नई दिल्ली। हिन्दुस्तान का स्वर्ग कहा जाने वाला कश्मीर इन दिनों हिंसा की आग में जल रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, घाटी में चल रही हिंसक झड़पों में अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 400 लोग घायल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर मामले पर समीक्षा के लिए पार्टी के वरिष्ठों की एक बैठक बुलाई है। ऐसे कठिन समय में रेलवे ने जम्मू से अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की घोषणा की है। जिससे कश्मीर में फंसे लोगो को निकाला जा सके।
हिंसा प्रभावित कश्मीर में कानून-व्यवस्था कंट्रोल करने के लिए सीआरपीएफ के 800 अतिरिक्त जवान भेजे गए हैं। आर्मी अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक हालात नहीं सुधरते, इंटरनेट सेवा चालू नहीं होगी। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी सहित कई नेताओं से मुलाकात की और जम्मू एवं कश्मीर के ताजा हालात पर चर्चा की।
देर शाम खबर आई कि श्रीनगर के नौहट्टा में लोगों ने सीआरपीएफ पर ग्रेनेड हमला किया, जिसमें 11 जवान जख्मी हो गए। घाटी के कुछ स्थानों में अधिक हिंसा के डर के बीच तीसरे दिन भी कर्फ्यू जारी है, जबकि सोमवार को सरकार ने अमरनाथ तीर्थयात्रा फिर से शुरू करने की मंजूरी दे दी जिससे यात्रियों ने चैन की साँस ली। गृह मंत्रालय के एक सूत्र ने बताया कि गृहमंत्री ने कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी, जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सहित कई नेताओं से कश्मीर मसले पर चर्चा की। गृहमंत्री ने ऐसा करते हुए कश्मीर घाटी में शांति कायम करने के उद्देश्य से सभी संबंधित पक्षों तक पहुंचने की कोशिश की है। गृहमंत्री ने सभी दलों से कश्मीर मसले पर एक स्वर में आवाज उठाने की अपील की। वहीं दूसरी ओर कश्मीर के विपक्षी दल के नेताओं के सुर अभी भी जहर ही उगल रहे हैं। जोकि भारतीय लोकतंत्र के लिए घातक है। पिछले दिनों उमर अब्दुल्ला ने जिस तरीके से वानी को युवा आइकॉन बताया था। उनके इस बयान की पूरे देश में जमकर आलोचना हुई थी ।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में 29 प्रदर्शनकारी और एक पुलिस वाहन का चालक शामिल है, जबकि पुलिस ने मृतकों की संख्या 23 बताई है। अनंतनाग, शोपियां, कुलगाम और पुलवामा जिलों में सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में ये मौतें हुई हैं।
हाल में ही मारे गए आतंकी बुरहान वानी की मौत से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने दुःख जताया है। आतंकी के मारे जाने पर उन्होंने भारत और भारत के सुरक्षा बलों की निंदा करते हुए उसे बेक़सूर कहते हुए सुरक्षा बल को उसकी मौत का दोषी ठहराया है। शरीफ को बुरहान की मौत से काफी धक्का लगा है।
शरीफ ने अपने बयान में बुरहान को कश्मीर का युवा नेता बोला है और कहा है कि सरकार लोगों पर जरूरत से ज्यादा बल का प्रयोग करती है, जो कि निंदनीय है। बुरहान और प्रदर्शनकारियों की सेना के द्वारा मार गिराए जाने में मुझे और पूरे पाकिस्तान को सदमा लगा है। बुरहान की मौत के बाद भड़के लोगों का नवाज़ ने समर्थन किया है।
अपने बयान में शरीफ ने यह भी कहा है कि जिन अलगाववादियों को हिरासत में लिया गया है, उनके मानवाधिकारों को ध्यान में रख कर काम करना चाहिए। गौरतलब है कि सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और मोहम्मद यासिन मलिक सहित अन्य अलगाववादी नेता या तो हिरासत में हैं या उन्हें नजरबंद किया गया है।
आतंकी के मारे जाने पर घाटी में अबतक का सबसे बड़ा प्रदर्शन हुआ है, जिसमें 26 लोगों की जान जा चुकी है और कई अमरनाथ यात्रा करने वाले यात्री 3 दिन से फंसे हुए है।
कश्मीर के आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद घाटी में हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है। बुरहान की मौत के बाद मातम से बिगड़े हालात के कारण आस पास के इलाकों का माहौल अभी भी तनावपूर्ण है। राज्य में बढती हिंसा की खबरें काफी चौकाने वाली हैं। दक्षिणी कश्मीर में इंडियन एयरफोर्स बेस को भी उपद्रवियों ने अपना निशाना बना लिया। करीब 500 प्रदर्शनकारियों ने एयर बेस में पथराव किया और जवानों पर भी हमला करने की कोशिश की।
इंडियन एयर फ़ोर्स की सुरक्षा कर्मियों और बीसएफ के जवानों ने स्तिथि पर नियंत्रण कर लिया। एयर बेस में हुए हमले में कोई भी नागरिक और जवान घायल नहीं हुए हैं। यह हमला रविवार की शाम को हुआ करीब 4 घंटो में सेना ने प्रदर्शन पर नियंत्रण पा लिया। कश्मीर में बढ़ती हिंसा के चलते अबतक 25 लोगों की मौत हो गई है और करीब 350 घायल हुए है।
अवंतीपुरा एक प्रमुख बेस है, जहाँ सेना के लड़ाकू विमान, ट्रांसपोर्ट और हेलिकॉप्टर्स को संचालित किया जाता है। अवंतीपुरा वही एयर बेस है, जिसने 2014 में आई बाढ़ के दौरान बाढ़ में फसे लोगों की मदद की थी। अब तक राज्य में ऐसा वाक़िया पहले कभी नहीं हुआ था।
मणिपुर की एक महिला के साथ दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर एक अधिकारी के दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। युवती से अधिकारी ने उसके भारतीयता पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि ‘क्या तुम इंडियन हो, लगती तो नहीं!’ अधिकारी के इस बात को जैसे ही युवती ने सोशल साइट पर डाला, वैसे ही मामला वाइरल हो गया।
अपने ही देश में शक्ल की वजह से भारतीयता साबित करने की बात को लेकर एक मणिपुरी लड़की आहात हुई। जिसके चलते उसने सोशल साइट पर अपने दोस्तों से राय माँगी की उसे ऐसे मसले में क्या करना चाहिए। घटना शनिवार रात 9 बजे टर्मिनल-3 की है। मोनिका, सोल जाने के लिए दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर पहुंची थीं। इस दौरान इमिग्रेशन डेस्क पर एक अफसर ने उनके साथ बदसलूकी की। मोनिका के मुताबिक, अधिकारी ने उनसे पूछा, ‘क्या तुम इंडियन हो, लगती तो नहीं, बोलो।’
सुषमा स्वराज ने माँगी माफ़ी-
घटना की जानकारी मिलने के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने युवती से ट्विटर पर माफी मांगी है और कार्रवाई का भरोसा दिया है। घटना से आहत युवती ने फेसबुक पोस्ट कर लोगों से सलाह मांगी है।
गौरतलब है कि हमेशा ही नॉर्थ ईस्ट के लोगों को भारत का अभिन्न हिस्सा समझा जाता है। ऐसे कई और मामले सामने आए हैं, जिसमें नॉर्थ ईस्ट भारतीयों के साथ बदसलूकी की गई है। दिल्ली में भी कई बार हमले हो चुके हैं, जिससे वो लोग बहुत ज़्यादा आहत है।
अपने विवादित टिप्पणियों के कारण इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक के ऊपर देश की कई जाँच एजेंसिया नज़र रखे हुए है। आज ज़ाकिर नाइक को सुबह 8 :10 की फ्लाइट से जेद्दाह से भारत आना था, मगर नाइक फ्लाइट में नहीं चढ़े। भारत के लिए जेद्दाह की दूसरी फ्लाइट 1:30 बजे की है ।
जाकिर ने उसके ऊपर लगाए गए आरोपों और सरकार द्वारा कराई जा रही जांच को ले कर मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी, मगर उसे आज रद्द कर दिया गया। बताया जा रहा है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस की अगली तारीख जल्द ही बता दी जाएगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द करने के पीछे ज़ाकिर का आज भारत न आ पाना ही माना जा रहा है।
इसी बीच भारत में ज़ाकिर नाइक के लिए मुसीबतें बढ़ती जा रही है। बांग्लादेश में हुए आतंकी हमलों में आतंकी जाकिर के भाषणों से प्रभावित थे, इसीलिए इस पूरे मामले में केंद्र एवं राज्य सरकार ने ज़ाकिर के तमाम भाषणों, उपदेशों और सोशल पैजेस की जांच की आदेश दिए है। मुम्बई पुलिस, इंटेलिजेंस ब्यूरो एवं तमाम जाँच एजेंसिया ज़ाकिर के भाषणों की फुटेज और सीडी कर जांच रही हैं और उसके सोशल साइट्स को खंगाल रही है।
बांग्लादेश में सरकार ने रविवार को जाकिर नाईक के विवादित पीस टीवी बांग्ला पर भी पाबन्दी लगा दी गई है। ढाका के आतंकियों के नाईक से प्रभावित होने पर ये कार्यवाही की गई है।
भारत का सिरमौर कहे जाने वाले कश्मीर की खूबसूरत धरती एक बार फिर हिंसा की आग में धधक उठी है। इस पाक धरती के दुश्मन कोई और नहीं, बल्कि इसी देश में रहने वाले अलगाववादी नेता और उनका साथ दे रहे हैं, मौकापरस्त घाटी के कुछ राजनेता । जिन्हें शायद अपनी माटी से कुछ खास प्रेम नही रह गया।
अभी हाल ही में हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी बुरहान वानी के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद पुलवामा, अनंतनाग और श्रीनगर समेत 10 जिलों में कर्फ्यू के बावजूद हिंसक विरोध प्रदर्शन जारी है। इस हिंसा में अब तक 200 पुलिसवालों के घायल होने की खबर है । सिक्युरिटी फोर्सेस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है। इस तनाव के कारण लगातार तीसरे दिन भी अमरनाथ यात्रा रुकी हुई है और बीच यात्रा में फ़ंसे यात्रियों को इंतजार है कि जल्दी ही सब ठीक हो और उन्हें सरकार से यात्रा शुरू करने की अनुमति मिल सके। न्यूज चैनल्स के अनुसार अलग-अलग जगहों पर करीब 20,000 श्रद्धालु फंसे हैं।
हिजबुल मुजाहिद्दीन के पोस्टर ब्वॉय और कमांडर बुरहान को शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस और राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों ने एक एनकाउंटर में मार गिराया था। जिसके बाद से हिंसा भड़क उठी। अगर हम बुरहान की बात करें तो 22 साल का बुरहान महज 15 साल की उम्र में ही आतंकी बन गया था। पिछले कुछ महीनों से बुरहान साउथ कश्मीर में बहुत सक्रिय था। उसने यहां के कई पढ़े-लिखे जवानों को बहला-फुसलाकर कर आतंकी बनाया था।जानकारों की मानें तो कश्मीरी जवानों को रिक्रूट करने के लिए वह फेसबुक-वॉट्सऐप पर वीडियो और फोटो पोस्ट करता था। इसके बाद वो हथियारों के साथ सिक्युरिटी फोर्सेस का मजाक उड़ाते हुए नजर आता था। वानी को भड़काऊ स्पीच देने और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने में एक्सपर्ट माना जाता था।
एक बात और गौर करने वाली है ,’कश्मीर की सबसे बड़ी बदक़िस्मती ये रही है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपने किरदार बदलते रहते हैं। जब मन आया बयान बदलकर पाला तक बदल देते हैं। अब उमर अब्दुल्ला को ही ले लीजिये, जिन्होंने आज अपने बयान से ये साबित कर दिया की वह भी कश्मीर में धधकी इस आग में अपनी राजनीतिक रोटी सेंकना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि, ‘बुरहान अपनी क़ब्र से युवाओं को चरमपंथ की ओर आकर्षित करेंगे, अब बुरहान युवा आइकॉन हैं। कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आज कहा कि राज्य के असंतुष्ट लोगों को हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के रूप में एक नया आदर्श मिल गया है। उन्होंने यह आशंका भी जताई कि बुरहान वानी ने सोशल मीडिया से जितनी संख्या में युवकों को आतंकवाद में शामिल होने के लिए आकर्षित किया था, उससे कहीं ज्यादा युवक उसकी मौत के बाद आतंकवाद की तरफ बढ़ सकते हैं।’
उमर ने ट्विटर पर लिखा, ‘मेरी बात याद रखिये, बुरहान की कब्र में जाने के बाद लोगों को आतंकवाद की तरफ आकर्षित करने की क्षमता उसके सोशल मीडिया पर इस दिशा में किए गए प्रयासों से कहीं ज्यादा होगी।’ नेशनल कांफ्रेंस के नेता ने कहा, ‘कई वर्षों के बाद, मैंने श्रीनगर में मेरे इलाके की मस्जिद से आजादी के नारे सुने। कश्मीर के असंतुष्ट लोगों को कल एक नया आदर्श मिल गया।’
एक बात तो है कि जो भी विपक्ष में होता है, वो कश्मीरियत की बात करता है लेकिन वास्तव में कहानी कुछ और ही होती है। अब मौजूदा मुख्यमंत्री जी को ही ले लीजिये। कल महबूबा विपक्ष में थीं, तब वो ऐसे बयान देती थीं, जो आज उमर दे रहे हैं। कहीं ये देश के विरुद्ध खेला जा रहा किसी प्रकार का खेल तो नही, जिसमे बारी बारी से ये क्षेत्रीय राजनैतिक दल अपना अपना दांव खेल रहे हैं, कही ये अलगाववादियों को छिपकर समर्थन तो नही कर रहे हैं? इसकी भी जाँच होनी चाहिए कि आखिर ऐसे सवेंदनशील मौके पर भी ये सभी दल अपनी दलगत राजनीती से ऊपर उठकर देशहित के विषय में क्यों नही सोंच पाते ?
वर्तमान में उमर अब्दुल्ला विपक्ष में हैं तो वो ऐसे बयान दे रहे हैं, जैसे बयान महबूबा देती थी। उधर केंद्र सरकार ने भी कड़े शब्दों में चेताया है कि किसी भी तरह के चरमपंथ से समझौता नहीं किया जा सकता । हालांकि राज्य सरकार ने हालात सामान्य करने के लिए सभी राजनीतिक पक्षों और अलगाववादियों से सहयोग मांगा है। उधर पाकिस्तान भी पहले की तरह ही है, उन्होंने भारत प्रशासित कश्मीर में ताज़ा हिंसा की निंदा की है। सब जानते हैं कि कश्मीर में माहौल बिगाड़ने के खातिर पाकिस्तान द्वारा अलगावादी ताकतों को लगातार धन मुहैया कराया जा रहा है, जिसका प्रयोग ऐसी ताकतें अशांति फ़ैलाने में करती हैं। कुछ भी हो पर ऐसे हालात से निपटने के लिए केंद्र की मोदी सरकार को अपना रवैया थोडा और बदलने की आवश्यकता है। कुछ कठिन और सटीक निर्णय लेने होंगे, तभी घाटी में पुनः शांति स्थापित हो पायेगी।
पटना। अपने मसालेदार वक्तव्यों के लिए हमेशा सुर्खियों में रहने वाले राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद ने सभी धर्मनिरपेक्ष शक्तियों के एकजुट होकर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने की जोरदार अपील करते हुए कहा कि वे इसको लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव को मनाने का प्रयास करेंगे। ईद मिलन को लेकर जमीअत उलेमा के पटना में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लालू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पार्टी की करारी हार के लिए सभी धर्मनिरपेक्ष दल एकजुट होकर चुनाव लड़ें।
लालू ने कहा कि सभी विपक्षी पार्टियों के साथ आने के बाद ही बीजेपी को हराया जा सकता है। इसके लिए वे अपने समधी (मुलायम सिंह यादव) को मनाएंगे। लालू यादव ने अपने ही अंदाज में कहा की टोपी पहनने से इंकार करने वाले प्रधानमंत्री ने दुबई मस्जिद भ्रमण के दौरान किससे मिले या क्या समझौता किया, इसका खुलासा वह आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा के दौरान करें। क्योंकि जनता को जवाब तो देना ही पड़ेगा ।
लालू ने आरएसएस पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि देश की आजादी में सभी समुदायों हिंदु, मुसलमान, सिख और ईसाई भाईयों का योगदान रहा है और उस समय ये लोग नहीं थे, जो आज हिंदू राष्ट्र की थोथी दलील दे रहे हैं। लालू ने कहा ऐसे लोग राष्ट्रीय तिरंगा को भी नहीं मानते और भगवा ध्वज फहराकर देश को भगवा राष्ट्र बनाना चाहते हैं।
लालू ने अपने भाषण के दौरान कहा कि स्वदेशी जागरण मंच के गोविंदाचार्य और रामबहादुर राय ने मौजूदा संविधान को बदलने को लेकर हाल ही में जो बयान दिया है, उससे उनकी मंशा नया संविधान बनाने के लिए वर्तमान संसद को संविधान में बदल देने की है। लालू यादव के ऐसे बेबाक बोल तो हमेशा ही सुनाई देते हैं, लेकिन आज उन्होंने जिस प्रकार अगामी यूपी चुनाव को फतह करने का मन्त्र दिया, उससे एक बात तो स्पष्ट है कि लालू बिहार में पार्टी को मिली धमाकेदार जीत का मन्त्र यूपी में भी फूंकना चाहते हैं ।
मिर्ज़ापुर, उ.प्र. के चील्ह थाना अंतर्गत गांव गहरवारि भीटी में पुस्तैनी कुएं के विवाद में दर्जन भर दबंगो ने लाठी डंडे से मारकर 4 महिलाओ व एक पुरुष समेत 5 लोगों को घायल कर दिया है। दबंगो ने महिलाओ से मोबाइल व मंगल सूत्र भी छीन लिया।
सूत्रों के मुताबिक पुस्तैनी कुएँ को लेकर गहरवारी भीटी गांव निवासी रामभजन उर्फ़ विष्णु पुत्र स्व. झग्गण विश्वकर्मा व बाबा यादव के परिवार से लगभग एक वर्ष से विवाद चला आ रहा है। मिली जानकारी के अनुसार २७ जून की सुबह 6 बजे के करीब 15 लोग राम भजन के कुएँ पर आ गए और उसमें लगा सबमर्शिबल पम्प निकाल कर बाहर फेंक दिया, जनरेटर व पानी की टंकी तोड़ डाली, कुएँ में कूड़ा डाल दिया गया। जिस पर राम भजन ने आपत्ति किया। इसी दौरान दबंगो ने रामभजन, पुत्र स्व. झग्गण, रामराजि पत्नी झग्गण, पुदीना पत्नी जुआल विश्वकर्मा, फुलपत्ति पत्नी पहपट विश्व कर्मा व राधा पुत्री स्व. जुआल को लाठी डंडे से मारकर घायल कर दिया।
पीड़ित के परिजनों का आरोप है कि सपा सरकार होने के नाते पुलिस यादव लोगों का कुछ भी नहीं कर रही है, जबकि पीड़ित बराबर चील्ह थाना प्रभारी से इस विषय पर शिकायत करते रहे है, लेकिन पुलिस द्वारा इस विषय पर कोई कार्यवाही नहीं की गई और बाबा यादव का गुंडाराज कायम है। गाँववालों से मिली जानकारी के अनुसार कुआँ रामभजन का ही है, पर पुलिस के बल पर दबंग मनमानी कर रहे हैं। इस सन्दर्भ में बाबा यादव परिवार व सम्बंधित पुलिस अधिकारी से बात करने की कोशिश की गई, पर बात न हो सकी।
सभी घायलो का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया। पीड़ित परिवार के अनुसार हमलावरों में बाबा यादव, छोटे यादव, गजाधर, दया, जगरनाथ, कन्हैयालाल आदि शामिल रहे।
फुटबॉल जगत के पितामह कहे जाने वाले ब्राजील के नामचीन फुटबालर पेले फिर एक बार शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार 75 वर्षीय पेले पिछले छह साल से अपनी प्रेमिका रही, 42 साल की मार्सिया सिबेले आओकी के साथ मंगलवार को विवाह करेंगे। यह उनकी तीसरी शादी होगी।
उन्होंने ओ एस्तादो डि साओ पाउलो समाचार पत्र से कहा कि इस बार उन्हें जीवनभर के लिये सच्चा प्यार मिल गया है। पेले और आओकी की मुलाकात आज से 36 साल पहले 1980 में न्यूयार्क में हुई थी। 2010 में साओ पाउलो में एक एलेवेटर पर फिर से मुलाकात के बाद वे एक दूसरे के करीब आये। आओकी एक व्यवसायी हैं। वह 2012 से तीन बार के विश्व चैंपियन पेले के साथ सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखती रही हैं। यही नहीं हाल के वर्षों में जब पेले को अस्पताल जाना पड़ा था, तब भी आओकी उनके साथ रहीं।
गौरतलब है कि पेले को दुनिया के महानतम फुटबालरों में से एक माना जाता है। उन्होंने अपने करियर में 1363 मैच खेले और 1281 गोल किये। इसमें से 91 गोल उन्होंने ब्राजील की तरफ से किये। पेले इससे पहले दो शादियाँ कर चुके हैं। उनकी पहली शादी रोसमेरी चोलबी से हुई थी जिनसे उनको तीन बच्चे हैं जबकि उनकी दूसरी शादी अभिनेत्री एसिरिया नासीमेंटो से हुई थी, इस शादी से भी पेले को दो बच्चे हैं।
देशद्रोह के आरोपी और जेएनयू के छात्र उमर खालिद ने अपने फेसबुक पेज पर भारतीय सैन्यशक्ति पर एक बार फिर कटाक्ष करते हुए, मृत आतंकवादी बुरहान वानी को शहीद साबित करने की कोशिश की है।
खालिद ने बुरहान की हिमायत करते हुए उसकी शख्सियत को वामपंथी क्रांतिकारी चे ग्वेरा से जोड़ दिया है। उल्लेखनीय है कि उमर ने जिस अर्नेस्तो चे ग्वेरा का जिक्र किया है। वे अर्जेन्टीना के मार्क्सवादी क्रांतिकारी थे और क्यूबा की क्रांति में मुख्य भूमिका निभाई थी। इनकी मृत्यु के बाद से इनका चेहरा दुनियाभर में सांस्कृतिक विरोध एवं वामपंथी गतिविधियों का प्रतीक बन गया।
उमर के फेसबुक पर पोस्ट किया , “चे ग्वेरा ने कहा था कि अगर मैं मारा भी जाऊं तो मुझे तब तक फर्क नहीं पड़ता जब तक कोई और मेरी बंदूक उठाकर गोलियां चलाता रहेगा।” उसने लिखा,” शायद यही शब्द बुरहान वानी के भी रहे होंगे। बुरहान मौत से नहीं डरता था, वो ऐसी जिंदगी से डरता था, जो बंदिश में जी जाए। उसने इसका विरोध किया। वो आज़ाद जिया और आज़ाद मरा। कश्मीर पर कब्ज़े का खात्मा हो। भारत, तुम उन लोगों को कैसे हराओगे, जिन्होंने अपने डर को हरा दिया है। हमेशा ताकतवर रहो बुरहान। कश्मीर के लोगों के साथ पूरी सहानुभूति। #FreeKashmir ।”
आपको याद दिला दें कि जेएनयू छात्र उमर खालिद पर 9 फरवरी की रात कैंपस में संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की बरसी मनाने के साथ ही उसके समर्थन और देश के विरोध में नारे लगाने के आरोप हैं। इसी मामले में छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार और अनिर्बान समेत 21 छात्रों के नाम जुड़े थे। फिलहाल उमर, कन्हैया व अनिर्बान को जमानत पर रिहा किया गया है।