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Friday, August 7, 2026
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…जहां मुस्लिम ईद की तरह धूमधाम से मनाते हैं जन्माष्टमी

सौम्या केसरवानी,

राजस्थान में एक ऐसी जगह है, जहां मुस्लिम समुदाय के लोग दरगाह में जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाते हैं। कम ही लोगों को इसकी जानकारी होगी। राजधानी जयपुर से 200 किलोमीटर दूर झुंझुनू जिले के चिरवा स्थित नरहर दरगाह, जिसे शरीफ हजरत हाजिब शकरबार दरगाह के रूप में भी जाना जाता है, यहाँ जन्माष्टमी के अवसर पर तीन दिनों का उत्सव आयोजित किया जाता है।

जन्माष्टमी के दौरान दरगाह के आस-पास 400 से ज्यादा दुकानें सजती हैं। जन्माष्टमी की रात यहां मंदिरों की तरह ही कव्वाली, नृत्य और नाटकों का आयोजन होता है।

दरगाह के सचिव उस्मान अली के मुताबिक़, ‘यह कहना बेहद मुश्किल है कि यह त्योहार कब और कैसे शुरू हुआ, लेकिन इतना जरूर है कि यह राष्ट्रीय एकता की सच्ची तस्वीर पेश करता है। क्योंकि त्योहार को यहां हिंदू, मुस्लिम और सिख साथ मिलकर मनाते हैं।’ उन्होंने कहा कि नवविवाहित जोड़े यहां खुशहाल और लंबे वैवाहिक जीवन की मन्नतें मांगने आते हैं।

त्योहार के दौरान यहां बिहार, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों के लोग आते हैं। उन्होंने कहा, ‘यहां हजारों हिंदू आते हैं और दरगाह में फूल, चादर, नारियल और मिठाइयां चढ़ाते हैं।’

भारतीय नौसेना की स्कॉर्पियन पनडुब्बी परियोजना के दस्तावेज लीक, जांच का आदेश

अमित द्विवेदी,

भारतीय नौसेना की स्कॉर्पियन पनडुब्बी परियोजना से संबंधित दस्तावेज के लीक होने से खलबली मच गई है। ऑस्ट्रेलिया के एक दैनिक अखबार ने इस बात की जानकारी दी कि फ्रांसीसी कंपनी DCNS से स्कोर्पियन पनडुब्बी के दस्तावेज लीक हो गए हैं। फ्रांस के सहयोग से बनाई जा रही पनडुब्बियां अभी तक नौसेना में शामिल नहीं की गईं हैं।

पनडुब्बियों के दस्तावेजों के लीक होने की जानकारी मिलते ही रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने जांच का आदेश दे दिया। डेटा लीक होने की जांच नेवी के चीफ करेंगे। गौरतलब है कि फ्रांस के सहयोग से मुंबई के मझगांव बंदरगाह पर 6 पनडुब्बियां तैयार की जा रही हैं।

ऑस्ट्रेलिया के एक दैनिक समाचार पत्र के मुताबिक, लीक हुए दस्तावेज में इन पनडुब्बियों की युद्ध करने की क्षमता सहित पनडुब्बियों के सेंसर, नेवीगेशन और टॉरपीडो लांच सिस्टम की विस्तृत जानकारी है।

हालाँकि अभी तक यह निश्चित नहीं हो सका है कि यह दस्तावेज भारत में लीक हुआ है या फ्रांस में। दैनिक पत्र की मानें तो डीसीएनएस कह रहा है कि संभवतः दस्तावेज भारत में ही लीक हुए होंगे। फिलहाल मामले की जांच शुरू हो गई है।

धाविका सुधा स्वाइन फ्लू की शिकार, 2 महीने तक नहीं ले सकेंगी किसी दौड़ में हिस्सा

शिखा पाण्डेय,

भारत की लंबी दूरी की धाविका व रियो में स्टीपलचेज स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्त्व करने वाली सुधा सिंह कम से कम 2 महीने तक किसी भी दौड़ में हिस्सा नहीं ले सकेंगी। ज़ीक़ा वायरस के संक्रमण की आशंका जाता रहे चिकित्सकों ने जांच के बाद सुधा में स्वाइन फ्लू पाया है।

भारतीय खेल प्राधिकरण की डा. सरला ने पीटीआई से कहा, ‘‘सुधा सिंह, जिनका जिका वायरस के संभावित सक्रमण के लिये इलाज चल रहा था, वह एच1एन1 से पीड़ित हैं जिसे स्वाइन फ्लू वायरस के नाम से जाना जाता है। ”

सुधा ने रियो ओलंपिक में महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज स्पर्धा में हिस्सा लिया था।  पिछले सप्ताह रियो से लौटने के बाद ही उन्हें बुखार और शरीर में दर्द की शिकायत हुई। उन्हें 20 अगस्त को ही फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहाँ  ज़ीक़ा वायरस के संभावित संक्रमण को लेकर उनका इजाज चल रहा था।

सोशल मीडिया पर कलाकारों को कोई सीरियस नहीं लेता -नसीरुद्दीन शाह

एंटरटेनमेंट डेस्क,

हाल ही में अपने विवादित बयानों के कारण बॉलीवुड के लोगों के भी विरोध का शिकार हुए मशहूर बॉलीवुड अभिनेता नसीरूद्दीन शाह का मानना है कि सोशल मीडिया पर कलाकारों को अपना विचार खुद तक सीमित रखना चाहिए, क्योंकि कोई भी उन्हें गंभीरता से नहीं लेता है।

अपनी ‘आत्मकथा ‘एंड देन वन डे’ के मराठी संस्करण के विमोचन के अवसर पर संवाददाताओं से बातचीत के दौरान शाह ने कहा, “मेरा मानना है कि कलाकारों को लोगों से अपने काम के जरिये जुड़ना चाहिए, क्योंकि इससे ज्यादा प्रभावी कुछ नहीं है। मुझे लगता है कि लोग किसी अभिनेता के विचारों को गंभीरता से नहीं लेते।”

उन्होंने कहा, “हर कोई बातें सुनेगा और मजाक भी बनाएगा लेकिन विचारों को गंभीरता से नहीं लिया जाता। इसलिए उन्हें अपने विचार अपने पास रखने चाहिए।”

67 वर्षीय शाह ने कहा कि उन्हें मराठी में किताब के विमोचन की जरूरत इसलिए महसूस हुई क्योंकि उनका मानना है कि महाराष्ट्र के लोग उनसे बहुत प्यार करते हैं।

सपा से निकलने की तैयारी में अमर सिंह!

अमित द्विवेदी,

सपा से हाल ही में दोबारा जुड़ने वाले राज्‍यसभा सांसद अमर सिंह ने अपने अपमान का हवाला दे कर पार्टी से इस्‍तीफा देने की धमकी दी है। उनका कहना है कि राज्यसभा सीट के बदले पार्टी में उन्‍हें अपमानित किया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि वे मुलायम सिंह से बात करने के बाद तय करेंगे कि आगे क्‍या करना है।

सिंह ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, ” मैं समाजवादी नहीं, मुलायमवादी हूं। ये तय करना होगा कि मुलायम सिंह मुखिया हैं या नहीं। पार्टी में मेरे साथ-साथ जया प्रदा, बलराम यादव और शिवपाल यादव को भी अपमानित किया जा रहा है।” उन्होंने कहा, “राज्यसभा में हमको मूक-बधिर बना दिया गया है। हम पीछे बैठकर नरेश अग्रवाल अौर सुरेंद्र नागर के भाषण सुनते हैं।”

अमर सिंह ने अखिलेश सरकार पर आरोप लगाया कि अखिलेश की सरकार में वही लोग ऐश कर रहे हैं, जो मायावती के राज में कर रहे थे। अखिलेश यादव से नाराज़गी जताते हुए अमर सिंह ने कहा, “मैं अखिलेश यादव से फोन पर बात भी नहीं करता। फोन पर बात करने की कोशिश करो तो उनका सचिव कहता है कि आपका नाम लिस्ट में है, बात करवा दी जाएगी।”

सिंह ने कहा कि वे दोबारा सपा में मुलायम सिंह की वजह से आये थे, क्योंकि उनके लिए राजनीति से अधिक महत्त्व आपसी संबंधों का है। अमर सिंह ने इस्तीफे की धमकी देते हुए कहा, “मैं पार्टी को नहीं, उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के चेयरमैन हामिद अंसारी को इस्‍तीफा दूंगा।”

गौरतलब है कि अमर सिंह और जया प्रदा को फरवरी 2010 में समाजवादी पार्टी से निष्कासित किया गया था। दोनों ने 2011 में ‘राष्ट्रीय लोकमंच पार्टी’ बनाई। यूपी चुनाव में 403 में से 360 सीटों पर अपने कैंडिडेट उतारे, लेकिन एक भी सीट नहीं मिली।

इसके बाद अमर सिंह मार्च 2014 में राष्ट्रीय लोक दल में शामिल हुए। लोकसभा चुनाव में फतेहपुर सीकरी से चुनाव भी लड़ा, लेकिन हार गए। हाल ही में वे सपा में लौटे। पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में भेजा और अब वे पार्टी से असंतुष्ट होकर इस्तीफा देने पर विचार कर रहे हैं।

अब ‘स्वच्छ भारत ऐप’ करेगा चुटकियों में गन्दगी साफ़!

शिखा पाण्डेय,
स्वच्छ भारत अभियान को और अधिक सशक्त बनाने के लिए भारत सरकार ने अब टेक्नोलॉजी का भी सहारा लिया है। अपने ऐलान के मुताबिक सरकार द्वारा ‘स्वच्छ भारत ऐप’ लॉन्च कर दिया गया है, जिसके जरिए आप अपने आस-पास की जगहों को बस एक क्लिक के जरिए साफ करवा सकते हैं। शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू ने हाल ही में यह ऐप लॉन्च किया है।

अब अगर आपको अपने मुहल्ले या घर के आस-पास गंदगी दिखे, तो आपको परेशान होने की जरुरत नहीं। आप गंदगी की तस्वीर ले कर ‘स्वच्छ भारत ऐप’ के ज़रिये अपलोड कीजिये। ऐसा करते ही सिस्टम को इस बात की जानकारी हो जाएगी और जल्द से जल्द इस गंदगी को साफ किया जाएगा। सफाई के बाद प्रभारी को इसकी तस्वीर ऐप पर अपलोड करके नगर निगम अधिकारी को रिर्पोर्ट देनी होगी।

इस ऐप से शहर की नगर निगम ईकाई भी जुड़ी होगी और तस्वीर अपलोड होते ही जीपीएस की मदद से उस क्षेत्र के नगर निगम कार्यालय को भी गंदगी की तस्वीर प्राप्त हो जाएगी।आपके फोटो अपलोड करने के 12 घंटे के अंदर समस्या का समाधान किया जाएगा। अगर मरे हुए जानवर को लेकर आपने सहायता मांगी है तो इस परिस्थिति में 48 घंटे के अंदर समाधान किया जाएगा। कई नगर निगम में इस ऐप को लेकर ट्रेनिंग दी जा रही है।

‘मोदी’मय हो रहा है मुस्लिम समुदाय, टेंशन में विपक्ष

शिखा पाण्डेय,

हमेशा से भाजपा को मुस्लिम विरोधी पार्टी करार देनेवालों के लिए चिंताजनक खबर यह है कि अब मुस्लिम समुदाय भी ‘मोदी’मय होने लगा है। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष आतिफ रशीद ने यह विश्वास जताया है कि देश के दूसरे वर्गों की तरह मुस्लिम समुदाय के बीच भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बढ़ी है व केंद्र की योजनाओं का मुसलमानों को भी बराबर लाभ मिला है।

आतिफ रशीद ने कहा, ‘‘केंद्र में मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से जनहित की कई योजनाएं चलायी गयीं, जिनका मुसलमानों और दूसरे अल्संख्यक समुदायों को बराबर का फायदा हुआ है। इतना जरूर है कि इन योजनाओं को लेकर अल्पसंख्यकों के बीच जागरुकता बढ़ाने की जरुरत है।”

उन्होंने एक सवाल के जवाब में संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस बात में कोई दम नहीं है कि अल्पसंख्यकों के बीच डर है।  यह सब दुष्प्रचार है। मुस्लिम समुदाय में भी प्रधानमंत्री की लोकप्रियता बढ़ी है। मुस्लिम इलाकों में हम जाते हैं तो हमें प्रधानमंत्री और उनके नेतृव वाली सरकार के प्रति पूरा उत्साह दिखाई देता है।”

भाजपा नेता ने दिल्ली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘ दिल्ली के मुख्यमंत्री सिर्फ आरोप की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने बड़े-बड़े वादे किए थे, पर अपने किसी भी वादे पर खरे नहीं उतरे। उनकी सरकार ने ऑड-इवेन जैसी एक असफल योजना के अलावा कोई दूसरी योजना शुरु नहीं की।”

रशीद ने कहा, ‘‘हमारी कोशिश है कि दिल्ली के हर मुस्लिम बहुल इलाके में हमारे सक्रिय सदस्य हों। पार्टी नेतृत्व के फैसले के मुताबिक यह प्रयास शुरु किया गया है। हमने अब तक 2000 युवाओं को जोड़ा है।”

भाजपा की दिल्ली इकाई का अल्पसंख्यक मोर्चा आगामी 25 अगस्त को पार्टी में अल्पसंख्यक युवाओं को ‘सक्रिय सदस्य’ के तौर पर जोड़ने के लिए अल्पसंख्यक युवा सम्मेल्लन करने जा रहा है जिसमें भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शिरकत करेंगे।

जम्मू-कश्मीर में शांति कायम करने के लिए बीएसएफ होगी तैनात

शिखा पाण्डेय,

जम्‍मू-कश्‍मीर में छाई अशांति के माहौल को नियंत्रित करने के मद्देनजर घाटी में 12 साल बाद एक बार फिर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को तैनात किया गया है। कल श्रीनगर के लालचौक और आसपास के इलाके में बीएसएफ के एक दस्ते ने करीब 12 साल बाद फ्लैग मार्च किया।

केंद्र ने कश्मीर में हालात सामन्य बनाने के लिए बीएसएफ की 26 और कंपनियों को भेजने का फैसला किया है। बीएसएफ की इन 26 कंपनियों को राज्य के समस्याग्रस्त इलाकों में कानून व्यवस्था बनाने के लिए भेजा जा रहा है। घाटी में लगातार हो रही हिंसा और कई इलाकों में अशांति के बीच केंद्र ने सोमवार को 2600 अतिरिक्त अर्द्धसैनिक बलों को जम्मू कश्मीर के लिए रवाना कर दिया।

हिजबुल आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद से घाटी में करीब डेढ़ माह से हिंसा और तनाव का माहौल बना हुआ है। ऐसे में सोमवार से घाटी के भीतरी इलाकों में बीएसएफ की तैनाती की गई है। घाटी के कई इलाकों में अभी भी कर्फ्यू है।

यह पुख़्ता जानकारी सरकारी सूत्रों की ओर से दी गई है। जानकारी के अनुसार इन बलों को गुजरात, राजस्थान और पश्चिम बंगाल से लिया गया है और उनके एक दो दिन में घाटी पहुंच जाने की संभावना है। इसके अतिरिक्त अमरनाथ यात्रा की ड्यूटी से हटाए जाने के बाद बल की 30 अतिरिक्त कंपनियों को भी अगले कुछ दिन में राज्य में भेजे जाने की संभावना है।

उल्लेखनीय बाई कि जम्मू-कश्मीर के लोग पहले से ही बीएसएफ को आक्रामक बल मानते हुए उनकी तैनाती का विरोध करते आए हैं। संभवत: यही कारण रहा कि करीब 12 सालों पूर्व सीमा सुरक्षा बल को हटाकर घाटी में सीआरपीएफ की तैनाती कर दी गई थी।

1990 के दौरान आतंकी गतिविधियों पर काबू करने के उद्देश्य से सीमा सुरक्षा बल को जम्मू-कश्मीर में तैनात किया गया था, लेकिन बाद में वर्ष 2004 के दौरान बल का स्थान सीआरपीएफ ने ले लिया था। अब एक बार फिर सीमा सुरक्षा बल के हाथों में कश्मीर की सुरक्षा की कमान थमा दी गई है।

अखिलेश का दावा, पार्टी में छुपे हैं ‘घर के भेदी’

पारुल पाण्डेय,
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का दावा है कि उनकी पार्टी के कुछ भ्रष्ट अधिकारी दूसरी पार्टी से मिले हैं और ऐसे में सरकारी यीजनाओं में
खलल पड़ना तय है।

क्रेडाई और पीएचडी चैम्बर्स ऑफ कामर्स एंड इण्डस्ट्री द्वारा आयोजित इंफ्रास्ट्रक्चर मीट में अखिलेश ने कहा, ” हम 100 नंबर को राज्य में लाने के लिए पूरी तरह प्रयासरत हैं लेकिन हमारी ही पार्टी के कुछ भ्रष्ट अधिकारी दूसरी पार्टी से मिलकर यह लागू नहीं होने देना चाहते।

क्या हैं 100 नंबर के फायदे

अखिलेश ने बताया की अगर 100 नम्बर आ गया तो  किसी भी दुर्घटना स्थल पर पहुँचने में पुलिस को केवल 10 मिनट का समय लगेगा। ऐसे में राज्य के क्राइम को रोकने में और जनता की मदद में बेहद सहायता होगी। हालांकि कुछ ऐसे लोग हैं पार्टी में जो ऐसा होने नहीं देना चाहते। लेकिन 100 नंबर मिशन रोकनेवाले अधिकारियों पर भी हमारी पैनी नज़र बनी है। हमारे बेजोड़ मुख्य सचिव इस काम की पूरी कमान संभालेंगे और आरोपी अधिकारी को पकड़ा जाएगा।

भाजपा को लिया आड़े हाथ

अखिलेश ने भाजपा को करारा जवाब देते हुए कहा कि भाजपा पहले सीमा पर डटे हमारे जवानों की
रक्षा करे। वहां का हाल किसीसे छुपे नहीं है।

उन्होंने भाजपा पर व्यंग करते हुए सभा से कहा कि आपने अखबारों में एक आरोप बहुत पढ़ा होगा कि उत्तर प्रदेश में पांच-साढ़े पांच मुख्यमंत्री हैं। हम कहते हैं कि भाजपा वालों कम से कम आप अपना एक मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार  ही ढूंढ लाओ। फिर जनता तय करेगी कि कौन आगे है और कौन पीछे।

कन्नड़ फिल्मों की अभिनेत्री ने की पाकिस्तान की तारीफ़, देशद्रोह का मामला दर्ज

शिखा पाण्डेय,

कन्नड़ फिल्मों की जानी-मानी अभिनेत्री  व पूर्व कांग्रेस सांसद रम्या को पाकिस्तान के समर्थन में बयान देना मंहगा पड़ गया है। रम्या ने पाकिस्तान के लोगों को ‘अच्छा और मेहमाननवाज’ बता कर अपने लिए यह मुसीबत खड़ी की है। उन पर देशद्रोह का केस दर्ज किया गया है। हालांकि पूरे मामले पर राम्या ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे माफ़ी नहीं मांगेंगी।

क्या है मामला-

आपको याद होगा कि कुछ दिनों पहले रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने पाकिस्तान को नर्क का दर्ज़ा दिया था। उनके इसी बयान से असहमति जताते हुए रम्या ने कहा, “पाकिस्तान नर्क नहीं है। वहां के लोग बिल्कुल हम जैसे हैं। वे बहुत अच्छी मेहमाननवाज़ी करते हैं।उन्होंने हमारे साथ बहुत अच्छा बर्ताव किया।”

राम्या के खिलाफ पाक की तारीफ कर देश की जनता के अपमान और उन्हें भड़काने, बयान से कर्नाटक में अशांति पैदा करने के आरोप के तहत सेक्शन 200 के तहत केस दर्ज किया गया है।

देशद्रोह का केस दर्ज होने के बाद अभिनेत्री का कहना है कि ऐसे कानून को हटाने की जरूरत है और वो अपने बयान पर कायम हैं, क्योंकि उन्होंने कुछ भी ग़लत नहीं बोला है। मामले की सुनवाई इसी सप्ताह शनिवार को होगी।

रम्या के इस बयान से एबीवीपी और बीजेपी कैडर भी भड़के हुए हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर भी जम कर उन्हें आड़े हाथ लिया जा रहा है। ट्विटर पर रम्या जमकर ट्रोल की गईं। उन्हें ‘राष्ट्र विरोधी’ करार दिया गया है।

गौरतलब है कि साल 2011 से ही कांग्रेस की सदस्य रही राम्या पिछले दिनों सार्क देशों की यंग पार्लियामेंटेरियन की बैठक में हिस्सा लेने पाकिस्तान गई थीं।