजा गया है। गौरतलब हो कि पिंपरी चिंचवड़ शहर में कुल 5 लाख 30 हजार 787 मिलकीयतें दर्ज हैं। इनमें निवासी 4 लाख 50 हजार 168, गैरनिवासी 47 हजार 9, औद्योगिक 3702, खुली जमीन 8838, संमिश्र 15 हजार 848 और 5222 अन्य मिलकीयतें शामिल हैं।
देश का सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमितों का शहर बना पुणे
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
महामारी कोरोना के संकट काल के बीच पुणे शहर देश के सबसे अधिक संक्रमित मरीजोंवाला शहर साबित हुए हैं।पुणे जिले में अब तक कुल 1.82 लाख कोरोना मरीजों की पुष्टि हो चुकी है, जो कि देश में एक शहर के लिहाज से सबसे अधिक है। देश में सबसे ज्यादा कोविड मामले जिन पांच शहरों में हैं, उनमें पुणे समेत महाराष्ट्र के तीन शहर शामिल हैं। उनमें मुंबई, चेन्नई, ठाणे, बेंगलुरु का समावेश है।
गौरतलब हो कि पुणे से ही महामारी कोरोना ने महाराष्ट्र में एंट्री की थी। सर्वाधिक संक्रमितों वाले टॉप पांच शहरों में पुणे के बाद दूसरे पायदान पर मुंबई है, जहां कुल कोविड संक्रमण के 1.48 लाख मामले सामने आए हैं। तीसरे पायदान पर चेन्नई शहर है, यहां 1.37 लाख केस मिले हैं। इसके बाद इस सूची में ठाणे जिला चौथे नंबर पर है जहां 1.35 लाख मामले दर्ज हैं। वहीं बेंगलुरु पांचवें स्थान पर है, जहां 1.35 लाख मामले सामने आए हैं।बुधवार को पुणे शहर ने दिल्ली के 1.79 लाख मरीजों की संख्या को पार कर लिया है। अब यह शहर में देश में सबसे अधिक मरीजों का शहर है।
पुणे में ही मिले थे पहले दो मरीज-
पुणे शहर से ही महाराष्ट्र में कोरोना के पहले दो मरीज मिले थे। इसके बाद में संक्रमण का प्रभाव बढ़ा तो मुंबई शहर इसकी चपेट में आ गया। मुंबई में मई, जून, जुलाई और अगस्त के महीने में संक्रमण के मामले बढ़ते रहे। जबकि पुणे में सिर्फ जुलाई महीने में इतने मामले बढ़े कि इसकी रफ्तार बेकाबू हो गई। 14 से 27 जुलाई के बीच देश में कुल 5 लाख 74 हजार 858 मामलों की पुष्टि हुई। इनमें 37 हजार 950 मरीज अकेले पुणे से थे।पुणे जिले में जितने नए केस आ रहे, उसमें बड़ा हिस्सा पुणे और पिंपरी चिंचवड़ के शहरी क्षेत्र का है.
पुणे शहर में अब तक 1.04 संक्रमित मिले-
बुधवार तक पुणे शहर में 1.04 लाख केस मिले हैं, जबकि यहां 2607 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। वहीं पुणे ग्रामीण में 27 हजार 863 कोरोना मरीज मिल चुके हैं और 745 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। वहीं पिंपरी चिंचवड़ के हिस्से में कुल 51 हजार 306 मामलों की पुष्टि हुई है और 879 लोग बीमारी के कारण जान गंवा चुके हैं।हालांकि अब तक 36 हजार 171 मरीज इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर भी लौट गए हैं। यहां पुणे मनपा आयुक्त विक्रम कुमार का कहना है कि इस शहर में हर रोज करीब 11 हजार टेस्ट कराए जा रहे हैं। इस कारण यहां पर मरीजों की संख्या सबसे अधिक है।
आखिरकार गिरफ्तार हुआ रिया का भाई शोविक और मैनेजर मिरांडा
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
आखिरकार एनसीबी ने रिया के भाई शोविक चक्रवर्ती और सैमुअल मिरांडा को गिरफ्तार कर लिया है. आज सुबह एनसीबी ने रिया के घर और कार की तलाशी लेने के बाद उसी समय मिरांडा को हिरासत में लेकर उसके घर की भी तलाशी ली थी. इसके बाद एनसीबी शोविक और मिरांडा को लेकर एनसीबी कार्यालय पहुंची. यहां कई घंटों की पूछताछ के बाद शाम को दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है. पिछले कई घंटों से शोविक चक्रवर्ती और सैमुअल मिरांडा से NCB की टीम पूछताछ कर रही थी।
सूत्रों के अनुसार शोविक को गिरफ्तार किए जाने के बाद अब रिया चक्रवर्ती से NCB द्वारा दोबारा पूछताछ की जा सकती है, आज सुबह उनके घर पर रेड पड़ने के बाद से शोविक से पूछताछ चल रही थी।
ड्रग्स की दुनिया के सिंघम है रिया के घर छापा मारने वाले समीर वानखेड़े
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में ड्रग्स एंगल की जांच कर रही नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। एनसीबी ने रिया चक्रवर्ती रॉयल पाम वाले घर और सुशांत के हाउस मैनेजर सैमुअल मिरांडा के घर बांद्रा स्थित घर पर छापेमारी की। सुबह 6.30 बजे हुई इस कार्रवाई से सभी हैरान हैं। एनसीबी ने मिरांडा और रिया के भाई शोविक को सुबह हिरासत में ले कर पूछताछ करनेे के बाद शाम तक दोनों को गिरफ्तार कर लिया है. खास बात यह थी कि रिया के घर पर हुई छापेमारी का नेतृत्व एनसीबी के तेजतर्रार अफसर ज्वाइंट डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने किया।
– कस्टम अधिकारी के रूप में करियर की शुरुआत
2004 बैच के आईपीएस समीर को एनसीबी का ‘सिंघम’ कहा जाता है। वे इसी तरह की एक्टिव छापेमारी के लिए जाने जाते हैं। मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारी के रूप में करियर शुरू करने वाले समीर वानखेड़े आंध्रप्रदेश और दिल्ली में भी एनसीबी में काम कर चुके हैं। बताया जाता है कि समीर वानखेड़े के काम करने के तरीकों की वजह से ही दो साल में अलग-अलग जगहों से करीब 18 हजार करोड़ रुपए के ड्रग बरामद की गई है। वानखेड़े इससे पहले भी बॉलीवुड में ड्रग्स एंगल की जांच कर चुके हैं। यही वजह है कि उन्हें इस केस की जिम्मेदारी सौंपी गई।
– मीका सिंह को विदेशी करंसी के साथ पकड़ा था
सूत्रों के मुताबिक, वानखेड़े के मुंबई आने के बाद बॉलीवुड के कई नामों पर शिकंजा कस सकता है। डीआरएआई में रहने के दौरान समीर इससे पहले भी कई नामचीन बॉलीवुड हस्तियों के घर पर छापेमारी कर चुके हैं। 2013 में सिंगर मीका सिंह को मुंबई एयरपोर्ट पर समीर वानखेड़े की टीम ने ही पकड़ा था। उनके पास से काफी मात्रा में विदेशी करंसी बरामद हुई थी।
29 नवंबर तक बिहार में नई सरकार का गठन!
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
इन दिनों बिहार विधानसभा पर पूरे देश की निगाहे टिकी हुई है। चर्चा है कि इसी के चलते मुंबई के सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले को महत्व भी दिया जा रहा है और बिहार के लोगों को लुभाने के लिए सुशांत मामले की जांच सीबीआई से कराई जा रही है।
जिस गति से सीबीआई जांच कर रही है, उससे लगता है कि काफी जल्द ही यह जांच अपने नतीजे पर पहुंच जाएगी। इसी बीच चुनाव आयोग ने भी बिहार विधानसभा चुनाव के साथ-साथ देश की एक लोकसभा और 65 विधानसभा सीटों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। हालांकि तारीखों की घोषणा नहीं की गई है। आयोग ने कहा है कि बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया 29 नवंबर से पहले कर ली जाएगी।
एक लोकसभा और 65 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव-
चुनाव आयोग ने कहा, आयोग ने निर्णय लिया है कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान देश की एक लोकसभा सीट और 65 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव कराए जाएंगे। उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव को एक साथ कराने के पीछे की वजह कानून व्यवस्था और संबंधित रसद की आसानी से आवाजाही सुनिश्चित करना है।
आगामी दो महीने तक NPA नहीं, मोरेटोरियम पर सुप्रीम कोर्ट ने दी राहत
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
लोन मोरेटोरियम के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने लोगों को अंतरिम राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर अगस्त तक कोई बैंक लोन अकाउंट एनपीए घोषित नहीं है, तो उसे अगले दो महीने तक भी एनपीए घोषित न किया जाए। लोन मोरेटोरियम मामले में अब सुनवाई अगले हफ्ते 10 सितंबर को जारी रहेगी। आज सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियां काफी महत्वपूर्ण रहीं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार लोन न चुका पाने पर किसी पर जबरन कार्रवाई न करे।
– कर्जदार की रेटिंग होती है खराब
बता दें कि अगर किसी लोन की ईएमआई लगातार तीन महीने तक न जमा की जाए तो बैंक उसे एनपीए यानी गैर निष्पादित परिसंपत्ति घोषित कर देते हैं। एनपीए का मतलब यह है कि बैंक उसे फंसा हुआ कर्ज मान लेते हैं। ऐसे कर्जधारकों की रेटिंग खराब हो जाती है और आगे उन्हें लोन मिलने में काफी दिक्कत होती है।
– ब्याज माफ करना नुकसानदेह होगा
केंद्र सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि अगर ऋण रियायत अवधि का ब्याज माफ कर दिया गया तो यह नुकसानदेह साबित होगा। इससे बैंकों की सेहत खराब हो जाएगी। बैंक कमजोर पड़ जाएंगे, जो कि अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने और संकटग्रस्त परिसंपत्तियों का पुनर्निर्माण करने के लिए मजबूत बैंकों का होना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न प्रकार के बैंक हैं, एनबीएफसी भी हैं। कोविड-19 का प्रभाव विभिन्न क्षेत्रों पर अलग-अलग है। उन्होंने ये बातें उस वक्त कहीं जब रियल एस्टेट, बिजली क्षेत्र, पर्यटन, एमएसएमई और अन्य उद्योगों की ओर से कहा गया कि मार्च के बाद से आय कम होती जा रही है, ऐसे में मोरेटोरियम (रियायत) अवधि के लिए ब्याज वसूलना अनुचित और अतार्किक है।
– परिसम्पत्तियों का पुनर्गठन हो
मेहता ने पीठ से कहा कि हम यहां प्रतिकूल वाद को लेकर नहीं हैं। आप यहां हैं। हम सब यहां हैं। सभी संकट का समाधान निकालने के लिए हैं। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए कुछ विकल्प उपलब्ध हैं। पहला, ब्याज को माफ करना। दूसरा, व्यापक है। इसके तहत पहला कदम ऋणों के पुनर्भुगतान के बोझ को कम करना होगा। अगली प्राथमिकता विभिन्न क्षेत्रों को फिर से पटरी पर लाने की है ताकि अर्थव्यवस्था चलती रहे। परिसंपत्तियों का पुनर्गठन हो और फिर बैंकिंग क्षेत्र सुचारू तरीके से काम करें।
उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रकार के ऋण और कर्जदाताओं से निपटने के लिए अलग-अलग बैंक हैं। अधिकांश अर्थव्यवस्था बड़े कॉरपोरेट्स पर नहीं, बल्कि छोटे व्यवसायों पर चलती है। मोरेटोरियम बढ़ाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट में बृहस्पतिवार को भी सुनवाई होगी।
Kangana Ranaut के बिंदास बोल, “ 9 तारीख़ को मुंबई आ रही हूँ, किसी के बाप में हिम्मत है तो रोक ले”
हर चुनौती से निपटने तैयार हैं हमारे जवान, आर्मी चीफ ने की हौसला अफजाई
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
भारत और चीन के बीच पिछले कुछ महीनों से जारी तनाव के बीच आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे पिछले दो दिनों से लेह के दौरे पर है. यहां उन्होंने सेना के जवान की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि हमारेे जवान दुनिया के सबसे बेहतरीन जवान हैं और सीमा पर हर स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा है कि एलएसी पर हालात थोड़े तनावपूर्ण हैं। इसलिए हमने एहतियात के तौर पर जवान तैनात किए हैं, ताकि अपनी सीमाओं की सुरक्षा कर सकें। हमारे जवानों का मनोबल ऊंचा है, वे हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं।
आर्मी चीफ ने कहा कि, मैंने कई इलाकों का दौरा किया। अफसरों से बात कर तैयारियों का जायजा भी लिया। मैं फिर कहूंगा कि हमारे अफसर और जवान दुनिया में सबसे बेहतर हैं। वे न सिर्फ आर्मी का बल्कि देश गौरव भी बढ़ाएंगे। जनरल नरवणे ने बताया कि पिछले 2-3 महीनों से हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं, लेकिन हम चीन के साथ मिलिट्री और डिप्लोमेटिक लेवल पर लगातार बातचीत कर रहे हैं। यह प्रोसेस आगे भी जारी रहेगा। हमें भरोसा है कि बातचीत से विवाद सुलझा लेंगे। यह तय करेंगे कि एलएसी पर यथास्थिति बनी रहे।
पैंगॉन्ग झील के दक्षिण छोर पर स्थित एक पहाड़ी पर चीन ने कब्जे की कोशिश की थी, लेकिन भारतीय जवानों ने नाकाम कर दी। उसके बाद 31 अगस्त को चीन ने उकसावे की कार्रवाई की और 1 सितंबर को फिर से घुसपैठ की कोशिश की, लेकिन चीन हर बार नाकाम रहा। इस बीच भारतीय सेना ने विवादित इलाके में कब्जा करते हुए अपना दबदबा बना लिया।

















