28.5 C
Mumbai
Friday, August 7, 2026
Home Blog Page 1150

ऑनलाइन पोल का दावा, 70 फीसदी भारतीय चाहते हैं 2019 में भी पीएम बने नरेंद्र मोदी

India’s main opposition Bharatiya Janata Party (BJP) prime ministerial candidate Narendra Modi attends the party’s two-day long National Council meeting beginning Saturday to chalk out election strategy, in New Delhi, India, Saturday, Jan. 18, 2014. Modi has been accused of looking the other way while his state suffered one of India's worst outbreaks of religious violence in 2002 and critics question whether the Hindu nationalist chief can be a truly secular leader over India's many cultures. (AP Photo/Altaf Qadri)

सौम्या केसरवानी,

पीएम नरेंद्र मोदी के लिए यह खबर राहत देने वाली और खुशी की है। एक ऑनलाइन पोल के दावों के मुताबिक, 70 फीसदी भारतीय चाहते हैं कि मोदी 2019 में भी भारत के पीएम बनें। लेकिन इस मामले मे महिलाओं का प्रतिशत थोड़ा कम है। आकलन के मुताबिक, 64 फीसदी महिलाएं चाहती हैं कि मोदी सरकार 2019 में दोबारा आएं।

न्यूज ऐप इनशॉर्ट्स ने इस पोल को मार्केटिंग एजेंसी Ipsos के साथ मिलकर किया और ऑनलाइन पोल में 63 हजार 141 यूजर शामिल हुए। 70 फीसदी यूजर्स ने पीएम मोदी के फिर से सत्ता में आने के सवाल का जवाब हां में दिया और 17 फीसदी ने ना कहा और 13 फीसदी लोगों ने कुछ नहीं कह सकते वाले ऑप्शन के लिए वोट किया।

सर्वे 25 जुलाई से 7 अगस्त के बीच में कराया गया है। इस सर्वे में शामिल हुए 80 फीसदी प्रतिभागियों की उम्र 35 साल से कम रही है। इनशॉर्ट्स के सीईओ और को-फाउंडर अजहर इकबाल ने कहा कि इस सर्वे ने इस बारे मे एक दृष्टिकोण दिया है कि शहरी युवा देश की राजनीति, शासन, बिजनस, करियर और टेक्नॉलजी पर क्या राय रखते हैं।

कैटरीना-सिद्धार्थ ने ट्रैफिक पुलिस से सीखे डांस स्टेप्स!

एंटरटेनमेंट डेस्क

आपने हाथ हिलाकर व सिटी बजकर गाड़ियों को निर्देश देनेवाले ट्रैफिक पुलिस ज़रूर देखे होंगे मगर सिटी की धुन पर ठुमके लगाकर, नाचकर गाड़ियों को निर्देश देनेवाला ट्रैफिक पुलिस शायद ही देखा हो। इसी ट्रैफिक पुलिस से मिलने व डांस के गुर सीखने कैटरीना कैफ अपने सहयोगी अभिनेता सिद्धार्थ के साथ जा पहुँचीं इंदौर, मध्यप्रदेश। दोनों ने यातायात पुलिस के जवान रंजीत सिंह से डांस के कई टिप्स लिए।

दरअसल कैटरीना और सिद्धार्थ अपनी आने वाली फिल्म ‘बार-बार देखो’ के प्रमोशन के सिलसिले में इंदौर आए हुए थे। दोनों कलाकारों ने हाईकोर्ट चौराहे पर जाकर यातायात पुलिस जवान रंजीत सिंह से मुलाक़ात की। रंजीत एक ऐसे जवान हैं जो नृत्य की मुद्राओं में इशारों से वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करते हैं।

कैटरीना और सिद्धार्थ ने रंजीत से वाहनों को लेकर किए जाने वाले इशारों के स्टेप सीखे और उनके साथ इन्हें दोहराया भी। इस मौके पर मौजूद सैकड़ों प्रशंसकों ने भी जमकर डांस किया। बाद में रंजीत ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए बताया कि दोनों ही कलाकारों ने उनके स्टेप को कई बार विभिन्न स्थानों पर देखा है और आज करीब से इसे देखने के लिए यहां आए थे। रंजीत के लिए यह बहुत ख़ुशी का अवसर था।

उल्लेखनीय है कि रंजीत जहां भी तैनात होते हैं, वहां एक स्थान पर खड़े होकर वाहनों को केवल नियंत्रित नहीं करते, बल्कि पूरे समय सड़क पर अपने मुंह से सीटी बजाते हुए नृत्य-मुद्राओं का प्रदर्शन भी करते हैं। इससे वाहन चालकों का मनोरंजन भी हो जाता है। आपको बता दें कि रंजीत को वहां ‘सिंघम’ के नाम से पहचान जाता है।

भारत-वियतनाम के बीच 12 अहम् समझौतों पर हस्ताक्षर, प्रधानमंत्री आज चीन के लिए होंगे रवाना

शिखा पाण्डेय,

आज सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वियतनाम में भव्य राष्ट्रपति भवन के सामने भव्य स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री का स्वागत वियतनाम के राष्ट्रपति त्रान दाई क्वांत ने किया। आज भारत और वियतनाम के बीच करीब 12 समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये।

मोदी वियतनाम की एक दिवसीय यात्रा पर कल रात वियतनाम पहुंचे।  भारत और वियतनाम ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में इन 12 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशो के बीच दोहरे कराधान, स्वास्थ्य, आईटी और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में समझौते हुए। प्रधानमंत्री मोदी आज शाम ‘जी-20’ वार्ताओं में शामिल होने के लिए चीन रवाना होंगे।

ऐसे हुआ भव्य स्वागत

प्रधानमंत्री मोदी के आगमन के साथ ही सुनहरी लटकन वाली सफेद वर्दी और काले गम्बूट पहने सशस्त्र बलों के बैंड द्वारा भारत और वियतनाम का राष्ट्रगान बजाया गया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने मेजबान देश के तीनों सशस्त्र बलों के गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया।

प्रधानमंत्री को इसके तत्काल बाद भवन के पास स्थित उस पारंपरिक मकान में ले जाया गया जहां वियतनाम के प्रिय नेता हो ची मिन्ह 1958 से 1969 के दौरान रुके थे। आपको बता दें कि नरेंद्र मोदी पिछले 15 वर्षों में इस कम्युनिस्ट देश की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं।

रिलायंस जिओ से भी सस्ते प्लान्स, ऑफर्स जानकार चौंक जाएंगे

शिखा पाण्डेय,

रिलायंस जिओ के धमाकेदार प्लान्स ने अच्छी अच्छी टेलीकॉम कंपनीज़ की जान सांसत में डाल दी है। एयरटेल के बाद अब सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल भी जिओ को टक्कर देने की इस प्रतियोगिता में कूद पड़ी है। बीएसएनएल ने दावा किया है कि उसके नए प्लान जिओ से सस्ते हैं।

कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा है कि वो, नौ सितंबर से ‘बी बी 249’ प्लान पेश करेगी। इस प्लान में ग्राहक डेटा लिमिट की चिंता किए बिना जितना चाहे ब्रॉडबैंड डेटा यूज़ कर सकते हैं। इतना ही नहीं, स्पीड भी 2 एमबीपीएस होगी।

बीएसएनएल के अफसरों की मानें तो उसके डेटा प्लान जिओ से सस्ते हैं, लेकिन जिओ की ‘वॉयस कॉल फ्री’ घोषणा की काट अभी किसी आपरेटर के पास नहीं है। बीएसएनएल के एडिशनल जीएम मार्केटिंग ए.के. मिश्र के मुताबिक डेटावार में बीएसएनएल किसी भी प्रतिस्पर्धा में पीछे नहीं रहेगा। बीएसएनएल शहर से लेकर गांव तक के कस्टमर्स को सेवाएं दे रहा है।

बीएसएनएल अफसरों के अनुसार,” जिओ 499 रुपये में 30 दिन के अंदर 4 जीबी डेटा देता है और  बीसएनएल महज 156 रुपये में 10 दिन के लिए दो जीबी डेटा दे रहा है। अगर हर 10 दिन में यह वाउचर लोड किया जाए तो उपभोक्ता 468 रुपये में बीएसएनएल उपभोक्ताओं को 6 जीबी डेटा मिल रहा है। इसी तरह प्रत्येक प्लान में बीएसएनएल जिओ से बेहतर है।”

अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा,” पर्सनल कानूनों में हस्तक्षेप न करे कोर्ट”

शिखा पाण्डेय,

‘अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड’ ने कहा कि सामाजिक सुधार के नाम पर किसी समुदाय के पर्सनल कानूनों को ‘फिर से नहीं लिखा’ जा सकता। बोर्ड ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय में तलाक के मामलों में मुस्लिम महिलाओं द्वारा कथित लैंगिक भेदभाव सहित कई मुद्दों को उठाने वाली याचिकाओं का सख़्त विरोध किया।

बोर्ड ने कहा कि शादी, तलाक और गुजाराभत्ता के मुद्दों पर मुस्लिम पर्सनल लॉ द्वारा बताई गई परंपराएं पवित्र ग्रंथ कुरान पर आधारित हैं और अदालतें ग्रंथ की पंक्तियों की जगह अपनी व्याख्या को स्थापित नहीं कर सकतीं। बोर्ड ने कहा कि यह कल्पना गलत है कि मुस्लिम पुरुष तलाक के संबंध में एकतरफा शक्तियां प्राप्त करते हैं।

बोर्ड ने अपने जवाबी हलफनामे में कहा कि बहुविवाह, तीन बार तलाक और निकाह हलाला की मुस्लिम परंपराओं से संबंधित विवादित मुद्दे ‘विधायी नीति’ के मामले हैं। इसमें हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। बोर्ड ने तलाक के विषय में कहा कि इस्लाम तलाक को हमेशा ‘निंदनीय परंपरा’ मानता है और ध्यान इस तथ्य पर भी है कि दोनों पक्षों को जहां तक संभव हो, वैवाहिक संबंध बनाए रखना चाहिए।

बहुविवाह के संबंध में बोर्ड ने कहा कि इस्लाम इसकी अनुमति देता है लेकिन इसको प्रोत्साहित नहीं करता।बोर्ड द्वारा विश्व विकास रिपोर्ट 1991 सहित कई रिपोर्ट्स का जिक्र किया जिसमें कहा गया था कि आदिवासियों, बौद्ध धर्म और हिन्दू धर्म में बहुविवाह प्रतिशत क्रमश: 15.25, 7.97 और 5.80  है जबकि इसकी तुलना में मुस्लिमों में यह 5.73 प्रतिशत है।

शीर्ष अदालत ने इस सवाल पर संज्ञान लिया था कि क्या मुस्लिम महिलाएं तलाक के मामलों में या उनके पति के अन्य विवाहों के कारण लैंगिक भेदभाव का सामना करती हैं। आपको बता दें कि प्रधान न्यायाधीश टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ इस विषय की जांच कर रही है।

हिमाचल प्रदेश: बन्दर मारने पर मिल रहा ईनाम, एक बन्दर मारो 300 ₹ ले जाओ

ब्यूरो,

हिमाचल प्रदेश सरकार और जनसामान्य बंदरों के आतंक से परेशान हो गई है। इसलिए हिमाचल सरकार ने बंदरों को मारने के लिए ईनाम की घोषणा कर दी है। शिमला शहर और प्रदेश की 38 तहसीलों में वानरों को पीड़क जंतु घोषित किया गया है और एक बंदर को मारने के लिए 300 रुपये का पुरस्कार रखा गया है।

वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने बताया कि वनों के बाहर वानरों की जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए ही यह निर्णय लिया गया है। हाल ही में प्रदेश की 38 तहसीलों और शिमला शहर में वानरों को पीड़क जंतु घोषित किया गया था।

शिमला शहर के अलावा इनमें कांगड़ा जिले की सात, ऊना, सिरमौर की पांच-पांच, सोलन, सिरमौर, चंबा की चार-चार, शिमला, कुल्लू की तीन-तीन, मंडी की एक और हमीरपुर की दो तहसीलों में बंदरों से संबंधित यह नियम लागू किया गया है। संबंधित वन मंडलाधिकारी, एसीएफ और वन परिक्षेत्राधिकारी की कमेटियां गठित की गई हैं, जो ऐसे दावों का सत्यापन करेंगी।

हालाँकि सरकार ने भले ही यह निर्णय आम जनता की सुरक्षा के लिए लिया हो, लेकिन सोशल साइट्स पर हिमाचल सरकार की इस कृत्य का विरोध होना शुरू हो गया है। गौरतलब है कि हिंदुओं में वानर रूप की पूजा भी होती है, इसलिए कइयों का कहना है कि सिर्फ जान से मार देना किसी समस्या का हल नहीं है। सरकार को बाकी के उपायों पर भी सोचना चाहिए।

हनोई पहुंचे पीएम मोदी, कहा- वियतनाम हमारी ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का महत्वपूर्ण स्तम्भ

शिखा पाण्डेय,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिवसीय यात्रा पर आज हनोई पहुंचे। इस यात्रा के बाद प्रधानमंत्री ‘जी 20’ सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन जाएंगे। मोदी ने वियतनाम को भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का ‘एक बहुत महत्वपूर्ण स्तम्भ’ बताया। उन्होंने कहा कि उनकी इस देश की यात्रा का मकसद सामरिक संबंधों को मजबूत करना तथा रक्षा, सुरक्षा और व्यापार के क्षेत्र में द्विपक्षीय आदान प्रदान को और गति देना है।

अपनी दो दिवसीय यात्रा पर जाने से पहले मोदी ने वियतनाम के सरकारी रेडियो नेटवर्क ‘वॉयस ऑफ वियतनाम’ के साथ साक्षात्कार में कहा, ” हम वियतनाम के प्रधानमंत्री फुक से क्षेत्रीय सहयोग और स्थिरता तथा बहुआयामी सहयोग पर विचार विमर्श करेंगे।” मोदी ने कहा, “हमारे बहुआयामी रिश्तों में खास दोनों देशों के साथ साथ एशिया और एशिया के बाहर के क्षेत्रों में भी स्थिरता और शांति बनाए रखने, आर्थिक प्रगति तथा समृद्धि है।” आपको बता दें कि पिछले 15 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली वियतनाम यात्रा है।

प्रधानमंत्री ने वियतनाम को आसियान संगठन का महत्वपूर्ण सदस्य बताया और कहा कि वह भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का महत्वपूर्ण स्तंभ है। मोदी ने कहा कि भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का लक्ष्य अपने पूर्वी पड़ोसी देशों के साथ आर्थिक क्षेत्र ही नहीं, बल्कि सुरक्षा, सामरिक और राजनीतिक क्षेत्र, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और रक्षा क्षेत्र में सहयोग के लिए भागादारी विकसित करना है।

मोदी ने रेडियो नेटवर्क से कहा, “वियतनाम की मेरी यात्रा का मकसद हमारे बीच राजनीतिक, आर्थिक, वाणिज्य, संस्कृति, मानव संसाधन विकास, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष अनुसंधान, रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में हमारे द्विपक्षीय और बहुपक्षीय संबंधों को और मजबूती देना है।”

द्विपक्षीय संबंधों में व्यापार को महत्वपूर्ण बताते हुये मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच मौजूदा व्यापार 7.83 अरब डॉलर का है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष 2020 तक द्विपक्षीय व्यापार को 15 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लिये प्रतिबद्ध हैं।

गौरतलब है कि भारत ने वियतनाम में निवेश बढ़ाने में अपनी गहरी रुचि दिखाई है। वियतनाम में इस समय भारत का निवेश 1.1 अरब डॉलर है। भारत वियतनाम में बड़ी ढांचागत परियोजनाओं पर भी काम कर रहा है। टाटा पावर की 2.2 अरब डॉलर की अनुमानित लागत से लांग फु- दो 1320 मेगावाट की थर्मल पॉवर परियोजना का क्रियान्वयन हो रहा है।

अलगाववादियों के विरोध को रोकने के लिए श्रीनगर और 8 जिलों में पुनः कर्फ्यू

इंद्रकुमार विश्वकर्मा,

अलगाववादी संगठनों के मार्च के मद्देनजर शुक्रवार को श्रीनगर व कश्मीर घाटी के अधिकतर क्षेत्रों में फिर से कर्फ्यू लगा दिया गया। जम्मू व कश्मीर प्रशासन ने कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियात के तौर पर श्रीनगर और 8 जिलों में कर्फ्यू लगाया है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अलगाववादी संगठनों ने दिल्ली से सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के दौरे के विरोध में मार्च का आह्वान किया है। इसके मद्देनजर बारामूला, पुलवामा, अनंतनाग, शोपियां, कुलगाम, बांदीपोरा, गांदेरबल, कुपवाड़ा और श्रीनगर में प्रतिबंध जारी रहेगा। श्रीनगर सिटी और घाटी के सभी जिला मुख्यालयों में भी कर्फ्यू लगाया गया है।

घाटी के कई इलाकों में गुरुवार को भी विरोध-प्रदर्शन जारी रहा। सुरक्षाबलों के साथ प्रदर्शनकारियों की कई जगहों पर हुई झड़प में कम-से-कम 30 लोग घायल हुए।

इस बीच घाटी में जारी हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 73 हो गई है। घाटी में लगातार 56वें दिन शैक्षणिक संस्थान, मेन मार्केट और पब्लिक ट्रांसपॉर्ट बंद रहे।

दुर्घटना के बाद सैमसंग ने दुनियाभर से वापस मंगाए गैलेक्सी नोट7,बंद की बिक्री!

शिखा पाण्डेय,
सैमसंग  कंपनी ने गैलेक्सी नोट-7 स्मार्टफोन में चार्जिंग के दौरान बैटरी फटने और आग लगने की खबरें आने के बाद गैलेक्सी नोट -7 की बिक्री को शुक्रवार से बंद कर दिया है और सभी हैंडसेट्स को रिकॉल किया है। कंपनी ने दुनियाभर से सैमसंग गैलेक्सी नोट 7 फोन को वापस बुलाने की घोषणा की है।

सैमसंग मोबाइल डिवीजन के हेड कोह डोंग जॉन ने आज बैटरी फटने की शिकायत पर ग्राहकों से माफी मांगी  और आज यह घोषणा की कि दुनिया के दस देशों में फिलहाल इसकी बिक्री पर पूर्णतया रोक लगा दी गयी है। उन्होंने कहा कि जिन कस्टमर्स ने नोट-7 खरीदा है वो उसे देकर नए स्मार्टफोन ले सकते हैं।

जॉन के मुताबिक कंपनी की जांच में पता चला है कि बैटरी सेल दो बैटरी सप्लायरों ने बनाई थी, जिसकी वजह से फोन में आग लग गई। हालांकि उन्होंने बैटरी सप्लायर का नाम बताने से इंकार कर दिया है।

आपको बता दें कि कुछ ग्राहकों ने यह शिकायत की थी कि उनके फोन में चार्जिंग के दौरान आग लग गई। सैमसंग कंपनी की ओर से प्राप्त जानकारी के अनुसार साउथ कोरिया और दूसरे देशों में करीब 35 ऐसे केसों की पुष्टि हुई है, लेकिन इस दौरान किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं आई है।

इस खबर के आने के बाद सैमसंग के अधिकारी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि “जिन प्रॉडक्टस में समस्या वाली बैटरी लगी है, ऐसे अभी तक कुल 0.1 फीसदी प्रॉडक्टस बिके हैं। कई विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के बाद से सैमसंग के ब्रांड पर असर पड़ सकता है।

गौरतलब है कि सैमसंग का फोन 19 अगस्त को लॉन्च हुआ था और इसके बाद से अब सैमसंग करीब 1 मिलियन नोट-7 फोन की बिक्री कर चुका है। कंपनी ने अब तक करीब 2.5 नोट-7 फोन बनाए हैं। आपको बता दें कि फोन में आइरिस स्कैनर की सुविधा भी दी गयी है। साथ ही इसमें 12 मेगापिक्सल का रियर और 5 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है।

आशुतोष ने सीडी कांड में फंसे संदीप कुमार की तुलना नेहरू, गांधी और वाजपेयी से की

Ahmedabad: Aam Aadmi Party National Spokesperson Ashutosh and Party's Gujarat incharge Gulab Singh Yadav address a press conference on the latest atrocities on Dalit Community, in Ahmedabad on Thursday. PTI Photo (PTI7_21_2016_000094A) *** Local Caption ***

अमित द्विवेदी,

सेक्स सीडी प्रकरण में मंत्री पद से बर्खास्त हुए आम आदमी पार्टी के नेता संदीप कुमार के बचाव में पार्टी नेता आशुतोष सामने आ गए हैं। अपने एक ब्लॉग में आशुतोष ने संदीप का बचाव करते करते जवाहर लाल नेहरू, महात्मा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी से कर डाली।

संदीप कुमार का बचाव करते करते आशुतोष अपनी ही पार्टी के मुखिया के विरोध में उतर आए, क्योंकि संदीप की आलोचना खुद पार्टी मुखिया केजरीवाल ने की। केजरीवाल ने तो संदीप को गंदी मछली तक कह डाला। लेकिन ऐसे में आशुतोष का ऐसा बयान चौंकाने वाला नज़र आ रहा है।

पार्टी नेता आशुतोष ने अपने ब्लॉग में लिखा कि भारतीय इतिहास में उदाहरणों की भरमार है, जहां हमारे नायकों और नेताओं ने सामाजिक बंधनों से बेपरवाह होकर अपनी इच्छाओं की पूर्ति की। पंडित नेहरू की कई सहयोगी महिलाओं से प्रेम संबंधों के किस्से चटखारे लेकर कहे-सुने जाते थे। आशुतोष ने प्रश्न किया कि क्या इससे उनका करियर बरबाद हुआ?

महात्मा गांधी के चरित्र पर भी लगाया प्रश्नचिह्न-

आशुतोष यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे लिखा, “इतिहास इसका भी गवाह है कि 1910 में कांग्रेस के बड़े नेता सरला चौधरी से गांधीजी के रिश्तों को लेकर चिंतित थे, सरला रविंद्र नाथ टैगोर की दूर की रिश्तेदार थीं। गांधी जी ने खुद स्वीकार किया था कि सरला उनकी आध्यात्मिक पत्नी थीं। कस्तूरबा गांधी इससे बेहद दुखी थीं। सी राजगोपालचारी और दूसरे वरिष्ठ नेताओं को इस मामले में दखल देनी पड़ी। इन लोगों ने गांधीजी को सरला से दूरी बनाने के लिए समझाया बुझाया। ब्रम्हचर्य से अपने प्रयोग के लिए गांधी जी बाद के दिनों में अपनी दो भतीजियों के साथ नंगे सोते थे। नेहरू ने उन्हें समझाया कि ऐसा न करें वर्ना देश उनके खिलाफ हो जाएगा, मगर गांधी नहीं माने।

आशुतोष के इस बयान के बाद सियासी गलियारे में खलबली ज़रूए मचेगी, क्योंकि जिन नेताओं से संदीप की तुलना की गई है, वे सभी भारत की राजनीतिक दुनिया के सितारे माने जाते हैं। ऐसे में आशुतोष को राजनीतिक कटघरे में भी खड़ा किया जा सकता है। फिलहाल अभी तक किसी भी पार्टी से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।