जम्मू कश्मीर के जदीबल पुलिस स्टेशन पर अज्ञात पुलिसधारियों द्वारा हमला किया गया है। दो पुलिस वालों के मारे जाने की खबर है, जबकि दो लोगों के ज़ख़्मी होने की खबर मिली है।
सूत्रों के मुताबिक शहर के पुराने इलाके जदीबल चौक पर पुलिस बल पर हमला करने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। यह एक आतंकवादी हमला माना जा रहा है। मौका-ए-वारदात पर अफरातफरी मची हुई है।
हमले के बाद पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। इलाके को पुलिस ने चारों तरफ से घेर लिया है, ताकि हमलावरों को पकड़ा जा सके। घायलों को तुरंत अस्पताल रवाना कर दिया गया है।
नाबालिग से बलात्कार के आरोप में जोधपुर की जेल में बंद आसाराम के खिलाफ चल रहे मामलों में कई गवाहों की हत्या हो चुकी है। अब जाकर इस बात का सनसनीखेज़ खुलासा हुआ है कि गवाहों की हत्या के लिए एके 47 राइफलें खरीदी गई थीं। इतना ही नहीं,एक महिला पुलिस अधिकारी की हत्या की भी साजिश रची गई थी। इसके लिए देश भर से आसाराम के भक्तों से 25 लाख का चंदा जमा किया गया था।
ये खुलासा शार्प शूटर कार्तिक हल्दर की गिरफ्तारी और उसके बयान से हुआ है। कार्तिक हलदर ने तीन गवाहों की हत्या की बात क़ुबूल की है। कार्तिक ने ये भी कबूला कि आसाराम को गिरफ्तार करके पूछताछ करने वाली भीलवाड़ा की डीएसपी चंचल मिश्रा को भी बम से उड़ाने की साजिश उसी ने रची थी।
गुजरात एटीएस ने कार्तिक हल्दर से पूछताछ में मिली जानकारी के बाद राजस्थान पुलिस को इस विषय में सूचित किया। डिटेक्शन ऑफ क्राइम ब्रांच अहमदाबाद ने हलदर का 30 पेज का स्टेटमेंट रिकॉर्ड किया है। इस पर पुलिस विभाग ने पुलिस उपाधिक्षक के पद पर तैनात चंचल मिश्रा की सुरक्षा बढ़ा दी है।
चंचल मिश्रा ने कहा, “मैंने वही किया जो एक बलात्कार के आरोपी के साथ किया जाना चाहिए। मुझे इन खोखली धमकियों की परवाह नहीं। मैं एक पुलिस अफसर हूँ और अपनी सुरक्षा करना जानती हूँ।”
भारत ने अंतरिक्ष में एक और कामयाबी हासिल कर ली है। आज सुबह इसरो ने श्रीहरिकोटा से देश के पहले स्वदेशी स्पेस शटल के स्केल मॉडल का परीक्षण किया, जो सफल रहा। इस शत-प्रतिशत स्वदेशी सफलता के बाद अब भारत भी अपना स्पेस शटल अंतरिक्ष में भेज सकेगा।
सुबह करीब 7 बजे इसरो ने श्रीहरिकोटा से देश के पहले स्वदेशी स्पेस शटल के स्केल मॉडल का परीक्षण किया। इस स्पेस शटल को एक रॉकेट के जरिए आवाज़ से पांच गुना ज्यादा गति के साथ अंतरिक्ष में भेजा गया। स्पेस शटल वापस लौट कर बंगाल की खाड़ी में एक वर्चुअल रनवे पर समुद्र में लैंड करेगा। अभी तक अमेरिका ही ऐसी तकनीक का सफलतापूर्वक इस्तेमाल करता रहा है। हालांकि अब अमेरिका की ओर से स्पेस शटल प्रोग्राम को बंद कर दिया गया है।
अमेरिकी अंतरिक्ष यान की तरह दिखने वाले डबल डेल्टा पंखों वाले यान को एक स्केल मॉडल के रूप में प्रयोग के लिए इस्तेमाल किया गया, जो अपने अंतिम संस्करण से करीब छह गुना छोटा है। 6.5 मीटर लंबे ‘विमान’ जैसे दिखने वाले यान का वजन 1.75 टन है। 600 इंजीनियर बीते पांच सालों से इस सपने को साकार करने में जुटे थे। ये भारत का स्पेस शटल यानी कि रियूजेबल लॉन्च व्हेकिल है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख किरण कुमार ने प्रायोगिक आरएलवी के महत्व को समझाते हुए कहा कि यह मूल रूप से अंतरिक्ष में बुनियादी संरचना के निर्माण का खर्च कम करने की दिशा में भारत द्वारा की जा रही एक कोशिश है। उन्होंने कहा कि अगर दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले रॉकेट वास्तविकता का रूप ले लें, तो अंतरिक्ष तक पहुंच का खर्च दस गुना कम हो सकता है। अभी तक केवल अमेरिका और रूस के ही स्पेस शटल सफल रहे हैं।
आरएलवी प्रौद्योगिकी प्रदर्शन (आरएलवी-टीडी) का मुख्य लक्ष्य पृथ्वी की कक्षा में उपग्रह पहुंचाना और फिर वायुमंडल में दोबारा प्रवेश करना है, यान को एक ठोस रॉकेट मोटर से ले जाया जाएगा।
आरएलवी-टीडी को दोबारा प्रयोग में लाए जा सकने वाले रॉकेट के विकास की दिशा में ‘एक बहुत प्रारंभिक कदम’ बताया जा रहा है। इसके अंतिम संस्करण के निर्माण में दस से 15 साल लगने की संभावना है। इसरो पहली बार पंखों वाले उड़ान यान का प्रक्षेपण कर रहा है। सरकार ने आरएलवी-टीडी परियोजना में 95 करोड़ का निवेश किया है।
ईरान के साथ निवेश व ऊर्जा संबंधों को मज़बूत बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन की यात्रा पर तेहरान पहुंच गए। सम्भावना जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री इस यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण फैसलों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। नरेंद्र मोदी गत 15 साल में ईरान की यात्रा पर जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं।
ईरान के मेहराबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर देश के वित्त व आर्थिक मामलों के मंत्री अली तायेबनिया ने मोदी का स्वागत किया। कुछ समय बाद मोदी भाई गंगा सिंह सभा गुरद्वारे पहुंचे। जहां वे भारतीय मूल के लोगों से भी मिले।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी के साथ मोदी की मुलाक़ात कल सुबह होनी है। इससे पहले मोदी का रस्मी स्वागत किया जाएगा। रूहानी प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में भोज भी आयोजित करेंगे।
यात्रा से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि उनकी इस खाड़ी देश की यात्रा का मकसद उसके साथ संपर्क, व्यापार, निवेश तथा उर्जा भागीदारी को मजबूत करना है। यात्रा से पहले ट्विटर पर संदेशों के जरिये स्पष्ट किया कि कनेक्टिविटी बढ़ाना, व्यापार, निवेश, ऊर्जा भागीदारी, संस्कृति तथा लोगों का लोगों के साथ संपर्क हमारी प्राथमिकता है।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया कि देश के सभी सूखाग्रस्त जिलों में मई-जून में छुट्टी के दिनों में सभी सरकारी विद्यालयों के बच्चों को मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था की जाये। जिसके बाद फ़ौरन यूपी सरकार हरकत में आई और सूखाग्रस्त जिलों के सभी बीएसए को इस बाबत योजना को तत्काल प्रभाव से जारी करने के आदेश जारी कर दिये। सभी सरकारी विद्यालयों में 20 मई से छुट्टी हो चुकी है और शाम तक ये आदेश भी उपरोक्त जिलों में आ गया और 21 तारीख से आदेश जारी भी हो गये हैं। लेकिन तमाम शिक्षक संगठनों द्वारा इसका विरोध भी शुरू हो गया है, जिसमें उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा अग्रणी भूमिका निभाई जा रही है।
संगठन का स्पष्ट तौर पर कहना है कि शिक्षकों का कार्य पढ़ाना है न कि खाना खिलाना। ये एक गैर शैक्षिणिक कार्य है और हाईकोर्ट ने भी कई बार आदेश जारी करते हुए कहा है कि शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य न करायें जाएं ।
उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ चित्रकूट जिले के जिलाध्यक्ष अखिलेश पाण्डेय का कहना है कि ये एक अव्यवहारिक निर्णय है क्योंकि 20 मई तक विद्यालय बंद हो चुके हैं और तमाम बच्चे बाहर चले जाते हैं। फिर इन छुट्टी के दिनों के दिनों में वो खाना खाने कैसे आएंगे। मिडडे मील योजना में जिले के 50% विद्यालयों में कन्वर्जन कॉस्ट नहीं है। खाद्यान्न भी माइनस में है।
वही दूसरी ओर बांदा बीएसए ने अपने आदेश में कहा है कि विद्यालयों में बच्चों के साथ साथ गाँव के असहायों, गरीबों को भी खिलाया जा सकता है।
चौंकाने वाली सच्चाई आई सामने-
इस बाबत हमने सच्चाई जानने के खातिर ग्राउंड जीरों पर पड़ताल की, जिसमें कई शिक्षकों ने बताया की अप्रैल -मई से बच्चों की संख्या वैसे भी बहुत कम हो गई थी। ऐसे में इस भीषण गर्मी में छुट्टी के दिनों में बच्चे बमुश्किल आएंगे। वैसे तहकीकात में एक और चौंकाने वाला सच सामने आया जिसमें अधिकांश शिक्षकों ने माना कि हमे अन्य प्रकार के इतने कार्य सौंप दिए जाते हैं कि बच्चों को पढ़ाने का समय ही नही मिल पाता। अब सरकार हमारी 40 दिनों की छुट्टी भी छीन रही है जो कि अव्यवहारिक है।
परिषदीय स्कूलों के रसोइयों ने भी सरकार के इस निर्णय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बड़ोखर ब्लॉक के रसोइयों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए गर्मियों की छुट्टियों में एमडीएम बनवाए जाने पर इन दिनों का मानदेय भी दिलाने की मांग की है। पहले से मई माह का भोजन बिना मानदेय के बनाती चली आ रही हैं।
नवोदित गीतकार पंडित सुनील ‘नवोदित’ का कहना है – राजनीति अब बन्द हो,वापस हो फरमान। गैरशैक्षणिक कार्य से,मिले मुक्ति का दान।।
क्षेत्र के अधिकांश शिक्षाविदों का कहना है, ‘सरकार चाहे तो ग्राम प्रधान/आंगनबाड़ियों आदि का सहयोग लेकर सूखाग्रस्त जिलों में अकेले बच्चों भर को नहीं, सभी भूखे, गरीब ग्रामीणों को भी भोजन की व्यवस्था कर सकती है, पर ये मतों को लुभाने का महज एक तुगलकी फरमान ही लग रहा है।
वैसे इस पूरे विवाद के बीच एक बार फिर सरकार की नीतियां संदेह के घेरे में हैं। खासकर सूखे से निपटने की सारी नीतियां फेल होती नजर आ रही हैं, ऐसे में सरकारों को कोशिश करनी चाहिए की जमीनी हकीकत को पढ़कर ही योजनाओं का सही दिशा में क्रियान्वयन करे नही तो आने वाले दिनों मे स्थिति और भी भयावह होगी।
प्रधानमंत्री मोदी आज अपनी दो दिवसीय ईरान यात्रा के लिए तेहरान के लिए रवाना होंगे। मोदी 22 और 23 मई को ईरान के दौरे पर होंगे। मोदी की यह पहली ईरान यात्रा है। इस यात्रा के दौरान ईरानी राष्ट्रपति रूहानी से द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और ग्लोबल मुद्दे पर चर्चा होगी। द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों पक्षों के बीच अहम समझौतें होंगे जिसके बाद दोनों नेता साझा प्रेस कांफ्रेन्स भी कर सकते हैं।
बातचीत में आतंकवाद, अफ़ग़ानिस्तान, साइबर सुरक्षा, तेल और दूसरे आर्थिक मुद्दों पर चर्चा होगी। आतंकवाद को लेकर दोनों देशों के बीच सहयोग और मजबूत किया जाएगा। खासकर अफगानिस्तान में भारत अपनी भूमिका में ईरान का खुलकर समर्थन चाहेगा। इसके बाद भारत, अफगानिस्तान और ईरान के बीच त्रिपक्षीय परिवहन और आवागमन कॉरिडोर से संबंधित समझौते पर हस्ताक्षर किये जाएंगे। पीएम मोदी के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य हाल में ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध हटने के बाद आर्थिक सहयोग को मजबूत बनाना है।
23 मई को उनकी मुलाकात ईरान के सुप्रीम नेता अयातुल्लाह खुमैनी से भी होगी। पीएम मोदी इसके बाद ईरान की राजधानी तेहरान में एक गुरुद्वारे का भी दौरा करेंगे और एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ‘इंडिया –ईरान टू ग्रेट सिविलाइजेशन’ का उद्घाटन करेंगे।
भारत चाबहार पोर्ट में भारी निवेश कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक भारत और ईरानी कंपनियों के बीच चाबहार पोर्ट, फेज 1 को बनाने और चलाने से संबंधित द्विपक्षीय समझौता किया जाएगा। भारत में कई कंपनियां है जो चाबहार एफटीजेड और ईरान रेलवेज में निवेश करना चाहती हैं और पीएम के इस दौरे से इसे बल मिलेगा। यही नहीं एक्जिम बैंक की तरफ से ईरान के लिए लाइन ऑफ क्रेडिट सम्बंधी समझौता भी किया जाएगा।
फिल्म ‘हाउसफुल 3’ जल्द ही रिलीज़ होने वाली है। फिल्म को साजिद और फरहाद ने निर्देशित किया है और निर्माता हैं साजिद नाडियाडवाला। फिल्म में मुख्य भूमिका में नज़र आएँगे अक्षय कुमार,अभिषेक बच्चन, रितेश देशमुख, नर्गिस फाकरी, जैकलीन फर्नांडीस और लिज़ा हेडन। यह फिल्म आगामी 3 जून को रिलीज़ होने वाली है। नवप्रवाह.कॉम ने इस फिल्म के विषय में खास बातचीत की अभिनेता अभिषेक बच्चन से। अभिषेक ने न केवल अपनी आगामी फिल्म ‘हाउसफुल 3’ के बारे में बात की बल्कि पनामा पेपर लीक और ऐश्वर्या राय बच्चन की कान्स फिल्म समारोह में चर्चित रही पर्पल लिपस्टिक के बारे में भी अपना स्पष्ट मत व्यक्त किया। पेश हैं बातचीत के कुछ खास अंश-
प्रश्न: कॉमेडी फिल्मों में भी अक्षय कुमार ने काफी नाम कमाया है, इस फिल्म में उनके साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?
अभिषेक: बहुत मज़ा आया। जब बात कॉमेडी की हो तो अक्षय और रितेश दोनों कमाल के अभिनेता हैं। इससे पहले मैंने कभी सिचुएशनल कॉमेडी फिल्म नहीं की थी। इसलिए इन दोनों के साथ काम करना बहुत ही बेहतरीन अनुभव रहा। अक्षय भैया बहुत केयरिंग हैं, तो हमेशा अच्छा ही लगता है। लगा ही नहीं कि काम किया, सेट पर भी बड़ा हेल्थी माहौल था।
प्रश्न: इस फिल्म को साइन करने की कुछ ख़ास वजह?
अभिषेक: मुझे फिल्म का कॉन्सेप्ट और स्टोरीलाइन पसंद आई। साजिद और फरहाद ने ही मेरी पिछली फिल्म बोलबच्चन (2012) की कहानी लिखी थी। जिस तरह से दोनों ने कहानी नैरेट की वो सुनकर मज़ा आ गया। इनके नैरेशन में एक ख़ास बात यह है कि एक बन्दा कहानी नैरेट करता है, तो दूसरा बगल में बैठकर साउंड इफ़ेक्ट देता रहता है। जब इन लोगों ने कहानी सुनाई तभी मुझे लगा कि यह फिल्म करनी चाहिए। ‘हाउसफुल 3’ सिचुएशनल कॉमेडी से लबालब फिल्म है, जो कि मैंने अपने करियर में अब तक नहीं की थी। इसलिए फ़िल्म का प्रस्ताव मैंने तुरंत स्वीकार कर लिया।
प्रश्न: खबर है कि ‘धूम 4’ का भी हिस्सा हैं आप, क्या कहेंगे आप?
अभिषेक: ‘धूम 4’ के विषय में अंतिम निर्णय तो आदित्य चोपड़ा ही लेंगे। फिलहाल मुझे प्रोडक्शन हाउस से कोई ऑफर नहीं आया है, अगर ऐसा कुछ होगा तो ज़रूर बताऊंगा। धूम 4 को लेकर जो भी बातें सुनाई दे रही होंगी आपको वह मात्र अफवाह है।
प्रश्न: पनामा पेपर लीक में बच्चन साहब का नाम आने से कैसा माहौल था घर में, आप क्या कहना चाहेंगे?
अभिषेक: अभी तक जनता के सामने पूरी जानकारी और सच्चाई नहीं आई है। हम जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। मामले की सच्चाई जनता को पता चल जाएगी तो सब साफ़ हो जाएगा।
प्रश्न: कान्स में ऐश्वर्या के पर्पल लिपस्टिक की सोशल सीट्स पर काफी चर्चा हुई, क्या कहेंगे ?
अभिषेक: ऐश्वर्या रेड कारपेट की अपनी हर प्रस्तुति में शानदार दिखीं। उनकी हर अपीयरेंस उत्कृष्ट रही और उनकी वो पर्पल लिपस्टिक भी। मुझे वह बहुत पसंद आई। और मैंने उनसे अपने भाव भी प्रकट किए।
प्रश्न: ऐसा अक्सर होता है कि इंसान ज़िंदगी में उलझ जाता है, ऐसे में आप अपनी दिक्कतें किससे साझा करते है?
अभिषेक: वैसे मैं माँ के भी बहुत करीब हूँ लेकिन पापा हमेशा मेरी समस्याओं का हल लिए सामने नज़र आते हैं। जब कभी भी परेशान होता हूँ तो उनके सामने जाकर बैठ जाता हूँ, उन्हें मेरी मनः स्थिति समझने और मुझे समझाने में ज़रा भी वक़्त नहीं लगता।
प्रश्न: बतौर निर्माता अपने आने वाले प्रोजेक्ट्स के विषय में बताइए।
अभिषेक: हमने अभी ‘पिंक’ नामक फिल्म की शूटिंग पूरी की है। पिछले साल हम ‘पीकू’ और ‘शमिताभ’ के सह निर्माता थे। एक और फिल्म की योजना हैं, जिसके बारे में अभी तक कुछ बता नहीं सकते।
पिछले कुछ वर्षों से अपनी सहयोगी पार्टी भाजपा से ख़फ़ा चल रही शिवसेना विधानसभा चुनावों में मोदी को जीत का श्रेय देने पर अप्रसन्न नज़र आ रही है। लगातार बीजेपी और पीएम मोदी पर हमला करती आ रही शिवसेना ने अबकी बार पीएम मोदी को फिर आड़े हाथ लिया है। अपने मुखपत्र ‘सामना’ में शिवसेना ने लिखा है कि ‘क्या ट्रंप-हिलेरी की जीत का श्रेय भी मोदी को देंगे?’
पांच राज्यों के चुनवी नतीजों के बाद सारा देश भाजपा और मोदी की बड़ी सफलता के राग अलाप रहा है, लेकिन शिवसेना भाजपा और मोदी,दोनों पर कटाक्ष के बाण चला रही है।
शिवसेना द्वारा सामना में कहा गया है कि इस चुनाव में स्थानीय नेतृत्व की जीत हुई है। उसे मोदी सरकार की दो साल की नीतियों की जीत से जोड़ना सरासर गलत है।
सामना में बीजेपी पर हमला करते हुए लिखा गया है कि कल को अमेरिका में ट्रंप या क्लिंटन की जीत होगी तो क्या उसे भी मोदी सरकार की नीतियों की जीत कहेंगे ?
आज केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 12 वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित किया। रिजल्ट तय समय से एक घंटा पहले सुबह 11 बजे ही घोषित कर दिया गया।
दिल्ली की सुकृति गुप्ता ने इस बार सीबीएसई में टॉप किया है। सुकृति ने 500 में से 497 अंक प्राप्त किए हैं। दूसरे पायदान पर कुरुक्षेत्र की पलक गोयल हैं और तीसरे स्थान पर करनाल की सौम्या उपल। अत्यंत रोमांचक और प्रसन्न करनेवाली बात यह है कि तीनों टॉप पोजीशन पानेवाली लड़कियाँ ही हैं।
इस बार कुल 83 फीसदी छात्रों ने सफलता हासिल की है।हमेशा की तरह इस बार भी लड़कियाँ लड़को से आगे हैं। जहां इस बार 88.58 फीसदी लड़कियाँ पास हुई हैं वहीं 78.85 फीसदी लड़के पास हुए हैं।
एक आधिकारिक वक्तव्य में कहा गया, ‘‘इस साल से सीबीएसई 12 वीं का डिजिटल अंकपत्र डिजिलॉकर में देगा। इसे www.digilocker.gov.in पर देखा जा सकता है। डिजिलॉकर एकाउन्ट का पता छात्रों को सीबीएसई के समक्ष दर्ज उनके मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा।’’
वक्तव्य के अनुसार, ‘‘नतीजे एंड्रायड मोबाइल ऐप ‘डिजिरिजल्ट्स’ के माध्यम से भी उपलब्ध होंगे। पिछले वर्ष की तरह बोर्ड आईवीआरएस के जरिए भी नतीजे का प्रसार करेगा।’’ दूसरे चरण की टेलीकाउन्सलिंग नतीजे की घोषणा के साथ ही शुरू हो जाएगी और चार जून 2016 तक चलेगी।
गौरतलब है कि सीबीएसई परीक्षा एक मार्च को शुरू हुई थी और 22 अप्रैल को समाप्त हुई थी। इस साल कुल 10 लाख 67 हजार 900 उम्मीदवारों ने 12 वीं कक्षा की परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति निवास व्हाइट हाउस के बाहर गोलीबारी से कल हड़कंप मच गया। गोली चलाने वाले शख्स को सुरक्षाबलों ने जवाबी फायरिंग कर जख्मी कर दिया है। वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस के बाहर गोलीबारी से अफरातफरी मच गई। करीब 20 साल का एक शख्स व्हाइट हाउस के बाहर मुख्य चेकपोस्ट पर पहुंचा और गोली चला दी। यूएस सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स ने तुरंत जवाबी फायरिंग कर हमलावर को ज़ख़्मी कर दिया। बुरी तरह घायल हमलावर को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत गंभीर है।
गोलीबारी की घटना व्हाइट हाउस के बाहर 17TH और E स्ट्रीट के पास उस सिक्योरिटी चेक प्वाइंट पर हुई, जहाँ से व्हाइट हाउस के साउथ लॉन का मुख्य गेट है। व्हाइट हाउस के साउथ लॉन परिसर में ही राष्ट्रपति ओबामा अपने परिवार के साथ रहते हैं और यहीं उनका दफ्तर भी है।
जिस वक्त गोलीबारी हुई, उस वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा मैरीलैंड में गोल्फ खेल रहे थे। उपराष्ट्रपति बाइडेन व्हाइट हाउस में ही थे। गोलीबारी के बाद कुछ देर के लिए व्हाइट हाउस को बंद कर दिया गया लेकिन अब उसे दोबारा खोल दिया गया है। गोलीबारी के बाद यूएस सीक्रेट एजेंट्स तुरंत उन्हें सुरक्षित जगह पर ले गए।
गोलीबारी की घटना के बाद व्हाइट हाउस के इर्द गिर्द चौकसी और बढ़ा दी गई है। चप्पे-चप्पे पर तलाशी ली जा रही है। हमलावर हथियार लेकर कैसे व्हाइट हाउस के मुख्य गेट तक पहुंच गया, इसकी जांच हो रही है।
अमेरिका के सुरक्षा अधिकारियों की तरफ से बताया गया है कि गोलीबारी में व्हाइट हाउस का कोई कर्मचारी या सुरक्षागार्ड घायल नहीं हुआ है। गोलीबारी की घटना के बाद व्हाइट हाउस घूमने आए सैलानी भी डरे हुए हैं।