कानून व्यवस्था से लेकर तमाम शिकायतों को निर्देश के बाद भी निपटारे में हीलाहवाली को दुरुस्त करने के लिए प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने नई पहल शुरू की है।उन्होंने डीजीपी मुख्यालय पर नई एसएमएस सेवा शुरू की है। इसके तहत डीजी ऑफिस में पहुंचने वाले लोगों की फरियाद पर एमएमएस से जानकारी दी जाएगी। नई व्यवस्था के तहत हर फरियादी को एक कोड दिया जाएगा। इसी कोड से फरियादी के प्रार्थनापत्र को ट्रैक किया जा सकेगा, ताकि जिस जिले या विभाग को फरियाद जाएगी, उससे डीजी आॅफिस जानकारी ले सकेगा।
दरअसल अभी तक ये होता रहा है कि डीजीपी मुख्यालय में पहुंचने वाली शिकायत को संबंधित जिले में भेज दिया जाता है, इस प्रक्रिया में उस शिकायत पर कार्रवाई उसकी यथास्थिति आदि की जानकारी जिलों से डीजीपी मुख्यालय को दी जाती थी। कई मामलों में इस प्रक्रिया में लेटलतीफी या हीलाहवाली देखने को मिलती थी।
उधर फरियादी कभी डीजीपी दफ्तर के चक्कर लगाता रहता था। उसे पता हीं नहीं चल पाता कि उसकी शिकायत की फाइल है कहां। इसी से निपटने के लिए डीजीपी दफ्तर से अब एसएमएस प्रणाली शुरू की गई है। ताकि हर एक शिकायत पर नजर रखने के साथ ही फरियादी को भी उसकी सूचना मिलती रहे।
मामले में व्यक्ति को उसकी फरियाद की स्थिति की जानकारी एसएमएस से मिलती रहेगी। डीजीपी दफ्तर के अनुसार इस व्यवस्था के चलते जिलों, विभागों की जवाबदेही तय करने में आसानी होगी। तय समय मे कार्रवाई न करने वाले अधिकारियों पर डीजी ऑफिस की नजर रहेगी। एसएमएस सेवा गुरुवार से शुरू हो गई।
जहां कुछ लोग मूली को सब्जी या सलाद में बड़े चाव से खाते हैं, वहीं ऐसे भी लोग हैं जो केवल मूली के नाम से ही मुँह सिकोड़ने लगते हैं। मूली का सेवन आपको न सिर्फ आपकी सेहत के लिए लाभकारी है, बल्कि शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भी मददगार है। मूली को रोजाना अपनी डाइट में शामिल करने से आप कई बड़ी बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं, जिनमें कैंसर, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर जैसी कई बीमारियां शामिल हैं।
रोजाना सुबह खाली पेट मूली खाने से डायबिटीज जैसी बीमारी से छुटकारा मिल सकता है। साथ ही सुबह इसके सेवन से पीलिया जैसे रोग से भी छुटकारा पाया जा सकता है। फॉलिक एसिड, विटामिन C और एंथोकाइनिन की भरपूर मात्रा शरीर में कैसर प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है, साथ ही मूली एक विरोधी-कंजेस्टिव है, जो श्वसन तंत्र की रुकावट को कम कर देती है। मूली में भरपूर मात्रा में विटामिन पाए जाने के कारण संक्रमण से श्वसन प्रणाली की रक्षा होती है।
बवासीर में कच्ची मूली या मूली के पत्तों की सब्जी बनाकर खाने से आराम मिलता है। खाना न पचने या फिर खट्टी डकार आने पर मूली काफी सहायक मानी जाती है। मूली के एक कप रस को मिश्री में मिलाकर पीने से खट्टी डकारों से छुटकारा मिलता है। खान-पान में बदलाव के कारण आज कल दांतों में पायरिया की समस्या आम हो चली है। पायरिया से परेशान लोग अगर मूली के रस से दिन में 2 से तीन बार कु्ल्ला करते हैं, तो इससे फायदा मिलता है। अगर आप मोटापे से परेशान हैं और वजन कम करने के लिए एक्सरसाइज कर रहे हैं, दिन-रात पसीना बहा रहे हैं, लेकिन कोई असर नहीं मिल रहा है, तो मूली के रस में नींबू और नमक मिलाकर पीने से बहुत लाभ मिलता है।
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच डरबन के किंग्समेड स्टेडियम पर खेला गया पहला एकदिवसीय मैच भारतीय टीम ने 6 विकेट से अपने नाम कर लिया है। भारत के कप्तान विराट कोहली के शानदार शतक और अजिंक्य रहाणे के बेहतरीन 79 रनों की बदौलत टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका को 6 मैचों की श्रृंखला के पहले मैच में दमदार शिकस्त दी है।
जीत के लिए मिले 270 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाजों रोहित शर्मा और शिखर धवन ने टीम को एक सधी हुई शुरुआत दी। हालांकि भारतीय टीम को पहला झटका रोहित शर्मा के रुप में 33 रनों के स्कोर पर तब लगा, जब वह बेहतर खेल रहे थे। इसके बाद पिच पर आए भारतीय कप्तान विराट कोहली ने शिखर धवन का अच्छा साथ दिया, लेकिन 67 रनों पर शिखर के रन आउट होते ही ऐसा लगा मानो फिर विकेटों के पतझड़ लगने लगेंगे, लेकिन हुआ इसके बिल्कुल उलट।
दक्षिण अफ्रीका में शानदार प्रदर्शन कर चुके अजिंक्य रहाणे से टीम को उम्मीदें थीं, और वह उम्मीदों पर खरे भी उतरे। भारतीय कप्तान के साथ मिलकर रहाणे ने अफ्रीकन गेंदबाजों पर हमला बोलते हुए, ग्राउंड पर चारो ओर अपने शॉट्स खेले। भारत को तीसरा झटका रहाणे के रूप में ही 256 पर लगा, उन्होंने 79 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेलते हुए टीम को जीत के करीब पहुंचा दिया। विराट और रहाणे के बीच तीसरे विकेट के लिए 189 रनों की साझेदारी हुई। एक छोर से दक्षिण अफ्रीकी कप्तान की तरह ही विराट कोहली भी टिके रहे और उन्होंने 112 रनों की बेमिसाल पारी खेली। यह मैच भारत ने 6 विकेट से जीत लिया। मैच में शानदार शतक लगाने वाले भारतीय कप्तान विराट कोहली को मैन ऑफ द मैच चुना गया।
इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीकन टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। एक बार फिर भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने टीम को शुरुआती झटके दिए। दक्षिण अफ्रीका को पहला झटका 30 रन पर हासिम अमला के रूप में लगा। अनुभवी बल्लेबाज एबी डिविलियर्स की अनुपस्थिति में उतरी दक्षिण अफ्रीकन टीम के विकेट एक बाद एक गिरते रहे, लेकिन कप्तान फाफ डू प्लेसिस दूसरे छोर से जमे रहे। दक्षिण अफ्रीका की ओर से कप्तान फाफ डू प्लेसिस ने शानदार शतक लगाया, उन्होंने 120 रनों की बहुमूल्य पारी खेली। भारत की ओर से सबसे ज्यादा 3 विकेट कुलदीप यादव ने झटके।
आज वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा आम बजट पेश किया गया। बजट पेश होने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए ट्वीट किया कि शुक्र है एनडीए सरकार का केवल एक साल बचा हुआ है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने ट्वीट में लिखा कि चार साल बीत गए, अब भी किसानों से उचित मूल्य के वादे किए जा रहे हैं। चार वर्ष बीत गए, तड़क-भड़क वाली योजनाएं। चार वर्ष बीत गए युवकों को नौकरी नहीं मिली। शुक्र है कि एक साल और बचा हुआ है।
सरकार के कई मंत्रियों ने इस बजट की तारीफ की है और इसे गरीबों, किसानों और आम आदमी का बजट बताया है। वहीं विपक्ष के नेता सरकार पर इस बजट को लेकर निशाना साध रहे हैं। सपा अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा कि गरीब -किसान-मजदूर को निराशा, बेरोजगार युवाओं को हताशा, कारोबारियों, महिलाओं, नौकरीपेशा और आम लोगों के मुँह पर तमाचा। ये जनता की परेशानियों की अनदेखी करने वाली अहंकारी सरकार का विनाशकारी बजट है। आख़री बजट में भी भाजपा ने दिखा दिया कि वो केवल अमीरों की हिमायती है, अब जनता जवाब देगी।
भारतीय शहीद जवानों के आश्रितों के लिए यूपी सरकार ने सबसे अलग व अनूठा कदम उठाते हुए आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने का फैसला किया है। यह लाभ थल, जल व नभ सेना के अलावा अर्धसैनिक बलों में कार्यरत रहे या कर्तव्यपालन के दौरान शहीद होने वाले सैनिकों के आश्रितों को मिलेगा। उत्तर प्रदेश में इस प्रक्रिया की शुरुआत 1 अप्रैल 2018 से लागू मानी जाएगी।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि यह फैसला शहीदों के बलिदान के प्रति राज्य सरकार की कृतज्ञता होगी। शहीद सैनिकों के आश्रितों को सरकारी सेवा में जाने के लिए प्रक्रिया तय कर दी गई है। यह सुविधा पूर्व से मिल रही सुविधा या सहायता के अतिरिक्त होगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में विभाग बाद रोस्टेड बनाने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक हाई पावर कमेटी बनाई जाएगी, इसमें विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव व सचिव शामिल होंगे। सशस्त्र सैनिक बल के लिए सैनिक कल्याण विभाग व अर्धसैनिक बलों के लिए गृह विभाग नोडल विभाग होगा। यह भर्तियां राज्य लोक सेवा आयोग के बाहर वाले पदों पर होंगी। मंत्री ने बताया कि सरकार के लोक सेवाओं व अन्य पदों पर शहीद के आश्रितों को नौकरी दी जाएगी। लेकिन नौकरी राज्य लोक सेवा आयोग के पद पर नहीं दी जाएगी। नियुक्तियों के लिए शैक्षिक योग्यता पूरी करनी होगी। केंद्र व राज्य सरकार तथा उनके अधीन अर्ध सरकारी संस्थाओं में कार्यरत सेवानित कर्मी व संवैधानिक पदों पर कार्यरत व पूर्व में कार्य कर चुके शहीद के आश्रितों के सेवा के लिए पात्र नहीं होंगे।
पात्रता-
राज्य सरकार द्वारा सशस्त्र बलों के तीनों सेनाओं में और अर्धसैनिक बलों में स्थाई व अस्थाई रूप से नियुक्त कमीशंड ऑफिसर सैनिक आदि कर्तव्य पालन के दौरान देश की सीमा में अंतर राष्ट्रीय युद्ध गोलाबारी, युद्ध के दौरान दुर्घटना, सीमा पर आतंकी घटनाओं व अराजक तत्वों की गतिविधियों में हुई हिंसा, प्राकृतिक आपदा व वाहन दुर्घटना के दौरान शहीद हुआ है या इन परिस्थितियों में लापता हुए और सक्षम न्यायालय में मृत घोषित किया है, तो उनके आश्रितों सरकारी सेवा के लिए पात्र होंगे।
कैसे करें आवेदन
तीनों सेनाओं से जुड़े शहीद सैनिकों के आश्रितों को नौकरी के लिए आवेदन पत्र सैनिक कल्याण विभाग व अर्धसैनिक बल के लिए प्रदेश के गृह विभाग को देना होगा। इस पर शहीद के परिवार की पूरी जानकारी होगी, सैनिक कल्याण व गृह विभाग शहीद आश्रितों के आवेदन पत्रों को विभागों के रोस्टर प्रणाली के तहत नियुक्ति के लिए संबंधित विभाग को भेजेगा। पद ना होने पर अधिसंख्य पद सृजित किए जाएंगे। परिवार को नौकरी के लिए एक से अधिक पात्र आश्रित होने पर वरीयता ने पहले आने वाले अस्तित्व को अवसर मिलेगा यदि वह अपनी वरीयता हस्तांतरित करने का लिखित घोषणा पत्र देता है, तो अगली वरीयता के आश्रित को नौकरी मिलेगी, नौकरी के लिए न्यूनतम 18 वर्ष होनी चाहिए।रिटायरमेंट की उम्र पूरी करने पर नियुक्त पर विचार नहीं होगा।
पात्रता काक्रम-
शहीद के विवाहित होने पर क्रम से पत्नी या पति (जैसी स्थिति हो) पुत्र/विधवा पुत्रवधु, अविवाहित पुत्रियां, कानून संगत दत्तक पुत्र/ पुत्रियां, माता/पिता इनकी शारीरिक व मानसिक अयोग्यता की स्थिति में आश्रित पौत्र व अविवाहित पौत्रियां आश्रित की श्रेणी में माने जाएंगे। यदि शहीद अविवाहित है तो माता-पिता, अविवाहित भाई/अविवाहित बहन या विवाहित भाई क्रम से आएंगे।
फिल्म ‘पद्मावत’ में अलाउद्दीन खिलजी की पहली बेगम मेहरुनिसा का रोल अदिति राव हैदरी ने निभाया है। इस फिल्म में मेहरुनिसा के रोल का मौका अदिति को मिला, इसका सुझाव जया बच्चन ने संजय लीला भंसाली को दिया था। इस रोल पर अदिति ने खूब सराहनायें बटोरी हैं। अभिनेत्री अदिति राव हैदरी का कहना है कि वह इस बात से बेहद खुश हैं कि मशहूर अभिनेत्री जया बच्चन ने फिल्म ‘पद्मावत’ के लिए फिल्मकार संजय लीला भंसाली को उनके नाम की सिफारिश की।
अदिति ने कहा कि बड़ा अद्भुत लगा कि उन्होंने मेरे नाम का सुझाव दिया। मेरा फिल्म इंडस्ट्री में कभी इस प्रकार का सपोर्ट नहीं रहा। इसके अलावा, जिन लोगों से मैं प्यार करती हूं और उनका सम्मान करती हूं, यदि वे मेरे लिए खड़े होते हैं, मुझे प्रोत्साहित करते हैं और मेरी प्रशंसा करते हैं, तो यह बहुत बड़ी बात है।
इतना ही नहीं, जब से पुचा गया कि क्या उन्हें मालूम है कि जया बच्चन ने क्यों उन्हीं का नाम लिया, तो उन्होंने कहा कि जब आपको आशीर्वाद मिलता है, तो आप प्रश्न नहीं। उन्होंने संजय सर को कारण बताया होगा, लेकिन मैंने कहीं पढ़ा कि उन्होंने कहा कि मेरी आंखों में कुछ पवित्रता है और चेहरे में नूर है।
आज दिल्ली में यूनियन बजट पेश किया गया। इस बजट ने महिलाओं को खूब निराश किया है। इस बजट पर महिलाओं ने भी अपनी नज़रें बना रखी थी। ऐसे में जहां मोबाइल इलेक्ट्रॉनिक जैसी वस्तुओं पर टैक्स बढ़ा, वहीं खाने-पीने की चीजें भी महंगी हो गई। इतना ही नहीं महिलाओं के रोजमर्रा काम आनेवाली वस्तुओं को भी महंगा कर दिया गया है, जिससे वित्त मंत्री अरुण जेटली के बजट ने महिलाओं को निराश कर दिया है। इस बजट से महिलाओं के लाइफस्टाइल पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
जेटली ने रोजाना इस्तेमाल की जानेवाली चीजों की कीमत में बढ़ोत्तरी की है। इस बार बजट में कार और मोटरसाइकिल, फर्नीचर, विदेशी मोबाइल और लैपटॉप, बसों के टायर, एलसीडी-एलईडी-ओएलईडी टीवी, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसर, टायलेट स्प्रे, आउटडोर खेलों के उपकरण, सिगरेट और लाइटर जैसी वस्तुएं महंगी हुई।
वहीं महिलाओं के काम आनेवाली वस्तुओं में टेलकम पाउडर, सनस्क्रीन, चांदी और सोना, स्मार्ट घड़ियां, मैनीक्योर और पेडिक्योर, जूते-चप्पल, परफ्यूम, नहाने का सामान और रेशमी कपड़ों के दाम बढाए गए हैं।
राजस्थान उपचुनाव की तीनों सीटों पर कांग्रेस ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उपचुनाव में भाजपा ने तीनों सीट अपने हाथों से गंवा दी है। वहीं इस हार के बाद राज्य की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ट्वीट कर अपने हार को स्वीकार किया है। भाजपा की बुरी तरह से हार को लेकर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने समीक्षा बैठक शुरू कर दी है।
उन्होंने हार के बाद ट्वीट करते हुए लिखा कि हम राजस्थान के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं और रहेंगे। मैं भाजपा प्रत्याशियों, कार्यकर्ताओं और नेताओं का आभार व्यक्त करती हूँ, जिन्होंने इन चुनाव में मेहनत की, लेकिन अब हमें और कड़ी मेहनत करनी की जरूरत है। आगे उन्होंने लिखा कि जनता की सेवा का जो प्रण हमने 4 साल पहले किया था, उसे पूरा करने में हमनें कोई कसर नहीं छोड़ी है। आज तीनों निर्वाचन क्षेत्रों में जनता ने जो फैसला दिया है, वह सिर आँखों पर है।
राजस्थान में भाजपा की उपचुनाव में हार के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने भी भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट द्वारा निशाना साधते हुए लिखा है कि राजस्थान कि जनता ने भाजपा को नकार दिया है। जीत के लिए उन्होंने सभी राजस्थान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को बधाई दी है। वहीं राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने भी मुख्मंत्री वसुंधरा राजे पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि राजस्थान की जनता ने कांग्रेस की इस जीत के बाद भाजपा के गलत शासन को साफ़ संदेश दिया है। राजस्थान उपचुनाव की जीत ने राहुल गाँधी को नये साल का तोहफा दिया है। राजस्थान की जनता ने एक बार फिर कांग्रेस की नीतियों में भरोसा दिखाया है।
उन्होंने आगे लिखा कि यह जीत राजस्थान कांग्रेस में एक नई उर्जा का संचार करेगी। आने वाले राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सरकार बनेगी और ऐसा होने से कोई रोक नहीं सकता है।भाजपा ने झूटे वादे किए थे। युवा रोजगार की तलाश में सड़कों पर हैं। राजस्थान की जनता ने भाजपा पर भरोसा किया था और उन्हें प्रदेश में पूर्ण बहुमत के साथ मौका दिया था। अब लोग पूछ रहे हैं हमारी क्या गलती है।
इस हार को लेकर अध्यात्मिक गुरु प्रमोद आचार्य ने भी भाजपा की हार को लेकर तंज कसा है। उन्होंने अपने एक ट्वीट में लिखा कि भाइयों और बहनों हमारी सरकार का यह आखिरी बजट है। बजट का कितना असर पड़ेगा, ये नहीं पता, लेकिन अलवर और अजमेर की हार 2019 के चुनाव का गणित जरूर बिगड़ देगी। अजमेर और लोकसभा के नतीजे आज भक्तों का स्वाद जरूर बिगाड़ेगी।
बता दें कि अलवर, अजमेर लोकसभा व मंडलगढ़ विधानसभा में उपचुनाव, यहां के प्रतिनिधियों के निधन के कारण हुए हैं। अलवर से सांसद रहे महंत चांदनाथ और अजमेर सांसद व पूर्व केन्द्रीय मंत्री रहे सांवरलाल जाट का निधन बीते वर्ष बीमारी के कारण हो गया था। जबकि, मंडलगढ़ विधायक कीर्ति कुमारी की भी स्वाइन फ्लू के चलते मृत्यू हो गई थी।