29 C
Mumbai
Tuesday, September 8, 2026
Home Blog Page 31

संजय राउत ने प्रधानमंत्री को कहा औरंगज़ेब

ब्यूरो। navpravah.com

नई दिल्ली। शिवसेना नेता संजय राउत ने प्रधानमंत्री मोदी पर विवादित टिप्पणी की है। उन्होंने प्रधानमंत्री की तुलना औरंगजेब से कर दी। संजय राउत ने प्रधानमंत्री मोदी की तुलना औरंगजेब से करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में शिवाजी महाराज का जन्म हुआ और गुजरात में मुगल बादशाह औरंगजेब का। जहां नरेंद्र मोदी का जन्म हुआ उसके पड़ोस वाले गांव में औरंगजेब का जन्म हुआ। इसलिए औरंगजेब की सोच गुजरात और दिल्ली से महाराष्ट्र पर चढ़ाई कर रही है।

यह बयान संजय राउत ने महाराष्ट्र के बुलढाणा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा। जब संजय राउत ये बयान दे रहे थे तब शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे भी मंच पर मौज़ूद थे।

माना जा रहा है राज ठाकरे के भाजपा संग जाने की अटकलों के बीच संजय राउत ने यह टिप्पणी की है। इसी घटनाक्रम के चलते उद्धव ठाकरे गुट में हलचल की स्थिति है। संजय राउत ने कहा कि शिवाज़ी महाराज महाराष्ट्र में पैदा होते हैं और गुजरात में औरंगजेब का जन्म होता है। राउत ने कहा, ‘नरेंद्र मोदी का जहां जन्म हुआ, उसी के पास औरंगजेब पैदा हुआ था। इसीलिए औरंगजेब की मानसिकता के साथ हमारे ऊपर हमला होता है।’

इससे पहले भी संजय राउत ने प्रधानमंत्री पर कईं बार विवादित बयान दिया हैं। एक इंटरव्यू में भी उन्होंने कहा था कि औरंगजेब गुजरात में पैदा होते हैं और महाराष्ट्र में शिवाजी महाराज का जन्म होता है। गौरतलब है कि 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी।

INDI गठबन्धन को एक और झटका, इस पार्टी ने यूपी में उतारे अपने उम्मीदवार

संवाददाता। navpravah.com

नई दिल्ली | लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश की तीन सीटों पर अपना दल (कमेरावादी) ने चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। अपना दल (कमेरावादी) ने यूपी की मिर्ज़ापुर, फूलपुर और कौशांबी सीट पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। लेकिन इंडी गठबंधन का हिस्सा सामजवादी पार्टी और कांग्रेस ने अपना दल (कमेरावादी) के इस ऐलान पर कहा कि अभी इस पर कोई बात नहीं हुई है।

उत्तर प्रदेश के अंदर INDI अलायंस में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के अलावा इस गठबंधन में तीसरा बड़ा चेहरा अपना दल कमेरावादी की नेता और सपा विधायक पल्लवी पटेल का है। अपना दल (कमेरावादी) ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर लिखा कि अपना दल केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में फैसला लिया गया कि पार्टी निम्न तीन सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

1. फूलपुर
2. मिर्जापुर
3. कौशांबी

सूत्रों की मानें तो जब अपना दल (कमेरावादी) ने मिर्जापुर सीट पर भी चुनाव लड़ने का ऐलान किया, तो सपा विधायक पल्लवी पटेल अपनी बहन अनुप्रिया पटेल के खिलाफ़ मिर्जापुर सीट से चुनाव लड़ सकती हैं। अगर इस सीट से अनुप्रिया लड़ी, तो लड़ाई बेहद दिलचस्प हो सकती है, क्योंकि अभी अपना दल (एस) की नेता अनुप्रिया पटेल मिर्जापुर से सांसद हैं, जो एनडीए के साथ हैं और केंद्रीय मंत्री भी हैं।

शिबू सोरेन की बहू सीता सोरेन भाजपा में शामिल, सोरेन परिवार पर साज़िश का लगाया आरोप

ब्यूरो | navpravah.com

झारखण्ड | JMM प्रमुख शिबू सोरेन की बड़ी बहू सीता सोरेन ने बीजेपी की सदस्यता ले ली है। उन्होंने कुछ घंटे पहले ही JMM छोड़ने का ऐलान किया था। सीता का कहना था कि मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ गहरी साजिश रची जा रही है।

जेएमएम की विधायक सीता सोरेन ने उन्हें और उनके परिवार को नजरअंदाज किए जाने का आरोप लगाते हुए आज ही पार्टी से इस्तीफा दिया है। पार्टी सुप्रीमो और अपने ससुर शिबू सोरेन को लिखे इस्तीफा पत्र में सीता ने कहा कि उनके पति दुर्गा सोरेन के निधन के बाद पार्टी उन्हें तथा उनके परिवार को पर्याप्त सहयोग मुहैया कराने में नाकाम रही। “मैं सीता सोरेन, झारखंड मुक्ति मोर्चा की केंद्रीय महासचिव एवं सक्रिय सदस्य वर्तमान विधायक हूं, आपके समक्ष अत्यंत दुखी हृदय के साथ अपना इस्तीफा प्रस्तुत कर रही हूं।”

उन्होंने आगे कहा कि मुझे मेरे तथा मेरे परिवार के खिलाफ रची जा रही एक साजिश का पता चला है। मेरे पास इस्तीफा देने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा। JMM प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि इस्तीफे के बारे में उन्होंने सुना जरूर है लेकिन आधिकारिक पत्र अभी उनके पास नहीं पहुंचा है।

बीजेपी की शक्ति में हुआ इजाफा-

विनोद तावड़े ने कहा, झारखंड की एक नेता और बहन सीता सोरेन बीजेपी में शामिल हुई हैं। उनके बीजेपी में आने से पार्टी की ताकत बढ़ी है। लोकसभा चुनाव के बाद वहां इसका अलग असर दिखेगा। हम झारखंड में शक्तिशाली हो रहे हैं। हम उनका स्वागत करते हैं। वे आदिवासी के कार्यक्रम में अपनी पूरी शक्ति लगाएंगी।

चुनाव से पहले EC का बड़ा एक्शन, बंगाल के डीजीपी समेत 6 राज्यों के गृह सचिव को हटाया

संवाददाता| navpravah.com
नई दिल्ली| लोकसभा चुनाव से पहले बड़ा अलटफेर देखने को मिला है| चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के डीजीपी सहित 6 राज्यों के गृह सचिवों को हटाने का आदेश दे दिया है| चुनाव आयोग ने गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के गृह सचिव हटाए हैं| समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि जिन राज्यों के गृह सचिवों को हटाने का आदेश दिया गया है, उसमें गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं|
मिजोरम और हिमाचल प्रदेश में सामान्य प्रशासनिक विभाग के सचिव को भी हटा दिया गया है| चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई भी की है| आयोग की तरफ से सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया गया है कि वे चुनाव संबंधी कार्यों से जुड़े उन अधिकारियों का ट्रांसफर करें, जो तीन साल पूरा कर चुके हैं या फिर अभी उनकी तैनाती अपने गृह जिलों में है|
हालांकि, महाराष्ट्र ने राज्य में कुछ म्युनिसिपल कमिश्नर और एडिशनल/डिप्टी कमिश्नर म्युनिसिपल कमिश्नर को लेकर चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन नहीं किया है| चुनाव आयोग ने इस संबंध में महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को अपनी नाराजगी जताई है| आयोग ने बीएमसी और एडिशनल/डिप्टी कमिश्नरों को आज शाम 6 बजे तक रिपोर्ट करने का निर्देश दिया है| साथ ही उन्हें ट्रांसफर करने का भी निर्देश दिया गया है| चुनाव आयोग ने कहा कि निष्पक्ष लोकसभा चुनाव कराने के लिए ये फैसला लिया गया है|
बता दें कि देशभर में लोकसभा चुनाव 2024 का बिगुल बज चुका है| पूरे देश में 7 चरणों में चुनाव होंगे और 4 जून को नतीजे आएंगे| 16 मार्च को चुनावी शेड्यूल जारी कर निर्वाचन आयोग के आयुक्त राजीव कुमार ने मतदाताओं से खास अपील की थी और ज्यादा से ज्यादा मतदान करने का आग्रह किया था| उन्होंने बताया था कि वोटर अपने एपिक नंबर से बूथ की पूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं|

लोकसभा चुनाव 2024 के तारीखों का हुआ ऐलान,जानिए कब और कितने चरणों में होंगे मतदान

संवाददाता| navpravah.com

नई दिल्ली| विश्व के सबसे बड़े त्योहार की आज से शुरुआत हो गई। विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र ‘चुनावी महाकुंभ’ की तारीखों का ऐलान आज मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि लोकसभा चुनाव का पहला चरण 19 अप्रैल, दूसरा चरण 26 अप्रैल, तीसरा चरण 7 मई, चौथा चरण 13 मई, पांचवां चरण 20 मई, छठा चरण 25 मई और सातवां चरण 1 जून को होगा। 19 अप्रैल से 1 जून तक 7 चरणों में होंगे लोकसभा चुनाव। वोटों की गिनती 4 जून को होगी।

फेज-1 में 102 लोकसभा सीटों पर वोटिंग

फेज -1 का नोटिफिकेशन 20 मार्च को जारी होगा। नॉमिनेशन दाखिल करने की आखिरी तारीख 27 मार्च होगी। 28 मार्च को नामांकन पत्र की जांच। 30 मार्च को नामांकन वापस लिया जा सकेगा। 19 अप्रैल को वोटिंग होगी। पहले फेज में 102 लोकसभा सीटों पर वोटिंग होगी।

दूसरे फेज में 89 लोकसभा सीटों पर वोटिंग

दूसरे फेज के चुनाव के लिए नोटिफिकेशन 28 मार्च को जारी किया जाएगा। 4 अप्रैल तक नामांकन दाखिल किया जा सके। 5 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 8 अप्रैल तक नामांकन वापस लिया जा सकता है। 26 अप्रैल को यहां वोटिंग होगी। दूसरे फेज मे 89 लोकसभा सीटों पर वोटिंग होगी।

तीसरे चरण में 94 लोकसभा सीटों पर वोटिंग

तीसरे चरण का नोटिफिकेशन 12 अप्रैल को जारी होगा। 19 अप्रैल तक नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकते हैं। 20 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 22 अप्रैल तक नांमाकन वापस लिए जा सकते हैं। तीसरे फेज में 7 मई को वोटिंग होगी। 4 जून को नतीजे आएंगे। तीसरे चरण में 94 लोकसभा सीटों पर वोटिंग होगी।

चौथे फेज में 96 लोकसभा सीटों पर वोटिंग

चौथे फेज का नोटिफिकेशन 18 अप्रौल को जारी होगा। 25 अप्रैल तक नामांकन दाखिल किए जा सकते हैं। 26 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 29 अप्रैल तक नामांकन वापस लिया जा सकता है। चौथे फेज में 13 मई को वोटिंग होगी। 4 जून को नतीजे आएंगे। चौथे फेज में 96 सीटों पर वोटिंग होगी।

पांचवें फेज में 49 लोकसभा सीटों पर वोटिंग

पांचवें फेज का नोटिफिकेशन 26 अप्रैल को जारी होगा। 3 मई तक नामांकन दाखिल किया जा सकता है। 4 मई को नामांकन पत्र की जांच होगी. 6 मई तक नामांकन वापस लिया जा सकता है। 20 मई को वोटिंग होगी। 4 जून को नतीजे आएंगे। पांचवें चरण में 49 सीटों पर वोटिंग होगी।

छठे फेज में 57 लोकसभा सीटों पर वोटिंग

छठे फेज के लिए 29 अप्रैल को नोटिफिकेशन जारी होगा। 6 मई तक नामांकन दाखिल किया जा सकता है। नामांकन पत्रों की जांच 7 मई को होगा। 9 मई तक नामांकन वापस लिया जा सकता है। छठे फेज की वोटिंग 25 मई को होगी। छठे चरण में 57 लोकसभा सीटों पर वोटिंग होगी।

सातवें और अंतिम चरण में 57 सीटों पर वोटिंग

सातवें और अंतिम चरण के लिए नोटिफिकेशन 7 मई को जारी किया जाएगा। 14 मई तक नामांकन दाखिल किया जा सकता है। 15 मई को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 17 मई को नामांकन वापस लिया जा सकता है। अंतिम चरण की वोटिंग 1 जून को होगी। 4 जून को नतीजे आएंगे। अंतिम चरण में 57 सीटों पर वोटिंग होगी।

शराब नीति में नहीं, इस मामले में केजरीवाल को मिली है जमानत!

नृपेंद्र मौर्या। navpravah.com

नई दिल्ली। समन पर समन मिलने के बाद भी कोर्ट में हाजिर न होने पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आज एवेन्यू राउज कोर्ट में पेश हुए, जहां से उन्हें 15000 मूल्य के जमानती बांड और एक लाख निजी मुचलके पर जमानत दे दी गई। केजरीवाल ने एक्साइज पॉलिसी के खिलाफ राइज रेवेन्यू कोर्ट में चुनौती दी थी।

आपको बता दें कि केजरीवाल को ये जमानत शराब नीति केस में नहीं, बल्कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दिए गए बार बार समन के बावजूद न पेश होने पर मिला हैं। अरविंद केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय अब तक 8 समन जारी कर चुका है। हालांकि अरविंद केजरीवाल एक बार भी जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए। इसके बाद जांच एजेंसी ने कोर्ट में सीएम केजरीवाल के खिलाफ दो शिकायतें दर्ज करवाईं हैं। इसी मामले में उनकी पेशी थी। शराब नीति घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आज पेशी हुई। ED की याचिका पर कोर्ट ने उन्हें 7 मार्च को समन जारी किया था।

राउज एवेन्यू कोर्ट ने श्री केजरीवाल को आज पेशी के लिए बुलाया था। हालांकि दिल्ली के सीएम ने कोर्ट में याचिका दायर की थी कि उन्हें आज कोर्ट में पेशी के लिए छूट दी जाए और उनके वकीलों को पैरवी का मौका दिया जाए। इस तरह केजरीवाल की तरफ से दो वकील रमेश गुप्ता और राजीव मोहन पेश हुए।

इससे पहले कल तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। ED ने दिल्ली शराब घोटाला केस में कविता के आवास पर छापेमारी की थी। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रेड के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

सुप्रीम कोर्ट ने SBI को फिर क्यों लगाई फटकार!

ब्यूरो | navpravah.com 

नई दिल्ली| चुनावी बॉन्ड में सार्वजनिक किए गए डाटा पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा प्रत्येक बॉन्ड का अल्फानुमेरिक नहीं उपलब्ध कराए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने कल एसबीआई को फटकार लगाई।

किस कंपनी ने किस पार्टी को दिया कितना डोनेशन?

इलेक्टोरल बॉन्ड 1 लाख रुपये, 10 लाख रुपये और 1 करोड़ रुपये के खरीदे गए हैं। हालांकि, दी गई जानकारी में ये पता लगाने का कोई तरीका नहीं है कि किस कंपनी ने किस पार्टी को डोनेशन दिया है। सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की संविधान पीठ ने 15 फरवरी को इलेक्टोरल बॉन्ड की बिक्री पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने एसबीआई को मंगलवार शाम तक इलेक्टोरल बॉन्ड का पूरा डेटा सौंपने को कहा था।

चंदा देने वालों में कौन सी कंपनियां शामिल?

वहीं SBI ने मंगलवार शाम 5.30 बजे चुनाव आयोग को डेटा सौंप दिया था। इसके बाद चुनाव आयोग (EC) ने गुरुवार को इसे सार्वजनिक किया। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने बैंक को फटकार लगाई थी और 12 मार्च शाम तक यह डिटेल देने का निर्देश दिया था। बता दें कि इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए राजनीतिक दलों को चंदा देने वालों में टोरेंट पावर, भारती एयरटेल, डीएलएफ कमर्शियल डेवलपर्स, वेदांता लिमिटेड भी शामिल हैं. ग्रासिम इंडस्ट्रीज, मेघा इंजीनियरिंग, पीरामल एंटरप्राइजेज ने भी राजनीतिक दलों को चंदा दिया है।

आज लग जायेगी आचार संहिता-

इन सब के बीच आज चुनावी तिथियों की घोषणा हो जायेगी। चुनाव आयोग ने ट्वीट कर कहा हैं कि आज शाम तीन बजे वे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनावी तिथियों की घोषणा कर देंगे, जिसके बाद से आज से देशभर में आचार संहिता लग जायेगी।

सूत्रों की मानें तो लोकसभा की 543 सीटों पर 7 फेज में वोटिंग हो सकती है। 15 से 18 अप्रैल के बीच पहले फेज के लिए, जबकि आखिरी फेज में 19 मई को वोटिंग हो सकती है। 23 मई को रिजल्ट संभव है।

इलेक्टोरल बॉन्ड्स का काला सच!

नृपेन्द्र कुमार मौर्य| navpravah.com

नई दिल्ली| लोकसभा चुनाव शेड्यूल जारी होने से पहले सुप्रीम काेर्ट के आदेश का पालन करते हुए चुनाव आयोग ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा मिले इलेक्टोरल बॉन्ड डिटेल अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिए. इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़े आंकड़ों को लेकर अब कई हैरान करने वाली खबरें भी सामने आ रही हैं. इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक 2019 और 2024 के बीच राजनीतिक दलों को चंदा देने वाले टॉप 5 डोनर्स में से तीन ऐसी कंपनियां हैं जिन्होंने उस वक्त इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे जब उनके यहां ईडी और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की जांच चल रही थीं. टॉप 5 इलेक्टोरल बॉन्ड डोनर्स में ये तीन कंपनी- फ्यूचर गेमिंग, मेघा इंजीनियरिंग और वेदांता शामिल हैं.

मेसर्स फ्यूचर गेमिंग सॉल्यूशंस (पी) लिमिटेड के खिलाफ पीएमएलए के प्रावधानों के तहत जांच शुरू की. फिलहाल इस कंपनी का नाम मेसर्स फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज (पी) लिमिटेड और पूर्व में मार्टिन लॉटरी एजेंसीज लिमिटेड था. ईडी की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई द्वारा दायर एक याचिका के बाद शुरू की हुई थी. ईडी के अनुसार, मार्टिन और अन्य ने लॉटरी विनियमन अधिनियम, 1998 के प्रावधानों का उल्लंघन करने और सिक्किम सरकार को धोखा देकर गलत लाभ प्राप्त करने के लिए एक आपराधिक साजिश रची. ईडी ने 22 जुलाई, 2019 को दिए अपने एक बयान में कहा था कि मार्टिन और उनके सहयोगियों ने 1 अप्रैल 2009 से 31 अगस्त 2010 के दौरान पुरस्कार विजेता टिकटों के दावे को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाकर 910.3 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की थी. 2019 से लेकर 2024 के बीच कंपनी ने 21 अक्टूबर, 2020 को इलेक्टोरल बॉन्ड की पहली किश्त खरीदी थी.

चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों मुताबिक दूसरी सबसे बड़ी इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदार कंपनी मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड है. जिसने 2019 और 2024 के बीच 1000 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे हैं. कृष्णा रेड्डी (Krishna Reddy) की कंपनी मेघा इंजीनियरिंग तेलंगाना सरकार की कालेश्वरम डैम प्रोजक्ट (Kaleswaram Dam project) जैसी कई परियोजनाओं में शामिल है. अक्टूबर 2019 में आयकर विभाग ने कंपनी के दफ्तरों पर छापेमारी की थी. इसके बाद ईडी की ओर से भी जांच शुरू की गई. उसी साल 12 अप्रैल को मेघा इंजीनियरिंग ने 50 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे थे.

राजनीतिक पार्टियों को चंदा देने के वास्ते इलेक्ट्रोरल बॉन्ड खरीदने वाला पांचवां सबसे बड़ा डोनर अनिल अग्रवाल (Anil Aggarwal) का वेदांता ग्रुप है, जिसने 376 करोड़ रुपये के बांड खरीदे हैं, कंपनी ने अप्रैल 2019 में इलेक्टोरल बॉन्ड की पहली किश्त खरीदी थी. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में बताया गया है कि 2018 के मध्य में, ईडी ने दावा किया था कि उसके पास वीज़ा के लिए रिश्वत मामले में वेदांता ग्रुप के शामिल होने से जुड़े पर्याप्त सबूत हैं, जिसमें कंपनी ने चीन के कुछ नागरिकों को नियमों को कथित रूप से तोड़कर वीजा दिया था. ईडी द्वारा सीबीआई को भेजे गए एक रेफरेंस में 2022 में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की और उसके बाद इस कंपनी ने भी 39 करोड़ रुपए के बॉन्ड खरीदे थे.

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने आज एसबीआई को फटकार लगाया सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) को इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़े यूनिक अल्फान्यूमरिक कोड नहीं बताने के मामले में नोटिस जारी किया है.

इसी कोड के ज़रिए इलेक्टोरल बॉन्ड्स से चुनावी चंदा देने वालों और राजनीतिक पार्टियों के बीच मिलान संभव होगा. यानी पता चलेगा कि किस कंपनी या व्यक्ति ने किस राजनीतिक पार्टी को चुनावी चंदे के रूप में कितनी रक़म दी है.

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने एसबीआई से कहा, ”हमने इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी सभी अहम जानकारी सार्वजनिक करने के लिए कहा था. इनमें बॉन्ड के ख़रीदार, बॉन्ड की रक़म और ख़रीदने की तारीख़ शामिल हैं. बॉन्ड के सीरियल नंबर को आपने नहीं बताया है. हमने अपने फ़ैसले में सभी जानकारी सार्वजनिक करने के लिए कहा था.”

चुनाव आयोग की ओर से जारी की गई 763 की दो लिस्ट में से एक पर बॉन्ड ख़रीदने वालों की जानकारी है तो दूसरी लिस्ट में राजनीतिक दलों को मिले बॉन्ड का ब्यौरा है.

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई क़ुरैशी ने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में लिखा है कि एसबीआई ने चुनाव आयोग के जो आँकड़े दिए हैं, उससे ये पता करना मुश्किल होगा किस बॉन्ड ख़रीदार ने किस पार्टी के लिए इसे ख़रीदा. एसबीआई ने ये जानकारी देने के लिए जून 2024 तक का समय मांगा था.”

ऐसी उम्मीद की जा रही थी कि इलेक्टोरल बॉन्ड के आँकड़े सार्वजनिक होते ही यह पता चल जाएगा कि किस राजनीतिक पार्टी को किससे कितनी रक़म चंदे के रूप में मिली है. लेकिन यूनिक नंबर न होने से ये नही पता चल पा रहा है कि किस पार्टी को कौनसी कंपनी ने कितने रकम दिए.

चुनावी बॉन्ड स्कीम में याचिकाकर्ता एडीआर की तरफ़ से अदालत में पेश हुए सीनियर वकील प्रशांत भूषण ने एक्स पर लिखा, ”चुनाव आयोग की ओर से अपलोड की गई इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी जानकारी में बॉन्ड के सीरियल नंबर नहीं हैं. इसी सीरियल नंबर से ये पता चलता है कि किसने किसके लिए बॉन्ड ख़रीदा जबकि एसबीआई के शपथपत्र में कहा गया था कि ये जानकारी अलग-अलग जगह दर्ज हैं.”

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई क़ुरैशी ने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में लिखा है कि एसबीआई ने चुनाव आयोग के जो आँकड़े दिए हैं, उससे ये पता करना मुश्किल होगा किस बॉन्ड ख़रीदार ने किस पार्टी के लिए इसे ख़रीदा. एसबीआई ने ये जानकारी देने के लिए जून 2024 तक का समय मांगा था.” लेकिन एसबीआई ने जानकारी तो दी लेकिन बॉन्ड नंबर नहीं बताया!

अब देखते हैं कि आज के सुप्रीम फटकार के बाद क्या एसबीआई यूनिक नंबर भी जारी कर सकता है क्या? और फिर ये मामला और रोचक हो जाएगा. और लोकसभा चुनाव को और रोचक बनाएगा.

जिन कम्पनियों के पीछे ED पड़ी, उन्होंने ही दिया सबसे ज्यादा चंदा

संवाददाता। navpravah.com

नई दिल्ली। इलेक्शन कमीशन ने गुरुवार को चुनावी बॉन्ड से चंदा देने वाले के नामों को सार्वजनिक कर दिया है। वेबसाइट पर उपलब्ध डाटा बेहद ही चौंकाने वाला हैं, जिस कंपनी के खिलाफ मार्च, 2022 में प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन के आरोप में जांच की थी, उस कंपनी ने 1350 करोड़ रुपये के चुनावी बांड खरीदकर राजनीतिक दलों को चंदा दिया।

शीर्ष अदालत में एफिडेविट दाखिल करते हुए एसबीआई ने बताया था कि 1 अप्रैल, 2019 से 15 फरवरी, 2014 के बीच विभिन्न मूल्यवर्ग के कुल 22,217 चुनावी बांड जारी किए गए। इनमें से 22,030 को राजनीतिक दलों ने भुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने एसबीआई को आदेश देते हुए कहा था कि कि मंगलवार तक चुनावी बांड के जरिए राजनीतिक दलों को चंदा देने वालों का विवरण भारतीय निर्वाचन आयोग को मुहैया कराए और उसके बाद एसबीआई ने ये डाटा निर्वाचन आयोग को सौंप दी थी।

निर्वाचन आयोग ने भी सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई निर्धारित तिथि से पहले ही सारी जानकारी दो पीडीएफ फाइल में अपने वेबसाइट पर अपलोड कर दी। जिसमें एक पीडीएफ में चंदा देने वाले का नाम और एक में चंदा लेने और बॉन्ड भुनाने वाले राजनीतिक दलों का नाम हैं।

सार्वजनिक किए गए डाटा से ये पता चला कि बॉन्ड खरीदने वाले में महत्वपूर्ण हस्तियों का नाम शामिल हैं।राजनीतिक दलों को चंदा देने वालों स्टील टाइकून लक्ष्मी मित्तल से लेकर एयरटेल के प्रवर्तक अरबपति सुनील भारती मित्तल के अलावा वेदांता समूह के अनिल अग्रवाल, आईटीसी, महिंद्रा एंड महिंद्रा के अलावा फ्यूचर गेमिंग और होटल सर्विसेज के नाम प्रमुख रूप से हैं।

बांड के जरिए दान पाने वाले दल दान पाने वालों में भाजपा, कांग्रेस, एआईएडीएमके, बीआरएस, शिवसेना, टीडीपी, वाईएसआर कांग्रेस, डीएमके, जेडी-एस, एनसीपी, तृणमूल कांग्रेस, जेडीयू, आप, राजद, समाजवादी पार्टी, जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस, बीजेडी, गोवा फॉरवर्ड पार्टी, महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी, सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा, जेएमएम, सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट और अन्य पार्टी शामिल शामिल हैं।

UP: पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति पर ED का शिकंजा, दिल्ली-यूपी के कई ठिकानों पर छापेमारी

संवाददाता| navpravah.com

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ जारी धनशोधन जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश, दिल्ली और महाराष्ट्र में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर छापेमारी की। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। उत्तर प्रदेश में लखनऊ और अमेठी, महाराष्ट्र में मुंबई और दिल्ली में कुल 14 परिसरों पर छापेमारी की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक लखनऊ में प्रजापति के घर पर छापेमारी की जा रही है। ईडी ने उत्तर प्रदेश सतर्कता विभाग की प्राथमिकी के आधार पर 2021 में धनशोधन का मामला दर्ज किया था। इस प्राथमिकी में प्रजापति और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ अवैध रेत खनन और आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप लगाए गए थे। केंद्रीय एजेंसी ने जनवरी में प्रजापति, उनके परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के 13 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मुंबई में स्थित चार फ्लैट और लखनऊ में स्थित कई भूखंड कुर्क किए थे।

ईडी ने तलाशी के बाद यह कार्रवाई की थी। ईडी का आरोप है कि उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहने के दौरान प्रजापति और उनके परिवार के सदस्यों ने विभिन्न “काल्पनिक और दिखावटी” लेनदेन के माध्यम से अवैध धन को ‘सफेद’ किया और कई संपत्तियां अर्जित कीं। एजेंसी ने कहा था कि प्रजापति ने अवैध रूप से हासिल नकदी को जमा करने के लिए अपने परिवार के सदस्यों के बैंक खातों का भी उपयोग किया।

अमेठी में प्रजापति व उनकी करीबी गुड्डा देवी के घर छापा

सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति के घर गुरुवार की सुबह छह बजे प्रवर्तन निदेशालय ईडी टीम छापामारी करने पहुंची। प्रवर्तन निदेशालय की तीन टीम बेनामी संपत्ति से जुड़े अभिलेखों को खंगाल रही है। पूर्व कैबिनेट मंत्री की करीबी गुड्डा देवी के घर पर भी छापामारी कर ईडी पूछताछ कर रही है। लखनऊ स्थित आवास पर भी छापामारी किए जाने की बात सामने आ रही है।

करीबी गुड्डा देवी की बेनामी संपत्ति के की जानकारी ले रही है। लखनऊ स्थित आवास पर छापामारी कर बड़े बेटे अनिल व बहू से पूछताछ करने की बात सामने आ रही है। बाहर खड़े केंद्रीय पुलिस बल के जवान घर में किसी को प्रवेश देने से रोक रहे है। प्रवर्तन निदेशालय की टीम की छापामारी से शहर में चर्चा माहौल है।