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Friday, July 31, 2026
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जाट आरक्षण की आग में सुलगी 20 हज़ार करोड़ से अधिक की संपत्ति

Bureau@navpravah.com

गृह मंत्रालय के आश्वासन के बावजूद हरियाणा में जाट आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा. आगजनी और बढ़ाते हिंसक प्रदर्शन की वजह से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है. जाट आरक्षण के आंदोलन की वजह से अब तक लगभग 20 हज़ार करोड़ रूपए का नुकसान हुआ है. और लगातार घाटे का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है.

सूत्रों के मुताबिक़ केंद्रीय गृह मंत्रालय अब तक आश्वस्त नहीं हुई है कि राज्य में पूरी तरह से बवाल ख़त्म होते नज़र आ रहे हैं. वर्तमान हालात पर केंद्र सरकार ने आज भी राज्य के आला अधिकारियों से बात की. फिलहाल केंद्र सरकार ने आरक्षण को लेकर जाट नेताओं से खुले तौर पर हामी भर दी है लेकिन इसके बावजूद अभी तक प्रदर्शन ख़त्म नहीं हुए हैं.

प्रदेश के मंत्री रामविलास शर्मा ने बताया कि प्रशासनिक कोशिशों से दिल्ली-चंडीगढ़ और दिल्ली-जयपुर रेलवे लाइन पर से आंदोलनकारियों का कब्जा हटाया जा चुका है.बाकी अन्य जगहों पर शान्ति की कोशिश की जा रही है.

एनएच-1 पर सोनीपत के लडसोली गांव में ग्रामीणों और सेना के जवानों में भिड़ंत हो गई. इस भिड़ंत में हुई गोलीबारी से कई लोग घायल हो गए. इसके बाद प्रदर्शनकारियों में अधिक उत्तेजना फैल गई.

बिग बी परेशान, कहा कटा-कटा सा महसूस कर रहा हूँ

Entertainment desk

महानायक अमिताभ बच्चन आजकल अपने स्वास्थ्य को लेकर काफी परेशान नज़र आ रहे हैं. अपने स्वास्थ्य की जानकारी उन्होंने रविवार को अपने आधिकारिक ब्लॉग के ज़रिए दी. उन्होंने लिखा कि वो एक साधारण शारीरिक समस्या से जूझ रहे हैं. जिसकी वजह से आजकल वे सबसे कटा-कटा सा महसूस कर रहे हैं.

बिग बी अमिताभ बच्चन ने अपने स्वास्थय को लेकर चिंता व्यक्त की. उन्होंने अपने ब्लॉग में लिखा कि स्वास्थ्य की वजह से आजकल बड़ा परेशान रहने लगा हूँ. उन्होंने कहा कि कोई चिंता की बात नहीं है लेकिन शारीरिक पीड़ा की वजह से आजकल बिस्तर से भी नहीं उठ पा रहा हूँ. उन्होंने कहा कि शरीर की तकलीफ की वजह से मन और आत्मा भी तकलीफ में आ जाते हैं.

बिग बी ने कहा कि मुझे दुःख है कि इसी कारण मैं ज़ी अवार्ड्स में भी शरीक नहीं हो सका. जहां मुझे एक्शन डायरेक्टर, प्रोडूसर और अजय देवगन के पिता वीरू देवगन को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान करना था. ब्लॉग में अंत में उन्होंने लिखा कि आशा करता हूँ कि शीघ्र ही मैं स्वस्थ हो जाऊँगा.

देश विरोधी नारे नहीं दिए, तो सबूत पेश करें -बीएस बस्सी

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जेएनयू मामले में आज दिल्ली पुलिस सभी आरोपियों को हिरासत में ले सकती है. उमर और उसके फरार साथी इस समय कैम्पस में ही मौजूद हैं. खबर है कि पुलिस कैम्पस में दाखिल नहीं होगी, जेएनयू प्रशासन आरोपियों को गेट के बाहर ही सुपूर्त करेगा.

कल रात से ही उमर खालिद अपने सभी आरोपी दोस्तों के साथ विश्वविद्यालय कैम्पस में मौजूद है. इन आरोपियों को हिरासत में लेने के सन्दर्भ में कमिश्नर बीएस बस्सी और विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर की बातचीत चल रही है. इस सन्दर्भ में बस्सी ने कहा कि अगर वे कहते हैं कि भारत विरोधी नारे में उनका हाथ नहीं है तो उन्हें इसका सबूत पेश करना चाहिए.

खबर है कि शनिवार रात उमर खालिद ने उपस्थित छात्रों को सम्बोधित किया. उसने अपने सम्बोधन में कहा कि मई मुस्लिम हूँ लेकिन आतंकवादी नहीं हूँ. उसने अपनी सफाई में यह भी कहा कि मेरे ऊपर आरोप लगाया गया है कि मैंने पाकिस्तान और कश्मीर में कुछ लोगों से बात की. हालाँकि किसी से बात करना कोई जुर्म नहीं है लेकिन प्रशासन मेरे कॉल रेकॉर्ड्स जांच सकता है.

कल रात जब उमर खालिद को हिरासत में लेने पुलिस पहुँची तो वहाँ उपस्थित सैकड़ों छात्रों ने उन्हें अंदर प्रवेश ही नहीं करने दिया. जानकारी के मुताबिक़ पुलिस के जाने के कुछ समय के बाद उमर ने छात्रों को सम्बोधित किया.

साथियों सहित JNU लौटा उमर, आज कर सकता है सरेंडर

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देश विरोधी नारों के आरोपी खालिद उमर अपने 4 साथियों समेत रविवार रात से ही जेएनयू कैम्पस में मौजूद हैं. एक प्रतिष्ठित चैनल के मुताबिक़, इसकी सूचना मिलते ही पुलिस छात्रों की तलाश में कैम्पस में आई, लेकिन उन्हें अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई.

आरोपी पांचों छात्र वाइस चांसलर से मिलने की कोश‍िश कर रहे हैं और इस मुलाकात के बाद ही अगला कदम उठाएंगे.
खबर है कि रविवार रात 8 बजे से ही उमर अपने सभी साथियों के साथ जेएनयू कैम्पस के एडमिन ब्लॉक में मौजूद है और उसके साथ लगभग 250 छात्र भी मौजूद हैं.

एक निजी चैनल से हुई बातचीत में उमर ने स्पष्ट किया कि वह कैम्पस में ही है और अगर पुलिस चाहे तो उसे गिरफ्तार कर सकती है. उमर ने कहा कि मैं आतंकवादी नहीं हूँ और मेरे पास पाकिस्तान का पासपोर्ट नहीं है.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ आज उमर और साथी वसंत विहार थाने में सरेंडर भी कर सकते हैं. देश विरोधी नारों से इंकार करते हुए उमर ने कहा कि कोई भाषण नहीं दिया उस दिन.

खबर है कि पुलिसबल सादी वर्दी में वहां मौजूद है और आरोपियों के सरेंडर का इंतजार कर रही है, ऐसा ना करने पर पुलिस उन्हें गिरफ्तार भी कर सकती है. फिलहाल इस सन्दर्भ में अभी तक जेएनू प्रशासन की और से कोई भी बयान नहीं आया है.

वाराणसी में प्रधानमंत्री मोदी, संत रविदास के जयंती समारोहों में होंगे शामिल

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज तड़के वाराणसी पहुंच गए. वाराणसी दौरे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज 15वीं सदी के श्रेष्ठ कवि श्री रविदास के जयंती समारोहों में हिस्सा लेंगे. उसके बाद वे काशी हिंदू विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शिरकत करेंगे.

प्रधानमंत्री सुबह रविदास मंदिर का दौरा करेंगे. यहाँ वह आयंगर सामूहिक रसोईघर में तैयार भोज में भी हिस्सा लेंगे. मोदी ‘रविदास’ संप्रदाय के प्रवासी भारतीयों से भी मुलाकात कर सकते हैं, जिसमें मुख्यत: पंजाब के सिख हैं जो वाराणसी में जन्मे आध्यात्मिक कवि के अनुयायी हैं.

मंदिर के निर्माण में इस समुदाय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और प्रत्येक वर्ष पूर्वी उत्तरप्रदेश के इस शहर में श्री रविदास की जयंती मनाई जाती है जिसमें पंजाब से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिरकत करते हैं. मंदिर में कुछ समय बिताने के बाद मोदी बीएचयू जाएंगे जहां वह दीक्षांत समारोह में शिरकत करेंगे.

विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को मानद डॉक्टरेट की उपाधि से विभूषित करने की इच्छा जताई थी परंतु, मोदी ने इस पेशकश को सविनय ठुकरा दिया. उन्होंने कहा कि इस तरह की डिग्री हासिल करने की उनकी कोई नीति नहीं है. प्रधानमंत्री वाराणसी हवाई अड्डे से कल दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे.

गौरतलब है कि कोलकाता में गौडिया मठ के शताब्दी समारोह का उद्घाटन करने के बाद मोदी कल वाराणसी पहुंचे. हवाई अड्डे पर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक और उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव एवं दूसरे भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत किया.

SC ने चुनाव लड़ने के लिए शैक्षणिक योग्यता को किया अनिवार्य

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सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत चुनाव के सम्बन्ध में एक अहम फैसला किया है. न्यायालय ने पंचायत चुनाव के उम्मीदवारों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की है, जिससे अब यह चुनाव लड़ना पहले जैसे आसान नहीं होगा. पंचायत चुनाव के लिए उच्चतम न्यायालय ने न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के साथ ही कुछ और महत्वपूर्ण शर्तें पूरी करने की बात कही है. इन सभी मापदंडों में खरा उतरने वाला व्यक्ति ही पंचायत चुनाव लड़ने के योग्य माना जाएगा.

दरअसल हरियाणा सरकार के एक फैसले के खिलाफ हुई सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने यह अहम फैसला किया. न्यायालय ने स्पष्ट किया कि पंचायत चुनाव लड़ने के लिए कुछ प्रमुख बिन्दुओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए, जिससे साफ़ सुथरे छवि के लोग ही चुनाव में हिस्सा ले सकें.

सुप्रीम कोर्ट के अनुसार पंचायत चुनाव लड़ने के लिए निम्नलिखित बिन्दुओं पर ध्यान देना होगा.

 
1. जो व्यक्ति सामान्य श्रेणी (जनरल कैटेगरी) से सम्बन्ध रखता है, उसके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दसवीं पास होगा.
2. दलित और महिलाओं के लिए चुनाव लड़ने की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता आठवीं पास है.
3. किसी भी उम्मीदवार का बिजली का बिल या बैंक लोन बाकी नहीं होना चाहिए और
4. उम्मीदवार पर किसी गंभीर आरोप का चार्जशीट फाइल नहीं होनी चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट के इस नियम के लागू होते ही उम्मीदवारों की लिस्ट में भारी गिरावट आने की संभावना है. एक आंकड़े के मुताबिक न्यायलय के इस नए नियम के बाद लगभग 43 प्रतिशत उम्मीदवारों की संख्या खुद-ब-खुद कम हो जाएगी, क्योंकि ज़्यादातर पंचायत चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी इन मापदंडों पर खरे नहीं उतरते.

जाटों के हिंसक आंदोलन पर बोले विज, भीड़ से बात संभव नहीं

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हरियाणा में जाटों के हिंसक आंदोलन को मंत्री अनिल विज ने भीड़तंत्र की संज्ञा देते हुए कहा कि सरकार से बात करने के लिए उन्हें एक समिति गठित करनी चाहिए. सरकार इन मसलों पर भीड़ से बात तो कर नहीं सकती. मंत्री विज ने कहा कि आंदोलन वह होता है, जिसका कोई नियंत्रण होता है. यह भीड़ उग्र और अनियंत्रित है. भीड़तंत्र हावी है, सरकार बात किससे करेगी.

जाटों को आरक्षण दिए जाने के मुद्दे पर हरियाणा के मंत्री अनीज विज ने आज स्पष्ट कहा कि जटों को आरक्षण देने के लिए भाजपा सरकार प्रतिबद्ध है लेकिन वे बात भी करें तो किससे. ऐसे मामले में जाटों को अपने कुछ नेताओं को सरकार से बात करने के लिए भेजना चाहिए, जिससे इन मुद्दों पर चर्चा की जा सके.

गौरतलब है कि जाट अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) कोटा के तहत नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की मांग कर रहे हैं. खट्टर सरकार की ओर से हाल में दिए गए विशिष्ट पिछड़ा वर्ग कोटा को उन्होंने खारिज कर दिया.

अनिल विज ने कहा कि हमारी सरकार (राज्य/केंद्र) जाटों के आरक्षण के लिए तैयार है. अब इस विषय में फैसला जाटों के हाथ में है कि वे हमसे बात करना चाहते हैं या नहीं. अब बिना बैठे इस मसले पर हल तो निकलेगा नहीं.

उन्होंने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने जाटों और अन्य चार जातियों को विशिष्ट पिछड़ा वर्ग (एसबीसी) कोटा में शामिल किया था. लेकिन, बाद में इसे अदालतों ने खारिज कर दिया.

संसद और राष्ट्रपति भवन गुलामी के प्रतीक -आज़म खान

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उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खान ने हमेशा की तरह एक बार फिर विवादित बयान दिया है. इस बार तो आज़म ने हद ही पार कर दी. आज़म ने कहा कि देश का राष्ट्रपति भवन, संसद भवन और आगरा का ताज महल ये सभी गुलामी की निशानी है और इसे तत्काल गिरा दिया जाना चाहिए.

अपने बड़बोलेपन की वजह से हमेशा चर्चा में रहने वाले यु.पी. के सपा नेता आज़म खान ने बार फिर अजीबो-गरीब राग अलापा है. रामपुर में शनिवार को आज़म खान ने कहा कि ये सभी दासता की निशानी है, इसलिए इसे तुरंत गिया जाना चाहिए.

आज़म ने आगे कहा कि अगर ताज महल को गिराया जाता है तो विश्वास करिए इस कार्य में मैं सबसे आगे रहूँगा. इन सभी को गिराने के बाद अपने तरीके से नए भवनों का निर्माण करना चाहिए.

आज़म यहीं नहीं रुके, उन्होंने जेएनयू के छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के बारे में अपनी राय प्रकट की. उन्होंने कन्हैया को नादान कहते हुए कहा कि उसे बेवजह परेशान किया जा रहा है यह किसी भी लिहाज से ठीक नहीं है.

राजनाथ से मिले जाट नेता, मिल सकता है आरक्षण

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हरियाणा में जाट आरक्षण की वजह से हो रहा बवाल अब थमता नज़र आ रहा है. मामला आगे न बढे इसके लिए सरकार मसले को तत्काल हल करना चाहती है. इसी सन्दर्भ में शनिवार शाम संजीव बालियान समेत उत्तर प्रदेश और दिल्ली के करीब 50 जाट नेता केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिलने उनके घर पहुंचे. जाट नेता संजीव के मुताबिक़ सरकार आरक्षण मामले को हल करना चाहती है.

शनिवार शाम जाट प्रतिनिधि गृहमंत्री राजनाथ सिंह के घर पहुंचे. जिसके बाद से संभावना जताई जा रही है कि अब यह मुद्दा शांत हो सकता है. भारतीय जनता पार्टी ने अपने जाट नेताओं को भी बातचीत के काम में लगा दिया गया है. इसके अलावा बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी जाट नेताओं को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है.

इससे पहले, दिल्ली में केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता संजीव बलियान, ओपी धनकर, चौधरी बिरेंद्र सिंह, राम लाल और अमित जैन ने इस मसले को लेकर बैठक की है. संजीव बलियान ने आंदोलनकारियों से अपील की है कि वे अपने घरों को लौट जाएं और शांति बनाए रखें.

इस मसले पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्रीय मंत्री बिरेन्द्र सिंह ने कहा कि हरियाणा में आम जनमानस पूरी तरह से अस्त व्यस्त है. एक तरह से अराजकता का माहौल बना हुआ है, जो किसी के लिए भी ठीक नहीं है. यह देश और पार्टी दोनों के लिए चिंता का विषय है. सिंह ने कहा कि मैं जाट नेताओं से अपील और प्रार्थना करता हूँ कि वे इस मसले में आगे आकर सरकार की मदद करें. हालाँकि इस मामले में भाजपा के सभी जाट नेता आंदोलनकारियों से बातचीत में जुटे हैं.

जम्मू में सीआरपीएफ दस्ते पर हमला, 2 जवान शहीद

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जम्मू-कश्मीर में पंपोर के नज़दीक जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर आतंकवादियों ने सीआरपीएफ के दस्ते पर हमला कर दिया है, जिसमें 2 जवान के शहीद होने की खबर है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ इस हमले में सीआरपीएफ के 9 जवान घायल भी हो गए हैं.

जम्मू कश्मीर के जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर सीआरपीएफ के दस्ते पर आतंकवादियों ने हमला किया. जिस स्थान पर हमला हुआ है, वहीं पास के एक बिल्डिंग में 3 आतंकी भी घुस गए हैं. हालाँकि उस बिल्डिंग को सुरक्षाबलों ने चारों तरफ से घेर लिया है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ बिल्डिंग में फंसे लोगों निकाले जाने का ऑपरेशन जारी है.

ईडीआई बिल्डिंग में तलाशी जारी है. हालाँकि अभी तक फायरिंग करने वाले बंदूकधारियों की पहचान नहीं हो पाई है. घटना पंपोर (जम्मू-कश्मीर) के उद्यमिता विकास संस्थान के पास (ईडीआई) के पास की है. ईडीआई बिल्डिंग से 60 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि अभी भी 20 लोगों के बिल्डिंग के अंदर फंसे होने की खबर है. सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बिल्डिंग में अभी कई छात्र फंसे हुए हैं. उन्हें निकालने की कोशिश जारी है.