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Tuesday, September 8, 2026
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सिर्फ मन की नहीं, ‘जन के मन की बात’

Shikha Pandey@Navpravah.com

पीएम नरेंद्र मोदी ने आज 13 वीं बार देश के लोगों के सामने रेडियो पर अपने ‘मन की बात’ की। प्रधानमंत्री ने “मन की बात” कार्यक्रम में उन सभी भारतीयों का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से इस कार्यक्रम द्वारा समाज एवं देश में बदलाव लाने और इस मुहिम को व्यापक बनाने में अपना योगदान दिया।

प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम में  पहली बार लोगों को अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करने का अवसर भी दिया। मोदी ने चित्तूर के सेंट मैरी विद्यालय की उन सभी छोटी छात्राओं को सराहा, जिन्होंने विभिन्न कलाओं  द्वारा समाज को ‘अंगदान महादान’ का महत्व समझाने का बड़ा काम किया तथा प्रधानमंत्री को अँगूठे के निशान से बनी भारत के मानचित्र की एक कलाकृति भेंट की।

प्रधानमंत्री ने इस क्षेत्र में महाराष्ट्र के क़रीब 80 वर्षीय वसंतराव सुड़के गुरूजी के महत्वपूर्ण योगदान और तमिलनाडु राज्य के अग्रिम पंक्ति में होने का भी जिक्र किया।

प्रधानमंत्री ने देश में हो रहे विभिन्न पर्वों की शुभकामनाएं देते हुए देश में 26 से 29 अक्टूबर को भारत की राजधानी नई दिल्ली में ‘India-Africa Foreign Summit’ के होने वाले एक नए पर्व की ओर देशवासियों का ध्यान आकर्षित किया। भारत की धरती पर पहली बार इतने बड़े पैमाने पर ऐसे कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें 54 अफ्रीकी देशों और यूनियनों के लीडर्स को आमंत्रित किया गया है, जो कि अफ्रीका के बाहर अफ्रीकन देशों का सबसे बड़ा सम्मेलन होगा।

प्रधानमंत्री ने सांसद आदर्श ग्राम योजना के लिए हो रहे सफल प्रयासों की भी प्रशंसा की।

प्रधानमंत्री ने इस बार, भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा स्कूली बच्चों के लिए छोटे व बड़े पैमाने पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों को भी खूब सराहा।

पर्व और त्योहारों के बाद की सफाई पर भी दें ध्यान-

“मन की बात” हो और मोदी स्वच्छता की बात न करें ऐसा संभव नहीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार आप दीपावली या अन्य त्योहारों से पूर्व जी जान से उनकी तैयारी करते हैं, उसी प्रकार आपको त्योहारों के बाद की स्वच्छता की भी फिक्र होनी चाहिये। उन्होंने स्वच्छता अभियान के लिए देशवासियों को जागरूक बनाने में मीडिया जगत द्वारा दिए गए योगदान को जम कर सराहा तथा उम्मीद जताई कि पिछले वर्ष महात्मा गाँधी जयंती पर प्रारंभ हुआ यह अभियान ,वर्ष २०१९ में बापू की १५०वीं जयंती तक इतना सफल हो कि हम गर्व से कह सकें ‘हमने भारत माता को गंदगी से मुक्त कर दिया।’

उन्होंने छोटे पदों के लिए इंटरव्यू समाप्त करने के विषय में कहा कि कभी किसी ने सुना नहीं है कि दुनिया में कोई ऐसा मनोवैज्ञानिक है जो एक मिनट, दो मिनट के साक्षात्कार में किसी व्यक्ति को पूरी तरह जाँच लेता है और इसी विचार से उन्होंने घोषणा की थी कि क्यों न हम छोटे पदों की नौकरियों के लिए इंटरव्यू की परम्परा ख़त्म करें।

उन्होंने बताया कि सरकार ने सारी प्रक्रिया पूर्ण कर ली और केंद्र सरकार के ग्रुप ‘डी’, ग्रुप ‘सी’ और ग्रुप ‘बी’ के नॉन ग़ज़टेड पदों में अब भर्ती के लिए साक्षात्कार नहीं होगा। यह नियम 1 जनवरी, 2016 से लागू हो जायेगाI

आंख, कान और गले की बिमारियों को झट पट दूर भगाता है जल नेति

भारत भूषण ‘भारतेंदु’ @ नवप्रवाह.कॉम,

योग हिंदुस्तान की बहुत प्राचीन सम्पति है| यह भारत वर्ष गौरव एवं मन की वस्तु है जैसा की इसका प्रभाव धर्म और संप्रदाय मात्र पर पड़ा है| भारतीय शाश्त्रों में योग पर बहुत ही रोहक व चित्रित कथाएं लिखी पड़ी है| योग से सम्बंधित यहाँ वृधोक्ति और किवदंतियों भी कमी नहीं है| योग पर आधारित हमारे देश में बहुत से ग्रन्थ लिखे गए है,जिसमे एक पतंजलि योग दर्शन है हम लोग बहुत भाग्यशाली है और हमें गौरवान्वित होना चाहिये की यह विद्या हम लोगों के बीच है इस महान पवित्र सिद्धि के लिए हमारे पूर्वजों ने हजारों वर्षो तक प्रयत्न के बाद ये विद्याएँ मिली| जो लोग संसार को सत्य मानकर भोग प्राप्ति के लिए योग में लगा करते है उन्ही को उपर्युक्त ब्यग्रता,अनियमितता,दुराग्रह,आदि दोस विघ्न तथा सिद्धि आदि पाप सताया करते हैं| सच तो यह है की भोगों के लिए योग में लगना रोग और मृत्यु को पाना है और भग वासना को भष्म करने के लिए योग में लगना भगवान को पाना है| यही योग साधना का मूल मंत्र व सिधांत बिंदु है|

प्रश्न – आदरणीय गुरु जी मै हमारा महानगर का नियमित पाठक हु | हमारी नाक अक्सर जाम रहता है  और सिर में  भी दर्द रहता है डॉक्टर ने बताया की साइनस भी हो सकता है आपको जल नेति करने लाभ होगा कृपया जल नेति के बारे में बताये –आर.एन.पाण्डेय (अद्वोकेट)मुंबई

उत्तर–सबसे पहले आपको धन्यवाद् हमारा महानगर के नियमित पाठक के लिए |और रही बात जल नेति की आपको जल नेति के बारे में विस्तआर से वर्णन किया जा रहा है |

          जल नेति

जल नेति के लिए आवश्यक सामग्री

१-जल नेति पॉट

२-कुंकना पानी

३-आधा लीटर पानी में आधा चाय के चम्मच आधा चम्मच नमक घोल लें

सबसे पहले पॉट के टोटी को दायें नथुने के भीतर डालिए |

सिर को धीरे धीरे बड़े ध्यान से बाई ओर झुकाइये ||

धीरे धीरे पॉट से जलप्रवाह दाये नथुने की ओर |

आने दे बाएं नथुने से पानी निचे की ओर ||

मुह खोल के रखे सदा स्वास लेने के लिए |

सदा ध्यान रखे जल जरा अन्दर न पियें ||

लगभग बीस सेकण्ड तक जल प्रवाह होने दीजिये |

तत्पश्चात भस्त्रिका के द्वारा नासिका स्वस्छ कीजिये ||

अब बाई नथुने में पॉट के टोटी को लगाइए |

इसी क्रिया को पुनह बाई ओर दुहारिये ||

नासिका को शुष्क करना

पूर्ण होने के बाद खड़े हो दोनों हाथो को करके पीछे की ओर |

थोड़ा आगे की ओर झुके और स्वास को झटके निचे की ओर ||

आंख कान और गले की बिमारियों को झट पट दूर भागता |

अनियंत्रित क्रोध व सिर दर्द दूर कर ताजगी है लाता ||

यह क्रिया किसी योग गुरु के सानिध्य में ही करे |

श्री हरी नारायण सेवा संस्थान द्वारा संचालित परम पूज्य गगन गिरी महाराज अस्राम मनोरी मलाड वेस्ट प्रत्येक रविवार को योग ध्यान का शिविर का आयोजन किया गया है जिसका नाम लाइफ रिफैनरी (चित से चेतना की ओर)रखा गया है |आयोजन का लाभ लेने के लिए संपर्क करें- Anil kumar shukla 9930456295

सबका मंगल हो..!

पाठक अपने प्रश्न www.bhartendu.com पर करें |

फेंकू मतलब बीजेपी- राज ठाकरे

Amit Dwivedi @Navpravah.com

मुम्बई के कल्याण क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला। राज ने कहा कि 100 दिन में देश के अच्छे दिन आने वाले थे आज 500 दिन हो गए लेकिन अच्छे दिन का कोई अता-पता नहीं है। उन्होंने कहा कि फेंकू का दूसरा मतलब ही बीजेपी हो गया है।

मुम्बई में बढ़ते क्राइम की वजह का सारा ठीकरा अन्य प्रदेशों से आने वाले लोगों पर फोड़ दिया। अपने चिर परिचित अंदाज़ में ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में क्राइम दूसरे प्रदेशों से आ रहे लोगों की वजह से बढ़ रहा है।

उन्होंने शिवसेना पर भी हमला बोला, कहा कि  अगर शिवसेना और बीजेपी में सबकुछ सही नहीं चल रहा है तो अलग क्यों नहीं होते हैं।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस पर तंज कसते हुए राज ने कहा कि वो विदेश पैसे मांगने जाते हैं और दिल्ली में जाकर सिर झुकाते हैं।

मेरे घर वाले खाते हैं गोमांस- जयराम रमेश

Amit Dwivedi @Navpravah.com

गोमांस मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि खाने पीने की चीज़ों पर प्रतिबन्ध लगाना गलत है। उन्होंने कहा मैं शाकाहारी हूँ लेकिन मेरे परिवार के लोग गोमांस खाते हैं। सबकी अपनी पसंद है और इस पर कोई प्रतिबन्ध नहीं होना चाहिए।

जयराम रमेश ने चुटकी लेते हुए कहा कि आज गोमांस को बैन किया जा रहा है, कल कहेंगे कि दाल मखनी नहीं खा सकते, मटर पनीर नहीं खा सकते। इस तरह की गतिविधि बीजेपी नेताओं की असहिष्णुता को प्रदर्शित करता है।

उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश किस तरफ जा रहा है। किसी पर अपनी मर्ज़ी थोपना गलत है। किसको क्या खाना है क्या नहीं, यही व्यक्ति विशेष की इच्छा पर छोड़ दिया जाना चाहिए।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को (आरएसएस) मूल रूप से एक लोकतंत्र-विरोधी संगठन बताया। रमेश ने कहा कि सब कुछ आरएसएस नहीं तय करेगा।

रमेश ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के उस बयान की निंदा की, जिसमें उन्होंने कहा था कि मुस्लिमों को भारत में रहना है तो गोमांस खाना छोड़ना पड़ेगा।

छेड़छाड़ मामले में अभिजीत के खिलाफ दर्ज़ हुआ एफआईआर, पत्रकार को कहा पाकिस्तानी मीडिया का नुमाइंदा

AmitDwivedi @Navpravah.com

गुरूवार रात एक 34 वर्षीय महिला ने ओशिवारा पुलिस स्टेशन में पार्श्व गायक अभिजीत पर दुर्गा पूजा के दौरान गलत तरीके से छूने और गाली देने का आरोप लगाया और प्राथमिकी दर्ज़ कराया। एफआईआर दर्ज़ हो जाने की वजह से झल्लाए अभिजीत ने एक वरिष्ठ पत्रकार को पाकिस्तानी मीडिया वाला कहा और कहा कि पाकिस्तान वाले मुझसे चिढ़ते हैं और इसलिए मुझे टारगेट किया जा रहा है।

हमेशा किसी न किसी मामले की वजह से सुर्ख़ियों में रहने वाले अभिजीत इस बार एक महिला से छेड़छाड़ के आरोप में चर्चा में हैं। ओशीवारा पुलिस के मुताबिक़ शिकायतकर्ता महिला गायक कैलाश खेर का लाइव शो देखने पंडाल पहुंची थी। भीड़ होने कारण महिला अपनी सीट से उठ गई और खड़े होकर शो देखने लगी।

महिला शिकायतकर्ता के मुताबिक़ उस समय पास में ही खड़े 45 वर्षीय अभिजीत ने उसे गलत तरीके से छूने की कोशिश की। जब महिला ने इसका विरोध किया तो उन्होंने लोगों के बीच उसे गाली देना शुरू कर दिया। वहां तैनात महिला वॉलंटियर्स से उसे पंडाल के बाहर ले जाने को कहा। शिकायतकर्ता के अनुसार, अभिजीत वॉलंटियर्स के साथ उसे पंडाल के कार्यालय में ले गए और परिणाम भुगतने की धमकी दी। महिला ने अभिजीत और उनकी बहन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

मनोरंजन से जुडी कई महिला पत्रकारों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि यह कोई नई बात नहीं है। वे हमेशा ही मौके का गलत फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। लेकिन कभी नौकरी बचाने तो कभी बदनामी के डर से कोई मामले को उछालता नहीं है।

एक वरिष्ठ पत्रकार ने जब अभिजीत को इस मामले में उनकी राय जानने के लिए मैसेज किया तो उन्होंने पत्रकार को पाकिस्तानी आईएसआई मीडिया का नुमाइंदा कहा।

जमकर फैलाया रायता

Amit Dwivedi@Navpravah.com
रेटिंग*/*****
निर्माता– धर्मा प्रोडक्शन्स और फैंटम
निर्देशक– विकास बहल
संगीत– अमित त्रिवेदी
कलाकार– पंकज कपूर, शाहिद कपूर,संजय कपूर, आलिया भट्ट और सुषमा सेठ।

क्वीन जैसी बेहतरीन फिल्म के निर्देशक विकास बहल फिल्म शानदार में कोई जौहर नहीं दिखा पाए। निर्देशक ने सभी मझे कलाकारों का दुरुपयोग किया है। बिना किसी ओर-छोर की कहानी लिए फिल्म के डायरेक्टर विकास और स्क्रीनप्ले राइटर अन्विता दत्त ने साथ में जमकर रायता फैलाया है। फिल्म एक सपने जैसा ही लगता है। फिल्म की शुरुआत और मध्य में नसीरुद्दीन शाह के नैरेशन का हिस्सा ही शानदार है।

पंकज कपूर (टाटा) का परिवार दिवालिया होता है, आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए पंकज कपूर की माँ (सुषमा सेठ) ने खानदान की बड़ी बेटी ईशा (सना कपूर) की शादी एक संपन्न सिंधी परिवार के एक लड़के से तय कर देती हैं। बाद में यह पता चलता है कि सिंधी परिवार भी दिवालिया है। दोनों परिवारों के बीच एक बिज़नेस डील होती है, इसी डील का नाम होता है ‘शानदार’। अब इसका नाम शानदार क्यों है, बिज़नेस डील कब हुआ, कहाँ और क्यों यह बताना निर्देशक और लेखिका ने उचित नहीं समझा।

एकदम फ़िल्मी अंदाज़ में यूरोप की खूबसूरत वादियों की सड़क पर पंकज कपूर की कार से शाहिद के मोटर साईकिल की भिड़ंत हो जाती है। और इसी घटना में हीरो मिलता है अपनी हीरोइन से। इसके बाद फ़िल्म में घटने वाली हर एक चीज़ मात्र सपने की तरह है। कब क्या हो जाएगा, इसका कोई ठिकाना नहीं। आलिया को इनसोमनिया नामक बीमारी होती है, जिसमें रात में नींद नहीं आती। संयोग देखिए कि शाहिद को भी नींद नहीं आती। पंकज शाहिद को इसलिए पसंद नहीं करते कि कार एक्सीडेंट के दौरान शाहिद ने अच्छा व्यवहार नहीं किया था। इसलिए दोनों में नोक झोक भी दिखाया गया है। ईशा की जिस लड़के से शादी तय की जाती है वह उसकी बेइज़्ज़ती करता है जिसकी वजह से ईशा दुखी रहती है। ईशा के मोटापे का मज़ाक उड़ाने और उस पर हँसने की वजह से ईशा भी हैरी को पसंद नहीं करती।

फ़िल्म में कलाकारों के अभिनय में ज़रा भी बनावटीपन नहीं नज़र आती। पूरी फ़िल्म में निर्देशक,कहानीकार और पटकथा लेखक ही कमज़ोर सिद्ध होते दिखे हैं।

ज़बरदस्ती के संवाद भर-भर के डाला गया है, जिनकी कोई ज़रूरत नहीं थी। अंजना सुखानी जैसी कलाकारा को फ़िल्म में एक भी डायलॉग नहीं दिया गया।

अगर आप समीक्षा को पढ़कर ऊब गए हैं तो मान लीजिए कि फ़िल्म को झेल पाना मुश्किल है। कहानी को दिशाहीन भी नहीं कहा जा सकता क्योंकि किसी भी एंगल से फ़िल्म में कहानी नज़र ही नहीं आई। हाँ, अमित त्रिवेदी के संगीत ने जान ज़रूर बचा ली। संगीत ने फ़िल्म में ऑक्सीजन का काम किया है।

क्यों देखें- ऐसी कोई वजह नहीं है, जो आपको फ़िल्म देखने पर मजबूर करे।

क्यों न देखें- फ़िल्म की कहानी का कोई अता पता नहीं है। समय और पैसा ज़ाया नहीं करना है तो मनोरंजन का कोई और विकल्प तलाश लें।

लेखकों का विरोध साहसिक- शर्मिला टैगोर

Amit Dwivedi@Navpravah.com

साहित्य अकादमी द्वारा प्रदान किए गए सम्मान को लौटाने का सिलसिला तो जारी ही है, साथ ही लौटाने वाले साहित्यकारों के समर्थकों की भीड़ भी बढती ही जा रही है। इसमें एक नया नाम जुड़ गया है, मशहूर अदाकारा शर्मिला टैगोर का। शर्मिला ने देश में बढ़ती असहिष्णुता के खिलाफ साहित्य अकादमी लौटाने वाले लेखकों का खुलकर समर्थन करते हुए इसे लेखकों का साहसिक कदम बताया।

अभिनेत्री शर्मिला टैगोर ने सीआईआई बिग पिक्चर समिट 2015 में अपने वक्तव्य में यह बात कही। शर्मिला ने कहा कि यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है।

वर्तमान स्थिति के बारे में शर्मिला ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि लेखकों का विरोध प्रदर्शन असहिष्णुता के खिलाफ अल्टिमेटम है।

दादरी मामले पर उन्होंने कहा कि दादरी में जो हुआ वह खौफनाक था। ऐसी घटनाओ की निंदा करने भर से कुछ नहीं होगा। इस मामले में दोषी को सज़ा मिलना आवश्यक है। अगर सज़ा न मिली तो देश में गलत सन्देश का प्रसार होगा जोकि बिलकुल गलत है। उन्होंने कहा कि अगर हम खामोश रह जाएंगे तो ऐसा करने वालों का साहस बढ़ता जाएगा।

शर्मिला टैगोर ने कहा कि बॉलीवुड अनेकता में एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि इस तरह के विरोध से देश की इमेज सुधारने का मौका मिलेगा।

ज़रूरतमंदों को दी जाए यश भारती पेंशन की राशि- अमिताभ बच्चन

Amit Dwivedi@Navpravah.com

अभिनेता अमिताभ बच्चन ने उत्तर प्रदेश सरकार से अनुरोध किया है कि उनकी पत्नी जया बच्चन और बेटे अभिषेक बच्चन को यश भारती पुरस्कार में प्राप्त होने वाले मासिक 50-50 हज़ार रुपए की की पेंशन राशि को गरीबों और ज़रूरतमंदों को दे दिया जाए।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यश भारती पुरस्कार प्राप्त करने वालों को 50,000 रुपए मासिक पेंशन देने की घोषणा की थी। यश भारती पुरस्कार कला, संस्कृति, खेल, साहित्य, चिकित्सा, पत्रकारिता और समाजिक सेवाओं से जुड़े राज्य के प्रतिष्ठित व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है।

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद से संबंध रखने वाले 73 साल के अभिनेता ने कहा कि इस सन्दर्भ में वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से स्वयं बात करेंगे और आग्रह करेंगे कि जया और अभिषेक की पेंशन उन लोगों में वितरित की जाए, जिन्हें सही मायने में इसकी ज़रुरत है।

अमिताभ बच्चन ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है, जिसमें स्पष्ट है कि ‘मैं अपने परिवार के सदस्यों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के यश भारती अवॉर्ड और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हर अवॉर्ड प्राप्त करने वाले को 50,000 रुपए प्रति माह पेंशन देने के निर्णय का सम्मान करता हूं। मैं बड़ी विनम्रता से प्रदेश सरकार से मेरे परिवार को मिलने वाली संपूर्ण राशि को परोपकार से जुड़ी किसी योजना या गरीबों एवं जरूरतमंदों की भलाई के लिए देने का आग्रह करता हूं। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री से इस सन्दर्भ में व्यक्तिगत रूप से भी संपर्क करूँगा।

वीरेंद्र सहवाग के संन्यास की घोषणा

Sports Team@Navpravah.com

पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के संन्यास की घोषणा के बाद ही उनके साथियों और प्रशंसकों केव ओर से बधाइयों का तांता लग गई है। उनके साथियों और पूर्व सहयोगियों ने उनके बेहतर भविष्य की बधाई ट्वीट के ज़रिए दी।

मास्टर बलास्टर सचिन तेंडुलकर ने ट्वीट कर कहा कि वीरेंद्र सहवाग ने शानदार खेल से क्रिकेट की दुनिया में अपनी एक अलग ही जगह बनाई है। जीवन और बैटिंग के प्रति उनके सहज दृष्टिकोण से मुझे प्रेम था। सचिन ने कहा कि सेहवाग के साथ फील्ड पर खेलने का अलग ही मज़ा आता था। उन्होंने कहा कि  मुझे उम्मीद है कि सहवाग आगे भी सबके चेहरों पर मुस्कान लाएंगे।

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने ट्वीट किया कि मैंने विवियन रिचर्ड्स को खेलते हुए नहीं देखा है लेकिन मैं गर्व से कह सकता हूं कि मैंने सहवाग को बेस्ट बॉलिंग अटैक को खेलते देखा है। धोनी ने उन्हें उनके शानदार भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।

विराट कोहली ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘सहवाग भाई आपके साथ खेलकर बहुत खुशी हुई। आपकी सलाह और यादों के लिए शुक्रिया।’

वीवीएस लक्ष्मण ने सहवाग को शानदार करियर की बधाई दी। लक्ष्मण ने सभी यादों के लिए सहवाग को शुक्रिया कहा और उनके परिवार को भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

गोमूत्र पियो और गोबर खाओ- मार्कंडेय काटजू

Amit Dwivedi@Navpravah.com

हमेशा किसी न किसी बात पर चर्चा में बने रहने वाले मार्कण्डेय काटजू ने बढ़ती मंहगाई पर एक बार फिर से केंद्र सरकार पर हमला बोला है। दाल,सब्ज़ी और दवाइयों के दामों में लगातार हो रहे इज़ाफ़े पर उन्होंने केंद्र पर तंज कसते हुए कहा कि आज से गौमूत्र पीजिए और गोबर खाइए क्योंकि दवाइयां, दाल और प्याज बेहद महंगी हो गई है।

काटजू अक्सर ऐसे बयान देते रहते हैं, जो विवाद का रूप ले लेती है। इस बार भी कुछ ऐसा ही बयान उन्होंने दे दिया है। काटजू ने अपने दूसरे पोस्ट में लिखा है कि बैन गोमांस खाने पर है न कि गाय के गोबर पर। इसलिए उम्मीद है कि अगर मैं गोबर खाऊंगा तो मेरी हत्या नहीं की जाएगी।

काटजू का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब विश्व हिंदू परिषद ने गोमूत्र और गोबर के वैज्ञानिक फायदों पर एक बुकलेट जारी किया है।

काटजू ने वर्तमान में बढती मंहगाई पर अपनी भड़ास निकालते हुए कहा कि ‘मैं मानता हूं कि गोमूत्र बीमारियों को दूर करता है और गोबर दाल और प्याज का बेहतर सब्सिट्यूट बन सकती है जो महंगे हो गए हैं।’

इस समय दालों की कीमत 200 रुपए प्रति किलो के पार पहुंच गई। फिलहाल मंहगाई को नियंत्रित करने के लिए केंद्र ने 3 हजार टन मसूर की दाल आयात करने का फैसला किया है। साथ ही केंद्र ने राज्य सरकारों पर जमाखोरों पर सख्त कार्रवाई करने की हिदायत दी है।