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Wednesday, September 9, 2026
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सज़ा काटकर जेल से निकले संजय दत्त, प्रशंसकों में उल्लास

Bureau@navpravah.com

फिल्म अभिनेता संजय दत्त 42 माह की सज़ा काटने के बाद आज (गुरुवार को) यरवदा जेल से रिहा हो गए. अपने अच्छे स्वभाव की वजह से संजय की सज़ा निर्धारित समय से कम कर दी गई. जिसकी वजह से संजय को सरकारी छूट मिलने के बावजूद कुछ लोगों का विरोध भी झेलना पड़ा. संजय दत्त को आर्म्स एक्ट के तहत यह सज़ा मिली थी और वे मुंबई सीरियल धमाके में अवैध हथियार रखने के दोषी पाए गए थे.

संजय दत्त ने अपने अच्छे व्यवहार और नेकदिली की वजह से जेल प्रशासन और कानून व्यवस्था का दिल जीता, जिसके चलते उन्हें निर्धारित 5 साल की सज़ा में 8 माह की छूट मिल गई. संजय दत्त जेल से छूटकर पुणे एयरपोर्ट गए हैं, जहां से वे सीधे मुंबई पहुचेंगे.

जेल से निकलने के बाद संजय दत्त बेहद भावुक नज़र आए. जेल से निकलते ही उन्होंने यरवदा जेल को सलाम किया और वहाँ पर उपस्थित परिजनों के साथ पुणे एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए. मुंबई में संजय के घर के आस पास के इलाके होर्डिंग्स और पोस्टर बैनर्स लगे हुए हैं, जिसमे उनके मित्रों से लेकर प्रशंसकों ने उनका अभिनंदन किया है.

यरवदा जेल के बाहर आज सुबह से ही संजय दत्त की रिहाई का विरोध करने वाले कई लोग जमा हुए. जिन्होंने नारे भी लगाए. पुलिस ने एहतियातन प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया. दत्त परिवार अपनी पूरी लीगल टीम के साथ सुबह 8 बजे ही पहुँच गयी थी. संजय दत्त के दोस्त राजकुमार हिरानी भी पुणे पहुँचे हैं.

मुंबई पहुंचकर संजय दत्त सबसे पहले सिद्धिविनायक मंदिर जाकर गणपति बाप्पा के दर्शन करेंगे, उसके बाद अपनी माँ नरगिस की कब्र पर भी माथा टेकने जाएंगे.

संजय दत्त को आज मिल जाएगी जेल से मुक्ति

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अभिनेता संजय दत्त आज पुणे की यरवडा जेल से रिहा होने जा रहे हैं. संजय को 1993 में मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में शस्त्र कानून के तहत दोषी पाए जाने पर पांच साल जेल की सजा सुनाई गई थी. आख़िरकार पांच साल की सजा में से कुछ दिन घटाने के प्रयास में बॉलीवुड अभिनेता को सफलता मिल गई है.

जेल अधिकारियों ने बताया कि संजय को कल रिहा किया जाएगा. संजय के वकील के मुताबिक़, कानूनी नियमों और जेल नियमावली के अनुसार उनकी सजा में कमी की गई है. करीब 42 महीने तक सलाखों के पीछे रहे संजय की हो रही रिहाई के तय हो जाने के बाद, मामले के खिलाफ मुंबई हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की गई है. याचिका में संजय की सजा में कमी पर सवाल उठाए गए हैं और यह आरोप लगाया गया है कि अभिनेता को जान बूझकर फायदा पहुंचाया जा रहा है .

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री राम शिंदे ने कल कहा था कि संजय 25 फरवरी को अपनी जेल की सजा पूरी करेंगे. उन्होंने बताया कि जेल में अच्छे व्यवहार के आधार पर संजय की सजा में आठ महीने और 16 दिन की कमी की गई है. संजय को जेल से घर लेकर जाने के लिए यरवडा उनकी पत्नी मान्यता, उनके बच्चे और नज़दीकी रिश्तेदार मौजूद होंगे.

बजट सत्र के दूसरे दिन स्मृति और मायावती में घमासान

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बजट सत्र शुरू होने से पूर्व सोमवार को बजट सत्र शांति पूर्वक चलने के उद्देश्य से हुई सभी पार्टियों की बैठक के बावजूद बजट सत्र के दूसरे दिन संसद में राज्यसभा-लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ. राज्यसभा में रोहित वेमुला सुसाइड केस पर जमकर बहस हुई.

कुछ देर के लिए स्मृति ईरानी और मायावती आमने-सामने हो गईं. दोनों में जोरदार बहस हुई. मायावती ने रोहित की खुदकुशी के लिए शिक्षा मंत्रालय को जिम्मेदार बताते हुए स्मृति ईरानी पर कार्रवाई की मांग की तो स्मृति ईरानी ने उन्हें खुली चुनौती दे डाली.

रोहित वेमुला सुसाइड मामले पर बीएसपी चीफ मायावती बुधवार सुबह से ही राज्यसभा में चर्चा चाहती थीं. इसके लिए उन्होंने नोटिस भी दी थी. बीएसपी सांसद लगातार नारेबाजी कर रहे थे. दोनो दिग्गज महिला नेता जहाँ एक मोदी सरकार की ताकतवर मंत्री और दूसरी बीएसपी की अध्यक्ष मायावती,दोनों ने इस विषय पर एक-दूसरे पर जमकर हमला बोला.

मायावती ने जब कहा कि रोहित वेमुला की खुदकुशी की जांच करने वाली न्यायिक समिति में कोई दलित भी शामिल हो तो स्मृति ईरानी ने कहा जांच समिति में दलित शामिल हैं, साथ ही ये भी पूछ डाला कि क्या जिसको मायावती सर्टिफिकेट देंगी वही दलित हैं?

बीएसपी सांसदों के लगातार विरोध के कारण स्मृति ईरानी ने मायावती से कहा, “मैं आपसे विनम्र निवेदन करती हूँ,आप मुझसे जो जवाब चाहती हैं, उन सभी के जवाब दूंगी. मैं बसपा के प्रत्येक कार्यकर्ता और सभी  नेताओं से कहती हूं कि यदि आप मेरे जवाब से संतुष्ट न हों तो मैं सिर कलम करके आपके चरणों में रख दूंगी.”

इसके बावजूद मायावती के विरोध करने पर स्मृति ने कहा, ” आप एक मर चुके बच्चे का इस्तेमाल पॉलिटिकल टूल के तौर पर कर रही हैं.” राज्यसभा में मायावती के समर्थन में कांग्रेस, सीपीएम और जेडीयू ने भी आवाज बुलंद की. साथ ही कई नेताओं ने रोहित वेमुला के साथ जेएनयू विवाद पर भी चर्चा की मांग कर डाली.

राज्यसभा के स्पीकर ने साफ कर दिया है कि जेएनयू विवाद पर चर्चा का नोटिस किसी ने नहीं दिया है इसलिए सिर्फ रोहित वेमुला पर ही बहस होगी. कल भी बहस जारी रहेगी उसके बाद सरकार इस पर जवाब देगी. रोहित वेमुला के बहाने दलित राजनीति का मुद्दा फिर गरमा गया है.

कल 440 रूपए लेकर रिहा होंगे संजय दत्त

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फ़िल्म अभिनेता संजय दत्त आखिरकार गुरूवार 25 फरवरी को पुणे के नज़दीक स्थित यरवदा जेल से बाहर आ जाएंगे। संजय दत्त को लेने के लिए उनकी पत्नी मान्यता, बच्चे और परिवार के सदस्य पहुंचेंगे।
कल संजय दत्त के जेल से निकलने के दौरान संजय दत्त का परिवार स्वागत समारोह आयोजित करना चाहता था लेकिन जेल प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से इसकी अनुनाति नहीं दी।

दत्त कथित तौर पर एक साथी कैदी पर फिल्म की योजना बना रहे हैं, जिसे पारिवारिक विवाद मामले में दोषी ठहराया गया था. संजय दत्त ने जेल में काम करके 440 रूपए कमाए हैं।

महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री राम शिंदे के मुताबिक़, अभिनेता 25 फरवरी को अपने कारावास की सजा पूरी करेंगे. संजय दत्त को कारागार में अच्छे बर्ताव के लिए आठ महीने और 16 दिन की सजा में छूट प्रदान की गई है। इसलिए अभिनेता चार साल, तीन महीने और 14 दिन जेल में बिताएंगे, जबकि उच्चतम न्यायालय ने उन्हें पांच साल के कारावास की सजा सुनाई थी।

गौरतलब है कि बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त को 19 अप्रैल 1993 को एके-56 राइफल रखने और उसे नष्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। यह 1993 में मुंबई में हुए सिलसिलेवार धमाकों से पहले भारत लाए गए हथियारों और विस्फोटकों के जखीरे का हिस्सा था।

अफज़ल गुरु के समर्थन में दिया था भाषण- उमर खालिद

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देश विरोधी नारे लगाने वाले फरार आरोपियों में से 2 ने मंगलवार रात पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. सरेंडर करने वाले छात्र उमर और अनिर्नाब ने पुलिस को जानकारी दी कि वे इतने दिन कहाँ थे और क्या- क्या किए. एक प्रतिष्ठित चैनल के मुताबिक़ पुलिस विभाग के एक सूत्र ने बताया कि उमर ने पूछताछ के दौरान यह भी स्वीकार किया कि उसने अफज़ल के समर्थन में भाषण भी दिया था.

देश विरोधी नारे लगाने के आरोपी उमर खालिद के स्वीकार किए जाने के बाद मामला धीरे धीरे साफ़ होता नज़र आ रहा है. पुलिस के एक सूत्र के मुताबिक़ उमर ने यह स्वीकार कर लिया कि उसने अफज़ल के समर्थन में भाषण दिया था. आज दोपहर में दोनोंं आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएग़ा.

उमर और अनिर्नाब के अलावा बाकी के दो आरोपी अभी भी जेएनयू कैम्पस में हैं और अपने वकील के संपर्क में हैं. ऐसी संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही वे भी पुलिस के सामने सरेंडर कर सकते हैं.

राजीव गांधी हत्याकांड की दोषी नलिनी एक दिन के पेरोल पर बाहर

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पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के दोष में सजा काट रही नलिनी को पिता के अंतिम संस्कार के लिए एक दिन की पेरोल पर छोड़ा गया है. 10 पुलिसकर्मियों के साथ नलिनी बुधवार सुबह वेल्लोर जेल से चेन्नई के लिए रवाना हुई.

न्यायालय ने नलिनी को कोट्टुपुरम में उसके पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने की इजाज़त दी है. कोर्ट ने सुबह 8 बजे से रात के 8 बजे तक की मोहलत दी है. कोर्ट ने नलिनी को कोत्तुरपुरम में होने वाले अंतिम संस्कार में जाने की इजाजत दी है. यह छूट बुधवार सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक के लिए दी गई है.

लिट्टे प्रमुख प्रभाकरन के इशारे पर हुई हत्या में नलिनी सहित दर्ज़नों लोग शामिल थे. इस मामले में 24 मई 1991 को सीबीआई की स्पेशल टीम ने केस दर्ज किया.

सीबीआई ने जांच के बाद कुल 26 लोगों को कानून के कटघरे में लिया था. जिसके बाद नलिनी मुरुगन, संथन और पेरारिवलन समेत 26 लोगों पर मुकदमा चला. निचली अदालत ने इन सभी को फांसी की सजा सुनाई. जबकि साल 1999 में सुप्रीम कोर्ट ने नलिनी, संथन और पेरारिवलन की सजा बरकरार रखी.

उमर और अनिर्नाब ने किया सरेंडर, आज होगी कोर्ट में पेशी

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मंगलवार को देर रात लगभग 11 बजकर 45 मिनट पर देशद्रोही नारेबाजी के आरोपी उमर और अनिर्नाब ने पुलिस के सामने समर्पण कर दिया. तीन स्तरों के सुरक्षा घेरों के बीच इन दोनों छात्रों ने जेएनयू कैम्पस के बाहर सरेंडर किया. आज इन छात्रों को न्यायालय में पेश किया जाएगा.
उमर और अनिर्नाब को गिरफ्तार करके पुलिस इन्हे आरके पुरम थाने लेकर गई. हालाँकि पहले उन्हें बसंत बिहार थाने ले जाने की योजना थी लेकिन किसी तरह की अप्रिय घटना न घटे इसलिए अंतिम समय में यह बदलाव किया गया.

गत तीन दिनों से देशद्रोह के आरोपी छात्र अनिर्नाब और उमर जेएनयू के अंदर बैठे थे. और कैम्पस से ही पूरी तैयारी करने के बाद अंततः मंगलवार को सरेंडर करने की योजना बनाई. इन तीन दिनों के बीच पुलिस बेबस नज़र आई. हालाँकि कमिश्नर बस्सी ने मीडिया से कई बार कहा कि यदि छात्र खुद से सरेंडर नहीं करते तो पुलिस को इन्हे गिरफ्तार करना पडेगा. और आखिरकार मंगलवार की रात उमर और अनिर्बान जेएनयू कैंपस से बाहर निकले और पुलिस ने बिना वक्त गवाए दोनों को हिरासत में ले लिया।

रात में गिरफ्तार करने के बाद ही आला अधिकारी इन छात्रों से पूछताछ के लिए आने लगे. इस बीच तीन डॉक्टर्स की टीम ने भी जेल विजिट किया. खबर के अनुसार इनकी मेडिकल जांच पूरी की गई. आज इन दोनों आरोपियों को न्यायालय के सामने पेश किया जाएगा. हालाँकि अभी भी तीन आरोपी छात्र आशुतोष, रामा नागा और अनंत प्रकाश फरार हैं. खबर है कि ये सभी अपने वकीलों के संपर्क में हैं.

खालिद और भट्टाचार्य उन पांच छात्रों में हैं जिन्होंने संसद भवन हमले के दोषी अफजल गुर की नौ फरवरी को बरसी के मौके पर विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर राष्ट्रविरोधी नारेबाजी की थी.

दिल्ली हाईकोर्ट ने उमर और साथियों को सरेंडर करने का दिया निर्देश

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जेएनयू में देश विरोधी नारेबाजी के आरोपी छात्र उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य को दिल्ली हाईकोर्ट ने सरेंडर करने का निर्देश दिया है. हाईकोर्ट ने दोनों को बुधवार तक के लिए गिरफ्तारी से अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है. हाईकोर्ट ने उनके वकीलों से कहा कि दोनों छात्रों को कानून का पालन करते हुए आत्मसमर्पण करना होगा. वे जगह और समय बताएँ, जिसके अनुसार पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सके.

इससे पहले खालिद ने जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर हुए हमले का हवाला देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सुरक्षा की व कोर्ट में ही आत्मसमर्पण की मांग की थी. परंतु पुलिस ने इसका विरोध किया था. आरोपी छात्र की याचिका पर बुधवार को कोर्ट सुनवाई करेगा. जेएनयू विवाद में खालिद को मुख्य आरोपी बताया जा रहा है.

इससे पहले दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी ने कहा था कि यदि आरोपी छात्रों को लगता है कि इन्होंने देशद्रोह नहीं किया है तो इस बात को साबित करें.

गौरतलब है कि खालिद समेत पांच फरार आरोपी छात्र रविवार रात से ही जेएनयू कैंपस में मौजूद हैं. देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की जमानत याचिका पर भी हाईकोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगी.

हालांकि अपने पहले के रुख से पलटते हुए दिल्ली पुलिस अब उसकी जमानत का विरोध करेगी. बस्सी ने कहा कि परिस्थितियों में बदलाव के चलते यह फैसला करना पड़ा. दिल्ली हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर दिल्ली पुलिस से कन्हैया की जमानत याचिका पर बुधवार तक स्थिति रिपोर्ट देने को कहा है.

बुधवार को होगी कन्हैया की सुनवाई, पुलिस ने बदला वक़ील

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देशद्रोह मामले में फंसे जेएनयू छात्र कन्हैया कुमार की सुनवाई एक दिन और टल गई है. वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट में अपना पक्ष मज़बूत करने में पुलिस एकदम तैयार नज़र आ रही है. यह सुनवाई आज यक़्क़नी मंगलवार को होनी थी लेकिन अब यह बुधवार को होगी.

कन्हैया कुमार की ज़मानत याचिका पर सुनवाई बुधवार को होनी सुनिश्चित हुई है. इस बीच खबर यह भी है कि दिल्ली पुलिस अपना वकील भी बदलना चाहती है. जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस को अपने वर्तमान सरकारी वकील पर भरोसा नहीं है, इसलिए कन्हैया के खिलाफ अदालत में जिरह के लिए एडिशनल सॉलिस्टिर जनरल तुषार मेहता को हाई कोर्ट में उतारना चाहती है. इस सम्बन्ध में दिल्ली पुलिस ने उप राज्यपाल नजीब जंग को बाकायदा चिट्ठी भी लिखी थी.

दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने हाल में कहा था कि वे कन्हैया की जमानत का विरोध नहीं करेंगे. पुलिस ने कन्हैया केस में हाई कोर्ट को रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें उसके खिलाफ चार सबूतों का जिक्र है. मामले की सुनवाई कल होगी.

सरकार का पहला लक्ष्य ‘सबका साथ-सबका विकास’ -राष्ट्रपति

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संसद में बजट सत्र शुरू होने के पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में जो स्थिति बनी, उससे दुनियाभर की नजरें भारत के बजट सत्र पर टिकी हैं. वहीं, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी बग्घी पर सवार होकर संसद पहुंचे. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपने अभिभाषण में कहा कि सरकार का पहला लक्ष्य है ‘सबका साथ सबका विकास’. जिसमें मोदी सरकार का साल 2016 का रोडमैप सामने आ सकता है.

राष्ट्रपति प्रणब मुख़र्जी के साथ उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी भी पहुंचे. अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति ने केंद्र सरकार के कार्यों की सराहना भी और कुछ प्रमुख बिन्दुओं पर चिंता भी व्यक्त की. जिसके सुधार के लिए सरकाार को आवश्यक कदम उठाए जाने की ज़रुरत है.

राष्ट्रपति ने सरकार के सराहनीय कार्यों पर भी प्रकाश डाला. राष्ट्रपति मुखर्जी ने कहा कि देश में सरकार की विशेष पहल की वजह से 62 लाख लोगों ने गैस सब्सिडी छोड़ी, जिसका सीधा लाभ आर्थिक रूप से कमज़ोर ग्रामीण और शहरी जनमानस को मिलेगा.

इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री के सफल जन-धन वित्तीय योजना की भी तारीफ़ की. उन्होंने सरकार की 2022 तक सबको घर उपलब्ध कराने की वचनबद्धता को लेकर भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि सरकार कई प्रमुख बिन्दुओं पर कार्य कर रही है, जो देश के विकास के लिए आवश्यक है.