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Friday, August 7, 2026
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नेहरू की असफल ‘राजनितिक मॉडल’ की देन है कश्मीर समस्या -जितेंद्र सिंह

अमित द्विवेदी,

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का मानना है कि जम्मू कश्मीर नेहरू के ‘असफल’ राजनीतिक मॉडल का एक स्पष्ट उदाहरण है। सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुरू की गई ‘तिरंगा यात्रा’ तभी पूरी होगी, जब भारतीय ध्वज गिलगित, बाल्टिस्तान व कोटली में फहराया जाएगा।

सिंह ने जम्मू के बाहरी क्षेत्र में आयोजित ‘याद करो कुर्बानी’ रैली को संबोधित करते हुए कहा, “कल केंद्रीय वित्त मंत्री ने नेहरू के असफल आर्थिक मॉडल की बात की थी और आज मैं कहता हूं कि यदि आपको नेहरू का असफल राजनीतिक मॉडल देखना है तो जम्मू-कश्मीर उसका एक सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है।

सिंह ने कहा कि महाराजा हरि सिंह के नियंत्रण में जम्मू-कश्मीर का क्षेत्र 2.25 लाख वर्ग किलोमीटर का था लेकिन प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की ‘असफल’ राजनीति के चलते भारत के हिस्से में उस क्षेत्र का मात्र एक लाख वर्ग किलोमीटर ही आया, बाकी पाकिस्तान द्वारा कब्जा कर लिया गया जैसे गिलगित,बाल्टिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर पाकिस्तान ने हथिया लिया।

सिंह ने कहा कि नेहरू के इस फैसले ने महाराजा को इतना आहात किया कि नेहरू से उन्होंने कभी भी जम्मू कश्मीर नहीं लौटने का फैसला किया और अपनी आखिरी सांस मुम्बई में ली। उन्होंने कहा,” विरोधी भले ही विरोध करें, पर बलूचिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघन का मुद्दा उठाना देश की ‘आत्मरक्षा’ के लिए जरूरी है क्योंकि पड़ोस की स्थिति सीधे तौर पर हमें प्रभावित करती है।”

उल्लेखनीय है कि इससे पहले जेटली ने भी मुम्बई में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था, “जब नरसिंह राव प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने पाया कि खजाने में विदेशी मुद्रा भंडार नहीं बचा है और देश दिवालियेपन की ओर बढ़ रहा है। इसलिए उस मजबूरी में सुधार लाये गए।”

आगरा: मायावती ने भी फूँका चुनावी बिगुल, भाजपा को कहा किसान विरोधी

शिखा पाण्डेय,

उत्तर प्रदेश में सभी राजनीतिक पार्टियाँ विधानसभा चुनाव जीतने के लिए एड़ी चोटी का बल लगाकर रणभूमि में उतर चुकी हैं। उसी दिशा में आज बीएसपी प्रमुख मायावती ने अपना चुनावी बिगुल फूंकते हुए आगरा में बड़ी रैली की। मायावती ने रैली में विपक्षी पार्टियों पर जमकर निशाना साधा और अगली बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का दावा किया।

मुस्लिम व दलित बहुल इलाके में रैली कर बसपा ने न सिर्फ उनपर मोहजाल फेंका, बल्कि सवर्ण समाज को भी मोहित करने का ज़बरदस्त प्रयास किया। मायावती ने कहा कि बीजेपी और एसपी दोनों की आपसी साठ गांठ है और दोनों मिलकर जनता की आँखों में धूल झोंक रहे हैं। लाल किले से दिए मोदी के भाषण की आलोचना करते हुए मायावती ने कहा कि 15 अगस्त में जो उपलब्धि गिनाई गईं, वो ज़मीन पर नज़र नहीं आ रही हैं।

बीजेपी ने मात्र साम्प्रदायिक एजेंडे को दिया बढ़ावा-

मायावती ने भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा, “अच्छे दिन बुरे दिनों में तब्दील हो गए हैं। मोदी ने लोकसभा चुनाव के दौरान गरीबों को सस्ता राशन, बिजली, पानी, सरकारी मकान देने की बात कही थी। ऐसा कुछ नहीं हुआ। बीजेपी के दौर में बस सांप्रदायिक कट्टरवादिता, गोरक्षा, लव-जिहाद, हिन्दू राष्ट्र के नाम पर उत्पीड़न हो रहा है।” बीसीएपी सुप्रीमो ने कहा कि बीजेपी ने 6 साल तक राज किया और इस दौरान मात्र आरएसएस के सांप्रदायिक एजेंडे को बढ़ाने का काम किया। किसानों की ज़मीन भूमि अधिग्रहण कानून के जरिये लेना चाहते थे, हमने विफल किया।”

खुद पर हुई टिप्पणी से बौखलाई मायावती ने कांग्रेस पार्टी की सीएम उम्मीदवार और दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित को दिल्ली को गन्दा करने वाली, दलित विरोधी के साथ-साथ बूढ़ी तक कह डाला।

मायावती ने कहा, ” मोदी ने कालाधन 100 दिन में लाने को कहा था, 20 लाख रुपये देने का वादा किया था। किसी को 1 रूपया भी नहीं मिला। ललित मोदी घोटाला, व्यापम घोटाला, विजय माल्या घोटाला। बीजेपी भी कांग्रेस की ही तरह है। उसपर बीजेपी आरएसएस के एजेंडे के तहत आरक्षण ख़त्म करने की तैयारी कर रही है।”

कुश्ती में गोल्ड जीतने का सपना टूटा, मंगोलिया के गैंजोरिग से हारे योगेश्वर

शिखा पाण्डेय,

रियो ओलंपिक के आखिरी दिन फ्रीस्टाइल कुश्ती में भारत का गोल्ड जीतने का सपना टूट गया है। पहलवान योगेश्वर दत्त, जिनसे पूरा देश उम्मीद लगाये बैठा था, आज पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग फ्रीस्टाइल कुश्ती के शुरुआती दौर में मंगोलिया के एम गैंजोरिग से हार गए।

गैंजोरिग को पहले ही सेट में एक स्कोर मिल गया। दूसरे सेट में भी योगेश्वर कुछ खास नहीं कर पाये  और तीसरे सेट में  गैंजोरिग ने 2 अंक हासिल कर लिये और इस प्रकार दत्त गोल्ड मेडल की दौड़ से बाहर हो गए।

वैसे अब भी यह मेडल की उम्मीद खत्म नहीं हुई है। अगर मंगोलियाई पहलवान एम गैंजोरिग फाइनल तक का सफर तय करते हैं तो योगेश्वर को ब्रॉन्ज मेडल के लिए दो बाउट खेलने का अवसर मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि योगेश्वर ने  लंदन ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने 60 किलोग्राम फ्री स्टाइल में कांस्य पदक जीता था। हालांकि रियो ओलंपिक से पहले योगेश्वर कई तरह की चोटों से गुजरे। उनके घुटनों का ऑपरेशन भी हुआ लेकिन उन्होंने मेहनत में कोई कसर नहीं छोड़ी। अब यही उम्मीद है कि गैंजोरिग फाइनल तक पहुंचें और योगेश्वर को ब्रॉन्ज़ के लिए खेलने का मौक़ा मिले।

मोदी सरकार में देश के हालात आपातकाल से भी बदतर – ममता बनर्जी

अमित द्विवेदी,

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार को ‘तानाशाह’ और घमंडी सरकार बताया है। ममता का कहना है कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं को तर्कसंगत बनाने की हाल में की गईं सिफारिशें एकतरफा हैं। ममता ने कहा कि मोदी सरकार के आते ही देश में आपातकाल से भी बदतर हालात पैदा हो गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, “केंद्र सरकार ने एक पत्र भेजा है जिसमें घोषणा की गई है कि संस्तुतियों को लागू कर दिया गया है।” ममता ने कहा कि बीजेपी के प्रभुत्व वाले मुख्यमंत्रियों के उपसमूह ने सीसीएस को तर्कसंगत बनाने की जो सिफारिश की है, वह संघीय स्वरूप पर पर हमला है।

ममता ने सहयोगी संघवाद का उल्लेख करते हुए कहा, “केंद्र सरकार वास्तव में राज्यों एवं लोकतंत्र को भयभीत कर रही है। यह तानाशाही है।” ममता ने नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिग इंडिया (नीति) आयोग का पत्र लहराते हुए मीडिया कर्मियों से पूछा,” मैं जानना चाहती हूं कि क्या वे लोग देश में राष्ट्रपति प्रणाली वाली सरकार चला रहे हैं?”

घमंडी सरकार की वजह से कश्मीर में हो रही तबाही-

मुख्यमंत्री ने कहा, ” सरकार के घमंड के कारण जम्मू एवं कश्मीर और पाकिस्तान का मुद्दा तबाही का रूप लेता जा रहा है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कदम के पीछे मकसद उन राज्यों को वंचित कर देना है, जहां बीजेपी सत्ता में नहीं है।

ममता ने कहा, “उन लोगों ने एक सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली बनाई है, जिसका मकसद राज्यों की तरफ से किए जा रहे खर्च पर नजर रखना है। मैं पूछना चाहती हूं कि वे राज्य के खजाने पर नजर क्यों रखना चाहते हैं? मीडिया से लेकर शिक्षा तक, केंद्र सरकार हर चीज को नियंत्रित करना चाहती है। वे एक चुनी हुई सरकार को अपने नियंत्रण में लेने का प्रयास कर रहे हैं।”

ममता ने कहा कि केंद्र सरकार की भेदभाव वाली कार्रवाई के खिलाफ राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की गुहार लगाई जाएगी। उन्होंने कहा, “यह लोकतंत्र की हत्या करने का एक खतरनाक प्रयास है। हमलोग राष्ट्रपति के हस्तक्षेप की मांग करेंगे और लोकतंत्र और संघीय स्वरूप पर केंद्र सरकार के लगातार हमले के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन भी किया जाएगा।”

राष्ट्रीय स्तर की महिला खिलाड़ी ने की आत्महत्या, शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न

प्रमुख संवाददाता,

राष्ट्रीय स्तर की एक महिला हैंडबॉल खिलाड़ी द्वारा शनिवार को आत्महत्या की चौंकानेवाली खबर सामने आई है। पुलिस ने बताया कि खालसा कालेज के अधिकारियों की ओर से नि:शुल्क छात्रावास सुविधा देने से इनकार करने पर उसने आत्महत्या की है।

आत्महत्या से पहले पूजा नामक इस खिलाड़ी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक पत्र लिखा है। इस पत्र में पूजा ने लिखा,” मुझे अफसोस है कि गरीबी के कारण मैं छात्रावास के शुल्क का भुगतान नहीं कर सकती। अन्य कोई उपाय न होने के कारण आत्महत्या कर रही हूँ।”

पूजा के पिता सब्जी बेचने का काम करते हैं। पूजा के परिजनों ने पुलिस को चार पेज का जो सुसाइड नोट सौंपा है, उसमें पूजा ने अपनी मौत के लिए अपने कोच को जिम्मेदार ठहराया है। पूजा ने सुसाइड नोट में लिखा है, “उसी ने मुझे हॉस्टल का कमरा देने से इनकार किया और कहा कि वह हर दिन अपने घर से यहां आए जाए। हालांकि इससे मुझे हर महीने 3,720 रुपए खर्च करने होंगे जो मेरे पिता वहन नहीं कर सकते।”

पूजा के परिजनों ने बताया कि पूजा को पिछले साल कॉलेज में नि:शुल्क दाखिला दिया गया था जिसमें हॉस्टल सुविधा और भोजन शामिल था लेकिन इस वर्ष उसे हॉस्टल में रहने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया। कॉलेज तक जाने का रोज़ का खर्चा 120 रुपए था।

पूजा के पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। हालांकि खालसा कालेज प्रबंधन ने  कहा है कि पूजा को नि:शुल्क दाखिला दिया गया था लेकिन उसके खराब प्रदर्शन के चलते नि:शुल्क सुविधा को आगे नहीं बढ़ाया गया था।

पटियाला के खालसा कॉलेज की इस छात्रा ने अपने सुसाइड नोट में प्रधानमंत्री से अपील की कि वे यह सुनिश्चित करें कि उसके जैसी गरीब लड़कियों को पढ़ाई की सुविधा नि:शुल्क मिले।

ब्रॉन्ज़, सिल्वर के बाद अब गोल्ड की बारी, योगेश्वर पर टिकी निगाहें

शिखा पाण्डेय,

रियो ओलंपिक के आखिरी दिन भारत का प्रतिनिधित्त्व करनेवाले खिलाड़ी योगेश्वर दत्त से पूरे देश को ‘गोल्ड’ की उम्मीद है। सभी की जुबां पर बस एक ही बात है, “पहले ब्रॉन्ज़ मिला, फिर सिल्वर, और अब गोल्ड की बारी है।”

लंदन ओलिंपिक के पदक विजेता योगेश्वर दत्त को उनके सभी साथी ‘पहलवान जी’ कहकर ही बुलाते हैं। अब से कुछ ही घंटों बाद योगेश्वर मैट पर होंगे। सवा सौ करोड़ भारतीयों की निगाहें इस 65 किलोग्राम वर्ग के पहलवान पर टिकी हैं।

ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली पहलवान साक्षी मलिक का पूरे विश्वास के साथ कहना है, “एक ब्रॉन्ज आ गया, एक सिल्वर आ गया और अब एक गोल्ड भी आ जाएगा। मुझे पूरी उम्मीद है पहलवान जी गोल्ड जरूर लाएंगे।”

महिला टीम के कोच कुलदीप सिंह मलिक का मानना है, “इस प्रतियोगिता में 21 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं और मुझे नहीं लगता कि कोई पहलवान योगेश्वर से 20 है। वह पूरी तरह से फिट है। चोट जैसी कोई बात नहीं है। मुझे पूरी उम्मीद है वह पोडियम पर पहुंचेगा।”

आपको बता दें कि योगेश्वर का पहला मुकाबला मंगोलियाई खिलाड़ी गैंजोरिजिन मंडाखनरन से होगा। योगेश्वर ने पिछले दो साल में 5 से कम अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया है।

रियो ओलिंपिक में अमेरिका के जॉर्डिन बरो और अमेरिका की ही तीन बार की विश्व चैंपियन एडलिन ग्रे, जापान की दिग्गज ओलिंपिक चैंपियन योशिदा जैसी खिलाड़ियों को उलटफेर का सामना करना पड़ा है। ऐसे में योगेश्वर के सामने चुनौती बड़ी है, लेकिन पूरे देश का विश्वास और प्रार्थना उनके साथ है और वह उनके बेहतरीन प्रदर्शन में कहीं न कहीं अवश्य सहायक होगी।

पीएम मोदी के सूट के गिनीज़ में शामिल होने पर खिसियाए राहुल, कसा तंज

शिखा पाण्डेय,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम की कढ़ाई वाले उनके विशेष सूट को गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल तो कर लिया गया है पर कांग्रेस उपाध्याक्ष राहुल गांधी इस बात पर ख़फ़ा नज़र आ रहे हैं।

राहुल गांधी ने ट्विटर पर पीएम मोदी के सूट के रिकॉर्ड बनने की खबर शेयर करते हुए व्यंगात्मक लहज़े में लिखा है, ”मोदी जी को उनके महान त्याग के लिए पुरस्कार मिला है।”

Just rewards for Modiji’s immense sacrificehttps://t.co/tXqNLz92pi

— Office of RG (@OfficeOfRG)August 21, 2016

आपको बता दें कि जिस सूट की नीलामी पर राहुल मोदी को बधाई दे रहे हैं, उस पूरे सूट पर कढ़ाई करते हुए नरेंद्र दामोदरदास मोदी लिखा गया था। पीएम मोदी ने यह सूट अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा मुलाकात के दौरान पहना था। इस सूट को बनाने में लगभग 10 लाख रुपयों की लागत लगी थी। इसी कारण पिछले साल इस सूट पर काफी विवाद हुआ था।

बीते साल फरवरी में यह सूट नीलाम हुआ और सूरत के हीरा व्यापारी लालजी पटेल ने इसे 4.31 करोड़ रूपये में खरीदा था। नीलामी 11 लाख रूपये के आधार मूल पर की गई थी। पटेल ‘धर्मेंद्र डायमंड कंपनी’ के मालिक हैं। फिलहाल सूट को धर्मेंद डायमंड कंपनी के रिसेप्शन पर कांच के केबिन में रखा गया है।

भागवत का विवादित बयान, कहा- “हिन्दू भी पैदा करें ज़्यादा बच्चे, किसने रोका है?

अमित द्विवेदी,

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने हिन्दू जनसंख्या से जुड़ा एक विवादित बयान दिया है। भागवत ने हिंदुओं से ज्यादा बच्चे पैदा करने की अपील की है। भागवत ने कहा कि दूसरे धर्म वाले जब इतने बच्चे पैदा कर रहे हैं तो क्या आपको किसी कानून ने रोक रखा है?

भागवत ने शनिवार को आगरा में आयोजित विश्वविद्यालय व् महाविद्यालय शिक्षक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा,” आप लोग कह रहे है कि ‘उनकी’ जनसंख्या बढ़ रही है, तो हिंदुओं को किसने रोका है?”

सम्मेलन में भाग लेने आये शिक्षकों ने मोहन भागवत से सवाल करते हुए शिक्षा में बदलाव की बात करने के साथ साथ आरक्षण व्यवस्था खत्म करने पर भी सवाल किए। अध्यापकों द्वारा किये गए सवालों का जवाब देते हुए मोहन भागवत ने कहा कि व्यवस्था बदलने के लिए हमें पहले खुद में बदलाव लाना होगा।

शिक्षकों ने जब भागवत से शिक्षा प्रणाली से जुड़े सवाल पूछे तो भागवत ने कहा कि वह उनकी बात को केंद्र सरकार तक पहुंचा देंगे लेकिन अच्छा होगा यदि वे स्वयं अपने सवालों को पत्र लिखकर शिक्षा मंत्री तक भेजें।

राजन से नाराज़ रहने वाले स्वामी, उर्जित की नियुक्ति से हैं खुश

शिखा पाण्डेय,

निवर्तमान आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन के कामों की आलोचना करनेवाले भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी आरबीआई गवर्नर के तौर पर उर्जित पटेल की नियुक्ति से संतुष्ट हैं। भाजपा सांसद ने इस नियुक्ति को लेकर ट्विटर पर अपने विचार व्यक्त किए।

स्वामी ने आज कई ट्वीट व रिट्वीट किए और अपने टि्वटर फॉलोवर्स के सवालों के जवाब में उन्होंने यह भी कहा कि यह सोचना बेवकूफी भरा होगा कि वह पटेल की इस बात के लिए आलोचना करेंगे कि उनका जन्म केन्या में हुआ है।

स्वामी ने यह उम्मीद जताई है कि पटेल राजन जैसे आक्रामक साबित नहीं होंगे। आपको बता दें कि मुद्रास्फीति को रोकने के लिए ब्याज दर कम नहीं करने को लेकर राजन की नीति की स्वामी ने कड़ी आलोचना की थी।

जब एक टि्वटर हैंडल के माध्‍यम से कहा गया कि मैं सुनिश्चित हूं कि स्वामी इस नियुक्ति से खुश नहीं हैं तो भाजपा सांसद ने पलटकर कहा,” बकवास”। स्वामी ने एक फॉलोवर के ट्वीट को रीट्वीट किया जिसमें कहा गया है, “अलविदा रघुराम राजन… कोई और शौक चुनें..शुक्रिया… स्वागत उर्जित पटेल।”

स्वामी के ट्वीट्स की वजह से उनके फॉलोवर्स का मानना है कि वे पटेल की नियुक्ति का पुरजोर समर्थन कर रहे हैं क्योंकि जब स्वामी के एक फॉलोवर ने केन्या का नागरिक होने के कारण पटेल की आलोचना की तो उसका जवाब स्वामी ने देते हुए कहा कि वह केन्या के नागरिक नहीं हैं, थे।

दूसरी ओर आरबीआई गवर्नर के रुप में उर्जित पटेल की नियुक्ति पर कांग्रेस ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि पटेल भी अपने पूर्वाधिकारी रघुराम राजन की श्रेणी के हैं, जिन्हें सरकार ने दूसरा कार्यकाल नहीं दिया। कांग्रेसी नेता मनीष तिवारी ने ट्वीट में कहा कि अगर प्रतिष्ठान को रघुराम राजन की विदेशी पहचान से घृणा है तो उर्जित पटेल भी उसी श्रेणी के हैं।

उल्लेखनीय है कि स्वामी ने इससे पहले राजन पर आरोप लगाया था कि राजन देश के लिए उपयुक्त व्यक्ति नहीं हैं। उन्होंने कहा था कि राजन ने मुद्रास्फीति पर नियंत्रण करने की आड़ में ब्याज दरों में वृद्धि की जिससे देश को नुकसान उठाना पड़ा। तमाम विवादों के बाद राजन ने जून में अचानक आरबीआई कर्मियों को भेजे गए पत्र में घोषणा की कि वे शिक्षण कार्य में लौटेंगे और दूसरा कार्यकाल ग्रहण नहीं करेंगे।

दक्षिण टर्की में बम धमाका, 30 की मौत

ब्यूरो,

दक्षिण तुर्की के गाजियानटेप शहर में बम धमाका हुआ है। इस दुर्घटना में करीब 30 लोगों की मौत हो गई, जबकि 94 से ज्यादा लोग घायल हो गए। घायलों को फौरन इलाज के लिए नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।

सूत्रों के अनुसार एक शादी समारोह के दौरान यह बम धमाका हुआ। शादी समारोह में आत्मघाती हमलावर ने इस धमाके को अंजाम दिया। गाजियानटेप के गवर्नर ने बताया है कि तुर्की सरकार ने इसे आतंकी हमला करार दिया है, हालांकि अभी तक किसी भी आतंकी संगठन ने धमाके की जिम्मेदारी नहीं ली है। सरकारी सूत्रों को शक़ है कि यह धमाका आतंकी संगठन आईएसआईएस ने किया है।

तुर्की के एमपी मेहमत एर्दोगन ने इस संबंध में बताया,” हमें शादी समारोह के दौरान धमाके की खबर मिली है। घायलों को अस्पताल भेजा गया है। मौके पर पुलिस की टीम पहुंच चुकी है।”

गौरतलब है कि सीरिया सीमा से करीब 64 किलोमीटर दूर यह गाजियानटेप शहर कुर्दिश बहुल इलाका है। गाजियानटेप बॉर्डर पर आइएसआइएस काफी सक्रिय है।