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Friday, August 7, 2026
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गोआ में लगे संदीप के आपत्तिजनक पोस्टर्स, बौखलाई ‘आप’,भाजपा से ख़फ़ा!

ब्यूरो

आप पार्टी से निलंबित दिल्ली के पूर्व मंत्री संदीप कुमार के पूरे गोवा में आपत्तिजनक पोस्टर लगाए गए हैं। पार्टी से निकाल दिए जाने के बावजूद इन पोस्टरों में आम आदमी पार्टी का चुनाव चिन्ह भी दर्शाया गया है। आम आदमी पार्टी इस वजह से बौखला गई है और उसने धमकी दी है कि वह इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज करवाएगी।

पणजी, मरगांव, पोंडा, वास्को और मापुसा के बाजारों के अलावा गोवा के अन्य प्रमुख स्थानों पर भी संदीप कुमार के आपत्तिजनक पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों पर ‘महिला सशक्तिकरण के लिए आम आदमी पार्टी’ लिखा हुआ है। पोस्टरों पर आप का चुनाव चिन्ह झाड़ू भी बना हुआ है।

गोवा में आप के संयोजक वाल्मीकि नाइक ने यहां संवाददाताओं से कहा,”  हम इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं। हमे संदेह है कि इसके पीछे भाजपा का हाथ है क्योंकि गोवा में भाजपा का शासन है।” उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच करवानी चाहिए। नाइक ने बताया कि इस मामले में आप पार्टी पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज करवाएगी।

नाइक ने कहा कि लोग हमारे विकास कार्यो अथवा नीतियों की आलोचना करें तो हमें परवाह नहीं लेकिन इस हद तक गिरना शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि इस किस्म के पोस्टर लगाना राजनीति का सबसे घटिया उदाहरण है।

उल्लेखनीय है कि आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आप ने गोवा में जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया है। पार्टी राज्य की सभी 40 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

दूसरी ओर इस मामले में पुलिस ने संदीप से पूछताछ की तो उन्होंने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया है। दिल्ली के सुल्तानपुर माजरा से विधायक रहे संदीप को पिछले हफ्ते बलात्कार समेत कई आरोपों के तहत गिरफ्तार किया गया। यह मामला ‘आपत्तिजनक सीडी’  मिलने और सीडी में दिखाई दे रही महिला द्वारा बेहोश कर कुकृत्य किए जाने का आरोप लगाने पर दर्ज़ हुआ। इस मामले के सामने आने के बाद संदीप को पार्टी से निलंबित कर दिया गया।

उर्जित पटेल बने नए आरबीआई गवर्नर,महंगाई को काबू करना होगी सबसे बड़ी चुनौती

शिखा पाण्डेय,

रघुराम राजन का कार्यकाल कल समाप्त होने के पश्चात उर्जित पटेल ने रिजर्व बैंक के 24वें गवर्नर के तौर पर प्रभार संभाल लिया है। आरबीआई ने आज जारी एक बयान में कहा कि पटेल ने चार सितंबर 2016 से प्रभार संभाला जो जनवरी 2013 से डिप्टी गवर्नर पद पर थे ।

संभवत: पटेल केंद्रीय बैंक के पहले गवर्नर हैं जो किसी निजी कंपनी के साथ काम कर चुके हैं। पटेल आईएमएफ व वित्त मंत्रालय के साथ काम कर चुके हैं। पटेल मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ काम कर चुके हैं। वे विभिन्न रूपों में गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कारपोरेशन, आईडीएफसी व एमसीएक्स से भी जुड़े रह चुके हैं।

पटेल के साथ काम कर चुके अनेक उद्योगपतियों, कंपनी अधिकारियों व बैंकरों को उम्मीद है कि केंद्रीय बैंक के आस्ति गुणवत्ता समीक्षा (एक्यूआर) निर्देशों के कारण कंपनियों व बैंकों के समक्ष दिक्कतों को लेकर पटेल बेहतर समझ दिखाएंगे। गौरतलब है कि डिप्टी गवर्नर के तौर पर तीन साल का कार्यकाल पूरा होने पर 11 जनवरी 2016 को पटेल को सेवाविस्तार दिया गया था।

आपको बता दें कि उर्जित पटेल को अगला आरबीआई गवर्नर बनाने का फैसला पीएम नरेंद्र मोदी ने खुद किया था। पिछले सप्ताह पीएम और फाइनैंस मिनिस्टर अरुण जेटली के बीच मीटिंग के दौरान पटेल के अलावा तीन और नाम पेश किए गए थे।

अधिकारियों ने बताया कि सरकार मौजूदा और नए गवर्नर के जाने-आने के बीच समय कम रखना चाहती थी। राजन का टर्म 3 सितंबर को पूरा होगा। पटेल के नाम का ऐलान 20 अगस्त को किया गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “पुराने गवर्नर के जाने और नए गवर्नर के आने के बीच का ओवरलैप पीरियड 15 दिनों से ज्यादा नहीं होना चाहिए जिससे सेंट्रल बैंक के कामकाज में असर न पड़े।”

एक अधिकारी ने बताया कि पटेल अपनी अकैडमिक क्वॉलिफिकेशंस और आईएमएफ और बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप जैसी जगहों पर काम करने के कारण ही पीएम की पसंद में शामिल नहीं थे, बल्कि पीएम ने उर्जित को इसलिए भी पसंद किया कि वह लो प्रोफाइल रहते हैं और पब्लिक पॉलिसी के बारे में उनके पास लंबा अनुभव है।

अब गवर्नर के रूप में उर्जित पटेल के सामने सबसे बड़ी चुनौती महंगाई को काबू करना होगा। साथ ही इंडस्ट्री को सहारा देने के लिए ब्याज दरों में कटौती करने का दबाव उनके ऊपर होना लाजमी होगा। उल्लेखनीय है कि राजन के गवर्नर रहते भी उर्जित पटेल मॉनेटरी पॉसिली फ्रेमवर्क कमेटी के मुखिया थे जो ब्याज दरों पर निर्णय लेने में अहम भूमिका निभाती थी। साथ ही आरबीआई की सालाना रिपोर्ट पेश करते हुए राजन ने यह कहा था कि भविष्य में भी आरबीआई की वरीयता महंगाई को काबू करने की होगी।

हुर्रियत को जम्हूरियत पर नहीं है विश्वास -राजनाथ सिंह

अमित द्विवेदी,

हुर्रियत नेताओं के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से मुलाक़ात न करने की बात से नाराज़ केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ ने उनकी कड़ी आलोचना की। राजनाथ ने कहा कि कश्मीर को लेकर लोगों में गलतफहमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा था और रहेगा।

राजनाथ सिंह ने हुर्रियत पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि हुर्रियत को जम्हूरियत पर यक़ीन ही नहीं है। हुर्रियत इंसानियत से कश्मीरियत से कोसों दूर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डेलिगेशन से नहीं मिलनेवाले कश्मीरियत के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि जो नेता देश का अहित चाहते हैं, हम उनका सपना पूरा नहीं होने देंगे। कश्मीर के हालात सुधरेंगे।

केंद्रीय गृहमंत्री सिंह ने कहा कि केंद्र की तरफ से राज्य को पूरा सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य की शांति बहाली के लिए हर वो प्रयास किए जाएंगे, जो सरकार कर सकती है। संसद कश्मीर को लेकर चिंतित है और बातचीत के मद्देनजर सभी के लिए दरवाजे खुले है।

गौरतलब है कि सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल कश्मीर में शांति के लिए कल ही राज्य में पहुँच गई थी। सदस्यों की तमाम कोशिशों के बावजूद हुर्रियत नेताओं ने मिलकर विवादित मसले पर बातचीत करने से मना कर दिया।

दयाशंकर सिंह ने खोली फिर ज़ुबान, मायावती की कुत्ते से की तुलना

शिखा पाण्डेय,

बीएसपी सुप्रीमो मायावती के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग कर मुसीबत में फंसे बीजेपी के निष्कासित नेता दयाशंकर सिंह ने दोबारा वाही गलती दोहरा दी है। दयाशंकर सिंह ने एक बार फिर मायावती के लिए अपशब्द कहे हैं।

मायावती पर की गई पिछली टिप्पणी के चलते दयाशंकर जेल तक जा चुके हैं लेकिन सुधरने को तैयार नहीं हैं। मैनपुरी में एक कार्यक्रम के दौरान दयाशंकर सिंह ने बीएसपी अध्यक्ष मायावती की तुलना कुत्ते से कर दी मायावती है। इसके बाद दयाशंकर अपने बयान से मुकर भी गए।

दयाशंकर सिंह ने कहा, ”मायावती एक डरपोक महिला हैं, मायावती उस कुत्ते जैसी हैं जैसे गली में कोई गाड़ी जाती है तो कुत्ते उस गाड़ी के पीछे दौड़ने लगते हैं और जैसे ही गाड़ी में ब्रेक लगता है तो कुत्ते पीछे भाग जाते हैं।” वे यहीं नहीं रुके । दयाशंकर ने कहा कि मायावती एक धोखेबाज महिला है। वह कभी सही काम नहीं करती है। उन्होंने कहा कि अब समाजवादी पार्टी की सरकार सत्ता में नहीं आने वाली है। बसपा का भी पूरी तरह नेस्तनाबूद होना तय है।

सभा को संबोधित करते वक़्त तो दयाशंकर खूब जोश में गुर्राए लेकिन बाद में जब लगा कि कुछ गड़बड़ हो गई है तो तुरंत कुत्ते वाला बयान ही बदल दिया। तुरंत अपनी सफाई देते हुए दयाशंकर ने कहा, ”हमने मायावती को कुत्ता नहीं कहा बल्कि ये कहा कि मायावती और उनके नेता हमें कुत्ता बताते हैं।”

भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह के साथ मंच उनकी पत्नी स्वाती सिंह भी थी। स्वाति ने कहा कि जो दल बहुओं, बेटियोें पर हमलावर है वह जन हितैषी कैसे हो सकती है। मायावती जन हितैषी होने का नाटक कर रही है। उन्होंने कहा कि जब तक मुझको न्याय नहीं मिल जाता तब तक स्वाभिमान की लड़ाई लड़ती रहूंगी।

गौरतलब है कि इससे पहले बीजेपी नेता ने टिकट बिक्री मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि मायावती जिस तरह से मोलभाव कर रही हैं इस तरह एक वेश्या भी अपने पेशे को लेकर नहीं करती। इस विवादित बयान के बाद खूब हंगामा खड़ा हुआ था और दयाशंकर को जेल भी जाना पड़ा था।

गूगल विशेष अंदाज़ में मना रहा है टीचर्स डे, बनाया खूबसूरत डूडल

शिखा पाण्डेय,

आज देश भर में अलग अलग तरीकों से शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। गूगल ने भी शिक्षक दिवस के मौके पर विशेष डूडल बनाकर इंटरनेट पर अलग अंदाज़ में शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं हैं। डूडल के माध्यम से गूगल ने दर्शाने का प्रयास किया है कि किस प्रकार शिक्षक ज्ञान के मार्ग पर विद्यार्थियों का पथ प्रदर्शन करते हैं।

गूगल अपने एनिमेटेड डूडल को बच्चों की पेंसिल और ब्लैक बोर्ड के अंदाज में दिखा रखा है। आपको बता दें कि गूगल हर मौके पर डूडल बनाकर उस दिन के महत्व को और बढ़ाने की पूरी कोशिश करता है।

पूरी दुनिया में गुरुओं को सम्मान देने के लिए शिक्षक दिवस का आयोजन किया जाता है। 5 सितंबर 1962 से ही पूरे देश में, इस तारीख को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। शिक्षक दिवस देश के पहले उपराष्ट्रपति व दूसरे राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। राजनीति के अलावा उन्होंने शिक्षा में अपने जीवन के अहम 40 साल दे दिये।

डॉ. राधाकृष्णन एक प्रख्यात शिक्षाविद् रहे हैं और इसलिए उनके सम्मान में आजाद भारत ने शिक्षकों को सम्मान देने के लिए इस दिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया था। आज के दिन स्कूल, कॉलेज और कई शिक्षा प्रतिष्ठानों में टीचर और छात्र  इस दिन को बड़े उत्साह से मनाते हैं।

शिक्षक दिवस विद्यार्थियों के लिए वह अवसर होता है जब वे अपने गुरू को यह बता सकें कि उनकी दी हुई शिक्षा का उनके जीवन में कितना महत्व है। गूगल ने डूडल बनाकर उनक गुरूजनों को सम्मानित किया है जिन्होंने अपने जीवन का अहम हिस्सा छात्रों को दिया।

‘न्यू यॉर्क फैशन वीक’ में रैम्पवॉक करेंगी बेबीडॉल सनी लिओनी

एंटरटेनमेंट डेस्क,

बॉलीवुड की बेबीडॉल सनी लियोनी आगामी ‘न्यूयॉर्क फैशन वीक’ में रैंपवॉक करने वाली हैं। लियोनी ने ट्विटर पर खुद यह खबर साझा करते हुए कहा कि वह न्यूयॉर्क फैशन वीक के उद्घाटन शो में मशहूर डिजाइनर अर्चना कोचर के लिए रैंपवॉक करेंगी।

सनी ने ट्वीट किया, “मैं बहुत उत्साहित हूं। सपना सच हो रहा है। मैं 8 सितंबर 2016 को अर्चना कोचर के ओपनिंग शो के लिए न्यूयॉर्क फैशन वीक एसएस 17 में वॉक कर रही हूं।” एक अन्य पोस्ट में लियोनी ने लिखा, “वूहू! सपने वाकई में सच हो रहे हैं। शुक्रिया, अर्चना कोचर।”

अर्चना कोचर ने भी ट्वीट कर अपना उत्साह प्रकट करते हुए लिखा,”काउंटडाउनशुरू। 8 सितंबर, एनवाईएफडब्ल्यू 16, अर्चना कोचर, एनवाईडब्ल्यूएफ, एफटीएलएमओडीए, फैशन शो।” आपको बता दें कि सनी लियोनी फैशन के इस मशहूर आयोजन में रैंप पर चलने वाली पहली बॉलीवुड कलाकार होंगी।

आतंकवाद ख़त्म नहीं हुआ तो व्यापार और निवेश समाप्त हो जाएंगे -नरेंद्र मोदी

अमित द्विवेदी,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। दोनों के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। मोदी ने बातचीत के दौरान आतंकवाद का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अगर आतंकवाद को खत्म नहीं किया गया या इस आतंकवाद पर दुनिया एकजुट नहीं हुई तो एक दिन व्यापार और निवेश सब खत्म हो जाएगा।

पीएम मोदी ने पाक पर निशाना साधते हुए कहा कि आतंकवाद के सप्लायर्स की पहचान होनी चाहिए। इसके अलावा भारत ने एक बार फिर चीन के समक्ष न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप्स (एनएसजी) में भारत की सदस्यता का मुद्दा उठाया।

जी 20 के नेताओं की बैठक से इतर मोदी और शी के बीच की यह बैठक आज सुबह हांगझोउ वेस्ट लेक स्टेट गेस्टहाउस में हुई। उन्होंने इस दौरान कहा कि ब्रिक्स देशों से संबंधित मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मुलाकात अच्छी रही।” मोदी हनोई में अपनी दो दिवसीय यात्रा पूरी करके कल रात को हांगझोउ पहुंचे थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मैलकम टर्नबुल से भी मुलाकात की। मोदी ने ट्वीट कर कहा, “प्रधानमंत्री टर्नबुल से मिलकर खुश हूं। हमने भारत-आस्ट्रेलिया संबंधों के विभिन्न पहलुओं और उसे मजबूत बनाने के तरीके पर चर्चा की।”

कल वह जी 20 के दूसरे एवं अंतिम सत्र में हिस्सा लेंगे और ब्रितानी प्रधानमंत्री टेरेसा मे एवं अर्जेंटीना के राष्ट्रपति मॉरिसियो मैक्री से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वह दिल्ली के लिए रवाना होंगे। अधिकारियों ने कहा कि इस यात्रा के दौरान मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के बीच बैठक का कोई कार्यक्रम नहीं है।

पोप फ्रांसिस ने दी मदर टेरेसा को संत की उपाधि, कहा- “कोलकाता की टेरेसा को संत घोषित करता हूँ”

शिखा पाण्डेय,

दीन दुखियों की सेवा करने वाली नन मदर टेरेसा को आज ‘संत’ घोषित कर दिया गया। पोप फ्रांसिस ने वेटिकन के सेंट पीटर्स स्कवायर में एक लाख श्रद्धालुओं की मौजूदगी में उन्हें संत की उपाधि दी।

पोप फ्रांसिस ने लैटिन भाषा में कहा कि वे कोलकाता की टेरेसा को संत घोषित करते हैं और उन्हें संतों की सूची में शामिल करते हैं। उन्होंने कहा कि अब से वह सभी चर्चों के लिये श्रद्धेय हैं।

इस कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बनाने के लिए करीब 3,000 अधिकारियों को तैनात किया गया था। एकत्र भीड़ में शामिल रहे करीब 1,500 गरीब लोगों की देखभाल टेरेसा की ‘मिशनरी ऑफ चैरिटी’ की इतालवी शाखाएं कर रही हैं। संत की उपाधि दिए जाने के बाद फ्रांसिस के अतिथियों के लिए वेटिकन में पिज्जा भोजन कराया गया जिसे 250 सिस्टर और 50 पुरुष सदस्यों ने परोसा।

20 वीं सदी की महानतम हस्तियों में शामिल मदर टेरेसा करीब चार दशकों तक कोलकाता में रहीं और वहां उन्होंने बीमार और दीन दुखियों की सेवा में अपना जीवन गुजार दिया। कल उनकी 19वीं बरसी है। 5 सितम्बर 1997 में कोलकाता में उनका निधन हो गया था।

महान ‘संत’ मदर टेरेसा का संक्षिप्त जीवन परिचय-

टेरेसा का जन्म 1910 में ओट्टोमन अंपायर के तत्कालीन भाग स्कोप्जे में एक कोसोवर अल्बानियाई परिवार में हुआ था। यह इलाका अब मेसिडोनिया की राजधानी है। उनके बचपन का नाम एग्निस गोंक्शा बोजाशियू था। उनके पिता कारोबारी थे। जब वह सिर्फ आठ साल की थीं, तभी उनके पिता का निधन हो गया था ।बचपन से वह कैथलिक पूजास्थलों में जाया करती थीं और अपना जीवन मिशनरी के कामों में लगाना चाहती थीं।

टेरेसा युवावस्था में भारत में रहीं, इस अवधि के दौरान पहले उन्होंने शिक्षण किया और फिर दीन दुखियों की सेवा की। उन दिनों गरीबों की सेवा करने के उनके तरीके की कई लोगों ने आलोचना भी की पर उन्होंने अपने तरीके का पुरजोर बचाव किया। जो लोग कहते थे कि जन्म को रोकना गरीबी से लड़ने का अहम तरीका है, उन्हें मदर टेरेसा जवाब देती थीं कि गर्भपात मां द्वारा की गयी सीधी हत्या है।

तत्कालीन कलकत्ता में उनके सेवा कार्यों को लेकर उन्हें 1979 में नोबेल शांति पुरस्कार से नवाजा गया।
उन्हें ईसाई मूल्यों के लिए आत्म बलिदान और परमार्थ सेवा के पथ प्रदर्शक के रूप में दुनिया भर में जाना जाता है।

इलाहाबाद: यूपी की जनता कांग्रेस के बहकावे में नहीं आएगी -मायावती

सौम्या केसरवानी,

बहुजन समाज पार्टी की ‘महारैली’ रविवार को इलाहाबाद में हुई, जहाँ मायावती ने एक अपार जनसभा को संबोधित किया। रविवार को इलाहाबाद की परेड ग्राउंड रैली में बसपा सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार गलत नीतियों की वजह से सत्ता से बाहर हुई है, यूपी की जनता कांग्रेस के बहकावे में नहीं आएगी।

कांग्रेस के सवर्णों के आरक्षण की बात पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस सिर्फ आरक्षण देने का ढोंग कर रही है। बसपा सुप्रीमो ने कांग्रेस की यूपी चुनाव में मुख्यमंत्री उम्मीदवार शीला दीक्षित पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि शीला दीक्षित ने दिल्ली में यूपी-बिहार के लोगों का अपमान किया।

सिर्फ बसपा ने ही सभी धर्मों के लोगों का भला किया है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपनी महारैली में सूबे के मुस्लिम वोट बैंक को खुश करने की भी कोशिश की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुस्लिमों पर भी अत्याचार बढ़े हैं। गोहत्या, लव जिहाद जैसे मुद्दों पर सूबे के मुस्लिमों पर अत्याचार किया जा रहा है। बसपा सरकार सही धर्मों का सम्मान करती है।

मायावती ने कहा कि आतंकवाद के नाम पर भी मुस्लिम युवकों का शोषण किया जाता है। बसपा मुस्लिमों के शोषण की कड़ी निंदा करती है। बसपा नेताओं के मुताबिक इस रैली में करीब 10 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए। इस रैली मे करीब 1000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी।

अफगानिस्तान: फ्यूल टैंकर और पैसेंजर बस में टक्कर, लगी आग 36 की मौत

शिखा पाण्डेय,

अफगानिस्तान में आज काबुल-कंधार हाईवे पर एक फ्यूल टैंकर पैसेंजर बस से टकरा गया। इस हादसे के तुरंत बाद आग लग गई। इस दुर्घटना में 36 लोगों की मौत हो गई और 28 लोग घायल हो गए। जाबुल पुलिस के डिप्टी चीफ गुलाम जिलानी फाराही के अनुसार हादसे के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है।

एक ओर पुलिस का कहना है कि जिस जगह ये हादसा हुआ वहां के कुछ इलाके आतंकियों के कब्जे में आते हैं।  इसलिए बस ड्राइवर यहां से स्पीड में रहते हैं ताकि जल्दी से इस इलाके से बाहर निकल जाएं। इसी वजह से ऐसी दुर्घटनाएं होती हैं।

दूसरी और लोकल मीडिया का कहना है कि अफगानिस्तान के इस इलाके में रोड बेहद खराब हैं। यहां ज्यादातर लोग ट्रैफिक रूल्स भी नहीं मानते।
साथ ही लोग यहां पुरानी और जर्जर गाड़ियों से ट्रेवल करने को मजबूर हैं।

सूत्रों के अनुसार इन सडकों की मरम्मत करने के लिए वर्ल्ड बैंक करोड़ों रुपयों  का फंड दे चुका है। पिछले साल नवंबर में वर्ल्ड बैंक ने अफगानिस्तान को रोड ठीक करने के लिए 1600 करोड़ रुपए से ज्यादा दिए थे। इन रुपयों से हिंदू कुश पहाड़ी इलाके में रोड तैयार करने थे। ये रोड सर्दियों में बर्फ गिरने के कारण बंद कर दिए जाते हैं, जबकि ये बिजनेस के लिए बहुत जरूरी है।

आपको बता दें कि इस हाईवे पर पहले भी ऐसे कई हादसे हो चुके हैं। मई महीने में भी दो बसों और ऑयल टैंकर में भिड़ंत हुई थी। इसमें 73 लोगों की मौत हुई थी। अप्रैल 2013 में बस एक फ्यूल टैंकर से टकरा गई थी, जिससे 45 लोग मारे गए थे।