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Thursday, September 3, 2026
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विभाजन को लेकर हामिद अंसारी ने दिया विवादित बयान

हामिद अंसारी ने फिर दिया विवादित बयान
हामिद अंसारी ने फिर दिया विवादित बयान

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

देश के पूर्व उप राष्‍ट्रपति हामिद अंसारी ने फिर से विवादित बयान दिया है, दिल्ली में आयोजित सईद नकवी की किताब ‘बीइंग द अदर-‍द मुस्लिम इन इंडिया’ के विमोचन समारोह में अंसारी उपस्थित हुए थे।

समारोह में उन्होंने कहा कि 1947 में हुए विभाजन के लिए भारत भी जिम्‍मेदार है, उन्‍होंने कहा कि उस समय हुए देश के बंटवारे के लिए सिर्फ पाकिस्‍तान ही जिम्‍मेदार नहीं है, बल्कि भारत भी इसमें जिम्‍मेदार था।

पूर्व उप राष्‍ट्रपति ने समारोह में कहा कि, सरदार वल्‍लभ भाई पटेल ने कहा था कि एकता के लिए बंटवारा जरूरी है, उन्‍होंने कहा कि हम सबका फर्ज है कि एकता के लिए काम करें, देश के बंटवारे के लिए सियासी वजहों से मुसलमानों को जिम्‍मेदार ठहराया गया है।

अंसारी ने कहा कि, जहां भी किसी ने गलत काम किया तो मुल्जिम एक ही..आप सब जानते हैं, भारत की जनसंख्‍या में 20 फीसदी धार्मिक अल्‍पसंख्‍यक हैं, इसमें 14 फीसदी मुसलमान हैं, हर पांचवां शख्‍स धार्मिक अल्‍पसंख्‍यक है, तो क्या इतनी बड़ी आबादी को आप गैर बना सकते हैं।

उन्‍होंने आगे कहा कि, आजादी के चार दिन पहले सरदार पटेल ने दिल्‍ली में कहा था कि, अगर देश को एक रखना है तो विभाजन जरूरी है, अंसारी ने कहा कि लेकिन सियासत ने जो रुख पलटा तो किसी को जिम्मेदार बनाना था।

अयोध्या मामला: हिन्दू तालिबानियों ने गिराई थी मस्जिद -मुस्लिम पक्ष वकील

अयोध्या मामला: अयोध्या मामले में आया एक नया मोड़
अयोध्या मामला: अयोध्या मामले में आया एक नया मोड़

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

अयोध्या मंदिर-मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट 29 अक्टूबर को सुनवाई शुरू करेगा। यह सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2010 के फैसले के ख़िलाफ़ दायर याचिकाओं पर होगी, जिसे चीफ जस्टिस रंजन गोगाई, जस्टिस संजय किशन क़ौल और जस्टिस के एम जोसेफ की तीन जजों की बेंच करेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने 27 सितंबर को दिए आदेश में 1994 के सुप्रीम कोर्ट के उस पुराने फैसले को पुनर्विचार के लिये संविधान पीठ को भेजने से इनकार कर दिया, जिसमें कहा गया था कि मस्जिद में नमाज़ इस्लाम का अभिन्न हिस्सा नहीं है।

शीर्ष अदालत ने 2-1 से बहुमत के फैसले में साफ कर दिया कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मालिकाना हक विवाद पर फैसला करने के लिये यह प्रासंगिक नहीं है, इस मामले में अंतिम फैसले का 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले काफी उत्सुकता से इंतजार रहेगा।

अयोध्या मामले की पिछली सुनवाइयों के दौरान मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने कहा कि अयोध्या मामले में मूल पहलू पर सुनवाई शुरू करने से पहले सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच यह तय करने के लिए मामले को संवैधानिक बेंच को भेजे, जो यह तय करे कि मस्जिद में नमाज़ पढ़ना इस्लाम का अभिन्न हिस्सा है या नहीं।

मुस्लिम पक्ष की तरफ से उत्तर प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को इस मामले में न्यूट्रल भूमिका रखनी थी, लेकिन उन्होंने इसको तोड़ दिया, वहीं सुनवाई में शिया वक़्फ़ बोर्ड की तरफ से कहा गया हम इस महान देश में सौहार्द, एकता, शांति और अखंडता के लिए अयोध्या की विवादित ज़मीन पर मुसलमानों का हिस्सा राम मंदिर के लिए देने को राज़ी हैं।

दरअसल, 1994 में पांच जजों के पीठ ने राम जन्मभूमि में यथास्थिति बरकरार रखने का निर्देश दिया था, ताकि हिंदू पूजा कर सकें। पीठ ने ये भी कहा था कि मस्जिद में नमाज पढ़ना इस्लाम का इंट्रीगल पार्ट नहीं है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने सीरिया से 3 गुना ज्यादा आतंकवाद फैलाया

एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने सीरिया से 3 गुना ज्यादा आतंकवाद फैलाया
एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने सीरिया से 3 गुना ज्यादा आतंकवाद फैलाया
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और सामरिक दूरदर्शिता समूह द्वारा मानवता पर जोखिम- वैश्विक आतंक संकेतक को लेकर पेश की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक, सीरिया की तुलना में पाकिस्तान मानवता के लिए तीन गुना अधिक खतरनाक है।
रिपोर्ट में पाकिस्तान को आतंक का घर, वैश्विक आतंकवाद का सबसे बड़ा समर्थक और पूरी दुनिया में आतंकवाद फैलाने के लिए सीरिया से तीन गुना अधिक जिम्मेदार माना गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि, आतंकी संगठन तालिबान और लश्कर-ए-तैयबा ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे अधिक खतरा पैदा किया है, पाकिस्तान को आतंकियों के लिए सुरक्षित देशों और सबसे ज्यादा आतंकवादी अड्डों की सूची में शीर्ष पर रखा गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यदि हम मजबूत तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर सबसे खतरनाक आतंकवादी समूहों को देखें तो पाएंगे कि पाकिस्तान उनमें से अधिकतर आतंकी समूहों का या तो मेजबान है या उनकी सहायता करता है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि, आतंकवाद दुनिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है, इसमें दावा किया गया है कि सभी तरह के प्रतिस्पर्धी उग्रवाद का उदय, सामूहिक विनाश के हथियारों का दुरुपयोग और आर्थिक समस्याएं मानव प्रगति को कमजोर कर सकती हैं।
रिपोर्ट में पाकिस्तान, अफगानिस्तान, लीबिया, सीरिया, यमन और कई अन्य देशों से जुड़े वैश्विक आतंकवादी संगठनों के बारे में व्यापक जानकारी दी गई है, जो एक दूसरे के साथ संबंध रखते हैं।

 #MeToo पर बोली जैकलिन फर्नाडिज़, दिया चौंकानेवाला बयान 

 #MeToo पर बोली जैकलिन फर्नांडेज़, दिया चौंकानेवाला बयान 
 #MeToo पर बोली जैकलिन फर्नांडेज़, दिया चौंकानेवाला बयान 
ज्योति विश्वकर्मा | Navpravah.Com 
 
#MeToo मूवमेंट के तहत बॉलीवुड में कई अभिनेत्रियों ने अपनी आपबीती शेयर कर बॉलीवुड में भूचाल ला दिया हैं। साजिद खान पर लगे यौन शोषण के आरोप के बाद उनकी मुश्किलें और बढ़ती ही जा रही है। साजिद पर अब एक और अभिनेत्री ने यौन शोषण का आरोप लगाया, जिसके बाद अब साजिद की एक्स गर्लफ्रेंड और एक्ट्रेस जैकलीन फर्नाडिज़ ने #MeToo पर पहली बार बात की। 
 
अब एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस ने मीटू को सपोर्ट किया है। उन्होंने कहा, ‘यौन उत्पीड़न केवल फिल्म जगत से जुड़ा एक मुद्दा नहीं है, ये पूरे समाज में व्याप्त है। दुर्भाग्यपूर्ण, यौन हिंसा की फिराक में घूम रहे लोग हर जगह मौजूद हैं। कभी-कभी तो हमारे अपने घर में होते हैं. उन्होंने कहा कि हमें वास्तविक मुद्दे से भटकना नहीं चाहिए।पूरा मुद्दा सेक्स के बारे में नहीं है बल्कि यह शक्ति संघर्ष के बारे में है। इसलिए हमें इस मुद्दे के बारे में सोचना चाहिए और उसका हल निकालना चाहिए।’
 
जैकलीन फर्नांडिस और साजिद खान साल 2009 से 2013 तक रिलेशनशिप में थे। खबरें थीं कि साजिद के पजेसिव नेचर की वजह से जैकलीन परेशान रहती थीं और उनकी जिंदगी से जुड़ा हर फैसला साजिद करते थे। साजिद के इस व्यवहार से तंग आकर उन्होंने ब्रेकअप का फैसला किया।
 
बता दें, साल 2006 में मिस यूनिवर्स श्रीलंका का टाइटल जीतने वाली जैकलीन ने अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत साल 2009 में फिल्म ‘अलादीन’ के जरिए की. वह ‘हाउसफुल’ सीरीज, ‘किक’, ‘रॉय’, ‘ढिशूम’, ‘अ फ्लाइिंग जट’, ‘ए जेंटलमैन’ जैसी फिल्मों में मुख्य भूमिका निभा चुकी हैं। जल्द ही जैकलीन अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के साथ फिल्म ‘ड्राइव’ में नजर आएंगी। 

जानिए, करवा चौथ पर छलनी से चाँद और पति को देखने के पीछे की वजह

जानिए, करवा चौथ पर छलनी से चाँद और पति को देखने के पीछे की वजह
जानिए, करवा चौथ पर छलनी से चाँद और पति को देखने के पीछे की वजह
 ज्योति विश्वकर्मा | Navpravah.Com 
 

Karva Chauth 2018  Saturday, 27 October :  करवा चौथ का त्योहार पति-पत्नी के बीच प्यार और समर्पण का प्रतीक होता है। वैसे तो आप अपने पार्टनर से कितना प्यार करते हैं यह दिखाने के लिए आप किसी खास दिन के मोहताज नहीं होते हैं। करवा चौथ के व्रत में छलनी का बेहद महत्व है। 

इस व्रत के पूजा की थाली में महिलाएं सभी सामानों के साथ-साथ छलनी भी रखती है। और इस छलनी से चाँद और अपने पति का चेहरा देखकर वो अपना व्रत पूरा करती है। शादी-शुदा महिलाएं इस छलनी में पहले दीपक रख चांद को देखती हैं और फिर अपने पति को निहारती हैं। इसके बाद पति उन्हें पानी पिलाकर व्रत पूरा करवाते हैं। 
 
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है पति और चांद दोनों को छलनी से ही क्यों देखा जाता है? इसके पीछे की आखिर क्या वजह है? वैसे हिंदू मान्यताओं के मुताबिक चंद्रमा को भगवान ब्रह्मा का रूप माना जाता है और चांद को लंबी आयु का वरदान मिला हुआ है। चांद के गुण सभी जानते है। चांद में सुंदरता, शीतलता, प्रेम, प्रसिद्धि और लंबी आयु जैसे गुण पाए जाते हैं। 
ईसीलिए सभी महिलाएं चांद को देखकर ये प्राथना करती हैं कि ये सभी गुण उनके पति में आ जाएं। वहीं, छलनी को लेकर एक और पौराणिक कथा के मुताबिक एक साहूकार के सात लड़के और एक बेटी थे। बेटी ने अपने पति की लंबी आयु के लिए करवा चौथ का व्रत रखा था। रात के समय जब सभी भाई भोजन करने लगे तो उन्होंने अपनी बहन को भी खाने के लिए बुलाया। लेकिन बहन ने कहा – “भाई! अभी चांद नहीं निकला है, उसके निकलने पर अर्घ्‍य देकर भोजन करूंगी.” 
बहन की इस बात को सुन भाइयों ने बहन को खाना खिलाने की योजना बनाई। भाइयों दूर कहीं एक दिया रखा और बहन के पास छलनी ले जाकर उसे प्रकाश दिखाते हुए कहा कि – बहन! चांद निकल आया है। अर्घ्‍य देकर भोजन कर लो। इस प्रकार छल से उसका व्रत भंग हुआ और पति बहुत बीमार हुआ। ऐसा छल किसी और शादीशुदा महिला के साथ ना हो इसीलिए छलनी में ही दिया रख चांद को देखने की प्रथा शुरू हुई। 
इस बार करवाचौथ सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास होगा। करवाचौथ में चंद्रमा रोहिणी नक्षत्र का होगा। चंद्रमा की वृष गत होने के कारण कन्या, मिथुन, मकर, कुंभ, वृष और तुला राशि की महिलाओं को अपने पति से विशेष सुख प्राप्त होगा। इस बार करवा चौथ पर अत्यंत शुभ योग बन रहे हैं। 11 साल बाद करवाचौथ पर राज योग बन रहा है।

मासिक धर्म के दौरान खायें ये फूड और रहें हेल्दी

diet during periods
diet during periods
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
पीरियड के दौरान हेल्दी फूड खाना सही होता है, इस दौरान आपकी डाइट पर बहुत कुछ निर्भर करता है। इस दौरान महिलाओं को थकान, सुस्ती और दर्द होता है, कुछ महिलाओं के लिए इस दर्द को झेल पाना मुश्किल होता है।
पीरियड के दौरान क्रैम्प आना और चक्कर आना आम बात है, इसलिए इस दौरान अपनी सेहत को बनाए रखने के लिए आपको पौष्टिक आहार लेना चाहिए, उचित डाइट लेने से क्रैम्प कम होगा साथ ही अन्य परेशानियां भी कम होंगी। इस दौरान आपको अपनी डाइट में तरबूज, दही, नारंगी, बादाम और डार्क चॉकलेट को शामिल करना चाहिए, तरबूज खाने से शरीर में पानी की मात्रा बनी रहेगी, साथ ही बॉडी में शुगर की मात्रा भी कंट्रोल में रहेगी।
दही में कैल्शियम की बहुत मात्रा होती है, कै  ल्शियम हड्डी के लिए बहुत जरूरी है, पीरियड के दौरान दही खाने से शरीर में कैल्शियम की मात्रा बैलेंस रहेगी।
पीरियड के दौरन डार्क चॉकलेट खाना बहुत फायदेमंद होता है, इस मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट सेरोटोनिन को बढ़ाता है, इससे आपका मूड शांत और हल्का रहेगा।
इसके अलावा पीरियड के दौरान विटामिन और आइरन युक्त पदार्थों का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए, ध्यान रहे कि इस दौरान कैफीन से बचने की कोशिश करें।

तारिक अनवर हुए फिर कांग्रेसी, शरद पवार का साथ छोड़ कांग्रेस में फिर हुए शामिल

तारिक अनवर हुए फिर कांग्रेसी, शरद पवार का साथ छोड़ कांग्रेस में फिर हुए शामिल
तारिक अनवर हुए फिर कांग्रेसी, शरद पवार का साथ छोड़ कांग्रेस में फिर हुए शामिल
पूर्व राकांपा नेता तारिक अनवर ने आज दिल्ली में कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की और पार्टी में शामिल हो गए, अनवर ने हाल में पार्टी प्रमुख शरद पवार से मतभेदों के चलते राकांपा से इस्तीफा दे दिया था।
अनवर को 1999 में शरद पवार और पीए संगमा के साथ सोनिया गांधी के विदेशी मूल का मुद्दा उठाने पर कांग्रेस से बाहर कर दिया गया था, अब उन्‍होंने एक बार फिर पार्टी का दामन थाम लिया है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के संस्थापक नेताओं में से एक अनवर ने बीते माह पार्टी और लोकसभा से इस्तीफा दे दिया था, तारिक ने कहा था कि, उन्होंने पार्टी प्रमुख शरद पवार द्वारा राफेल मामले में पीएम मोदी को क्लीन चिट दिए जाने के बयान से असहमत होने के कारण यह कदम उठाया है।
अनवर के इस्तीफे के बाद लोकसभा में राकांपा सांसदों की संख्या घटकर छह रह गई है, राज्यसभा के एक बार और कई बार लोकसभा के सदस्य रहे अनवर ने कहा था कि वह किसी भी पार्टी में शामिल होने से पहले अपने समर्थकों से बातचीत करेंगे।
उनके इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए राकांपा महासचिव प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि अनवर का निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण है और महसूस करते हैं कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व के साथ वार्ता किए बिना पार्टी छोड़ी है, जो कि ग़लत है।

राहुल गाँधी ने मोदी सरकार को दी चुनौती

राहुल गाँधी ने दी मोदी सरकार को चुनौती
राहुल गाँधी ने दी मोदी सरकार को चुनौती

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

जांच एजेंसी सीबीआई के आंतरिक विवाद के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने के लिए आज देशभर में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी की अगुआई में आज दिल्‍ली के लोधी रोड स्थित दयाल सिंह कॉलेज से शुरू हुआ कांग्रेस का मार्च सीबीआई मुख्‍यालय के बाहर पहुंचा।

यहां राहुल गांधी पुलिस बैरीकेड पर बैठ गए थे, राहुल गांधी ने दिल्‍ली स्थित सीबीआई मुख्‍यालय के बाहर प्रदर्शन के बाद सांकेतिक गिरफ्तारी दी, उन्‍हें इसके बाद लोधी रोड थाने ले जाया गया।

गिरफ्तारी के बाद राहुल गांधी ने कहा कि जितनी बार गिरफ्तार करना हो कर लो, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है। राहुल गांधी ने इस दौरान राफेल डील पर मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने अनिल अंबानी को इस डील में फायदा पहुंचाया है। राहुल ने कहा कि नीरव और माल्‍या की तरह ही अनिल अंबानी भी देश से भाग जाएंगे।

कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि ये विरोध पीएम मोदी के असंवैधानिक फैसले के खिलाफ है, इस प्रदर्शन को देखते हुए सीबीआई मुख्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

बता दें कि छुट्टी पर भेजे गए केंद्रीय अन्‍वेषण ब्‍यूरो (सीबीआई) निदेशक आलोक वर्मा को बहाल करने की मांग को लेकर कांग्रेस आज देशभर में सीबीआई दफ्तरों के बाहर धरना-प्रदर्शन कर रही है। विवाद के केन्द्र में आए वर्मा और सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने मंगलवार देर रात आदेश जारी कर अवकाश पर भेज दिया था।

वहीं सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को अचानक छु्ट्टी पर भेजे जाने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई, सुप्रीम कोर्ट में इस दौरान वरिष्‍ठ वकील फली नरीमन ने आलोक वर्मा की पैरवी की।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्‍थाना के खिलाफ सीवीसी 2 हफ्ते में जांच पूरी करे, मामले की अगली सुनवाई 12 नवंबर को होगी।

CBI मामले में अरुण जेटली ने दी सफाई

CBI मामले में अरुण जेटली की सफाई
CBI मामले में अरुण जेटली की सफाई

एनपी न्यूज़ नेटवर्क | Navpravah.com

सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्‍थाना को अचानक छु्ट्टी पर भेजे जाने के मामले में केंद्रीय वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि जिन पर आरोप हैं, वे जांच एजेंसी में नहीं रह सकते हैं, सुप्रीम कोर्ट ने सकारात्‍मक फैसला दिया है।

अरुण जेटली ने कहा है कि सीबीआई में जो मौजूदा घटनाक्रम चल रहा है, वो सकारात्‍मक है। सरकार पूरी कोशिशों के साथ सीबीआई की साख को बनाए रखना चाहती है। बता दें कि सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को अचानक छु्ट्टी पर भेजे जाने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई, सुप्रीम कोर्ट में इस दौरान वरिष्‍ठ वकील फली नरीमन ने आलोक वर्मा की पैरवी की है।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि, सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्‍थाना के खिलाफ सीवीसी 2 हफ्ते में जांच पूरी करे, मामले की अगली सुनवाई 12 नवंबर को होगी।

हालांकि सॉलीसिटर जनरल तुषार महता ने कोर्ट से कहा कि, इस मामले की जांच इतने कम समय में नहीं हो सकती, तो सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले की जांच इतने ही दिनों में पूरी होनी चाहिए, इसे लंबा नहीं खींचना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जब तक मामले की सुनवाई सर्वोच्‍च न्‍यायालय में होगी तब तक सीबीआई के अंतरिम निदेशक एम नागेश्‍वर राव नीति से संबंधी कोई भी निर्णय नहीं ले सकते हैं।