कोलकाता स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट को उड़ाने की धमकी का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के मुताबिक, कोलकाता के पुलिस मुख्यालय में 2 बार फोन आया था, जिसके बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
एयरपोर्ट को उड़ाने की धमकी मिलने के बाद एयरपोर्ट के आस पास के इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
एयरपोर्ट जाने वाले रास्तों पर चल रही गाड़ियों पर सुरक्षा बलों की कड़ी नजर है। एयरपोर्ट के हर चैकपॉइन्ट पर यात्रियों का सामान चैक किया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, जो पहला कॉल आया वो कोलकाता शहर से ही था और दूसरी बार गुवाहाटी से कॉल आया। धमकी देने वाले शख्स ने कहा कि वो आत्मघाती हमले के जरिए एयरपोर्ट को उड़ा देगा। फिलहाल पुलिस अभी धमकी देने वाले व्यक्ति का पता लगाने में जुटी है।
रुपहले पर्दे के ‘महानायक’ अमिताभ बच्चन और ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ आमिर खान जल्द ही एक साथ एक फिल्म में नज़र आने वाले हैं। इस खास संगम को फिल्माने वाली फिल्म होगी ‘ठग्स ऑफ हिन्दोस्तान’ (Thugs of Hindostan), जिसमें अमिताभ और आमिर पहली बार साथ नज़र आएंगे। यह फ़िल्म यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनाई जाएगी, और वर्ष 2018 की दीवाली पर रिलीज़ होगी।
आमिर खान ने खुद बुधवार को अपने ट्विटर एकाउंट पर इस फिल्म में अमिताभ बच्चन के साथ काम करने की पुष्टि की, और आदित्य चोपड़ा तथा विजय कृष्ण आचार्य (विक्टर) को उनका बरसों पुराना सपना पूरा करने के लिए शुक्रिया कहा।
आमिर खान ने लिखा, “आखिरकार वह घड़ी आ गई, जिसका मुझे इंतज़ार था। अपने आइकॉन मिस्टर (
बच्चन के साथ काम करने का अवसर। ‘ठग्स ऑफ हिन्दोस्तान’ मुझे देने के लिए आदि, विक्टर का शुक्रिया। मैं जिस अभिनेता को सारी उम्र सराहता रहा, उनके साथ काम करने को लेकर बेहद उत्साहित हूं शूटिंग अगले साल की शुरुआत में शुरू होगा, और रिलीज़ 2018 की दीवाली पर तय की गई है। शुरुआत का इंतज़ार करना भी मुश्किल हो रहा है।”
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से फिल्म की कास्टिंग को लेकर काफी चर्चाएं गर्म थीं, लेकिन कोई भी साफ नहीं कर रहा था कि क्या वाकई ये दोनों दिग्गज इस फिल्म में एक साथ दिखेंगे, लेकिन अंततः तय हो गया कि दोनों दिग्गज कलाकार एक साथ इस फ़िल्म में नज़र आएंगे।
फिल्म के निर्माता आदित्य चोपड़ा होंगे और इसका निर्देशन करेंगे विजय कृष्ण आचार्य, जिनकी आखिरी फिल्म आमिर खान के साथ ‘धूम 3’ थी, जो बड़ी सुपरहिट साबित हुई थी। फिल्म में अभिनेत्री कौन होंगी इस पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। जल्द ही किसी नाम की घोषणा हो सकती है।
जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में आज सुबह सेना के काफिले पर आतंकवादी हमला हुआ जिसमें तीन जवान जख्मी हो गए हैं। एक जवान की हालत नाजुक बताई जा रही है।
जब सेना का काफिला कुपवाड़ा जा रहा था, उसी बीच आतंकियों ने सेना के काफिले पर हंदवाड़ा के क्रालगुंड में अचानक हमला कर दिया। सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की, लेकिन हमलावर फरार होने में कामयाब रहे।
सेना के एक अधिकारी ने बताया, ” हमले में एक जवान की हालत नाजुक है और उन्हें हेलिकॉप्टर के जरिए कुपवाड़ा से श्रीनगर लाया गया, जहाँ उनका सेना के अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।”
सेना और सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया है। सर्च ऑपरेशन जारी है। हिज़्बुल मुजाहिदीन का कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद सेना के काफिले पर ये दूसरा बड़ा हमला है। बुरहान वानी 8 जुलाई को मारा गया था।
गौरतलब है कि आतंकियों ने 19 अगस्त को श्रीनगर-बारामुला हाइवे पर बारामुला के ख्वाजा बाग़ के करीब बीएसएफ के कैंप को निशाना बनाया था। इस हमले में सेना के दो और पुलिस का एक जवान शहीद हो गए थे, जबकि 5 जवान जख्मी हुए थे।
हुर्रियत के खिलाफ केंद्र सरकार सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने इस मामले में स्पष्ट किया कि अलगाववादियों के खिलाफ आतंकियों की तरह कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि देश को तोड़ने का प्रयास करने वाले हुर्रियत नेताओं पर यदि देशद्रोह का मुक़दमा बनेगा तो वो भी चलाया जाएगा।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने कड़े लहज़े में कहा कि अलगाववादी केंद्र के संयम को कमज़ोरी न समझें। उन्होंने कहा कि देश के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। अलगाववादी अपनी रोटी सेंकने के लिए गरीबों के बच्चों को दिग्भ्रमित करते हैं, जोकि देश की शांति और उन बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
अहीर ने अलगाववादियों की आतंकवादियों से तुलना करते हुए सरकार से मांग किया कि सरकार द्वारा दी जा रही सारी सुविधाएं बंद कर देनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश का अहित चाहने वालों को हम सुविधा क्यों दें!
इस मामले में जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मुश्किल हालात में हमारे गृहमंत्री राजनाथ सिंह आए, लेकिन अलगाववादियों ने उनसे बात न करके अपनी मंशा सबके सामने ज़ाहिर कर दी है। उन्होंने कहा कि अलगाववादियों ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात न कर अपनी ही बेइज्जती की है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज 14वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन तथा 11वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए लाओस जाएंगे। सम्मेलन के दौरान नौवहन सुरक्षा, आतंकवाद, आर्थिक एवं सामाजिक-सांस्कृतिक सहयोग जैसे मसले अहम् चर्चा का विषय होंगे। इन शिखर सम्मेलनों में आसियान के 10 राष्ट्राध्यक्ष या शासन प्रमुख और पूर्वी एशियाई सम्मेलन में 18 देश हिस्सा ले रहे हैं।
लाओस में आज से शुरू हो रहे आसियान और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलनों में हिस्सा लेने जाने से पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दक्षिण एशियाई देशों के साथ भौतिक और डिजिटल सम्पर्क बढ़ाने और आधुनिक एवं एक दूसरे से जुड़ी दुनिया का उपयोग आपसी फायदे के लिए करने को इच्छुक है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के साथ भारत के संबंध सही अर्थ में ऐतिहासिक हैं। हमारे जुड़ाव एवं पहल को एक शब्द से व्यक्त किया जा सकता है और वह ‘कनेक्टिविटी’ है।
लाओस की अपनी दो दिवसीय यात्रा से पहले प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी एक्ट ईस्ट नीति के संदर्भ में आसियान महत्वपूर्ण साझेदार है और यह हमारे उत्तरपूर्वी क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
मोदी ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन एशिया प्रशांत क्षेत्र के समक्ष चुनौतियों एवं अवसरों के बारे में चर्चा करने को प्रमुख मंच है।उन्होंने कहा, “आसियान के साथ हमारी सामरिक साझेदारी हमारे सुरक्षा हितों और क्षेत्र में पारंपरिक एवं गैर पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों के लिहाज से महत्वपूर्ण है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि हम अपनी भौतिक और डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ाना चाहते हैं, लोगों के बीच वृहत सम्पर्क बढ़ाने के साथ अपने संस्थागत संबंधों को मजबूती प्रदान करना और एक दूसरे से जुड़ी आधुनिक दुनिया का लाभ हमारे अपने लोगों के साझे फायदे के लिए करना चाहते हैं। शिखर सम्मेलनों से इतर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दुनिया के कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे।
फिलीपीन्स के राष्ट्रपति रोद्रिगो दुर्तेते ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के बारे में कहे गए अपशब्द पर अफसोस जताया है। यह बात उनके प्रवक्ता ने बताई कि दुर्तेते ने एक संवाददाता के सवाल के जवाब में ओबामा के विषय में जो अपशब्द कहे, उसपर उन्हें अफ़सोस है।
दुर्तेते बीती रात लाओस की राजधानी वियेनताइन पहुंचे। यहां संवाददाताओं से उन्होंने कहा, ‘मैं धरती के सबसे ताकतवर देश के साथ झगड़ा नहीं करना चाहता। इस विवाद के बाद ओबामा द्वारा बैठक स्थगित करने पर सफाई देते हुए दुर्तेते ने कहा कि दोनों देश बैठक को टालने के लिए पारस्परिक रूप से सहमत हुए हैं।
बाद में उन्होंने कहा, “वाशिंगटन मानवाधिकारों की आलोचना करने के बारे में काफी उदार रुख अपनाता आया है।” उन्होंने कहा कि यदि व्हाइट हाउस को उनसे परेशानी है तो उसे एक राजनयिक नोट भेजा जा सकता है और उन्हें जवाब दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि दुर्तेते ने सोमवार को लाओस जाने से पहले राष्ट्रपति ओबामा के विषय में अभद्र टिप्पणी की थी। लेकिन दुर्तेते के सहयोगियों ने महसूस कर लिया कि दुनिया के सबसे ताकतवर व्यक्ति को ऐसा बोलना बुद्धिमानी नहीं है और अमेरिकी राष्ट्रपति को अपमानित करने को लेकर कीमत चुकानी होगी।
आपको बता दें कि अमेरिका फिलीपीन्स का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और देश के दक्षिण में आतंकवाद से लडने में मुख्य सुरक्षा सहयोगी है। फिलीपीन्स को विवादित दक्षिण चीन सागर में आक्रामक चीन से निपटने में वाशिंगटन की मदद करने की भी जरुरत है।
भारत जहाँ आज शिक्षा, विज्ञान व तकनीक में नित-नवीन प्रगति कर रहा है, वहीँ देश के ग्रामीण इलाकों में प्राथमिक शिक्षा की बदहाली किसी से छुपी नहीं है। आए दिन शिक्षा और शिक्षक पर सवाल उठते रहते हैं। ऐसे में इस हालात में भी उम्मीद की किरण जगाने वाले कुछ शिक्षक हैं, जिन पर गर्व किया जा सकता है। ऐसी ही कुछ कहानी है, यूपी के शिक्षक अवनीश यादव की, जिनका तबादला हुआ तो स्कूल के बच्चे और पूरा गाँव फूट-फूटकर रोने लगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अवनीश यादव उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में गौरीबाजार ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के पद पर तैनात होकर 2009 में आए थे। जब वे यहाँ आए, उस दौरान यहां शिक्षा के हालात बहुत ही ख़राब थे। गाँव के लोग बच्चों को स्कूल ही नहीं भेजते थे। अवनीश ने हरिजन बस्ती और मजदूर वर्ग में जा-जाकर लोगों को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए मनाया।
बदल दी गांव में शिक्षा की सूरत-
अवनीश ने घर-घर जाकर लोगों को शिक्षा का महत्त्व समझाया व शिक्षण के प्रति सजग किया और देखते ही देखते गांव के ढेरों बच्चे स्कूल आने लगे। अवनीश ने जी-जान से बच्चों को पढ़ाया। जरूरत पड़ने पर खुद ही उन्हें कॉपी-पेंसिल खरीद कर भी दी। पूरी निष्ठा व ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्य को निभाने की वजह से ही अवनीश को 2013 में इसी विद्यालय में तरक्की देकर प्रधानाध्यापक बना दिया गया।
प्राइवेट स्कूलों को टक्कर दे रहा है यह स्कूल-
अवनीश ने केवल 6 सालों में गाँवकी तस्वीर बदल कर रख दी। सरकारी स्कूल के बच्चे किसी बड़े प्राइवेट स्कूल को टक्कर दे रहे थे।
देवरिया के बीएसए राजीव कुमार यादव ने कहा, “अवनीश यादव का तबादला हम सबके लिए बहुत आहत भरा रहा है। शायद ही इस स्कूल को उनके जैसा शिक्षक मिले।”
तबादले पर रोया पूरा गाँव-
हाल ही में अवनीश का तबादला गाजीपुर के लिए हुआ। उधर जब वे स्कूल से विदाई लेने के लिए पहुँचे, तो मानो पूरा गांव गमगीन हो गया। बच्चों को फूट-फूटकर रोता देख अवनीश की आंखों से भी आंसुओं की धारा बह निकली। क्या बच्चे, क्या महिलाएं, क्या पुरुष, गांव का हर शख्स यही कहता नजर आया, “मास्टरजी हमें रोता छोड़कर मत जाइए।”
निर्देशक रोहित शेट्टी की अगली सुपर कॉमिक ‘गोलमाल’ सीरीज में अजय देवगन की हीरोइन के रूप में अब श्रद्धा कपूर की एंट्री हो सकती है। हालांकि अब तक यह खबर कन्फर्म नहीं है, लेकिन बताया जा रहा है कि ‘गोलमाल-4’ में काम करने के लिए रोहित शेट्टी ने श्रद्धा से संपर्क किया है। अब तक सिर्फ अजय देवगन का नाम ही कंफर्म है।
सूत्रों के अनुसार रोहित पहले अजय देवगन के अपोजिट आलिया भट्ट को कास्ट करना चाहते थे मगर आलिया की ओर से लंबे समय तक कोई कन्फर्मेशन नहीं मिली और अब जब ‘गोलमाल-4’ शुरू करनी है । इसलिए अब रोहित ने श्रद्धा कपूर का नाम चुना है, जो अभी बॉलीवुड में आलिया की सबसे बड़ी प्रतिद्वंदी हैं।
आपको बता दें कि अजय देवगन के लीड रोल के साथ ‘गोलमाल’ सीरीज की पहली तीनों फिल्में सुपरहिट रही हैं। अजय के साथ अरशद वारसी और तुषार कपूर भी तीनों फिल्मों के सदस्य रहे हैं। मगर इनकी अभिनेत्रियां बदलती रही हैं। अब देखना दिलचस्प होगा की सिरीज़ की चौथी फिल्म क्या कमाल करती है।
Acress Tapsee Pannu MAXIM Hot Photo Shoot ULTRA HD Photos Taapsee Pannu for Maxim India Magazine 2016 Images
एंटरटेनमेंट डेस्क,
बॉलीवुड अभिनेत्री तापसी पन्नू ‘आयरन लेडी’ के नाम से जनि जानेवाली मणिपुर की इरोम शर्मिला की बायोपिक में उनकी भूमिका निभाती नज़र आ सकती है। ख़बरों के अनुसार तापसी इस ऑफर से बेहद उत्साहित हैं।
निर्माता-निर्देशक हंसल मेहता ‘इम्फाल’ नाम की एक फिल्म बनाने जा रहे हैं, जो इरोम शर्मिला की बायोपिक होगी। फिल्म का निर्देशन विकास के. द्विवेदी करने वाले हैं।
इस फिल्म की शूटिंग से पहले की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, लेकिन यह अब तक घोषित नहीं हुआ है कि पर्दे पर ‘आयरन लेडी’ के रूप में कौन-सी अभिनेत्री दिखाई देगी। हालांकि बताया जा रहा है कि हंसल मेहता ने इस भूमिका के लिए तापसी पन्नू से संपर्क किया है। संभव है कि वह खुशी-खुशी तैयार भी हो जाएं, क्योंकि सूत्रों के अनुसार, तापसी इस किरदार को निभाने के लिए काफी उत्साहित हैं।
उल्लेखनीय है कि इरोम शर्मिला एक सिविल राइट्स एक्टिविस्ट हैं। इरोम मणिपुर और पूर्वोत्तर भारत के लोगों के अधिकारों के लिए लड़ने की खातिर करीब 16 साल तक भूख हड़ताल पर रहीं। इरोम ने पिछले महीने ही अपनी भूख हड़ताल खत्म की है और उनका इरादा राजनीति में आकर अपनी लड़ाई को जारी रखने का है। इसी लड़ाई की वजह से इरोम को ‘आयरन लेडी’ के नाम से जाना जाने लगा।
सूखे के बाद बाढ़ से जूझते बुन्देलखण्ड की हालत ये है कि पिछले दो वर्षो में लगातार चार फसलें या तो बोई नही जा सकीं या मौसम के दुश्चक्र के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
पहले भीषण सूखे की मार ने बुन्देलखण्ड के किसानों को मारा, अब जल के जलजले ने बचा हुआ काम कर दिया। इस बाढ़ में बड़ी मात्रा में फसलों का नुकसान हुआ है। सरकारें आपसी नूराकुश्ती में उलझी हैं। किसान किसी की प्राथमिकता में नहीं, क्योंकि चुनाव तो दूर है। अभी फ़िलहाल चरों ओर सन्नाटा है। सूखे और बाढ़ के बाद बुन्देलखण्ड के किसानों की स्थिति दयनीय हो गई है। ऐसी स्थिति में अधिकांश किसानों का यही कहना है कि हमारा कर्ज माफ़ होना चाहिए।
बुन्देलखण्ड में हुए विकास की पोल तो बाढ़ के पानी ने खोल दी। इसका जीता जागता उदाहरण बुन्देलखण्ड के सबसे पिछड़े और गरीब इलाके पाठा में देखने को मिला, जहाँ बाढ़ से बही सड़कों, पुल, रपटों पर सरकारी लीपापोती का कार्य शुरू चुका है।
आपको बता दें कि यहां हाल ही में बनी सड़कों, पुलों और रपटों को पानी अपने साथ मिट्टी के ढेर जैसे बहाकर ले गई। अगर पाठा के इन गाँवों में हुए हालिया विकास की जाँच कराई जाए तो हो सकता है 2G, कोयला और चारा घोटाला जैसे देश के बड़े स्कैम भी शर्मा जाएँ। कुछ समाजसेवी संगठनों और क्षेत्र के विशेषज्ञों की माने तो पूरी गलती क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की है, जिन्होंने क्षेत्र के संवेदनशील और असवेंदनशील होने का जमकर फायदा उठाया।
कागजों में पाठा पूर्ण विकसित होने वाला है, लेकिन सच्चाई ये है कि यहाँ के लोगों के पास देश की आजादी के 70 वर्ष बाद भी मूलभूत सुविधाएँ नही हैं। जिस जनता का प्रतिनिधित्व करते हुए ये जनप्रतिनिधि लोकसभा और विधानसभा में अपने झूठे दावों की हवा भरते हैं, वो गरीब और असहाय दो वक्त की रोटी के लिये संघर्ष कर रहे हैं।
बुन्देलखण्ड में बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों के हजारों ऐसे गांव हैं, जहाँ बाढ़ में लोगों के घर ढह गए हैं, ऐसे ग्रामीण सरकारी सहायता की आस लगाए गाँव से निकलने वाली पक्की सड़कों पर बैठने को मजबूर हैं। सबसे बड़ा प्रश्न ये है कि क्या सूखे और बाढ़ का कहर झेलने वाले बुन्देलखण्ड के किसानों का कर्ज माफ़ होगा ?