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Friday, July 31, 2026
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कल 440 रूपए लेकर रिहा होंगे संजय दत्त

Bureau@navpravah.com

फ़िल्म अभिनेता संजय दत्त आखिरकार गुरूवार 25 फरवरी को पुणे के नज़दीक स्थित यरवदा जेल से बाहर आ जाएंगे। संजय दत्त को लेने के लिए उनकी पत्नी मान्यता, बच्चे और परिवार के सदस्य पहुंचेंगे।
कल संजय दत्त के जेल से निकलने के दौरान संजय दत्त का परिवार स्वागत समारोह आयोजित करना चाहता था लेकिन जेल प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से इसकी अनुनाति नहीं दी।

दत्त कथित तौर पर एक साथी कैदी पर फिल्म की योजना बना रहे हैं, जिसे पारिवारिक विवाद मामले में दोषी ठहराया गया था. संजय दत्त ने जेल में काम करके 440 रूपए कमाए हैं।

महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री राम शिंदे के मुताबिक़, अभिनेता 25 फरवरी को अपने कारावास की सजा पूरी करेंगे. संजय दत्त को कारागार में अच्छे बर्ताव के लिए आठ महीने और 16 दिन की सजा में छूट प्रदान की गई है। इसलिए अभिनेता चार साल, तीन महीने और 14 दिन जेल में बिताएंगे, जबकि उच्चतम न्यायालय ने उन्हें पांच साल के कारावास की सजा सुनाई थी।

गौरतलब है कि बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त को 19 अप्रैल 1993 को एके-56 राइफल रखने और उसे नष्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। यह 1993 में मुंबई में हुए सिलसिलेवार धमाकों से पहले भारत लाए गए हथियारों और विस्फोटकों के जखीरे का हिस्सा था।

अफज़ल गुरु के समर्थन में दिया था भाषण- उमर खालिद

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देश विरोधी नारे लगाने वाले फरार आरोपियों में से 2 ने मंगलवार रात पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. सरेंडर करने वाले छात्र उमर और अनिर्नाब ने पुलिस को जानकारी दी कि वे इतने दिन कहाँ थे और क्या- क्या किए. एक प्रतिष्ठित चैनल के मुताबिक़ पुलिस विभाग के एक सूत्र ने बताया कि उमर ने पूछताछ के दौरान यह भी स्वीकार किया कि उसने अफज़ल के समर्थन में भाषण भी दिया था.

देश विरोधी नारे लगाने के आरोपी उमर खालिद के स्वीकार किए जाने के बाद मामला धीरे धीरे साफ़ होता नज़र आ रहा है. पुलिस के एक सूत्र के मुताबिक़ उमर ने यह स्वीकार कर लिया कि उसने अफज़ल के समर्थन में भाषण दिया था. आज दोपहर में दोनोंं आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएग़ा.

उमर और अनिर्नाब के अलावा बाकी के दो आरोपी अभी भी जेएनयू कैम्पस में हैं और अपने वकील के संपर्क में हैं. ऐसी संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही वे भी पुलिस के सामने सरेंडर कर सकते हैं.

राजीव गांधी हत्याकांड की दोषी नलिनी एक दिन के पेरोल पर बाहर

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पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के दोष में सजा काट रही नलिनी को पिता के अंतिम संस्कार के लिए एक दिन की पेरोल पर छोड़ा गया है. 10 पुलिसकर्मियों के साथ नलिनी बुधवार सुबह वेल्लोर जेल से चेन्नई के लिए रवाना हुई.

न्यायालय ने नलिनी को कोट्टुपुरम में उसके पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने की इजाज़त दी है. कोर्ट ने सुबह 8 बजे से रात के 8 बजे तक की मोहलत दी है. कोर्ट ने नलिनी को कोत्तुरपुरम में होने वाले अंतिम संस्कार में जाने की इजाजत दी है. यह छूट बुधवार सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक के लिए दी गई है.

लिट्टे प्रमुख प्रभाकरन के इशारे पर हुई हत्या में नलिनी सहित दर्ज़नों लोग शामिल थे. इस मामले में 24 मई 1991 को सीबीआई की स्पेशल टीम ने केस दर्ज किया.

सीबीआई ने जांच के बाद कुल 26 लोगों को कानून के कटघरे में लिया था. जिसके बाद नलिनी मुरुगन, संथन और पेरारिवलन समेत 26 लोगों पर मुकदमा चला. निचली अदालत ने इन सभी को फांसी की सजा सुनाई. जबकि साल 1999 में सुप्रीम कोर्ट ने नलिनी, संथन और पेरारिवलन की सजा बरकरार रखी.

उमर और अनिर्नाब ने किया सरेंडर, आज होगी कोर्ट में पेशी

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मंगलवार को देर रात लगभग 11 बजकर 45 मिनट पर देशद्रोही नारेबाजी के आरोपी उमर और अनिर्नाब ने पुलिस के सामने समर्पण कर दिया. तीन स्तरों के सुरक्षा घेरों के बीच इन दोनों छात्रों ने जेएनयू कैम्पस के बाहर सरेंडर किया. आज इन छात्रों को न्यायालय में पेश किया जाएगा.
उमर और अनिर्नाब को गिरफ्तार करके पुलिस इन्हे आरके पुरम थाने लेकर गई. हालाँकि पहले उन्हें बसंत बिहार थाने ले जाने की योजना थी लेकिन किसी तरह की अप्रिय घटना न घटे इसलिए अंतिम समय में यह बदलाव किया गया.

गत तीन दिनों से देशद्रोह के आरोपी छात्र अनिर्नाब और उमर जेएनयू के अंदर बैठे थे. और कैम्पस से ही पूरी तैयारी करने के बाद अंततः मंगलवार को सरेंडर करने की योजना बनाई. इन तीन दिनों के बीच पुलिस बेबस नज़र आई. हालाँकि कमिश्नर बस्सी ने मीडिया से कई बार कहा कि यदि छात्र खुद से सरेंडर नहीं करते तो पुलिस को इन्हे गिरफ्तार करना पडेगा. और आखिरकार मंगलवार की रात उमर और अनिर्बान जेएनयू कैंपस से बाहर निकले और पुलिस ने बिना वक्त गवाए दोनों को हिरासत में ले लिया।

रात में गिरफ्तार करने के बाद ही आला अधिकारी इन छात्रों से पूछताछ के लिए आने लगे. इस बीच तीन डॉक्टर्स की टीम ने भी जेल विजिट किया. खबर के अनुसार इनकी मेडिकल जांच पूरी की गई. आज इन दोनों आरोपियों को न्यायालय के सामने पेश किया जाएगा. हालाँकि अभी भी तीन आरोपी छात्र आशुतोष, रामा नागा और अनंत प्रकाश फरार हैं. खबर है कि ये सभी अपने वकीलों के संपर्क में हैं.

खालिद और भट्टाचार्य उन पांच छात्रों में हैं जिन्होंने संसद भवन हमले के दोषी अफजल गुर की नौ फरवरी को बरसी के मौके पर विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर राष्ट्रविरोधी नारेबाजी की थी.

दिल्ली हाईकोर्ट ने उमर और साथियों को सरेंडर करने का दिया निर्देश

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जेएनयू में देश विरोधी नारेबाजी के आरोपी छात्र उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य को दिल्ली हाईकोर्ट ने सरेंडर करने का निर्देश दिया है. हाईकोर्ट ने दोनों को बुधवार तक के लिए गिरफ्तारी से अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है. हाईकोर्ट ने उनके वकीलों से कहा कि दोनों छात्रों को कानून का पालन करते हुए आत्मसमर्पण करना होगा. वे जगह और समय बताएँ, जिसके अनुसार पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सके.

इससे पहले खालिद ने जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर हुए हमले का हवाला देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सुरक्षा की व कोर्ट में ही आत्मसमर्पण की मांग की थी. परंतु पुलिस ने इसका विरोध किया था. आरोपी छात्र की याचिका पर बुधवार को कोर्ट सुनवाई करेगा. जेएनयू विवाद में खालिद को मुख्य आरोपी बताया जा रहा है.

इससे पहले दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी ने कहा था कि यदि आरोपी छात्रों को लगता है कि इन्होंने देशद्रोह नहीं किया है तो इस बात को साबित करें.

गौरतलब है कि खालिद समेत पांच फरार आरोपी छात्र रविवार रात से ही जेएनयू कैंपस में मौजूद हैं. देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की जमानत याचिका पर भी हाईकोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगी.

हालांकि अपने पहले के रुख से पलटते हुए दिल्ली पुलिस अब उसकी जमानत का विरोध करेगी. बस्सी ने कहा कि परिस्थितियों में बदलाव के चलते यह फैसला करना पड़ा. दिल्ली हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर दिल्ली पुलिस से कन्हैया की जमानत याचिका पर बुधवार तक स्थिति रिपोर्ट देने को कहा है.

बुधवार को होगी कन्हैया की सुनवाई, पुलिस ने बदला वक़ील

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देशद्रोह मामले में फंसे जेएनयू छात्र कन्हैया कुमार की सुनवाई एक दिन और टल गई है. वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट में अपना पक्ष मज़बूत करने में पुलिस एकदम तैयार नज़र आ रही है. यह सुनवाई आज यक़्क़नी मंगलवार को होनी थी लेकिन अब यह बुधवार को होगी.

कन्हैया कुमार की ज़मानत याचिका पर सुनवाई बुधवार को होनी सुनिश्चित हुई है. इस बीच खबर यह भी है कि दिल्ली पुलिस अपना वकील भी बदलना चाहती है. जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस को अपने वर्तमान सरकारी वकील पर भरोसा नहीं है, इसलिए कन्हैया के खिलाफ अदालत में जिरह के लिए एडिशनल सॉलिस्टिर जनरल तुषार मेहता को हाई कोर्ट में उतारना चाहती है. इस सम्बन्ध में दिल्ली पुलिस ने उप राज्यपाल नजीब जंग को बाकायदा चिट्ठी भी लिखी थी.

दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने हाल में कहा था कि वे कन्हैया की जमानत का विरोध नहीं करेंगे. पुलिस ने कन्हैया केस में हाई कोर्ट को रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें उसके खिलाफ चार सबूतों का जिक्र है. मामले की सुनवाई कल होगी.

सरकार का पहला लक्ष्य ‘सबका साथ-सबका विकास’ -राष्ट्रपति

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संसद में बजट सत्र शुरू होने के पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में जो स्थिति बनी, उससे दुनियाभर की नजरें भारत के बजट सत्र पर टिकी हैं. वहीं, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी बग्घी पर सवार होकर संसद पहुंचे. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपने अभिभाषण में कहा कि सरकार का पहला लक्ष्य है ‘सबका साथ सबका विकास’. जिसमें मोदी सरकार का साल 2016 का रोडमैप सामने आ सकता है.

राष्ट्रपति प्रणब मुख़र्जी के साथ उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी भी पहुंचे. अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति ने केंद्र सरकार के कार्यों की सराहना भी और कुछ प्रमुख बिन्दुओं पर चिंता भी व्यक्त की. जिसके सुधार के लिए सरकाार को आवश्यक कदम उठाए जाने की ज़रुरत है.

राष्ट्रपति ने सरकार के सराहनीय कार्यों पर भी प्रकाश डाला. राष्ट्रपति मुखर्जी ने कहा कि देश में सरकार की विशेष पहल की वजह से 62 लाख लोगों ने गैस सब्सिडी छोड़ी, जिसका सीधा लाभ आर्थिक रूप से कमज़ोर ग्रामीण और शहरी जनमानस को मिलेगा.

इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री के सफल जन-धन वित्तीय योजना की भी तारीफ़ की. उन्होंने सरकार की 2022 तक सबको घर उपलब्ध कराने की वचनबद्धता को लेकर भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि सरकार कई प्रमुख बिन्दुओं पर कार्य कर रही है, जो देश के विकास के लिए आवश्यक है.

कोर्ट की शरण में उमर, याचिका में सुरक्षा की मांग की

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दिल्ली हाईकोर्ट में आज उमर खालिद के वकील सरेंडर करने के लिए अर्ज़ी देंगे. हालाँकि सरेंडर सम्बन्धी याचिका कल ही दायर की गई थी लेकिन कुछ तकनीकी दिक्कतों की वजह से सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी थी. प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ याचिकआ में उमर ने दिल्ली पुलिस से सुरक्षा की मांग की है.

इस मामले को शुरू से ट्रैक कर रहे जानकार कहते हैं कि उमर खालिद की अर्ज़ी से से यह साफ़ पता चलता है कि वह पूरी योजना के साथ लापता हुआ था. विवाद होने के बाद कैम्पस आना और कैम्पस में ही सरेंडर करने की बात पर अड़ना, कई चीज़ें दर्शाती हैं कि सबकुछ योजना के अनुरूप करवाया गया.

उमर खालिद ने अपनी याचिका में स्पष्ट लिखा है कि उसे दिल्ली पुलिस से सुरक्षा चाहिए क्योंकि वो नहीं चाहता कि जो कन्हैया के साथ हुआ था, वही उसके साथ भी हो.

गौरतलब है कि उमर खालिद और उसके अन्य साथियों के कैम्पस में उपस्थित होने की ख़बर के बाद से ही दिल्ली पुलिस कैम्पस के बाहर खड़ी है. जेएनयू प्रशासन ने पुलिस को कैम्पस में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी है. इस सम्बन्ध में कमिश्नर बस्सी ने स्पष्ट कियाहै कि यदि छात्र खुद को बेक़सूर मानते हैं तो वे उसका प्रमाण दें.

संसद का बजट सत्र आज से शुरू

ShikhaPandey@navpravah.com

संसद का बजट सत्र आज से शुरु हो रहा है. सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार ने सोमवार को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई .इस बैठक का उद्देश्य था कि विपक्ष किसी भी मुद्दे में अड़ंगा न लगाए और संसद को सुचारू रूप से चलने दे मगर जेएनयू और रोहित वेमुला मामले में विपक्ष के तेवर पहले ही से गर्म हैं.

आज सुबह 11 बजे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी संसद के सेंट्रल हॉल में दोनों सदनों को संयुक्त रुप से संबोधित करेंगे. बजट सत्र का पहला चरण 23 फरवरी से 16 मार्च तक और दूसरा चरण 25 अप्रैल से 13 मई तक चलेगा. बजट सत्र के काफी हंगामेदार रहने की उम्मीद है जिसमें जेएनयू विवाद, दलित शोधार्थी रोहित वेमुला की आत्महत्या, पठानकोट आतंकी हमला जैसे मुद्दों पर विपक्ष, सरकार को घेरने का प्रयास कर सकता है.

25 फरवरी को रेल मंत्री सुरेश प्रभु अपना दूसरा रेल बजट पेश करेंगे. 26 फरवरी को वित्त मंत्री अरुण जेटली आर्थिक सर्वे और 29 फरवरी को आम बजट पेश करेंगे.

संसद में कई अहम बिल फंसे हुए है जिनमें, जीएसटी बिल, व्हिसल ब्लोअर्स प्रोटेक्शन बिल (संशोधित) और इंडस्ट्रीज (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) संशोधन बिल मुख्य हैं. इसके अलावा कंज्यूमर प्रोटेक्शन बिल, इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड, बेनामी ट्रांजैक्शंस (संशोधित) बिल, लैंड एक्विजिशन बिल और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन (संशोधित) बिल जैसे अहम बिल संसद में अटके हुए हैं.

लगातार विपक्ष से हो रहे दबाव के चलते सरकार ने कहा है कि वह जेएनयू, जाट आरक्षण और रोहित वेमुला समेत अहम मुद्दों पर बहस को तैयार है.

आरक्षण पर फिर बोले भागवत

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आरक्षण को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने एक बड़ा बयान दिया है. पीटीआई के मुताबिक़ संघ प्रमुख ने कहा कि आरक्षण के सही निर्धारण के लिए गैर राजनीतिक लोगों की एक समिति बनाई जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि आरक्षण जैसे मसले पर राजनीति ठीक नहीं है.

आरक्षण का मामला इस समय देश में काफी गरमाया है. ऐसे में संघ प्रमुख ने एक और बड़ा बयान दे दिया. संघ प्रमुख ने कहा कि आरक्षण सिर्फ योग्य लोगों को ही मिलनी चाहिए, जिससे समाज का सही तरीके से विकास हो सके. और यह तभी संभव है, जब इसके निर्धारण समिति के सदस्य राजनीतिक न हों.

इसके पहले भी मोहन भागवत ने आरक्षण को लेकर समीक्षा की बात कही थी लेकिन उनकी सलाह पर सरकार ने विचार नहीं किया. आरक्षण सबंधी समीक्षा वाले मामले पर देश के कई नेताओं ने मोहन भागवत का विरोध भी किया था.

मायावती ने तो चेतावनी भी दी थी कि यदि आरक्षण की नीति बदली जाती है तो पार्टी आंदोलन करेगी.
अब भागवत के इस बयान पर राजनीतिक पार्टियों की क्या प्रतिक्रिया आएगी यह तो समय बताएगा लेकिन देश में आरक्षण की व्यवस्था पर टिप्पणी की शुरुआत हो चुकी है.