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Saturday, August 1, 2026
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ब्रुसेल्स में छाए मोदी, आतंकवाद को बताया वैश्विक समस्या

आनंद द्विवेदी
ब्रसेल्स में मोदी पूरी तैयारी के साथ भाषण देते नज़र आये. एक ओर जहाँ उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाई, वहीँ पिछली सरकार को आड़े हाथ भी लिया.
भ्रष्टाचार, आतंकवाद,अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर बोलते हुए पीएम मोदी ने हॉल में बैठे सभी आगंतुकों का भरपूर अभिवादन प्राप्त किया. पीएम मोदी ने आधार कार्ड से गैस सब्सिडी एकॉउंट होल्डर के खाते में सीधे भेजने का भी उल्लेख किया. किस प्रकार उनके उठाये क़दमों से प्रधानमंत्री जन धन योजना को कार्यान्वित किया गया. किस प्रकार यूरिया का उत्पादन नीम कोटिंग से किया गया.
मोदी ने तंज कसते हुए पिछली सरकार को आड़े हाथो लिया.  मोदी ने कहा कि,”अगर मोदी के खिलाफ कहीं जोर से आवाज़ आई है तो समझिये की मोदी ने कहीं चाबी टाइट की है.” आतंकवाद पर बोलते हुए पीएम ने कहा देश पिछले 40 वर्षों से आतंकवाद से जूझ रहा है. उन्होंने इसे वैश्विक समस्या बताते हुए सबको मिलकर इसे नियंत्रित करने की बात पर ज़ोर दिया.

असम में मोदी लहर, बंगाल में दीदी का डंका

AnandDwivedi@Navpravah.com
अगले सप्ताह पांच विधान सभाओं के चुनाव शुरू होने वाले हैं जिसके लिए तरह तरह के लोक लुभावन वायदों सब्ज़ बागों से लबरेज़ अलग अलग राजनीतिक दलों के नेतागण मंच से भाषण दे रहे हैं. अभी पार्टियाँ एड़ी चोटी का जोर लगाकर चुनाव प्रचारों में मशगूल हैं.  इन्हीं पांच राज्यों में से दो ऐसे प्रमुख राज्य पश्चिम बंगाल और असम भी हैं जिनमे प्रधानमंत्री प्रचार में कमरकस हिस्सा ले रहे हैं.

अलग अलग सर्वेक्षण एजेंसियां और मीडिया ग्रुप आगामी चुनावी लहरों की कयास भी लगा रहे हैं. सभी अपने सर्वे के मुताबिक़ किस राज्य में किस पार्टी की लहर होगी इसकी भविष्यवाणियाँ भी कर  रहे हैं. ऐसे ही एक सर्वेक्षण से सामने आया है कि एक ओर जहाँ असम की गोगोई सरकार को पीछे छोड़ते हुए बीजेपी अपना खाता खोल सकती है तो दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार एक बार फिर सरकार बना सकती है. २०११ के असम विधान सभा चुनाव में कांग्रेस ने 78 सीटें हथियाई थीं लेकिन बीजेपी को केवल 6 सीटों से ही संतोष करना पड़ा. BPF को 12 , AUDF को 18 और अन्य पार्टियों को 3 सीटें ही हासिल हुई थीं.

सर्वेक्षण ने इस बार पलटी मारते हुए कांग्रेस की झोली में केवल 36 सीटें, बीजेपी,AJP, BPF को जोड़कर 78 सीटे मिलने का दावा किया है. AUDF को सर्वे अनुसार 11  सीटें और  अन्य पार्टियों को भी 11 सीटें मिल सकती हैं.

एक्सपर्ट्स की मानें तो गोगोई सरकार के कामों और बंगलादेशी शरणार्थियों का मुद्दा इस चुनाव में बाजी पलट सकता है. लगभग 40% लोग गोगोई के कामों से संतुष्ट पाए गए तो 33% ने इसे औसत श्रेणी में रखा. 26% लोग इनके कामों से नाखुश मिले. असम के लिए UPA और NDA दोनों में से किसने बेहतर काम किये ये देखे जाने पर बहोत करीबी मामला दिखाई पड़ता है. 52% लोग बंगलादेशी शरणार्थियों के मुद्दे को चुनावी पलटवार की वजह भी मानते हैं. असम में 39 % लोगों ने गोगोई सरकार को अपनी पहली पसंद माना ,वहीँ सोनोवाल के समर्थन में 29% लोग ही नजर आये.

बात पश्चिम बंगाल की करें तो ममता बनर्जी सरकार के दोबारा बनने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं. 2011 के चुनावों में TMC ने 294 सीटों में से 184 पर अपनी जीत दर्ज की थी. इसी सर्वे के अनुसार इस बार भी पार्टी लगभग 178 सीटों पर कब्ज़ा बनाने में सफल रहेगी. लेफ्ट और कांग्रेस की खिचड़ी को 110 सीटें मिलने की उम्मीद है.  केन्द्रासीन बीजेपी को 1 सीट से ही संतोष करना पड़ सकता है. पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार से 58% लोग संतुष्ट नजर आये तो 37 % लोगों के हिसाब से ममता ने कुछ ख़ास काम नहीं किये. लोगों का मानना यह भी है कि शारदा चिटफंड घपले और रोज़ वैली काण्ड से ममता बनर्जी सरकार की छवि पर बुरा असर पड़ा है.

सीएम की कुर्सी पर 62% लोग ममता बनर्जी , 12 % लोग बुद्धदेब भट्टाचार्य तो 3% लोग रूपा गांगुली को देखना चाहते हैं. जब लोगों से पूछा गया कि क्या वो राहुल गांधी और बुद्धदेब भट्टाचार्य को एकसाथ रैली करते देखना चाहते हैं तो 43 % लोगों ने असमंजस व 38% लोगों ने स्वीकृति की स्थिति दर्ज कराई. 19% लोगों को ये सम्मेलन नागवार गुजरा.
एक निजी टीवी चैनल और सर्वेयर एजेंसी के द्वारा किया गया यह सर्वे 8 से 20 मार्च में पश्चिम बंगाल और 9 से 17 मार्च में असम में करवाया गया जिसमे पश्चिम बंगाल की 294 सीटों में से 118 पर ये सर्वे किया गया तथा असम की 126 में से 50 विधानसभा सीटों पर सर्वे किया गया. पश्चिम बंगाल में जहाँ 14450 तो असम में 6027 वोटर्स से आम राय ली गई है.

पत्रकारिता के नाम पर मात्र ‘दुकानदारी’, गणेश शंकर विद्यार्थी को भी भूले पत्रकार!

अनुज हनुमत

पिछले दिनों गणेश शंकर विद्यार्थी जी का बलिदान दिवस था. उस महान कलम के सिपाही का बलिदान दिवस, जिसने पत्रकारिता को एक मिशन मानकर समाज की उन्नति के लिए निरंतर काम किया. ऐसी शख्सियत को याद करने की जहमत किसी भी बड़े पत्रकार ने नही उठाई. वे भी नहीं जो आज के मौजूदा समय में खुद को तटस्थ विचारों का अगुवा मानते हैं. उन्होंने भी नही जो बाजारीकरण के इस दौर में पत्रकारिता को एक मिशन मानकर कार्य करने का राग अलापते हैं.

 

छोटे स्तर पर कुछ संगठनों द्वारा उनका बलिदान दिवस मनाया गया, पर वहां भी केवल खाना पूर्ति ही की गई. सारा ढकोसला फ़ोटो खिंचवाने से लेकर फेसबुक में अपलोड करने तक जारी रहा.

 

जिस व्यक्ति ने अपने छोटे से जीवन में ही समाज को एकता के सूत्र में पिरोने के लिए दिन रात एक कर दिए, आज उसे और उसके योगदान को याद करने के लिए किसी के पास पल भर का समय नहीं. ऐसे बहुत से लेखक हैं, जिन्हें मैं प्रतिदिन पढता हूँ जिनमे से कुछ स्थापित लेखक हैं और कुछ संघर्ष कर रहे लेखक. लेकिन किसी ने भी ‘विद्यार्थी’ के बलिदान को याद भी नहीं किया. सोशल साइट्स के बहुत से ‘स्ट्रीट लेखकों’ पर तो मुझे पक्का विश्वास था कि उनकी पोस्ट में गणेश शंकर विद्यार्थी जी के बलिदान का जिक्र होगा, पर उन्होंने भी इसे महत्वपूर्ण नही समझा.

 

अब प्रश्न ये उठता है कि आखिर अधिकांश लेखकों द्वारा, जिस व्यक्ति को लेखनी का पैमाना माना जाता है उसके योगदान को याद करने के लिए उनके पास पर्याप्त समय नहीं.

 

वर्तमान समय में पत्रकारिता पर भी बाजार खूब हावी हो गया है, जिसके कारण हमें केवल विज्ञापन ही देखने को मिल रहा है. जिसे हम आज कल समाचार मानकर देखते हैं. ये सब इसलिए भी चलन में आ गया है क्योंकि अधिकांश लोगों के द्वारा बिना किसी उद्देश्य को हाथ में लिये ही पत्रकारिता की कठिन डगर चुन ली जाती है. जो आगे चलकर ख़बरों की दलाली करते हैं और पत्रकारिता को शर्मसार करते है. ऐसे महापुरुषों को अगर हम ज़रा सा भी समय नहीं दे पाते हैं तो हमें किसी भी प्रकार के बदलाव की उम्मीद नहीं करनी चाहिए.

 

आज गणेश शंकर विद्यार्थी तो हमारे बीच नही हैं पर उनके बताये गए आदर्श व् सिद्धांत जरूर हमें मजबूती प्रदान करते हैं. वे अक्सर कहा करते थे कि समाज का हर नागरिक एक पत्रकार है, इसलिए उसे अपने नैतिक दायित्वों का निर्वाहन सदैव करना चाहिए. गणेश शंकर विद्यार्थी पत्रकारिता को एक मिशन मानते थे, पर आज के समय में पत्रकारिता मिशन नही बल्कि इसमें बाजार हावी हो गया है. जिसके कारण इसकी मौजूदा प्रासंगिकता खतरे में है. हम सूचना क्रांति के दौर में जी रहे हैं, जिसने पत्रकारिता के क्षेत्र में भी अमूल चूल परिवर्तन किया है. एक पत्रकार के ऊपर समाज की बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है, इसलिए इसे हमेशा सजग व सचेत रहना चाहिए.

यूपी पुलिस के हवलदार ने किया नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार

ब्यूरो लखनऊ
मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक और मामला सामने आया है. उत्तर प्रदेश पुलिस के एक और घिनौना चेहरा बेनकाब हुआ है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक मैनपुरी ज़िले के एक पुलिस हवलदार द्वारा एक नाबालिग लड़की के बलात्कार का मामला सामने आया है.
उत्तर प्रदेश पुलिस के एक हवलदार ने 14 साल की एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार कर आम जनता का प्रशासन पर से भरोसा उठाने वाला कुकृत्य अंजाम दिया है. सूत्रों के हवाले से पता चला है कि मात्र 14 साल की इस बच्ची के साथ इस हैवान ने होली के दिन बलात्कार किया था.
बताया जा रहा है कि राजेश यादव नामक इस हवलदार की शिकायत करने जब लड़की अपनी माँ के साथ थाने गई तो उसके साथ न्याय की जगह मामले को रफा दफा करने के लिए दबाव डाला गया. हवलदार ने उस समय भी लड़की और उसकी माँ को भद्दी गालियां दी.
हालाँकि जब यह खबर फैलने लगी तो एएसपी दिगंबर कुशवाहां के आदेश पर मामला दर्ज़ किया गया. मामला दर्ज़ होने के बाद आरोपी हवलदार को गिरफ्तार कर लिया गया है. जिस लड़की के साथ यह हैवानियत हुई है, उसका भरोसा अब पूरे प्रशासन तंत्र से ही उठ गया है. लड़की का पूरा परिवार सदमे में है.

वकील की भूमिका में लारा दत्ता

Entertainment Desk
फिल्म ‘फितूर’ में अपनी दमदार परफॉर्मेंस के बाद अभिनेत्री लारा दत्त एक बार फिर फिल्म “अज़हर” में एक अहम किरदार में नज़र आएँगी. इस फिल्म में लारा के किरदार का नाम है मीरा, जो एक सरकारी वकील है. लारा अपने किरदार के बारे में बताती हैं कि वे इस फिल्म में एक ऐसे वकील का किरदार निभा रही हैं जो निडर और बेबाक है, जो सच्चाई की लड़ाई लड़ती है.

लारा जो इस फिल्म में अज़हरुद्दीन को मैच फिक्सिंग के आरोप में दोषी साबित करने में लगी रहती हैं, अपने किरदार के बारे में लारा दत्ता ने कहा कि मेरे लिए यह किरदार बहुत ही चुनौतीपूर्ण रहा, क्योकि यह पूरी तरह फिक्शनल केरेक्टर है.

लारा ने अपने इस किरदार के लिए काफी मेहनत की है. वे अपनी एक दोस्त से मिली जो पेशे से वकील हैं, वे उनके साथ कुछ दिन रही, उनके काम करने के तरीके और हर बारीक़ से बारीक़ गतिविधियों को ध्यान से अनुसरण किया.

इस बारे में फिल्म के डायरेक्टर टोनी डिसूज़ा का कहना है कि लारा दत्ता के लुक और हावभाव इस किरदार के लिए बहुत ही सटीक थे. इसीलिए हमने उन्हें इस किरदार के लिए चुना, अपने किरदार को वास्तविक रूप देने के लिए लारा ने बहुत मेहनत की है. उन्होंने हर क़ानूनी दस्तावेजों सम्बंधित माध्यमों पर भी काफी ध्यान दिया है. लारा और टोनी इससे पहले हिंदी फिल्म ‘ब्लू’ में भी एक दूसरे के साथ काम कर चुके हैं.

इजिप्ट एयरलाइन्स का यात्री विमान हाईजैक, 4 विदेशी यात्री और क्रू सदस्य बंधक

Bureau@navpravah.com
एलेक्जेंड्रिआ से काहिरा की ओर यात्रा करने वाले MS181 विमान जोकि इजिप्ट एयरलाइन्स का यात्री विमान है और लगभग  60 यात्रियों के साथ उड़ान भर रहा था, को एक आतंकी द्वारा हाइजैक कर लिया गया है. अपने ट्विटर पर इस हाइजैक की पुष्टि इजिप्ट एयरलाइन्स द्वारा कर दिया गया है.

सूत्रों के अनुसार विमान को हाईजैक करने के बाद साइप्रेस के लरनाका एअरपोर्ट पर लैंड करवाया गया है. आतंकी हाइजैकर से बातचीत भी जारी है. इस आतंकी ने खुद को बमों से बाँध रखा है. अब तक की अपडेट्स के मुताबिक़ लगभग 25 से 30 यात्रियों को विमान से छोड़ा भी जा चुका है.

इजिप्ट सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने आतंकी के द्वारा 60 यात्रियों के बंधक बनाये जाने की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया की हाइजैकर एक सुसाइड बॉम्बर है. उसने विमान के पायलट को धमकी देकर लरनाका एअरपोर्ट पर लैंड करने पर मजबूर किया है.

इस घटना के बाद से ही साइप्रेस एंटी-टेरर पुलिस लरनाका एअरपोर्ट को घेर चुकी है लेकिन पुलिस को अब विमान से दूरी बनाये रखने के लिए कहा गया है.
सूत्रों के अनुसार विमान में सवार महिलाओं और बच्चों को हाईजैकर ने मुक्त कर दिया है. इजिप्त एयरलाइन्स ने हाइजैकर से बातचीत जारी रखी हुई है. विमान में केबिन-क्रू के मेम्बर्स के साथ अन्य विदेशी नागरिकों को भी बंधक बनाया गया है.

गुजरात : सीमावर्ती इलाके में सेटेलाइट सिग्नल से खलबली, अलर्ट जारी

Bureau@navpravah.com

गुजरात के कच्छ इलाके में कल रात सेटेलाइट फ़ोन के सिग्नल पकड़े जाने की वजह से सुरक्षा एजेंसियां सकते में आ गईं. सिग्नल पकड़े जाने की जानकरी जैसे ही एजेंसी को मिली, तत्काल जांच शुरू कर दी गई और इलाके में अलर्ट जारी कर दिया गया. प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ सेटेलाइट फोन से सीमा पर बात चल रही थी.

कच्छ के सीमावर्ती इलाके में सेटेलाइट फोन के सिग्नल ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी. बीती रात सुरक्षा एजेंसियों को खबर लगी की सीमावर्ती इलाके में सेटेलाइट फोन का सिग्नल है, जिसके ज़रिए सीमा पार बात की जा रही है. हालाँकि इलाके में है अलर्ट जारी कर दिया गया है. इस मसले में सुरक्षा एजेंसी कुछ भी बताने को तैयार नहीं है.

सूत्रों से यह तो पता चला है कि सीमावर्ती इलाके में इस तरह की घटना को अंजाम दिया जा रहा है लेकिन सेटेलाइट फोन के ज़रिए बात क्या हो रही थी, यह स्पष्ट नहीं हो सका है. जानकारी के मुताबिक़ लिसी फोन से सरहद पार तीन बार बात हुई.

फ़िलहाल सरहद के आस पास के इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है. इस मामले में इंटेलिजेंस ब्यूरो भी अपने स्तर पर जांच कर रहा है.

कांग्रेस में नेतृत्व क्षमता का अभाव -अरुण जेटली

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राजनीतिक अपरिपक्वता को लेकर राहुल गांधी किसी न किसी नेता के निशाने पर बने रहते हैं. इस बार उन्हें निशाना बनाया है केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने. राहुल की नेतृत्व क्षमता पर जेटली ने किया सवाल और कहा कि नेतृत्व क्षमता के ही अभाव में आज कांग्रेस ‘पुरानी गाड़ी’ हो चुकी है.

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ‘कांग्रेस’ की तुलना पुरानी पड़ चुकी गाड़ी से कर दिया. उनके इस बयान की कॉंग्रेसी काफी निंदा कर रहे हैं. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व के मामले में काफी कमज़ोर हो गई है, जिसकी वजह से कई राज्यों में देखा जा रहा है कि उनके नेता उनसे दूरी बन रहे हैं. ऐसे में कांग्रेस चाह कर भी कुछ कर नहीं पा रही है.

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने केरल, असम, अरूणाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे अनेक राज्यों में कांग्रेस की समस्याओं को गिनाते हुए कहा कि कांग्रेस के जनाधार में भारी कमी देखी जा रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन सब बातों पर बिलकुल ध्यान ही नहीं दे रही है और आगामी वर्ष में पंजाब में चुनाव होने वाले हैं लेकिन कांग्रेस पंजाब से भी दूर होती नज़र आ रही है.

जेटली ने यह भी कहा कि छोटे शहरों और गाँव से जुड़े कॉंग्रेसी इस बात को लेकर काफी दुखी देखे गए हैं कि उनके शीर्ष नेताओं तक उनकी पहुँच ही नहीं है. कार्यकर्ताओं और नेताओं का कांग्रेस से हो रहे पलायन की एक बड़ी वजह यह भी है.

पाकिस्तान से आई संयुक्त जांच टीम कल करेगी पठानकोट दौरा

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पंजाब के पठानकोट में वायुसेना स्टेशन पर हुए आतंकी हमले की जांच के सम्बन्ध में आज भारत और पकिस्तान के बीच औपचारिक बैठक शुरू हो गई है. पाकिस्तान से आई पांच सदस्यीय संयुक्त जांच टीम में से एक आईएसआई का अधिकारी भी है.

पठानकोट में हुए हमले की योजना पकिस्तान में बनी थी, इसकी पुष्टि और विस्तृत जांच के लिए पाकिस्तान से एक संयुक्त जांच टीम हिन्दुस्तान आई है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिन भारतीय एजेंसियों ने इस मामले की जांच की है, वे पाकिस्तान के अधिकारियों को इसकी जानकारी दे रहे हैं.

पाकिस्तान के इस पांच सदस्यीय जांच टीम का नेतृत्व पंजाब प्रांत (पाकिस्तान) के आतंकवाद रोधी विभाग के प्रमुख मोहम्मद ताहिर राय कर रहे हैं. इसके अलावा लाहौर के उपमहानिदेशक, खुफिया ब्यूरो, मोहम्मद अजीम अरशद, आईएसआई अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल तनवीर अहमद, सैन्य खुफिया अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल इरफान मिर्जा और गुजरांवाला सीटीडी जांच अधिकारी शाहिद तनवीर शामिल हैं.

जांच के सम्बन्ध में ही संयुक्त जांच टीम मंगलवार को पठानकोट जाएगी. गौरतलब है कि दो जनवरी को इस हमले को पाकिस्तान आधारित जैश ए मोहम्मद आतंकी समूह ने अंजाम दिया था जिसमें सात सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे. इस सम्बन्ध में तमाम सवाल- जवाब भी किए जाएंगे.

63वां राष्ट्रीय पुरस्कार, बिग बी और कंगना ने मारी बाज़ी

EntertainmentDesk@navpravah.com

63वें राष्ट्रीय पुरस्कार (नेशनल अवार्ड) की लिस्ट जारी कर दी गई है. इस बार का सर्वश्रेष्ठ फिल्म अभिनेता का पुरस्कार महानायक अमिताभ बच्चन के नाम रहा. वहीं सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का खिताब कंगना राणावत ने जीता. और इस बार के सर्वश्रेष्ठ निर्देशक रहे संजय लीला भंसाली.

63वें राष्ट्रीय पुरस्कार में भी महानायक अमिताभ बच्चन का जलवा बरकरार रहा. अमिताभ बच्चन को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार फिल्म पीकू में उनकी ज़बरदस्त अदाकारी के चलते दिया गया. वहीं अभिनेत्री कंगना राणावत को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार 2015 में रिलीज़ हुई उनकी फिल्म तनु वेड्स मनु रिटर्न्स के लिए दिया गया.

पिछले साल रिकॉर्ड तोड़ कमाई करने वाली फिल्म ‘बाहुबली’ को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का अवॉर्ड मिला है. 2015 के आखिरी महीने में रिलीज हुई फिल्म ‘बाजीराव मस्तानी’ के डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड मिला है. गौरतलब है कि इसके पहले भी हुए तमाम अवार्ड फ़ंक्शंस में बाजीराव मस्तानी अपना जलवा बिखेर चुकी है.

इन्हें मिला राष्ट्रीय पुरस्कार-

बेस्ट एक्टर- अमिताभ बच्चन फिल्म पीकू के लिए
बेस्ट एक्ट्रेस- कंगना राणावत तनु वेड्स मनु रिटर्न्स के लिए
बेस्ट फिल्म– बाहुबली द बिगिनिंग
बेस्ट डायरेक्टर- संजय लीला भंसाली फिल्म बाजीराव मस्तानी के लिए
बेस्ट डायलॉग/स्क्रीनप्ले- जूही चतुर्वेदी (पीकू) और हिमांशु शर्मा तनु वेड्स मनु रिटर्न्स के लिए
बेस्ट कोरियोग्राफर- रेमो डिसूज़ा (बाजीराव मस्तानी)