हरियाणा के सेंट्रल यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले 2 कश्मीरी छात्रों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। बता दें कि इन दोनों छात्रों के साथ तब मारपीट हुई, जब यह दोनों मस्जिद से नमाज पढ़कर यूनिवर्सिटी कैंपस लौट रहे थे। पीड़ित छात्रों ने बताया कि 15 से 20 लोगों ने हमको मिलकर मारा और हमें बचाने के लिए कोई आगे नहीं आया।
पुलिस ने अब तक इस मारपीट मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं सीसीटीवी के आधार पर 3 और लोगों की पहचान की गई है। महेन्द्रगढ के एसपी कमलदीप ने बताया कि इस घटना में छह लोग आरोपी हैं और पूरे मामले की छानबीन चल रही है। वहीं महेन्द्रगढ़ की जिला आयुक्त गरिमा मित्तल ने इस घटना के बारे में कहा है कि तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है। हम इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि सही तरीके से जांच हो। पीड़ितों को मेडिकल मदद दी गई है।
कश्मीरी छात्रों के साथ मारपीट के बाद जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने हरियाणा सरकार से जांच की मांग की है। वहीं उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से आरोपी छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। विपक्ष ने भी विधानसभा में महबूबा मुफ्ती से इस मारपीट को लेकर जवाब देने की मांग की है। हालांकि अब तक इस मारपीट के पीछे की असली वजह का पता नहीं चला है।
शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी अपने विवादित बयानों के लिए हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। इस बार उन्होंने राम जन्म भूमि अयोध्या को लेकर एक विवादित दिया है। उन्होंने राम मंदिर के निर्माण का विरोध करने वाले मुसलमानों को पाकिस्तान या बंग्लादेश चले जाने के लिए कहा है।
उन्होंने आगे कहा कि जो लोग अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर बनाने का विरोध कर रहे हैं और बाबरी मस्जिद चाहते हैं, ऐसे कट्टर मानसिकता वाले लोगों को पाकिस्तान या बंग्लादेश चले जाना चाहिए। ऐसे मुसलमानों के लिए भारत में कोई जगह नहीं है। रिजवी ने बताया कि मस्जिद के नाम पर जो जिहाद फैलाना चाहते हैं, उन्हें जरूर चले जाना चाहिए और आईएसआईएस प्रमुख अबू बकर अल बगदादी के गुट में शामिल होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कट्टरपंथी मुस्लिम मौलवी देश को तोड़ना चाहते हैं और उन्हें पाकिस्तान और अफगानिस्तान चले जाना चाहिए।
बता दें कि रिजवी के इस बयान पर शिया धर्म गुरु भड़क गए हैं। उन्होंने कहा कि रिजवी को साम्प्रदायिकता फैलाने के आरोप में जेल में डाल देना चाहिए। शिया उलेमा काउंसिल के अध्यक्ष इफ्तेखार हुसैन इंकलाबी ने कहा कि रिजवी एक अपराधी हैं और उन्होंने शिया वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर कब्जा कर रखा है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी रिजवी मदरसों को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि मदरसे पढ़ने वाले बच्चे आतंकवादी बनते हैं। वहीं सर्वोच्च न्यायालय बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद पर आठ फरवरी से सुनवाई करने वाला है।
अनुज हनुमत | Navpravah.com उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ यूपी पुलिस का ऑपरेशन क्लीन जारी है। इसी क्रम में आज सुबह से बुन्देलखण्ड के सबसे बड़े इनामी डकैत (5 लाख 50 हजार) बबली कोल और उसकी पूरी गैंग को चित्रकूट पुलिस् ने मारकुंडी थाना क्षेत्र के अंतर्गत जमुनिहाई के जंगलो में घेर रखा है। जहां पुलिस और डकैतों के बीच जमकर गोलीबारी हो रही है। जंगलो से आ रही खबर के अनुसार, डकैत बबुली कोल गैंग का हार्डकोर मेम्बर 25 हजार के इनामी सदस्य जियालाल कोल को पुलिस एकाउंटर में गोली लगी है। इस डकैत के पैर और जांघ में गोली लगने की खबर आ रही है।
फिलहाल ये डकैत पुलिस की गिरफ्त में है और इसे इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। जानकारी के लिए आपको बता दें कि जमुनहाई के जंगलों में पुलिस ने गैंग को घेर रखा है। मौके पर कई थानों की फोर्स ने जंगल में मौजूद पुलिसबल का साथ दिया। पुलिस और डकैतों के बीच लगातार फायरिंग हो रही है। पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेन्द्र, अपर पुलिस अधीक्षक बलवंत चौधरी और मारकुंडी थानाध्यक्ष साजिद खान के नेतृत्व में पुलिस के जाबांज डकैतों के ऊपर गोलियां बरसा रहे हैं।
इस एकाउंटर मे जिस डकैत को गोली लगी है, वो 25 हजार का इनामी डकैत है, जो गैंग का सक्रिय सदस्य है। घायल डकैत जियालाल, पिछली मुठभेड़ में बबुली कोल के साथ ही था, जब जांबाजी से मोर्चा ले रहे एसआई जेपी सिंह को गोली लगी थी। फिर यही डकैत पुलिस की गोली से घायल बबुली कोल को भगाकर ले गया था। फिलहाल पुलिस का एकाउंटर जारी है और डकैत बबुली कोल गैंग के समाप्त होने की पूरी उम्मीद भी है।
घंटों ऑफिस में काम करना और लगातार एक ही पोजिशन में बैठ कर काम करना, आजकल की शैली में शामिल हो गया है। ऐसे में पीठ का दर्द हर 10 में से पाँच लोगों को हो ही जाता है।
कई बार दर्द इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि हल्का सा झुकना भी शरीर को तोड़ने के बराबर लगता है। 8 से 9 घंटे तक ऑफिस में काम करने से काफी लोगों को पीठ दर्द की समस्या धीरे-धीरे हो रही है।
पीठ दर्द की समस्या को कुछ लोग इग्नोर भी करते हैं, लेकिन ऐसा करने से आगे चलकर ये समस्या बढ़ सकती है। ज्यादा वक्त तक पीठ दर्द की समस्या स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होती चली जाती है।
काफी लंबे समय से सीधा ना बैठना, ज्यादा वजन होने या फिर व्यायाम ना करने से लोगों की पीठ में दर्द होता है। खेलते या फिर ट्रैवल करते वक्त बार-बार झटके लगने से भी कई बार रीढ़ की हड्डी पर असर पड़ता है, जो पीठ दर्द का कारण बनता है।
रात को सोते समय कई बार लोग पैरों को मोड़कर सोते हैं, कुछ लोगों का मानना है कि इस तरह सोने से उन्हें आराम मिलता है, लेकिन ऐसे सोने से आपकी पीठ में दर्द हो सकता है।
करें ये काम, मिलेगा आराम-
* रास्ते में चलते या फिर कहीं भी बैठते वक्त ध्यान दीजिए की आपकी पीठ सीधी हो।
* ऑफिस में ज्यादा वक्त बिताने वाले लोगों को सीधे पोजिशन में बैठना चाहिए।
* खुद को फिट रखने के लिए लोग कसरत करते हैं, लेकिन कोई भी ऐसी एक्सरसाइज ना करें, जिसमें आपको झुकना पड़े।
* कोई वजनदार चीज न उठाएं, अगर कभी भारी वस्तु उठाने की जरूरत पड़ती है, तो पहले घुटनों को मोड़े तब सामान उठाएं।
* खाने में विटामिन डी 3, विटामिन सी और कैल्सियम, फास्फोरस व हरी सब्जियों का सेवन करें, इससे पीठ दर्द में आराम मिलेगा।
उत्तरप्रदेश के मेरठ जिले से एक चौकाने वाली खबर सामने आई है। ताजा मामले में बीएसएफ का एक जवान यूपी में भू-माफिया का शिकार बना है। उन्होंने अपनी आपबीती रो-रोकर दुनिया के सामने बताई है। पीड़ित बीएसएफ जवान ने बताया कि भू-माफियाओं ने उनकी जमीन कब्जा ली है। SDM, भू-माफियाओं से मिलकर जमीन कब्ज़ा करा रहे हैं। जब वह डीएम कार्यालय में शिकायत करने अपने बूढ़े पिता के साथ गए, तो अधिकारियों ने उसके साथ अभद्रता की। पीड़ित फौजी कारगिल युद्ध में भाग ले चुका है और उसने बॉर्डर पर आत्मदाह की चेतावनी दी है।
बीएसएफ जवान ने अपनी दर्दभरी कहानी सुनाई, तो मेरठ जिलाधिकारी कार्यालय में सभी की आंखे भर आयीं। नायब सूबेदार जगबीर सिंह ने बताया कि वह मेरठ जिला के इचौली थाना क्षेत्र के जलालाबाद उर्फ जलालपुर गांव का रहने वाले हैं। उनके पिता का नाम मंगलू सिंह है। उनके पिता की गांव में ही खसरा नंबर 486 पर 4820 मीटर जमीन है। जबकि फौजी की पत्नी सीमा सिंह के नाम खसरा नंबर 485 की जमीन है। इस जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है। फौजी कारगिल युद्ध में भी भाग ले चुका हैं। इस समय वह गुजरात में पाकिस्तान के बॉर्डर पर तैनात है। फौजी के मुताबिक, भूमाफियाओं ने फौजी की जमीन कब्जा ली है। जब वह स्थानीय थाने पर गया तो पुलिस ने उसे भगा दिया।
बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भले ही भूमाफियाओं के लिए एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स बनाया है और अधिकारियों को चेतावनी दे रहे हों कि वह सभी पीड़ितों के सामने शालीनता से पेश आएं। लेकिन ढीठ हो चुके अफसर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं।
भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने शुक्रवार को राज्यसभा में गौरक्षा सरंक्षण बिल 2017 पेश करते हुए गौ हत्यारों पर फांसी की सजा की मांग की है। राज्य सभा में बिल पेश करते हुए स्वामी ने मुग़ल शासक बहादुर शाह जफर का उदहारण देते हुए कहा कि शाह के शासन कल में गौ हत्या पर प्रतिबंद था। अंग्रेजों के आने के बाद गौ हत्या का चलन बढ़ा है।
स्वामी ने सदन को बताया कि आधुनिक विज्ञान में यह बात साबित हो चुकी है कि गाय से मिलने वाले उत्पादों के कई वैज्ञानिक पहलू हैं। उन्होंने कहा कि गौमूत्र का इस्तेमाल दवा बनाने में होता है। अमेरिका ने इसके लिए पेटेंट भी हासिल कर लिया है, जबकि हमारे ऋषिमुनियों ने हजारों साल पहले ही इस बारे में बताया था।
बिल को पेश करते हुए स्वामी ने मांग की कि हमें हमारे देश के हर एक गांव में गौशाला की स्थापना करने की जरूरत है। उन्होंने गौ तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी सजी की मांग की है। सजा में स्वामी ने गौ तस्करों के खिलाफ फांसी की सजा की मांग की है। वहीं कांग्रेस के तेलंगाना से सांसद आनंद भास्कर ने सुब्रमण्यम स्वामी पर तंज कसा है। उन्होंने स्वामी को जवाब देते हुए कहा कि हमें गाय की सुरक्षा और सेहत पर जरूर ध्यान देना चाहिए। लेकिन, गाय को हमें राजनितिक पशु नहीं बनाना चाहिए।
उत्तर मध्य रेलवे आफिसर्स स्पोर्ट एवं कल्चरल मीट 2018
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन द्वारा खेल को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से समय-समय पर विभिन्न खेल स्पर्धाओं का आयोजन किया जाता रहा है। इसी क्रम में आज दिनांक 02.02.2018 को रेलगांव स्थित स्पोर्ट ग्राउन्ड सूबेदारगंज, इलाहाबाद में तीन दिवसीय ‘उत्तर मध्य रेलवे आफिसर्स स्पोर्ट एवं कल्चरल मीट 2018’ का शुभारम्भ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि महाप्रबन्धक उत्तर मध्य रेलवे श्री एम सी चौहान एवं उत्तर मध्य रेलवे महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा श्रीमती अमिता चौहान ने कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में महाप्रबन्धक महोदय ने कहा कि खेल स्वस्थ जीवन जीने की कला है। खेल के माध्यम से जीवन में अनुशासन, सहयोग एवं साहस के साथ ही साथ टीम भावना का भी विकास होता है।
स्पोर्ट एवं कल्चरल मीट 2018 के शुभारम्भ के अवसर पर महाप्रबन्धक उत्तर मध्य रेलवे श्री श्री एम सी चौहान ने उत्तर मध्य रेलवे के तीनों मंडलों इलाहाबाद, झांसी, आगरा एवं मुख्यालय के दलों को नियमों के अनुसार एवं खेलभावना से इस मीट में भाग लेने की शपथ दिलायी। इस दौरान इस मीट की पहली स्पर्धा के रूप में क्रिकेट प्रतियोगिता का फाइनल मैच खेला गया। इलाहाबाद एवं झांसी मंडल की टीमों के मध्य खेले जाने वाले इस मैच के प्रारम्भ मे महाप्रबन्धक उत्तर मध्य रेलवे श्री श्री एम सी चौहान द्वारा सभी खिलाडियों का परिचय प्राप्त किया गया।
इलाहाबाद एवं झांसी मंडल की टीमों के मध्य खेले गये इस रोमांचक मैच में झांसी मंडल ने इलाहाबाद मंडल को 19रनों से मात दी। मैच में टॉस जीतने के बाद झांसी मंडल ने पहले बैटिंग का फैसला किया और 18.3 ओवर में 163 रन पर ऑल आउट हो गई। भानू भदौरिया एवं भानू ने 36-36 रन का योगदान किया और इलाहाबाद मंडल की ओर से आलोक कुमार ने 22 रन देकर 4 विकेट लिये | इस स्कोर का पीछा करते हुए इलाहाबाद टीम 20 ओवर मे145 रन ही बना पाई। इलाहाबाद मंडल की तरफ से डॉ परवेज़ ने 42 और राहुल सिंह ने 39 रन बनाये और झांसी मंडल के प्रदीप ने अपने 4 ओवर मे 27 रन देकर 3 विकेट लिये।
दिनांक 02.02.2018 से 04.02.2018 तक चलने वाली इस उत्तर मध्य रेलवे स्पोर्ट एवं कल्चरल मीट के अन्तर्गत विभिन्न खेल स्पर्धाओं जैसे क्रिकेट, बैडमिंटन,टेनिस, टेबल टेनिस, बिलियर्डस, पतंगबाजी एवं एथलेटिक आदि प्रतियोगिताओं के साथ-साथ सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जायेगा। इस प्रतियोगिता में उत्तर मध्य रेलवे के क्रमश: इलाहाबाद, आगरा एवं झांसी मंडल तथा मुख्यालय के अधिकारीगण बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लम्बित निवेश प्रस्तावों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सभी सम्बन्धित विभाग पुख्ता एवं समयबद्ध ढंग से लम्बित निवेश प्रस्तावों पर गम्भीरता के साथ, समाधान की दिशा में निर्णय लेते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता व लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ‘यू.पी. इन्वेस्टर्स समिट-2018’ के पूर्व इस सम्बन्ध में निर्णायक और ठोस कार्यवाही किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि यह समिट उत्तर प्रदेश की छवि को निखारने व उभारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, इसलिए निवेश के प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए शीघ्रता से कार्यवाही की जाए।
मुख्यमंत्री बुधवार को देर रात तक शास्त्री भवन में लम्बित निवेश प्रस्तावों की गहन और विस्तृत समीक्षा कर रहे थे। सीएम ने कहा कि राज्य में एग्रो एण्ड फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, टेक्सटाइल, रिन्यूएबल एनर्जी, टूरिज्म, सिविल एविएशन, इलेक्ट्राॅनिक्स, आईटी एण्ड स्टार्टअप, फिल्म, एमएसएमई आदि फोकस सेक्टर्स हैं। ऐसे में निवेश सम्बन्धी प्रस्तावों पर विलम्ब किया जाना या अनिर्णय की स्थिति का होना राज्य के विकास की प्रगति में बाधक है।
सीएम ने कहा कि जिन विभागों से सम्बन्धित नीतियां जारी नहीं हुई हैं, उन्हें भी शीघ्रता से जारी किए जाने की दिशा में कार्यवाही की जाए। साथ ही, जिनकी नीतियां जारी हो चुकी है, उनसे सम्बन्धित सुसंगत शासनादेशों को भी शीध्र जारी किया जाये, जिससे तेजी से कार्यवाही की जा सके। उन्होंने प्रदेश में सोलर ऊर्जा फार्म, लाॅजिस्टिक पार्क, ई-लाॅजिस्टिक पार्क, फार्मा पार्क और औद्योगिक पार्कों की स्थापना को बढ़ावा दिए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इस सम्बन्ध में निजी क्षेत्र के निवेशकों की समस्याओं का समाधान शीघ्रता से हो।
pc: twitter
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में निजी क्षेत्र की सहभागिता की सम्भावनाओं के अवसर को तलाशा जाए और जिन निवेशकों ने इस क्षेत्र में निवेश के लिए रुचि दिखाई है, उनसे संवाद स्थापित करते हुए समस्याओं के समाधान की कार्यवाही की जाए। इसी प्रकार शहरी व ग्रामीण साॅलिड वेस्ट मैनेजमेण्ट, सीवरेज सिस्टम तथा शहरी व ग्रामीण पेयजल की सुचारु व्यवस्था के सम्बन्ध में निवेश प्रस्तावों पर विचार किया जाए। सीएम ने कहा कि प्रदेश में ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था को और प्रभावी बनाते हुए विद्युतचालित वाहनों की संख्या में बढ़ोत्तरी के प्रयास किए जाएं। इन सबके सम्बन्ध में नीतियां जारी करने में किसी भी प्रकार की देरी न हो। प्रदेश में रुग्ण औद्योगिक इकाइयों को कम निवेश करके पुनर्जीवित करते हुए व्यर्थ पड़ी पूंजी को रोजगार के प्रयोग में लाया जा सकता है। इस सम्बन्ध में भी नीति बनाई जाए।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा अन्य विकास प्राधिकरणों में रुकी हुई परियोजनाओं के शीघ्रता से पूरे किए जाने के निर्देश देते हुए सीएम ने कहा कि खरीदारों को जल्द से जल्द आवास दिए जाने की कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व के वर्षों में घोषित की गई औद्योगिक नीति के अन्तर्गत कई इकाइयों के लम्बित प्रस्तावों पर भी ‘यू.पी. इन्वेस्टर्स समिट-2018’ से पहले निर्णय लिया जाना चाहिए।
प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित किए जाने की आवश्यकता जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन इकाइयों को बढ़ावा देने से किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम मिल सकता है और उनकी आय दोगुनी किए जाने में भी मदद मिलेगी। इन इकाइयों की स्थापना के सम्बन्ध में आ रही समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर किया जाए। उन्होंने लैण्ड बैंक की उपलब्धता पर जोर देते हुए कहा कि रुके हुए निवेश में तेजी लाने में लैण्ड बैंक कारगर सिद्ध होंगे। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक संस्थानों में अवस्थापना सुविधाओं तथा रख-रखाव की स्थिति में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों की उपज के क्रय-विक्रय में सहूलियत दिए जाने की दिशा में भी कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड और पूर्वांचल क्षेत्र में औद्योगिक विकास के लिए लम्बित प्रस्तावों पर शीघ्रता से विचार करते हुए समाधान किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब निवेश के लिए एक आकर्षक डेस्टिनेशन बन चुका है। लगभग 22 करोड़ की आबादी वाला यह राज्य न केवल एक बड़ा बाजार है, बल्कि यह कुशल जनशक्ति उपलब्ध कराता है। वर्तमान प्रदेश सरकार प्राकृतिक एवं मानव संसाधनों का भरपूर लाभ उठाने के लिए निवेश फ्रेण्डली नीतियों को लागू कर रही है। राज्य में औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2017 लागू की जा चुकी है। इस नीति के तहत मेगा परियोजनाओं को परिभाषित करते हुए निवेश को रोजगार सृजन के साथ लिंक किया गया है। इस अवसर पर औद्योगिक मंत्री सतीश महाना, मुख्य सचिव राजीव कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल, राजस्व परिषद के अध्यक्ष प्रवीर कुमार, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त अनूप चन्द्र पाण्डेय सम्बन्धित विभागों के प्रमुख सचिव/सचिव मौजूद थे।