दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने एक पत्र लिखकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल से उनके द्वारा लगाये गये आरोपों का सबूत माँगा है। दरअसल गत 31 अक्टूबर को दिल्ली हाई कोर्ट के 50वीं वर्षगाँठ के अवसर को राजनीतिक मैदान बनाते हुए अरविन्द केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर आरोप मढ़ने शुरू कर दिए थे।
कार्यक्रम के दौरान केजरीवाल ने कहा, “मैंने सुना है जजों के फोन टैप किये जा रहे हैं, जिनकी सत्यता का मुझे कोई ज्ञान नहीं, लेकिन यदि ऐसा हो रहा है तो न्यायपालिका की इंडिपेंडेंस खतरे में है।”
केजरीवाल की इस बयानबाजी को गंभीरता से लेते हुए, दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने केजरीवाल को पत्र लिखकर आरोपों के सबूत मांगे हैं, ताकि दोषियों पर आगे की कार्यवाई की जा सके।
केजरीवाल के इस आरोप को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने गलत बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का आरोप पूर्णतया मिथ्या है। नरेंद्र मोदी सरकार के लिए न्यायपालिका की स्वतंत्रता मूलभूत है, जिससे किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
लखनऊ। यूपी में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले यात्राओं का दौर तेजी पकड़ चुका है। बीते गुरूवार को लखनऊ से सीएम अखिलेश यादव ने ‘विकास रथ यात्रा’ की शुरुआत की, जिसमें उन्हें कार्यकर्ताओं का अपार समर्थन प्राप्त हुआ। इसको देखते हुए अब सूबे के विरोधी दल कहाँ चुप रहने वाले थे।
विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए भाजपा ने भी अपनी चुनावी रथ यात्रा की तैयारियां पूरी कर ली है। भाजपा ने इसे परिवर्तन यात्रा का नाम दिया है। कल प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने प्रदेश कार्यालय में पूजा पाठ के बाद रथ को रवाना किया। जानकारी के लिए आपको बता दें कि परिवर्तन यात्रा 5 नवम्बर को सहारनपुर से शुरू होगी।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ‘विकास रथ यात्रा’ पर टिप्पणी करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने पत्रकारों से बातचीत में कहा की अखिलेश का रथ जनता के शोषण व काली कमाई से जुटाए गए पैसों से तैयार करवाया गया था, इसलिए उसके पहिये लोहिया पथ पर ही थम गए। उन्होंने कहा कि अखिलेश के रथ को जनता की हाय लग गई।
बहरहाल कुछ भी हो लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की रथयात्रा ने विरोधियों के खेमे में हलचल मचा दी है, जिसके कारण अब सभी सियासी दल नई चाल तलाशने में लगे हैं। अब देखना होगा कि कल से शुरू हो रही भाजपा की परिवर्तन यात्रा यूपी की जनता पर कितना असर करती है।
भारत द्वारा कदम-कदम पर मुंह की खाने के बावजूद पाकिस्तान हर बार अपनी किसी न किसी घिनौनी हरकत को अंजाम देने से बाज़ नहीं आता। बुधवार को पाकिस्तान द्वारा पाकिस्तानी मीडिया में भारतीय उच्चायोग के आठ कर्मियों के नाम और पद को बतौर “भारतीय जासूस” तस्वीरों के साथ जारी किया गया और गुरुवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सार्वजनिक रूप से इन अफसरों की पहचान आधिकारिक रूप से जारी कर दी।
जिन भारतीय अधिकारियों के नाम सामने आए हैं, उनमें वाणिज्यिक काउंसेलर राजेश कुमार अग्निहोत्री, प्रेस और संस्कृति के प्रथम सचिव बलबीर सिंह, प्रथम वाणिज्य सचिव अनुराग सिंह, वीजा अताशे अमरदीप सिंह भट्टी, वीजा सहायक धर्मेन्द्र, विजय कुमार वर्मा और माधवन नंद कुमार और निजी कल्याण कार्यालय में सचिव जयबालन सेंथिल शामिल हैं। गौरतलब है कि पाकिस्तान सरकार ने भारतीय उच्चायोग के इन आठ कर्मियों पर पाक विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने और जासूसी का आरोप लगाया था, जिसके बाद भारत ने इन सभी कर्मियों को पाकिस्तान से बुलाने का फैसला किया था।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने इस्लामाबाद में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “क्या आपको पता है कई भारतीय राजनयिकों और स्टाफ के लोगों का सीधा संबंध भारतीय इंटेलिजेंस एजेंसी रॉ और आईबी से था? ये लोग राजनयिक कार्य के नाम पर पाकिस्तान विरोधी गतिविधियों और आतंकियों के साथ संपर्क करते पकड़े गए हैं।” जकारिया ने इन सभी के पद और नाम सार्वजनिक किए।
यूपी विधानसभा चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं रह गया है। ऐसे में सभी पार्टियां अपने वोटर्स पर अपनी पकड़ मजबूत बनाये रखना चाहती हैं। चुनाव से पहले सूबे में सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। एक तरफ तो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ‘विकास से विजय की ओर’ रथ यात्रा पर निकल चुके हैं। वहीं, मुख्य विपक्षी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी आज मुख्यमंत्री अखिलेश पर जमकर हमला बोला । मायावती ने भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वो अगले चुनाव में सीएम उम्मीदवार देने की स्थिति में नहीं है।
मायावती के मुताबिक समाजवादी पार्टी इतिहास बन चुकी है। उन्होंने पिछले दिनों सपा में हुए पारिवारिक शीत युद्ध के बारे में टिप्पणी करते हुए कहा कि शिवपाल यादव किसी हाल में अपने भतीजे अखिलेश यादव को पार्टी पर काबिज होने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि अखिलेश ने अपने पिता मुलायम सिंह यादव के पदचिन्हों का अनुसरण करते हुए अपराधियों को पार्टी में शामिल करवाया।
मायावती ने किसी तरह के गठबंधन से इनकार करते हुए एसपी और कांग्रेस को खत्म हो चुकी पार्टी बता दिया। बसपा सुप्रीमों मायावती ने आगे कहा कि यूपी के मुसलमान सब कुछ देख रहे हैं, वो इस बार बीएसपी का साथ देंगे। एसपी का भंडाफोड़ हो चुका है। मायावती ने ये भी दावा किया कि 2012 में उनकी पार्टी को सत्ता तक नहीं पहुंचाने वाली सूबे की जनता को अपने फैसले पर अफसोस है। पिछले दिनों लखनऊ में विशाल रैली करके मायावती अपना दम विरोधियों को दिखा चुकी हैं ।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बहुप्रचारित रथ यात्रा आज मुलायम सिंह द्वारा हरी झंडी दिखाने के साथ शुरू हो गई। लखनऊ से उन्नाव के बीच अखिलेश की रथ यात्रा के 60 किलोमीटर से ज्यादा लम्बे रास्ते पर दोनों ओर बैनर और पोस्टर की भरमार है। हालांकि, यात्रा शुरू होने के कुछ देर बाद अखिलेश के ‘रथ’ में कुछ तकनीकी खराबी आ गई और लोहिया पुल के पास सीएम का विकास रथ खड़ा हो गया। सीएम के विकास रथ को ठीक करने का काम जारी है। इसके बाद अखिलेश अपनी सरकारी गाड़ी में शिफ्ट हो गये।
रथ में सवार अखिलेश ने कहा कि नेताजी और प्रदेश अध्यक्ष के कार्यक्रम में आने से खुशी हुई। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रोफेसर साहब और वरिष्ठ मंत्री आजम खान का आशीर्वाद साथ है। गठबंधन के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि मुझे नहीं पता कि शुरूआत हुई है। गठबंधन के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। नेताजी जो फैसला लेंगे, वो मान्य होगा।
उन्होंने कहा कि किसानों, युवाओं सहित सभी लोग हमारा समर्थन कर रहें हैं। समाजवादी पार्टी एक बार फिर बहुमत की सरकार बनाने वाली है। अखिलेश ने कहा,” भाजपा के पास बताने के लिए कोई काम नहीं है। जनता खुद सरकार के कामों का आंकलन करेगी।” अखिलेश यादव ने कहा कि हमारी किसी से नाराजगी नहीं है और ना ही किसी की मुझसे नाराजगी है। अखिलेश ने कहा कि मुस्लिम मतदाता सपा और सेक्यूलर लोगों के साथ हैं।
‘वन रैंक वन पेंशन’ को लेकर पूर्व सैनिक राम किशन ग्रेवाल की आत्महत्या पर चल रही सियासी बयानबाज़ी के तहत हर पार्टी का नेता दूसरे को नीचा दिखाने के प्रयास में जुटा है। इस कड़ी में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने ‘कॉमेडी सर्कस का हीरो’ कह दिया है।
विजयवर्गीय ने कहा, ” राहुल की हरकतों से लगता है जैसे वो कॉमेडी सर्कस के हीरो हैं।” विजयवर्गीय ने आत्महत्या की जांच कराए जाने की बात करते हुए कहा, ” ग्रेवाल ने सुसाइड क्यों किया, यह जांच का विषय है क्योंकि उन्हें OROP का लाभ मिल रहा था।”
उधर हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने भी एक महत्त्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि ”शहीद वे होते हैं जो सीमा पर जान देते हैं, न कि वे जो आत्महत्या करते हैं।” राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल द्वारा कल से की जा रही तमाम भागदौड़ पर हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने कहा, ”जैसे लाइट जलने पर मच्छर भाग के आते हैं, वैसे ही कैमरा ऑन होने पर ये लोग भागते हैं।”
आपको बता दें कि विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह के पूर्व सैनिक की ‘मानसिक स्थिति’ जांचने वाले यान पर भी खासा विवाद हुआ था। कांग्रेस के राज बब्बर ने कहा, ” सिंह की मानसिक स्थिति जांचने की जरूरत है। शर्मनाक है कि ऐसा व्यक्ति अपने नाम के आगे ‘जनरल’ लिखता है।”
गौरतलब है कि सिंह ने पूर्व सैनिक की आत्महत्या को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा था कि ग्रेवाल का मामला बैंक के साथ था, OROP से नहीं। मंत्री ने ग्रेवाल को आत्महत्या के लिए मजबूर किए जाने का इशारा करते हुए पूछा था कि ” किस तरह उसे सल्फास की टेबलेट्स मिलीं और किसने उसे वह दीं?”
बीजेपी सांसद सत्यपाल सिंह ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा, ”मुझे लगता है दिल्ली पुलिस हालात को बेहतर तरीके से संभाल सकती थी, उन्होंने पूरी तरह इसमें चूक की है।” उन्होंने आगे कहा, ”विपक्षी पार्टियों को पीड़ित या सेना से कोई लेना-देना नहीं है। यही लोग सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सेना पर सवाल उठा रहे थे और वे सिर्फ राजनीतिक फायदा उठाना चाहते हैं।”
मिशन यूपी 2017 के तहत आज लखनऊ से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अगुवाई में रथयात्रा की शुरुआत हो गई । चंद महीनों बाद यूपी में विधानसभा चुनाव होने हैं और इस नाते समाजवादी पार्टी के लिए आज का दिन बड़ा ही अहम है। लेकिन इस रथयात्रा ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सामने कई महत्वपूर्ण प्रश्न भी खड़े कर दिए जिसमें सबसे अहम ‘बदहाली से जूझ रहा सूबे का किसान’ है ।
अखिलेश की विकास रथयात्रा जिन-जिन जिलों से गुजरेगी वहां के किसानों को जरूर दुःख होगा क्योंकि अपने अभी तक के कार्यकाल में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किसानों की बदहाल स्थिति को सुधारने का कोई प्रयास नहीं किया है । प्रदेश में पिछले चार साल में सैकड़ों किसानों की जो शव यात्रायें निकलीं, उनके लिए सरकार ने क्या किया ! सपा सरकार ने कोई आधारभूत परिवर्तन नहीं किया जिससे किसानों की आय बढ़ सके। अगर किसानों से पूछा जाए कि अब तक क्या परिवर्तन हुआ है ? क्या आप की आय बढ़ी है ? क्या आप प्रदेश सरकार से संतुष्ट हैं ? वह गुस्से में ही इसका उत्तर देंगे। किसानों के लिए बुंदेलखंड में न पानी सही से मिल रहा है और न ही योजनाएं। सपा पार्टी तो कह सकती है कि पानी मिल रहा है। अगर दूसरी तस्वीर पर गौर किया जाये तो सरकार खनन पर भी रोक नहीं लगा पाई है अब तक।
पिछले साल उत्तर प्रदेश से किसानों की आत्महत्याओं की खबरें आईं तो उसकी वजह वहां किसानों का चीनी मिलों पर हज़ारों करोड़ रुपए का बकाया था । उसके बाद से हालात और बदतर हुए हैं । अभी भी उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों पर किसानों का करीब आठ हज़ार करोड़ रुपए का बकाया है । बड़ी तादाद में ऐसे किसान हैं जिनकी जोत दो एकड़ या इससे भी कम है, लेकिन उनको दो साल से गन्ना मूल्य का आंशिक भुगतान ही हो सका है। पहली बार इन संपन्न माने जाने वाले इलाकों में बच्चों की शिक्षा से लेकर लड़कियों की शादियां तक अटकी हैं।
इस तरह के उदाहरण सरकार की मंशा ज़ाहिर करते हैं कि वह किसान के साथ नहीं खड़ी है। यही वह संदेश होते हैं जो किसान की उम्मीद तोड़ते हैं। पिछले एक साल में अधिकांश फसलों की क़ीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। नतीजतन किसानों की आय कम हुई है। लेकिन उनकी आमदनी में इज़ाफ़ा करने का कोई बड़ा क़दम सरकार ने नहीं उठाया है। एक साल के भीतर किसानों को दो प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ा है।
कमज़ोर मॉनसून के चलते खरीफ़ का उत्पादन गिरा, वहीं फ़रवरी और मार्च के महीने से लेकर अप्रैल के पहले सप्ताह तक जिस तरह बेमौसम की बारिश, ओले और तेज़ हवाओं ने किसानों की तैयार फसलों को बर्बाद किया, उसका झटका बहुत से किसान नहीं झेल पाए हैं। केंद्र और राज्य सरकारों के तमाम बयानों में उन्हें भरोसा नहीं दिखा क्योंकि ये कभी किसान की मदद के लिए बहुत कारगर क़दम नहीं उठा पाई हैं। इस तरह की आपदा के बाद किसानों को राहत के लिए दशकों पुरानी व्यवस्था और मानदंड ही जारी हैं।
सरकार ने इस व्यवस्था को व्यवहारिक बनाने और वित्तीय राहत प्रक्रिया को तय समयसीमा में करने के लिए क़दम नहीं उठाए हैं ।
हिंदी न्यूज की मशहूर बेबसाइट ‘सत्याग्रह’ के अनुसार, पिछले साल मार्च के बाद पूरे बुंदेलखंड में 650 से ज्यादा किसानों द्वारा आत्महत्या करने की खबर है । यानी बुंदेलखंड में पिछले एक साल से हर दिन दो किसान आत्महत्या कर रहे हैं। यह आंकड़ा स्थानीय मीडिया में किसानों की आत्महत्या की खबरों के आधार पर निकाला गया है। ये अधिकारिक आंकड़े नहीं हैं। दरअसल उत्तर प्रदेश सरकार ने किसान आत्महत्या से जुड़े विवाद से बचने के लिए अनोखा तरीका ईजाद किया है। आत्महत्या करने वाले किसान के बारे में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की जाती। इसके चलते नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो में इस संबंध में भेजा गया डेटा अक्सर भ्रामक होता है।
अब हम अगर आज से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अगुवाई में शुरू हो रही ‘विकास रथ यात्रा’ के लक्जरी रथ की बात करें तो समाजवादी विकास रथ किसी मर्सिडीज गाड़ी से कम नहीं है। ये बस एक 10 टायर वाली बस है, जिसे मोडिफाई करके रथ का रूप दिया गया है। रिपोर्ट्स में इस समाजवादी विकास रथ की कीमत 5 करोड़ बताई जा रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जानकारों का मानना है कि जिस तरह का रथ बना है उसके निर्माण में पांच करोड़ रुपये खर्च हुए होंगे। जितना दिखाई दे रहा है उस हिसाब से समाजवादी रथ में एक हाइड्रोलिक लिफ्ट लगी है। लिफ्ट से अखिलेश यादव को ऊपर उठाया जा सकता है, जिससे वह सड़क पर पब्लिक मीटिंग को संबोधित कर सकते हैं। लिफ्ट के अलावा बस में सीसीटीवी कैमरा, एलसीडी टेलीविजन, सोफा और आराम करने के लिए बेड भी है। बस में एक लाउडस्पीकर भी फिट है, जिसमें समाजवादी सरकार के विकास कार्यों का एक कैपेन सॉन्ग बजेगा। साथ ही इंटरनेट कनेक्टिविटी, वाई-फाई जैसी सुविधाएं भी हैं। लेटेस्ट खबरों पर नजर रखने के लिए बस में बड़ी टीवी स्क्रीन लगी है। बस पर सीएम अखिलेश यादव का साइकिल चलाते हुए एक बड़ा फोटोग्राफ लगा हुआ है। बस के सामने की ओर साइकिल का फोटो है, जो कि समाजवादी पार्टी का चुनाव चिन्ह है। समाजवादी रथ के पीछे पार्टी सुप्रीमो और पिता मुलायम सिंह यादव की दो फोटो लगी हुई हैं।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पूरे कार्यकाल के दौरान सूबे में सैकड़ों किसानों की शवयात्राएं निकलती रहीं। ऐसे में सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ये करोड़ों की ‘विकास रथ यात्रा’ उनके शासन काल में किसानों की निकली शवयात्रायों को छुपा पाएगी ? इस रथयात्रा से किसानों के घाव पर कितना मरहम लगेगा ये तो आने वाला चुनाव ही बताएगा।
बढ़ता वज़न आज अधिकतर लोगों की मुख्य स्वास्थ्य समस्या है। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो अपने पतलेपन की वज़ह से परेशान हैं। पतलापन जहाँ एक तरफ उन्हें कमज़ोरी का एहसास दिलाता है, वहीं दूसरी तरफ समाज के बीच उनके आत्मविश्वास को भी कम कर देता है। यदि खान-पान और व्यायाम का ध्यान दिया जाय, तो इस समस्या से निज़ात पाया जा सकता है। वज़न बढ़ाने के लिए इन 10 उपायों को अपनाया जा सकता है-
कैलोरी से भरपूर खाद्य पदार्थ
ड्राई फ्रूट्रस, बादाम, किशमिश इत्यादि में भरपूर कैलोरी होती है। बादाम और अन्य ड्राई फ्रूट्रस को रोस्ट कर उन्हें कुरकुरा भी बनाया जा सकता है। इसके बाद इन्हें स्नैक्स के तौर पर खाया जा सकता है। इससे आपका वजन सही प्रकार से बढ़ेगा।
भरपूर पोषक तत्वों वाला भोजन
वजन बढ़ाने से पहले ध्यान रखें कि आपको स्वस्थ होना है न कि मोटा। इसलिए खाने में उस सामग्री का इस्ते़माल करें जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करे। कम फैट और ज्यादा कैलोरी वाला भोजन ही खाएं।
नियमित एक्ससरसाइज
शरीर को फिट एंड फाइन बनाने के लिए नियमित व्यायाम करें। आप योग का भी सहारा ले सकते हैं। वेट ट्रेनिंग, टिवस्ट कर्ल्स और डिप्स जैसे एक्सररसाइज करने से शरीर में खून का संचार तेजी से होगा और ज्यादा भूख भी लगेगी।
हेल्थी फैट लें
वजन बढ़ाने के लिए जरूरी है कि आप अपने भोजन में पनीर, मक्खन और घी, आदि को शामिल करें। आप चाहें तो इन्हें सूप में मिलाकर भी पी सकते हैं।
भोजन की अधिक मात्रा
यदि आप अपना वजन बढ़ाना चाहते हैं तो आपको अपने भोजन की मात्रा बढ़ानी होगी। शुरू-शुरू में आपको थोड़ी मुश्किल होगी। इसलिए जरूरी है कि आप थोड़े से शुरू करके, ज्यादा करें। छोटे का उपयोग करने की बजाय बड़ी प्लेट और कटोरी का उपयोग करें और पेय पदार्थ भी बड़ी गिलास में लें।
हरी सब्जियां
वजन बढ़ाने में हरी सब्जियां खाना बहुत लाभदायक होता है। इससे आपकी सेहत भी बनती हैं और आप आसानी से बिना तनाव के अपना वजन भी बढ़ा सकते हैं।
आहार में 500 कैलोरी तक लें
आप क्या खाते हैं और कितना खाते हैं यह आपके वजन बढ़ाने को काफी प्रभावित करता है। अपने आहार में रोजाना 500 अतिरिक्त कैलोरी जोड़ दें। अगर आप कुछ प्रकार के शारीरिक कार्यों को अपने जीवन में सम्मिलित करते हैं तो आपके द्वारा ली गयी कैलोरी की मात्रा बढ़ा दें। इससे आप कसरत में खर्च की गई कैलोरी को दोबारा हासिल कर पाएंगे।
आहार लेने का तरीका
सामान्य रूप से आप दिन में तीन बड़े आहार लें और उन के बीच में 2-3 छोटे छोटे अल्पाहार लें। अपने दिन की शुरुआ़त पेट भरने वाले नाश्ते के साथ करें और उसके बाद अलग-अलग तरह के खाने के सामान खाएं। हर 2-3 घंटे में कुछ न कुछ खाते रहें।
पर्याप्त नींद
आमतौर पर लोग सोने का महत्व वजन प्राप्त करने के लिए नहीं समझते है। शरीर में वजन बढ़ाने के लिए भरपूर नींद बहुत महत्त्वपूर्ण होती है। इस बात का ध्यान रखें कि दिन में कम से कम 8 घंटे भरपूर रूप से सोयें, ताकि शरीर सही तरीके से काम कर सके और वजन बढ़ाने में मदद करे।
यमुना एक्सप्रेस वे पर एक बहुत बड़ा हादसा हुआ है हालांकि इसमें किसी की भी जान जाने की खबर नहीं मिली है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक कोहरे की वजह से 20 वाहन एक साथ भिड़ गए। इस हादसे में कई लोगों के घायल होने की खबर है। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना आज सुबह की है। दरअसल दिल्ली और इसके नजदीकी क्षेत्र में प्रदूषण की वजह से कोहरे जैसी स्थिति बनी हुई है। दिवाली पर पटाखे फोड़ने से हुए प्रदूषण की वजह से दृश्यता कम हो गई है। बताया जा रहा है कि इस हादसे में करीब 100 लोग बाल-बाल बच गए हैं।
आपको बता दें कि नोएडा को आगरा से जोड़ने वाले 165 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेस वे पर कोहरे की वजह से पहले भी ऐसे हादसे हो चुके हैं। जनवरी में एक साथ 50 कारें आपस में भिड़ गई थीं, जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी, करीब दो दर्जन से ज्यादा घायल हो गए थे।
आज से केंद्र की मोदी सरकार देशवासियों को एक और तोहफा देने जा रही है। दरअसल, प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई-शहरी) के अंतर्गत सस्ते आवासों के लिए शहरी गरीब आज से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आपको बता दें कि देशभर में फैले दो लाख से अधिक कॉमन सर्विसेज़ सेंटर (सीएससी) में से लगभग 60 हजार सेंटर शहरी क्षेत्रों में हैं, जहां आज से मात्र 25 रुपये प्रति आवेदन की दर से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
गौरतलब हो कि केंद्रीय आवास एवं शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय व इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के कॉमन सर्विसिस सेंटर ई-गवर्नेस सर्विसिस इंडिया लिमिटेड ने इस संबंध में बुधवार को संबंधित मंत्रियों एम वैंकेया नायडू और रवि शंकर प्रसाद की उपस्थिति में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
एमओयू के अनुसार, कॉमन सर्विसिस सेंटर लाभार्थी को प्राप्ति रसीद भी उपलब्ध कराएगी, जिससे आवेदक को अपने आवेदन की स्थिति जानने में मदद मिलेगी। लाभार्थी ऑनलाइन पीएमएवाई (शहरी) के फायदे के बारे में जानकारी लेने के लिए नजदीकी सेंटर जा सकते हैं। अगर लाभार्थी के पास आधार कार्ड नहीं है, तो सेंटर इसे पाने में लाभार्थी की मदद करेगा।
ऑनलाइन आवेदन करने की यह प्रक्रिया ई-केवाईसी (अपने ग्राहक को जानो) समर्थ है, जिसका मतलब यह है कि यह आवेदन विधिवत सत्यापित करने के बाद प्रस्तुत किया गया है। इस मौके पर नायडू ने कहा कि डिजिटल इंडिया मिशन देश में बदलाव ला रहा है। उन्होंने कहा है कि जहां 2005-14 के दौरान 13.70 लाख शहरी गरीबों के लिए किफायती आवासों के लिए मंजूरी दी गई थी, वहीं पिछले एक साल में शहरी गरीबों के लिए लगभग 11 लाख आवासों को मंजूरी दी जा चुकी है और ऑनलाइन आवेदन से यह संख्या और बढ़ेगी।
आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय में संयुक्त सचिव अमृत अभिजात और सीएससी ई-गवर्नेस सर्विसिस इंडिया लिमिटेड के सीईओ दिनेश त्यागी ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। सूत्रों की मानें तो यह योजना सरकार के लिए अहम साबित हो सकती है, क्योंकि यह सीधे देश की गरीब जनता तक पहुंचेगी ।