12वां दिन : सुशांत केस में सीबीआई ने की रिया के मां-पिता से पूछताछ
– सीबीआई से पूछे ये सवाल
– जवाबों के बारे में ज्ञात नहीं
– गौरव आर्या पर भी सवालों की बौझार
– रिया की बौखलाहट कुछ कहती है
धीरे-धीरे ट्रैक पर आ रही रेलवे : अनलॉक-4 में 100 अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की तैयारी
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
लॉकडाउन शुरू होते ही 25 मार्च से पूरे देश में अन्य सभी सेवाओं सहित रेल सेवा भी पूरी तरह से बंद थी. इसके बाद प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए 1 मई से श्रमिक विशेष ट्रेनें शुरू की गई थी. इसके बाद धीरे-धीरे अनलॉक श्रृंखला शुरू होने के बाद देश में करीब 230 ट्रेनों का परिचालन शुरू किया गया. अब लोगों की सुविधा के लिए रेल मंत्रालय जल्द ही और स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी कर रहा है। अनलॉक-4 की गाइडलाइन जारी होने के तीन दिन बाद भारतीय रेलवे ने मंगलवार को कहा कि इसके लिए राज्य सरकारों से सलाह ली जा रही है। कितनी ट्रेनें और चलाई जाएंगी, यह राज्यों की मांग पर निर्भर करेगा। रेल मंत्रालय के सीनियर अधिकारी के हवाले से बताया कि रेलवे आने वाले दिनों में 100 और ट्रेनें चलाने की योजना पर काम कर रहा है।
– 1 मई से चलाई गई थीं श्रमिक स्पेशल ट्रेनें
रेलवे ने श्रमिकों के लिए 1 मई से श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई थीं। इनके जरिए देश भर के श्रमिकों को उनके घर तक पहुंचाया गया था। रेलवे ने बताया था कि श्रमिक ट्रेनों का 85% खर्च केंद्र उठा रहा है। 15% खर्च किराए के रूप में राज्य दे रहे हैं।
दक्षिणी पैंगॉन्ग के विवादित क्षेत्र पर भारतीय सेना का कब्जा, चीन ने हटाए कैमरे
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
चीनी सेना की घुसपैठ के दो दिन बाद भारत ने लद्दाख सीमा को लेकर बड़ा खुलासा किया है। सेना के सूत्रों के मुताबिक, दक्षिणी पैंगॉन्ग के विवादित इलाके में पूरी तरह से भारत का कब्जा है। यहां की कई चोटियों पर आर्मी मौजूद है। सेना की तरफ से यह भी कहा गया है कि चोटियों पर हमारे जवान इसलिए काबिज हैं, क्योंकि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) को लेकर भारत की स्थिति एकदम साफ है। आर्मी के सूत्रों ने यह भी बताया कि हमने मुश्किल समझे जाने वाले स्पांगुर गैप, स्पांगुर झील और इसके किनारे की चीनी सड़क पर भी कब्जा कर लिया है। चीन लद्दाख सीमा पर कई चोटियों पर अपना दावा करता रहा है। वह पैंगॉन्ग सो झील के पूरे दक्षिणी हिस्से और स्पांगुर गैप पर भी कब्जा करना चाहता था, ताकि बढ़त हासिल कर सके।
– चीन ने हटाए सर्विलांस इक्विपमेंट्स और कैमरे
सेना के मुताबिक, चीन ने पहाड़ों पर कैमरे और निगरानी उपकरण लगा रखे थे, ताकि उन्हें हमारी गतिविधियों का पता चल सकें। इन सबके बावजूद जवानों ने विवादित क्षेत्र में कब्जा कर लिया। इतना ही नहीं, भारतीय सेना के कब्जे के बाद चीन ने अपने कैमरे और सर्विलांस इक्विपमेंट्स हटा लिए।
– चीन ने कहा, हम बातचीत के लिए सदैव ही तैयार
भारत के ठोस दावे के बाद चीन की बौखलाहट दिखी। विदेश मंत्री वांग यी ने कहा, ‘‘भारत और चीन के बीच विवाद की वजह सीमा का निर्धारण न होना है। इसके चलते हमेशा समस्या बनी रहेगी। फिर भी हम भारत से बातचीत के जरिए मुद्दे सुलझाने को तैयार हैं।’’ वहीं, विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि दोनों पक्षों (भारत-चीन) को तथ्यों को ध्यान में रखना चाहिए, ताकि द्विपक्षीय रिश्तों में कोई अड़चन न आए और सीमा पर शांति कायम रहे। चीन न तो कभी युद्ध भड़काने में विश्वास रखता है, न ही हमने किसी दूसरे देश की इंच जमीन कब्जाई है। हमारी सेनाओं ने कभी भी सीमा पार नहीं की। लगता है कि कुछ कम्युनिकेशन का मसला है।
– अजीत डोभाल ने की हालात की समीक्षा
लद्दाख में चीनी घुसपैठ से बढ़े तनाव के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने मंगलवार को हालात की समीक्षा की। बताया जा रहा है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज हाईलेवल मीटिंग बुला सकते हैं। इस बीच, लद्दाख में सीमा पर तनाव के बीच भारत-चीन के आर्मी अफसर लगातार दूसरे दिन मीटिंग कर रहे हैं। पैंगॉन्ग सो झील के दक्षिणी किनारे की एक पहाड़ी पर चीन के कब्जे की नाकाम कोशिश के बाद ये बातचीत की जा रही है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक दोनों देशों के ब्रिगेड कमांडर लेवल के अधिकारी चर्चा में शामिल हैं। ये मीटिंग चुशूल सेक्टर में नियंत्रण रेखा से 20 किलोमीटर दूर स्थित मॉल्दो में हो रही है।
– दो दिन पहले चीन ने की थ घुसपैठ की कोशिश
रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को एक नोट जारी कर चीन की धोखेबाजी के बारे में बताया था। इसके मुताबिक 29-30 अगस्त की रात चीन के करीब 500 सैनिकों ने एक पहाड़ी पर कब्जे की कोशिश की थी, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि हमारी सेना शांति चाहती है, लेकिन अपनी सीमाओं की सुरक्षा करना भी जानते हैं। सेना के अधिकारियों ने बताया कि चीन का इरादा अपने इलाके की ब्लैक टॉप नाम की पहाड़ी के सामने वाली भारतीय चोटी पर कब्जा करना था। इसके बाद चुशूल के बड़े इलाके में चीन की पकड़ मजबूत हो सकती थी। चीन के सैनिक उस निचले इलाकों में डटे हुए हैं, जो 3 चोटियों पर बैठे भारतीय सैनिकों की निगरानी में है।
– कैलाश मान सरोवर झील पर चीनी मिसाइलें
चीन ने उल्टा दोष मढ़ते हुए कहा है कि भारतीय सैनिकों ने वार्ता में बनी आम सहमति का ध्यान नहीं रखा। हम मांग करते हैं कि भारत अपने सैनिकों को पीछे हटाए। न्यूज एजेंसी के मुताबिक चीनी सेना ने लद्दाख से लगे होतान एयरबेस पर जे-20 फाइटर प्लेन तैनात किए हैं। कैलाश-मानसरोवर झील के किनारे जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलें भी तैनात कर दी हैं।
ताइवान पतंग महोत्सव : पतंग के साथ उड़ गई तीन साल की बच्ची
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
ताइवान के परंपरागत पतंग महोत्सव में एक हादसा होने से बच गया। यहां एक तीन साल की बच्ची पतंग की पूंछ में फंस गई और हवा में उड़ने गई। हालांकि, उसे बाद में बचा लिया गया। उसे मामूली चोट लगी है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
ज्ञात हो कि ताइवान के सिंचु शहर में अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव चल रहा है। रविवार को यहां एक विशाल पतंग की पूंछ पर लड़की फंस गई। देखते ही वह हवा में उड़ गई। कई बार गोता लगाने के बाद वह जब नीचे की तरफ आई तो लोगों ने उसे पकड़ लिया।
पतंग के साथ लड़की हवा में करीब 30 सेकेंड तक रही। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं। वहां मौजूद हर किसी की चीख निकल गई। नीचे उतरने पर उसे तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया। हालांकि, उसे कोई बड़ी चोट नहीं लगी। सिंचू शहर के मेयर लिन चि-चेन ने फेसबुक पर इस घटना के लिए माफी मांगी है।
https://twitter.com/CBSNews/status/1300255748610560003?s=20
ब्रेकिंग : देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का आर्मी हॉस्पिटल में निधन
अभी अभी खबर आई है कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का निधन हो गया है. वे 84 वर्ष के थे. दिल्ली के आर्मी अस्पताल में पिछले कई दिनों से वे भर्ती थे. यहां पर उनका ऑपरेशन होने के बाद उनकी कोविड जांच भी की गई, जिसमें वे पॉजिटिव पाए गए थे. 10 अगस्त को उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था. यहां उनके दिमाग का भी ऑपरेशन किया गया. लेकिन पिछले कुछ दिनों से वे गहरे कोमा में थे.
प्रणव मुखर्जी के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है. वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शात ने भी पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर शोक व्यक्त किया.
- 11 दिसंबर 1935 को हुआ था जन्म
- भारत के 13वें राष्ट्रपति के रूप में ली थी शपथ
- 2012 से 2017 तक वे राष्ट्रपति पद पर रहे
- भारत रत्न से सम्मानित थे प्रणव मुखर्जी
- पहली बार 1969 में राज्यसभा सदस्य चुने गए
- 2004 में पहली बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए
- इतिहास, रक्षा, राजनीति के विशेषज्ञ
- राजनीति से ऊपर हर वर्ग, हर पार्टी में उनका सम्मान था
- राहुल गांधी ने भी शोक व्यक्त किया
- जेपी नड्डा ने भी किया ट्वीट
- यूरोमनी पत्रिका ने सबसे सफल और अच्छा राष्ट्रपति बताया
भोपाल (MP) : 150 वर्ष पुरानी मोती महल की इमारत धराशाई, दर्जनों वाहन क्षतिग्रस्त
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में करीब 150 वर्ष पुराने ऐतिहासिक मोती महल इमारत का एक हिस्सा गिरने से करीबन 2 दर्जन से ज्यादा वाहन मलबे के नीचे दब गए हैं। जैसे ही दीवार गिरी आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया। हालांकि किसी भी तरह के इंसान के हताहत होने की खबर नहीं है।
दरअसल सोमवार की सुबह भोपाल के फतेहपुर इलाके में भारी बारिश की वजह से डेढ़ सौ साल पुरानी मोती महल इमारत का एक हिस्सा भरभरा कर गिर पड़ा। जिसके अंदर करीबन 2 दर्जन से अधिक गाड़ियां दब गई है। जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्य मौके पर पहुंच मलबे को हटाने का काम कर रही है। खबरों के मुताबिक अभी तक किसी की जान के हताहत होने की खबर नहीं है। हालांकि मोती महल की पहली मंजिल पर अवैध रूप से मजदूर रहने लगे थे किंतु लॉकडाउन में वह सब अपने घर वापस चले गए हैं।
दूसरी तरफ आसपास के लोगों का कहना है कि इमारत का गिरना प्रशासन की गलती है। प्रशासन द्वारा कोई देखरेख नहीं की जा रही थी। लोगों ने यह भी बताया कि इससे पहले भी इसका एक हिस्सा गिर चुका है। बावजूद इसके प्रशासन लगातार इस मामले की अनदेखी कर रहा था लकड़ियों के सहारे खड़ी इन दीवारों में अब जान नहीं रह गई है। दीवार के गिरने से किसी की मोटरसाइकिल तो किसी की नई कार दबकर मलबे के नीचे चली गई है। जिसके बाद एसडीआरएफ की एक टीम घटनास्थल में मौजूद है और वाहनों को मलबे से निकालने का काम जारी है।
मोती महल का निर्माण भोपाल की तत्कालीन नवाब कुदसिया बेगम ने 1819-1837 में करवाया था। मोती महल से शौकत महल में जाने के लिए इसी दरवाजे के ऊपर से आने जाने के लिए जोड़ा गया है। महल के पास ही सदर मंजिल भी है। जो कुदसिया बेगम का पहला दरबार था।
LAC पर चीन की घुसपैठ को भारतीय जवानों ने फिर किया नाकाम, टैन्शन बरकरार
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
एक तरफ एलओसी पर पाकिस्तान, तो दूसरी ओर एलएसी पर चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। एलओसी पर तो पाकिस्तान अक्सर ही फायरिंग करता रहता है, तो एलएसी पर चीन सीमा में घुसने की कोशिश करता रहता है। इसी कोशिश में 15 जून को हुई झड़प में देश के करीब 20 जांबाज जवान शहीद हो गए थे, तो इन्हीं शहीदों ने शहीद होने से पहले चीन के 100 से अधिक सैनिकों को जमीन पर बेजान सुला दिया था। आर्मी सूत्रों के अनुसार गलवान झड़प के 75 दिन बाद 29-30 की रात फिर उसने यथास्थिति का उल्लंघन किया है। सेना के मुताबिक, 29 अगस्त की रात चीनी सेना ने पूर्वी लद्दाख के भारतीय इलाके में घुसपैठ की कोशिश की, लेकिन भारतीय जवानों ने चीनी सैनिकों की इस कोशिश को एक बार फिर नाकाम कर दिया। भारत ने इसे यथास्थिति का उल्लंघन बताया है।
भारत ने यह भी कहा कि हमारी सेना बातचीत के जरिए शांति कायम करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन हम अपनी सीमाओं की सुरक्षा करना जानते हैं। इस मुद्दे को सुलझाने के लिए चुशूल में ब्रिगेड कमांडर लेवल की बातचीत भी हो रही है। 15 जून को लद्दाख के गलवान में चीन और भारत के सैनिकों में हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें हमारे 20 जवान शहीद हो गए थे। गलवान झड़प के बाद लद्दाख में विवादित इलाकों से सैनिक हटाने के लिए भारत-चीन के आर्मी अफसरों के बीच 2 बार मीटिंग हो चुकी हैं। ये बैठकें 30 जून और 8 अगस्त को चीन के इलाके में पड़ने वाले मॉल्डो में हुई थीं, लेकिन इसका कोई खास नतीजा सामने नहीं आया। आर्मी और डिप्लोमैटिक लेवल की कई राउंड की बातचीत के बावजूद चीन पूर्वी लद्दाख के फिंगर एरिया, देप्सांग और गोगरा इलाकों से पीछे नहीं हट रहा। चीन के सैनिक 3 महीने से फिंगर एरिया में जमे हुए हैं। अब उन्होंने बंकर बनाने और दूसरे अस्थायी निर्माण करने भी शुरू कर दिए हैं।
भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने हाल ही में बड़ा बयान दिया था। रावत ने कहा था, ‘‘चीन के साथ बातचीत से विवाद नहीं सुलझा तो सैन्य विकल्प भी खुला है। हालांकि, शांति से समाधान तलाशने की कोशिशें की जा रही हैं। आर्मी से लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) के आस-पास अतिक्रमण रोकने और इस तरह की कोशिशों पर नजर रखने के लिए कहा गया है।
सुशांत की मौत मामले में रिया से लगातार चौथे दिन पूछताछ जारी
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में पिछले 11 दिनों से सीबीआई मुंबई में डेरा जमाए हुए है और रोज नई-नई परते खुलती जा रही है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही यह केस किसी नतीजे पर पहुंचेगा। आज सीबीआई जांच का 11वां दिन है और आज लगातार चौथे दिन सुशांत की गर्लफ्रेंड रिया से सांताक्रूज स्थित डीआरडीओ गेस्ट हाउस में पूछताछ हो रही है। सीबीआई ने वहीं पर अस्थाई ऑफिस बना रखा है। रिया से लगातार चौथे दिन सवाल-जवाब किए जा रहे हैं। रिया के साथ उनके साथ भाई शोविक भी पहुंचे हैं। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई रिया, शोविक, सुशांत के कुक नीरज सिंह और फ्लैटमेट सिद्धार्थ पिठानी को कैमरे के सामने बैठाकर पूछताछ कर सकती है।
जांच एजेंसी ने सुशांत की बहन मीतू सिंह को भी बुलाया है। सुशांत के पिता और दूसरी बहन प्रियंका के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं। सीबीआई ने रविवार को रिया से करीब 9 घंटे तक पूछताछ की थी। उनसे 8 जून से लेकर 14 जून के बीच हुई घटनाओं के बारे में सवाल किए गए। बीते 3 दिन में रिया से 26 घंटे पूछताछ हो चुकी है। पूछताछ के दौरान महिला पुलिस कर्मियों को भी बुलाया गया। पैसे खर्च करने के सवाल पर रिया ने कहा कि सुशांत खुद उन्हें शॉपिंग कराते थे। जब उनसे पूछा गया कि सैमुअल मिरांडा से सुशांत के डेबिट कार्ड का पिन क्यों लिया, तो रिया ने कोई जवाब नहीं दिया।
उधर, गोवा के होटल कारोबारी गौरव से मुंबई में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम पूछताछ कर रही है। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, रविवार को पूछताछ के दौरान रिया चक्रवर्ती से जब ड्रग्स को लेकर सवाल किया गया, तो वह नाराज हो गईं। उन्होंने सही से जवाब नहीं दिया। इसी वजह से आज फिर से ड्रग्स चैट को लेकर सवाल पूछा जा सकता है। रिया चक्रवर्ती ने कुछ सवालों पर सीबीआई अधिकारी नुपूर प्रसाद से बहस की।
आगरा के एक घर में मिली तीन जली हुई लाशे
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
आगरा में सोमवार की सुबह एक ही परिवार के तीन लोगों की जला कर बेरहमी से हत्या कर दी गई। घटना एत्माद्दौला के नगला किशनलाल इलाके की है। तीनों के अधजले शव घर में मिले हैं। मरने वालों में पति, पत्नी और बेटा शामिल हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और मामले की छानबीन की जा रही है। तीनों के शव एक ही कमरे में जली हुई हालत में मिले हैं। मृतकों की शिनाख्त रघुवीर (55), पत्नी मीरा और 22 वर्षीय बेटा बबलू के रूप में की गई है। रघुवीर परचून की दुकान चलाते थे और रविवार शाम को ही ससुराल से लौटकर आए थे। सोमवार की सुबह लोगों ने कमरे में बंद तीनों के शव देखे तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने बताया कि बबलू और मीरा के हाथ बंधे हुए थे, जबकि रघुवीर के गले में फंदा पड़ा हुआ था। सूचना पर एसएसपी बबलू कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। मामले की छानबीन की जा रही है।
ख़ालिस्तानी समर्थकों की बढ़ी हिम्मत, मोंगा कमिश्नर दफ़्तर पर लहराया ख़ालिस्तानी झंडा, लपेटे गए
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
14 अगस्त को मोगा के कमिश्नर ऑफिस पर लहरा रहा भारत का तिरंगा निकाल कर खालिस्तान का झंडा लगा दिया था। इस मामले में 16 दिन से फरार चल रहे दो खालिस्तानी समर्थकों को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया है। शर्मनाक बात यह है कि, इस घटना का मास्टर माइंड पंजाब पुलिस के एक अफसर का बेटा है। बताया जा रहा है कि दिल्ली से पकड़े गए दोनों खालिस्तान समर्थक विदेश भागने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन इससे पहले ही स्पेशल पुलिस टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मोगा के रौली गांव के जसपाल सिंह और इंद्रजीत सिंह के रूप में हुई है। जसपाल घटना का मास्टरमाइंड है। उसके पिता पंजाब पुलिस में अफसर हैं। आरोपियों के प्रतिबंधित सिख संगठन से भी संबंध सामने आए हैं।
गुरपतवंत सिंह ने दिया था ढाई लाख डॉलर का लालच-
खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने समर्थकों को खालिस्तानी झंडा फहराने के लिए उकसाया था। उसने ऐलान किया था कि 15 अगस्त को जो शख्स लाल किले पर खालिस्तानी झंडा फहराता है, तो उसे सवा लाख डॉलर दिए जाएंगे। अगर कोई सरकारी दफ्तर पर झंडा फहराता है, तो उसे ढाई हजार डॉलर दिए जाएंगे। इसी से प्रभावित होकर आरोपियों ने खालिस्तानी झंडा तैयार करवाया।
झंडा लहरा कर वीडियो भी बनाया-
जसपाल और इंद्रजीत 14 अगस्त को सुबह 8 बजे कमिश्नर ऑफिस में घुस गए। फिरोजपुर के साधूवाला गांव के रहने वाले आकाशदीप को भी अपने साथ ले लिया। तीनों ने कमिश्नर ऑफिस की चौथी मंजिल से तिरंगा उतारकर केसरिया खालिस्तानी झंडा फहरा दिया। झंडे पर सिख पंथ का पवित्र निशान खंडा बना हुआ था। खालिस्तान जिंदाबाद भी लिखा था। आरोपियों ने घटना का वीडियो बनाकर भी वायरल किया था।
तीसरे दिन ही गिरफ्तार हो गया था आकाशदीप-
घटना सामने आने के बाद तीनों पर केस दर्ज किया था। जसपाल और इंद्रजीत सिंह पर तिरंगे का अपमान और खालिस्तानी झंडा फहराने और आकाशदीप पर इसका वीडियो बनाने का आरोप है। पुलिस ने आकाशदीप को घटना के तीसरे दिन गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन जसपाल और उसका साथी इंद्रजीत भागकर दिल्ली पहुंच गए थे। जसपाल का पिता चमकौर सिंह मुक्तसर जिले में सब इंस्पेक्टर है। उसकी गिरफ्तारी न होने पर पंजाब पुलिस पर सवाल भी उठने लगे थे।
सिख फॉर जस्टिस से जुड़े है आरोपी-
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के डीसीपी संदीप यादव ने बताया कि उन्हें राष्ट्रविरोधी गतिविधि के दो आरोपियों के दिल्ली में छिपे होने की जानकारी मिली थी। उनकी टीम ने करनाल बाइपास पर छापा मारकर इंद्रजीत और जसपाल को धर दबोचा। पुलिस के मुताबिक, इन दोनों के खालिस्तान जिंदा फोर्स के साथ संबंध बताए जा रहे हैं। साथ ही इनके तार प्रतिबंधित संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ से भी जुड़े हुए हैं।

















