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Thursday, August 6, 2026
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सऊदी अरब पहुंचे वी.के. सिंह, कामगारों को भारत लाने की कोशिश जारी

ब्यूरो,

भारत के विदेश राज्य मंत्री वी.के. सिंह सऊदी अरब में फ़ंसे हज़ारों परेशान देशवासियों की मदद के लिए जेद्दा पहुँच गए। सऊदी में कंपनियों के बंद होने के बाद सैकड़ों भारतीय बेरोज़गार हो गए, जिसकी वजह से हज़ारों लोगों को भोजन भी नसीब नहीं हो रहा था। कंपनी के मालिकों की ज़्यादती को लेकर कुछ भारतीयों ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से गुहार लगाई थी।

कंपनियों के मालिकों की मनमानी की वजह से भारतीयों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कंपनी में कर्मचारियों का पासपोर्ट भी ज़ाब्तनकार लिया , जिसकी वजह से इन्हें वापस आने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

वी.के. सिंह सऊदी सरकार से दस हज़ार से अधिक भारतीय कामगारों की देश में वापसी के लिए कोशिश करेंगे। इस संबंध में उन्होंने भारतीय राजदूत और काउंसिल जनरल से मुलाकात भी की है। उन्होंने इस मामले में कहा कि वे विभिन्न कैम्प्स में रह रहे भारतीयों से भी मिलेंगे और उनका हाल जानेंगे।

वर्तमान में, लगभग 7,700 प्रभावित भारतीय कामगार 20 शिविरों में रह रहे हैं और दूतावास सऊदी अरब के विभिन्न हिस्सों में रह रहे अन्य भारतीय कामगारों के बारे में विवरण एकत्र करने की प्रक्रिया में है। सिंह ने कहा कि अभी यह पाना संभव नहीं है कि कितने लोग भारत वापस लौट सकेंगे।

आनंदीबेन के इस्तीफे को लेकर बीजेपी पर बरसे लालू

सौम्या केसरवानी,

लालू प्रसाद यादव ने गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल के इस्तीफे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जमकर निशाना साधा और इस्तीफे के मुद्दे पर एक के बाद एक कई ट्वीट कर कहा, “आनंदीबेन पटेल ने गुजरात में चल रहे सामाजिक क्रांति और आंदोलनों के कारण मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दिया है। गुजरात में समाज के वंचित लोगों का असंतोष जगजाहिर है।”

आनंदीबेन पटेल के इस्तीफे को लेकर भड़के लालू भाजपा पर जमकर बरसे। एक अन्य ट्वीट में राजद सुप्रीमो ने कहा “गुजरात में हो रहे प्रदर्शन से यह साफ हो गया है कि प्रायोजित मीडिया से अपना प्रचार जरूर किया जा सकता है, लेकिन लोगों का मुंह बंद करना काफी मुश्किल है। गुजरात की मुख्यमंत्री के इस्तीफे से साफ हो गया है कि समानता एवं न्याय की मांग किसी भी शासन को हिलाने का माद्दा रखती है।

उन्होंने केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर भी हमला करते हुए कहा कि यह केन्द्र के लिए अपनी कार्यशैली सुधारने का एक संकेत है।” उल्लेखनीय है कि गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने अपना पद छोड़ने की इच्छा जाहिर करते हुए कहा है कि अब नये मुख्यमंत्री को गुजरात की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने लिखा कि वे नवंबर में 75 साल की हो जायेंगी जिसके कारण वह अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त होना चाहती हैं।

मुबई-गोवा हाईवे पर गिरा पुल, 2 बस और कई गाड़ियां बहीं

अमित द्विवेदी,

मुंबई-गोवा हाईवे पर एक पुल के गिर जाने की खबर है। रायगढ़ ज़िले के कलेक्टर ने बताया कि सावित्री नदी पर बने पुल के गिर जाने से दो बसें और कुछ अन्य वाहन नदी में बह गए हैं, जिनकी तलाश जारी है।

मुम्बई गोवा हाईवे बेहद व्यस्त मार्ग है, जिसके पुल के ढह जाने की खबर सामने आई है। हालाँकि स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस दुर्घटना में कितने लोग हताहत हुए हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बसों में 22 यात्री सवार थे जिनके बारे में अभी पता नहीं चल पाया है।

फिलहाल पुलिस और अन्य बचाव दल लगे हैं। मंगलवार को देर रात हुए इस हादसे में अन्य गाड़ियों में कितने लोग सवार थे इस बात की जानकारी अब तक नहीं मिल सकी है।

नये खिलाड़ियों ने दिग्गजों के जाने की कमी नहीं खलने दी-कपिल देव

शिखा पाण्डेय,

महान क्रिकेटर व पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने जीत की बुंलदियों को छू रहे भारतीय युवा खिलाड़ियों की जम के प्रशंसा की। कपिल ने कहा कि युवा खिलाड़ियों ने हाल के दिनों में अपने बेहतरीन प्रदर्शन के चलते संन्यास ले चुके दिग्गजों की कमी नहीं खलने दी है। कपिल ने कहा कि युवाओं ने उत्कृष्ठ खेल की बदौलत अपने और दिग्गजों के बीच की खाई को भर दिया है।

नोएडा स्थित जेपी अस्पताल के अत्याधुनिक ‘डिपार्टमेंट ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन’ का उद्घाटन करते हुए कपिल ने कहा, ” हाल के दिनों में सौरव गांगुली, सचिन तेंदुलकर, अनिल कुम्बले, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण, महेंद्र सिंह धोनी, युवराज सिंह, वीरेंद्र सहवाग, हरभजन सिंह और कई अन्य दिग्गजों ने संन्यास लिया। ऐसे खिलाड़ी जब सन्यास लेते हैं तो एक खाई बन जाती है लेकिन मौजूदा टीम के युवा खिलाड़ियों ने बड़ी आसानी से अपने और दिग्गजों के बीच की खाई को पाट दिया। यह सब इस तरह हुआ कि हमें पता भी नहीं चला, वर्ना सचिन की कमी इतनी खलती कि बस पूछिए मत।”

कपिल के मुताबिक यह टीम युवा और इस लिहाज से सबको पर्याप्त मौका मिलना चाहिए।लोकेश राहुल की तारीफ करते हुए कापिल ने यह भी कहा कि इन दिनों राहुल बेहतरीन फॉर्म में हैं और उन्होंने हर फॉरमेट में खुद को साबित किया है।

कपिल के अनुसार, “नए लड़के बेहद प्रतिभाशाली हैं।उन्हें मौके मिलने चाहिए। उदाहरणार्थ, विराट को एक या दो सीरीज में खराब प्रदर्शन के बाद हटा देंगे तो इससे क्रिकेट को ही नुकसान है। उसे मौका तो दीजिए, परिणाम अपने आप आने लगेंगे।”

बदल जायेगा पश्चिम बंगाल का नाम!

शिखा पाण्डेय,

जल्द ही आपको पश्चिम बंगाल राज्य का नया नाम सुनाने को मिल सकता है। पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार राज्य को नया नाम देना चाहती है। ममता सरकार ने आज राज्य का नाम अंग्रेजी में ‘बंगाल’ और बंगाली में ‘बॉन्गो’ अथवा ‘बांग्ला’ करने का प्रस्ताव किया। यह प्रस्ताव यदि हकीकत में पास हो जाता है तो राज्य के नाम से ‘पश्चिम’ शब्द हट जाएगा।

तृणमूल नेता पार्थ चटर्जी ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा, “पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर अंग्रेजी में ‘बंगाल’ और बंगाली में ‘बांग्ला’ अथवा ‘बॉन्गो’ करने का प्रस्ताव है। राज्य की विरासत, संस्कृति एवं लोगों की भलाई के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर राज्य के हितों के संरक्षण एवं उसे बढ़ाने के लिए हमने नाम बदलने का प्रस्ताव किया है। ”

चटर्जी ने बताया कि राज्य का नाम बदलने के प्रस्ताव पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा, “विधानसभा का सत्र 26 अगस्त से शुरू हो रहा है। राज्य का नाम बदलने के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। हम 29 और 30 अगस्त को इस प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे और सभी से राज्य का नया नाम स्वीकार करने के लिए अनुरोध करेंगे।”

बारिश के चलते मुम्बई डेढ़ घंटे देर से पहुंची टैल्गो ट्रेन

प्रमुख संवाददाता,

दिल्ली और मुम्बई के बीच सेमी हाईस्पीड टैल्गो ट्रेन के ट्रायल रन की शुरुआत हो गई है। ट्रायल में दिल्ली से चली ट्रेन मुम्बई में भारी बारिश के चलते अपने निर्धारित समय से लगभग डेढ़ घंटे विलम्ब से मुम्बई सेंट्रल पहुंची।

टेल्गो ट्रेन सोमवार को नई दिल्ली से शाम 7 बजकर 55 मिनट पर रवाना हुई जो पलवल, मथुरा, कोटा, रतलाम, सूरत होते हुए मुंबई पहुंची। यह ट्रेन मुम्बई लगभग डेढ़ घंटे देर से पहुंची। मुम्बई सेंट्रल पहुँचने का इसका समय सुबह 10 बजे का था लेकिन भारी बारिश के चलते टैल्गो 11 बजकर 35 मिनट पर पहुंची।

जानकारी के मुताबिक, पहले ट्रायल में यह 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली, लेकिन बारिश के कारण सूरत तक ही यह निर्धारित स्पीड से चल सकी।

3 अगस्त को मुंबई सेंट्रल-नई दिल्ली के बीच का दूसरा ट्रायल रन भी 130 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से ही होगा, जबकि 5 अगस्त को नई दिल्ली-मुंबई के बीच इस ट्रेन का तीसरा और अंतिम ट्रायल रन 150 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड पर किया जाएगा।

रेलवे के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की मानें तो इस ट्रेन के जरिए दिल्ली से मुम्बई के बीच खर्च होने वाले 17 घंटे के आंकड़े को लगभग 4 घंटे कम कर सकते हैं। इसका का दूसरा परीक्षण 5, तीसरा 9 और चौथा 14 अगस्‍त को होगा। इन परीक्षणों के दौरान ट्रेन की रफ्तार 140 और 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक की जाएगी।

सांसदों की मांग,भगवंत मान को रिहैबिलिटेशन सेंटर भेजा जाए

शिखा पाण्डेय,

आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान की मुसीबतें बढ़ती ही जा रही हैं। मान द्वारा संसद का लाइव वीडियो बनाकर फेसबुक पर शेयर करने के बाद से शुरू हुए विवाद के तहत अकाली दल पार्टी के सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा, बीजेपी के महेश गिरी और आम आदमी पार्टी से सस्पेंड हरिंदर खालसा ने सलाह दी है कि लोकसभा के खर्चे पर मान को शराब की लत छुड़वाने के लिए रिहैबिलिटेशन सेंटर भेजा जाए। इसके बाद ही उन्हें संसद आने की इजाजत दी जाए।

यह तो तय जान पड़ता है कि  संसद का वीडियो फेसबुक पर अपलोड करने के मामले में मान पर कड़ा एक्शन लिया जायेगा। लोकसभा स्पीकर ने जांच पूरी होने तक भगवंत को संसद आने से पहले ही मना कर दिया है। कई सांसदों ने उनपर संसद की सुरक्षा से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए उन्हें बरखास्त करने की मांग की है।

इससे पहले अपने कृत्य के लिए लोकसभाध्यक्ष से बिना शर्त माफी मांग लेने के बावजूद सांसद भगवंत मान ने जांच के वास्ते गठित समिति से बगावती तेवर अपनाते हुए कहा था कि उन्होंने सुरक्षा का उल्लंघन नहीं किया है। इस पर समिति के सदस्यों ने कहा कि यह विरोधाभासी है।

उल्लेखनीय है कि मान ने चंद हफ्ते पहले संसद जाते वक्त लाइव वीडियो शूट कर फेसबुक पर पोस्ट कर दिया था। वीडियो में संसद में एंट्री के सारे सिक्युरिटी चेक प्वाइंट्स नजर आ रहे हैं। मान का यह वीडियो सामने आने के बाद संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ था। इससे पहले खालसा ने भगवंत मान पर संसद में शराब पीकर आने का आरोप लगाया था। हालांकि आम आदमी पार्टी ने इस आरोप को खारिज कर दिया था।

बुलंदशहर सामूहिक दुष्कर्म मामले में आज़म का शर्मनाक बयान, विपक्ष ने कहा इलाज कराएं आज़म

अमित द्विवेदी,

बुलंदशहर में राजमार्ग पर एक महिला और नाबालिक लड़की के साथ हुए बलात्कार मामले में सपा नेता आज़म खान ने अजीबोगरीब बयान दे दिया। आज़म ने कहा कि सूबे में चुनाव क़रीब है, यह विपक्ष की साज़िश भी हो सकती है। आज़म के इस बयान की चारों तरफ आलोचना की जा रही है।

बुलंदशहर में हुई घटना से भारी जनाक्रोश है। इस मामले में केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश सरकार से रिपोर्ट भी माँगी है। इसी मामले में आज़म खान ने बयान देकर पार्टी के लिए एक और बखेड़ा खड़ा कर दिया। आजम खान ने कहा कि हमें इस बात की जांच करने की जरूरत है कि इसके पीछे सरकार की छवि खराब करने की विपक्षियों की साजिश तो नहीं है। सूबे में चुनाव नजदीक हैं, इसलिए सत्ता की लोभी कई पार्टियां किसी भी हद तक गिर सकती हैं।

पहले ही प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर प्रश्न उठते रहे हैं। ऐसे में आज़म का ये बयान सपा को भारी पड़ता दिख रहा है। विपक्षी पार्टियों ने आज़म को मानसिक रूप से गड़बड़ बताते हुए इलाज कराने की भी सलाह दे डाली।

आज़म खान के इस बयान से पीड़िता का परिवार भी गुस्से में है। परिवार के एक सदस्य ने कहा कि इस तरह का बयान देते समय क्या आज़म को ज़रा भी शर्म नहीं आई। हालाँकि इस मामले के बाद विपक्ष ने अखिलेश से मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की बात भी कही है।

गौरतलब है कि गत शुक्रवार की रात बुलंदशहर में एनएच 91 पर डकैतों के एक गिरोह ने एक महिला और उसकी बेटी को कार से घसीटकर निकाला और बंदूक का भय दिखाकर फिर उनसे नृशंस बलात्कार किया। दोनों अपने परिवार के साथ नोएडा से शाहजहांपुर जा रही थीं।

राज्यसभा में कल पेश होगा लंबे समय से अटका पड़ा जीएसटी बिल

शिखा पाण्डेय,

बुधवार को लंबे समय से अटके पड़े जीएसटी बिल को राज्यसभा में पेश किया जाएगा। इस बात की पूरी उम्मीद है कि इस विधेयक को कांग्रेस सहित अन्य सभी प्रमुख राजनीतिक दलों का समर्थन प्राप्त होगा। कर क्षेत्र में जीएसटी को अब तक का सबसे दूरगामी सुधार बताया जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार सरकार पहले विधेयक को मंगलवार को ही राज्यसभा में लाने वाली थी लेकिन कांग्रेस ने इस पर सहमति नहीं जताई क्योंकि इस दिन पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी का वाराणसी में रोड शो होना है।

जीएसटी विधेयक पर समर्थन जुटाने हेतु वित्त मंत्री अरुण जेटली ने माकपा महासचिव सीताराम येचुरी से भी मुलाकात की।येचुरी ने कहा कि उनकी पार्टी विधेयक के अंतिम संस्करण का इंतजार कर रही है।येचुरी ने यह भी कहा कि सरकार को प्रस्तावित विधेयक पर आम सहमति के लिए सभी दलों से संपर्क करना चाहिए।

सीताराम येचुरी तथा कुछ अन्य नेताओं से मुलाकात के बाद वित्त मंत्री ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा के साथ एक बार फिर बातचीत की। बातचीत में विधेयक पर विस्तृत चर्चा हुई ताकि इस महत्वपूर्ण विधेयक पर आम सहमति कायम की जा सके। इसके बाद अनंत कुमार के साथ जेटली ने लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन से भी मुलाकात की।

संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा,”हमने सभी राजनीतिक दलों से समर्थन मांगा है। कुल मिलाकर माहौल विधेयक को पारित कराने के पक्ष में है। उच्चस्तरीय सरकारी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस सहित, वाम दलों, समाजवादी पार्टी और विभिन्न दलों के साथ बातचीत का आज एक और दौर हुआ ताकि इस कर सुधार विधेयक पर आम सहमति कायम की जा सके।”

“मैं अखंड महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री हूँ”- देवेन्द्र फडणवीस

शिखा पाण्डेय,

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्वतंत्र विदर्भ के मुद्दे पर शिवसेना की उठापटक के जवाब में शिवसेना से कहा है कि वे ‘अखंड महाराष्ट्र’ के मुख्यमंत्री हैं। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विवादास्पद ‘पृथक विदर्भ’ का मुद्दा लगातार तीसरे दिन भी छाया रहा। राज्य विधानसभा में ‘पृथक विदर्भ’ के मुद्दे पर फडणवीस ने ये बातें कहीं।

फडणवीस ने कहा, ” जो मुद्दा सदन के समक्ष लंबित ही नहीं है उस पर चर्चा करना मुनासिब नहीं है क्योंकि अब तक राज्य सरकार के समक्ष पृथक विदर्भ का कोई मामला सामने नहीं आया है।”  आपको बता दें कि शिवसेना विधायक और मुंबई के पूर्व महापौर सुनील प्रभु ने इस मुद्दे पर फडणवीस को अपना रुख स्पष्ट करने के लिए कहा था। प्रभु ने यह भी मांग की थी कि सदन में जिन लोगों ने पृथक विदर्भ के लिए नारे लगाए, उनके खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया जाए।

फडणवीस ने सदन के सदस्यों से पृथक विदर्भ के मुद्दे पर बहसबाजी रोकने की अपील की और कहा, “राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को मेरा इस्तीफा मांगने का बिल्कुल हक नहीं है। जनता को यह हक है। मैं हूं अखंड महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री हूँ। मुख्यमंत्री ने कहा, “भाजपा छोटे राज्यों के गठन की पक्षधर है, जबकि शिवसेना इसका विरोध करती है। दोनों पार्टियां सरकार में हैं। लेकिन, यह सरकार का रुख नहीं है।”

दूसरी तरफ विपक्षी कांग्रेस-एनसीपी के विधायकों ने एकीकृत महाराष्ट्र के समर्थन में नारे लगाए। शिवसेना विधायक भी इसमें शरीक हुए। विपक्षी विधायकों ने महाराष्ट्र के विखंडन के विरोध में विधान भवन के प्रवेश की सीढ़ियों पर विरोध प्रदर्शन किया।