मनोरंजन। प्रधानमंत्री Narendra Modi के फेसबुक, ट्वीटर, इंस्टाग्राम जैसे सोशल ऐप पर करोड़ों फॉलोवर्स हैं। वहीं सिर्फ इंस्टाग्राम अकाउंट पर 30 मिलियन फॉलोअर्स हैं। इस मामले में पीएम मोदी से आगे दीपिका पादुकोण और प्रियंका चोपड़ा हैं।
प्रधानमंत्री Narendra Modi के इंस्टाग्राम अकाउंट पर 30 मिलियन फॉलोअर्स हैं। इसके साथ ही अभी तक वो 350 सोशल मीडिया पोस्ट कर चुके हैं। पीएम मोदी के इंस्टाग्राम अकाउंट की सबसे खास बात ये है कि उनकी फॉलोइंग लिस्ट शून्य है। यानी पीएम मोदी इंस्टाग्राम पर किसी को भी फॉलो नहीं करते हैं।
बॉलीवुड की देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा भी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। बात करें प्रियंका के इंस्टाग्राम अकाउंट की तो उनके 45।3 मिलियन फॉलोअर्स हैं। हालांकि उनके पोस्ट भी हजारों की संख्या में हैं। प्रियंका अभी तक कुल 2979 पोस्ट कर चुकी हैं। यानी जल्दी ही वो तीन हजार पोस्ट के करीब पहुंच जाएंगी। बता दें कि प्रियंका खुद 472 लोगों को फॉलो करती हैं।
दीपिका पादुकोण के इंस्टाग्राम पर कुल 39।5 मिलियन फॉलोअर्स हैं। जबकि वो खुद 104 लोगों को फॉलो करती हैं। इसके साथ ही वो अभी तक कुल 984 पोस्ट कर चुकी हैं। बता दें कि दीपिका भी अक्सर अपने फैंस के लिए अपने खूबसूरत फोटोशूट्स शेयर करती रहती हैं।
बिजनेस डेस्क। सबसे बड़ी कार कंपनी Maruti Suzuki ने अपने पॉपुलर कार Maruti Ertiga Tour M का डीजल वेरिएंट लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इसकी शुरुआती एक्सशोरूम कीमत 9।81 लाख रुपये रखी है।
आपको बता दें कि कंपनी ने इसी साल मई में इस कार का सिर्फ पेट्रोल वेरिएंट 8 लाख रुपये में लॉन्च किया था। इसके बाद जुलाई में इस कार का सीएनजी (CNG) वेरिएंट पेश किया, जिसकी कीमत 8।83 लाख रुपये थी। यह कार VDi trim पर बेस्ड है। इस कार की मांग खासकर कमर्शियल पर्पस से की जाती है। डीजल वेरिएंट में यह कार तीन रंगों- व्हाइट, सिल्वर और ब्लैक में उपलब्ध है।
इंजन है दमदार 1।5 लीटर DDiS 225 turbocharged motor इंजन है इंजन का ऑयल बर्नर 95 एचपी का पावर देता है और 225 एनएम का पीक टॉर्क जेनरेट करता है। इसमें 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स है
माइलेज भी बेहतर नई Maruti Ertiga Tour M Diesel का माइलेज 24।2 किलोमीटर प्रति लीटर है। इसकी सीएनजी वेरिएंट कार का माइलेज 26।20 किलोमीटर है, जबकि पेट्रोल वेरिएंट 18।18 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती है।
जानकारी के मुताबिक, सात सीटों वाली इस कार में मैनुअल एसी, एयर कूल्ड टि्वन कप होल्डर मौजूद हैं। सेफ्टी के ख्याल से इसमें दो एयरबैग, सेंट्रल लॉकिंग, मैक्सिमम स्पीड लिमिट सिस्टम, स्पीड सेंसिटिविटी ऑटो डोर लॉक जैसे सिस्टम लगे हैं। इसके अलावा रीयर पार्किंग सिस्टम भी लगे हैं। इसके अलावा इसमें डिजिटल लॉक-अनलॉक सिस्टम, डिजिटल क्लॉक भी हैं।
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हरियाणा के फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र के बल्लभगढ़ में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जब मैं आपके बीच हरियाणा में आता हूं, तो मुझे लगता है कि मैं अपने घर में आया हूं। यहां का विकास और यहां के लोगों के जीवन में बदलाव हमेशा मेरी प्राथमिकता रही है।
ये बातें पीएम मोदी की सभा फरीदाबाद के सेक्टर 61 स्थित ग्राउंड पर आयोजित की गई। यह रैली फरीदाबाद सहित पलवल, गुरुग्राम और मेवात जिलों के तहत आने वाली 16 विधानसभा सीटों के लिए आयोजित है।
पीएम ने अपने भाषण में कहा, 5 वर्ष पहले जब मैं हरियाणा में भाजपा सरकार बनाने की बात करता था तो विरोधी दल के नेता पूछ रहे थे कि मोदी जी बताओ तुम्हारा कप्तान कौन है? तब मेरा जवाब था कि हरियाणा की जनता का आशीर्वाद मिले तो हरियाणा को एक मजबूत कप्तान भी मिलेगा और अकेला कप्तान ही नहीं मजबूत टीम भी मिलेगी। जो तब मुझसे कैप्टन को लेकर सवाल करते थे, वो आज अपनी बिखरी टीम को ही समेटने में एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। वो खुद को जितना समेटने की कोशिश कर रहे हैं, उतना ही बिखरते जा रहे हैं।
Haryana Assembly Election 2019 का घोषणापत्र जारी होने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह आक्रामक होकर चुनाव प्रचार में उतर गई है। सूबे में भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने के लिए अब प्रधानमंत्री Narendra Modi ने खुद कमान संभाल ली है।
New Delhi। भारतीय मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री Abhijeet Banerjee को अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इस बार तीन अर्थशास्त्रियों को संयुक्त रूप से पुरस्कार से नवाजा गया है।
Abhijeet Banerjee के साथ जो दो नाम इस सूची में शुमार है वो हैं उनमें से एक अर्थशास्त्री Abhijeet Banerjee की पत्नी एस्थर डुफलो हैं। एस्थर मूल रूप से फ्रांस की रहने वाली हैं।
Abhijeet Banerjee मूल रूप से भारत के पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। उनका जन्म 21 फरवरी 1961 को मुंबई में हुआ। उनके पिताजी और माता जी दोनों हीअर्थशास्त्री के प्रोफेसर थे। Abhijeet Banerjee ने अपनी पढ़ाई कोलकाता के साउथ प्वाइंट स्कूल और प्रेसिडेंसी कॉलेज से की। प्रेसिडेंसी कॉलेज से उन्होंने इकोनॉमिक्स की डिग्री ली। इसके बाद वह सालल 1983 में दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी आ गए और यहां से अपना मास्टर्स किया। इसके बाद अपनी पीएचडी करने के लिए वह हावर्ड यूनिवर्सिटी गए।
अमेरिका की एमआईटी Abhijeet Banerjee अर्थशास्त्र का नोबेल पाने वाले दूसरे भारतीय इकोनॉमिस्ट हैं। इससे पहले अमर्त्य सेन को अर्थशास्त्र के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए इस पुरस्कार से नवाजा जा चुका है।
New Delhi. भारतीय मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री Abhijeet Banerjee को अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया है। वैश्विक गरीबी और भुखमरी को दूर करने में किए गए योगदान के लिए सामूहिक रूप से ये पुरस्कार दिया गया है। एस्थर डुफलो, Abhijeet Banerjee की पत्नी हैं।
स्वीडिश अकादमी ने पुरस्कार की घोषणा करते हुए कहा कि अपने प्रयोगात्मक दृष्टिकोण से इन्होंने वैश्विक गरीबी को कम करने की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
भारत में जन्मे Abhijeet Banerjee अमेरिकी नागरिक हैं। एस्थर डुफलो फ्रेंच-अमेरिकी हैं और माइकेल क्रेमर भी अमेरिकी हैं।
अमेरिका की एमआईटी Abhijeet Banerjee अर्थशास्त्र का नोबेल पाने वाले दूसरे भारतीय इकोनॉमिस्ट हैं। इससे पहले अमर्त्य सेन को अर्थशास्त्र के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए इस पुरस्कार से नवाजा जा चुका है।
Abhijeet Banerjee ने कोलकाता के प्रेजीडेंसी कॉलेज और उसके बाद दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी से शिक्षा ग्रहण की है।
Sports Desk. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के नए अध्यक्ष पद पर Sourav Ganguly का बैठना लगभग तय हो चुका है। 14 अक्टूबर यानी कि आज गांगुली ने BCCI अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। गांगुली ने मुंबई में स्थित BCCI हेड क्वॉर्टर में नामांकन दाखिल किया। उनका निर्विरोध रूप से अध्यक्ष बनना तय है। 23 अक्टूबर को BCCI चुनाव होने हैं। गांगुली ने नामांकन दाखिल करने के बाद कहा कि उन्हें कभी भी इस पद का लालच नहीं था।
14 अक्टूबर ही नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख भी है। गांगुली के साथ BCCI के पूर्व अध्यक्ष निरंजन शाह, एन श्रीनिवासन और आईपीएल के पूर्व चेयरमैन राजीव शुक्ला भी BCCI हेडक्वॉर्टर पहुंचे थे। गांगुली का BCCI अध्यक्ष बनना तय है और उनकी टीम में BCCI सेक्रेटरी के तौर पर जय शाह होंगे, जबकि कोषाध्यक्ष अरुण सिंह धूमल होंगे। जय शाह गृह मंत्री अमिश शाह के बेटे हैं, जबकि अरुण BCCI के पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के भाई हैं।
नामांकन दाखिल करने से पहले गांगुली ने सोमवार को कहा था कि उनके लिए ये कुछ अच्छा करने का सुनहरा मौका है क्योंकि वो ऐसे समय में बोर्ड की कमान संभालने जा रहे हैं जब उसकी छवि काफी खराब हुई है।
जब गांगुली से पूछा गया कि इस पद पर बैठना भारतीय टीम की कप्तानी से कितना अलग होगा, तो उन्होंने कहा- ‘भारतीय टीम का कप्तान होने से बढ़ कर कुछ नहीं।’ गांगुली ने अध्यक्ष पद की होड़ में बृजेश पटेल को पछाड़ दिया है और अब इस पद के लिए अकेले उम्मीदवार हैं।
टेक डेस्क. Smartphone निर्माता कंपनी Nubia ने इस साल चीनी मार्केट में Dual Screen वाला Nubia Z20 Smartphone लॉन्च किया था। वहीं अब कंपनी ने इसे नॉर्थ अमेरिका, यूरोप और एशिया समेत ग्लोगल मार्केट में सेल के लिए उपलब्ध करा दिया है।
इस Smartphone को Twilight Blue और Diamond Black कलर वेरिएंट में खरीदा जा सकता है। फोन में मुख्य फीचर्स के तौर पर ड्यूल स्क्रीन और Snapdragon 855+ चिपसेट दिए गए हैं।
Nubia Z20 को 8GB रैम और 128GB स्टोरेज वेरिएंट में लॉन्च किया गया है और इसकी कीमत $549 यानि लगभग 40,000 रुपये है। Nubia Z20 को कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से खरीदा जा सकता है।
Nubia Z20 के फीचर्स
Nubia Z20 का सबसे खास फीचर इसकी Dual Screen है। हालांकि स्पष्ट कर दें कि फोन को फोल्ड नहीं किया जा सकता है। इसमें फ्रंट व बैक दोनों ओर स्क्रीन मौजूद है। जिसमें मेन स्क्रीन में 6.42 इंच एमोलेड डिस्प्ले है।
जबकि सेकेंडरी स्क्रीन फोन क बैक पैनल में मौजूद है और इसका साइज 5.1 इंच है। यानि यूजर्स को फोन के बैक पैनल में स्क्रीन की सुविधा मिलेगी।
इस Smartphone को Snapdragon 855+ चिपसेट पर पेश किया गया है और पावर बैकअप के लिए इसमें 27W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ 4,000एमएएच की बैटरी दी गई है।
फोटोग्राफी के लिए Nubia Z20 में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। जिसमें 48 MP का प्राइमरी सेंसर, 3x optical zoom के साथ 8 MP का टेलिफोटो लेंस औी 16 MP का अल्ट्रा वाइड सेंसर दिया गया है।
बता दें कि फोन के बैक पैनल में भी स्क्रीन दी गई है और इसलिए प्राइमरी कैमरे को सेल्फी के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। फोन में फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है।
चित्रकूट। बुन्देलखण्ड हमेशा से किसानों की आत्महत्या ,सूखा ,पलायन और पेयजल संकट के लिए जाना जाता रहा है। इन समस्यायों में सबसे अहम है पेयजल समस्या जिसे अगर समय रहते दूर किया जाए तो हर समस्या का अंत किया जा सकता है। यहां जल ही जीवन जैसी लोकोक्ति चरितार्थ होती है। बुन्देलखण्ड के चित्रकूट जिले का पाठा इलाका पेयजल संकट से हमेशा परेशान रहता है । ऐसे में इसके निवारण हेतु अब तक न ही सिस्टम और न ही सियासत के पास कोई ठोस मॉडल है। ऐसे में इसके निवारण हेतु पाठा की जनता की तरफ से एक ऐसा मॉडल आया है जिसने तेजी से जनता के बीच जगह बनानी शुरू कर दी है।
पाठा का कस्बा मानिकपुर जहां एक तरफ पानी की किल्लत से जूझ रहा है। यहां 25 हजार की आबादी होने के बावजूद जल संस्थान मानिकपुर यहां से 10-15 किमी दूर सेमरदहा के नलकूपो से शहरवासियों की प्यास बुझा रहा है। लेकिन सारे प्रयास नाकाफी सिद्ध हो जाते हैं । जब कभी बिजली ,कभी तकनीकी कमी से या पानी की कमी से हफ़्तों तक नलों में पानी नहि आता। वही दूसरी ओर मानिकपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत करौहा के दक्षिणी पुर्वी भाग में बरदहा नदी से मिलने वाली अनेक्सी नदी में बांध बनाने के पर्याप्त संसाधन है।
यदि अनेक्सी नदी में एक बांध बनाया जाए तो इस जिले की पेयजल समस्या और सिंचाई की समस्या दूर हो सकती है। यह विंध्यांचल पर्वत की दो श्रेणियों के बीच मध्य प्रदेश से उतरकर चौरी के जंगल से होकर आती है जिसमे सिरसहाई नदी ,तेलिया नदी ,डेलुआ नदी,पन्ना झरना ,एवं बन्दरचुआ बहरा तथा अन्य कई छोटे नाले मिलते हैं। जो करौंहा तक आते आते अगम जलराशि में मिल जाते हैं । यही आगे बरदहा नदी में मिलकर रानीपुर गिदुरहा ,चमरौंहा ,सकरौंहा में भारी तबाही मचाते हैं।
यदि करौहा के गजना पहाड़ एव कल्यानपुर ग्राम पंचायत के चूडा पहाड़ को जोड़कर एक किमी तक का बांध जिसकी ऊंचाई 50 मीटर लगभग की जाए जो करौहा से कारिगोही तक 16×3.5 =50 वर्गकिमी झील के बराबर जलभराव होगा तथा ओवरफ्लो नगना ( ग्राम पंचायत जारोमाफी) से होगा। जिससे न केवल पेयजल समस्या और सिंचाई समस्या खत्म होगी बल्कि 200 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी किया जा सकता है। साथ ही यह क्षेत्र पर्यटक स्थल के रूप में भी विकसित होगा।
इस नदी का पानी बरदहा नदी में टिप्पुरी बाबा(कल्यानपुर ग्राम पंचायत) नामक स्थान पर मिलता है और रानीपुर गिदुरहा ,सकरौंहा ,चमरौहां में भीषण तबाही मचाता है। बरसात में यह गांव महीनों सम्पर्क से कटे रहते हैं बांध बन जाने से यहां बाढ़ की समस्या से निजात मिलेगी । वही दूसरी ओर चौंरी के जंगल मे पानी भर जाने से दस्यु समस्या भी समाप्त होगी । बांध का पानी नहर के माध्यम से राजापुर ,बरगढ़ ,कर्वी तथा जिले के हर गांव तक बाणसागर परियोजना जैसे ले जाया जा सकता है।
करौंहा ग्राम पंचायत अन्तर्गत पूर्व माध्यमिक विद्यालय करौहा में कार्यरत प्रधानाध्यापक कुंजबिहारी तिवारी ने बताया कि इस क्षेत्र में पानी की समस्या को दृष्टिगत रखते हुए इस क्षेत्र में बांध बनाने के संसाधन मौजूद हैं। जो कि दस्यु समस्या होने की वजह से प्रशासन का ध्यान इस ओर नही जा रहा है।
सन 1972 में सिंचाई विभाग द्वारा इस बांध को बनाने के लिए 50 मज़दूरों से 10 दिनों तक पेड़ो की कटाई का कार्य कराया गया। जिसमें महावीर कोल, राममनोहर ,ददोली निवासी करौंहा के आदि कुछ मजदूर आज जीवित हैं और उस समय की दास्तां बताते हैं। बाद में यह योजना बन्द करके पाठा रिसॉर्ट डैम के नाम से 1972-76 बरदहा डैम बनाया गया जो यहां से पांच किमी पश्चिम पर्वत के बाहर की ओर है । जबकि इस डैम में इतना जलभराव नही होता है । बरदहा नदी यही से शुरू होती है।
खास बात ये है कि जब भी बांध बनाये जाते हैं उसमें सैकड़ो गांव डूब जाते हैं और अरबो रुपये का मुआवजा दिया जाता है जैसा कि बाणसागर परियोजना में 300 गांव डूब गए और लाखों लोग विस्थापित हुए और अरबो रुपये मुआवजा दिया गया ।जबकि इस बांध के निर्माण में एक भी घर नही डूबता है । कोई भी खेतिहर जमीन नहि है जिसका मुआवजा देना हो । केवल वन भूमि है । तो फिर सरकार को इस ओर क्यों नही ध्यान देना चाहिए । इससे पाठा की तस्वीर बदल जाएगी और जिले में पेयजल संकट दूर हो जायेगा।
पूरे जिले के लगभग पांच सैकड़ा गांव में पेयजल समस्या पूरी तरह दूर हो जाएगी । इस सम्बंध में ग्राम प्रधान करौंहा तुलसीदास ,ग्राम प्रधान जारोमाफी के महिपाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि बांध बन जाने से यह क्षेत्र पंजाब और हरियाणा की तरह खुशहाल हो जायेगा। हमारा सरकार से अनुरोध है कि इस सम्बंध में समुचित कार्यवाही की जाए। वहीं जिला पंचायत सदस्य छोटेलाल द्वारा बताया गया कि मैंने पूर्व में प्रभारी मंत्री महेंद्र सिंह को इस बारे में अवगत कराया था लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नही की गई। मैं मुख्यमन्त्री जी से अनुरोध करता हु की इस बांध का सर्वे कराकर इसे बनवाया जाए जिससे इस क्षेत्र को मुख्य धारा में लाया जा सके।
महात्मा गांधी द्वारा द्वितीय विश्व युद्ध के शुरुआती दिनों में लिखे गये एक 80 वर्ष पुराने पत्र को इजराइल के राष्ट्रीय पुस्तकालय ने पहली बार प्रदर्शित किया है। इस पत्र में महात्मा गांधी ने यहूदी लोगों के लिए शांति के युग की कामना की। महात्मा गांधी ने बॉम्बे जियोनिस्ट एसोसिएशन (BJEA) के प्रमुख एई शोहेत को पत्र लिखा था।
शोहेत यहूदी लोगों के लिए एक राष्ट्र की स्थापना के अपने आंदोलन के लिए भारतीय नेताओं से समर्थन मांगने का प्रयास कर रहे थे। रोश हशाना (यहूदी नववर्ष) के मौके पर लिखा यह पत्र एक सितंबर, 1939 को लिखा गया था और इसी दिन द्वितीय विश्वयुद्ध आरंभ हुआ था जब जर्मनी ने पोलैंड पर हमला किया था।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ इजराइल (NLI) में संचार प्रभारी जैक रोथबार्ट ने कहा कि यह समय उस दौर को दर्शाता है जब वैश्विक नागरिकता के लिए यहूदियों का नाजी उत्पीड़न किस हद तक चिंताजनक था। दरअसल यह आने वाले दहशत के माहौल का सूचक था। लीयर फाउंडेशन के सहयोग से एनएलआई ने 20वीं सदी की सर्वाधिक प्रमुख कई सांस्कृतिक हस्तियों के निजी पत्र, तस्वीरों और दस्तावेजों समेत अपने अभिलेख संग्रहों में लाखों वस्तुओं की समीक्षा तथा उनकी व्याख्या की एक प्रमुख पहल के तहत गांधी के पत्र को प्रदर्शित किया है।
NLI ने पहली बार इस पत्र को ऑनलाइन प्रदर्शित किया है। पत्र में लिखा है कि प्रिय शोहेत, आपके नववर्ष के लिए मेरी शुभकानाएं। मैं कामना करता हूं कि यह नववर्ष आपके समुदाय के उन पीड़ित लोगों के लिए शांति का युग बनकर आए, आपका शुभेच्छु एम के गांधी।
नई दिल्ली।। दीपक पूनिया विश्व रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंच गये हैं। बजरंग अंतरराष्ट्रीय महासंघ की ओर से जारी ताजा रैंकिंग में 86 किग्रा वर्ग में विश्व के नंबर एक पहलवान बन गये पर स्टार खिलाड़ी बजरंग पूनिया 65 किग्रा वर्ग में नंबर एक स्थान से फिसल गये हैं। अपनी पहली सीनियर विश्व चैम्पियनशिप में दीपक पूनिया ने रजत पदक प्राप्त किया। उन्हें टखने की चोट के कारण फाइनल में ईरान के महान पहलवान हसन याजदानी के खिलाफ मुकाबले से हटना पड़ा था।
भारतीय पहलवान दीपक के अब 82 अंक हो गये हैं और वह विश्व चैम्पियन याजदानी से चार अंक आगे हैं। इस साल दीपक ने यासर दोगू में रजत और एशियाई चैम्पियनशिप व सासारी टूर्नामेंट में कांस्य पदक हासिल किए थे। इस तरह उन्हें लगातार अच्छे प्रदर्शन का फायदा मिला।
वहीं बजरंग को विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य पदक ही मिल पाया इससे अंक कम होने के कारण वह पहले स्थान से दूसरे स्थान पर खिसक गए हैं। बजरंग के अब 63 अंक हैं। दूसरी ओर रूसी पहलवान गाद्जिमुराद राशिदोव ने नूर सुल्तान में विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था जिससे वह 65 किग्रा वर्ग में शीर्ष पर आ गये हैं।
57 किग्रा वर्ग में विश्व चैम्पियनशिप के कांस्य पदकधारी रवि दहिया शीर्ष पांच में पहुंच गये हैं। रवि के 39 अंक हैं जिससे वह पांचवें स्थान पर हैं जबकि राहुल अवारे को कांस्य पदक मिला और वह रैकिंग में दूसरे स्थान पर आ गये हैं।
दूसरी ओर महिला वर्ग में विनेश फोगाट पिछले हफ्ते के शानदार प्रदर्शन के बल पर 53 किग्रा में चार पायदान के लाभ के साथ ही दूसरे स्थान पर पहुंच गई हैं। उन्होंने नूर सुल्तान में कांस्य पदक जीतने के अलावा टोक्यो ओलिंपिक का कोटा भी हासिल किया था। इसके अलावा सीमा बिस्ला 50 किग्रा में एक पायदान नीचे आकर तीसरे नंबर पर पहुंच गई हैं।