न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
- सुबह 6:30 बजे रिया के घर पहुंची एनसीबी
- अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया है
- गिरफ्तार आरोपियों ने रिया, शोविक और मिरांडा से कनेक्शन कबूले
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अभी अभी खबर आई है कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का निधन हो गया है. वे 84 वर्ष के थे. दिल्ली के आर्मी अस्पताल में पिछले कई दिनों से वे भर्ती थे. यहां पर उनका ऑपरेशन होने के बाद उनकी कोविड जांच भी की गई, जिसमें वे पॉजिटिव पाए गए थे. 10 अगस्त को उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था. यहां उनके दिमाग का भी ऑपरेशन किया गया. लेकिन पिछले कुछ दिनों से वे गहरे कोमा में थे.
प्रणव मुखर्जी के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है. वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शात ने भी पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर शोक व्यक्त किया.
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में करीब 150 वर्ष पुराने ऐतिहासिक मोती महल इमारत का एक हिस्सा गिरने से करीबन 2 दर्जन से ज्यादा वाहन मलबे के नीचे दब गए हैं। जैसे ही दीवार गिरी आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया। हालांकि किसी भी तरह के इंसान के हताहत होने की खबर नहीं है।
दरअसल सोमवार की सुबह भोपाल के फतेहपुर इलाके में भारी बारिश की वजह से डेढ़ सौ साल पुरानी मोती महल इमारत का एक हिस्सा भरभरा कर गिर पड़ा। जिसके अंदर करीबन 2 दर्जन से अधिक गाड़ियां दब गई है। जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्य मौके पर पहुंच मलबे को हटाने का काम कर रही है। खबरों के मुताबिक अभी तक किसी की जान के हताहत होने की खबर नहीं है। हालांकि मोती महल की पहली मंजिल पर अवैध रूप से मजदूर रहने लगे थे किंतु लॉकडाउन में वह सब अपने घर वापस चले गए हैं।
दूसरी तरफ आसपास के लोगों का कहना है कि इमारत का गिरना प्रशासन की गलती है। प्रशासन द्वारा कोई देखरेख नहीं की जा रही थी। लोगों ने यह भी बताया कि इससे पहले भी इसका एक हिस्सा गिर चुका है। बावजूद इसके प्रशासन लगातार इस मामले की अनदेखी कर रहा था लकड़ियों के सहारे खड़ी इन दीवारों में अब जान नहीं रह गई है। दीवार के गिरने से किसी की मोटरसाइकिल तो किसी की नई कार दबकर मलबे के नीचे चली गई है। जिसके बाद एसडीआरएफ की एक टीम घटनास्थल में मौजूद है और वाहनों को मलबे से निकालने का काम जारी है।
मोती महल का निर्माण भोपाल की तत्कालीन नवाब कुदसिया बेगम ने 1819-1837 में करवाया था। मोती महल से शौकत महल में जाने के लिए इसी दरवाजे के ऊपर से आने जाने के लिए जोड़ा गया है। महल के पास ही सदर मंजिल भी है। जो कुदसिया बेगम का पहला दरबार था।
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एक तरफ एलओसी पर पाकिस्तान, तो दूसरी ओर एलएसी पर चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। एलओसी पर तो पाकिस्तान अक्सर ही फायरिंग करता रहता है, तो एलएसी पर चीन सीमा में घुसने की कोशिश करता रहता है। इसी कोशिश में 15 जून को हुई झड़प में देश के करीब 20 जांबाज जवान शहीद हो गए थे, तो इन्हीं शहीदों ने शहीद होने से पहले चीन के 100 से अधिक सैनिकों को जमीन पर बेजान सुला दिया था। आर्मी सूत्रों के अनुसार गलवान झड़प के 75 दिन बाद 29-30 की रात फिर उसने यथास्थिति का उल्लंघन किया है। सेना के मुताबिक, 29 अगस्त की रात चीनी सेना ने पूर्वी लद्दाख के भारतीय इलाके में घुसपैठ की कोशिश की, लेकिन भारतीय जवानों ने चीनी सैनिकों की इस कोशिश को एक बार फिर नाकाम कर दिया। भारत ने इसे यथास्थिति का उल्लंघन बताया है।
भारत ने यह भी कहा कि हमारी सेना बातचीत के जरिए शांति कायम करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन हम अपनी सीमाओं की सुरक्षा करना जानते हैं। इस मुद्दे को सुलझाने के लिए चुशूल में ब्रिगेड कमांडर लेवल की बातचीत भी हो रही है। 15 जून को लद्दाख के गलवान में चीन और भारत के सैनिकों में हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें हमारे 20 जवान शहीद हो गए थे। गलवान झड़प के बाद लद्दाख में विवादित इलाकों से सैनिक हटाने के लिए भारत-चीन के आर्मी अफसरों के बीच 2 बार मीटिंग हो चुकी हैं। ये बैठकें 30 जून और 8 अगस्त को चीन के इलाके में पड़ने वाले मॉल्डो में हुई थीं, लेकिन इसका कोई खास नतीजा सामने नहीं आया। आर्मी और डिप्लोमैटिक लेवल की कई राउंड की बातचीत के बावजूद चीन पूर्वी लद्दाख के फिंगर एरिया, देप्सांग और गोगरा इलाकों से पीछे नहीं हट रहा। चीन के सैनिक 3 महीने से फिंगर एरिया में जमे हुए हैं। अब उन्होंने बंकर बनाने और दूसरे अस्थायी निर्माण करने भी शुरू कर दिए हैं।
भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने हाल ही में बड़ा बयान दिया था। रावत ने कहा था, ‘‘चीन के साथ बातचीत से विवाद नहीं सुलझा तो सैन्य विकल्प भी खुला है। हालांकि, शांति से समाधान तलाशने की कोशिशें की जा रही हैं। आर्मी से लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) के आस-पास अतिक्रमण रोकने और इस तरह की कोशिशों पर नजर रखने के लिए कहा गया है।