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Thursday, August 6, 2026
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जो गाय को मारेगा, उसे ऊना के दलितों की तरह पीटा जाएगा – बीजेपी नेता

अनुज हनुमत,

नई दिल्ली। पूरे देश में इस समय ‘दलित’ और ‘गाय’ को लेकर जमकर राजनीति की जा रही है, जिसके तहत नेताओं के बड़बोले बयानों में कोई कमी नहीं आ रही है। ऐसा ही एक बयान हैदराबाद में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधायक टी राजा सिंह का सामने आया है। उन्होंने कहा कि जो भी गाय को मारेगा उसे उना के दलितों की तरह ही पीटा जाएगा।

टी राजा ने कहा कि हम ऐसे लोगों को अपने हाथों से सबक सिखाएंगे। टी राजा ने कहा कि वो गौ-रक्षा के लिए खुद काम करते हैं। बता दें कि गुजरात के सौराष्ट्र इलाके के गिर-सोमनाथ जिले के ऊना कस्बे में 11 जुलाई को चार दलित युवकों को गोकशी के आरोप में बुरी तरह पीटा गया था, जिसके बाद गुजरात में विभिन्न जगहों पर दलित समुदाय का गुस्सा फूट पड़ा और विरोध-प्रदर्शनों के दौरान कई लोगों की मौत और घायल हो गए थे।

दरअसल , दलित युवकों की पिटाई वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही, पूरे देश में दलित उत्पीड़न पर छिड़ी बहस और राज्य में फैली अशांति के बीच सीएम आनंदीबेन पटेल, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाज समेत कई नेताओं ने दलित युवकों के गांव पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात की। तो वहीं सदन में इस मुद्दे को बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने उठाया था। बरहाल ऐसे बयानों से किसी भी पार्टी को शायद ही फायदा होता हो लेकिन राजनीति का स्तर लगातार ख़राब होता जा रहा है ।

पुण्यतिथि विशेष: “तिलक की ‘लोकमान्य’ पत्रकारिता से कोसों दूर है मौजूदा भारतीय पत्रकारिता”

अनुज हनुमत,

जिन वीर सपूतों ने हमारे देश को स्वतन्त्रता दिलाने के लिए हँसते हँसते अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया। आज मौजूदा समय में हम उन्हीं अमर शहीदों के उद्देश्यों, सिद्धांतों और उनके देखे गए सपनों का प्रतिदिन गला घोंट रहे हैं। भारत में पत्रकारिता ने अपने उद्भव के साथ ही राष्ट्र के पुनर्जागरण में अपनी भूमिका का निर्वहन करना प्रारंभ कर दिया था।

विभिन्न क्रांतिकारियों ने भी पत्रकारिता के माध्यम से स्वदेशी, स्वराज्य एवं स्वाधीनता के विचारों को जनसामान्य तक पहुंचाने का कार्य किया। ऐसे लोगों में  ‘लोकमान्य’ बाल गंगा तिलक का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। आज इसी महान पुरुष की पुण्यतिथि है। तिलक का जन्म २३ जुलाई १८५६ को ब्रिटिश भारत में वर्तमान महाराष्ट्र स्थित रत्नागिरी जिले के एक गाँव चिखली में हुआ था। ये आधुनिक कॉलेज शिक्षा पाने वाली पहली भारतीय पीढ़ी में थे। इन्होंने कुछ समय तक स्कूल और कालेजों में गणित पढ़ाया।

अंग्रेजी शिक्षा के ये घोर आलोचक थे और मानते थे कि यह भारतीय सभ्यता के प्रति अनादर सिखाती है।
तिलक ने मराठी में मराठा दर्पण व केसरी नाम से दो दैनिक समाचार पत्र शुरू किए जो जनता में बहुत लोकप्रिय हुए।

लोकमान्य तिलक के स्वदेशी प्रेम और विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार की नीति से महात्मा गांधी बहुत प्रभावित थे। उन्होंने आगे चलकर तिलक के इस नीति का अपने सत्याग्रह में अनुसरण किया। महात्मा गांधी ने लोकमान्य तिलक के सम्बन्ध में कहा है कि, “तिलक-गीता का पूर्वाद्ध है ‘स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है’, और उसका उत्तरार्द्ध है ‘स्वदेशी हमारा जन्मसिद्ध कर्तव्य है’।

स्वदेशी को लोकमान्य बहिष्कार से भी ऊंचा स्थान देते थे।” तिलक की पत्रकारिता राष्ट्रीयता से ओतप्रोत थी। राष्ट्रहित के सिवा उनकी पत्रकारिता का कोई उद्देश्य नहीं था। पर स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद आज पत्रकारिता का हेतु, उद्देश्य और स्वरुप भी बदल सा गया है। आज की पत्रकारिता तथ्य और सत्य से अधिक जनता को भ्रम में डालकर उन्हें बरगलाने का काम करती है।

पत्रकारिता आज देशहित से अधिक लाभार्जन और अपना रौब झाड़ने का साधन बन गया है, यह आज किसी से छिपा नहीं है। ऐसे में तिलक की ‘लोकमान्य’ पत्रकारिता से वर्तमान पत्रकारों और समाचार पत्रों के मालिकों को प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।

भारतीय पत्रकारिता का मुख्य कार्य जन भावना में राष्ट्रहित सर्वोपरि की भावना को जगाना होना चाहिए। साथ ही जन-जीवन से जुड़े विभिन्न पक्षों को सत्यता तथा निष्पक्षता से रखना अनिवार्य आवश्यकता है। आज मौजूदा समय में ऐसी ही पत्रकारिता की आवश्यकता है।

लोकमान्य तिलक क्रांतिधर्मी पत्रकार थे। जिन्होंने पत्रकारिता और स्वाधीनता तथा स्वदेशी के आंदोलन को एक-दूसरे के पूरक के रूप में विकसित किया था। लोकमान्य तिलक पत्रकारिता जगत के लिए प्रेरणापुंज हैं, जिन्होंने पत्रकारिता को अपने उद्देश्यों की प्राप्ति एवं जनसेवा के एक प्रमुख उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया।

आज ही के दिन 1 अगस्त, 1920 को लोकमान्य तिलक का अचानक देहांत हो गया था। आज ही के दिन भारत माता का एक और अमर सपूत हमें छोड़ चला गया था, लेकिन लोकमान्य तिलक आज भी उतने ही प्रासंगिक है।  उन्होंने पत्रकारिता जगत में राष्ट्रीय मूल्यों को स्थापित करने के लिए जिस साहस, संघर्ष और बुद्धिमत्ता का प्रदर्शन किया था, उनकी जरूरत आज भी महसूस होती है।

आज की मौजूदा पत्रकारिता तिलक की ‘लोकमान्य’ पत्रकारिता से कोसों दूर नज़र आती है। अगर हमें आज भी पत्रकारिता को उतना ही प्रासंगिक और जीवन्त बनाये रखना है, तो हमें लोकमान्य तिलक के उन्हीं सिद्धांतों और आदर्शों को शामिल करना होगा। भारत माता के इस अमर सपूत और ओजस्वी पत्रकार पर समूचे देश को गर्व है। भारतीय पत्रकारिता लोकमान्य तिलक की ‘ओजस्वी पत्रकारिता’ का हमेशा ऋणी रहेगा।

बिना पैराशूट 25000 फीट की ऊंचाई से कूदा शख्स, बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

अब्दुल फ़हद,

अमेरिका के जाने-माने स्काईडाइव ड्राईवर ल्यूक एकिंस 25,000 फीट की ऊंचाई से बिना किसी पैराशूट के छलांग कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना लिया है। एवरेस्ट जितनी ऊंचाई से जमीन पर छलांग कर वर्ल्ड रिकॉर्ड से 73 गुना ऊंची छलांग लगाने का कारनामा ल्यूक एकिंस ने अपने नाम कर लिया है।

यह अनोखा कारनामा ल्यूक एकिंस ने अमेरिका के कैलिफोर्निया में किया। ल्यूक पूरी 25,000 फीट की उंचाई यानी कि माउंट एवरेस्ट जितनी उंचाई से बिना किसी सहारे के कूदे। इस अद्भुत नज़ारे का पूरी दुनिया में टेलीकास्ट किया गया।

बता दें कि वह जब ये अनोखा रिकॉर्ड बना रहे थे, तो बार-बार नीचे सलाह दी जा रही थी, जिसमें इस स्टंट को न दोहराने की अपील की गई। ऐसी कठिन और हैरतअंगेज छलांग अब तक किसी ने नहीं लगाई है। ल्यूक एकिंस एक स्टंट मैन हैं। लेकिन इतनी ज्यादा, 25,000 फीट ऊंचाई का स्टंट उन्होंने पहली बार किया है

मैंने किसी को निशाना नहीं बनाया,केवल अशांति के खिलाफ हूँ-रक्षामंत्री

असहिष्णुता मामले में अभिनेता आमिर खान पर परोक्ष रूप से टिप्पणी करने पर हुए विवाद के बाद, रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति विशेष को निशाना नहीं बनाया। वे केवल‘अशांति’ के खिलाफ हैं।

पर्रिकर ने कहा कि वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उन्हें लगता है कि देश सर्वोपरि है। उन्होंने संवाददाताओं से स्पष्टीकरण देते हुए कहा, “मैंने किसी का नाम नहीं लिया। मैंने कहा था कि जो लोग देश का सम्मान नहीं करते, उनका विरोध करना चाहिए। मैं उपद्रव का विरोध करता हूं। ऐसे लोगों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना चाहिए।”

उल्लेखनीय है कि पुणे में शनिवार को संवाददाताओं को संबोधित कर रहे वरिष्ठ भाजपा नेता ने आमिर पर परोक्ष तौर पर कटाक्ष किया था क्योंकि आमिर ने पूर्व में ‘देश में बढ़ती असहिष्णुता’ को लेकर ‘चिंता’ जाहिर की थी। पर्रिकर ने कहा था कि एक अभिनेता ने कहा था कि उनकी पत्नी भारत से बाहर रहना चाहती हैं। यह एक अहंकार भरा बयान था। अगर मैं गरीब हूं और मेरा मकान छोटा है तो क्या हुआ। मुझे अपने देश से प्यार करना है और हमेशा अपने छोटे मकान को बंगला बनाने का सपना देखना है।

दंगाइयो ने लगाये पोस्टर, लिखा- स्कूटी वाली लड़कियों को जिंदा जला देंगे

अब्दुल फ़हद,

आतंकी बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद से ही घाटी के हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। इसी बीच रविवार को अचानक श्रीनगर के सिटी सेंटर पर लगाए गए एक पोस्टर ने माहौल के तनाव में और भी इजाफा कर दिया है।

संगबाज एसोसिएशन द्वारा लगाए गए इस पोस्टर में लड़कियों को धमकी दी गई है। पोस्टर में लड़कियों को दोपहिया वाहनों की सवारी नहीं करने की धमकी दी गई है, अन्यथा उन्हें वाहन के साथ जिंदा जला दिया जाएगा।

पोस्टर में कहा गया है, हम सभी लड़कियों से अनुरोध करते हैं कि वह स्कूटी का इस्तेमाल नहीं करें। अगर हम किसी भी लड़की को देखेंगे कि वह स्कूटी चला रही है, तो हम स्कूटी के साथ-साथ लड़की को जला देंगे। यह पोस्टर श्रीनगर सिटी सेंटर पर चिपकाया गया है।

किसी पर निशाना नहीं बनाया, बस ‘अशांति’ के खिलाफ हूँ – मनोहर पर्रिकर

शिखा पाण्डेय,

असहिष्णुता मामले में अभिनेता आमिर खान पर परोक्ष रूप से टिप्पणी करने पर हुए विवाद के बाद, रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति विशेष को निशाना नहीं बनाया। वे केवल ‘अशांति’ के खिलाफ हैं।

पर्रिकर ने कहा कि वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उन्हें लगता है कि देश सर्वोपरि है। उन्होंने संवाददाताओं से स्पष्टीकरण देते हुए कहा, “मैंने किसी का नाम नहीं लिया। मैंने कहा था कि जो लोग देश का सम्मान नहीं करते, उनका विरोध करना चाहिए। मैं उपद्रव का विरोध करता हूं। ऐसे लोगों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना चाहिए।”

उल्लेखनीय है कि पुणे में शनिवार को संवाददाताओं को संबोधित कर रहे वरिष्ठ भाजपा नेता ने आमिर पर परोक्ष तौर पर कटाक्ष किया था, क्योंकि आमिर ने पूर्व में ‘देश में बढ़ती असहिष्णुता’ को लेकर ‘चिंता’ जाहिर की थी।

पर्रिकर ने कहा था कि एक अभिनेता ने कहा था कि उनकी पत्नी भारत से बाहर रहना चाहती हैं। यह एक अहंकार भरा बयान था। अगर मैं गरीब हूं और मेरा मकान छोटा है तो क्या हुआ। मुझे अपने देश से प्यार करना है और हमेशा अपने छोटे मकान को बंगला बनाने का सपना देखना है।

विशेष: 01 अगस्त का है अपना ऐतिहासिक महत्व ! पढ़िए क्यों है खास

अनुज हनुमत,

आप को जानकर हैरानी होगी कि बारह महीनों में एक ऐसा भी महीना है, जिसका पहला दिन ही अपने आगोश में कई इतिहास समेटे है। जी हाँ, ऐसा ही महीना है ‘अगस्त’ और इसकी पहली तारीख ही भारतीय एवं विश्व इतिहास में अपना अलग महत्व रखती है। दरअसल 1 अगस्त का अपना ही एक खास महत्व है। इस दिन कई ऐसी घटनाएं घटी, जो इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज होकर रह गईं हैं।

आइये जानें ऐसी कौन कौन सी घटनाएं हैं, जो भारतीय एवं विश्व इतिहास में 1 अगस्त की तारीख में दर्ज हुई –

1 अगस्त 1831: लंदन ब्रिज को यातायात के लिए खोल दिया गया।

1 अगस्त 1883: ग्रेट ब्रिटेन में अंतर्देशीय डाक सेवा शुरु की गई।

1अगस्त 1914 – प्रथम विश्व युद्ध की शुरुआत।

1 अगस्त 1916: महिला अधिकारों की सर्मथक तथा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष एनी बेसेंट ने होम रूल लीग की शुरुआत की।

1 अगस्त 1920: महात्मा गांधी ने ब्रिटिश सरकार द्वारा प्रदत्त केसर-ए-हिंद पुरस्कार को लौटाया।

1 अगस्त 1920: महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन की शुरुआत की।

1 अगस्त 1953: देश में सभी एयरलाइंसों का हवाई निगम अधिनियम के तहत राष्ट्रीयकरण किया गया।

1 अगस्त 1953: क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो को गिरफ़्तार किया गया।

1 अगस्त 1957: नेशनल बुक ट्रस्ट की स्थापना हुई।

1 अगस्त 1960: इस्लामाबाद को पाकिस्तान की संघीय राजधानी घोषित किया गया।

1 अगस्त 1975: दर्बा बनर्जी व्यावसायिक यात्री विमान उड़ाने वाली विश्व की पहली महिला पायलट बनीं।

1 अगस्त 1995- हब्बल दूरबीन ने शनि के एक और चन्द्रमा की खोज की

1 अगस्त 2000- ईरान में महिलाएं भी इमाम बनीं।

1 अगस्त 2004- श्रीलंका ने प्रेमदासा स्टेडियम में आयोजित फ़ाइनल मैच में भारत को 25 रनों से हराकर एशिया कप जीत लिया। सनत जयसूर्या ‘मैन आफ़ द सिरीज’ बने।

1 अगस्त 2005 – सऊदी अरब के बादशाह फहद बिन अब्दुल अजीज का निधन, दिवंगत बादशाह के भाई शाहजादा अब्दुल्ला बिन अब्दुल अजीज को देश का नया शासक नियुक्त किया गया।

1अगस्त 2006 – जापान ने दुनिया की पहली भूकम्प पूर्व चेतावनी सेवा शुरू की।

1 अगस्त 2007 – वियतनाम के हनोई शहर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गणित ओलम्पियाड (आई.एम.ओ.) में भारतीय दल के छ: सदस्यों ने तीन रजत पदक जीते।

1 अगस्त 2008 – अन्तर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के बोर्ड ने भारत के विशेष निगरानी समझौते को हरी झंडी दी।

1 अगस्त को जन्मे व्यक्ति-

1882 – पुरुषोत्तम दास टंडन – स्वतंत्रता सेनानी
1899 – कमला नेहरू – प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की पत्नी
1910 – मुहम्मद निसार, भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी
1913 – भगवान दादा, प्रसिद्ध फ़िल्म अभिनेता एवं फ़िल्म निर्माता-निर्देशक
1924 – फ्रैंक वोरेल, वेस्ट इंडीज के पूर्व क्रिकेटर
1932 – मीना कुमारी, फ़िल्म अभिनेत्री
1955 – अरुण लाल, पूर्व भारतीय क्रिकेटर
1939 – गोविन्द मिश्र, प्रसिद्ध साहित्यकार

1 अगस्त को हुए निधन-

1913 – देवकीनन्दन खत्री – हिन्दी के महान और प्रथम तिलिस्मी लेखक।
1920 – बाल गंगाधर तिलक, विद्वान, गणितज्ञ, दार्शनिक और भारतीय राष्ट्रवादी नेता
1999 – नीरद चन्द्र चौधरी – भारत में जन्मे प्रसिद्ध बांग्ला तथा अंग्रेज़ी लेखक और विद्वान।
2008 – हरकिशन सिंह सुरजीत, भारतीय राजनेता
2000 – अली सरदार जाफ़री, ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रसिद्ध शायर।

बहरहाल 1 अगस्त का दिन वाकई बहुत महत्वपूर्ण है, जो अपने आगोश में इतिहास की कई प्रमुख घटनाओं को समेटे हुए है ।

फिर सस्ता हुआ पेट्रोल-डीज़ल, गाड़ीवालों के आए अच्छे दिन

शिखा पाण्डेय,

एक बार फिर पेट्रोल और डीजल के दाम में बड़ी कटौती की घोषणा हुई है। खुशखबरी यह है कि देशभर में पेट्रोल प्रति लीटर 1.42 रुपया और डीजल प्रति लीटर 2.01 रुपया सस्ता हुआ है। इस महीने में लगातार तीसरी बार पेट्रोल-डीजल के दामों में कमी हुई है।

डीजल और पेट्रोल की नई दरें सोमवार से लागू होंगी। इस कटौती के बाद दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 62.51 रुपये से घटकर 61.09 रुपए, मुम्बई में 67.11 रुपये से घटकर 65.70 रुपए, कोलकाता में 66.03 रुपये से घटकर 64.97 रुपए और चेन्नई में 62.00 रुपये से घटकर 60.58 रुपए हो जायेगी।

यदि डीजल की बात करें तो दिल्ली में डीजल के दाम 54.28 रुपये प्रति लीटर से घटकर 52.27 रुपये, मुम्बई में 59.60 रुपये से घटकर 57.47 रुपये, कोलकाता में 56.48 रुपये से घटकर 54.57 रुपये और चेन्नई में 55.82 रुपये प्रति लीटर से घटकर 53.73 रुपये हो गए हैं।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले 15 जुलाई को पेट्रोल की कीमत में 2 रुपये 25 पैसे और डीजल के दाम में 42 पैसों की कटौती हुई थी। इससे भी पहले, 1 जुलाई को पेट्रोल के दामों में 89 पैसे और डीजल के दामों में 49 पैसे की कमी की गई थी।

बता दें कि तेल कंपनियां हर 15 दिन में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों की समीक्षा करती हैं और अंतर्राष्ट्रीय क्रूड के दामों के आधार पर घरेलू तेल कीमतों में बदलाव करती हैं, जिसके तहत दामों में यह गिरावट की गई है।

यूपी: शिक्षिका ने स्कूल में राष्ट्रगान की जगह अल्ला हू अकबर कहने पर किया मजबूर

अनुज हनुमत

बांदा (उ.प्र.)।  कहते हैं कि विद्यालय ही एक ऐसा स्थान होता है, जहाँ शिक्षक द्वारा बच्चे को सर्वप्रथम सर्वधर्म समभाव का पाठ पढ़ाया जाता है, लेकिन अगर शिक्षा के ही मंदिर में शिक्षक खुद किसी विशेष धर्म का पाठ पढ़ाने लगे तो किसी भी भारतीय का सर शर्म से झुक जायेगा।

ऐसा ही एक मामला बुन्देलखण्ड के बांदा जिले से सामने आया है, जहाँ एक सरकारी विद्यालय में राष्ट्रगान पर पाबंदी लगाने का मामला सामने आया है। सूत्रों की मानें तो ये मामला हफ़्तों पहले ही स्थानीय प्रशासन के सामने आ गया था, लेकिन बावजूद इसके प्रशासन ने इसे मीडिया से छुपाने की हर मुमकिन कोशिश की। जैसे ही ये मामला मीडिया के हाथ लगा मानों प्रशासन भी जाग गया।

प्रशासन ने मामले की जाँच कराकर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका और एक शिक्षिका को निलम्बित कर दिया है। मामला बांदा जिले के बड़ोखर क्षेत्र के जौरही प्राथमिक विद्यालय का है, जहाँ अभिभावकों की शिकायत पर उप जिलाधिकारी ने स्वयं मामले की जाँच की और आरोप सही पाये जाने पर उन्होंने तत्काल प्रभाव से विद्यालय की प्रधानाध्यापिका शाजिया परवीन और शिक्षिका शैलेद्री को निलम्बित कर दिया।

अभिभावकों कहना है कि स्कूल की प्रधानाध्यापिका बच्चों से प्रार्थना के दौरान राष्ट्रगान के स्थान पर अल्ला-हू-अकबर कहने को कहती थी। वहीं अधिकांश स्कूली बच्चों ने बताया कि पिछले 15 दिनों से विद्यालय में राष्ट्रगान नही हुआ है। इस बात की पुष्टि विद्यालय की रसोइयों ने भी की है।

देश का प्रतिनिधित्त्व करने वाले खिलाड़ियों से बहुत अपेक्षाएं -नरेंद्र मोदी

शिखा पाण्डेय,

आज मन की बात के 22वें संस्करण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुरुआत रियो ओलंपिक से की। प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में पूरे देश में खेल का रंग हर नौजवान को उत्साह-उमंग के रंग से रंग देगा। रियो हमारे कानों में बार-बार गूंजने वाला है। पीएम ने ओलंपिक में हिस्सा लेने गए खिलाड़ियों को ढेर सारी  शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें देश का प्रतिनिधित्त्व करने वाले खिलाड़ियों से बहुत अपेक्षाएं होती हैं, लेकिन रियो में जो खेलने गए हैं, उनका हौसला बुलंद करने का काम भी हम देशवासियों का है। उन्होंने कहा कि उस स्तर तक जो भी खिलाड़ी पहुंचता है, वो बड़ी कड़ी मेहनत के बाद पहुंचता है। एक प्रकार की कठोर तपस्या करता है। उन्होंने आह्वान किया कि हम भी आने वाले दिनों में, जहां भी हों, हमारे खिलाड़ियों को प्रोत्साहन के लिये कुछ-न-कुछ करें।

पीएम ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि खिलाडियों का उत्साह बढ़ाने के लिए आप मुझे ‘NarendraModi App’ पर खिलाड़ियों के नाम शुभकामनाएं भेजिए, मैं आपकी शुभकामनाएं उन तक पहुंचाऊंगा।

युवाओं को प्रौद्योगिकी के माध्यम से समस्याओं के समाधान खोजने और अनुसंधान करने के लिए आमंत्रित करते हुए प्रधानमंत्री ने ‘अटल ग्रांड चैलेंजिस’ का उल्लेख किया और कहा, ‘भारत सरकार हमारी समस्याओं के समाधान के लिए विकसित होने वाली प्रौद्योगिकी को सम्मानित करना चाहती है।’’ उन्होंने कहा कि यह पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को सच्ची श्रद्धांजलि होगी जिनकी पहली पुण्यतिथि चार दिन पहले मनाई गयी।

मोदी ने कहा, “हमारी युवा पीढ़ी हमारी दैनिक जीवनयापन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए और हमारी समस्याओं से सुगम राहत प्रदान करने के लिहाज से अनुसंधान करने, नवाचार करने, प्रौद्योगिकी का आविष्कार करने के लिए जितना अधिक काम करेगी, उससे 21वीं सदी के आधुनिक भारत के निर्माण में अत्यंत योगदान होगा और अब्दुल कलाम को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”

पीएम ने बारिश का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ समय पहले हम लोग अकाल की चिंता कर रहे थे और इन दिनों वर्षा का आनंद भी आ रहा है, तो बाढ़ की ख़बरें भी आ रही हैं।  राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर बाढ़-पीड़ितों की सहायता के लिए कंधे से कंधा मिला कर के भरपूर प्रयास कर रहे हैं। पीएम ने बारिश में बीमारियों से बचाव करने के लिए कहा,” थोड़ा स्वच्छता पर ध्यान रहे, थोड़े सतर्क रहें और सुरक्षित रहने का प्रयास करें।”

महिलाओं का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि देश में हर वर्ष 3 करोड़ महिलाएं गर्भावस्था धारण करती हैं, प्रसूति के समय कभी मां मरती है, कभी बालक मरता है, कभी दोनों मरते हैं। एक दशक में माता की असमय मृत्यु की दर में कमी तो आई है, लेकिन फिर भी आज बहुत बड़ी मात्रा में गर्भवती माताओं का जीवन नहीं बचा पाते हैं।

उन्होंने बताया कि सरकार ने ‘प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व’ अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत हर महीने की 9 तारीख को सभी गर्भवती महिलाओं की सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों में निशुल्क जांच की जाएगी।

इस प्रकार प्रधानमंत्री ने अपने मासिक ‘मन की बात’ रेडियो कार्यक्रम में रियो ओलंपिक में भारत की भागीदारी, आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह, अपनी हालिया दक्षिण अफ्रीका यात्रा और संसद द्वारा वनरोपण के लिए 40,000 करोड़ रुपये की निधि जारी कराने वाला एक विधेयक पारित करने समेत कई अन्य विषयों पर बात की।