28.1 C
Mumbai
Tuesday, August 4, 2026
Home Blog Page 1215

अंधेरी वेस्ट के मेडिकल स्टोर में लगी भीषण आग, एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत

शिखा पाण्डेय,

अंधेरी वेस्ट इलाके में स्थित वफ़ा मेडिकल स्टोर में आज सुबह आग लग गई, जिसमें आठ लोग मारे गए हैं। इस हादसे में एक युवक बुरी तरह से झुलस गया जिसे इलाज के लिए नजदीक के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

दरअसल यह आग अँधेरी वेस्ट के वफ़ा मेडिकल स्टोर में भोर में 5 बजे के करीब लगी। दाएं बाएं फैलने की बजाय आग ऊपर की ओर बढ़ी और उस मेडिकल स्टोर के ऊपर वाले मकान में रहने वाले 8 लोगों की मौत का सबब बन गई। आग की खबर के बाद दमकलकर्मी वहां पहुंचे जिन्हें आग पर काबू पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। मुंबई पुलिस के पीआरओ ने बताया कि शुरूआती जांच से यह पता चला है कि आग शॉट सर्किट से लगी है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

चश्मदीदों के मुताबिक आग लगने के बाद तुरंत दमकल दल को सूचित किया गया, मगर उन्हें घटना स्थल पर पहुँचने में करीब 15-20 मिनट लगे और तब तक आग काफी बढ़ गई और एक ही परिवार के 8 सदस्यों की दम घुटने से मौत हो गई। मरनेवालों में 2 महिलाएं, एक पुरुष और 5 बच्चे हैं, जिनमें सबसे छोटा बच्चा मात्र 3 महीने का और सबसे बड़ा 8 वर्ष का बताया जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी आज लेंगे मंत्रियों के काम काज का हिसाब

अमित द्विवेदी,

प्रधानमंत्री आज काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स के साथ बैठक करेंगे, जिसमें सभी मंत्रियों के काम काज का हिसाब लिया जाएगा। प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ सभी मंत्रियों को प्रदान किए गए एजेंडे के आधार पर उन्हें अपने काम काज का व्योरा देना होगा कि किसने कितना और कैसे काम को गतिं दी है। शाम को ६ बजे से शुरू होने वाली इस बैठक में मंत्री काम काज का प्रेजेंटेशन भी देंगे।

ख़बरें तो यह भी आ रही है कि आज की काउंसिल ऑफ़ मिनिस्टर्स के प्रेजेंटेशन के बाद प्रधानमंत्री तय करेंगे कि किसका काम कैसा रहा। वर्तमान में कैबिनेट विस्तार की बातें की जा रही है, ऐसे में यह भी संभव है कि मंत्रियों के प्रदर्शन के आधार पर ही उनके मंत्रालयों का निर्धारण हो सकता है। प्रधानमंत्री मोदी की नज़र उनके द्वारा दिए गए योजनाओं पर भी होगी कि मंत्रियों के क्रियान्वयन की क्या स्थिति है।

जानकारी के मुताबिक़ इस बैठक के बाद ही मंत्रियों के कैबिनेट विस्तार पर चर्चा की जाएगी। सूत्रों की मानें तो जिन मंत्रियों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं होगा, उन्हें किसी दूसरे मंत्रालय की भी ज़िम्मेदारी दी जा सकती है। अब देखना ये है कि किस मंत्री पर गाज गिरती है और कौन लाभान्वित होता है।

शास्त्री पर भड़के गांगुली, कहा- शास्त्री के लिए इंटरव्यू से ज़्यादा अहम छुट्टियां

शिखा पाण्डेय,

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और पूर्व टीम डायरेक्टर रवि शास्त्री के बीच शुरू हुई तकरार और बढ़ती जा रही है। गांगुली की अनुपस्थिति पर शास्त्री द्वारा उठाए सवाल का जवाब देते हुए अब गांगुली ने उलट खुद सवाल किया है कि आखिर इतने अहम इंटरव्यू के समय रवि शास्त्री खुद क्यों अनुपस्थित थे?

सौरव गांगुली ने कहा,” शास्त्री ने इसे व्यक्तिगत मामला बना दिया है। उनके बयानों से मुझे गहरा दुख हुआ है।” उन्होंने कहा,” शास्त्री को बैंकॉक में छुट्टी मनाने की बजाए इतने अहम इंटरव्यू के लिए मौजूद रहना चाहिए था। रही मेरी बात, तो ये पहले से ही निश्चित था कि जिस दिन कोच का चुनाव होगा, उस दिन मैं कैब वर्किंग कमेटी की मीटिंग में शामिल होउंगा।”

शास्त्री के सार्वजनिक टिप्पणी करने पर गांगुली ने कहा, “उन्हें थोड़ी परिपक्वता दिखानी चाहिए, विशेषकर जबकि वह दस वर्षों से भी अधिक समय से इस तरह की समितियों में हों। ” गांगुली यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा, “शास्त्री को अगर लगता है कि उनके टीम इंडिया का कोच न बन पाने के पीछे मेरा हाथ रहा है तो, मैं बता देना चाहता हूं कि वो ख्‍याली दुनिया में रह रहे हैं।”

कुंबले के भारतीय कोच के रुप में शुरुआत करने पर उन्होंने कहा, “मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूँ। जैसे मैंने कहा कि वह दुनिया में सर्वश्रेष्ठ है, वह भारतीय क्रिकेट का एक चैंपियन है और वह इस टीम को आगे ले जाएगा।”

कोच के इंटरव्यू में सौरव की अनुपस्थिति से नाराज़ शास्त्री-

गौरतलब है कि शास्त्री साक्षात्कार के दौरान छुट्टी मनाने बैंकॉक गए हुए थे और हेड कोच का इंटरव्यू वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दिया था। इंटरव्यू में बीसीसीआई के तीन सलाहकारों में से दो सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण तो उपस्थित थे, लेकिन सौरव गांगुली बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन की मीटिंग में व्यस्त होने के कारण नहीं आए थे। शास्त्री ने सौरव गांगुली को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि उन्होंने कोच का चयन करने की अपनी भूमिका और उन उम्मीद्वारों का अनादर किया जिनका वह साक्षात्कार कर रहे थे, जिसके जवाब में आज सौरव खुलकर सामने आए।

वहीं ट्रेनिंग कैंप के दौरान अनिल कुंबले से रवि शास्त्री और सौरव गांगुली के बीच चल रही तकरार पर सवाल किए गए, तो कुंबले ने खुद को इस मसले से दूर रखते हुए रवि शास्त्री को बेहतरीन टीम डायरेक्टर बताया, साथ ही कहा कि कोच कोई भी हो, लक्ष्य टीम इंडिया की बेहतरी ही होगा।

उत्तराखण्ड: एम्बुलेंस को कब्ज़े में लेकर तस्करी करने वाले धरे गए

नारायण सिंह ‘रघुवंशी’,

नशे के काले कारोबार में लिप्त तस्कर अब एंबुलेंस जैसी इमरजेंसी सेवा का उपयोग करने से भी नहीं चूक रहे हैं। तस्करी के लिए इस्तेमाल की जा रही ऐसी ही एक एंबुलेंस को कब्जे में लेकर पुलिस ने तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। तीनों तस्कर हल्द्वानी के हैं। उनके कब्जे से 5.8 ग्राम स्मैक बरामद हुई है।

सोमवार को यूपी बॉर्डर पर कोतवाली पुलिस के चेकिंग अभियान के दौरान एंबुलेंस में तस्करों के पकड़े जाने से पुलिस भी हैरत में है। हूटर बजाते हुए रामपुर की ओर से आ रही एंबुलेंस (यूके0जी-पीए0812) के भीतर बैठे लोगों की हरकतों पर संदेह हुआ तो पुलिस ने एंबुलेंस चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक एंबुलेंस को तेजी से भगा ले जाने की कोशिश करने लगा। पीछा कर पुलिस ने कुछ ही दूरी पर एंबुलेंस को रोक लिया। चेकिंग की गई तो उसमें मरीज और तीमारदारों की जगह तीन स्मैक तस्कर निकले।

बीमार बनकर लेटा हुआ था तस्कर-

इनमें से एक तस्कर बीमार बनकर लेटा हुआ था, दूसरा उसके साथ बैठा था और तीसरा एंबुलेंस चला रहा था। तीनों ही स्मैक के नशे में थे। पूछताछ में तस्करों ने अपना नाम पता पटेल चौक हल्द्वानी निवासी विशाल जोशी पुत्र प्रमोद जोशी, भोटियापड़ाव हल्द्वानी निवासी विक्की वाल्मीकि पुत्र छब्बू लाल और वारसी कॉलोनी हल्द्वानी निवासी इश्तियाक पुत्र हुसैन बताया।

तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 5.8 ग्राम स्मैक बरामद हुई। जिसकी कीमत 60 हजार से अधिक आंकी जा रही है। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए स्मैक तस्कर लंबे समय से एंबुलेंस के जरिये मादक पदार्थों की तस्करी कर रहे थे। वे बिलासपुर के शादाब नामक व्यापारी से स्मैक लेकर आ रहे थे। पकड़ने वाली पुलिस टीम में एसआई वीरेंद्र रमोला, एसआई विनोद फर्त्याल, कमलेश भट्ट, सिपाही मोहन रावत, जगदीश सिंह, दीवान सिंह, विजय कुमार, धर्मेंद्र कुमार आदि थे।

अन्ना ने कहा, अच्छा हुआ केजरीवाल से अलग हुआ नहीं तो मेरी भी दुर्दशा होती

प्रमुख संवाददाता

समाजसेवी अन्ना हजारे ने एक कार्यक्रम के दौरान खुद इस बात का खुलासा किया है कि उनके व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच रिश्ते अब खत्म हो चुके हैं। अन्ना ने कहा, “हम दोनों के रास्ते अलग-अलग हैं। अगर उनके खिलाफ सबूत मिले तो मैं उनके खिलाफ भी लडूंगा।” अन्ना ने यह भी कहा कि अच्छा हुआ कि मैं केजरीवाल से अलग हो गया नहीं तो मेरी भी दुर्दशा होती।

शशांक उदापुरकर के निर्देशन में अपने जीवन पर बन रही फिल्म ‘अन्ना’ के पोस्टर लॉन्च के मौके उन्होंने कहा,”यह बहुत अच्छा हुआ कि मैंने अरविंद का साथ छोड़ दिया, नहीं तो मेरी भी ऐसी ही दुर्दशा होती। अब मेरा अरविंद केजरीवाल से कोई रिश्ता नहीं है। मुझे नहीं पता क्या गलत है और क्या सही। लेकिन जब भी मैं अखबार में उसके बारे में पढ़ता हूं तो मुझे दुख होता है।”

जब अन्ना से दिल्ली में केजरीवाल सरकार पर लग रहे घोटाले के आरोप और आप विधायकों की बदसलूकी पर सवाल पूछा गया तो अन्ना ने कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया।हालाँकि  उन्होंने कहा कि पार्टी बनने के बाद जब केजरीवाल मेरे पास आए थे तभी मैंने कहा था कि अब तुम्हारा रास्ता अलग और मेरा रास्ता अलग है।

गौरतलब है कि साल 2011 में अन्ना आंदोलन के समय अरविंद केजरीवाल उनके सबसे खास सहयोगियों में से एक थे। बाद में अरविन्द केजरीवाल के राजनीति में पदार्पण के निर्णय से दोनों के रिश्तों में दूरियां आ गईं।

हैदराबाद में NIA की छापेमारी, ISIS के 11 आतंकी धरे गए

प्रमुख संवाददाता,

पुराने हैदराबाद के कई इलाकों में आज राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने छापा मारा। एजेंसी ने इस छापेमारी में ISIS के 11 आतंकवादियों को हिरासत में लिया। जानकारी के मुताबिक़ ये आतंकी शहर को तबाह करने की योजना बना रहे थे। इन आतंकियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद हुआ साथ ही 15 लाख रूपए कैश भी मिला।

वरिष्ठ खुफिया विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पुराने शहर के कई इलाकों में छापा मारा गया है, साथ ही उन जगहों की तलाशी ली जा रही है, जहाँ ये आतंकी दुर्घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। फिलहाल इन्हें हिरासत में ले लिया गया है और आगे की कार्यवाही शुरू कर दी गई है।

हालांकि हैदराबाद पुलिस के खुफिया विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक़ लगभग पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और गोला बारूद बरामद किया गया है। सूत्रों ने स्पष्ट किया कि, हमें यह पूरी तरह से नहीं पता है कि ये लोग (संदिग्ध) कौन हैं और ये किस समूह से जुड़े हैं। जांच एजेंसी इस सम्बन्ध में पड़ताल कर रही है।

स्वामी ने दिया मोदी को जवाब, कहा- मैं नहीं, प्रचार मेरे पीछे भागता है

शिखा पाण्डेय,

भाजपा के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘प्रचार’ वाली टिप्पणी के बाद आज उसका जवाब दिया है और साथ ही उन्हें ज़बरदस्ती प्रचार में लाने के लिए मीडिया को फटकार भी लगाई है।

भाजपा के सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने आज कहा कि वह प्रचार के पीछे नहीं भागते, बल्कि प्रचार उनके पीछे बेतहाशा भागता है। इस संदर्भ में उन्होंने अपने दरवाजे के बाहर खड़े बहुत से मीडियाकर्मियों का हवाला दिया।

उन्होंने उकसाने के लिए जान बूझकर झूठी खबरें छापने के लिए मीडिया को आड़े हाथों लेते हुए ट्वीट किया, “नई समस्या! जब प्रचार लगातार एक राजनीतिज्ञ के पीछे भागता है। 30 ओवी आपके घर के बाहर हैं। चैनलों और पैपराजी के 200 मिस काल्स।”

हर हाल में रहूँगा मोदी के साथ-

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, “प्रेस्टीट्यूट्स हर रोज जानबूझकर झूठी कहानियां बनाते हैं और यह उम्मीद करते हैं कि मैं उनके उकसावे में आकर जवाब दूंगा। हां, उन्हें ऐसी उम्मीद है।” स्वामी ने मोदी द्वारा फटकार के बावजूद कहा, “मैंने पहले भी कहा है और फिर कहता हूं। चाहे कितनी भी आफतें टूटें मैं मोदी के साथ हूं। मैं उनके हौसले की दाद देता हूं। कोई विदेशी ताकत उनको झुका नहीं सकती।”

दरअसल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वामी की कुछ टिप्पणियों को खारिज करते हुए इसे प्रचार पाने का हथकंडा बताया था। स्वामी आरबीआई के गवर्नर रघुराम राजन पर कई बड़े आरोप लगाकर शब्दों के बाण चलाते रहे और इसी झोंक में उन्होंने वित्त मंत्री अरुण जेटली को भी अपने निशाने पर ले लिया, जिसके बाद मोदी ने टाइम्स नाउ को दिए गए इंटरव्यू में उनके बयानों पर अपनी अप्रसन्नता जताई थी।

व्हाट्सएप बैन याचिका खारिज, SC ने कहा- ‘सुनवाई के लायक नहीं याचिका

अनुज हनुमत,

सुप्रीम कोर्ट ने व्हाट्सएप पर बैन लगाने से संबंधित याचिका बुधवार को खारिज कर दी। अदालत ने साफ किया कि यह याचिका सुनवाई के लायक नहीं है। ऐसे में यदि याचिकाकर्ता को जरूरी लगता है, तो वह केंद्र सरकार या टेलीकॉम डिस्प्युट्स सेटलमेंट एंड एपीलेट ट्रिब्यूनल (टीडीएसएटी) के पास जाए।

हरियाणा के सुधीर यादव ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर मांग की थी कि व्हाट्सएप, वाइबर, टेलीग्राम, हाइक और सिग्नल जैसे मैसेजिंग एप में एनक्रिप्शन सिस्टम लागू होने के बाद देश की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हो गया है। इससे आतंकवादियों और अपराधियों को मदद मिलती है। ऐसे में इन मैसेजिंग एप पर पाबंदी लगाने की जरूरत है।

साथ ही याचिका में व्हाट्सऐप के अलावा दूसरी भी कई ऐप्स का जिक्र किया गया था। याचिका में यह भी कहा गया था कि एन्क्रिप्शन को सुपर कंप्यूटर से भी इंटरसेप्ट नहीं किया जा सकता। इसलिए व्हाट्स ऐप, वाइबर, टेलीग्राम, हाइक और सिग्नल जैसे ऐप्स पर रोक लगाई जानी चाहिए।

सुधीर यादव का कहना है कि सुपर कंप्यूटर भी इन एनक्रिप्शन मैसेज को इंटरसेप्ट नहीं कर सकता है। 256 बाइट के इनक्रिप्टेड मैसेज को जानने में सैकड़ों साल लग जाते हैं। यहां तक कि सुरक्षा एजेंसियां भी इन मैसेज को डिकोड नहीं कर सकतीं। अगर खुद व्हाट्सएप भी चाहे तो वह भी इन संदेशों को उपलब्ध नहीं कर सकता है।

वहीं, व्हाट्सएप का कहना है कि एनक्रिप्शन मैसेज के बाद किसी के लिए भी यह संभव नहीं है कि वह दो लोगों के बीच अथवा ग्रुप के बीच की गई बात को जान सके।

‘रेप रिमार्क’ वाले बयान पर सलमान ने महिला आयोग को दिया जवाब, नहीं माँगी माफी

एंटरटेनमेंट डेस्क,

‘रेप रिमार्क’ वाले बयान पर सलमान खान ने राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा जारी नोटिस का जवाब तो दिया लेकिन माफी नहीं माँगी। दरअसल इस मसले पर महिला आयोग ने सलमान खान से स्पष्टीकरण माँगा था।

सलमान के व्राइवादित बयान के सम्बन्ध में राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रमुख ललिता कुमारमंगलम ने स्पष्ट किया कि, ‘अपने वकील के माध्‍यम से सलमान ने जवाब दिया है लेकिन उन्‍होंने माफी नहीं मांगी है। हम फिलहाल सलमान के भेजे गए जवाब का अध्ययन कर रहे हैं।’

हालाँकि सलमान के इस बयान के वाइरल होते ही उनके पिता सलमान खान ने माफी माँगी और कहा कि सलमान ने जो कहा वो गलत था लेकिन सलमान का इरादा गलत नहीं था।

गौरतलब है कि कुश्ती आधारित फिल्म ‘सुल्तान’ के लिए कड़ी ट्रेनिंग लेनेवाले अभिनेता ने एक इंटरव्यू में कहा कि फिल्म ‘सुल्तान’ के खास दृश्य की थका देनेवाली शूटिंग के बाद मैंने एक ‘रेप पीड़िता’ की तरह महसूस किया।

इस बयान के सोशल मीडिया में वाइरल हो जाने के बाद सलमान पर छीटाकशीं शुरू हो गई। जिसके बाद मामले को संज्ञान में लेते हुए महिला आयोग ने सलमान को स्पष्टीकरण के लिए नोटिस जारी कर दिया। इसी संदर्भ में सलमान ने एक अवार्ड फंक्शन में कहा था कि उनकी बातों का गलत मतलब निकाला जाता है, इसलिए अब वे कोशिश करेंगे कि कम बोलें।

बिग बॉस हाउस पहुँचे मनोज वाजपेयी

एंटरटेनमेंट डेस्क,

मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म “बुधिया सिंह बोर्न टू रन” के ट्रेलर को लोगों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है। सौमेंद्र पाधी द्वारा निर्देशित इस फिल्म में मनोज बाजपेयी कोच बिरंचि दास की भूमिका में नज़र आएंगे, और मास्टर मयूर बुधिया सिंह के किरदार  में दिखाई देंगे।

हालही में मनोज अपने फिल्म के प्रमोशन के सिलसिले में बांग्ला बिग बॉस के घर पहुंचे। ऐसा पहली बार हुआ है कि मनोज बाजपेयी किसी रियलिटी शो में अपनी फिल्म का प्रमोशन करने गए।

मनोज बाजपेयी का कहना है कि मेरे लिए बहुत ही बेतरीन अनुभव रहा है। बिगबॉस हॉउस मेरे लिए इतना एंटरटेनिंग होगा, मुझे तो इसकी उम्मीद ही नहीं थी कि बुधिया सिंह बोर्न टू रन यह फिल्म मेरे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है और मैं चाहता हूँ कि हर इंसान को इस फिल्म बारे में पता चले।”