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Sunday, August 30, 2026
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CBSE पेपर लीक मामला: B टाउन नाराज़, अभिनेता इमरान हाशमी ने बोर्ड को कहा ‘करप्ट’

Emran Hashmi

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 12वीं की अर्थशास्त्र और 10वीं क्‍लास के गणित का पेपर लीक हो गया था। जिसके बाद दोबारा परीक्षा लिए जाने की घोषणा हुई। इस पूरे मामले से विद्यार्थी ही नहीं बल्कि बॉलीवुड हस्तियां भी निराश हैं।

फरहान अख्तर, फिल्‍ममेकर राहुल ढोलकिया, एक्‍टर इमरान हाशमी और विवेक ओबरॉय ने इस मामले पर निराशा जताई है। 26 मार्च को सोशल मीडिया पर अर्थशास्त्र के पेपर के लीक होने का दावा किया गया था, जिसके बाद 12वीं के सीबीएसई के छात्रों के बीच हड़कंप मच गया था। सीबीएसई ने इस पर कल कहा कि वह प्रश्न पत्र के लीक होने के बाद कक्षा 10वीं कक्षा 12वीं के गणित व अर्थशास्त्र की परीक्षा फिर से कराएगा। हालांकि दिल्ली पुलिस इस मामले में जाँच कर रही है।

फरहान ने आज ट्वीट कर कहा, उन छात्रों के लिए बुरा महसूस हो रहा है, जिन्हें बिना किसी गलती के फिर से परीक्षा में बैठना होगा। यह बहुत ही अनुचित है। विवेक ने कहा कि सीबीएसई मामले के बारे में जानकर बहुत निराशा हुई। यह छात्रों के लिए पूरी तरह से अस्वीकार्य व अनुचित है। मैं सभी छात्रों से अपील करता हूं कि वह अपनी तैयारियों पर इसका प्रभाव न पड़ने दे।

वहीं इमरान हाशमी ने लिखा है कि दुर्भाग्‍यवश हुए इस पेपर लीक मामले के बाद सीबीएसई के नए मायने हैं। ‘करप्‍ट बोर्ड फॉर स्‍टूडेंट्स एजुकेशन’।

60,000 आदिवासियों के खिलाफ क्रिमिनल केस वापस लेगी एमपी सरकार

मध्य प्रदेश सरकार

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

यूपी की सरकार ने मुजफ्फर नगर और शामली में हुए दंगों के 131 मामले वापस ले लिये हैं। जिसके पास मध्य प्रदेश सरकार ने आदिवासियों के खिलाफ आपराधिक मामले वापस लेने का ऐलान किया है।

सरकार ने करीब 60 हजार आदिवासियों के खिलाफ दर्ज आपरीधिक मुकदमेंं वापस लेने का फैसला लिया है। जिला आदिवासी विकास समितियों ने केस वापसी की तैयारी भी शुरू कर दी है।

सीएम शिवराज सिंह चौहान के निर्देश के बाद हर जिले में आदिवासियों पर दर्ज आपराधिक मुकदमों की पड़ताल शुरू कर दी गई है। केस वापसी के अलावा नक्सल इलाकों में पुलिस भर्ती में आदिवासियों को प्राथमिकता देने की बात भी कही गई है।

इस फैसले के बाद प्रदेश के करीब 60 हजार आदिवासियों पर दर्ज मुकदमे वापस से लिए जाएंगे। इसके पीछे सरकार यह तर्क दे रही है कि ये सामान्य प्रवृत्ति के आपराधिक मामले हैं इसलिए इन्हे वापस लेने का फैसला लिया गया है।

आदिवासियों को लेकर एमपी सरकार का ये फैसला कांग्रेस की नींद उड़ाने के लिए काफी है इसकी बड़ी वजह यह है कि अब तक आदिवासी कांग्रेस का वोट बैंक माने जाते थे, लेकिन, सरकार बीते कुछ दिनों से आदिवासियों के लिए लगातार ऐसी घोषणाएं कर रही है जिससे कांग्रेसी खेमे में हलचल होना स्वाभाविक है।

अब छोटी बचत योजनाओं पर नहीं बदलेंगी ब्याज दरें

छोटी बचत योजनाओं

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

छोटी बचत योजनाओं के निवेशकों के लिए बड़ी खबर है। अगली तिमाही में इन पर ब्याज दर नहीं घटेगी। सरकार ने अप्रैल-जून 2018 तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में बदलाव नहीं करने का फैसला किया है।

अब नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट और पब्लिक प्रोविडेंट फंड जैसी योजनाओं पर उतना ही ब्याज मिलता रहेगा। जितना जनवरी मार्च तिमाही के लिए तय किया गया था। वित्त मंत्रालय ने खुद इसकी जानकारी दी है।

वहीं, एक अन्‍य नोटिफिकेशन में मंत्रालय ने कहा है कि, स्‍मॉल सेविंग्‍स स्‍कीम को आधार से लिंक करने की डेडलाइन को कोर्ट के ऑर्डर आने तक आगे बढ़ा दिया गया है।

5 साल वाली सीनियर सिटीजंस सेविंग्‍स स्‍कीम के लिए अभी ब्‍याज दर 8.3 फीसदी हैब्‍याज का भुगतान तिमाही आधार पर होता है। वहीं, सेविंग्‍स डिपॉजिट के लिए मौजूदा ब्‍याज दर 4 फीसदी सालाना है।

सरकार की ओर से छोटी बचत जमाओं पर ब्याज दर नहीं बढ़ाने या घटाने के पीछे सरकार की ओर से यह तर्क दिया जा रहा है कि उसकी ओर से यह कदम बैंकिंग क्षेत्र में ब्याज दरों में हो रही बढ़ोतरी से तालमेल बिठाने के लिए उठाया गया है।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, अब भीमराव अंबेडकर के नाम के साथ जुड़ेगा ‘रामजी’

भीमराव अंबेडकर

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

यूपी के राज्यपाल राम नाईक ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर का नाम बदलने का सुझाव दिया है। जिसे अब मान्यता मिल गई है। अब सभी सरकारी दस्तावेजों में भीमराव अंबेडकर के नाम में ‘रामजी’ जोड़ा जाएगा।

रिपोर्ट्स के अनुसार, राम नाईक काफी समय से सरकार को सुझाव दे रहे थे कि अंबेडकर महाराष्ट्र से ताल्लुकात रखते थे। लेकिन कभी भी उनके नाम के साथ रामजी नहीं जोड़ा गया। राम नाईक ने कहा है कि, बाबा साहेब अम्बेडकर का नाम जो सभी वर्तमान में लिखते हुए आए हैं वह सही नहीं है। उनका पूरा और सही नाम डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर है। इसलिए इसे बदलना चाहिए।

इसी के तहत आज यूपी सरकार ने डॉ. भीमराव अंबेडकर का नाम नाम बदलकर डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर करने के लिए सभी विभागों और इलाहाबाद-लखनऊ की सभी हाई कोर्ट की बेंचों को आदेश जारी कर दिया है।

डॉ. भीमराव आंबेडकर महासभा के निदेशक डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल का कहना है कि, आंबेडकर के पिता का नाम रामजी था। महाराष्ट्र में पुरानी परंपरा के आधार पर पिता का नाम बेटे के नाम के साथ लगाया जा जाता था इसलिए रामजी नाम जोड़ा जाना उचित है।

आइये आज जानते हैं कि दाँत दर्द में क्या करना चाहिए

दाँत दर्द

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
 
दांतों में कई कारणों से रोग होता है जिसके कारण दांत हिलना। कमजोर होना, टूटना, सड़ना आदि लक्षण दिखाई पड़ने लगते हैं। भोजन आदि करने से दांतों में अन्न के कण फंस जाते हैं जो धीरे-धीरे सड़कर कीड़े पैदा कर देते हैं।

दांतों में कीड़े लगने से दांत खोखले हो जाते हैं और ठंडा पानी या अन्य पेय पदार्थ पीने से दांत दर्द ठीक होता है। दांतों में चोट लगने तथा अन्य कारणों से भी दांत रोगग्रस्त हो जाते हैं।

कब्ज के कारण भी दांतों में कमजोरी आती है और वे टूटने लगते हैं। इस तरह अन्य कई कारणों से भी दांतों के रोग हो जाते है। अधिक गर्म पदार्थ का सेवन करने के बाद ठण्डे पदार्थों का सेवन न करें।

लक्षण :-

दांत सड़ने या उनमें खोखलापन आने के कारण दर्द होता है। गर्म या ठंडी चीजों का सेवन करने से दांत का दर्द बढ़ जाता है। दांतों में सड़न होने से सांसों से बदबू आती है और दांत कमजोर हो जाते हैं।

दांतों के रोग से बचाव के लिए नियम :-

* दांतों पर मैल जम जाने के कारण दांत धीरे-धीरे रोगग्रस्त हो जाते हैं। ऐसे में दांत के रोग से बचाने के लिए दिन में दो बार 5 मिनट तक ब्रश करना चाहिए।

* भोजन करने के बाद दांतों को पूर्ण रूप से साफ करना चाहिए।

* पेस्ट व ब्रश सूखा ही प्रयोग करें क्योंकि मुंह की लार ही इसके लिए पर्याप्त है।

* मीठी और कार्बोहाइड्रेट्स का कम सेवन करें।

काला हिरण शिकार मामले में सलमान के साथ इन कलाकारों को भी मिलेगी सजा

Black deer

एनपी न्यूज़ डेस्क  | Navpravah.com

काला हिरण शिकार मामले में जोधपुर कोर्ट अपना फैसला 5 अप्रैल को सुनाएगी। इस केस में सलमान खान, सैफ अली खान, नीलम, सोनाली और तब्बु भी आरोपी हैं। आज कोर्ट में सभी पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद सीजेएम ग्रामीण देवकुमार खत्री ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

जानकारी के अनुसार, वाइल्ड लाइफ एक्ट की धारा 149 के तहत काला हिरण का शिकार करने पर सात साल के अधिकतम कारावास की सजा का प्रावधान है सलमान का केस 20 साल पुराना है। ऐसे में इन्हें 6 साल तक की सजा हो सकती है।

कोर्ट में गवाहों ने बताया कि, जोधपुर से सटे कांकाणी गांव की सीमा पर रात में सलमान ने दो काले हिरणों का शिकार किया था। और उनके साथ सैफ अली, नीलम, सोनाली व तब्बू भी थे।

1998 में फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ के लिए सलमान खान जोधपुर में थे। उनके साथ फिल्म के दूसरे कलाकार भी साथ थे। आरोप है कि सलमान ने घोड़ा फार्म हाउस और भवाद गांव में 27-28 सितंबर की रात हिरणों का शिकार किया था। और अब इसी मामले में 5 अप्रैल को फैसला होगा।

10वीं का मैथ्स और 12वीं का इकोनॉमिक्स का पेपर अब होगा दोबारा

Paper will be again

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 10वीं और 12वीं की परीक्षा को लेकर बोर्ड ने ये फैसला किया है कि, 10वीं का मैथ्स (गणित) का पेपर दोबारा कराया जाएगा और वहीं 12वीं के इकोनॉमिक्स (अर्थशास्त्र) के पेपर दोबारा कराया जायेंगे।

बोर्ड ने यह कदम परीक्षा को लेकर आई शिकायतों को ध्यान में रखकर उठाया है। दोबारा जब भी परीक्षा होगी, उसकी तिथि आने वाले एक सप्ताह में जारी की जाएगी।

 वीं इकनॉमिक्स की परीक्षा 27 मार्च और 10वीं गणित की परीक्षा 28 मार्च को हुई थी। इस साल 5 मार्च से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं शुरू हुई थीं।

15 मार्च को सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा का अकाउंट्स का पेपर लीक होने की बात कही गई थी। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने इस संबंध में शिक्षा विभाग से बात की थी।

सीबीएसई ने पेपर लीक की किसी भी घटना से इनकार कर दिया था। सीबीएसई ने कहा कि पेपर लीक की अफवाह सोशल मीडिया पर फैलाई गई थी। जिन्होंने ऐसा किया है उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का अमरीकी एयरपोर्ट पर उतरवाया गया कपड़ा

Pakistan's Prime Minister

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

अमेरिका के दौरे पर गए पाकिस्तान के पीएम शाहिद खकान अब्बासी को जॉन एफ कैनेडी एयरपोर्ट पर शर्मनाक स्थिति का सामना करना पड़ा। अमेरिका में उनके जांच के नाम पर उनसे कपड़े उतरवा लिए गए।

अमेरिका से पाकिस्तान के बिगड़ते रिश्तों के बीच सामने आई इस घटना को पाकिस्तान में बड़े अपमान के तौर पर देखा जा रहा है और सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हो गया है।
 
इस विडियो में शाहिद खाकान अब्बासी को आम नागरिकों की तरह कपड़े उतारकर चेकिंग करवाते हुए देखा जा रहा है। वैसे ये अब तक पहला वाक्या है, जब किसी देश के पीएम को इस तरह अपमान सहना पड़ रहा है।
 
पीएम अब्बासी पिछले हफ्ते अपनी बीमार बहन से मिलने के लिए निजी दौरे पर अमेरिका गए थे, इस दौरान वह अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस से भी मिले। पाकिस्तानी मीडिया का कहना है कि भले ही पीएम अब्बासी निजी यात्रा पर गए हों, लेकिन उनके पास डिप्लोमेटिक पासपोर्ट था और अमेरिका को उनका सम्मान करना चाहिए था।

बॉल टैम्परिंग विवाद : स्मिथ-वार्नर पर एक साल का बैन और बैनक्रॉफ्ट पर 9 महीने के लिए बैन

Bain on these players

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट में बॉल टैम्परिंग विवाद बढ़ता जा रहा था, जिससे बाद अब ऑस्ट्रेलिया ने इस मामले में अपना फैसला सुना दिया है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर को एक साल के लिए बैन कर दिया है।

गेंद से छेड़खानी करने वाले गेंदबाज कैमरुन बैनक्रॉफ्ट को 9 महीने और स्मिथ-वार्नर पर एक साल के बैन का फैसला क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने लिया है। इस मामले की जांच के लिए सीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेम्स सदरलैंड दक्षिण अफ्रीका पहुंचे।

वहाँ उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि इस विवाद में शामिल कप्तान स्टीव स्मिथ, उप-कप्तान डेविड वार्नर और सलामी बल्लेबाज कैमरून बैनक्रॉफ्ट को सीए की आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया गया है और इसलिए टेस्ट सीरीज से बाहर कर दिया गया है। डेविड वॉर्नर और स्टीवन स्मिथ भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भी नहीं खेल पाएंगे। भारत को इस साल के आखिर में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाना है। जहां वो 4 टेस्ट, 3 वनडे और 3 टी-20 मैच खेलेगी।

क्रिकेट डॉट कॉम डॉट एयू ने सदरलैंड के हवाले से लिखा है कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अपनी जांच में स्टीव स्मिथ, डेविड वार्नर और कैमरून बैनक्रॉफ्ट को बॉल टैम्परिंग का दोषी पाया है। इन तीनों को टेस्ट सीरीज से बाहर करने का फैसला लिया गया है। केपटाउन में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में बैनक्रॉफ्ट को गेंद पर पीला टेप लगाते हुए कैमरे में कैद किया गया था, बाद मे स्मिथ और बैनक्रॉफ्ट ने यह बात मानी थी गेंद से छेड़खानी टीम की योजना थी।

3 साल में चार गुना बढ़ गयी नौकरी छोड़ने वाले जवानों की संख्या

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एनपी न्यूज़ डेस्क  | Navpravah.com

सरकार रक्षा बजट में बढ़ोतरी कर रही है। देश की सुरक्षा में तैनात जवानों को बेहतर सुविधाएं दिए जाने का दावा किया जा रहा है। लेकिन, जवानों की नौकरी छोड़ने वाले जवानों की बढ़ती संख्या बढ़ती जा रही है।

पिछले तीन साल में पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों में नौकरी छोड़ने का ट्रेंड लगभग 4 गुना तक बढ़ गया है। बेहतर करियर की चाह में पिछले 3 साल में 14,587 अधिकारियों और जवानों ने स्वैच्छा से नौकरी छोड़ी है।

गृह मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए रिपोर्ट के मुताबिक, 2017 में बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, सीआईएसएफ और असम राइफल के 14,587 जवानों और अधिकारियों ने स्वैच्छिक रिटायरमेंट लिया है।

आंकड़ों के अनुसार, 2015 में सीआरपीएफ के 1376 जवानों ने नौकरी छोड़ी, जबकी 2017 में यह आंकड़ा बढ़कर 5123 पर पहुंच गया। यही हाल बीएसएफ के जवानों का भी रहा, 2015 में 909 बीएसएफ जवानों ने नौकरी छोड़ी, वहीं 2017 में यह आंकड़ा 6400 को पार कर गया।

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जवानों और अधिकारियों के नौकरी छोड़ने का ये सिलसिला 2024 तक जारी रहनेवाला है। क्योंकि बहुत से जवान और अधिकारी बेहतर करियर के लिए प्राइवेट सेक्टर में नॉकरियां तलाश रहे हैं। जो कि नौकरी छोड़ने का सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है।