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Wednesday, September 9, 2026
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SSR Case : NCB ने सैमुअल मिरांडा को हिरासत में लिया, रिया के घर की तलाशी

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
  •  सुबह 6:30 बजे रिया के घर पहुंची एनसीबी
  • अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया है
  • गिरफ्तार आरोपियों ने रिया, शोविक और मिरांडा से कनेक्शन कबूले
सुशांत सिंह राजपूत की मौत का राज गहराता जा रहा है. रोज ही नए नए खुलासे हो रहे हैं और रिया गैंग के झूठ एक के बाद एक पकड़े जा रहे हैं. जांच का एंगल इन दिनों अम्लीय पदार्थों की ओर मुड़ चुका है. इस मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने एक्टर के मैनेजर रहे सैमुअल मिरांडा को हिरासत में ले लिया है। इससे पहले मिरांडा के घर तलाशी ली गई थी। उधर, एनसीबी की एक टीम रिया चक्रवर्ती के घर भी तलाशी ले रही है। एनसीबी ने ड्रग्स के मामले में जैद विलात्रा समेत अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए इन पांचों आरोपियों ने रिया, शोविक और मिरांडा से कनेक्शन की बात कबूली है।
– शोविक की भी हो सकती है गिरफ्तारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनसीबी की 2 टीमें सुबह 6:30 बजे रिया के घर पहुंची थीं। जांच एजेंसी के अफसर केपीएस मल्होत्रा ने बताया कि ड्रग्स मामले में यह जांच चल रही है। एनसीबी की टीम ने रिया और सैमुअल घर पर मोबाइल, हार्ड डिस्क और लैपटॉप की जांच की। रिया की कार की भी तलाशी ली गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चक्रवर्ती परिवार टीम के साथ सहयोग कर रहा है। ऐसा बताया जा रहा हि कि छापेमारी के बाद शोविक को गिरफ्तार किया जा सकता है। एनसीबी ऑपरेशन सेल के डिप्टी डायरेक्टर केपीएस मल्होत्रा ने कहा, ‘ये सब एक प्रक्रिया के तहत हो रहा है। हम शोविक और सैमुअल के घर की जांच कर रहे हैं।’
– जैद विलात्रा की 9 दिन की रिमांड मिली
एनसीबी ने ड्रग्स कनेक्शन के मामले में अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। गुरुवार को जैद विलात्रा को कोर्ट में पेश किया गया था। एनसीबी ने कोर्ट से 10 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन 9 दिन की रिमांड मिली। जैद को एक सितंबर को मुंबई से गिरफ्तार किया गया था।
– अब्दुल बासित-जैद ने लिया रिया और शोविक का नाम
एनसीबी ने ड्रग्स के मामले में अब्दुल बासित परिहार को भी गिरफ्तार किया है। सूत्रों को मुताबिक, बासित और जैद का संबंध रिया के सहयोगी सैमुअल मिरांडा से भी रहा है। ऐसा बताया जा रहा है कि इन लोगों ने पूछताछ में रिया और उनके भाई शोविक का नाम लिया है।

पुणे : एम्बुलेंस के अभाव में कोरोनाग्रस्त पत्रकार की हुई मौत, उपमुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
समय पर इलाज और एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण पुणे में एक कोरोना ग्रस्त टीवी पत्रकार का बुधवार के तड़के देहांत हो गया। पांडुरंग रायकर (42) का जुकाम और बुखार के चलते टेस्ट किया गया था। 28 अगस्त को उनके कोरोनाग्रस्त रहने की पुष्टि हुई थी। इस दौरान वे अपने पैतृक घर अहमदनगर में थे। यहां सांस लेने में दिक्कत के बाद उन्हें एम्बुलेंस द्वारा पुणे लाया गया। पुणे में वे लगातार हॉस्पिटल के चक्कर काटते रहे, लेकिन उन्हें किसी ने भर्ती नहीं किया। आखिरकार उन्हें एक जंबो अस्थाई कोविड हॉस्पिटल में एक बेड मिला। मगर मंगलवार को उनकी तबियत बिगड़ी और बुधवार के तड़के उन्होंने दम तोड़ दिया।
– कार्डियक एम्बुलेंस की व्यवस्था नहीं
पुणे जैसे शहर में एक वरिष्ठ पत्रकार को एंबुलेंस और अस्पताल में बेड न मिलने के चलते अपनी जान से हाथ धोना पड़ा, इस खबर से न केवल पुणे जिले बल्कि पूरे राज्य में खलबली मच गई है। पत्रकार रायकर की बहन ने मीडिया के साथ की गई बातचीत में आरोप लगाया कि उन्हें कार्डियक एम्बुलेंस नहीं मिलने के कारण एक साधारण एम्बुलेंस में अहमदनगर से पुणे लाना पड़ा और इलाज में देरी हुई। कई अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद जंबो अस्थाई कोविड हॉस्पिटल में बेड तो मिल गया मगर सही इलाज नहीं मिल सका जिसके चलते पत्रकार पांडुरंग रायकर की मृत्यु हुई है। उनकी बहन ने यह भी कहा, यहां डॉक्टरों को प्रशिक्षित नहीं किया गया है। सरकार ने करोड़ों की कीमत वाले केंद्र बनाए। लेकिन मरीजों को हॉस्पिटल तक शिफ्ट करने के लिए कार्डियक एम्बुलेंस की व्यवस्था नहीं की गई, इस कारण पांडुरंग की मृत्यु हो गई।
– भाजपा नेता नीतेश राणे ने मांगा सीएम से इस्तीफा
मूल रूप से अहमदनगर जिले के रहने वाले 42 वर्षीय पांडुरंग रायकर, अपने पीछे माता-पिता, पत्नी, पुत्र और पुत्री को इस दुनिया में छोड़ कर चले गए हैं। रायकर पिछले कई साल से एक मराठी न्यूज चैनल के लिए काम कर रहे थे। उनके निधन के बाद भाजपा नेता भाजपा नेता नीतेश राणे ने महाविकास अघाड़ी सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने ट्वीट किया है कि पुणे में पत्रकार का मर्डर हुआ? महाराष्ट्र सरकार की ढिलाई की वजह से उन्होंने अपनी जान गंवा दी। कोरोना के इस काल में पत्रकार भी सुरक्षित नहीं है। इस कोविड केंद्र का उद्घाटन करने वाले सीएम उद्धव ठाकरे इस्तीफा देकर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करें।
– पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने भी शोक व्यक्त किया
पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने पांडुरंग के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से इस संबंध में चर्चा करने की बात कही है। फडणवीस ने ट्विटर लिखा-कोरोना के कारण पुणे से पांडुरंग रायकर का आकस्मिक निधन बेहद दर्दनाक है। उन्हें मेरी हार्दिक श्रद्धांजलि! हम परिवार और रिश्तेदारों के दुःख में शामिल हैं। इस मामले में उपमुख्यमंत्री और पुणे जिले के पालकमंत्री अजित पवार ने जांच का आदेश दे दिया है। स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने भी इस मामले में जांच और कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए है।
– कोपरगांव में अस्पताल ने इलाज से पहले मांगे 40 हजार रुपए 
पांडुरंग रायकर कुछ दिनों पहले सर्दी और बुखार से पीड़ित होने थे, लेकिन उनकी कोरोना परीक्षण रिपोर्ट नकारात्मक थी। 28 अगस्त को, पांडुरंग रायकर अहमदनगर जिले के कोपरगांव के अपने गृह नगर गए।  लेकिन वहां भी, उन्हें समस्याएं होने लगीं और उनका एंटीजन टेस्ट किया गया। उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव  आई। उन्हें आगे के इलाज के लिए कोपरगांव के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल ने उसे 40 हजार रुपये जमा करने को कहा।  लेकिन उच्च लागत के कारण, उन्हें पुणे के शिवाजीनगर में नव स्थापित जंबो कोविड़  केयर सेंटर में भर्ती कराया गया। उन पर  जगह पर इलाज शुरू किया।  हालांकि, उनकी हालत खराब हो गई।
– एम्बुलेंस मिलने तक सुबह साढ़े पांच बजे तक हो चुकी थी पत्रकार की मौत 
उन्हें जम्बो अस्पताल से दूसरे अस्पताल में ले जाने के लिए कार्डियक एम्बुलेंस की जरूरत थी। क्योंकि मंगलवार को उनका ऑक्सीजन स्तर घटकर 78 हो गया था। ऐसी एम्बुलेंस प्राप्त करने का प्रयास मंगलवार से शुरू हो रहा था। मंगलवार रात एक एम्बुलेंस मिली। हालांकि, इसमें लगे वेंटिलेटर ठीक नहीं होने की बात कही गई थी। तो  दूसरी एम्बुलेंस में डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे।  दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल ने बताया कि तड़के 5 बजे एक एम्बुलेंस उपलब्ध हुई।  पत्रकार और उनके दोस्त जंबो अस्पताल पहुंचे तब डॉक्टरों ने कहा कि उनकी मृत्यु  5.30 बजे हुई। कुछ ही समय बाद, एक कार्डियक एम्बुलेंस जंबो अस्पताल पहुंची, लेकिन तब तक समय बीत चुका था।
– जिस जम्बो अस्पताल की खबर बनाई थी, अस्पताल में तोड़ा दम 
इस बीच, पिछले छह महीनों में, पांडुरंग रायकर ने कोरोना  के बारे में बहुत सारी खबरें बनाई हैं।  इसमें यह भी शामिल है कि CEOP मैदान में एक जंबो कोविड़  केंद्र स्थापित किया जाएगा। आज उसी अस्पताल में उन पर मौत का सामना करने का समय आ गया। चर्चा है कि एक पत्रकार भ्रष्ट तंत्र का शिकार हुआ है।
– जम्बो अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी
इस बीच पुणे मनपा ने खुलासा किया है कि कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग में बने अस्थाई जंबो अस्पताल में केवल 30 आईसीयू बेड ही बचे हैं। इस हॉस्पिटल का निर्माण गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए अस्थाई रूप से किया गया था। यहां 600 ऑक्सीजन बेड और 200 आईसीयू बेड थे। ये सभी लगभग फुल होने की कगार पर हैं। इसके अलावा यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की भी भारी कमी है। इसलिए अब नए मरीजों को यहां भर्ती नहीं किया जा रहा है।
 पत्रकार संघ ने मुख्यमंत्री से की दोषियों पर कार्यवाही की मांग
एक कार्डियक एम्बुलेंस ना मिलने के कारण पुणे में पत्रकार पांडुरंग रायकर की मृत्यु हो गई। पांडुरंग  प्रशासन की सांठ-गांठ और असंवेदनशीलता का शिकार हुए हैं। ऐसा आरोप पुणे श्रमिक पत्रकार संघ द्वारा लगाया गया है। साथ ही इस मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग संघ द्वारा मुख्यमंत्री से की गई है।
पुणे श्रमिक संघकार संघ द्वारा की गई ये मांगे
  1. पूरे मामले की पूरी जांच समय पर (अगले 2-3 दिनों में) की जानी चाहिए।  अस्पताल की व्यवस्था की देखरेख करने वाले अधिकारियों, प्रबंधन और एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
  2. सभी पत्रकार फिल्ड पर अपनी जान जोखिम में डालकर मैदान पर काम कर रहे है। पत्रकारों को 50 लाख रुपये के बीमा कवर का आश्वासन राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने बयान 3 जून को बुलढाणा में एक संवाददाता सम्मेलन में दिया था। पांडुरंग को  इस मामले में, निर्णय को लागू किया जाना चाहिए और उनके उत्तराधिकारियों को तत्काल भुगतान किया जाना चाहिए।
  3. इस अवसर पर, पूरे सिस्टम की सीमाएं सामने आई हैं। रोगियों के जीवन को बचाने के लिए सभी आवश्यक सुधार करें।

चिंचियाँ रहा चीन, भारतीय जवानों ने सिखाया सबक़, Black Top पर भारत का क़ब्ज़ा

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
एलएसी पर भारत ने कड़ा रूख दिखाते हुए चीनी मंसूबों पर पानी फेर दिया है। गत दिनों जब चीनी सैनिकों ने पेंगोंग झील के पास घुसपैठ की कोशिश की, तब भारतीय जवानों ने उन्हें खदेड़ दिया, उसके बाद से ही सीमा पर माहौल गर्म है। हालाँकि चीनी गीदड़ भभकी से बाज़ नहीं आ रहे। लद्दाख़ स्थित पेंगोंग झील के पास हुई झड़प की वजह से दोनों देशों के बीच तनाव इस समय अपने चरम पर है।
सेना से जुड़े सूत्रों की मानें तो भारतीय सेना ने दक्षिण पेंगोंग झील के पास सभी पहाड़ियों को अपने कब्जे में ले लिया है। इनमें ब्लैक टॉप भी शामिल है। अब चीन की हरकतों के मद्देनजर भारत ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। भारत अब कूटनीतिक बातचीत के साथ एलएसी पर चीन के खिलाफ आक्रामक तेवर भी दिखाएगा।
आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि चीन ने दोनों देशों के बीच बनी आम सहमति का पालन नहीं किया। सूत्रों के मुताबिक़, चीन बातचीत की आड़ में उन इलाक़ों पर क़ब्ज़ा करना चाहता था, जहाँ नो मैंस लैण्ड बनाने पर सहमति बनी है। भारत ने चीन की मंशा को भांपते हुए पहले ही अहम चोटियों पर अपनी स्थिति मजबूत करने की योजना बनाई। भारत के पलटवार से चीन बौखलाया हुआ है। चीन ने भारत को 1962 से भी ज्यादा तबाही की धमकी दी है।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि चीन के साथ सीमा पर तनाव बढ़ रहा है। सूत्र ने बताया, ‘हमने उनके स्थान में प्रवेश नहीं किया है, लेकिन हमारी पोस्ट पर चीनी सैनिक हावी हैं। स्थिति तनावपूर्ण है।’ सूत्र ने कहा, ‘भारत पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमा सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। हमें उम्मीद है कि चीन अब शांतिपूर्ण सीमा समाधान के लिए पहल करेगा।’
सीमा पर तनाव के बीच भारत-चीन की सेनाओं के ब्रिगेड कमांडर लेवल के अफसर आज लगातार तीसरे दिन बातचीत कर रहे हैं। ये मीटिंग चुशूल सेक्टर में एलएसी से 20 किलोमीटर दूर स्थित मॉल्दो में हो रही है। इससे पहले भारत ने चीन से दो टूक कहा है कि वह अपने फ्रंटलाइन सैनिकों को काबू में रखे। उधर, चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने 1962 का युद्ध याद दिलाते हुए धमकी दी है कि चीनी सेना से भारत अपनी रक्षा नहीं कर सकता।

12वां दिन : सुशांत केस में सीबीआई ने की रिया के मां-पिता से पूछताछ

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में सीबीआई ने लगातार चार दिनों तक रिया से पूछताछ के बाद अपनी जांच के 12वें दिन आज रिया की मां संध्या चक्रवर्ती और पिता इंद्रजीत से सीबीआई ने पहली बार पूछताछ की। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, दोनों से अलग-अलग पूछताछ हुई है। बताया जा रहा है कि यानी बुधवार को फिर सीबीआई माता-पिता को पूछताछ के लिए बुला सकती है। इस दौरान आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर सकती है। आज करीब आठ घंटे पूछताछ हुई है। सूत्रों ने अनुसार सीबीआई आने रिया के माता-पिता से अनेक सवाल किए।
– सीबीआई से पूछे ये सवाल
सीबीआई ने पूछा कि, आप लोगों को कब पता चला कि सुशांत सिंह राजपूत और रिया चक्रवर्ती रिलेशनशिप में हैं? क्या वे दोनों शादी करने वाले थे? क्या शोविक ने आपको कभी ​सुशांत सिंह राजपूत और रिया के बीच हुए झगड़े के बारे में बताया? क्या रिया ने आपसे कभी कहा कि अब वह सुशांत के साथ रिलेशन में नहीं रहना चाहती? आप सुशांत से उसके घर पर या फिर बाहर कितनी बार मिल चुके हैं? क्या आपको पता था कि​ रिया चक्रवर्ती सुशांत के साथ ही उनके फ्लैट में रहा करती थीं? सुशांत सिंह राजपूत से आप लोगों की बात दिन में या हफ्ते में या फिर महीने में कितनी बार हो जाती थी? क्या कभी आपको लगा कि सुशांत डिप्रेशन में हैं या रिया ने कभी आपको इसके बारे में बताया था? क्या सुशांत के पैसों को लेकर आप लोगों के बीच कोई लेनदेन हुआ? क्या आपने रिया से कभी सुशांत के पैसों को लेकर कोई बात की थी? क्या आपको पता था कि सुशांत सिंह राजपूत के पैसे शोविक भी खर्च करते हैं? क्या आपने कभी भी शोविक या रिया को सुशांत के पैसों को लेकर रोका नहीं? क्या आपको पता था कि रिया चक्रवर्ती के ड्रग्स माफियाओं से भी कनेक्शन रहे हैं? क्या आपने कभी अपनी बेटी या बेटा को नशे का इस्तेमाल करते हुए कभी पकड़ा था? क्या आप सुशांत के परिवार के सदस्य से कभी मिले या कभी उनसे बातचीत हुई आपकी? सुशांत को क्या आपने कभी कोई दवाई दी और अगर हां तो वह कौन-कौन से दवाइयां थी?
– जवाबों के बारे में ज्ञात नहीं
सूत्रों के अनुसार यह तो पता चला है कि रिया के माता-पिता से सीबीआई ने क्या सवाल किए होंगे, लेकिन रिया के माता-पिता ने इन सवालों के क्या जवाब दिए, ये पता नहीं चल सका है. लेकिन यह बात निश्चित है कि, रिया, उसके माता-पिता सहित अभी तक हुई पूछताछ में सीबीआई के हाथ काफी महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं.
– गौरव आर्या पर भी सवालों की बौझार
उधर, ईडी ने ड्रग्स कनेक्शन में गौरव आर्या से पूछताछ की। सूत्रों ने बताया कि ईडी अधिकारियों ने गौरव से सुशांत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती संग उनके चैट को लेकर पूछताछ की। इन चैट में दोनों ड्रग्स पर बातें करते नजर आ रहे हैं। आर्य से रिया और उनके भाई शोविक संग हुए पैसे के लेनदेन पर भी सवाल पूछे गए।
– रिया की बौखलाहट कुछ कहती है
सीबीआई ने सोमवार को रिया के साथ उनके भाई शोविक से पूछताछ की। दोनों से आईपीएस नूपुर शर्मा ने आमने-सामने बैठकर सवाल-जवाब किए थे। इनके अलावा सुशांत की पूर्व मैनेजर श्रुति मोदी, कुक नीरज सिंह और सीए रजत मेवाती से भी पूछताछ हुई। सूत्रों के मुताबिक, सोमवार को रिया के ड्रग्स चैट और घर पर होने वाली पार्टी को लेकर सवाल किए गए, जिनका वे सही जवाब नहीं दे सकीं। रिया बात-बात पर बौखला जाती है. उसकी यही बौखलाहट रिया के प्रति शक को गहराता जा रहा है.

धीरे-धीरे ट्रैक पर आ रही रेलवे : अनलॉक-4 में 100 अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की तैयारी

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
लॉकडाउन शुरू होते ही 25 मार्च से पूरे देश में अन्य सभी सेवाओं सहित रेल सेवा भी पूरी तरह से बंद थी. इसके बाद प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए 1 मई से श्रमिक विशेष ट्रेनें शुरू की गई थी. इसके बाद धीरे-धीरे अनलॉक श्रृंखला शुरू होने के बाद देश में करीब 230 ट्रेनों का परिचालन शुरू किया गया. अब लोगों की सुविधा के लिए रेल मंत्रालय जल्द ही और स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी कर रहा है। अनलॉक-4 की गाइडलाइन जारी होने के तीन दिन बाद भारतीय रेलवे ने मंगलवार को कहा कि इसके लिए राज्य सरकारों से सलाह ली जा रही है। कितनी ट्रेनें और चलाई जाएंगी, यह राज्यों की मांग पर निर्भर करेगा। रेल मंत्रालय के सीनियर अधिकारी के हवाले से बताया कि रेलवे आने वाले दिनों में 100 और ट्रेनें चलाने की योजना पर काम कर रहा है।
– 1 मई से चलाई गई थीं श्रमिक स्पेशल ट्रेनें
रेलवे ने श्रमिकों के लिए 1 मई से श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई थीं। इनके जरिए देश भर के श्रमिकों को उनके घर तक पहुंचाया गया था। रेलवे ने बताया था कि श्रमिक ट्रेनों का 85% खर्च केंद्र उठा रहा है। 15% खर्च किराए के रूप में राज्य दे रहे हैं।

दक्षिणी पैंगॉन्ग के विवादित क्षेत्र पर भारतीय सेना का कब्जा, चीन ने हटाए कैमरे

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
चीनी सेना की घुसपैठ के दो दिन बाद भारत ने लद्दाख सीमा को लेकर बड़ा खुलासा किया है। सेना के सूत्रों के मुताबिक, दक्षिणी पैंगॉन्ग के विवादित इलाके में पूरी तरह से भारत का कब्जा है। यहां की कई चोटियों पर आर्मी मौजूद है। सेना की तरफ से यह भी कहा गया है कि चोटियों पर हमारे जवान इसलिए काबिज हैं, क्योंकि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) को लेकर भारत की स्थिति एकदम साफ है। आर्मी के सूत्रों ने यह भी बताया कि हमने मुश्किल समझे जाने वाले स्पांगुर गैप, स्पांगुर झील और इसके किनारे की चीनी सड़क पर भी कब्जा कर लिया है। चीन लद्दाख सीमा पर कई चोटियों पर अपना दावा करता रहा है। वह पैंगॉन्ग सो झील के पूरे दक्षिणी हिस्से और स्पांगुर गैप पर भी कब्जा करना चाहता था, ताकि बढ़त हासिल कर सके।
– चीन ने हटाए सर्विलांस इक्विपमेंट्स और कैमरे
सेना के मुताबिक, चीन ने पहाड़ों पर कैमरे और निगरानी उपकरण लगा रखे थे, ताकि उन्हें हमारी गतिविधियों का पता चल सकें। इन सबके बावजूद जवानों ने विवादित क्षेत्र में कब्जा कर लिया। इतना ही नहीं, भारतीय सेना के कब्जे के बाद चीन ने अपने कैमरे और सर्विलांस इक्विपमेंट्स हटा लिए।
– चीन ने कहा, हम बातचीत के लिए सदैव ही तैयार
भारत के ठोस दावे के बाद चीन की बौखलाहट दिखी। विदेश मंत्री वांग यी ने कहा, ‘‘भारत और चीन के बीच विवाद की वजह सीमा का निर्धारण न होना है। इसके चलते हमेशा समस्या बनी रहेगी। फिर भी हम भारत से बातचीत के जरिए मुद्दे सुलझाने को तैयार हैं।’’ वहीं, विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि दोनों पक्षों (भारत-चीन) को तथ्यों को ध्यान में रखना चाहिए, ताकि द्विपक्षीय रिश्तों में कोई अड़चन न आए और सीमा पर शांति कायम रहे। चीन न तो कभी युद्ध भड़काने में विश्वास रखता है, न ही हमने किसी दूसरे देश की इंच जमीन कब्जाई है। हमारी सेनाओं ने कभी भी सीमा पार नहीं की। लगता है कि कुछ कम्युनिकेशन का मसला है।
– अजीत डोभाल ने की हालात की समीक्षा
लद्दाख में चीनी घुसपैठ से बढ़े तनाव के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने मंगलवार को हालात की समीक्षा की। बताया जा रहा है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज हाईलेवल मीटिंग बुला सकते हैं। इस बीच, लद्दाख में सीमा पर तनाव के बीच भारत-चीन के आर्मी अफसर लगातार दूसरे दिन मीटिंग कर रहे हैं। पैंगॉन्ग सो झील के दक्षिणी किनारे की एक पहाड़ी पर चीन के कब्जे की नाकाम कोशिश के बाद ये बातचीत की जा रही है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक दोनों देशों के ब्रिगेड कमांडर लेवल के अधिकारी चर्चा में शामिल हैं। ये मीटिंग चुशूल सेक्टर में नियंत्रण रेखा से 20 किलोमीटर दूर स्थित मॉल्दो में हो रही है।
– दो दिन पहले चीन ने की थ घुसपैठ की कोशिश
रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को एक नोट जारी कर चीन की धोखेबाजी के बारे में बताया था। इसके मुताबिक 29-30 अगस्त की रात चीन के करीब 500 सैनिकों ने एक पहाड़ी पर कब्जे की कोशिश की थी, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि हमारी सेना शांति चाहती है, लेकिन अपनी सीमाओं की सुरक्षा करना भी जानते हैं। सेना के अधिकारियों ने बताया कि चीन का इरादा अपने इलाके की ब्लैक टॉप नाम की पहाड़ी के सामने वाली भारतीय चोटी पर कब्जा करना था। इसके बाद चुशूल के बड़े इलाके में चीन की पकड़ मजबूत हो सकती थी। चीन के सैनिक उस निचले इलाकों में डटे हुए हैं, जो 3 चोटियों पर बैठे भारतीय सैनिकों की निगरानी में है।
– कैलाश मान सरोवर झील पर चीनी मिसाइलें
चीन ने उल्टा दोष मढ़ते हुए कहा है कि भारतीय सैनिकों ने वार्ता में बनी आम सहमति का ध्यान नहीं रखा। हम मांग करते हैं कि भारत अपने सैनिकों को पीछे हटाए। न्यूज एजेंसी के मुताबिक चीनी सेना ने लद्दाख से लगे होतान एयरबेस पर जे-20 फाइटर प्लेन तैनात किए हैं। कैलाश-मानसरोवर झील के किनारे जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलें भी तैनात कर दी हैं।

ताइवान पतंग महोत्सव : पतंग के साथ उड़ गई तीन साल की बच्ची

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
ताइवान के परंपरागत पतंग महोत्सव में एक हादसा होने से बच गया। यहां एक तीन साल की बच्ची पतंग की पूंछ में फंस गई और हवा में उड़ने गई। हालांकि, उसे बाद में बचा लिया गया। उसे मामूली चोट लगी है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
ज्ञात हो कि ताइवान के सिंचु शहर में अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव चल रहा है। रविवार को यहां एक विशाल पतंग की पूंछ पर लड़की फंस गई। देखते ही वह हवा में उड़ गई। कई बार गोता लगाने के बाद वह जब नीचे की तरफ आई तो लोगों ने उसे पकड़ लिया।
पतंग के साथ लड़की हवा में करीब 30 सेकेंड तक रही। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं। वहां मौजूद हर किसी की चीख निकल गई। नीचे उतरने पर उसे तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया। हालांकि, उसे कोई बड़ी चोट नहीं लगी। सिंचू शहर के मेयर लिन चि-चेन ने फेसबुक पर इस घटना के लिए माफी मांगी है।

https://twitter.com/CBSNews/status/1300255748610560003?s=20

ब्रेकिंग : देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का आर्मी हॉस्पिटल में निधन

अभी अभी खबर आई है कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का निधन हो गया है. वे 84 वर्ष के थे. दिल्ली के आर्मी अस्पताल में पिछले कई दिनों से वे भर्ती थे. यहां पर उनका ऑपरेशन होने के बाद उनकी कोविड जांच भी की गई, जिसमें वे पॉजिटिव पाए गए थे. 10 अगस्त को उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था. यहां उनके दिमाग का भी ऑपरेशन किया गया. लेकिन पिछले कुछ दिनों से वे गहरे कोमा में थे.

प्रणव मुखर्जी के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है. वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शात ने भी पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर शोक व्यक्त किया.

  • 11 दिसंबर 1935 को हुआ था जन्म
  • भारत के 13वें राष्ट्रपति के रूप में ली थी शपथ
  • 2012 से 2017 तक वे राष्ट्रपति पद पर रहे
  • भारत रत्न से सम्मानित थे प्रणव मुखर्जी
  • पहली बार 1969 में राज्यसभा सदस्य चुने गए
  • 2004 में पहली बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए
  • इतिहास, रक्षा, राजनीति के विशेषज्ञ
  • राजनीति से ऊपर हर वर्ग, हर पार्टी में उनका सम्मान था
  • राहुल गांधी ने भी शोक व्यक्त किया
  • जेपी नड्डा ने भी किया ट्वीट
  • यूरोमनी पत्रिका ने सबसे सफल और अच्छा राष्ट्रपति बताया

भोपाल (MP) : 150 वर्ष पुरानी मोती महल की इमारत धराशाई, दर्जनों वाहन क्षतिग्रस्त

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में करीब 150 वर्ष पुराने ऐतिहासिक मोती महल इमारत का एक हिस्सा गिरने से करीबन 2 दर्जन से ज्यादा वाहन मलबे के नीचे दब गए हैं। जैसे ही दीवार गिरी आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया। हालांकि किसी भी तरह के इंसान के हताहत होने की खबर नहीं है।

दरअसल सोमवार की सुबह भोपाल के फतेहपुर इलाके में भारी बारिश की वजह से डेढ़ सौ साल पुरानी मोती महल इमारत का एक हिस्सा भरभरा कर गिर पड़ा। जिसके अंदर करीबन 2 दर्जन से अधिक गाड़ियां दब गई है। जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्य मौके पर पहुंच मलबे को हटाने का काम कर रही है। खबरों के मुताबिक अभी तक किसी की जान के हताहत होने की खबर नहीं है। हालांकि मोती महल की पहली मंजिल पर अवैध रूप से मजदूर रहने लगे थे किंतु लॉकडाउन में वह सब अपने घर वापस चले गए हैं।

दूसरी तरफ आसपास के लोगों का कहना है कि इमारत का गिरना प्रशासन की गलती है। प्रशासन द्वारा कोई देखरेख नहीं की जा रही थी। लोगों ने यह भी बताया कि इससे पहले भी इसका एक हिस्सा गिर चुका है। बावजूद इसके प्रशासन लगातार इस मामले की अनदेखी कर रहा था लकड़ियों के सहारे खड़ी इन दीवारों में अब जान नहीं रह गई है। दीवार के गिरने से किसी की मोटरसाइकिल तो किसी की नई कार दबकर मलबे के नीचे चली गई है। जिसके बाद एसडीआरएफ की एक टीम घटनास्थल में मौजूद है और वाहनों को मलबे से निकालने का काम जारी है।

मोती महल का निर्माण भोपाल की तत्कालीन नवाब कुदसिया बेगम ने 1819-1837 में करवाया था। मोती महल से शौकत महल में जाने के लिए इसी दरवाजे के ऊपर से आने जाने के लिए जोड़ा गया है। महल के पास ही सदर मंजिल भी है। जो कुदसिया बेगम का पहला दरबार था।

LAC पर चीन की घुसपैठ को भारतीय जवानों ने फिर किया नाकाम, टैन्शन बरकरार

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

एक तरफ एलओसी पर पाकिस्तान, तो दूसरी ओर एलएसी पर चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। एलओसी पर तो पाकिस्तान अक्सर ही फायरिंग करता रहता है, तो एलएसी पर चीन सीमा में घुसने की कोशिश करता रहता है। इसी कोशिश में 15 जून को हुई झड़प में देश के करीब 20 जांबाज जवान शहीद हो गए थे, तो इन्हीं शहीदों ने शहीद होने से पहले चीन के 100 से अधिक सैनिकों को जमीन पर बेजान सुला दिया था। आर्मी सूत्रों के अनुसार गलवान झड़प के 75 दिन बाद 29-30 की रात फिर उसने यथास्थिति का उल्लंघन किया है। सेना के मुताबिक, 29 अगस्त की रात चीनी सेना ने पूर्वी लद्दाख के भारतीय इलाके में घुसपैठ की कोशिश की, लेकिन भारतीय जवानों ने चीनी सैनिकों की इस कोशिश को एक बार फिर नाकाम कर दिया। भारत ने इसे यथास्थिति का उल्लंघन बताया है।

भारत ने यह भी कहा कि हमारी सेना बातचीत के जरिए शांति कायम करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन हम अपनी सीमाओं की सुरक्षा करना जानते हैं। इस मुद्दे को सुलझाने के लिए चुशूल में ब्रिगेड कमांडर लेवल की बातचीत भी हो रही है। 15 जून को लद्दाख के गलवान में चीन और भारत के सैनिकों में हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें हमारे 20 जवान शहीद हो गए थे। गलवान झड़प के बाद लद्दाख में विवादित इलाकों से सैनिक हटाने के लिए भारत-चीन के आर्मी अफसरों के बीच 2 बार मीटिंग हो चुकी हैं। ये बैठकें 30 जून और 8 अगस्त को चीन के इलाके में पड़ने वाले मॉल्डो में हुई थीं, लेकिन इसका कोई खास नतीजा सामने नहीं आया। आर्मी और डिप्लोमैटिक लेवल की कई राउंड की बातचीत के बावजूद चीन पूर्वी लद्दाख के फिंगर एरिया, देप्सांग और गोगरा इलाकों से पीछे नहीं हट रहा। चीन के सैनिक 3 महीने से फिंगर एरिया में जमे हुए हैं। अब उन्होंने बंकर बनाने और दूसरे अस्थायी निर्माण करने भी शुरू कर दिए हैं।

भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने हाल ही में बड़ा बयान दिया था। रावत ने कहा था, ‘‘चीन के साथ बातचीत से विवाद नहीं सुलझा तो सैन्य विकल्प भी खुला है। हालांकि, शांति से समाधान तलाशने की कोशिशें की जा रही हैं। आर्मी से लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) के आस-पास अतिक्रमण रोकने और इस तरह की कोशिशों पर नजर रखने के लिए कहा गया है।