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Tuesday, August 4, 2026
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NIA द्वारा गिरफ्तार संदिग्ध युवकों के हमदर्द बने ओवैसी, कहा- पार्टी युवकों की करेगी कानूनी मदद

प्रमुख संवाददाता,

नई दिल्ली। एमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा कुख्यात आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार युवकों को कानूनी मदद मुहैया कराएगी। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार युवकों के परिवार के सदस्यों ने उनसे मुलाकात की और दावा किया कि वे बेगुनाह हैं। ओवैसी ने कहा कि सभी गिरफ्तार युवकों के परिजनों से मिलने के बाद उन्हें भी लगता है कि वे युवक बेकसूर हैं और उन्हें फंसाया जा रहा है।

ओवैसी ने कहा कि उन्होंने एक सीनियर वकील से उन्हें कानूनी मदद मुहैया कराने के लिए कहा है। ओवैसी ने हैदराबाद के मक्का मस्जिद में रमजान के आखिरी शुक्रवार (जुम्मा-ए-अलविदा) को एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, “कल ये लड़के अगर दोषी नहीं पाए गए, तो उन्हें उनका जीवन कौन लौटाएगा? हम आतंकवाद का समर्थन नहीं करते। अगर कोई भारत पर हमला करता है, तो हम सामने खड़े होंगे।”

उन्होंने यह भी कहा कि क्या एनआईए यह लिखित में दे सकता है कि अगर ये युवक दोषी नहीं पाए गए तो वह संदिग्धों को गिरफ्तार करने वाले अधिकारियों को निलंबित करेगा। ओवैसी ने गाय के नाम पर कुछ राज्यों में हुई सामुदायिक झड़प रोकने के लिए पीएम मोदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह पर भी निशाना साधा। ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी आतंकवाद का समर्थन नहीं करती। उन्होंने कहा कि अल्लाह आईएस की मानसिकता को खत्म करें।

नहीं मिला माल्या की संपत्ति का खरीददार, फिर से होगी नीलामी

अभिजीत मिश्र,

बैंक लोन मामले में कोर्ट द्वारा भगोड़े करार दिए गए शराब कारोबारी विजय माल्या की संपत्ति बेच कर लोन वसूल करने की एक और कोशिश नाकाम रही।
कोर्ट ने उसके प्राइवेट जेट को नीलाम करने का आदेश दिया था, जिसका रिज़र्व मूल्य 152 करोड़ रखा गया था।

गुरुवार शाम को जेट की नीलामी के लिए इंटरनेट का सहारा लिया गया, जेट की ई-नीलामी की गई। मगर यूएई की एल्ना एयरो डिस्ट्रिब्यूशनल फाइनेंस होल्डिंग ने ही इसे खरीदने की रूचि दिखाई। इसने सर्विस टैक्स डिपार्टमेंट के एक अफसर ने बताया कि रिज़र्व मूल्य की तुलना में लगाई गई बोली मूल्य के एक फीसदी से भी कम थी। इसीलिए नीलामी को नामंज़ूर कर दिया गया था। खरीददार ने महज 1.9 करोड़ में इसे खरीदना चाहा था ।

अब दूसरे दौर की नीलामी करने की प्लानिंग हो रही है। सम्भवतः इसमें सम्पत्तियो के मूल्यों को थोड़ा कम किया जाए। यह विमान किंग फिशर एयरलाइन्स के बकाया 800 करोड़ रुपये वसूलने के लिए सीज़ किया गया था।

इससे पहले भी नीलामी की कोशिश विफल रही है। जिसमें किंगफ़िशर हाउस का मूल्य 367 करोड़ रखा गया था, जिसे खरीदने के लिए एक भी नीलामी लगाने वाला नहीं आया था।

ढाका के राजनयिक इलाके में घुसे ISIS आतंकी, 60 लोगों को बंधक बनाया, 4 मरे

अनुज हनुमत

नई दिल्ली। एक बार फिर आतंकवादियों ने अपना निशाना भीड़भाड़ वाले इलाके को बनाया है। ढाका के इस बेहद सुरक्षित डिप्लोमैटिक इलाके में मौजूद होली आर्टिसन बेकरी कैफे में 9 बंदूकधारियों ने 60 लोगों को बंधक बना लिया है। इनमें से 20 विदेशी हैं। इटली मूूल के एक दंपति की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। अभी तक 4 लोगों के मारे जाने की खबरें आ रही हैं।

ये स्थान विदेशी सैलानियों के बीच खासा लोकप्रिय है। आतंकियों ने इसलिए भी इस स्थान को चुना। रेस्टोरेंट के अंदर से रह-रहकर ग्रेनेड फटने और फायरिंग की आवाजें आ रही हैं। इस बीच बांग्लादेश सरकार ने आपात बैठक बुला ली है। बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने ट्विट कर बताया कि रेस्टोरेंट के बाहर 1 भारतीय भी खड़ा है। उसकी बेटी भी रेस्टोरेंट में बंधक है। बांग्लादेशी मीडिया से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इसमें 2 पुलिसकर्मियों समेत कुल 3 लोग घायल हुए हैं।  हालांकि अभी ये भी साफ नहीं हो सका है कि हमलावर की संख्या कितनी है और उनके पास कितना गोला बारूद है।

घटनास्थल के आसपास 34 देशों के दूतावास हैं। रात 8.45 बजे ये हमला किया गया है। फिलहाल इस हमले में किसी भारतीय के हताहत होने की खबरें नहीं हैं। भारतीय दूतावास के सभी लोग सुरक्षित हैं। सभी हमलावर तेजी से फायरिंग करते हुए रेस्टोरेंट में घुस गए। मौके पर रैपिड एक्शन फोर्स पहुंची है। जानकारी के मुताबिक़, रेस्टोरेंट में मौजूद आतंकियों से बातचीत करने की कोशिश की जा रही है। उनकी मांगें जानने की कोशिश की जा रही है।

ISIS ने ली हमले की जिम्मेदारी –

आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने अपनी समाचार एजेंसी अमाक के माध्यम से, इस हमले के करीब चार घंटे बाद इसकी जिम्मेदारी ली है। पुलिस ने कहा कि रेस्तरां के अंदर इतालवी, जापानी सहित कई विदेशियों और स्थानीय लोगों को बंधक बनाए जाने की आशंका है।

मोदी सरकार समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में, लॉ कमीशन से मांगी राय

प्रमुख संवाददाता

केंद्र सरकार ने समान नागरिक संहिता यानी की यूनिफॉर्म सिविल कोड के पक्ष में एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने लॉ कमीशन से समान नागरिक संहिता लागू करने के बारे में पड़ताल करने को कहा है। लॉ मिनिस्ट्री ने भी लॉ कमीशन से इस फैसले से जुड़े दस्तावेज की मांग की है। यूनिफॉर्म सिविल कोड, जिस पर अबतक राजनीतिक दलों में आम सहमति नहीं बन पाई, उस पर अब मौजूदा सरकार एक मत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। आजादी के इतने सालों के बाद ऐसा पहली बार हुआ जब किसी सरकार ने लॉ कमीशन से रिपोर्ट तलब की है।

समान नागरिक संहिता का मतलब देश के हर धर्म और हर संप्रदाय के पर्सलन लॉ एक समान होंगे। पर्सनल लॉ के तहत विवाह, तलाक, प्रॉपर्टी और वसीयत जैसे मामले आते हैं। फिलहाल देश में हिंदू और मुसलमान के लिए अलग-अलग पर्सनल लॉ हैं।

भारतीय जनता पार्टी हमेशा से इस कानून के पक्ष में रही है जबकि कांग्रेस इसका विरोध करती रही है। समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर सबसे बड़ा विवाद 1985 में शाह बानू केस से हआ था। सुप्रीम कोर्ट ने शाह बानू के पूर्व पति को गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था। इतना ही नहीं कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि पर्सनल लॉ में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होना चाहिए। लेकिन राजीव गांधी की सरकार ने संसद में विवादास्पद कानून पेश कर दिया जिसके बाद से यूनिफॉर्म सिविल कोड भारत की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बना।

अब मोदी सरकार यूनिफॉर्म सिविल कोड पर फैसले का मन बना रही है। आपको बता दें कि लॉ कमीशन की अगुवाई सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज बलबीर सिंह चौहान कर रहे हैं।

उत्तराखंड में बारिश का टूटा कहर, 30 लोगों की मौत, कई लोग मलबे की चपेट में।

ब्यूरो

उत्‍तराखंड में भारी बारिश से जनजीवन अस्‍त-व्‍यस्‍त हो गया है। पिथौरागढ़, चमोली और अन्‍य जगहों पर शुक्रवार तड़के भारी बारिश होने और बादल फटने से 30 लोगों की मौत हो गई। इतना ही नहीं, दर्जनों घर और कई लोग मलबे में दब गए। चार धाम यात्रा जगह जगह बाधित हुई है।

सरयू और मंदाकिनी समेत करीब 10 नदियां खतरे के निशान के आसपास बह रही हैं। अलकनंदा नदी तो खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। चमोली में बादल फटने की वजह से अलकनंदा का जलस्‍तर तेजी से बढ़ गया और खतरे के निशान से ऊपर चला गया है। इसके चलते निचले इलकों में बाढ़ की स्थिति उत्‍पन्‍न हो गई है। बागेश्वर में बारिश के चलते सरयू और गोमती का जलस्तर काफी बढ़ गया है।

कई इलाकों में बीते 24 घंटे से भारी बारिश जारी है। चमोली में बादल फटने से 9 लोगों की मौत हो गई है, वहीं पिथौरागढ़ में बादल फटने से 8 लोगों की मौत हुई है। 30 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। नदी पर जगह-जगह बने अस्थायी पुल बह गए हैं। दूसरी ओर, सूबे के आठ जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है।

पिथौरागढ़ में बारिश कहर बनकर बरसी। दर्जनों लोग अभी भी मलबे में दबे हुए हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है। पिथौरागढ़ जिले के सिंघली क्षेत्र में बादल फटने से 8 लोगों की मौत हुई और 25 अन्य लापता हो गए। वहीं गोपेश्वर जिले के सिरोन गांव में दो व्यक्ति और सिथेल गांव में एक व्यक्ति गीली मिट्टी के साथ बह गए तथा एक अन्य की मौत भारी बारिश की चपेट में आकर हो गई। सेना और अर्धसैनिक बलों के कर्मियों की मदद से चलाए जा रहे तलाशी अभियान के जरिए अन्य शव निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

वहीं, चमोली जिले के घाट विकासखंड में मंदाकनी नदी में बाढ़ आने से 7 लोग लापता हुए हैं। कई भवन बह गए हैं। कई मवेशी भी लापता बताए जा रहे हैं। 2013 में आई राज्य में भयंकर तबाही के दौरान भी यही इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए थे। गोपेश्वर के पास सिरो में 2 लोग मलबे में दबने से मर गए। डीएम ने यहां 4 लोगों के मरने की पुष्टि की है। हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

कई जगह पहाड़ों से पत्थरों के गिरने से लंबा जाम लग रहा है। देवप्रयाग के पास भूस्खलन हुआ है जिससे बद्रीनाथ-ऋषिकेश हाइवे को बंद कर दिया गया है। चार धाम यात्रा जगह जगह ठप है।

मौसम विभाग ने उत्तराखंड के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी दी है। यहां मौसम केंद्र द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में, नैनीताल, उधमसिंहनगर, चंपावत, अल्मोडा, पौडी, हरिद्वार, देहरादून और टिहरी जिलों में शुक्रवार सुबह से 72 घंटों के दौरान कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश तथा अन्य पांच जिलों में छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मौसम विभाग की इस चेतावनी के मद्देनजर संबंधित जिला प्रशासन को मुस्तैद रहने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

रवि शास्त्री ने आईसीसी क्रिकेट कमेटी से दिया इस्तीफा,नहीं बताया कारण।

शिखा पाण्डेय,

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व टीम डायरेक्टर रवि शास्त्री ने आज आईसीसी क्रिकेट कमेटी से इस्तीफा दे दिया है। शास्त्री मीडिया प्रतिनिधि के रूप में पिछले छह साल से इस समिति के सदस्य थे। वैसे तो उन्होंने अपने इस्तीफे के  कारण के बारे में कुछ नहीं बताया है, पर ऐसा माना जा रहा है कि बीसीसीआई द्वारा उन्हें नजरअंदाज कर अनिल कुंबले को टीम इंडिया का चीफ कोच नियुक्त किए जाने की वजह से उन्होंने ऐसा कदम उठाया है।

दरअसल शास्त्री पिछले काफी समय से यह पद छोड़ने के बारे में सोच रहे थे और उन्होंने आइसीसी चेयरमैन शशांक मनोहर को अपनी इच्छा से पहले ही अवगत करा दिया था। शास्त्री ने शशांक मनोहर को बता दिया था कि उन्होंने इस कमेटी में काफी समय बिता लिया है, इसलिए अब किसी और को उनकी जगह लिया जाना चाहिए। हालाँकि आइसीसी और बीसीसीआई के अधिकांश अधिकारी इस समय इडिनबर्ग में आइसीसी की वार्षिक कॉन्फ्रेंस में व्यस्त हैं, इसलिए वास्तविक कारण सामने नहीं आया है।

गौरतलब है कि पिछले दिनों टीम के कोच के लिए हुए इंटरव्यू को लेकर शास्त्री ने सौरभ गांगुली पर निशाना साधा था, जिसके बाद सौरव और शास्त्री के बीच ज़ुबानी जंग शुरू हो गई थी। गांगुली ने भी उन्हें इस पद के लिए गंभीर ना रहने का आरोप लगाते हुए मीडिया में बयान दिया था कि जिस वक्त कोच के पद के लिए  इंटरव्यू हो रहा था उस वक्त शास्त्री बैंकॉक में छुट्टियां मना रहे थे। दोनों के बीच की जुबानी जंग मीडिया के सुर्खियाें में रही और कई पूर्व क्रिकेटरों ने भी शास्त्री की आलोचना की थी।

सलमान पर टिप्पणी करने वाला मैं कौन होता हूँ -शाहरुख़ ख़ान

सौम्या केसरवानी

सलमान खान के रेप रिमार्क पर बॉलीवुड का हर कोई बोलने से बचता नज़र आ रहा है। ऐसे में बॉलीवुड के किंग ख़ान यानी शाहरुख़ ख़ान से जब सलमान के विवादित बयान पर टिप्पणी करने को कहा गया तो उन्होंने खुद को बचाते हुए कहा कि “मैं ख़ुद ही बहुत बोलता हूं। कई बार गलत भी बोल जाता हूं। ऐसे में खुद की बात करूं तो, सलमान के कमेंट पर कुछ भी कहने वाला मैं कौन होता हूं।

सलमान खान के विवादित रेप कमेंट पर जब शाहरुख से बात की गई तो कुछ नहीं बोले शाहरुख। उन्होंने कहा कि इस बात पर कुछ भी कहने के लिए वह सक्षम नहीं है। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, मैंने खुद भी कई ऐसे कमेंट किए हैं, जो मुझे नहीं करने चाहिए थे। ऐसे में मुझे नहीं लगता कि मुझे किसी और के कमेंट पर कोई फैसला देना चाहिए। ईमानदारी से कहा जाए तो इसमें किसी की साइड लेने वाली कोई बात नहीं है।

गौरतलब है कि सलमान पिछले कई दिनों से रेप रिमार्क वाले मसले को लेकर चर्चा में हैं। महाराष्ट्र महिला आयोग सलमान के स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं है, इसलिए आयोग ने सलमान को आयोग कार्यालय ने हाज़िर होने का निर्देश दिया है। लेकिन बॉलीवुड के सुल्तान इस मामले में झुकते नज़र नहीं आ रहे हैं।

पहला स्वदेशी लड़ाकू विमान ‘तेजस’ हुआ भारतीय वायु सेना में शामिल

शिखा पाण्डेय,

शुक्रवार को भारतीय वायु सेना में पहला स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस को शामिल कर लिया गया। इस लड़ाकू विमान की 1350 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ने की क्षमता है। जानकारी के मुताबिक़, तेजस में दुनिया के सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमानों को टक्कर देने की क्षमता है।

भारतीय वायु सेना में शामिल पहले स्वदेशी लड़ाकू विमान का निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड  ने किया है। भारत की ख्वाहिश थी कि वायु सेना में कोई स्वदेशी लड़ाकू विमान शामिल हो। तेजस के शामिल होते ही भारत जा यह 30 साल पुराना सपना भी साकार हो गया। तेजस की तुलना फ्रांस के ‘मिराज 2000’, अमेरिका के एफ-16 और स्वीडन के ग्रि‍पेन से की जा रही है।

222222फ्लाइंग ड्रैगर स्कॉव्ड्रन में फिलहाल दो तेजस होंगे और अगले साल मार्च तक छह और आ जायेंगे। इसके बाद और आठ तेजस इस स्कॉव्ड्रन में शामिल होंगे। वायु सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक़, दक्षिणी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन चीफ एयर मार्शल जसबीर वालिया की मौजूदगी में एयरक्राफ्ट सिस्टम टेस्टिंग एस्टेबलिशमेंट (एएसटीई) में एलसीए स्क्वाड्रन को शामिल किया गया।

सुब्रमण्यम का पारा चढ़ा, मोदी के ‘अच्छे दिन’ पर हमला

सौम्या केसरवानी,

भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  फटकार लगाई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामी को मनमाने बयान देने को लेकर फटकारा था। मगर स्वामी के कान पर जू तक नहीं रेंग रही है। अब सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ही वार कर दिया है। उनका कहना था कि अगर मैं इंडेक्स नंबर के सैमुअल्सन थ्योरी को आरबीआई इंटरेस्ट रेट पर लागू करूं तो मीडिया चिल्लाने लगेगी कि ये पार्टी विरोधी गतिविधी है।

इसका सीधा अर्थ यह हुआ कि उन्होंने पीएम मोदी के अच्छे दिनों की बात को लेकर विरोध किया है। सुब्रमण्यम स्वामी ने इस मामले में ट्वीट किया है कि देश में जीडीपी को लेकर जो सवाल किए जाते हैं, उससे पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार परेशानी में ही आएगी। दरअसल दो वर्ष के कार्यकाल के बाद केंद्र सरकार अपनी सफलताओं को गिनाने बैठती है। ऐसे में वे जीडीपी को ही प्राथमिकता देते हैं।

उल्लेखनीय है कि पाॅल सैमुअलसन ने इस मामले में काफी कुछ कहा है। वे एक अमेरिकी अर्थशास्त्री थे। हालांकि सरकार का कहना है कि अब भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। चौथी तिमाही में 7.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।

पीएम मोदी की सरकार ने भारत को विश्व की तेजी से बढती अर्थव्यवस्था कहा। राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी को पीएम मोदी ने भी काफी कुछ कहा था। उन्होंने कहा था कि पार्टी से बड़ा कोई भी नहीं है। जिसके बाद स्वामी ने ट्विटर के ज़रिए पीएम मोदी को ही जवाब दे दिया। उन्होंने कहा कि वे पब्लिसिटी के पीछे नहीं रहते बल्कि पब्लिसिटी उनके पीछे ही रहती है।

14 करोड़ किसानों को नज़रअंदाज़ कर रही सरकार, किसान बेहाल

सौम्या केसरवानी

मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद केंद्रीय कर्मचारी की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18 हजार रुपये हो जाएगी। उनके हाथ में करीब 20 हजार रुपये से ज्यादा ही आएंगे। जबकि यूपी में एक हेक्टेयर की जोत वाले किसान की औसत कमाई 1600 रुपये है, यानि केंद्र सरकार में चपरासी की कमाई किसान से करीब 13 गुना ज्यादा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों की मंजूरी दे दी गई। अब क्लास वन अधिकारी का शुरुआती वेतन 56,100 रुपए होगा। कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, “छठे वेतन आयोग के हिसाब से जो वेतन था हमने उसे 2.57 गुना बढ़ाया है। सिफारिशें एक जनवरी 2016 से लागू होगी। इससे सरकार पर सालाना 1.02 लाख करोड़ रुपए का भार आएगा।”

बढ़ोत्तरी के बाद भी संतुष्ट नहीं केंद्रीय कर्मचारी-

बढ़ोतरी को नाकाफ़ी बताते हुए नाराज 52 लाख केंद्रीय कर्मचारी हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं। उधर, नाराजगी और मायूसी देश के करोड़ों किसानों में भी है, उत्तर प्रदेश में छोटी जोत का किसान महीने का औसतन 1611 रुपए ही कमा पाता है। इस हिसाब से केंद्रीय सरकार के चपरासी की सैलरी भी किसान की आय से करीब 13 गुना ज्यादा है।

लखनऊ जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर उत्तर दिशा में बख्शी का तालाब तहसील के अकड़रिया कलां गाँव के किसान कन्हैया बताते हैं, “पिछले साल बारिश ने पकी फसल बर्बाद कर दी थी, इस बार सूखा मार गया। सिर्फ 10 कुंतल गेंहू हुआ है, जबकि होना कम से कम 20 चाहिए था।” वे बताते हैं कि 20-25 कुंतल गेहूं होते भी थे, लेकिन इधर दो सालों से सब बर्बाद हो रहा है।

कन्हैया बताते हैं, “एक एकड़ में जुताई, बीज, सिंचाई व कटाई तक करीब 12 हजार रुपये खर्च हुए। गेहूं का सरकारी मूल्य 1450 रुपये है, जबकि बाजार में 1300-1400 में बिक रहा है। अगर सरकारी रेट की भी बात करें तो 14,500 रुपये ही मिलेंगे। बचा क्या, वो आप खुद जोड़ लो।”  कन्हैया स्वयं और उनकी पत्नी व बच्चे यानि तीन किसानों ने इस फसल पर मेहनत की थी। इस हिसाब से एक महीने की एक किसान सदस्य की कमाई महज़ 1611 रुपए बनती है। यानि एक गेहूं किसान की तीन महीने की कमाई करीब 1600 रुपए वहीं इन तीन महीनों में 150 रुपए की दिहाड़ी पर भी एक मजदूर की कमाई 13,500 रुपए आती है। किसान की कमाई से कई गुना ज्यादा। अगर एक चपरासी की 20,000 रुपए प्रति महीने की कमाई से तुलना करें, तो यह किसान की कमाई से 13 गुना ज्यादा है।

उद्योगपतियों की होकर रह गई है सरकार-

बांदा जिले के प्रगतिशील किसान और ह्यूमेन ह्मेन एग्रेयिशन सेंटर, (किसान विद्यापीठ) के संस्थापक प्रेम सिंह (57 वर्ष) कहते हैं, “दरअसल देश की सोच ही किसान विरोधी है। अंग्रेजों ने किसानों के लिए जो दृष्टिकोण बनाया वही अब तक है। सालाना बजट में किसानों का बड़ा योगदान होने के बावजूद उन्हें वो तवज्जो नहीं मिलती।”

अपनी तर्क को और सरल करते हुए वो बताते हैं, “देश की सरकारें हमेशा उद्योगपतियों और सर्विस सेक्टर के साथ खड़ी नजर आती हैं। सर्विस सेक्टर को अच्छी सैलरी के साथ त्यौहारी और बोनस मिलता है। कारोबारियों को जमीन, रजिस्ट्री और तमाम करों में छूट दी जाती है। लेकिन किसान को क्या मिलता है।” देश में 14 करोड़ से ज्यादा किसान हैं। जबकि 70 फीसदी से ज्यादा आबादी आज भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर हैं।