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Saturday, August 8, 2026
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सूखे पत्तों पर अपनी किस्मत लिख रहा है ये युवा छात्र संघ प्रत्याशी!

अनुज हनुमत,

इलाहाबाद। देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में से एक इलाहाबाद का केंद्रीय विश्वविद्यालय इस समय छात्र संघ चुनावों में मशगूल है। प्रत्याशियों द्वारा चारों तरफ भारी भरकम बैनर-पोस्टर लगवाये गए हैं। धीरे धीरे चुनाव प्रचार के लिए गाड़ियों की संख्या में भी भारी बढ़ोत्तरी हो रही है। प्रतिदिन लाखों रूपये पानी की तरह बहाये जा रहे हैं, लेकिन इन सारी तस्वीरों के बीच कुछ प्रत्याशी ऐसे भी हैं जिन्होंने अपने चुनाव प्रचार के माध्यम से छात्रों के बीच में अपनी एक अलग ही छवि बना ली है।

इस बार के छात्र संघ चुनाव में ऐसे ही एक प्रत्याशी आशीष यादव उर्फ़ ‘शायर’ हैं, जिन्होंने अपने चुनाव प्रचार के लिए एक अलग ही अंदाज तलाश रखा है। आपको बता दें कि आशीष यादव अपने प्रचार के लिए सूखे पत्तों का प्रयोग कर रहे हैं, जो पत्ते पेड़ से गिर जाते हैं उन्ही पर ये अपना नाम और किस पद पर चुनाव लड़ रहे हैं, उसका पूरा विवरण लिखकर छात्रों को देते हैं।

आशीष यादव ने नवप्रवाह.कॉम से हुई बातचीत में कहा, ‘मेरे दिमाग में आया कि लिंगदोह कमेटी का जो नियम है, उसमें कहा गया है कि हाथ से बने पोस्टर का प्रयोग आप अपने प्रचार में कर सकते हैं, लेकिन हमने सोंचा की कागज भी क्यों ख़राब हो। इसलिए मैंने पेड़ से गिर चुके सूखे पत्तों को प्रचार के लिए चुना। इन पत्तों में लिखकर अपना चुनाव प्रचार करता हूँ। मैं चाहता हूँ कि पर्यावरण का नुकसान न हो और छात्र संघ चुनावों की गरिमा भी बनी रहे।’

आपको बता दें कि आशीष यादव छात्र संघ चुनावों में ‘सांस्कृतिक सचिव’ के पद पर अपना भाग्य आजमा रहे हैं। कुल मिलाकर आशीष यादव जैसे प्रत्याशी उन छात्र नेताओं के लिए एक नजीर बन सकते हैं, जिनका मानना है कि बिना भारी भरकम खर्चे और बैनर-पोस्टर के आप चुनावी मैदान में नहीं उतर सकते। अपने इस प्रयास से आशीष यादव धीरे धीरे छात्रों के बीच आकर्षण का केंद्र बनते जा रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर: सेना मुख्यालय पर आत्मघाती हमला, 17 जवान शहीद

शिखा पाण्डेय,

कश्मीर के उरी सेक्टर में आज सुबह 5.30 बजे सैन्य क्षेत्र में चरमपंथी हमला हुआ है। हमले में 17 सैनिकों की मौत हुई है व कई अन्य घायल भी हुए हैं। इसके अलावा मुठभेड़ में चार चरमपंथियों की भी मौत हुई है। घायल सैनिकों को हेलीकॉप्टर्स से अस्पताल ले जाया गया है। सेना और चरमपंथियों के बीच मुठभेड़ अब भी जारी है।

समाचार एजेंसी पीटीआई ने सेना के उत्तरी कमांड के हवाले से इस आत्मघाती हमले की जानकारी दी है। पीटीआई के मुताबिक इस हमले के बाद सेनाध्यक्ष जनरल दलबीर सिंह सुहाग भी कश्मीर रवाना हो रहे हैं।

इस बीच, गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने गृह सचिव और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को जम्मू कश्मीर के हालात पर नज़र रखने का निर्देश दिया है।

राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर यह भी बताया कि उन्होंने उरी में हुए चरमपंथी हमलों को लेकर जम्मू कश्मीर के राज्यपाल और मुख्यमंत्री से बात की है। दोनों ने राजनाथ सिंह को राज्य में सुरक्षा की स्थिति से अवगत कराया है।

गृहमंत्री ने एक और ट्वीट में बताया कि उन्होंने कश्मीर के हालात और उरी में ताज़ा हमलों को देखते हुए अपनी रूस और अमरीका की यात्रा स्थगित कर दी है। आपको बता दें कि सोमवार को गृहमंत्री रूस और अमरीका की यात्रा पर जाने वाले थे।

इसके अतिरिक्त सैन्य छावनी में कई बैरकों में आग लगी है जिसमें सेना के कई जवानों के घायल होने की भी खबर है, अभी तक किसी के मरने की पुष्टि नहीं हुई है।

गौरतलब है कि कश्मीर में लगभग 70 दिनों से जारी तनाव के माहौल में बकरीद के मौके पर भी घाटी के सभी दस ज़िलों में कर्फ्यू लगा हुआ था। पुलवामा ज़िले में सुरक्षाबलों के साथ हुई झड़प में दो लोगों की मौत हो गई थी।

न्यूयॉर्क में हुआ डस्टबिन बम धमाका, 25 से अधिक घायल

शिखा पाण्डेय,

अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में धमाका हुआ है। इसमें 25 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं। धमाके की सूचना मिलते ही आपातकालीन सेवाएं घटनास्थल ही ओर रवाना कर दी गईं हैं। सभी घायल खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।

ख़बरों के मुताबिक यह धमाका एक डस्टबिन में हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों ने इस संबंध में बताया कि यहां एक बड़े धमाके की आवाज़ सुनाई दी जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई। पड़ोस की कई इमारतों के शीशे टूट गए। लोग सोशल मीडिया पर घटनास्थल की तस्वीरें शेयर कर रहे हैं।

न्यूयॉर्क फ़ायर डिपार्टमेंट के अनुसार यह धमाका स्थानीय समय के मुताबिक रात के नौ बजे के क़रीब हुआ है। पुलिस और अग्निशमन अधिकारियों का कहना है कि वो इस धमाके की जांच कर रहे हैं। यह धमाका न्यू जर्सी में एक पाइप बम धमाके के कुछ ही घंटों बाद हुआ है।

तू तू मैं मैं के बाद बधाई, शिवपाल के घर पहुंचे अखिलेश

शिखा पाण्डेय,

तमाम नोक झोंक  और विवादों के बाद उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने चाचा शिवपाल सिंह यादव से उनके घर जाकर मुलाकात कर उन्हें सपा का नया प्रान्तीय अध्यक्ष बनाये जाने की बधाई दी। अखिलेश ने शिवपाल को अपनी तरफ से पूरे सहयोग का आश्वासन भी दिया।

अखिलेश ने अपने आवास पर संवाददाता सम्मेलन में कहा,” मैं अभी खुद नए प्रदेश अध्यक्ष को बधाई देकर आया हूं। हम आगामी विधानसभा चुनाव में बूथ स्तर तक जीतने के लिये काम करेंगे। मेरी तरफ से उन्हें पूरा सहयोग मिलेगा।”

उन्होंने खुद को हटाकर शिवपाल को सपा प्रदेश अध्यक्ष बनाये जाने के खिलाफ पार्टी मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बारे में कहा “मैं नौजवानों से अपील करता हूं कि वे किसी तरह की नारेबाजी और प्रदर्शन ना करें। होर्डिग, पोस्टर जैसा कोई काम नहीं करना है। अब चुनाव आ गया है तो सभी साथियों को अपने बूथ पर जाकर सपा सरकार के कार्यक्रमों को जनता तक पहुंचाना है। “

गौरतलब है कि सपा के चारों युवा संगठनों सपा छात्रसभा, लोहिया वाहिनी, युवजन सभा और यूथ ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने सपा मुख्यालय के सामने शिवपाल को हटाकर अखिलेश को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद पर वापस लाने की मांग करते हुए नारेबाजी की।

सपा मुख्यालय के सामने से हटाये जाने के बाद बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री अखिलेश के समर्थक उनके सरकारी आवास पर पहुंच गये। मुख्यमंत्री ने उन्हें अंदर बुलाकर कहा कि शिवपाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाना नेताजी का फैसला है। उन्होंने कहा कि वह उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं लेकिन पार्टी में एकता बनाये रखना पहली प्राथमिकता होनी चाहिये। इसलिए यह आंदोलन खत्म होना चाहिये। पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष ना होने से कोई बहुत फर्क नहीं पड़ेगा।

देश भर में धूमधाम से मनाया गया पीएम मोदी का जन्मदिन

सौम्या केसरवानी,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 66वां जन्मदिन पूरे देश में उनके समर्थकों द्वारा धूम धाम से मनाया गया। अपने जन्मदिन की शुरुआत पीएम मोदी ने सबसे पहले अपनी मां हीरा बा से आशीर्वाद लेकर की।

पीएम मोदी के जन्मदिन पर लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी जगह-जगह उनका जन्मदिन मना रही है। भारत के प्रधानमंत्री ने पूरे विश्व में भारत को एक अलग पहचान दिलाई है। उनके जन्मदिन पर लखनऊ के आशियाना में पावर हाऊस चौराहा के सामने सामाजिक कार्य स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण कार्यक्रम हुआ।

इसके अलावा गरीबों मरीजों को फल वितरण, जनता में लड्डू मिष्ठान वितरण किया गया। साथ ही श्री शनि जी एवं श्री हनुमान जी के मन्दिर में सुन्दर काण्ड का पाठ आयोजन भी किया गया। सरदार पटेल पार्क में स्वतंत्र देव सिंह, विजय बहादुर पाठक और पंकज सिंह ने कार्यकर्ताओं के साथ वृक्षारोपण कर उनकी लंबी उम्र की कामना की।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा पर भोपाल में एम्स के छात्रों ने फेंकी स्याही!

ब्यूरो,
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा पर भोपाल में एम्स के एक छात्र ने स्याही फेंक दी। जेपी नड्डा एम्स के दौरे पर आए हुए थे। इस दौरान छात्रों ने उनका विरोध किया। उन्होंने नड्डा के खिलाफ नारेबाजी की और स्याही फेंकी।
एम्स के छात्र बेहतर सुविधाओं और फैकल्टी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। दौरे पर आये नड्डा का भी छात्रों ने विरोध किया। इस पर नड्डा ने कहा कि वे सारी परेशानियों का समाधान निकालने की कोशिश करेंगे। इस पर नाराज छात्र बोले कि हर मंत्री यही वादा करके चला जाता है। लेकिन नड्डा ने उन्हें धैर्य रखने को कहा और वहां से रवाना हो गए। इसी बीच छात्रों में से किसी ने नड्डा पर स्‍याही फेंक दी। फेंकी गई स्याही नड्डा के कुर्ते पर गिरी।
वहां मौजूद लोगों ने तुरंत नड्डा के इर्द-गिर्द घेरा बनाया और उन्हें तुरंत गाड़ी में बैठाया। स्थानीय मीडिया के अनुसार हंगामा बढ़ते देख ड्राइवर ने हड़बड़ी में गाड़ी आगे बढ़ा दी जो कि दो छात्राओं के पैर पर चढ़ गई। छात्राओं को अस्पताल ले जाया गया। एक चश्मदीद छात्रा ने बताया कि हम उन्हें हमारी समस्याएं बताना चाहते थे लेकिन वे नहीं रूके।

हैप्पी बर्थडे मिस्टर प्राइम मिनिस्टर

अनुज हनुमत,

आज देश के सबसे लोकप्रिय प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी जी का जन्मदिन है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीवनी किसी कहानी से कम नहीं है। आज हर व्यक्ति को उनके बारे में जानने की स्वाभाविक इच्छा है।
आज हमारे बीच स्वामी विवेकानंद तो नही हैं, लेकिन मौजूदा समय में भारत माता के पास एक और नरेंद्र है और दोनों में कई समानताएं हैं। इसीलिए मुझे गीतगार शैलेन्द्र की लिखी ये पंक्तियाँ याद आ रही हैं कि
“फिर जन्मूँगा उस दिन जब आज़ाद बहेगी गंगा,
मैया उन्नत भाल हिमालय पर जब लहराएगा तिरंगा
मत रो माता, लाल तेरे बहुतेरे….”

भारत माता अपनी गुलामी और दुर्दशा पर उस समय रो रही थीं, जब उसे स्वामी विवेकानंद मिले और भारत माता भ्रष्टाचार और मंदी की मार से उस समय कराह रही थीं, जब उसे नरेंद्र मोदी मिले। यह एक सुखद संयोग ही है कि नरेन्द्र नाथ दत्त (स्वामी विवेकानन्द का वास्तविक नाम) और नरेन्द्र दामोदरदास मोदी (देश के वर्तमान प्रधानमंत्री) दोनों के नाम, विचार और कार्य में अदभुद समानता है। ऐसा लगता है मानो स्वामी विवेकानंद पिछले जन्म से दोगुनी आयु लेकर नरेंद्र मोदी के रूप में पुनर्जन्म ले लिए हों। दोनों ने ही अमेरिका जाकर धूम मचाई।

१७ सितम्बर सन १९५० में जन्मे नरेन्द्र दामोदरदास मोदी देश के वर्तमान प्रधानमन्त्री हैं। भारत के राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उन्हें २६ मई २०१४ को भारत के १५वें प्रधानमन्त्री के रूप में पद की शपथ दिलायी। वो इस पद पर आसीन होने वाले स्वतंत्र भारत में जन्मे प्रथम व्यक्ति हैं, उनके नेतृत्व में भारत की प्रमुख विपक्षी पार्टी बीजेपी ने २०१४ का लोकसभा चुनाव लड़ा और २८२ सीटें जीतकर अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की। उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक नगरी वाराणसी से वो सांसद चुने गए हैं।

स्वामी विवेकानंद और नरेंद्र मोदी के विचारों के बीच बहुत समानता है। नरेन्द्र मोदी ने अभी हाल ही में वैश्विक भाईचारे के स्वामी विवेकानंद के संदेश का स्मरण करते हुए कहा था कि ‘अगर उनके संदेश पर अमल किया जाता तो विश्व को अमेरिका पर 11 सितंबर के आतंकवादी हमले जैसे कृत्यों का साक्षी नहीं बनना पड़ता।’ वैश्विक भाईचारे का संदेश स्वामी विवेकानंद ने 11 सितंबर सन 1893 को शिकागो में विश्व धर्म संसद के अपने बहुचर्चित संबोधन में दिया था। स्वामी विवेकानंद ने हमारे देश के समृद्ध इतिहास और मजबूत सांस्कृतिक जड़ों की तरफ समूचे संसार का ध्यान आकर्षित किया था और वैश्विक भाईचारे का भारत का सुसंदेश समूचे संसार को दिया था। नरेंद्र मोदी स्वामी विवेकानंद के विचारों को व्यवहारिक रूप से क्रियान्वित कर रहे हैं।

स्वामी विवेकानंद ने अपने छोटे से जीवनकाल में कई बार विदेशों की यात्रा की। इसके अलावा उन्होंने पूरे देश में पैदल भ्रमण किया। वहीं, पीएम नरेंद्र मोदी ने पीएम बनने के एक साल के भीतर ही इतनी यात्राएं कर लीं कि पिछले सभी प्रधानमंत्रियों से ज्यादा यात्रा करने वाली शख्सियत बन गए।

नरेंद्र मोदी माँ भारती के धरातल की सोंधी मिट्टी से बने और जुड़े़ व्यक्तित्व के धनी हैं। उन्हें यह बताने में कभी शर्म महसूस नहीं होती है कि बचपन में उन्होंने रेलगाड़ी के डिब्बों में चाय बेचने का भी काम किया है, बल्कि बड़े गर्व के साथ वे बचपन में अपने पिताजी और परिवार की किस तरह मदद करते थे, यह बात जरुर बताते हैं।

कार्यालयीन हिंदी को जनता से जोड़ना आवश्यक

डेस्क
आई.डी.बी.आई बैंक की पंचगनी शाखा द्वारा  आयोजित हिंदी दिवस समारोह धूमधाम से मनाया गया। समारोह के मुख्य अतिथि हिंदी के ख्यातिलब्ध समीक्षक डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय, विशिष्ट अतिथि के रूप में नवप्रवाह.कॉम के संस्थापक और रेडियो जॉकी अमित द्विवेदी तथा कवि जयदत्त पाठक सम्माननीय अतिथि के रूप में आमन्त्रित थे। इसके अलावा अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों के प्रबन्धक, अधिकारीगण  व कर्मचारीगण कार्यक्रम में उपस्थित थे।
आई.डी.बी.आई बैंक के सहायक प्रबन्धक श्री कृपाशंकर झा ने आमन्त्रित अतिथियों का स्वागत करते हुए बैंक के सीएमडी किशोर खरात के सन्देश को पढ़कर सुनाया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय ने हिंदी की विकास यात्रा की चर्चा करते हुए उसके महत्त्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि हिंदी भाषा दिलों को जोड़ने वाली भाषा है। इसलिए इसका विकास दिन दूना रात चौगुना हो रहा है।
अपना अनुभव साझा करते हुए कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि अमित द्विवेदी ने बताया कि कार्यालयीन हिंदी को जनता से जोड़ना होगा अन्यथा बैंकों को हिंदी के प्रचार-प्रसार में अपेक्षित जनाधार नहीं मिल पाएगा। आई.डी.बी.आई बैंक की कार्यपद्धति की प्रशंसा करते हुए द्विवेदी ने बताया कि यह बैंक अपने ग्राहकों के साथ मधुर संबंध रखता है। जयदत्त पाठक ने अपनी कविता सुनाकर लोगों को जमकर गुदगुदाया। उनकी कविता ‘पगार’ ने काफी वाहवाही बटोरी।
सातारा जनपद के रीजनल हेड अनिल गोडबोले के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय ग्राहकों ने भी हिस्सा लिया था। शाखा प्रबन्धक राजेंद्र द्वारा कार्यक्रम का संचालन किया गया। खारे ने ही आभार प्रदर्शन की औपचारिकता निभाई।

ट्रैक एशिया कप:अंतिम दिन भारत ने 2 गोल्ड सहित 8 पदक जीते, कुल मिलाकर 16 पदक भारत की झोली में

शिखा पाण्डेय
भारत ने इंदिरा गांधी स्टेडियम के साइकिलिंग वेलोड्रोम में ट्रैक एशिया कप के अंतिम दिन दो स्वर्ण पदक सहित आठ पदक जीते। इस प्रकार भारत कुल 16 पदक जीतकर हांगकांग के बाद दूसरे स्थान पर रहा। भारत ने 5 स्वर्ण, 4 रजत और 7 कांस्य पदक अपनी झोली में डाले जबकि हांगकांग ने 11 स्वर्ण, 4 रजत और तीन कांस्य मिलाकर कुल 18 पदक जीते।

भारतीय टीम के कोच आरके शर्मा ने आज भारत के इस सफल अभियान के बाद कहा, “मैं ट्रैक एशिया कप में अपने साइकिलिस्टों के प्रदर्शन से संतुष्ट हूं, विशेषकर जूनियर साइकिलिस्टों ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन किया और वे उम्मीदों पर खरे उतरे।”

देबोरा हेरोल्डो ने अपनी फाइनल स्प्रिंट स्पर्धा में 12.576 के समय से पहला स्थान हासिल कर गोल्ड पर कब्ज़ा जमाया। उन्होंने केईरिन में भी रजत पदक जीता। इसी स्पर्धा में उनकी साथी केजिया वर्गीज ने कांस्य पदक हासिल किया। पुरूष एलीट केईरिन स्पर्धा में भारतीय साइकिलिस्ट अमरजीत सिंह आठवें स्थान पर रहे, लेकिन इसके जूनियर वर्ग में इमर्सन ने कांस्य पदक जीता।

भारत के सनुराज पी ने पुरूष जूनियर स्प्रिंट फाइनल में कांस्य पदक हासिल किया। महिला जूनियर स्प्रिंट फाइनल में भारत ने पहला और दूसरा, दोनों स्थान हासिल किये। नयना राजेश ने स्वर्ण पदक जबकि अनु ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। महिला टीम परस्यूट में राज कुमारी देवी, विद्या लक्ष्मी तूरंगबम, रतुजा सतपुते और जी अमृता रघुनाथ की भारतीय टीम ने कांस्य पदक जीता।

अमिताभ बच्चन द्वारा गाए भजन पर शंकराचार्य स्वरूपानंद को आपत्ति, सरकार पर भड़के

एंटरटेनमेंट डेस्क,

बॉलीबुड और धार्मिक गुरुओं का बहुत पुराना नाता रहा, लेकिन इनके बीच आपसी शीत युद्ध की खबरें भी समय समय पर आती रही हैं। ऐसा ही एक विवादित बयान बॉलीबुड अभिनेताओं के ऊपर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने दिया है।

आपको बता दें कि अमिताभ बच्चन सहित बॉलीवुड के 15 बड़े गायकों द्वारा की गई भगवान केदारनाथ की आराधना को लॉन्च हुए अभी एक हफ्ता भी नहीं हुआ है कि संतों के सर्वोच्च पद पर बैठे शकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने इस पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

शंकराचार्य स्वरूपानंद ने कहा है कि केदारनाथ में भक्तों की भीड़ बुलाने के लिए इन फिल्मी कलाकारों को यहां बुलाने और करोड़ों रुपए खर्च कर भजन गंवाने की क्या जरूरत है, जबकि सरकार केदारनाथ में आपदा में टूटी अदिगुरु शंकाचार्य की समाधि को अब तक बनवा नहीं पाई है।

अभी तक बॉलीबुड से इस पर किसी प्रकार की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है लेकिन इतना तो स्पष्ट है कि संत समाज को अभिनेताओ द्वारा केदारनाथ भगवान की आराधना करने का तरीका पसन्द नही आया।