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Monday, August 3, 2026
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देश का सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमितों का शहर बना पुणे

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

महामारी कोरोना के संकट काल के बीच पुणे शहर देश के सबसे अधिक संक्रमित मरीजोंवाला शहर साबित हुए हैं।पुणे जिले में अब तक कुल 1.82 लाख कोरोना मरीजों की पुष्टि हो चुकी है, जो कि देश में एक शहर के लिहाज से सबसे अधिक है। देश में सबसे ज्यादा कोविड मामले जिन पांच शहरों में हैं, उनमें पुणे समेत महाराष्ट्र के तीन शहर शामिल हैं। उनमें मुंबई, चेन्नई, ठाणे, बेंगलुरु का समावेश है।

गौरतलब हो कि पुणे से ही महामारी कोरोना ने महाराष्ट्र में एंट्री की थी। सर्वाधिक संक्रमितों वाले टॉप पांच शहरों में पुणे के बाद दूसरे पायदान पर मुंबई है, जहां कुल कोविड संक्रमण के 1.48 लाख मामले सामने आए हैं। तीसरे पायदान पर चेन्नई शहर है, यहां 1.37 लाख केस मिले हैं। इसके बाद इस सूची में ठाणे जिला चौथे नंबर पर है जहां 1.35 लाख मामले दर्ज हैं। वहीं बेंगलुरु पांचवें स्थान पर है, जहां 1.35 लाख मामले सामने आए हैं।बुधवार को पुणे शहर ने दिल्ली के 1.79 लाख मरीजों की संख्या को पार कर लिया है। अब यह शहर में देश में सबसे अधिक मरीजों का शहर है।

पुणे में ही मिले थे पहले दो मरीज-

पुणे शहर से ही महाराष्ट्र में कोरोना के पहले दो मरीज मिले थे। इसके बाद में संक्रमण का प्रभाव बढ़ा तो मुंबई शहर इसकी चपेट में आ गया। मुंबई में मई, जून, जुलाई और अगस्त के महीने में संक्रमण के मामले बढ़ते रहे। जबकि पुणे में सिर्फ जुलाई महीने में इतने मामले बढ़े कि इसकी रफ्तार बेकाबू हो गई। 14 से 27 जुलाई के बीच देश में कुल 5 लाख 74 हजार 858 मामलों की पुष्टि हुई। इनमें 37 हजार 950 मरीज अकेले पुणे से थे।पुणे जिले में जितने नए केस आ रहे, उसमें बड़ा हिस्सा पुणे और पिंपरी चिंचवड़ के शहरी क्षेत्र का है.

पुणे शहर में अब तक 1.04 संक्रमित मिले-

बुधवार तक पुणे शहर में 1.04 लाख केस मिले हैं, जबकि यहां 2607 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। वहीं पुणे ग्रामीण में 27 हजार 863 कोरोना मरीज मिल चुके हैं और 745 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। वहीं पिंपरी चिंचवड़ के हिस्से में कुल 51 हजार 306 मामलों की पुष्टि हुई है और 879 लोग बीमारी के कारण जान गंवा चुके हैं।हालांकि अब तक 36 हजार 171 मरीज इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर भी लौट गए हैं। यहां पुणे मनपा आयुक्त विक्रम कुमार का कहना है कि इस शहर में हर रोज करीब 11 हजार टेस्ट कराए जा रहे हैं। इस कारण यहां पर मरीजों की संख्या सबसे अधिक है।

आखिरकार गिरफ्तार हुआ रिया का भाई शोविक और मैनेजर मिरांडा

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

आखिरकार एनसीबी ने रिया के भाई शोविक चक्रवर्ती और सैमुअल मिरांडा को गिरफ्तार कर लिया है. आज सुबह एनसीबी ने रिया के घर और कार की तलाशी लेने के बाद उसी समय मिरांडा को हिरासत में लेकर उसके घर की भी तलाशी ली थी. इसके बाद एनसीबी शोविक और मिरांडा को लेकर एनसीबी कार्यालय पहुंची. यहां कई घंटों की पूछताछ के बाद शाम को दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है. पिछले कई घंटों से शोविक चक्रवर्ती और सैमुअल मिरांडा से NCB की टीम पूछताछ कर रही थी।

सूत्रों के अनुसार शोविक को गिरफ्तार किए जाने के बाद अब रिया चक्रवर्ती से NCB द्वारा दोबारा पूछताछ की जा सकती है, आज सुबह उनके घर पर रेड पड़ने के बाद से शोविक से पूछताछ चल रही थी।

ड्रग्स की दुनिया के सिंघम है रिया के घर छापा मारने वाले समीर वानखेड़े

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में ड्रग्स एंगल की जांच कर रही नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। एनसीबी ने रिया चक्रवर्ती रॉयल पाम वाले घर और सुशांत के हाउस मैनेजर सैमुअल मिरांडा के घर बांद्रा स्थित घर पर छापेमारी की। सुबह 6.30 बजे हुई इस कार्रवाई से सभी हैरान हैं। एनसीबी ने मिरांडा और रिया के भाई शोविक को सुबह हिरासत में ले कर पूछताछ करनेे के बाद शाम तक दोनों को गिरफ्तार कर लिया है. खास बात यह थी कि रिया के घर पर हुई छापेमारी का नेतृत्व एनसीबी के तेजतर्रार अफसर ज्वाइंट डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने किया।

– कस्टम अधिकारी के रूप में करियर की शुरुआत
2004 बैच के आईपीएस समीर को एनसीबी का ‘सिंघम’ कहा जाता है। वे इसी तरह की एक्टिव छापेमारी के लिए जाने जाते हैं। मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारी के रूप में करियर शुरू करने वाले समीर वानखेड़े आंध्रप्रदेश और दिल्ली में भी एनसीबी में काम कर चुके हैं। बताया जाता है कि समीर वानखेड़े के काम करने के तरीकों की वजह से ही दो साल में अलग-अलग जगहों से करीब 18 हजार करोड़ रुपए के ड्रग बरामद की गई है। वानखेड़े इससे पहले भी बॉलीवुड में ड्रग्स एंगल की जांच कर चुके हैं। यही वजह है कि उन्हें इस केस की जिम्मेदारी सौंपी गई।

– मीका सिंह को विदेशी करंसी के साथ पकड़ा था
सूत्रों के मुताबिक, वानखेड़े के मुंबई आने के बाद बॉलीवुड के कई नामों पर शिकंजा कस सकता है। डीआरएआई में रहने के दौरान समीर इससे पहले भी कई नामचीन बॉलीवुड हस्तियों के घर पर छापेमारी कर चुके हैं। 2013 में सिंगर मीका सिंह को मुंबई एयरपोर्ट पर समीर वानखेड़े की टीम ने ही पकड़ा था। उनके पास से काफी मात्रा में विदेशी करंसी बरामद हुई थी।

 

29 नवंबर तक बिहार में नई सरकार का गठन!

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
इन दिनों बिहार विधानसभा पर पूरे देश की निगाहे टिकी हुई है। चर्चा है कि इसी के चलते मुंबई के सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले को महत्व भी दिया जा रहा है और बिहार के लोगों को लुभाने के लिए सुशांत मामले की जांच सीबीआई से कराई जा रही है।
जिस गति से सीबीआई जांच कर रही है, उससे लगता है कि काफी जल्द ही यह जांच अपने नतीजे पर पहुंच जाएगी। इसी बीच चुनाव आयोग ने भी बिहार विधानसभा चुनाव के साथ-साथ देश की एक लोकसभा और 65 विधानसभा सीटों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। हालांकि तारीखों की घोषणा नहीं की गई है। आयोग ने कहा है कि बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया 29 नवंबर से पहले कर ली जाएगी।
एक लोकसभा और 65 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव-
चुनाव आयोग ने कहा, आयोग ने निर्णय लिया है कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान देश की एक लोकसभा सीट और 65 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव कराए जाएंगे। उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव को एक साथ कराने के पीछे की वजह कानून व्यवस्था और संबंधित रसद की आसानी से आवाजाही सुनिश्चित करना है।

आगामी दो महीने तक NPA नहीं, मोरेटोरियम पर सुप्रीम कोर्ट ने दी राहत

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
लोन मोरेटोरियम के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने लोगों को अंतरिम राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर अगस्त तक कोई बैंक लोन अकाउंट एनपीए घोषित नहीं है, तो उसे अगले दो महीने तक भी एनपीए घोषित न किया जाए। लोन मोरेटोरियम मामले में अब सुनवाई अगले हफ्ते 10 सितंबर को जारी रहेगी। आज सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियां काफी महत्वपूर्ण रहीं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार लोन न चुका पाने पर किसी पर जबरन कार्रवाई न करे।
– कर्जदार की रेटिंग होती है खराब
बता दें ​कि अगर किसी लोन की ईएमआई लगातार तीन महीने तक न जमा की जाए तो बैंक उसे एनपीए यानी गैर निष्पादित परिसंपत्ति घोषित कर देते हैं। एनपीए का मतलब यह है कि बैंक उसे फंसा हुआ कर्ज मान लेते हैं। ऐसे कर्जधारकों की रेटिंग खराब हो जाती है और आगे उन्हें लोन मिलने में काफी दिक्कत होती है।
– ब्याज माफ करना नुकसानदेह होगा
केंद्र सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि अगर ऋण रियायत अवधि का ब्याज माफ कर दिया गया तो यह नुकसानदेह साबित होगा। इससे बैंकों की सेहत खराब हो जाएगी। बैंक कमजोर पड़ जाएंगे, जो कि अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने और संकटग्रस्त परिसंपत्तियों का पुनर्निर्माण करने के लिए मजबूत बैंकों का होना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न प्रकार के बैंक हैं, एनबीएफसी भी हैं। कोविड-19 का प्रभाव विभिन्न क्षेत्रों पर अलग-अलग है। उन्होंने ये बातें उस वक्त कहीं जब रियल एस्टेट, बिजली क्षेत्र, पर्यटन, एमएसएमई और अन्य उद्योगों की ओर से कहा गया कि मार्च के बाद से आय कम होती जा रही है, ऐसे में मोरेटोरियम (रियायत) अवधि के लिए ब्याज वसूलना अनुचित और अतार्किक है।
– परिसम्पत्तियों का पुनर्गठन हो
मेहता ने पीठ से कहा कि हम यहां प्रतिकूल वाद को लेकर नहीं हैं। आप यहां हैं। हम सब यहां हैं। सभी संकट का समाधान निकालने के लिए हैं। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए कुछ विकल्प उपलब्ध हैं। पहला, ब्याज को माफ करना। दूसरा, व्यापक है। इसके तहत पहला कदम ऋणों के पुनर्भुगतान के बोझ को कम करना होगा। अगली प्राथमिकता विभिन्न क्षेत्रों को फिर से पटरी पर लाने की है ताकि अर्थव्यवस्था चलती रहे। परिसंपत्तियों का पुनर्गठन हो और फिर बैंकिंग क्षेत्र सुचारू तरीके से काम करें।
उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रकार के ऋण और कर्जदाताओं से निपटने के लिए अलग-अलग बैंक हैं। अधिकांश अर्थव्यवस्था बड़े कॉरपोरेट्स पर नहीं, बल्कि छोटे व्यवसायों पर चलती है। मोरेटोरियम बढ़ाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट में बृहस्पतिवार को भी सुनवाई होगी।

Kangana Ranaut के बिंदास बोल, “ 9 तारीख़ को मुंबई आ रही हूँ, किसी के बाप में हिम्मत है तो रोक ले”

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
 
शिवसेना नेता संजय राउत और अभिनेत्री कंगना रनौत के बीच का विवाद गरमाता ही जा रहा है। नाराज़ कंगना अब बग़ावती तेवर में नज़र आ रही हैं। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि मुम्बई किसी के बाप की जागीर नहीं है और वे किसी से डरती नहीं हैं। 
 
शिवसेना नेता संजय राउत का बयान अक्सर विवाद की वजह बन जाता है। इस बार अभिनेत्री कंगना रनौत से पंगा लेना उन्हें भारी पड़ता दिख रहा है। कंगना ने ट्वीट कर संजय राउत पर निशाना साधा। उन्होंने बिना नाम लिखे ट्वीट किया, “कुछ लोग इन दिनों मुझे बहुत धमका रहे हैं। कह रहे हैं मुम्बई वापस मत आना। उनसे मैं कहना चाहती हूँ कि आगामी 9 सितम्बर को मैं मुम्बई पहुँच रही हूँ। किसी के बाप में हिम्मत है तो मुझे रोक के दिखाए।”
बॉलीवुड में एंटी कंगना ब्रिगेड तैयार-
अपने एक ट्वीट में कंगना ने मुंबई की तुलना पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK)  से कर डाली, जिसके बाद बॉलीवुड सेलेब्स की नाराजगी बाहर आई और इस मसले पर सोशल मीडिया पर ही सेलेब्स ने ‘पंगा गर्ल’ को आड़े हाथों लिया। मुंबई वापस न आने की धमकियों के बीच कंगना ने फिर एक ट्वीट किया है और धमकी देने वालों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए बताया कि वह मुंबई वापस आ रही हैं। 
 
संजय राउत पड़े नरम-
हालाँकि शुक्रवार को जब संजय राउत से कंगना विवाद पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि कंगना एक महिला है, हम किसी महिला का अपमान क्यों करेंगे। लेकिन कंगना किसी का भी अपमान करे तो चलता है क्या ? 
 
कंगना पिछले कई महीने से सुशांत सिंह के मामले में अपने खुले विचार रख रही हैं, जिसमें उन्होंने बॉलीवुड को  काफ़ी खरी-खोटी सुनाई है। जिसको लेकर बॉलीवुड का एक खेमा उनसे काफ़ी नाराज़ है। 

हर चुनौती से निपटने तैयार हैं हमारे जवान, आर्मी चीफ ने की हौसला अफजाई

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

भारत और चीन के बीच पिछले कुछ महीनों से जारी तनाव के बीच आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे पिछले दो दिनों से लेह के दौरे पर है. यहां उन्होंने सेना के जवान की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि हमारेे जवान दुनिया के सबसे बेहतरीन जवान हैं और सीमा पर हर स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा है कि एलएसी पर हालात थोड़े तनावपूर्ण हैं। इसलिए हमने एहतियात के तौर पर जवान तैनात किए हैं, ताकि अपनी सीमाओं की सुरक्षा कर सकें। हमारे जवानों का मनोबल ऊंचा है, वे हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं।

आर्मी चीफ ने कहा कि, मैंने कई इलाकों का दौरा किया। अफसरों से बात कर तैयारियों का जायजा भी लिया। मैं फिर कहूंगा कि हमारे अफसर और जवान दुनिया में सबसे बेहतर हैं। वे न सिर्फ आर्मी का बल्कि देश गौरव भी बढ़ाएंगे। जनरल नरवणे ने बताया कि पिछले 2-3 महीनों से हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं, लेकिन हम चीन के साथ मिलिट्री और डिप्लोमेटिक लेवल पर लगातार बातचीत कर रहे हैं। यह प्रोसेस आगे भी जारी रहेगा। हमें भरोसा है कि बातचीत से विवाद सुलझा लेंगे। यह तय करेंगे कि एलएसी पर यथास्थिति बनी रहे।

पैंगॉन्ग झील के दक्षिण छोर पर स्थित एक पहाड़ी पर चीन ने कब्जे की कोशिश की थी, लेकिन भारतीय जवानों ने नाकाम कर दी। उसके बाद 31 अगस्त को चीन ने उकसावे की कार्रवाई की और 1 सितंबर को फिर से घुसपैठ की कोशिश की, लेकिन चीन हर बार नाकाम रहा। इस बीच भारतीय सेना ने विवादित इलाके में कब्जा करते हुए अपना दबदबा बना लिया।

SSR Case : NCB ने सैमुअल मिरांडा को हिरासत में लिया, रिया के घर की तलाशी

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
  •  सुबह 6:30 बजे रिया के घर पहुंची एनसीबी
  • अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया है
  • गिरफ्तार आरोपियों ने रिया, शोविक और मिरांडा से कनेक्शन कबूले
सुशांत सिंह राजपूत की मौत का राज गहराता जा रहा है. रोज ही नए नए खुलासे हो रहे हैं और रिया गैंग के झूठ एक के बाद एक पकड़े जा रहे हैं. जांच का एंगल इन दिनों अम्लीय पदार्थों की ओर मुड़ चुका है. इस मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने एक्टर के मैनेजर रहे सैमुअल मिरांडा को हिरासत में ले लिया है। इससे पहले मिरांडा के घर तलाशी ली गई थी। उधर, एनसीबी की एक टीम रिया चक्रवर्ती के घर भी तलाशी ले रही है। एनसीबी ने ड्रग्स के मामले में जैद विलात्रा समेत अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए इन पांचों आरोपियों ने रिया, शोविक और मिरांडा से कनेक्शन की बात कबूली है।
– शोविक की भी हो सकती है गिरफ्तारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनसीबी की 2 टीमें सुबह 6:30 बजे रिया के घर पहुंची थीं। जांच एजेंसी के अफसर केपीएस मल्होत्रा ने बताया कि ड्रग्स मामले में यह जांच चल रही है। एनसीबी की टीम ने रिया और सैमुअल घर पर मोबाइल, हार्ड डिस्क और लैपटॉप की जांच की। रिया की कार की भी तलाशी ली गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चक्रवर्ती परिवार टीम के साथ सहयोग कर रहा है। ऐसा बताया जा रहा हि कि छापेमारी के बाद शोविक को गिरफ्तार किया जा सकता है। एनसीबी ऑपरेशन सेल के डिप्टी डायरेक्टर केपीएस मल्होत्रा ने कहा, ‘ये सब एक प्रक्रिया के तहत हो रहा है। हम शोविक और सैमुअल के घर की जांच कर रहे हैं।’
– जैद विलात्रा की 9 दिन की रिमांड मिली
एनसीबी ने ड्रग्स कनेक्शन के मामले में अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। गुरुवार को जैद विलात्रा को कोर्ट में पेश किया गया था। एनसीबी ने कोर्ट से 10 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन 9 दिन की रिमांड मिली। जैद को एक सितंबर को मुंबई से गिरफ्तार किया गया था।
– अब्दुल बासित-जैद ने लिया रिया और शोविक का नाम
एनसीबी ने ड्रग्स के मामले में अब्दुल बासित परिहार को भी गिरफ्तार किया है। सूत्रों को मुताबिक, बासित और जैद का संबंध रिया के सहयोगी सैमुअल मिरांडा से भी रहा है। ऐसा बताया जा रहा है कि इन लोगों ने पूछताछ में रिया और उनके भाई शोविक का नाम लिया है।

पुणे : एम्बुलेंस के अभाव में कोरोनाग्रस्त पत्रकार की हुई मौत, उपमुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
समय पर इलाज और एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण पुणे में एक कोरोना ग्रस्त टीवी पत्रकार का बुधवार के तड़के देहांत हो गया। पांडुरंग रायकर (42) का जुकाम और बुखार के चलते टेस्ट किया गया था। 28 अगस्त को उनके कोरोनाग्रस्त रहने की पुष्टि हुई थी। इस दौरान वे अपने पैतृक घर अहमदनगर में थे। यहां सांस लेने में दिक्कत के बाद उन्हें एम्बुलेंस द्वारा पुणे लाया गया। पुणे में वे लगातार हॉस्पिटल के चक्कर काटते रहे, लेकिन उन्हें किसी ने भर्ती नहीं किया। आखिरकार उन्हें एक जंबो अस्थाई कोविड हॉस्पिटल में एक बेड मिला। मगर मंगलवार को उनकी तबियत बिगड़ी और बुधवार के तड़के उन्होंने दम तोड़ दिया।
– कार्डियक एम्बुलेंस की व्यवस्था नहीं
पुणे जैसे शहर में एक वरिष्ठ पत्रकार को एंबुलेंस और अस्पताल में बेड न मिलने के चलते अपनी जान से हाथ धोना पड़ा, इस खबर से न केवल पुणे जिले बल्कि पूरे राज्य में खलबली मच गई है। पत्रकार रायकर की बहन ने मीडिया के साथ की गई बातचीत में आरोप लगाया कि उन्हें कार्डियक एम्बुलेंस नहीं मिलने के कारण एक साधारण एम्बुलेंस में अहमदनगर से पुणे लाना पड़ा और इलाज में देरी हुई। कई अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद जंबो अस्थाई कोविड हॉस्पिटल में बेड तो मिल गया मगर सही इलाज नहीं मिल सका जिसके चलते पत्रकार पांडुरंग रायकर की मृत्यु हुई है। उनकी बहन ने यह भी कहा, यहां डॉक्टरों को प्रशिक्षित नहीं किया गया है। सरकार ने करोड़ों की कीमत वाले केंद्र बनाए। लेकिन मरीजों को हॉस्पिटल तक शिफ्ट करने के लिए कार्डियक एम्बुलेंस की व्यवस्था नहीं की गई, इस कारण पांडुरंग की मृत्यु हो गई।
– भाजपा नेता नीतेश राणे ने मांगा सीएम से इस्तीफा
मूल रूप से अहमदनगर जिले के रहने वाले 42 वर्षीय पांडुरंग रायकर, अपने पीछे माता-पिता, पत्नी, पुत्र और पुत्री को इस दुनिया में छोड़ कर चले गए हैं। रायकर पिछले कई साल से एक मराठी न्यूज चैनल के लिए काम कर रहे थे। उनके निधन के बाद भाजपा नेता भाजपा नेता नीतेश राणे ने महाविकास अघाड़ी सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने ट्वीट किया है कि पुणे में पत्रकार का मर्डर हुआ? महाराष्ट्र सरकार की ढिलाई की वजह से उन्होंने अपनी जान गंवा दी। कोरोना के इस काल में पत्रकार भी सुरक्षित नहीं है। इस कोविड केंद्र का उद्घाटन करने वाले सीएम उद्धव ठाकरे इस्तीफा देकर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करें।
– पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने भी शोक व्यक्त किया
पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने पांडुरंग के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से इस संबंध में चर्चा करने की बात कही है। फडणवीस ने ट्विटर लिखा-कोरोना के कारण पुणे से पांडुरंग रायकर का आकस्मिक निधन बेहद दर्दनाक है। उन्हें मेरी हार्दिक श्रद्धांजलि! हम परिवार और रिश्तेदारों के दुःख में शामिल हैं। इस मामले में उपमुख्यमंत्री और पुणे जिले के पालकमंत्री अजित पवार ने जांच का आदेश दे दिया है। स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने भी इस मामले में जांच और कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए है।
– कोपरगांव में अस्पताल ने इलाज से पहले मांगे 40 हजार रुपए 
पांडुरंग रायकर कुछ दिनों पहले सर्दी और बुखार से पीड़ित होने थे, लेकिन उनकी कोरोना परीक्षण रिपोर्ट नकारात्मक थी। 28 अगस्त को, पांडुरंग रायकर अहमदनगर जिले के कोपरगांव के अपने गृह नगर गए।  लेकिन वहां भी, उन्हें समस्याएं होने लगीं और उनका एंटीजन टेस्ट किया गया। उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव  आई। उन्हें आगे के इलाज के लिए कोपरगांव के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल ने उसे 40 हजार रुपये जमा करने को कहा।  लेकिन उच्च लागत के कारण, उन्हें पुणे के शिवाजीनगर में नव स्थापित जंबो कोविड़  केयर सेंटर में भर्ती कराया गया। उन पर  जगह पर इलाज शुरू किया।  हालांकि, उनकी हालत खराब हो गई।
– एम्बुलेंस मिलने तक सुबह साढ़े पांच बजे तक हो चुकी थी पत्रकार की मौत 
उन्हें जम्बो अस्पताल से दूसरे अस्पताल में ले जाने के लिए कार्डियक एम्बुलेंस की जरूरत थी। क्योंकि मंगलवार को उनका ऑक्सीजन स्तर घटकर 78 हो गया था। ऐसी एम्बुलेंस प्राप्त करने का प्रयास मंगलवार से शुरू हो रहा था। मंगलवार रात एक एम्बुलेंस मिली। हालांकि, इसमें लगे वेंटिलेटर ठीक नहीं होने की बात कही गई थी। तो  दूसरी एम्बुलेंस में डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे।  दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल ने बताया कि तड़के 5 बजे एक एम्बुलेंस उपलब्ध हुई।  पत्रकार और उनके दोस्त जंबो अस्पताल पहुंचे तब डॉक्टरों ने कहा कि उनकी मृत्यु  5.30 बजे हुई। कुछ ही समय बाद, एक कार्डियक एम्बुलेंस जंबो अस्पताल पहुंची, लेकिन तब तक समय बीत चुका था।
– जिस जम्बो अस्पताल की खबर बनाई थी, अस्पताल में तोड़ा दम 
इस बीच, पिछले छह महीनों में, पांडुरंग रायकर ने कोरोना  के बारे में बहुत सारी खबरें बनाई हैं।  इसमें यह भी शामिल है कि CEOP मैदान में एक जंबो कोविड़  केंद्र स्थापित किया जाएगा। आज उसी अस्पताल में उन पर मौत का सामना करने का समय आ गया। चर्चा है कि एक पत्रकार भ्रष्ट तंत्र का शिकार हुआ है।
– जम्बो अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी
इस बीच पुणे मनपा ने खुलासा किया है कि कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग में बने अस्थाई जंबो अस्पताल में केवल 30 आईसीयू बेड ही बचे हैं। इस हॉस्पिटल का निर्माण गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए अस्थाई रूप से किया गया था। यहां 600 ऑक्सीजन बेड और 200 आईसीयू बेड थे। ये सभी लगभग फुल होने की कगार पर हैं। इसके अलावा यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की भी भारी कमी है। इसलिए अब नए मरीजों को यहां भर्ती नहीं किया जा रहा है।
 पत्रकार संघ ने मुख्यमंत्री से की दोषियों पर कार्यवाही की मांग
एक कार्डियक एम्बुलेंस ना मिलने के कारण पुणे में पत्रकार पांडुरंग रायकर की मृत्यु हो गई। पांडुरंग  प्रशासन की सांठ-गांठ और असंवेदनशीलता का शिकार हुए हैं। ऐसा आरोप पुणे श्रमिक पत्रकार संघ द्वारा लगाया गया है। साथ ही इस मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग संघ द्वारा मुख्यमंत्री से की गई है।
पुणे श्रमिक संघकार संघ द्वारा की गई ये मांगे
  1. पूरे मामले की पूरी जांच समय पर (अगले 2-3 दिनों में) की जानी चाहिए।  अस्पताल की व्यवस्था की देखरेख करने वाले अधिकारियों, प्रबंधन और एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
  2. सभी पत्रकार फिल्ड पर अपनी जान जोखिम में डालकर मैदान पर काम कर रहे है। पत्रकारों को 50 लाख रुपये के बीमा कवर का आश्वासन राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने बयान 3 जून को बुलढाणा में एक संवाददाता सम्मेलन में दिया था। पांडुरंग को  इस मामले में, निर्णय को लागू किया जाना चाहिए और उनके उत्तराधिकारियों को तत्काल भुगतान किया जाना चाहिए।
  3. इस अवसर पर, पूरे सिस्टम की सीमाएं सामने आई हैं। रोगियों के जीवन को बचाने के लिए सभी आवश्यक सुधार करें।

चिंचियाँ रहा चीन, भारतीय जवानों ने सिखाया सबक़, Black Top पर भारत का क़ब्ज़ा

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
एलएसी पर भारत ने कड़ा रूख दिखाते हुए चीनी मंसूबों पर पानी फेर दिया है। गत दिनों जब चीनी सैनिकों ने पेंगोंग झील के पास घुसपैठ की कोशिश की, तब भारतीय जवानों ने उन्हें खदेड़ दिया, उसके बाद से ही सीमा पर माहौल गर्म है। हालाँकि चीनी गीदड़ भभकी से बाज़ नहीं आ रहे। लद्दाख़ स्थित पेंगोंग झील के पास हुई झड़प की वजह से दोनों देशों के बीच तनाव इस समय अपने चरम पर है।
सेना से जुड़े सूत्रों की मानें तो भारतीय सेना ने दक्षिण पेंगोंग झील के पास सभी पहाड़ियों को अपने कब्जे में ले लिया है। इनमें ब्लैक टॉप भी शामिल है। अब चीन की हरकतों के मद्देनजर भारत ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। भारत अब कूटनीतिक बातचीत के साथ एलएसी पर चीन के खिलाफ आक्रामक तेवर भी दिखाएगा।
आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि चीन ने दोनों देशों के बीच बनी आम सहमति का पालन नहीं किया। सूत्रों के मुताबिक़, चीन बातचीत की आड़ में उन इलाक़ों पर क़ब्ज़ा करना चाहता था, जहाँ नो मैंस लैण्ड बनाने पर सहमति बनी है। भारत ने चीन की मंशा को भांपते हुए पहले ही अहम चोटियों पर अपनी स्थिति मजबूत करने की योजना बनाई। भारत के पलटवार से चीन बौखलाया हुआ है। चीन ने भारत को 1962 से भी ज्यादा तबाही की धमकी दी है।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि चीन के साथ सीमा पर तनाव बढ़ रहा है। सूत्र ने बताया, ‘हमने उनके स्थान में प्रवेश नहीं किया है, लेकिन हमारी पोस्ट पर चीनी सैनिक हावी हैं। स्थिति तनावपूर्ण है।’ सूत्र ने कहा, ‘भारत पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमा सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। हमें उम्मीद है कि चीन अब शांतिपूर्ण सीमा समाधान के लिए पहल करेगा।’
सीमा पर तनाव के बीच भारत-चीन की सेनाओं के ब्रिगेड कमांडर लेवल के अफसर आज लगातार तीसरे दिन बातचीत कर रहे हैं। ये मीटिंग चुशूल सेक्टर में एलएसी से 20 किलोमीटर दूर स्थित मॉल्दो में हो रही है। इससे पहले भारत ने चीन से दो टूक कहा है कि वह अपने फ्रंटलाइन सैनिकों को काबू में रखे। उधर, चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने 1962 का युद्ध याद दिलाते हुए धमकी दी है कि चीनी सेना से भारत अपनी रक्षा नहीं कर सकता।