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Sunday, August 9, 2026
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बॉलीवुड के ‘बाजीराव’ रणबीर बने स्विटजरलैंड टूरिज्म के पहले भारतीय ब्रांड एम्बेसडर!

शिखा पाण्डेय

अपने एडवेंचरस नेचर के लिए जाने जानेवाले बॉलीवुड के बाजीराव रणबीर सिंह को स्विटजरलैंड टूरिज्म का ब्रांड एम्बेसडर चुना गया है। रणबीर सिंह को स्विट्ज़रलैंड टूरिज्म द्वारा पहले भारतीय एम्बेसडर के तौर पर चुना गया है।

आपको बता दें कि अपनी स्विटजरलैंड यात्रा के दौरान रणवीर ने कई तरह की एक्टिविटीज की हैं। उन्होंने ज्यूरिख झील में वेकबोर्डिंग, लूसेर्नो के स्विम म्यूजियम ऑफ ट्रांसपोर्ट में स्काई जंप, माउंट पाइलेटस में टोबोगैनिंग, पैराग्लाइडिंग और स्काई डाइविंग कर चुके हैं।

भारत में क्लाउडिया जेंप ‘स्विटजरलैंड टूरिज्म’ के निदेशक हैं। उन्होंने बताया कि एक अलग तरह के एक्टर होने के साथ ही रणबीर काफी एंडवेचर को पसंद करने वाले शख्स हैं। जेंप ने कहा,” स्विटजरलैंड के पास जो कुछ था, रणवीर ने उसे खूब एंज्यॉय किया। देश के प्रति उनका पैशन और एक्साइटमेंट गजब का था इसी वजह से हमें आगे आकर उनसे पूछना पड़ा कि क्या वो हमारे ब्रांड एंबैसडर बनेंगे?”

31 साल के रणबीर का इस विषय में कहना है कि मेरे ऊपर 2017 में स्विटजरलैंड के टूरिज्म अभियान को प्रमोट करने की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा,” इन गर्मियों में मैंने स्विटजरलैंड में काफी अच्छा समय बिताया। मैंने वहां स्काई डाइविंग और पैराग्लाइडिंग जैसी क्रेजी चीजें कीं। अब मैं स्विटजरलैंड टूरिज्म का आधिकारिक ब्रांड एम्बेसडर बन गया हूं। अब मैं सर्दियों में वहां जाकर देखूंगा कि यह उस मौसम में कैसा दिखता है। मैं सेंट मोरित्ज और तितलिस इंजेलबर्ग की स्लोप में जाने का इंतजार नहीं कर सकता। वहां बहुत मजा आएगा।”

गौरतलब है कि अगले साल की शुरुआत में रणबीर स्विटजरलैंड जाएंगे। इस देश में अपनी अगली यात्रा के दौरान वो तितलिस इंजेलबर्ग के सेंट मोरित्ज गांव को देखेंगे। यहां वो देश की स्थानीय संस्कृति से रुबरु होंगे। स्विटजरलैंड टूरिज्म इंडिया के अनुसार स्विटजरलैंड घूमने के लिए परफेक्ट जगह है। वहां की यात्रा आपके दिलों में कई समय तक बरकरार रहेगी। वहां टूरिस्ट साइट देखने का मजा, रिलैक्स होने और एडवेंचर का मजा एकसाथ ले सकते हैं। वहां बहुत अच्छे खाने के साथ ही रहने की भी बेहतर जगह मौजूद है।

स्पेशल रिपोर्ट: जानिए, कब कब गिरी मीडिया पर कानून की गाज़

आनंद रूप द्विवेदी,

देश के प्रमुख समाचार चैनल NDTV India पर पठानकोट हमले के दरम्यान संवेदनशील सामरिक गतिविधियों को प्रसारित किये जाने के दंड स्वरुप मिनिस्ट्री ऑफ़ इनफार्मेशन एंड ब्रॉडकास्ट ने 9 नवम्बर को 1 दिवसीय बैन लगा दिया है। इस मुद्दे पर एक खास पत्रकारिता वर्ग उल जुलूल बातें कर रहा है। कुछ ने इसे इमरजेंसी कालीन फरमान करार दिया तो कुछ ने मूलभूत अधिकारों कि अवहेलना। किसी ने कानून की बात को समझने का प्रयास किये बिना ही कुछ भी बोलना शुरू कर दिया है।

मजेदार बात ये है कि विपक्ष के नेता जो स्वयं मीडिया पर नकेल कसने के लिए सिद्धहस्त हैं, वो भी NDTV पर लगाए गए बैन से असहज महसूस कर रहे हैं, जबकि कानून व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय राजनीतिक लालसाओं से परे रखा जाना चाहिए।

देश में किसी चैनल को पहली बार केबल टेलीविजन नेटवर्क्स अधिनियम के प्रावधानों के अन्तर्गत बैन नहीं किया गया है, बल्कि ऐसा पहले भी कई बार हो चुका है। आइये देखते हैं ऐसे कौन कौन से मौके थे, जब टीवी चैनलों पर नियमों की अवहेलना करने के कारण बैन लगाया गया:

1. फैशन टीवी–  4 सितम्बर, 2009 को फैशन टीवी पर समय 15:37:34 से 19:01:48 के बीच एक कार्यक्रम प्रसारित किया गया, जिसमें एक महिला मॉडल के शरीर के ऊपरी भाग वक्षस्थल को नग्न (Topless) अवस्था में प्रसारित किया गया। इसे बेहद आपत्तिजनक मानते हुए Cable Television Networks (Regulation) Act, 1995  के तहत 10 दिन का प्रतिबन्ध लगा दिया गया था। इस समय देश में यूपीए सत्तारूढ़ थी।

2. AXN – मार्च 2010 में सोनी ग्रुप के इंटरटेनमेंट चैनल AXN को World’s Sexiest Advertisements नामक प्रोग्राम में अश्लील कार्यक्रमों के प्रसारण पर प्रतिबन्ध लगाते हुए 2 माह के लिए बैन लगाया गया था। उक्त बैन वैधानिक रूप से तत्कालीन यूपीए सरकार के मंत्री प्रियरंजन दास मुंशी के आदेशों पर लगाया गया था।

3. कॉमेडी सेंट्रल- 4 जून 2012 को कॉमेडी सेंट्रल चैनल पर 00:01 बजे से 25 May 00:01 बजे तक का बैन लगाया गया था. चैनल पर एक कार्यक्रम के दौरान अश्लील व आपत्तिजनक संवादों के प्रसारण का आरोप था। Cable Television Networks Rules, 1994 के प्रावधानों के तहत उक्त प्रतिबन्ध यूपीए के शासनकाल के दौरान लगाया गया था।

अवैधानिक ढंग से मीडिया पर प्रतिबन्ध अनावश्यक रूप से लगाया जाना गलत है और नवप्रवाह मीडिया नेटवर्क्स  इसका खंडन करता है, क्योंकि ऐसा करना न केवल भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों के विरुद्ध है, अपितु लोकतान्त्रिक व्यवस्था की संरचना के प्रति घातक भी है। साथ ही, किसी भी मीडिया हाउस को संविधान प्रदत्त स्वतंत्रता का लाभ एक सीमित दायरे तक ही उठाना चाहिए, जिसका हर पत्रकार और नागरिक  द्वारा सदैव ध्यान रखा जाना चाहिए।

मीडिया द्वारा प्रसारित ख़बरों, फुटेज और सूक्ष्म जानकारी ऐसी हो, जिसका लाभ विषम परिस्थिति काल में शत्रु राष्ट्र द्वारा न उठाया जा सके। भारतीय लोकतंत्र का चौथा खम्भा माने जाने वाले मीडिया समुदाय को देश की संप्रभुता, एकता, अखंडता, और सर्वोपरि सुरक्षा का सम्पूर्ण हित सोचना चाहिए, जो कि किसी भी प्रकार के व्यापारिक व व्यक्तिगत लाभ से अति महत्त्वपूर्ण है।

RJ के इस्तीफे से सूबे में हड़कंप, DM ने की फैसला बदलने की अपील

अनुज हनुमत,

इलाहाबाद। अपने ही रेडियो कार्यक्रम के लाइव प्रसारण के दौरान इलाहाबाद की एक चर्चित RJ को अपनी नौकरी छोड़ने का ऐलान करना पड़ा। इसके फौरन बाद ही हड़कम्प मच गया। दरअसल, सड़कों पर अपने साथ आए दिन होने वाली छेड़खानी से तंग आकर इलाहाबाद की चर्चित रेडियो जॉकी निधि ने लाइव प्रसारण के दौरान ऐलान किया कि ये उनका आखिरी कार्यक्रम है।

आरजे निधि ने नौकरी छोड़ने का फैसला किया है। निधि ने अपने शो में इसका एलान भी कर दिया है।निधि के अनुसार, तीन दिन पहले घर जाते वक़्त बाइक सवार तीन लफंगों ने उनके साथ छेड़खानी कर उसे जबरन रोकने की कोशिश की थी। उन्होंने बताया कि उस वक़्त तो किसी तरह खुद को बचा लिया, लेकिन इस वारदात से वह इस कदर डर गईं हैं कि नौकरी करने के लिए अब बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही हैं।

आरजे निधि ने नौकरी छोड़ने का जैसे ही ऐलान किया वैसे ही फौरन इलाहाबाद के डीएम समेत तमाम लोगों ने निधि के शो में फोन कर उनसे नौकरी नहीं छोड़ने की अपील की।

आपको बता दें कि अपनी चुलबुली आवाज़ से लोगों के बीच खासी पॉपुलर निधि अपने शो खुसर-फुसर और यू टर्न के ज़रिये लोगों को हमेशा ज़िंदादिल रहने, ज़िंदगी से जूझने और पॉजिटिव सोच रखने की नसीहत देतीं थीं, लेकिन खुद निधि को क्या पता था कि आज खुद उन्हें भी सिस्टम के सामने बेबस होना पड़ेगा।

असल में निधि हमेशा देर रात अपने रेडियो कार्यक्रम के बाद घर के लिए निकलती हैं और ऐसे में अपने साथ सड़कों पर आए दिन होने वाली छेड़खानी से निधि इस कदर दहशत में हैं कि उन्हें अब घर के बाहर अकेले कदम रखने में भी डर लगने लगा है। आरजे निधि के अनुसार , भैया दूज की शाम को शो ख़त्म करने के बाद स्कूटी से घर लौटते वक्त उनके साथ जो कुछ हुआ, उसे याद कर वह कांप उठती हैं। तीन दिन बाद भी सरकारी अमले के हाथ खाली रहने से वो इस कदर दुखी हैं कि उन्होंने अब नौकरी छोड़ने का फैसला कर लिया है। फिलहाल वो नौकरी छोड़ने के फैसले पर बरक़रार हैं।

फिलहाल घटना के तीन दिन बीतने के बाद भी इस मामले में इलाहाबाद पुलिस के हाथ अभी खाली ही हैं। लेकिन अफसरों का दावा है कि वह चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे के सहारे आरोपियों की तलाश कर रही है। इसके अलावा सड़कों पर गश्त बढ़ाने के साथ ही कई दूसरे इंतजाम किये जाने के दावे भी किये गए हैं।

फिलहाल आरजे निधि के नौकरी छोड़ने के ऐलान के बाद उनके प्रशंसको में सिस्टम के प्रति जबरदस्त गुस्सा है। साथ में अपने प्रिय आरजे की आवाज अब रेडियो पर न सुन पाने की बात से निराशा का भी माहौल है।

पकिस्तान ने जंग की ओर बढ़ाया एक और कदम, चौकियों से रेंजर हटे, तोपखाने के साथ फौज तैनात

इंद्रकुमार विश्वकर्मा,

पकिस्तान ने जहाँ एक दिन पहले सफ़ेद झंडे दिखाकर हथियार डाल दिया था, वहीं 24 घण्टे बीतने से पहले ही अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। भारत की ओर से गोलीबारी रुकते ही पाकिस्तान ने सीमा पर रेंजरों को हटाकर रेग्युलर आर्मी को भारी तोपखाने के साथ तैनात कर दिया है। हालांकि भारत की ओर से अभी तक बॉर्डर पर बीएसएफ ही तैनात है।

खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार,  सीमा पर पाकिस्तानी सेना के ट्रक भारी संख्या में फौजियों और हथियारों को सीमा पर ढो कर ला रहे हैं। पाकिस्तानी फौज ने रेंजरों की चौकियों को अपने नियंत्रण में ले लिया है।

भारत के सुरक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि पहले पठानकोट हाईवे से कुछ किलोमीटर दूर स्ट्राइकिंग कोर की तैनाती और अब रेंजर्स की जगह फौज़ की तैनाती पाकिस्तान की मंशा को जाहिर कर ही चुकी है। हमारी फौजें हालांकि, सतर्क और चौकन्नी हैं, फिर भी दुश्मन की सभी चालों पर लगातार गौर करते रहना पड़ेगा। दुश्मन घात लगाकर बैठ गया है और किसी भी समय हमला कर सकता है।

मोदी का विरोध करो लेकिन देश के विरोध का अधिकार किसी को नहीं -अमित शाह

अमित शाह ने लोगों को धन्यवाद दिया

अनुज हनुमत,

पिछले एक दशक से भारतीय जनता पार्टी के लिए अहम भूमिका निभा रहे मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह एक बार फिर प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के लिए चाणक्य की भूमिका में नजर आ रहे हैं। कल भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पणजी में आयोजित इंडिया आईडिया कॉन्क्लेव में भाग लिया। उन्होंने इस दौरान कहा कि लोकतंत्र के अंदर विकास और असहमति दोनों ही बेहद अहम हैं। अगर ये नहीं, तो लोकतंत्र नहीं।

कॉन्क्लेव में अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी विरोध इस लोकतंत्र में कर सकते हैं। हर कोई पॉलिसीज को लेकर भी विरोध कर सकता है, पर देश के विरोध का हक किसी को नहीं।

आगे अमित शाह ने कहा कि आजादी के बाद से देश में अगर किसी नेता की सर्वाधिक कटु आलोचनाएं हुईं है, तो वो नरेंद्र मोदी हैं। आलोचना सहन करना चाहिए, पर उनके विरोध की आड़ में कोई देश का विरोध करने लग जाए, तो इसे अभिव्यक्ति की आजादी भी नहीं कही जाएगी।

शाह ने कहा कि हमारे देश की सामाजिक चेतना बेहद उच्च स्तर की है। देश 800 साल गुलाम रहा, फिर भी हमारी सामाजिक चेतना कभी नहीं सिकुड़ी। किसी ने हमारी सामाजिक चेतना से छेड़छाड़ की कोशिश की भी, तो वो सफल नहीं हुआ। उन्होंने धर्म-जाति आधारित राजनीति पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश के विभाजन के अपराधबोध से ग्रस्त होकर तब के शासन ने तुष्टिकरण की नीति शुरु कर दी थी। इसी वजह से लोकतंत्र की छति हुई।

अमित शाह ने प्रश्न पूछते हुए कहा कि साल 2014 में देश की हालत क्या थी? लोग चिंतित थे कि भारत का भविष्य क्या है। देश पर अनिश्चितता का घेरा था। जिसके बाद देश की जनता ने नरेंद्र मोदी पर भरोसा करने का फैसला लिया।

विजय माल्या के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी

सौम्या केसरवानी,

शराब कारोबारी और किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक विजय माल्या के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि विजय माल्या कोर्ट के आदेशों का सम्मान नहीं कर रहे हैं। कोर्ट ने ये भी कहा कि पिछली सुनवाई के दौरान माल्या ने कहा था कि वह भारत आना चाहते हैं, लेकिन उनका पासपोर्ट जब्त है। लेकिन ये सब कहना दिखावा मात्र था।

कोर्ट न यह भी आदेश दिया है कि लन्दन में रह रहे विजय माल्या को भारतीय विदेश मंत्रालय वारंट भेजे और बार-बार फरमान सुनाए जाने के बाद भी माल्या कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि माल्या की पेशी के लिए जल्द कड़े कदम उठाने की जरूरत है।

इससे पहले माल्या के वकील ने कोर्ट को बताया था कि उनके मुवक्किल देश लौटने की हालत में नहीं हैं।वकील ने ये भी बताया कि विजय माल्या का पासपोर्ट जब्त कर लिया गया है।

गौरतलब है कि विजय माल्या पर 7.5 करोड़ रुपये के चेक बाउंस के मामले में चार केस दर्ज है। माल्या पर ये केस दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने दर्ज कराये गये हैं। इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट माल्या को भगोड़ा घोषि‍त कर चुका है।

कांग्रेस ने 10 सालों में एक रुपए नहीं दिया, आज उसी मुद्दे पर राजनीति कर रही है -अरुण जेटली

अमित द्विवेदी,

वन रैंक वन पेंशन मसले पर चल रहे विवाद पर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने चुप्पी तोड़ते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को करारा जवाब दिया। जेटली ने कहा कि जो आज इस मसले पर राजनीति कर रहे हैं, उन्होंने अपनी सत्ता के 10 साल के दौरान जवानों के प्रति रत्ती भर सहानुभूति नहीं जताई।

कांग्रेस की बयानबाज़ी पर पलटवार करते हुए अरुण जेटली ने एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि 2004 से 2014 के बीच कांग्रेस की सहानुभूति जवानों के लिए गायब हो गई थी। इन 10 सालों में इनकी सरकार ने एक रूपए की मदद नहीं की। और आज इसी मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं।

जेटली ने कहा कि चुनाव के दौरान इन्होंने बस जवानों को चूरन दिया कि हम इस परेशानी को हल करने के लिए एक कमेटी का गठन कर रहे हैं। और दिखावे के लिए अप्रैल 2014 में एक कमिटी गठित कर दी। जेटली ने कहा कि इन्हें ये लगता है कि जनता इनके दिखावे में आ जाएगी।

जेटली ने कहा कि हमने सभी दिक्कतों को समाप्त करने के लिए आवश्यक कदम उठाया है। और हम सिर्फ बातें नहीं करते, अमल किया है हर मामले में। जिसका प्रमाण देने की आवश्यकता नहीं है।

गौरतलब है कि पॉलिटिकल माइलेज लेने के लिए राहुल गांधी पिछले कुछ दिनों से जवानों की वन रैंक वन पेंशन को लेकर मीडिया में छाए हुए हैं। जिस पर पलटवार करते हुए जेटली ने राहुल को कटघरे में खड़ा कर दिया।

रेसलर गीता फोगट की शादी में शरीक होंगे ‘सिल्वर स्क्रीन पिता’ आमिर खान

एंटरटेनमेंट डेस्क

अपनी आगामी फिल्म ‘दंगल’ में रेसलर महावीर

 सिंह फोगट की भूमिका निभा रहे मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान उनकी बेटी रेसलर गीता फोगट की शादी में शामिल होंगे। 27 वर्षीय गोल्‍ड मेडालिस्‍ट गीता इस बात से बेहद खुश है कि उनकी शादी में आमिर खान मौजूद होंगे। गीता की शादी रेसलर पवन कुमार से हो रही है।

आमिर आगामी 20 नवंबर को महावीर सिंह फोगट की बेटी गीता फोगट की शादी में सम्मिलित होंगे।आपको बता दें कि आमिर की फिल्‍म ‘दंगल’ इसी फोगट परिवार से प्रेरित है। इस परिवार का रेसलिंग की दुनियां में काफी योगदान रहा है। 

आपको बता दें कि ‘दंगल’ की शूटिंग के दौरान आमिर फोगट परिवार के बेहद करीब आ गये। ऐसे में उन्‍हें जब इस शादी में आने का न्‍योता मिला तो उन्‍होंने अपने सारे काम टाल दिये और इस शादी में शामिल होने का फैसला किया है।

गीता के पिता महावीर फोगट ने एक वेबसाइट से बातचीत के दौरान बताया, “मैंने आमिर खान  से बुधवार को बात की थी। वो फिल्‍म के डायरेक्‍टर नितेश तिवारी के साथ इस शादी में शामिल होंगे। शादी की तैयारी बहुत अच्‍छी चल रही है। संगीत और मेहंदी की रस्‍म 19 नवंबर को है।” 

तो क्या ‘एक दिन का अँधेरा’ आज के एनडीटीवी की असली तस्वीर बन जाएगी!

IBN7 के रोहित सरदाना ने अपने सोशल हैंडल फेसबुक पर NDTV के एक दिवसीय ब्लैक आउट मामले पर बेहद गंभीर पोस्ट अपडेट किया, जिसे सभी को पढ़ना चाहिए। ये मीडिया की स्वतंत्रता और दायित्व का संज़ीदा विश्लेष्ण है।

‘ये अंधेरा ही आज के टीवी की तस्वीर है’

जेएनयू प्रकरण के दौरान एनडीटीवी के प्राइम टाइम कार्यक्रम की इस लाइन को ले कर रवीश कुमार के आम आदमी पार्टी समर्थक भक्तों ने सोशल मीडिया में खूब उत्पात मचाया था। शायद उस रोज़ किसी को अहसास नहीं रहा होगा कि आज टेलीविजन प्रोडक्शन के नाम पर किया गया ये खेल, किसी दिन हकीकत में बदल जाएगा – और एनडीटीवी को एक पूरे दिन के लिए काला करने का आदेश दे दिया जाएगा।

पठानकोट हमले के दौरान संवेदनशील जानकारियां लीक करने के आरोप में एनडीटीवी इंडिया पर जांच कमेटी ने एक दिन के ब्लैक आउट की सिफारिश की है।

ये ब्लैक आउट सिर्फ एनडीटीवी इंडिया पर नहीं है, ये ब्लैक आउट पूरी भारतीय मीडिया पर है, जो सेंसरशिप का विरोध तो करती है, पर अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर देश की संप्रभुता और सुरक्षा को ताक पर रखने से नहीं चूकती।

बेशक ये इमरजेंसी का दौर नहीं है। बाकी सारे अखबार छपेंगे, सारे न्यूज़ चैनल दर्शकों को उस रोज़ उपलब्ध होंगे। फिर भी सरकार के इस कदम की तुलना आपातकाल से ही होगा।

कांग्रेस ने इंदिरा गांधी से ले कर मनमोहन सिंह तक यही तो किया। इंदिरा गांधी ने घोषित आपातकाल लगाया, मनमोहन सिंह की सरकार नवीन जिंदल जैसे घोटालेबाज़ों के एक इशारे पर संपादकों को जेल में डालने तक पर उतर आई। जबकि उन्हीं की सरकार में नीरा राडिया के साथ बातचीत के टेप दनिया ने सुने, जिसमें कथित तौर पर एनडीटीवी के ही पत्रकार खुले आम सरकार के फैसलों में अपने दखल को घमंड से स्वीकारते सुनाई पड़ रहे थे। उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

एनडीटीवी की फंडिग में गड़बड़ी की जांच अलग से चल रही है। इस ब्लैकआउट* के बाद (*अगर ऐसा हुआ) फंडिंग मामले में भी सरकार को कोई गड़बड़ी मिली, तो उस कार्रवाई को जायज़ होने पर भी चैनल के प्रति दुर्भावनापूर्ण ही समझा जाएगा। बेशक किसी मीडिया हाउस को केवल इसलिए किसी भी तरह के कुकर्म की छूट नहीं होनी चाहिए, क्योंकि वो मीडिया हाउस है। उद्योग को ले कर नियम कायदे हैं, और जब न्यूज़ चैनल चलाना एक बिज़नेस ही है, तो जैसे बाकी उद्योगों पर नकेल कसी जाती है, वैसी ही मीडिया हाऊसेज़ पर भी कसी जाएगी।

मैं एनडीटीवी की इस सफाई से सहमत नहीं हूं कि “बाकी चैनलों ने भी तो वैसा ही चलाया था जैसा हमने” मगर मैं सरकार के फैसले से भी सहमत नहीं हूं कि चैनल को एक दिन के लिए काला कर दिया जाए। चेतावनी दी जा सकती थी। माफी मांगने के लिए कहा जा सकता था.।

गुजरात के मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी से ले कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक, एनडीटीवी का ‘विशेष’ किस्म का मोदी प्रेम जग ज़ाहिर रहा है। प्रधानमंत्री को भले ही इंटर मिनिस्टीरियल कमेटी के फैसले के बारे में पता हो या न पता हो, एनडीटीवी के पैरोकार इसे सरकार की बदहजमी और चैनल के लिए मैडल के तौर पे ही पेश करेंगे।”

(श्री रोहित सरदाना वरिष्ठ मीडिया पर्सनालिटी हैं जिनकी फेसबुक वाल से साभार ये पोस्ट उद्धृत किया गया है, ये उनके अपने विचार हैं जिसपर नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क्स की अलग से कोई जवाबदेही नहीं है।)

साभार रोहित सरदाना का ऑफिशियल फेसबुक पेज: https://www.facebook.com/rohitsardanaofficialpage

उत्तर प्रदेश में भी एयरटेल ने शुरू की 4जी सेवाएं, फिलहाल 13 शहरों को मिलेगा लाभ

शिखा पाण्डेय,

टेलिकॉम ऑपरेटर कंपनी भारती एयरटेल ने कल से उत्तर प्रदेश में भी अपनी 4जी सेवाएं लॉन्च कर दी हैं। कंपनी ने शुरुआत में प्रदेश के 13 शहरों में इस सर्विस को शुरू किया है। कंपनी का कहना है कि आने वाले महीनों में यूपी के 200 से ज्यादा शहरों में इस सर्विस को पहुंचाया जाएगा।

भारती मित्तल की अगुवाई वाली भारती एयरटेल ने कहा कि कंपनी ने यूपी में 1800 मेगा हर्ट्स स्पेक्ट्रम बैंड पर सर्विस दी जाएगी, जिसके जरिए ग्राहक तेज रफ्तार इंटनेट का लुत्फ ले सकेंगे।

4जी सेवा शुरू करते हुए एयरटेल के यूपी-उत्तराखंड के सीईओ शैलेन्द्र सिंह ने कहा, “उत्तर प्रदेश में अपनी 4जी सर्विस लॉन्च करते हुए हमें बड़ी खुशी हो रही है। हमारे ग्राहक मुफ्त में 4जी में अपग्रेड कर सकते हैं और एयरटेल के नेटवर्क पर हाई स्पीड इंटरनेट का मजा ले सकते हैं।” उन्होंने कहा कि अपने देश में मौजूदा समय में मोबाइल का इस्तेमाल करने वालों में 59 फीसदी लोगों के पास स्मार्ट फोन हैं। वर्ष 2012 में मात्र सात फीसदी लोगों के पास ही स्मार्ट फोन था।

कंपनी ने 4जी की लॉन्चिंग के साथ ही ग्राहकों को मुफ्त 2जीबी डेटा देने का भी ऑफर पेश किया है। इसके लिए एयरटेल प्रीपेड यूजर्स को अपना 2जी या 3जी सिम 4जी में अपग्रेड कराना होगा। हालांकि यह ऑफर सिर्फ एक बार के लिए ही है। अगर आप पहले से ही 4जी सिम इस्तेमाल कर रहे हैं तो यह ऑफर काम नहीं करेगा। सिम अपग्रेड के लिए आप एयरटेल स्टोर जाकर 4जी सिम के लिए अप्लाई कर सकते हैं। नया सिम मिलने पर उसमें पहले से 2 जीबी डेटा उपलब्ध होगा।

एयरटेल ने जिन 13 शहरों में 4जीसेवा शुरू की,उनमें लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी, इलाहाबाद, आगरा, अलीगढ़, बुलंदशहर, हापुड़, मथुरा, मोदीनगर, मुफ्फरनगर और मेरठ शामिल हैं।