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Monday, August 31, 2026
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सऊदी अरब में महिलाओं के कार चलाने पर खत्म हुआ बैन

महिलाओं के कार चलाने पर खत्म हुआ बैन

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

सऊदी अरब की महिला चालक असील अल-हमद फ्रेंच ग्रांड प्री से पहले ले कास्टेलेट सर्किट पर फार्मूला वन कार चलाई, ऐसा करने वाली वह देश की पहली महिला बन गई हैं।

आज के दिन ही सऊदी अरब में महिलाओं को सड़कों पर वाहन चालने की इजाजत मिली है, जिसे यादगार बनाने के लिए एफ वन टीम रैनो ने असील को फार्मूला वन कार चलने का मौका दिया गया।

सऊदी अरब में कल से दशकों पुराने ड्राइविंग पर प्रतिबंध हटाए जाने से महिलाओं को वाहन चलाने की आधिकारिक अनुमति मिल गई है, समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, सुबह से ही महिलाएं देश भर की सड़कों पर वाहन चलाती देखी गईं।

बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस बदलाव की घोषणा पिछले साल सितंबर में हुई थी और सऊदी अरब ने इस माह की शुरुआत में महिलाओं के लिए पहली बार लाइंसेस जारी किया था।

सऊदी के सुल्तान सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सउद ने आधिकारिक तौर पर सितंबर 2017 में महिलाओं को वाहन चलाने की अनुमति दे दी थी, इसके बाद सऊदी अरब ने 4 जून को महिलाओं को पहला ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया।

संचालन के सहायक गृह मंत्री सईद अल-कहतानी ने पुष्टि की कि प्रतिबंध हटाने के बाद यातायात में अपेक्षित परिवर्तनों से निपटने के लिए सुरक्षा जांच चौकियां स्थापित की जाएंगी, पांच शहरों में महिलाओं के लिए ड्राइविंग स्कूल स्थापित किए गए हैं।

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब दुनिया में एकमात्र देश था जहां महिलाओं को वाहन चलाने की इजाजत नहीं थी और परिवारों को अपने महिला रिश्तेदारों के लिए एक निजी वाहन चालक रखने पड़ते थे।

BHU में दलितों को आरक्षण दिया जा सकता है, तो AMU में क्यों नहीं – योगी आदित्यनाथ

योगी आदित्यनाथ
योगी आदित्यनाथ

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कन्नौज में एक सभा को आज सम्बोधित किया। जहाँ उन्होंने प्रदेश में दलितों के साथ अन्याय का आरोप लगाने वाले नेताओं पर खुलकर हमला बोला।

उन्होंने कहा कि जो लोग कह रहे हैं कि दलितों के खिलाफ भेदभाव किया जा रहा है। उनसे पूछा जाना चाहिए कि वे अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में दलितों के लिए आरक्षण जारी करेंगे? जब बीएचयू दलितों और पिछड़े छात्रों के लिए आरक्षण प्रदान कर सकती है, तो एएमयू क्यों नहीं।

कांग्रेस ने पिछले सप्ताह हापुड़ में भीड़ द्वारा एक व्यक्ति की हत्या को लेकर यूपी की बीजेपी सरकार को कटघरे में खड़ा किया था, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि बीजेपी के राज में दलित और मुस्लिम सुरक्षित नहीं हैं। उनपर चुन-चुन कर हमले किए जा रहे हैं।

योगी ने इन्हीं सब बातों को लेकर कहा कि यूपी ही नहीं किसी भी प्रदेश में दलित और मुस्लिमों के साथ कहीं कोई भेदभाव नहीं हो रहा है। बल्कि मोदी सरकार ने दलितों के उत्थान के लिए कई योजनाएं शुरू की जा रही हैं।

योगी ने कहा कि कुछ लोग बिना किसी आधार के दलितों के हिमायती बन रहे हैं। जो लोग कह रहे हैं कि दलितों के खिलाफ भेदभाव किया जा रहा है, उनसे पूछा जाना चाहिए कि वे अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में दलितों के लिए आरक्षण जारी करेंगे।

उन्होंने आगे इस मुद्दे को उठाने के लिए सभी दलितों चिंतित का आह्वान किया और तर्क दिया कि यदि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय जैसे संस्थान दलितों के लिए आरक्षण प्रदान कर सकते हैं तो मुस्लिम संस्थान क्यों नहीं। उन्होंने कहा कि एक सवाल यह भी पूछा जाना चाहिए कि आखिर दलित भाइयों को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में भी आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।

अब  बनेगी गोविंदा की बायोपिक फिल्म ? यह कलाकार निभायेगा ‘कॉमेडी किंग’ का किरदार

गोविंदा
कॉमेडी के किंग’ गोविंदा की कहानी दर्शकों को बड़े परदे पर देखने को मिल सकती है। इस बात का खुलासा किसी और ने नहीं बल्कि गोविंदा के भांजे कृष्णा अभिषेक ने किया है।

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

बॉलीवुड में इस समय बायोपिक फिल्मों का दौरा चल रहा है। इंडस्ट्री का लगभग हर एक बड़ा डायरेक्टर इस समय कोई न कोई खोई हुई कहानी दर्शकों के सामने पेश कर रहा है। इसका सबसे जाता उदाहरण बॉलीवुड सुपरस्टार संजय दत्त की बायोपिक फिल्म ‘संजू’ है। ताजा खबरों की मानें तो संजय दत्त के बाद ‘कॉमेडी के किंग’ गोविंदा की कहानी दर्शकों को बड़े परदे पर देखने को मिल सकती है। इस बात का खुलासा किसी और ने नहीं बल्कि गोविंदा के भांजे कृष्णा अभिषेक ने किया है।

कृष्णा अभिषेक ने अपने एक ताजा इंटरव्यू के दौरान गोविंदा की बायोपिक फिल्म पर बात करते हुए कहा- कि इस फिल्म के लिए सबसे अच्छी च्वाइस वही रहेंगे। कृष्णा के अनुसार, ‘मुझे ऐसा लगता है कि बॉलीवुड का कोई भी कलाकार गोविंदा जी की बायोपिक फिल्म के साथ न्याय नहीं कर सकता है। हमने संजू के ट्रेलर में देखा है कि रणबीर, संजय दत्त की बायोपिक फिल्म के लिए सबसे सही पसंद थे। इसी तरह से गोविंदा जी की बायोपिक के लिए मुझसे बेहतर कोई च्वाइस नहीं हो सकता है।
कृष्णा ने आगे कहा- हमारी कॉमेडी का स्टाइल एक जैसा है और ऐसा भी नहीं है कि मैं गोविंदा जी की कॉपी करता हूं। यह बस मेरे खून में है। मुझे लगता है कि उनका किरदार स्क्रीन पर निभाकर, मैं उनको अपनी तरफ से एक ट्रिब्यूट दे सकता हूं।’

कृष्णा अभिषेक इस समय अपनी आने वाली फिल्म ‘तेरी भाभी है पगले’ को प्रमोट करने में जुटे हुए हैं। जिसके बारे में बात करते हुए कृष्णा ने बताया है कि, ‘मैं ईमानदारी से कहूं तो फिल्म का सफल और असफल होना केवल आपके ऊपर है। अगर आप दही-बड़ा लेकर आ रहे हैं और उसे पास्ता बतायेंगे तो आपको ही नुकसान होगा। हमारी आने वाली फिल्म के टिपिकल मसाला एंटरटेनर है। मेरा मानना है कि अगर आपकी कहानी में दम है तो दर्शक अपने आप आपकी फिल्म देखने आयेंगे।’

श्रीदेवी के याद में रो पड़े बोनी और अनिल कपूर, अर्जुन कपूर ने संभाला

बोनी और अनिल कपूर, अर्जुन कपूर
श्रीदेवी के याद में रो पड़े बोनी और अनिल कपूर, अर्जुन कपूर ने संभाला

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

बॉलीवुड स्टार्स इन दिनों आईफा अवॉर्ड्स 2018 के लिए बैंगकॉक में हैं। इस दौरान जहां सभी स्टार्स मस्ती में डूबे नजर आए वहीं फिल्म मेकर बोनी इस दौरान कपूर बेहद इमोशनल नजर आए। दर्शकों के लिए यह पल भावुक कर देने वाला था। श्रीदेवी को ‘मॉम’ के लिए बेस्ट एक्टर फीमेल का अवॉर्ड दिया गया।

बेहद चुलबुली और डासिंग क्वीन श्रीदेवी को आईफा में याद किया गया। इस अवॉर्ड की जब घोषणा हुई तो बोनी भावुक हो गए। बोनी मंच पर श्रीदेवी का अवॉर्ड लेने पहुंचे तो उनकी आंखे भर आईं। बोनी काफी दु:खी नजर आ रहे थे।

बोनी कपूर को भावुक देख उनके बेटे अर्जुन कपूर और भाई अनिल कपूर भी काफी इमोशनल हो गए। पिता बोनी को इमोशनल देखकर अर्जुन कपूर और अनिल कपूर उन्हें दिलासा देने के लिए मंच पर आ गए और उन्होंने बोनी को संभाल लिया। पूरा परिवार इस दौरान श्रीदेवी की याद में बेहद भावुक हो उठा। इससे पहले ‘मॉम’ के लिए ही श्रीदेवी को नेशनल फिल्म अवॉर्ड भी मिल चुका है। हर अच्छे बुरे वक्त में पिता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे वाले बोनी कूपर के बेटे अर्जुन कपूर ने इस दौरान भी उन्हें बखूबी संभाल लिया

श्रीदेवी का 24 फरवरी 2018 को दुबई में निधन हो गया था। श्रीदेवी अपने परिवार के साथ भांजे मोहित मारवाह की शादी में शिरकत करने के लिए दुबई गई थी। वहां से उनके निधन की खबर आई। बॉलीवुड की पहली फीमेल स्टार श्रीदेवी की अचानक मौत से हर किसी को झटका सा लगा था। 5 दशकों तक श्रीदेवी ने न केवल हिंदी फिल्मों बल्कि तेलुगु, तमिल और कन्नड फिल्मों में काम किया। उनकी अदाकारी, अदाएं और डांस के सभी दीवाने थे।

श्रीदेवी की फिल्म के रीमेक में नजर आ सकती हैं दीपिका पादुकोण

श्रीदेवी
श्रीदेवी की फिल्म के रीमेक में नजर आ सकती हैं दीपिका पादुकोण
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
बॉलीवुड की सबसे टैलेंटेड और खूबसूरत अभिनेत्री मानी जाने वाली श्रीदेवी की फिल्‍में आज भी लोगों को वही उत्‍साह देती हैं, जो पहले दिया करती थीं। श्रीदेवी ने एक से बढ़ कर एक सुपरहिट फिल्‍में दी हैं जिसे लोग आज भी देखना पसंद करते हैं। उनकी हिट फिल्‍मों का अगर रिमेक बनाया जाए तो दर्शकों के लिए इससे अच्‍छा तोहफा भला क्‍या होगा। और वही दीपिका को लेकर खबर है कि वे श्रीदेवी की हिट फिल्म के रीमेक में नजर आ सकती हैं।
DNA की रिपोर्ट के मुताबिक, दीपिका दिवंगत अदाकारा श्रीदेवी की 4 दशक पुरानी फिल्म की रीमेक में बतौर एक्ट्रेस रोल निभा सकती हैं। हालांकि फिल्म के नाम का अभी खुलासा नहीं हुआ है। लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीदेवी की इस फिल्म के प्रोड्यूसर दक्षिण भारतीय थे और इसका डायरेक्शन बॉलीवुड के डायरेक्टर ने किया था।
अभी मूवी के राइट्स खरीदने को लेकर बातचीत चल रही है। इस विषय अभी कोई भी टिप्पणी करने को तैयार नहीं है क्योंकि बातचीत अभी शुरू की गई है और इसमें कई तरीके शामिल हैं। हालांकि, यह बात बिल्‍कुल सच है कि दीपिका को इस फिल्‍म के बारे में सारी जानकारी है।
सूत्रों के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के लिए दीपिका पादुकोण मेकर्स की पहली पसंद हैं। खैर फिल्म इंडस्ट्री की पहली फीमेल सुपरस्टार की फिल्म के रीमेक के दीपिका पादुकोण को देखना फैंस के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं होगा। इसके अलावा दीपिका पादुकोण के फिल्म साइन ना करने की वजह उनकी रणवीर सिंह से शादी भी बताई जा रही है। चर्चा है कि दोनों इस साल 10 नवंबर को इटली में शादी करेंगे।

अब बंद हो जायेगी मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (MNP)

मोबाइल
आज के समय में बिना नंबर बदले एक कंपनी से दूसरी कंपनी पर स्विच करना बेहद आसान है, लेकिन,
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
आज के समय में बिना नंबर बदले एक कंपनी से दूसरी कंपनी पर स्विच करना बेहद आसान है, लेकिन, टेलीकॉम कंपनियां फिर अपनी मनमानी पर उतर आएंगी, अब ग्राहकों को अपना नंबर बार-बार बदलना पड़ेगा।
बिना नंबर बदले कंपनी बदलने की सुविधा मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (MNP) बंद होने जा रही है, मार्च 2019 के बाद आप अपनी टेलीकॉम कंपनी बिना नंबर बदले नहीं बदल पाएंगे।
इकोनॉमिक टाइम्स की एक खबर के अनुसार, मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी का काम करने वाली दो कंपनियां एमएनपी इंटरकनेक्शन टेलीकॉम सॉल्यूशंस और सिनिवर्स टेक्नोलॉजी घाटे में चल रही हैं।
कंपनियों ने टेलीकॉम विभाग (DoT) को चिट्ठी लिखकर यह जानकारी दी है, कंपनियों का कहना है कि जनवरी के बाद पोर्टिंग फीस में 80 फीसदी की कटौती से उन्हें रोजाना घाटा हो रहा है।
कंपनियों के सर्विस बंद करने का नुकसान ग्राहकों को होगा, खराब कॉल क्वालिटी, बिलिंग संबंधी मसलों और टैरिफ की वजह से सर्विस प्रोवाइडर को बदलना आसान नहीं होगा, शॉर्ट टर्म में इसका कोई विकल्प नहीं होगा।
पोर्टेबिलिटी का काम देखने वाली एमएनपी इंटरकनेक्शन का कहना है कि वह अपना लाइसेंस सरेंडर करेगी, लाइसेंस सरेंडर करने के बाद कामकाज बंद कर दिया जाएगा।
उत्तर और पश्चिम भारत का काम देखने वाली सिनिवर्स टेक को जबरदस्त घाटा हुआ है, ट्राई के एमएनपी चार्जेज में कटौती के आदेश से उन्हें नुकसान हुआ है, मार्च 2018 तक कंपनियों ने 37 करोड़ पोर्टेबिलिटी रिक्वेस्ट हैंडल की हैं, मई में ही उन्होंने 2 करोड़ ऐप्लिकेशन को प्रोसेस किया है।
दोनों कंपनियों का कहना है ट्राई ने मनमाने और गैर-पारदर्शी तरीके से एमएनपी चार्ज घटाया है, एमएनपी चार्जेज में कटौती के फैसले को कोर्ट में चुनौती दी गई है, मामले की सुनवाई 4 जुलाई को होनी है।
आपको बता दें, जनवरी 2018 में TRAI ने मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी का चार्ज 19 रुपए से घटाकर 4 रुपए कर दिया था, जिसके बाद से कंपनियों को नंबर पोर्टेबिलिटी की वजह नुकसान उठाना पड़ा है।
इन कंपनियों की आय का स्रोत सिर्फ यही चार्ज है, 2017 में रिलायंस जियो की टेलीकॉम इंडस्ट्री में एंट्री के बाद मासिक आधार पर एमएनपी की रिक्वेस्ट में चार गुना की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

आइये आज जानते हैं आँखों के पास पड़ने वाले झुर्रियों के कारण व उपाय

आँखों के पास
आँखों के पास पड़ने वाले झुर्रियों के कारण व उपाय

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

आपकी आंखों और पलकों पर पड़ी झुर्रियां आपको आपकी वास्तविक उम्र से ज़्यादा का प्रतीत कराती हैं। जो आपके चेहरे को बेहद थका हुआ और शिथिल दिखाती हैं।

उम्र का बढ़ना एक अनिवार्य प्रक्रिया है जिसे कोई नहीं रोक सकता और हम में से कोई भी इसे खुशी से स्वीकार नहीं करता, तो अगर आप भी बढ़ती उम्र के साथ पड़ने वाली झुर्रियों का सामना कर रहें हैं तो इसे दूर करने की हर संभव कोशिश अच्छे से कीजिए।

आँखों या पलकों पर पड़ी झुर्रियां बढ़ती उम्र के लक्षणों के अलावा और कुछ भी नहीं है। कम उम्र में होने वाली झुर्रियों पर आनुवंशिकी तथा कई और अन्य कारणों के साथ आपकी जीवनशैली का विशेष योगदान होता है।

तेज़ी से प्रभाव दिखाने वाले कॉस्मेटिक उत्पाद और लेसर तकनीक आदि कि मदद से आंखों के आस पास कि झुर्रियों को प्रभावपूर्ण तरीके से दूर और कम किया जा सकता है। हालांकि ये प्रविधियाँ काफी महंगी होती हैं और इसमें अनुभवी पेशेवरों कि निगरानी कि ज़रूरत पड़ती है।

तो खासकर ऐसे लोग जो कम उम्र में ही इस समस्या का सामना कर रहें हैं उनके लिए सलाह है कि ऐसे कोई कॉस्मेटिक उत्पाद खासकर युवा लोगों के लिए सही चुनाव नहीं हो सकते।

घरेलू उपचार और सही जीवनशैली के द्वारा न केवल झुर्रियों को दूर किया जा सकता है बल्कि इनकी मदद से झुर्रियों कि समस्या और प्रभाव से पहले ही इनसे चेहरे को सुरक्षित भी रखा जा सकता है।

झुर्रियों से बचने के लिए सबसे पहले ज़रूरी है कि, अपनी त्वचा को होने वाली क्षति से बचाएं, अपनी त्वचा को हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणों से बचाना बहुत ही ज़रूरी है साथ ही मूल रूप से इनके द्वारा होने वाली अनचाही झुर्रियों को बनने से पहले ही रोकना ज़रूरी है।

ऐसे लोग जिन्हें झुर्रियों कि शिकायत अभी तक नहीं हुई है उनके द्वारा अपनी आँखों और चेहरे कि त्वचा को हानिकारक किरणों से बचना ही इस समस्या के प्राथमिक बचाव का पहला चरण है। तो जब भी आप दिन के समय बाहर जा रहें हों तब सनस्क्रीन का प्रयोग ज़रूर अपनी त्वचा पर करें।

बीजेपी से गठबंधन टूटने के बाद पहली बार बोलीं महबूबा

बोलीं महबूबा

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

जम्मू – कश्मीर में भाजपा और पीडीपी के बीच गठबंधन खत्म हो गया है, जिसके बाद पहली बार पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने जवाब दिया है, उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए पार्टी अध्यक्ष अमित शाह पर पलटवार किया है।

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा, हमने हमेशा गठबंधन के हिसाब से सरकार चलाई है, बीजेपी ने हम पर कई झूठे आरोप लगाए हैं।

370 पर स्थति और पत्थरबाजों के खिलाफ केस वापस करने की बात पहले से तय थी, कश्मीर में इस गठबंधन का एजेंडा राममाधव ने तैयार किया था, राजनाथ सिंह जैसे नेताओं ने इसे मंजूरी दी थी।

महबूबा ने कहा, गठबंधन के एजेंडे में आर्टिकल 370 की यथास्थिति, पाकिस्तान और हुर्रियत के साथ बातचीत को आगे बढ़ाना, पत्थरबाजों के खिलाफ चल रहे केस को वापस लेने के साथ ही जब जरूरत हो उसके हिसाब से सीजफायर को लागू करने की बात कही गई थी।

महबूबा ने कहा, ये आरोप बिल्कुल गलत हैं कि हमने जम्मू और लद्दाख क्षेत्र के साथ सौतेला व्यवहार किया, ये सही है कि कश्मीर में काफी समय से अशांति है, इसके अलावा 2014 में आई बाढ़ ने हालात और बिगाड़ दिए, इसलिए घाटी को अटेंशन की जरूरत थी।

इससे पहले भाजपा और उनके अध्यक्ष अमित शाह की ओर से कहा गया था कि कश्मीर में अब सरकार चलाना उनके लिए मुश्किल हो रहा था, अमित शाह ने जम्मू एंड कश्मीर में एक रैली में शनिवार को कहा था, सभी राष्ट्रवादी जम्मू – कश्मीर से प्यार करते हैं लेकिन भाजपा के लिए यह जुड़ाव ज्यादा मजबूत है, क्योंकि हमारे संस्थापक ने इसके लिए जीवन कुर्बान किया है।

बिहार : टीकाकरण के बाद दो महीने की बच्ची की हालत गंभीर

बच्ची की हालत गंभीर
टीकाकरण के बाद दो महीने की बच्ची की हालत गंभीर


एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

बिहार सरकार चिकित्सा व्यवस्था मजबूत करने के दावे भले करती हो, लेकिन सच्चाई तो कुछ और ही है। आए दिन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से सरकार के दावों की पोल खुल रही है

बिहार सरकार ने बच्चों के स्वास्थ्य और टीकाकरण के लिए कई योजनाओं को लागू किया है। लेकिन कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से ये योजनाएं सही से चल नही पा रही है।

बच्चों के टीकाकरण के लिए बिहार सरकार  ने मिशन इंद्रधनुष की शुरुआत की थी। लेकिन कटिहार के मघेली पंचायत के बड़ी चातर गांव में इस योजना के तहत टीका लगाने के बाद बच्ची की जान खतरे में पड़ गयी है।

स्वास्थ्य विभाग के मिशन इंद्रधनुष के तहत दो माह की एक बच्ची को टीका देने के दौरान लापरवाही बरती गई, जिससे बच्ची की हालत बिगड़ गई, हाथ और पैर में जहां बच्ची को टीका लगाया गया है। वहां गहरा जख्म हो गया है।

जिसके बाद से बच्ची की हालत नाजुक हो गई है। बच्ची की मां फराना खातून का कहना है कि चिकित्सकों की लापरवाही की वजह से यह घटना हुई है, इससे मेरी बेटी की हालत नाजुक हो गयी है।

फराना खातून ने कहा कि हम गरीबों के पास इतना पैसा नहीं है कि बाहर जाकर बच्ची का इलाज करा सकें तो वहीं बच्ची की नानी अफसाना खातून ने बताया कि एएनएम प्रविला कुमारी ने बच्ची को इंजेक्शन लगाया था, जिसके बाद गहरा जख्म हो गया।

अमेरिका के रेस्त्रां मालिक ने कहा, ट्रंप के साथ काम करती हो, बाहर निकलो

अमेरिका के रेस्त्रां मालिक ने कहा,
अमेरिका के रेस्त्रां मालिक ने कहा,


एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स को ट्रंप प्रशासन में काम करने का हवाला देते हुए वर्जीनिया में एक रेस्त्रां मालिक ने अपने यहां सेवाएं देने से मना कर दिया और बाहर चले जाने को कह दिया।

शुक्रवार को एक फेसबुक यूजर ने खुद को वर्जीनिया के द रेड हेन रेस्त्रां का वेटर बताते हुए लिखा कि उन्होंने सैंडर्स को सिर्फ ‘दो मिनट की सेवा’ दी और उसके बाद सारा और उनके साथ आए लोगों को चले जाने को कहा गया।

सैंडर्स ने कल ट्वीट करके इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा, शुक्रवार रात मुझे लेक्सिंग्टन में स्थित रेड हेन रेस्त्रां ने वहां से बाहर निकाल दिया, क्योंकि मैं ट्रंप प्रशासन में काम करती हूं।

इस रेस्त्रां की मालिक स्टेफनी विल्किंन्सन ने कहा, सारा का काम मेरे व्यवहार से ज्यादा कुछ कहता है, मैं हमेशा लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करती हूं, और आदर के साथ ऐसा करना जारी रखूंगी।

स्टेफनी ने वाशिंगटन पोस्ट को बताया कि वह राष्ट्रपति की ‘क्रूर नीतियों’ का बचाव करने वालों को स्वीकार नहीं कर सकती हैं, उन्होंने कहा कि उनके अधिकतर कर्मचारी समलैंगिक हैं और सारा सैंडर्स ने सशस्त्र बलों से किन्नरों को अलग रखने की ट्रंप की इच्छा का बचाव किया था।