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Saturday, August 1, 2026
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रिया चक्रवर्ती की बढ़ी टेंशन, 20 अक्टूबर तक बढ़ी न्यायिक हिरासत

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 

सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु के बाद ड्रग्स के मामले में गिरफ़्तार रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शौविक सहित १८ लोगों की न्यायिक हिरासत आगे बढ़ा दी गई है। न्यायालय से मिली जानकारी के मुताबिक़, इन सभी की हिरासत की अवधि को बढ़ाकर २० अक्टूबर कर दी गई है। आज सुनवाई के बाद विशेष अदालत ने न्यायिक हिरासत को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।

पिछली बार विशेष अदालत ने सभी के न्यायिक हिरासत की मियाद 6 अक्तूबर तक बढ़ा दी थी, जो आज खत्म हो रही थी।बता दें कि 8 सितंबर को एनसीबी की गिरफ्तारी के बाद रिया चक्रवर्ती सहित 18 लोगों की हिरासत अवधि बढ़ाकर 22 सितंबर तक कर दी थी। उसके बाद फिर से इसे बढ़ाकर 6 अक्तूबर तक कर दिया गया था। अभी भी ऐसा माना जा रहा था कि एक बार फिर इन सभी की हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ाई जा सकती है।

रिया और शौविक ने बेल के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में अर्जी लगायी है। जिस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस पर बुधवार को फैसला आने की उम्मीद है। अगर हाईकोर्ट से बेल मिल जाती है तो दोनों जेल से बाहर आ सकते हैं। इधर, सुशांत के परिवार वाले भी हाईकोर्ट पहुंचे हुए हैं।

लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने रविवार को रिया चक्रवर्ती को और अधिक प्रताड़ित किये बगैर रिहा करने की मांग की थी। चौधरी ने सुशांत की मौत से जुड़े मादक पदार्थ पहलू की जांच के सिलसिले में रिया की गिरफ्तारी के बाद कुछ दिन पहले कहा था कि अभिनेत्री को बेवजह फंसाया जा रहा है। उन्होंने ट्विटर पर दावा किया कि वह (रिया) एक ‘राजनीतिक साजिश’ का शिकार हुई है।

दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के चिकित्सकों ने सुशांत की हत्या की आशंका को शनिवार को खारिज करते हुए इसे ‘फंदे से लटक कर खुदकुशी’ करने का मामला बताया था। इसके बाद से इस मामले में राजनीति गरम है। विपक्ष के साथ-साथ कई फिल्मी सितारे भी रिया की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे हैं और रिहाई की मांग कर रहे हैं।

हाथरस: पीड़िता के परिवार को योगी पर नहीं रहा भरोसा, सुप्रीम कोर्ट से लगाई न्याय की गुहार

अमित द्विवेदी | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क
हाथरस में शनिवार सुबह बलात्कार पीड़िता के परिवार के लोगों से जब मीडियाकर्मी मिले, तो एक नई बात खुलकर सामने आई। पीड़िता के परिवार के लोगों ने कहा कि सरकार ने जिस एसआईटी का गठन जाँच के लिए किया है, उनपर भरोसा ही नहीं है। परिवार के इस बयान के बाद पूरा मामला ही बदलता नज़र आ रहा है। परिवार के लोगों का आरोप है कि एसआईटी के लोग आरोपियों के साथ मिले हुए हैं। पीड़िता के परिवार ने माँग किया है कि मामले की जाँच सर्वोच्च न्यायालय की देख-रेख में कराई जाए। 
मीडिया से मुख़ातिब होते हुए पीड़िता की माँ ने कहा कि हम पुलिस से अपनी बच्ची की लाश माँगते रह गए लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी। अब हमें किसी एसआईटी और सीबीआई पर भरोसा नहीं रह गया। हमारी यही माँग है कि सर्वोच्च न्यायालय की देख रेख में जाँच हो और हमारी बेटी को न्याय मिले। पीड़िता की माँ ने कहा कि हमने आज तक कभी कोई बयान नहीं बदला इसलिए हम नार्को टेस्ट भी नहीं करवाएँगे। 
ग़ौरतलब है कि शनिवार की सुबह हाथरस ज़िला प्रशासन ने मीडिया को पीड़िता के गाँव में प्रवेश करने की अनुमति दी। पीड़िता के अंतिम संस्कार को लेकर मीडिया से बात करते हुए पीड़िता की भाभी ने कहा, ‘सबसे पहले पुलिसवालों को स्पष्ट करना चाहिए कि उस रात किसके शव का अंतिम संस्कार किया गया था। वह हमारी लड़की का शरीर नहीं था, हमने इसे नहीं देखा। हम नार्को टेस्ट क्यों कराएं? हम सच कह रहे हैं, हम न्याय मांग रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि डीएम और एसपी का नार्को टेस्ट होना चाहिए, यही लोग झूठ बोल रहे हैं।
दादा 2006 में मर गए, पुलिस कह रही अंतिम संस्कार में वे थे मौजूद-
मृतक के दादा के शव का अंतिम संस्कार करने के समय उपस्थित होने की खबरों का खंडन करते हुए, उनकी भाभी ने कहा, ‘लड़की के दादा की मृत्यु 2006 में हुई थी। कोई कैसे दावा कर सकता है कि वह दाह संस्कार के दौरान मौजूद थे?’
परिवार के इन तमाम बयानों के बाद हाथरस प्रशासन और राज्य सरकार पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। मीडिया पर प्रतिबंध को लेकर भाजपा के ही कुछ नेताओं  ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया था।

बाबरी मस्जिद फैसला : लालकृष्ण आडवाणी ने किया ‘जय श्रीराम’ का उद्घोष

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
बुधवार को बाबरी मस्जिद गिराए जाने पर सीबीआई की विशेष कोर्ट का फैसला सुनाया गया. इस फैसले में मामले के सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया. विशेष अदालत के न्यायाधीश एस के यादव ने कहा कि यह घटना पूर्वनियोजित नहीं थी. अदालत के फैसले पर अधिकतर नेताओं ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं. भाजपा के वरिष्ठ नेता व देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने जय श्री राम का नारा लगाया और अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय उन्हीं अन्य फैसलों के अनुरूप हैं जिसने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के उनके सपने का मार्ग प्रशस्त किया.
इस फैसले को लेकर पूर्व उप प्रधानमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा, ‘ढांचा विध्वंस मामले में विशेष अदालत के फैसले का मैं तहे दिल से स्वागत करता हूं. यह निर्णय राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रति मेरे व्यक्तिगत और भाजपा के विश्वास और प्रतिबद्धता को दर्शाता है.’उन्होंने कहा, ‘मुझे यह भी अच्छा लगता है कि यह निर्णय नवंबर 2019 में दिए गए सर्वोच्च न्यायालय के एक और ऐतिहासिक फैसले के नक्शेकदम पर आया है, जिसने अयोध्या में एक भव्य श्री राम मंदिर को देखने के मेरे लंबे समय के सपने को पूरा करने का मार्ग प्रशस्त किया है, जिसकी नींव रखने का कार्यक्रम 5 अगस्त, 2020 को आयोजित किया गया था.
‘भाजपा नेता ने कहा, ‘मैं अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं, नेताओं, संतों और उन सभी का आभारी हूं, जिन्होंने अपनी निस्वार्थ भागीदारी और बलिदान के माध्यम से मुझे अयोध्या आंदोलन के दौरान ताकत और समर्थन दिया.’उन्होंने कहा, ‘मैं महिपाल अहलूवालिया की अध्यक्षता वाली अपनी कानूनी टीम के योगदान को बहुत महत्व देता हूं. इन सभी वर्षों के दौरान, महिपाल जी, उनके बेटे अनुराग अहलूवालिया और उनकी टीम ने इस मामले के हर पहलू पर पूरी निष्ठा से ध्यान दिया.
‘आडवाणी ने कहा, ‘मेरे लाखों देशवासियों के साथ, मैं अब अयोध्या में सुंदर श्री राम मंदिर के पूरा होने की आशा करता हूं. श्री राम हमें हमेशा आशीर्वाद देते रहें. जय श्री राम.’
साजिश नहीं थी छह दिसंबर की घटना : मुरली मनोहर जोशी
ढांचा विध्वंस मामले में मुख्य आरोपी बनाए गए पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा, ‘यह अदालत का ऐतिहासिक फैसला है. इससे साबित होता है कि अयोध्या में छह दिसंबर की घटना के लिए कोई साजिश नहीं रची गई थी. हमारा कार्यक्रम और रैलियां किसी साजिश का हिस्सा नहीं थीं. हम खुश हैं, सभी को अब राम मंदिर निर्माण को लेकर उत्साहित होना चाहिए.’
माफी मांगे कांग्रेस : योगी आदित्यानाथ
सीएम योगी ने फैसले पर कांग्रेस को माफी मांगने को कहाउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अदालत के फैसले को लेकर कहा, ‘सत्यमेव जयते! सीबीआई की विशेष अदालत के निर्णय का स्वागत है. तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा राजनीतिक पूर्वाग्रह से ग्रसित हो पूज्य संतों, भाजपा नेताओं, विहिप पदाधिकारियों, समाजसेवियों को झूठे मुकदमों में फंसाकर बदनाम किया गया. इस षड्यंत्र के लिए इन्हें जनता से माफी मांगनी चाहिए.’
न्याय की जीत हुई : राजनाथ सिंह
ढांचा विध्वंस मामले में अदालत द्वारा सुनाए गए फैसले को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘लखनऊ की विशेष अदालत द्वारा बाबरी मस्जिद विध्वंस केस में लालकृष्ण आडवाणी, कल्याण सिंह, डा. मुरली मनोहर जोशी, उमाजी समेत 32 लोगों के किसी भी षड्यंत्र में शामिल न होने के निर्णय का मैं स्वागत करता हूं. इस निर्णय से यह साबित हुआ है कि देर से ही सही मगर न्याय की जीत हुई है.’
हम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं : इकबाल अंसारी 
अयोध्या मुद्दे पर बाबरी के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने कहा कि छह दिसंबर 1992 को अयोध्या में जो हुआ था वो पूरी दुनिया ने देखा. हम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं. अंसारी ने कहा, ‘हम संविधान को मानते हैं. हिंदू-मुस्लिम विवाद पूरी तरह खत्म होना चाहिए. अयोध्या में विकास होना चाहिए. कोर्ट ने आरोपियों को बरी कर दिया है ये अच्छी बात है, हम इसका सम्मान करते हैं.’
आडवाणी के घर पहुंचे रविशंकर प्रसाद
भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के आवास पर पहुंचे, जिन्हें 31 अन्य आरोपियों के साथ आज लखनऊ में विशेष सीबीआई अदालत द्वारा बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में बरी कर दिया गया है.  भाजपा ने फैसले को सत्य की जीत करार दियाभारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा बुधवार को सुनाए गए फैसले में सभी आरोपियों को बरी करने का स्वागत करते हुए इसे सत्य की जीत करार दिया.
अदालत के फैसले के तत्काल बाद भाजपा के संगठन महासचिव बी एल संतोष ने ट्वीट किया, ‘ढांचा विध्वंस मामले में आरोपी सभी 32 आरोपियों को बरी कर दिया गया है. अदालत ने विध्वंस के पीछ किसी प्रकार के षडयंत्र होने की बात को खारिज किया है.
अदालत ने माना है कि विध्वंस उकसावे की तात्कालिक प्रतिक्रिया का परिणाम था. सत्य की जीत होती है.’संघ ने किया फैसले का स्वागतराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अदालत के इस फैसले का स्वागत किया है.
संघ सरकार्यवाह सुरेश (भैयाजी) जोशी ने कहा, ‘सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा विवादास्पद ढांचे के विध्वंस मामले में आरोपित सभी दोषियों को ससम्मान बरी करने के निर्णय का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ स्वागत करता है.’उन्होंने कहा, ‘इस निर्णय के उपरांत समाज के सभी वर्गों को परस्पर विश्वास और सौहार्द के साथ एकत्र आकर देश के सामने आने वाली चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करते हुए देश को प्रगति की दिशा में ले जाने के कार्य में जुट जाना चाहिए.’

हाथरस गैंग रेप पीड़ित के परिजनों को 25 लाख की मदद, मुख्यमंत्री योगी ने परिवार से वीडियो कॉलिंग से बात

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
हाथरस में हुई हैवानियत की शिकार लड़की के पिता से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फोन पर वीडियो कॉल के ज़रिए बात की है. लड़की के पिता ने मुख्यमंत्री से दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया है. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया है कि ना सिर्फ अभी तो के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी बल्कि सरकार पीड़ित परिवार की हर संभव मदद भी करेगी. वहीं सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मृतका के परिवार के एक सदस्य को कनिष्ठ सहायक के पद पर नौकरी दी जाएगी. 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद भी दी जा रही है. साथ ही सूडा योजना के तहत हाथरस शहर में एक घर भी दिया जाएगा.
14 सितंबर को हुई थी घटना
गौरतलब है कि दरिंदगी का शिकार हुई हाथरस की पीड़िता ने मंगलवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया. 14 सितंबर को चार दरिंदों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और उसे मौत के मुंह में धकेल दिया.उसके शरीर में कई चोटें आईं और वह 15 दिनों तक अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में दर्द से तड़पती रही और मौत से लड़ती रही. शरीर की कई हड्डियां टूटने और कई हिस्सों में लकवा मारने के कारण उसे गंभीर हालत में सोमवार को दिल्ली रेफर किया गया, लेकिन यहां रात काटना भी मुश्किल हुआ और 16वें दिन मंगलवार को सुबह 6:15 बजे हाथरस की बिटिया ने अंतिम सांस ली.
नहीं थम रही पुलिस की मनमानी
इस बीच खबर है कि, इस घटना को लेकर पुलिस की भूमिका पूरी तरह से संदेहास्पद रही है. हालांकि घटना के बाद दुष्कर्म करनेवाले चारों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं. इसी बीच खबर है कि पुलिस ने मंगलवार की रात परिजनों की मर्जी के खिलाफ बिना किसी रीतिरिवाज के पीड़िता का स्वयं ही अंतिम संस्कार कर दिया. गांववालों ने पुलिसवालों को रोकने की काफी कोशिश की. लेकिन पुलिस ने अमानवीयता दिखाते हुए लाश का अंतिम संस्कार कर दिया. पीड़ित के भाई का आरोप है कि उन्हें तो यह भी नहीं पता कि जिसका अंतिम संस्कार किया गया है, वह उनकी बहन थी या कोई और. अंतिम संस्कार के साथ ही पीड़ित के पुन: पोस्टमार्टम की संभावना पूरी तरह से खत्म हो गई है.

हाथरस सामूहिक दुष्कर्म कांड : पुलिस ने फिर दिखाई अमानवीयता, रात के अंधेरे में कर दिया गया पीड़िता का अंतिम संस्कार

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
हाथरस में कथित गैंगरेप मामले में एक बार फिर पुलिस की अमानवीयता सामने आई है. बताया जाता है कि पुलिस ने बीती रात पीड़ित का अंतिम संस्कार कर दिया. अंतिम संस्कार के पहले पुलिस ने परिजनों को लड़की के अंतिम दर्शन भी नहीं करने दिए. परिजन का आरोप है कि पुलिस ने जबर्दस्ती अंतिम संस्कार किया और उन्हें आखिरी बार चेहरा तक नहीं देखने दिया गया. पीड़ित के भाई ने कहा, ‘हमें नहीं पता पुलिस ने किसे जलाया.
_ पीड़िता के परिजनों से पुलिस की बर्बता
उन्होंने पुलिस पर अपने रिश्तेदारों के साथ मारपीट करने और उन्हें गांव पहुंचने से रोकने का आरोप भी लगाया. पीड़ित के बड़े भाई ने कहा, ‘महिला पुलिसकर्मियों ने हमारे घर की महिलाओं के साथ मारपीट की. रिश्तेदारों को गांव तक नहीं आने दिया. जबर्दस्ती रात में ही अंतिम संस्कार कर दिया. हम उनसे कहते रहे कि कम से कम सुबह होने के इंतजार करें, लेकिन हमारी एक नहीं सुनी. उन्होंने तो हमारे रीति-रिवाजों तक का ख्याल नहीं रखा.
_ जीभ काटने, रीढ़ की हड्डी तोड़ने की बात से मुकर रही पुलिस
पीड़ित का परिवार अब पुलिस पर मामले को किसी भी तरह निपटाने का आरोप लगा रहा है. बताया, ‘पुलिस अब कह रही है कि उसकी जीभ नहीं कटी थी, रीढ़ की हड्डी नहीं टूटी थी. वे किसी भी तरह इस मामले को निपटा देना चाहते हैं. पुलिस ने अभी तक गैंगरेप किए जाने की पुष्टि भी नहीं की है. मीडिया को भी गांव में नहीं आने दिया जा रहा है, हमसे बात नहीं करने दी जा रही है. वो तो किसी तरह कुछ पत्रकार पहुंच गए. नहीं तो हमारे साथ भी कुछ भी हो सकता था.’
_ नहीं दी गई मेडिकल रिपोर्ट की कॉपी
परिजन का कहना है कि उन्हें लड़की की मेडिकल रिपोर्ट की कॉपी तक नहीं दी गई. हाथरस के पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट में अभी ये स्पष्ट नहीं है कि पीड़ित के साथ रेप हुआ या नहीं. वहीं सफदरजंग अस्पताल में बीती रात प्रदर्शन कर रहे आजाद समाज पार्टी के नेता चंद्रशेखर को हिरासत में ले लिया गया था.
_ गांववालों ने पुलिस को रोकने की कोशिश की
पीड़ित के शव को जब अंतिम संस्कार करने के लिए ले जाया जा रहा था तो गांववालों ने वाहन को रोकने की कोशिश की थी. कुछ लोग गाड़ी के बोनट से भी चिपक गए थे, लेकिन पुलिस वाले उन्हें हटाते हुए वाहन को अंतिम संस्कार स्थल तक ले गए और जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया.
_ अपराधियों का साथ दे रही पुलिस
पीड़ित के परिजन पुलिस पर मामलों को रफा-दफा करने का आरोप लगा रहे हैं. उनका कहना है कि पुलिस ने जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर उसके दोबारा पोस्टमॉर्टम की संभावना को ही खत्म कर दिया. पीड़ित के भाई ने कहा कि हम दलित हैं इसलिए ये जबर्दस्ती की जा रही है. पहले बहन का गैंगरेप किया गया, फिर अपराधियों को गिरफ्तार करने में कोताही की गई और अब अंतिम संस्कार के दौरान ये सब किया गया. अब हमारे लिए सभी रास्ते बंद किए जा रहे हैं, गांव से पलायन करने के लिए मजबूर किया जा रहा है. इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फोन पर बात की है.

धुलिया : शिरपुर के नगरसेवक व उद्योगपति तपन भाई पटेल की सड़क दुर्घटना में मौत

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
शिवसेना के पूर्व सांसद स्वर्गीय श्री मुकेश भाई पटेल के पुत्र शिरपुर के उद्योगपति तथा नगरसेवक तपनभाई पटेल की  दुर्घटना में आज तड़के मौत हो गई
शिरपुर बालाजी नगर के उद्योगपति तथा नगर पालिका  निर्माण समिति के अध्यक्ष तपनभाई मुकेशभाई पटेल, सावलदे निम्स कैंपस से घर जाते समय उनकी कार टोल प्लाजा के पास डिवाइडर से टकराने से उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई. दुर्घटना में वाहन के अगले हिस्से के परखच्चे हवा में उड़ गए.वाहन के अगले दोनों पाहिये बीम के साथ अलग हो गए.वे पूर्व मंत्री अमरीशभाई पटेल के भतीजे थे.उनका अंतिम संस्कार आज शाम 5 बजे  पटेल फार्मेसी कॉलेज के परिसर में सोशल डिस्टिन का अनुपालन कर किया जाएगा.
हादसा हाईवे पर शिरपुर चोराहे के पास टोलनाका के सामने होटल गैलेक्सी के सामने 30  सितंबर तड़के  करीब 1 बजे हुआ। उद्योगपति तपनभाई पटेल अथिति को छोड़ने  मुकेशभाई पटेल कैंपस गए थे। इसी बीच तेज रफ्तार से घर लौट रहे थे. वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराया. उन्हें उपचार हेतु इंदिरा अस्पताल में ले जाया गया जहां पर डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित किया. तपन भाई पटेल शिवसेना के पूर्व सांसद स्व मुकेशभाई पटेल के पुत्र थे।  पूर्व मंत्री अमरीशभाई पटेल और डिप्टी नगराध्यक्ष  भूपेशभाई पटेल के भतीजे थे.

बिहार चुनाव : चिराग पासवान को मुख्यमंत्री पद के लिए अड़ी एलजेपी

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां जोरो-शोरों पर हैं. एनडीए की तरफ से सीएम उम्मीदवार के तौर पर नीतीश कुमार हैं, तो महागठबंधन की तरफ से तेजस्वी यादव को उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा है. वहीं, एलजेपी ने कहा है कि पार्टी प्रमुख चिराग पासवान हमारी पार्टी की तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं. लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के राष्ट्रीय महासचिव शाहनवाज अहमद कैफी ने कहा है कि पार्टी प्रमुख चिराग पासवान निश्चित रूप से हमारी पार्टी के मुख्यमंत्री उम्मीदवार हैं, इसमें कोई संदेह नहीं है.
सीट बंटवारें को लेकर फंसा है पेंच
गौरतलब है कि जेडीयू और भाजपा बिहार में सीट बंटवारे को लेकर चर्चा कर रहे हैं. बताया गया है कि एनडीए के दो सबसे बड़े दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर चर्चा अपने अंतिम दौर में हैं. दोनों ही पार्टियां कल यानी कि 30 सितंबर को सीटों का एलान कर सकती हैं. मिली जानकारी के अनुसार, दोनों पार्टियां प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी देंगी.
कल होगा सीटों का ऐलान
सूत्रों ने बताया है कि एनडीए के तीसरे बडे दल यानी कि चिराग पासवान के नेतृत्व वाली पार्टी एलजेपी की बात अभी तक नहीं बन पाई है. कल भाजपा और जेडीयू सीटों का एलान करने वाले हैं. ऐसे में एलजेपी द्वारा अंतिम निर्णय लेने के लिए आज का समय मांगा गया है. हालांकि, राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा है कि एलजेपी के एनडीए से अलग होने की संभावना नहीं है.
अभी अलग होने का समय नहीं
एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा था कि वह 143 सीटों पर भाजपा के साथ हैं, लेकिन उन्होंने जेडीयू के खिलाफ उम्मीदवार उतारने की इच्छा जताई थी. ऐसे में लग रहा था कि वह एनडीए से अलग होना चाहते हैं. हालांकि, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा चिराग को समझाया गया कि इस माहौल में अकेले चुनाव लड़ना ठीक नहीं है, इसलिए गठबंधन में बना रहा जाए.
एलजेपी को 27 सीटों का ऑफर
जानकारी मिली है कि भाजपा ने एलजेपी को 27 विधानसभा सीटों और दो एमएलसी सीटों का ऑफर दिया है. इन सीटों की सूची भी पार्टी को सौंप दी गई है. ऐसे में अब गेंद एलजेपी के पाले में है और उसकी केंद्रीय चुनाव समिति को इस पर निर्णय लेना है.

हाथरस गैंगरेप कांड : 15 दिनों तक मौत से लड़ते लड़ते, जिंदगी की जंग हार गई पीड़ित

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में हैवानों की दरिंदगी का शिकार हुई 22 वर्षीय युवती ने 15 दिनों तक जिंदगी और मौत से जंग लड़ी, लेकिन आखिरकार दिल्ली में दम तोड़ दिया. अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती युवती को हालत गंभीर होने के बाद सोमवार को ही दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया था.
– हाथरस में मातम
युवती की मौत की खबर से पूरे हाथरस जिले में मातम की लहर दौड़ पड़ी है. पुलिस प्रशासन, अस्पताल और डॉक्टरों की टीम और परिवार के हर संभव सहयोग के बाद भी युवती उन जख्मों से नहीं जीत पाई, जो क्रूरता के साथ चार दरिंदों ने मिलकर उसे दिए थे.
– वहशियत की सभी हदें पार कर दी थी दरिंदों ने
बीते 14 सितंबर को न केवल चार दरिंदों ने मिलकर चंदपा थाना क्षेत्र के एक गांव में युवती के साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया था, बल्कि उसके साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दी थी. चारों ने मिलकर काट दी थी युवती की जीभचारों आरोपियों ने युवती के साथ जो किया उसके बारे में जब-जब चर्चा होती है, लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं. पहले तो चारों ने पीड़िता के हाथ-पैर बांधकर जबरन उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया, उसके बाद जब युवती ने उनका विरोध किया तो उन्होंने उसका गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की.इस दौरान आरोपियों ने युवती के साथ ऐसी क्रूरता की थी कि उसकी जीभ कट गई.
– जीभ काटने से अपना दर्द तक बयां नहीं कर सकी पीड़िता
हालत यह थी कि 19 सितंबर को विवेचक जब उसके बयान दर्ज करने पहुंचे तो वह इस कदर दहशत और बेहोशी की हालत में थी कि अपने साथ हुई घटना की दास्तां तक बयां नहीं कर सकी. 22 सितंबर को विवेचक ने दोबारा जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंचकर बयान दर्ज किए. तब वह अपने साथ हुई दरिंदगी को बमुश्किल बयां कर सकी. इस तथ्य को खुद विवेचक/सीओ ने अपने उच्चाधिकारियों को भेजी दो पेज की रिपोर्ट में उजागर किया है.
– आरोपियों ने तोड़ दी थी युवती की गर्दन
मेडिकल रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि 14 सितंबर की घटना के बाद जब युवती को जेएन मेडिकल कॉलेज में भरती कराया गया था, तब उसकी जीभ तो कटी ही थी साथ में गर्दन भी टूटी हुई थी.
– चारों आरोपी गिरफ्तार
युवती इशारों-इशारों में ही खुद पर हुए हमले और दरिंदगी की बातें ही बता सकी. इसी आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.पीड़िता ने चारों आरोपियों की पहचान संदीप, रामू, लवकुश और रवि के रूप में की थी. पुलिस अधीक्षक ने बताया था कि संदीप को घटना के दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया था. बाद में रामू और लवकुश को भी गिरफ्तार किया गया और शनिवार को चौथे आरोपी रवि को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया.

IPL-13 : सुपर ओवर में मुंबई से जीता बेंगलुरु

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

आईपीएल के 13वें सीजन के 10वां रोमांचक मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने मुंबई इंडियंस को सुपर ओवर में हरा दिया. मुंबई ने सुपर ओवर में बेंगलुरु को 8 रन का टारगेट दिया. जिसे विराट कोहली और एबी डिविलियर्स ने आसानी से हासिल किया. इससे पहले मैच में बेंगलुरु ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए मुंबई को 202 रन का टारगेट दिया था. इसके जवाब में मुंबई ने भी 5 विकेट पर 201 रन बनाए. ईशान किशन ने 99 और कीरोन पोलार्ड ने नाबाद 60 रन की पारी खेली. दोनों के बीच 5वें विकेट के लिए 119 रन की पार्टनरशिप हुई.

यह इस सीजन का दूसरा सुपर ओवर है. इससे पहले दिल्ली कैपिटल्स और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच एक मैच का फैसला भी सुपर ओवर ओवर में हुआ था, जिसमें दिल्ली ने जीत दर्ज की थी. मुंबई ने टारगेट का पीछा करते हुए आखिरी 5 ओवर में 89 रन बनाए, जो एक रिकॉर्ड है. इससे पहले पिछले ही मैच में राजस्थान रॉयल्स ने किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ 86 रन बनाए थे.

बेंगलुरु ने 3 विकेट पर 201 रन बनाए थे. एबी डिविलियर्स (55), देवदत्त पडिक्कल (54) और एरॉन फिंच (52) ने फिफ्टी लगाई. पडिक्कल ने आईपीएल में अपने तीसरे मैच में यह दूसरी फिफ्टी लगाई है. वहीं, फिंच ने लीग में अपनी 14वीं और डिविलियर्स ने 35वीं फिफ्टी लगाई. मुंबई के लिए ट्रेंट बोल्ट ने 34 रन देकर सबसे ज्यादा 2 विकेट लिए.

डिविलियर्स ने मुंबई के खिलाफ लगातार तीसरी फिफ्टी लगाई. इससे पहले उन्होंने पिछले सीजन में मुंबई के खिलाफ 75 और नाबाद 70 रन की पारी खेली थी. आरसीबी के कप्तान विराट कोहली लगातार तीसरे मैच में फ्लॉप रहे और 11 बॉल पर 3 रन बनाकर आउट हो गए. राहुल चाहर की बॉल पर रोहित शर्मा ने उनका कैच लिया. इससे पहले कोहली ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 14 और किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ 1 रन बनाया था.

मोदी सरकार के कार्यकाल में 8 उग्रवादी संगठनाें के 644 गैंग्स ने किया आत्मसमर्पण

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार काे डेस्टिनेशन नाॅर्थ ईस्ट 2020 फेस्ट का उद्घाटन किया. इस माैके पर उन्हाेंने कहा कि, पूर्वाेत्तर के बिना भारत और भारतीय संस्कृति अधूरी है. भारतीय संस्कृति की तब तक पूरी तरह से कल्पना नहीं की जा सकती, जब तक उसमें पूर्वाेत्तर संस्कृति नहीं मिलती. पूर्वाेत्तर संस्कृति भारतीय संस्कृति का आभूषण है. उन्हाेंने बताया कि, माेदी सरकार के कार्यकाल के दाैरान आठ उग्रवादी संगठनाें के लगभग 644 गिराेहाें ने आत्मसमर्पण किया है.

शाह ने कहा, अर्थव्यवस्था, पर्यटन और राेजगार पर ध्यान केंद्रित करने के लिए पूर्वाेत्तर में शांति सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण था. पिछले 6.5 वर्षाें में पूर्वाेत्तर- जाे कभी उग्रवाद, हिंसा, भारत बंद के कारण समाचाराें में छाया रहता था. अब उसकी चर्चा विकास, उद्याेगाें, जैविक खेती और स्टार्टअप के लिए हाेती है. शाह ने कहा कि, नरेंद्र माेदी सरकार के दाैरान आठ उग्रवादी संगठनाें के लगभग 644 गिराेहाें ने आत्मसमर्पण किया. उन्हाेंने कहा, कई मुद्दे जाे लंबे समय से चले आ रहे थे, जैसे भारत-बांग्लादेश भूमि सीमा समझाैता, मणिपुर नाकाबंदी काे समाप्त करना, ब्रू-रींग समझाैता, बाेडाे समझाैता, आठ उग्रवादी संगठनाें के लगभग 644 गिराेहाें द्वारा आत्मसमर्पण, ये सब नरेंद्र माेदी सरकार द्वारा किया गया है.

उन्हाेंने आगे कहा, समस्याओं का समाधान तभी किया जा सकता है, यदि काेई उत्तर-पूर्व के मुद्दाें काे समझता है और उन्हें ईमानदारी से हल करता है. प्रधानमंत्री माेदी के नेतृत्व में शांति बनाए रखने के लिए बहुत सारे काम किए गए हैं. गृह मंत्री के रूप में, मैं सभी मुख्यमंत्रियाें और पूर्वाेत्तर के लाेगाें काे बताना चाहूंगा कि, 2024 से पहले शेष समस्याओं का समाधान कर लिया जाएगा.