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Sunday, August 23, 2026
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सपा नेता नरेश अग्रवाल को भारतीय फ़ौज से पाकिस्तानी फ़ौज पर ज्यादा विश्वास

नरेश अग्रवाल ने दिया सेना पर बयान

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com 

सपा नेता और राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल अपने विवादित बयानों के लिए हमेशा सुर्ख़ियों में रहते हैं। उनके इस बार के बयान से लगता है कि उनको भारत की सेना से ज्यादा पाकिस्तानी सेना पर भरोसा है। उनके इस बयान ने कहीं न कहीं भारतीय सेना के मनोबल को ठेस पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने भारत को सचेत करते हुए कहा कि अगर पाकिस्तानी सेना आ गई, तो क्या हालत होगी।

नरेश अग्रवाल ने आगे कहा कि देश के गृह मंत्री कहते हैं कि शहादत खाली नहीं जाएगी, कोई हमारी तरफ आँख नहीं उठा सकता है। रक्षा मंत्री भी रोज बयान देते हैं। पाकिस्तान द्वारा रोज आँख उठ रही है। उन्होंने आगे कहा कि अगर आतंकवादी यह हाल कर रहे हैं, अगर पाकिस्तानी फ़ौज आ गई तो क्या हालत होगी। अब समय आ गया है कि देश को कुछ कड़े निर्णय लेने की जरूरत है।

https://twitter.com/ANI/status/960814543801810944

गौरतलब है कि इससे पहले भी कई बार नरेश अग्रवाल विवादित बयान दे चुके हैं। पिछले वर्ष ही दिसंबर के महीने में अग्रवाल ने जासूसी के तथाकथित आरोप में पाकिस्तान के जेल में बंद भारतीय नेवी कमांडर कुलभूषण जाधव के लिए दिया था। नरेश अग्रवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि पाकिस्तान कुलभूषण जाधव को आतंकवादी मानता है और उसी हिसाब से व्यवहार कर रहा है। भारत को भी आतंकवादियों के साथ कड़ा व्यवहार करना चाहिए।

UIDAI: आधार कार्ड से निजी जानकारी चोरी होने का डर

आधार कार्ड से लीक हो सकती है निजी जानकारी

पारुल पाण्डेय | Navpravah.com

यदि आपने अपने आधार कार्ड को लैमिनेशन करवाया है या फिर उसे एक प्लास्टिक स्मार्ट कार्ड के तौर पर इस्तेमाल करते हैं, तो चौकन्ने हो जाइए। ऐसा होने से आपके आधार का क्यूआर कोड काम करना बंद कर सकता है अथवा  निजी जानकारी चोरी हो सकती है। हाल ही में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने इनके इस्तेमाल को लेकर चिंता जाहिर की है। यूआईडीएआई के अनुसार, ऐसा करने पर आपकी इजाजद के बिना जानकारी लीक हो सकती है।

यूआईडीएआई ने जानकारी दी है कि आधार का कोई एक हिस्सा या मोबाइल आधार पूरी तरह से वैलिड है। आधार स्मार्ट कार्ड्स की प्रिटिंग पर 50 रुपये से लेकर 300 रुपये तक का खर्च आता है, जिसकी कोई जरूरत नहीं है। यूआईडीएआई द्वारा जारी बयान में बताया गया है कि प्लास्टिक या पीवीसी आधार स्मार्ट कार्ड्स अकसर गैर-जरूरी होते हैं। इसकी वजह यह होती है कि क्विक रेस्पॉन्स कोड आमतौर पर काम करना बंद कर देता है। इस तरह की गैर-अधिकृत प्रिंटिंग से क्यूआर कोड काम करना बंद कर सकता है। 

यूआईडीएआई के सीईओ अजय भूषण पांडे ने कहा कि प्लास्टिक का आधार स्मार्ट कार्ड एक तरह से व्यर्थ है। जबकि सामान्य कागज पर डाउनलोड किया गया आधार कार्ड या फिर मोबाइल आधार कार्ड पूरी तरह से वैलिड है। भूषण पाण्डेय ने आगे बताया था कि कागज या प्लास्टिक आधार कार्ड का कोई कॉन्सेप्ट ही नहीं है। यही नहीं यूआईडीएआई ने आधार कार्ड्स की डिटेल जुटाने वाली अनाधिकृत एजेंसियों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि आधार कार्ड की जानकारी हासिल करना या फिर उनकी अनाधिकृत प्रिटिंग करना दंडनीय अपराध है। ऐसा करने पर कानून के तहत कैद भी हो सकती है। 

समुद्री डाकुओं के चंगुल से छूटा अफ्रीका में अगवा हुआ तेल टैंकर

तेल टैंकर को समुद्री डाकुओं से छुड़ाया

पारुल पाण्डेय | Navpravah.com 

पश्चिमी अफ्रीका के समुद्र में लापता तेल के टैंकर का पता लग गया है। मंगलवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस बात की जानकारी अपने ट्वीटर हैंडल पर दी। उन्होंने लिखा कि अफ्रीका के बेनिन तट से दूर शनिवार को लापता हुए तेल टैंकर पोत को छुड़ा लिया गया है। इससे पहले इस तेल टैंकर की समुद्री डाकुओं द्वारा अगवा करने की खबर चल रही थी, जिसके चालक दल में 22 भारतीय हैं। 

विदेश मंत्री ने अपने ट्वीटर हैंडल ट्वीट करते हुए लिखा कि मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि 22 भारतीयों सहित मर्चेंट शिप मरीन एक्सप्रेस को छुड़ा लिया गया है। हम नाइजीरिया और बेनिन की सरकारों को उनकी मदद और समर्थन के लिए धन्यवाद देते हैं।  
 
अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, समुद्री डाकुओं ने चार दिन बाद चालक दल के सभी सदस्यों को छोड़ दिया है। वे सुरक्षित हैं और उनका अगला सफ़र शुरू हो गया है। बता दें कि सुषमा स्वराज ने लापता तेल टैंकर का पता लगाने में मदद मांगने के लिए कल नाइजीरिया के अपने समकक्ष से बात की थी। मुंबई में नौवहन की महानिदेशक मालिनी शंकर ने जानकारी दी कि मरीन एक्सप्रेस नाम के जहाज को छोड़ दिया गया है और यह अब कप्तान की कमान में है। अभी स्पष्ट नहीं हो सका है कि पोत और सामान को छुड़ाने के लिए फिरौती दी गई है या नहीं।  

बता दें कि मरीन एक्सप्रेस को एक फरवरी को बेनिन में गिनी की खाड़ी से समुद्री डाकुओं ने अगवा कर लिया था, जिसके बाद संपर्क प्रणालियों को भी रोक दिया गया था। जहाज मैनिंग एजेंट ‘एंग्लो इर्स्टन’ ने फेसबुक पर एक पोस्ट किया। जिसके चलते लोगों को यह बताया गया कि पनामा के ध्वजवाहक इस पोत को समुद्री डाकुओं ने अगवा कर लिया था।उन्होंने जहाज को सुरक्षित छोड़े जाने की पुष्टि की। पोस्ट में बताया गया है कि जहाज में 13,500 टन गैसोलिन अब भी है।  

इस तरह की भी घटनाएं हैं कि समुद्री डाकुओं ने फिरौती की मांग किए बिना जहाज पर मौजूद सामान को लेकर पोत और चालक दल के सदस्यों को जाने दिया है। इस घटना के संबंध में डीजीएस के अधिकारियों ने नाइजीरिया में भारतीय मिशन से संपर्क किया, जो स्थानीय एजेंसियों के साथ बचाव प्रयासों में समन्वय कर रहा था। बेनिन के तट के पास जनवरी में एमटी बैरेट नाम के पोत के लापता होने के एक महीने से भी कम वक्त में यह जहाज लापता हुआ था। बाद में पुष्टि हुई थी कि एमटी बैरेट को अगवा कर लिया गया था। इस पोत पर चालक दल के 22 सदस्य थे, जिसमें से अधिकतर सदस्य भारतीय थे। इसे फिरौती देने के बाद छोड़ा गया था। 

‘पद्मावत’ के बाद अब फिल्म ‘मणिकर्णिका’ पर उठा विवाद 

मणिकर्णिका फिल्म पर विवाद

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com 

अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की फिल्म ‘पद्मावत’ पर मचे बवाल के बाद आखिरकार यह फिल्म किसी तरह सिनेमाघरों तक पहुँच गई। अब कुछ ऐसा ही संकट कंगना रनौत को भी देखना पड़ सकता है। कंगना की आगामी फिल्म ‘मणिकर्णिका’ पर अब बवाल शुरू हो गया है।

झांसी की रानी लक्ष्मीबाई पर बन रही कंगना रनौत स्टारर फिल्म ‘मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी’ को लेकर सर्व ब्राह्मण महासभा ने विरोध किया है। ब्राह्मण महासभा ने फिल्म के निर्माता कमल जैन को चिट्ठी लिखकर फिल्म के लेखक, सलाहकार, इतिहासकारों के नाम पूछे हैं। ब्राह्मण महासभा को शक है की फिल्म में रानी लक्ष्मीबाई का चित्रण आपत्तिजनक तरीके से किया जा रहा है, साथ ही रानी की जीवनी से जुड़े तथ्यों से छेड़छाड़ भी हुई है। बता दें कि सर्व ब्राह्मण महासभा ने ‘पद्मावत’ के विरोध में करणी सेना का साथ दिया था। 
 
बता दें कि ‘मणिकर्णिका’ फिल्म की ज्‍यादातर शूटिंग राजस्‍थान में ही हो रही है। जयपुर के बाद कंगना जोधपुर में शूटिंग कर रही हैं और जल्‍द ही बीकानेर में भी शुरू करने वाली हैं। इस फिल्म में कंगना रनौत के अलावा सोनू सूद, सुरेश ओबरॉय, डैनी और टीवी एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे अहम किरदार निभा रही हैं। 

राज्यसभा में विपक्ष को नहीं दिया जा रहा बोलने का मौका, किया बहिष्कार 

विपक्ष ने किया बहिष्कार

राजेश सोनी | Navpravah.com 

आज राज्यसभा में बहस के दौरान विपक्ष के नेताओं को नहीं बोलने दिए जाने का आरोप विपक्ष ने राज्यसभा के चेयरमैन पर लगाया है और इस वजह से उन्होंने राज्यसभा का बहिष्कार किया है। न्यूज़ एजेंसी एएनआई के खबर के मुताबिक, विपक्ष के नेताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्षी दलों के नेताओं ने आज राज्य सभा का बहिष्कार किया है। उनका कहना है कि राज्यसभा के चेयरमैन उन्हें बोलने की और मुद्दे उठाने की इजाजत नहीं दे रहे हैं। 

इस मामले को लेकर कांग्रेस नेता आनंद शर्मा का भी बयान आया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को राज्यसभा में बोलने की इजाजत नहीं दी जाती है, तो हम इसे अलोकतांत्रिक मानते हैं। हम इसकी शिकायत लिखित रूप में राज्यसभा चेयरमैन को देंगे। देश के विभिन्न स्थानों से आनेवाले जनप्रतिनिधियों को राज्यसभा में बोलने की इजाजत नहीं दी जा रही है।

बता दें कि आज बुधवार को राज्यसभा में बिल पास करा पाने में असफल होने के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अप्रत्यक्ष तरीके से ट्रिपल तलाक बिल का विरोध कर रही है। वो चाहते, तो इस पर कोई सुझाव दे सकते थे, लेकिन वो सिर्फ इसको टालने की कोशिश में लगे हैं। उन्होंने कहा कि आज संसद के लिए एक सुनहरा मौका था कि सालों से मुस्लिम महिलाओं पर जो अन्याय हो रहा है, उसे ठीक किया जाए, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने उसे नहीं होने दिए। देश के लोगों की जो इच्छा है, वह हो कर रहेगा। 

मानव बम के आरोप ने बर्बाद कर दिया जीवन -सादिया शेख

सादिया शेख ने सुनाई अपनी आपबीती

 पारुल पाण्डेय | Navpravah.com

नर्सिंग के कोर्स में दाखिला लेने के लिए पहुंचीं 18 साल की सादिया शेख को आतंकवादी संगठन ISIS से जुड़ने के संदेह में जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार किया गया था। सादिया पर आतंकवादी हमला करने का संदेह जताया गया था, लेकिन जांच में इस सूचना को गलत पाया गया। सादिया को भले ही रिहा कर दिया गया हो, लेकिन इस घटना ने सादिया के जीवन में संकट बढ़ा दिए हैं।    

श्रीनगर से रविवार को मां के साथ वापस लौटी सादिया ने जानकारी दी कि 26 जनवरी से पहले मुझे पता चला कि मेरा नाम मानव बम के तौर पर सामने आ रहा है। मैंने मां से इस बारे में पूछा, तो उन्होंने बताया कि पुणे स्थित उनके घर पर पुलिस आई थी, जिसके बाद माँ ने मुझे 26 जनवरी से पहले पुणे वापस आने की बात कही अथवा वहीं रहकर पुलिस से संपर्क करने को कहा। जिसके बाद श्रीनगर पहुंचकर ही पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोककर पूछताछ की। पुलिस के सवालों के सभी जवाब देने और सबूत पेश करने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। उन्होंने खुदको बेगुनाह साबित करते हुए कहा कि किसी रिपोर्ट में यह नहीं कहा गया था कि मैं अपराधी हूं। न ही मुझे गिरफ्तार किया गया और न ही कोर्ट में पेश किया गया। इनपुट था कि हमला हो सकता है, यह नहीं कि मैं हमला करूंगी। मेरा नाम और अन्य जानकारियां सार्वजनिक होने से मेरी जिंदगी खराब हो गई है। 

सादिया ने आगे कहा कि 2015 में जांच में सहयोग देने के बावजूद भी पुलिवाले उनके कॉलेज गए। जिसके बाद उनकी मुश्किलें बढती गईं। उन्होंने कहा कि वह दोबारा अपनी पढ़ाई शुरू करना चाहती हैं, लेकिन इतना सब होने के बाद उनके ऐडमिशन को लेकर चिंता बनी हुई है।
 
ज्ञात हो कि 26 जनवरी से ठीक एक दिन पहले महाराष्ट्र पुलिस की पुणे ATS की टीम ने अलर्ट जारी किया था, जिसमें कि सादिया के आतंकवादी संगठन से जुड़ने की खबर थी। बताया जा रहा था कि गणतंत्र दिवस पर सादिया आतंकवादी घटना को अंजाम देने वाली थी। इससे पहले भी सादिया को 17 दिसंबर 2015 को ISIS के संपर्क में होने के कारण गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद, पुलिस ने उसे किसी तरह समझाकर आतंकवादी संगठन ISIS से जुड़ने पर रोक लिया गया था। जबकि पुणे के येरवदा इलाके में रहनेवाले सादिया का परिवार उसके आतंकवादी संगठन में शामिल होने की बात से साफ़ इनकार कर रहे थे। 

बिहार में इंटरमीडिएट की परीक्षा का पेपर फिर हुआ लीक

बिहार में फिर हुए परीक्षा पेपर लीक

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

बिहार बोर्ड की ओर से 6 फरवरी से शुरू हुई इंटरमीडिएट की परीक्षा के पहले दिन जीव विज्ञान का पेपर आउट हो गया। यह पेपर Whats app और ट्विटर पर वायरल हो रहा है। सूत्रों के अनुसार, परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद ही पेपर आउट हो गया था।

पहली पाली की परीक्षा संपन्न होने पर नवादा जिले के जिलाधिकारी ने वायरल प्रश्न पत्र को मिलाया, तो जांच में यह सही पाया गया। इससे पहले बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने Biology का प्रश्नपत्र लीक होने की खबर को पूरी तरह अफवाह बताया था। लेकिन पहली पाली की परीक्षा खत्म होने के बाद इसके सही होने की नवादा जिला प्रशासन ने पुष्टि कर दी है।

पिछले साल बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने 12 वीं के कला संकाय के इस वर्ष टॉपर रहे गणेश का परीक्षाफल निलंबित कर दिया गया था। गणेश ने इससे पहले 1990 में 10 वीं (मैट्रिक) की परीक्षा दी थी, जिसमें उन्होंने अपनी जन्मतिथि सात नवंबर 1975 लिखवाई थी। इस वर्ष इंटर की परीक्षा में उन्होंने अपनी जन्मतिथि दो जून 1993 दर्ज करवाई है।

देहरादून: चर्चित ‘रणवीर फर्जी एनकाउंटर’ में पीड़ित के परिवारवालों को मिला न्याय, 7 पुलिसवाले दोषी करार

रणवीर फर्जी एनकाउंटर में परिवारवालों को मिला न्याय

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

देहरादून के रणवीर फर्जी एनकाउंटर मामले में दिल्ली हाइकोर्ट ने उत्तराखंड पुलिस के 7 पुलिसकर्मियों को दोषी करार दिया गया है और 11 अन्य पुलिसकर्मियों को इस मामले में राहत मिली है। कोर्ट ने 11 अन्य पुलिसकर्मियों को बरी कर दिया है। मृतक रणवीर के पिता रविंदर पाल ने हाईकोर्ट के फ़ैसले पर दुःख जाहिर करते हुए कहा है कि इस फैसले से वो खुश नही हैं और आदेश को देखने के बाद उनकी कानूनी लड़ाई आगे भी जारी रखेगें।

तीस हजारी कोर्ट ने 6 जून 2014 में 17 पुलिसकर्मियों को हत्या, अपहरण, सुबूत मिटाने और आपराधिक साजिश रचने व उसे अंजाम देने के मामले में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वहीं एक आरोपी जसपाल सिंह गोसांई को हत्या, अपहरण व सुबूत मिटाने के मामले में बरी कर दिया था। हालांकि अदालत ने गोसांई को आईपीसी की धारा 218 के तहत गलत सरकारी रिकार्ड तैयार करने के मामले में दोषी करार दिया था।
 
इस मुठभेड में पुलिस ने रणवीर पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थी। 5 जुलाई 2009 को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुलिस द्वारा दिखाई गई बहादुरी की पोल पट्टी खोल दी थी और मृतक के शरीर में 22 गोलियों के निशान पाए गए थे। गाजियाबाद के रहने वाले 22 साल के रणबीर सिंह की अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। वह नौकरी की तलाश में देहरादून गया था। हत्या के लिए दोषी ठहराए गए लोगों में उप निरीक्षक संतोष कुमार जायसवाल, गोपाल दत्त भट्ट (थाना प्रभारी), राजेश बिष्ट, नीरज कुमार, नितिन चौहान, चंद्रमोहन सिंह रावत एवं कांस्टेबल अजीत सिंह शामिल हैं।

ओडिशाः अग्नि-1 मिसाइल का हुआ सफल परीक्षण

अग्नि-1 मिसाइल का सफल परीक्षण

पारुल पाण्डेय | Navpravah.com 

भारत ने परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम अग्नि-1 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण कर लिया है। आज ओडिशा तट के पास यह सफल परीक्षण किया गया। इस मिसाइल की मारक क्षमता 700 किलोमीटर से अधिक है। इस अत्याधुनिक मिसाइल का परीक्षण डॉ अब्दुल कलाम द्वीप पर एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) के पैड 4 पर मोबाइल लॉन्चर से सुबह करीब साढ़े आठ बजे किया गया। ज्ञात हो कि डॉ अब्दुल कलाम द्वीप को पहले व्हीलर आईलैंड के नाम से जाना जाता था।

रक्षा सूत्रों के अनुसार, यह मिसाइल सतह से सतह पर मार करने में सक्षम है। देश में विकसित इस मिसाइल का परीक्षण संचालनात्मक तैयारी को मजबूत करने के लिए सेना की ‘स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड (एसएफसी) की समय-समय पर की जाने वाली परीक्षण गतिविधि के तहत किया गया। 

12 टन वजन वाले 15 मीटर लंबी अग्नि-1 मिसाइल 1000 किलोग्राम तक का लोड ले जा सकती है और 700 किलोमीटर तक के लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। यह मिसाइल परमाणु आयुध ले जाने में भी सक्षम है। बता दें कि अग्नि-1 को एडवांस्ड सिस्टम्स लैबोरेटरी (एएसएल) ने रक्षा अनुसंधान विकास प्रयोगशाला (डीआरडीएल) और अनुसंधान केंद्र इमारत (आरसीआई) के सहयोग से विकसित किया है। मिसाइल को भारत डायनामिक्स लिमिटेड, हैदराबाद ने समेकित(एकीकृत) किया है। एएसएल मिसाइल विकसित करने वाली डीआरडीओ की प्रमुख प्रयोगशाला है।